Wednesday, July 1, 2026
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लिवासा हॉस्पिटल्स नवांशहर में हड्डियों की सेहत को लेकर जागरूकता कार्यक्रम के दौरान दुर्लभ और अभिनव ऑर्थोपेडिक सर्जरी का जश्न

नवांशहर । पंजाब की अग्रणी हेल्थकेयर चेन लिवासा हॉस्पिटल्स ने हड्डियों की सेहत को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को और मज़बूती दी। नवांशहर यूनिट में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में एक अनोखे मरीज केस स्टडी को प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर डॉ. शिव दास सिद्धू, ऑर्थोपेडिक कंसल्टेंट, लिवासा हॉस्पिटल नवांशहर द्वारा 73 वर्षीय महिला पर की गई एक दुर्लभ और उन्नत सर्जरी को मुख्य रूप से उजागर किया गया। महिला गंभीर ऑस्टियोपोरोसिस से ग्रस्त थीं और कंधे की जटिल फ्रैक्चर से पीड़ित थीं। डॉ. सिद्धू ने पारंपरिक मेटल प्लेट तकनीक की बजाय फाइबुलर स्ट्रट ग्राफ्टिंग नामक नवाचारी प्रक्रिया को अपनाया, जिससे न केवल मरीज की मूवमेंट बहाल हुई बल्कि बुजुर्ग मरीजों में जटिल फ्रैक्चर के उपचार का एक नया मानदंड स्थापित हुआ।
यह मामला इसलिए भी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि महिला की हड्डियाँ अत्यंत कमजोर थीं, जिस कारण पारंपरिक मेटल प्लेट्स का उपयोग जोखिमभरा था। ऐसे में डॉ. सिद्धू ने एक अनूठा लेकिन कारगर तरीका अपनाया – मरीज की ही फाइबुला हड्डी का एक हिस्सा निकालकर क्षतिग्रस्त ह्यूमरस बोन में ग्राफ्ट किया गया। इस तकनीक ने आंतरिक रूप से हड्डी को मजबूती देने के साथ-साथ उसके प्राकृतिक रूप से ठीक होने की प्रक्रिया को भी तेज किया।
सर्जरी के साथ-साथ मरीज को तीन महीने तक टेरेपैराटाइड इंजेक्शन्स भी दिए गए, जो नई हड्डी बनने में मदद करते हैं। इस दोहरा इलाज के कारण महिला को अपेक्षा से कहीं तेजी से राहत और चलने-फिरने की आज़ादी मिली।
लिवासा हॉस्पिटल्स के डायरेक्टर और सीईओ डॉ. पवन कुमार ने इस नवाचारपूर्ण सर्जरी की सराहना करते हुए कहा, “भारत में ऑस्टियोपोरोसिस से संबंधित फ्रैक्चर तेजी से बढ़ रहे हैं, विशेष रूप से वृद्ध महिलाओं में। लेकिन कई बार जागरूकता और तकनीकी संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को उन्नत उपचार नहीं मिल पाता। हमें न केवल व्यक्तिगत देखभाल बल्कि नवाचारी सर्जरी और हड्डियों की सेहत को ऑर्थोपेडिक योजना में शामिल करने की आवश्यकता है। लिवासा हॉस्पिटल्स उन्नत मेडिकल तकनीकों और प्रमाण-आधारित अभ्यासों के साथ जटिल मामलों में भी बेहतरीन परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध है।
डॉ. शिव दास सिद्धू ने कहा, “ऑर्थोपेडिक्स अब सिर्फ टूटी हड्डी को जोड़ने तक सीमित नहीं है। अब हमें हर मरीज की हड्डियों की गुणवत्ता और उसकी शारीरिक बनावट को ध्यान में रखते हुए इलाज की योजना बनानी पड़ती है। फाइबुलर स्ट्रट ग्राफ्टिंग एक प्रभावी तकनीक है, लेकिन इसे आज भी कम अपनाया जाता है क्योंकि इसमें तकनीकी दक्षता और विशेष योजना की ज़रूरत होती है। यह रूटीन प्रैक्टिस का हिस्सा नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में यही तकनीक सफलता और असफलता के बीच का अंतर बन जाती है।
लिवासा हॉस्पिटल नवांशहर के यूनिट हेड लैइकुज्जमा अंसारी ने कहा, “ऑर्थोपेडिक्स हमारे प्रमुख विभागों में से एक है। हम हर मरीज को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से व्यक्तिगत इलाज देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि उनकी गतिशीलता और जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सके।
इस जागरूकता कार्यक्रम में न केवल डॉ. सिद्धू की सफलता का जश्न मनाया गया, बल्कि हड्डियों की सेहत के प्रति जागरूकता फैलाने पर भी ज़ोर दिया गया। लिवासा हॉस्पिटल ने एक बार फिर विशेषज्ञ मेडिकल केयर में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है और क्षेत्र के लोगों के लिए एक भरोसेमंद हेल्थकेयर प्रोवाइडर के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है।

बैसाखी पर नाडा साहिब गुरुद्वारे में निःशुल्क मल्टीस्पेशलिटी हेल्थ कैंप का आयोजन

पंचकूला । बैसाखी के अवसर पर नाडा साहिब गुरुद्वारे में एक मेगा मल्टीस्पेशलिटी हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ऑन्कोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, ईएनटी जैसी प्रमुख विशेषज्ञताओं के डॉक्टरों ने निःशुल्क परामर्श और स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी। इस स्वास्थ्य शिविर में 150 से अधिक लोगों ने भाग लिया और विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श प्राप्त किया। कैंप का नेतृत्व वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम ने किया, जिनमें डॉ. प्रो. रवि गुप्ता ऑर्थोपेडिक्स, डॉ. राजेश्वर सिंह , डॉ. अंकुर गुप्ता , डॉ. आकाश गंडोत्रा और डॉ. अनूप रॉय शामिल रहे। शिविर में हृदय जांच, हड्डियों और जोड़ों की समस्याएं, कैंसर जांच, पाचन तंत्र की समस्याएं और कान-नाक-गला से संबंधित बीमारियों की जांच की गई। विशेषज्ञों ने नियमित हेल्थ चेकअप और लाइफस्टाइल सुधार की सलाह दी।

कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर पंकज मित्तल ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य न केवल इलाज देना है, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी फैलाना है। पवित्र स्थान पर समुदाय की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। गुरुद्वारा नाडा साहिब के प्रबंधक सरदार परमजीत सिंह और मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगजीत सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं।

ग्रुप ए मैच में गोल्फिंग पैंथर्स ने शानदार मुकाबले में स्नीकिन गोल्फर्स को हराया

पंचकूला । एरोप्लाजा पंचकूला गोल्फ लीग के 5वें दिन ग्रुप ए के रोमांचक मुकाबले में गोल्फिंग पैंथर्स ने स्नीकिन गोल्फर्स को 36-33 से हराया। यह रोमांचक मैच खूबसूरत पंचकूला गोल्फ क्लब में खेला गया। लीग फिलहाल राउंड-रॉबिन स्टेज में है, जिसमें सोलह टीमें हिस्सा ले रही हैं। टीमों को दो ग्रुप ए और बी में बांटा गया है, जिसमें प्रत्येक ग्रुप में आठ टीमें हैं।
ग्रुप ए के एक और रोमांचक मुकाबले में हाईलैंड किंग्स ने क्लब ऑन फ्लेम्स पर 44-27 से जीत दर्ज की। विक्ट्री वेव्स ने भी यही किया और फैंटास्टिक फोरज़ पर 37-25 से जीत हासिल की। जीत के सिलसिले को जारी रखते हुए, एडीएस फाल्कन्स ने एसेस बाय विंटेज बिल्डटेक को पीछे छोड़ते हुए 42-29 के मजबूत स्कोर के साथ खेल को समाप्त किया। टीम ने शानदार गोल्फ स्किल्स दिखाए और विरोधी टीम को बड़े अंतर के साथ हराया। इस बीच, ग्रुप बी में रेजिंग बुल्स ने गोल्फिंग ईगल्स को 38-29 से हराकर बढ़त हासिल की। अगले रोमांचक मुकाबले में, टी टाइटन्स ने टी बर्ड्स को 40-30 के निर्णायक अंतर से हराया। पार-टी क्रैशर्स ने शिवालिक स्विंगर्स को 43-37 के स्कोर के साथ हराकर जीत हासिल की। इसके बाद दिन के अंतिम मैच में, ग्रीन वॉरियर्स ने हंसा लीजेंड्स को 42-31 के बड़े अंतर से हराया। एरोप्लाजा पंचकूला गोल्फ लीग के उद्घाटन एडीशन का फाइनल, जिसे दिगराज गोल्फ इंक द्वारा प्रबंधित किया जा रहा है, 23 अप्रैल को खेला जायेगा ।

वीएचएस एमयूएन 2025 का शानदार समापन

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सेंट कबीर पब्लिक स्कूल चंडीगढ़ के आरव भाटिया को किया बेस्ट डेलीगेट घोषित

चंडीगढ़ । चंडीगढ़ के सेक्टर 38 स्थित विवेक हाई स्कूल द्वारा आयोजित वीएचएस एमयूएन (मॉडल यूनाइटेड नेशंस) 2025 का आठवां एडीशन –डिप्लोमेसी, वैश्विक चेतना और परिवर्तनकारी संवाद का चार दिवसीय उत्सव – स्कूल परिसर में आयोजित किया गया। स्कूल परिसर में रविवार को समापन समारोह में स्टूडेंट्स को सम्मानित किया गया और उनके योगदान को सराहा गया। बी द चेंज: जुंटोस सिन मीडो (एक साथ, बेखौफ) के आकर्षक और दिलचस्प थीम पर आधारित इस समिट ने प्रतिनिधियों को साहस के साथ नेतृत्व करने, दृढ़ विश्वास के साथ बोलने और बिना किसी हिचकिचाहट के सहयोग करने के लिए प्रेरित किया।

संजीव चंद्रा जिन्हें विभिन्न महाद्वीपों में 31 से अधिक वर्षों का अनुभव है मुख्य अतिथि थे। चंद्रा ने अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्त, निर्यात और बीमा में नेतृत्व की भूमिका निभाई है जो वास्तविक दुनिया पर गहरा प्रभाव डालते हैं। समारोह के दौरान, वीएचएस एमयूएन प्रतिनिधियों को उनके शानदार प्रदर्शन, असाधारण शोध, कूटनीति और लीडरशिप भूमिकाओं के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। बेस्ट स्कूल डेलीगेशन का पुरस्कार श्री राम स्कूल, मौलसारी, नई दिल्ली को दिया गया और सैक्रेटरी जनरल का बेस्ट डेलीगेशन अवॉर्ड सेंट कबीर पब्लिक स्कूल, चंडीगढ़ के आरव भाटिया को प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान उनकी सलाहकार भूमिका के लिए सराहना के प्रतीक के रूप में कार्यकारी बोर्ड के सदस्यों को भी पुरस्कार प्रदान किए गए। ये व्यक्ति बहस का मार्गदर्शन करने, प्रतिनिधियों का मूल्यांकन करने और समितियों के बेहतर सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए भी जिम्मेदार थे। सम्मेलन के सफल कार्यान्वयन में उनके योगदान के लिए सचिवालय, अंडर-सैक्रेटरीज-जनरल्स और कोऑर्डिनेटर्स को कोर आर्गेनाइजिंग कमेटीज अवॉर्ड भी दिए गए।

इस अवसर पर बोलते हुए चंडीगढ़ के सेक्टर 38 स्थित विवेक हाई स्कूल की प्रिंसिपल रेणु पुरी ने वीएचएस एमयूएन 2025 का हिस्सा बनने के लिए स्टूडेंट्स प्रतिभागियों और विजेताओं को बधाई दी। पुरी ने सभी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस साल वीएचएस एमयूएन 2025 में, युवा डेलीगेट्स ने मिडिल संकट सहित कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें फिलिस्तीनी संघर्ष भी शामिल था। समान नागरिक संहिता भी एक प्रमुख विषय था, जिसमें समानता और राष्ट्रीय एकीकरण के लिए इसके अलग अलग प्रभावों और उद्देश्यों पर चर्चा की गई। यूएन विमेन में, प्रतिनिधियों ने हाशिए पर पड़ी महिलाओं के अधिकारों की वकालत की। देशभर और विदेशों में 18 से अधिक प्रतिष्ठित संस्थानों के 180 से अधिक प्रतिनिधियों के साथ, समिट में आठ सावधानीपूर्वक क्यूरेट की गई ।समारोह के दौरान, वीएचएस के स्टूडेंट्स ने जोशीले भांगड़ा और खूबसूरत कथक परफॉर्मेंस सहित वाइब्रेंट कल्चरल प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।

बैसाखी पर विक्की मिड्डूखेड़ा फाउंडेशन और सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित

मोहाली । बैसाखी के पावन अवसर पर विक्की मिड्डूखेड़ा फाउंडेशन ने सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से फेज-8 स्थित गुरुद्वारा श्री अंब साहिब में एक विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में 450 से अधिक लोगों ने भाग लेकर अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं का लाभ उठाया।
शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि सुखदीप सिंह ओबेरॉय ने किया, जो सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक और प्रबंध ट्रस्टी डॉ. एस.पी. सिंह ओबेरॉय के पुत्र हैं। ओबेरॉय के साथ विक्की मिड्डूखेड़ा फाउंडेशन के संस्थापक अजयपाल सिंह मिड्डूखेड़ा भी मौजूद थे। गुरुद्वारा श्री अंब साहिब के प्रबंधक राजिंदर सिंह टोहरा इस कार्यक्रम के विशेष अतिथि थे। कमलजीत सिंह रूबी भी मौजूद थे। इस अवसर पर अजयपाल मिड्डूखेड़ा ने कहा कि बैसाखी नई शुरुआत और सेवा भाव का प्रतीक है। इस दिन पर चिकित्सा शिविर आयोजित कर हम अपने समाज के प्रति दिवंगत विक्की मिड्डूखेड़ा के समर्पण और सेवा की भावना को आगे बढ़ा रहे हैं। उनका जीवन समाज के उत्थान के लिए समर्पित था, और हम उनके सपनों को साकार करने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। शिविर में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सेवाएं प्रदान कीं, जिनमें नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य शर्मा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अमनदीप गर्ग, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. शिवानी जैन और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.पी. सिंह शामिल रहे। लोगों को निःशुल्क चिकित्सा परामर्श, दवाइयाँ और चश्मे वितरित किए गए।आयोजकों द्वारा प्रत्येक डॉक्टर को सराहना के प्रतीक स्वरूप एक पौधा भेंट किया गया।

कैनेडा का प्रतिष्ठित फ्राइड चिकन ब्रांड एमबी चिकन अब चंडीगढ़ में खुला

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चंडीगढ़ । कैनेडा के प्रतिष्ठित फ्राइड चिकन ब्रांड एमबी चिकन के पहले रेस्टॉरेंट की शुरुआत रविवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 35सी मार्किट में हुई। एमबी चिकन फ्रेश फ्राइड चिकन और अपनी स्पेशल तकनीक वाली किचन का डिलिशियस चिकन का स्वाद देने के लिए जाना जाता है। रेस्टॉरेंट के उद्घाटन के लिए कैनेडा से आये एमबीआई ब्रांड्स के सीईओ ग्रेगरी रॉबर्ट्स और एमबी चिकन के प्रेजिडेंट कैमरन थॉमसन ने उद्घाटन करते हुए जानकारी दी कि एमबी चिकन की शुरुआत साल 1969 में हुई थी। करीब 55 साल से ज्यादा की लिगेसी के साथ 300 से ज़्यादा रेस्टोरेंट में हम अपने उपभोक्ताओं को फ्रेश फ्राइड चिकन का स्वाद दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि हम भारत में कई लोकेशन पर अपने रेस्टॉरेंट खोलने जा रहे हैं। गुड़गांव, दोराहा और जालंधर में भी जल्द ही हम अपने रेस्टॉरेंट शुरू करेंगे। हमारा लक्ष्य सिर्फ एक है कि लोगों को फ्रोज़न नहीं बल्कि बिल्कुल फ्रेश फ़्राईड चिकन का स्वाद दे सकें। हमारा लक्ष्य सबसे बेहतर दाम में स्वादिष्ट खाना मुहैया करवाना है। सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि हमारा ध्यान चिकन की क्वालिटी पर भी है। यही कारण है कि हम उन लोगों से चिकन लेते हैं जो स्टैंडर्ड्स पर खरे उतरते हैं और करीब 100 सालों से लोगों को चिकन मुहैया करवा रहे हैं। “हमारी सबसे बड़ी खासियत है कि हम चिकन को फ्रिज नहीं करते बल्कि फ्रेश चिकन को मेरिनेट करके तुरंत अपने उपभोक्ताओं को मुहैया करवाते हैं।

डीएस ग्रुप ने लॉन्च किया ‘पल्स गोलमोल’

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चंडीगढ़। मल्टी बिज़नेस कॉर्पोरेशन और एक प्रमुख FMCG समूह, धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप (DS Group) ने अपनी नवीनतम उत्पाद शृंखला – ‘पल्स गोलमोल – इमली फ़्लेवर गोली’ की घोषणा की है, जो एक ऐसी सौगात है जो किसी को भी पुरानी यादों की सफ़र पर ले जाती है। पीढ़ियों से चली आ रही इमली के स्वाद से प्रेरित, पल्स गोलमोल इमली एक नरम, खट्टे-मीठे ज़ायके वाली गोली है, जिसके एक पाउच की कीमत सिर्फ़ 1 रुपया है। लॉन्च के अवसर पर बोलते हुए, श्री ज्योतिरूप बरुआ, बिज़नेस हेड, कन्फेक्शनरी, डीएस ग्रुप ने कहा, “डीएस ग्रुप पल्स उत्पाद शृंखला में अपनी नई पेशकश, पल्स गोलमोल को लॉन्च करने के लिए उत्साहित है। यह सिर्फ़ एक गोली नहीं है, बल्कि यह पुरानी यादों की एक सुखद यात्रा है, जो बेफ़िक्र खुशी और उत्साह को फिर से जगाती है। हर इमली का खट्टा-मीठा स्वाद पल्स के स्वाद से भरपूर है। एचबीसी श्रेणी में पल्स मार्केट लीडर है और हमारे मुख्य पल्स उत्पादों की तरह, हमें विश्वास है कि यह नई पेशकश हमारे ग्राहकों को पसंद आएगी और बाज़ार में हमारी स्थिति को और मज़बूत करेगी। उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से बनी, ‘पल्स गोलमोल इमली गोली’ प्राकृतिक इमली से भरपूर है, जो पाचन में सहायता करने वाले आयुर्वेदिक गुणों के लिए जानी जाती है। यह खट्टे-मीठे स्वाद का एक खास संयोजन है, जो मज़ेदार मसाला स्वाद का अनोखा अनुभव प्रदान करती है।

पार्क अस्पताल में जॉइंट प्रॉब्लम कैंप में 150 मरीजों की जांच

मोहाली। पार्क अस्पताल मोहाली में रविवार को जॉइंट प्रॉब्लम के कैंप में 150 से अधिक मरीजों की जांच की गई। पार्क अस्पताल में आर्थोपेडिक व रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के डायरेक्टर डॉ भानु प्रताप सिंह सलूजा, कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स डॉ. अनिल कपूर वशिष्ठ और डॉ. अमन गर्ग की एक टीम ने मरीजों को मुफ्त ऑर्थो और फिजियोथेरेपी परामर्श दिया। एक्स-रे और अन्य ऑर्थो से संबंधित जांच पर 50 प्रतिशत की छूट भी दी गई। डॉ. भानु प्रताप सिंह ने बताया कि पार्क 30 अप्रैल तक मरीजों को मुफ्त रोबोटिक तकनीक उपलब्ध करा रहा है। इस पहल का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को उन्नत स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। उन्होंने आगे बताया कि अब हम 3डी ऑगमेंटेड रियलिटी एआर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा संचालित रोबोटिक घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी कर रहे हैं, जिसमें केवल 12-15 मिनट लगते हैं। इसमें रक्त चढ़ाने, और टांके लगाने की जरूरत नहीं होती है। उन्होंने बताया कि सर्जरी 3.5-4 इंच के छोटे-छोटे कट से की जाती है और सर्जरी के बाद मरीज 4 घंटे तक चल सकता है।

गुरु काशी यूनिवर्सिटी के छात्रों ने IDEATHON 2025 में ग्लोबल टॉप 10 में बनाई जगह

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चंडीगढ़ । भारतीय शैक्षणिक जगत के लिए गर्व का क्षण है कि गुरु काशी यूनिवर्सिटी (GKU) की एक छात्र-शिक्षक टीम ने अमेरिका की फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित IDEATHON 2025 में दुनिया की टॉप 10 टीमों में अपनी जगह बनाई है। यह प्रतियोगिता हर साल दुनिया भर के युवाओं को एक साथ लाकर आज की बड़ी चुनौतियों के लिए नए और बेहतर समाधान खोजने का मौका देती है।
GKU की टीम—डॉ. मनीता पनेरी, डॉ. विकास गुप्ता, सुरज कुमार और श्री राजेंद्र कुमार—ने हेल्थ टेक और वेल-बीइंग कैटेगरी में हिस्सा लिया, जहाँ उनके प्रोजेक्ट को इसकी प्रैक्टिकल इनोवेशन और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के लिए चुना गया। टीम ने ऐसा समाधान तैयार किया है जो विशेष रूप से वंचित समुदायों के लिए डिज़ाइन की गई डिजिटल हेल्थकेयर तकनीकों के ज़रिए निवारक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।
यूनिवर्सिटी के चांसलर श्री एस. गुरलाभ सिंह सिद्धू ने टीम को बधाई देते हुए कहा, “ये हमारी यूनिवर्सिटी के लिए बहुत बड़ा सम्मान है। हमारे छात्र और फैकल्टी अब न सिर्फ देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं। वाइस चांसलर डॉ. रमेश्वर सिंह ने भी खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा, “इस सफलता ने साबित कर दिया है कि हम जो सीखते हैं, वो अगर समाज के काम आए तो उसका असर कितना बड़ा हो सकता है। हम चाहते हैं कि हमारे छात्र न सिर्फ पढ़ाई करें, बल्कि दुनिया को बेहतर बनाने में भी योगदान दें। IDEATHON अपनी कठोर चयन प्रक्रिया और विविध प्रतिभागियों के लिए जाना जाता है, जिसमें विश्वभर की प्रतिष्ठित संस्थाओं की टीमें भाग लेती हैं। इस साल का थीम था—हेल्थ, सस्टेनेबिलिटी और डिजिटल वेल-बीइंग को नए नजरिए से देखना। टीम की सदस्य डॉ. मनीता पनेरी ने कहा, “हमारे लिए ये सिर्फ एक पुरस्कार नहीं है—ये एक संदेश है कि हेल्थकेयर में बदलाव लाने के लिए बड़ी-बड़ी मशीनें या भारी इंफ्रास्ट्रक्चर ज़रूरी नहीं, एक नई सोच और सही टीम ही काफी है।”
डॉ. विकास गुप्ता ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “एक क्लासरूम में शुरू हुई बातचीत अब दुनिया के टॉप आइडियाज में गिनी जा रही है—इससे बड़ा मोटिवेशन और क्या हो सकता है?
GKU के लिए यह केवल एक जीत नहीं है, बल्कि एक प्रेरणा है कि जब छात्र और शिक्षक एक समान उद्देश्य के साथ मिलकर काम करते हैं, तो असाधारण परिणाम सामने आ सकते हैं। यह विश्वविद्यालय की बढ़ती हुई प्राथमिकता को भी दर्शाता है जो अनुप्रयुक्त अनुसंधान, सामाजिक नवाचार और कक्षा से परे व्यावहारिक शिक्षण पर केंद्रित है।
विश्वविद्यालय ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए टीम को पूरा समर्थन देने की घोषणा की है और यूनिवर्सिटी का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाले और भी छात्रों को न केवल बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेगी, बल्कि उन्हें ऐसे आइडियाज पर काम करने का हौसला भी देगी, जो असल दुनिया में बदलाव ला सकें

हनुमान जयंती पर पुरुषोत्तम दास रुंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट की इकाई श्री श्याम करुणा फाउंडेशन द्वारा 160वां अन्न भंडारा आयोजित

पंचकूला । हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर श्री श्याम करुणा फाउंडेशन द्वारा श्रद्धा और सेवाभाव के साथ 160वां अन्न भंडारा आयोजित किया गया। यह आयोजन पंचकूला औद्योगिक क्षेत्र, फेज-1 में फाउंडेशन के संस्थापक और पंचकूला के प्रमुख समाजसेवी श्री अमिताभ रूंगटा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री अमिताभ रूंगटा ने कहा कि हनुमान जन्मोत्सव केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और परोपकार के हमारे संकल्प को दोहराने का अवसर है। अन्न सेवा के माध्यम से हम समाज के जरूरतमंद वर्ग तक प्रेम और करुणा का संदेश पहुँचाते हैं। भंडारे के दौरान फाउंडेशन के सभी सदस्य उपस्थित रहे और उन्होंने अन्न वितरण सेवा में बढ़-चढ़कर भाग लिया। सैकड़ों लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की सराहना की।