Wednesday, July 1, 2026
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वीएफसी एमएमए सीजन-4 फाइटर्स चैंपियनशिप 19 को पंचकूला में

चैंपियनशिप के ब्रांड अम्बेसेडर रणदीप हुड्‌डा पहुंचेंगे, देश-विदेश के फाइटर्स दिखाएंगे दम

पंचकूला । इन्फ्राव्यू वर्ल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से वीएफसी 4 एमएमए प्रो इंटरनेशनल फाइट चैम्पियनशिप का आयोजन शनिवार को ताऊ देवीलाल खेल स्टेडियम में किया जा रहा है। फाइटर्स चैंपियनशिप में देश-विदेश के फाइटर्स भाग लेंगे। युवाओं मे बहुचर्चित मिक्स मार्शल आर्ट्स पर आधारित एक भव्य आयोजन होगा। न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान से भी फाइटर भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं। आयोजकों के अनुसार आयोजन में चैंपियनशिप के ब्रांड अम्बेसेडर बालीवुड फिल्म एक्टर रणदीप हुड्डा मुख्य रूप से पहुंचेंगे। रणदीप हुड्‌डा सलमान की मूवी सुल्तान में भी एक फाइट कोच के रूप में काम कर चुके हैं और हाल ही मे उनकी फ़िल्म जाट भी सिनेमा घरों में लगी हैं। आयोजन में भारत के विश्व स्तरीय बाक्सर विजेंद्र सिंह, नीरज गोयत, सेलिब्रिटी एंकर और होस्ट करण सिंह छाबड़ा पहुंचेंगे। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा, कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा, गन्नौर से विधायक देवेंद्र कादियान, मेयर कुलभूषण गोयल, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, पार्षद सुनीत सिंगला उपस्थित रहेंगे। आयोजकों के अनुसार बड़ी संख्या में युवा इस फाइट को देखने आएंगे। इस बार इस खेल को देखकर एक अलग ही रोमांच का अनुभव होगा। दर्शकों को लाइव एमएमए एक्शन देखने का अवसर मिलेगा। भारतीय और विदेशी शीर्ष एमएमए लड़ाके भाग लेंगे।

वीमेन ऑफ अर्बन इंडिया,ओलिम्प रामकृष्णा की एक दृश्यात्मक श्रद्धांजलि

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एक ऐसी प्रदर्शनी जो शहरी भारतीय महिलाओं की पहचान, परंपरा और आधुनिकता को दर्शाती

चंडीगढ़ । एलायंस फ़्रांसेस चंडीगढ़ में “वीमेन ऑफ अर्बन इंडिया” नामक एक कला प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ। यह प्रदर्शनी फ्रेंच-इंडियन आर्टिस्ट ओलिम्प रामकृष्णा द्वारा बनाई गई है और 18 से 28 अप्रैल तक चलेगी। इस प्रदर्शनी में 12 चित्र हैं जो आधुनिक भारतीय महिलाओं के जीवन की गहराई और विविधता को दिखाती हैं,ये महिलाएं परंपराओं से जुड़ी हुई हैं लेकिन एक साथ आधुनिक जीवन को भी अपनाती हैं। वीमेन ऑफ अर्बन इंडिया में फ्रांको-इंडियन आर्टिस्ट ओलिम्प रामकृष्णा आधुनिक भारतीय महिलाओं की जटिलताओं को दर्शाने वाली एक आकर्षक और जीवंत चित्र श्रृंखला प्रस्तुत करती हैं। वीमेन ऑफ अर्बन इंडिया में फ्रेंच-इंडियन विसुअल आर्टिस्ट ओलिम्प रामकृष्णा ने अपने व्यक्तिगत दायरे की 11 महिलाओं के चित्र बनाए हैं,जो उनकी दोस्त, पड़ोसी और कजिन हैं और एक खुद का सेल्फ-पोर्ट्रेट भी शामिल है। ये सभी महिलाएं 20 से 40 वर्ष की उम्र की हैं और भारत के शहरी मध्यम वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं। ऑयल पेंटिंग और बड़े डिजिटल प्रिंट्स के ज़रिए रामकृष्णा पारंपरिक और समकालीन कलात्मक तकनीकों का मेल प्रस्तुत करती हैं, जो उनकी कला में साड़ी के कपड़े की झलक है, जो परंपरा और सुंदरता दोनों का प्रतीक है। चित्रों में शहरी भारत की जानी-पहचानी झलक दिखती है,जैसे छतों पर लहराते रंग-बिरंगे कपड़े, जो सजने के इंतज़ार में हैं।

स्वर्ण जयंती समारोह के अंतर्गत श्री धनवंतरी आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल आयोजित करेगा तीन दिवसीय ‘समवाय 2025’

चंडीगढ़ । सेक्टर 46 स्थित श्री धनवंतरी आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल अपने स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य पर आगामी 20 से 22 अप्रैल तक तीन दिवसीय ‘समवाय 2025’ समारोह आयोजित करेगा। इस दौरान आयुर्वेद विज्ञान और शासन के क्षेत्र के अग्रणी लोगों को एक साथ लाकर हाई-इम्पैक्ट शैक्षणिक, सांस्कृतिक और हेल्थ केयर-सेंट्रिक प्रोग्राम्स होंगे।
कॉलेज परिसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, श्री धनवंतरी आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल के महासचिव डॉ. नरेश मित्तल ने बताया कि उद्घाटन दिवस पर पंजाब के राज्यपाल और प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की उपस्थिति में 250 बिस्तरों वाले आयुर्वेदिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की आधारशिला रखेंगे । इसके बाद क्रोनिक स्पाइन डिसआर्डर के आयुर्वेदिक मैनेजमेंट और केयर के लिए सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस का शुभारंभ किया जाएगा और प्रमुख स्वास्थ्य देखभाल पहलुओं जैसे एनआईसीयू, मुफ्त प्रसव कार्यक्रम, मुफ्त एंटी-रेबीज टीकाकरण केंद्र और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक वरिष्ठ नागरिक अधिग्रहण योजना का लोकार्पण किया जाएगा। आयुष मंत्रालय के सलाहकार डॉ कौस्तुभ उपाध्याय इस अवसर पर सम्माननीय अतिथि के रूप में अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद , सतनाम सिंह संधू, सांसद राज्यसभा और चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के चांसलर की उपस्थिति में एक दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा । इस अवसर पर केएस धीमान और डॉ. संजीव सूद भी शामिल होंगे। 135 भूतपूर्व छात्रों को डिग्री प्रदान की जाएगी। दिन का समापन एलुमनाई मीट समारोह से होगा जिसे पंजाब के आयुर्वेदिक, यूनानी चिकित्सा पद्धति बोर्ड के रजिस्ट्रार डॉ. संजीव गोयल संबोधित करेंगे।

गुड फ्राइडे पर क्राइस्ट दा किंग चर्च ने लगाया लंगर

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चंडीगढ़ । क्राइस्ट दा किंग चर्च नया गांव ने गुड फ्राइडे के पावन अवसर पर खुड्डा लाहौरा पूल के पास लंगर का अयोजन किया। चर्च में सभी लोगों ने उपवास रख कर 12 से 3 बजे तक प्रार्थना की। इस दिन मानव जाति के ऊदार, पापों की माफी और छुटकारे के लिए प्रभु यीशु मसीह ने सलीब पर अपने आप को कुर्बान किया। यह दिन हमें प्यार, मोहब्बत, माफी, शांति और सदभावना का संदेश देता है। इस अवसर पर लॉरेंस मलिक ने कहा कि यह दिन सभी मानव जाति के लिए क्षमा और पापों से मुक्ति लेकर आया। यह दिन हमें शांति और सदभावना का संदेश देता है। हम सब आपस मे मिलजुल कर रहें और अपने शहर के बेहतर भविष्य की कामना करें। इस अवसर पर पादरी जैकब भट्टी, विजय कुमार, साहिल भट्टी, प्रमोद मसीह, सतिंदर पुरी, राजन, राजेश, हनुक, संजीव, सानिया और रोनाल्ड दास इत्यादि उपस्थित थे।

एक राजकुमार, एक आम कुमारी और एक अनपेक्षित प्रेम कहानी ‘द रॉयल्स’ 9 मई से नेटफ्लिक्स पर

चंडीगढ़। किसी ज़माने में, रंगीन शहर मोरपुर में एक शाही परिवार रहता था, जिनके पास खुद की कोई दौलत नहीं थी। फिर आई उनके बीचएक तेज-तर्रार लड़की, जो एक बिल्कुल अलग दुनिया से ताल्लुक रखती है। उसका एक ही मकसद होता है—शाही ज़िंदगी को संवारना। लेकिन मोरपुर पैलेस के ‘गरीब राजकुमार’ को संभालना, उतना आसान नहीं जितना लगता है। जब राजकुमार की चमचमाती दुनिया और आम कुमारी की ज़िद्द और हौसले से टकराती है, चिंगारियाँ उड़ती हैं, अहम टकराते हैं, और एक अनोखी प्रेम कहानी जन्म लेती है। प्रियंका घोष और नुपुर अस्थाना द्वारा निर्देशित, नेहा वीणा शर्मा द्वारा लिखित और प्रीतिश नंदी कम्युनिकेशंस के बैनर तले निर्मित ‘द रॉयल्स’ की कल्पना रंगिता और इशिता प्रीतिश नंदी की है, जिन्हें पॉप-कल्चर से भरपूर, तेज़ और प्रभावशाली कहानी कहने के लिए जाना जाता है। इस सीरीज़ में जबरदस्त कलाकारों की कास्ट है, जिसमें देखने मिलेगी एक शानदार नई ऑन-स्क्रीन जोड़ी – भूमि पेडनेकर और इशान खट्टर की। भूमि पेडनेकर, वर्क पोटैटो की महत्वाकांक्षी और निडर सीईओ सोफिया शेखर का किरदार निभा रही हैं, और इशान खट्टर, एक चार्मिंग पार्टी प्रिंस अविराज सिंह की भूमिका में नज़र आएंगे।इसके साथ ज़ीनत अमान, साक्षी तंवर, नोरा फतेही, डिनो मोरया, मिलिंद सोमन, चंकी पांडे, विहान समत, काव्या त्रेहान, सुमुखी सुरेश, उदित अरोड़ा, लीज़ा मिश्रा और ल्यूक केनी दिलचस्प भूमिकाओं में हैं। निर्माता रंगिता प्रीतिश नंदी और इशिता प्रीतिश नंदी ने कहा, ‘द रॉयल्स’ के साथ हमने एक ऐसी प्रेम कहानी रची है जो महलों और भारतीय रॉयल्टी के पुराने आकर्षण को आज की आधुनिक सच्चाई से जोड़ती है—जहां प्यार आसान नहीं है। यह कहानी दो बिलकुल अलग-अलग दुनिया से आए लोगों की है, जो अपनी-अपनी लड़ाइयाँ लड़ रहे हैं, हमेशा एक-दूसरे से टकरा रहे हैं, फिर भी किसी अनजानी ताक़त से एक-दूसरे की ओर खिंचे चले आते हैं—जैसे हम अक्सर अच्छे इंसान से नहीं, बल्कि उसी से प्यार कर बैठते हैं जिससे मुसीबत पक्की होती है। यही है ‘द रॉयल्स’। जैसे-जैसे वे एक-दूसरे से भिड़ते हैं, चुनौती देते हैं, गुस्से से भर उठते हैं—उन्हें यह भी जानना होगा कि क्या उनका प्यार इस तूफान में टिक पाएगा। इसमें मिलेगा ड्रामा, ह्यूमर और ज़बरदस्त केमिस्ट्री! यह हमारा नेटफ्लिक्स के साथ पहला प्रोजेक्ट है और ‘द रॉयल्स’ को हम दुनियाभर के दर्शकों तक ले जा जाते हुए हम रोमांचित हैं। नेटफ्लिक्स इंडिया की सीरीज़ हेड तान्या बामी ने कहा, “ हम चाहते हैं कि हर कहानी जो हम सुनाते हैं, वह हमारे दर्शकों की कल्पना को इतना छू जाए कि वे उस शो को पसंद करें, प्यार करें और अपने दोस्तों, परिवार के साथ साझा करें। रोम कॉम कहानियों का एक खास आकर्षण होता है – ये हमें हँसाती हैं, प्यार पर विश्वास करना सिखाती हैं और उस खूबसूरत उथल-पुथल को अपनाना सिखाती हैं जो प्यार के साथ आती है। ‘द रॉयल्स’ के साथ, हमने एक आधुनिक प्रेम कहानी रची है, जिसमें आज के समय की उलझनें भी हैं। जैसे ‘ब्रिजरटन’ और ‘एमिली इन पेरिस’ ने दुनिया को दिखाया कि रोमांटिक कहानियाँ कितनी प्रभावशाली हो सकती हैं, वैसे ही ‘द रॉयल्स’ उसी जोश और रोमांच के साथ आपको एक ऐसे दुनिया में लाता है जो अनअपोलोजेटिकली इंडियन है। यह सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि यह एक शाही कहानी है जिसे हार्ट, ह्यूमर और स्टाइल के साथ नए सिरे से गढ़ा गया है। प्रीतिश नंदी कम्युनिकेशन के साथ इस कहानी को बनाना हमारे लिए बहुत खुशी की बात रही है और अब हम दर्शकों द्वारा इसे पसंद किए जाने का इंतजार नहीं कर सकते।

लिवासा हॉस्पिटल्स ने वर्ल्ड लिवर डे पर पंजाब में बढ़ते लिवर सिरोसिस मामलों को लेकर बढ़ाई जागरूकता

पंजाब में लिवर हेल्थ ट्रेंड्स पर डाली रोशनी, समय पर जांच और लाइफस्टाइल में बदलाव की दी सलाह

चंडीगढ़ । पंजाब की सबसे बड़ी NABH-मान्यता प्राप्त सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल चेन लिवासा हॉस्पिटल्स ने आज प्रेस क्लब, चंडीगढ़ में वर्ल्ड लिवर डे के मौके पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पंजाब में बढ़ते लिवर रोगों, विशेषकर लिवर सिरोसिस, के मामलों पर जागरूकता फैलाना और लोगों को समय रहते जांच और बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करना था। पंजाब में अनुचित जीवनशैली, अधिक शराब सेवन, और समय पर इलाज की कमी के कारण लिवर रोगों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। राज्य में लिवर से जुड़ी बीमारियों की दर देश में सबसे अधिक में से एक है। डॉ. पवन कुमार, डायरेक्टर और सीईओ, लिवासा हॉस्पिटल्स ने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि बचाव, जागरूकता और समुदाय की लंबी अवधि की सेहत को प्राथमिकता देना भी है। वर्ल्ड लिवर डे हमें याद दिलाता है कि लिवर की बीमारियां अक्सर चुपचाप बढ़ती हैं और अब यह राष्ट्रीय स्तर पर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन रही है। हमारी टीम उन्नत तकनीक और विशेषज्ञता से लैस है, लेकिन सबसे ज़रूरी है लोगों तक यह जानकारी पहुंचाना कि समय रहते जांच और स्वस्थ जीवनशैली ही सबसे बड़ा बचाव है। डॉ. (प्रोफेसर) अरुणांशु बेहेरा, डायरेक्टर और प्रोफेसर, HPB, GI सर्जरी और लिवर ट्रांसप्लांट ने बताया कि दुनिया अब NAFELD (नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज) के बारे में जागरूक हो रही है, और भारत ने इसे 2021 में एक नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज घोषित किया था। अब लिवर सिरोसिस सिर्फ वृद्धावस्था की समस्या नहीं रही – 30 साल की उम्र में भी लोग गंभीर लिवर रोग लेकर आ रहे हैं। देर से जांच और जागरूकता की कमी इलाज को जटिल बना देती है। इस साल की थीम है ‘Food is Medicine’, इसलिए सभी को सलाह है कि समय रहते लिवर की जांच करवाएं और स्वस्थ आहार अपनाएं। डॉ. सुमीत कंठ, सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपाटोलॉजी ने कहा कि पंजाब में शराब से जुड़ा लिवर सिरोसिस एक मुख्य चिंता है। यह बीमारी पूरी तरह से बचाव योग्य है, लेकिन जांच की कमी और समय पर डॉक्टर से परामर्श न लेने के कारण कई मरीज गंभीर अवस्था में पहुंच जाते हैं।

हमारे पास लिवर ट्रांसप्लांट सहित सभी जटिल मामलों को संभालने के लिए मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम है। डॉ. दिविज जयंत, एसोसिएट कंसल्टेंट – HPB और जनरल सर्जरी ने साझा किया,”लिवर की स्थिति का प्रभाव सामान्य सर्जरी पर भी पड़ता है। जब लिवर स्वस्थ नहीं होता, तो मामूली सर्जरी भी हाई-रिस्क हो जाती है। इसलिए सर्जरी से पहले लिवर की जांच और उसे दुरुस्त करना बेहद जरूरी है। डॉ. पंकज कुमार, सीनियर कंसल्टेंट – गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ने कहा, “हम अपनी प्रैक्टिस में रोज़ देखते हैं कि मरीजों को यह पता ही नहीं होता कि उनके लिवर को नुकसान हो रहा है। अधिकतर मामले तब पकड़ में आते हैं जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है। समुदाय में जागरूकता और नियमित हेल्थ चेक-अप ही इसका समाधान है। डॉ. योगेंद्र कुमार, कंसल्टेंट – गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपाटोलॉजी ने कहा कि “हालांकि अब इलाज के विकल्प काफी बेहतर हैं, लेकिन बचाव ही सबसे प्रभावशाली तरीका है। सही जीवनशैली, हेपेटाइटिस के टीके और समय पर डॉक्टर से संपर्क करके कई लिवर समस्याओं से बचा जा सकता है। हमें रिएक्टिव से प्रोएक्टिव हेल्थ केयर की ओर बढ़ना होगा।

88 वर्षीय बुज़ुर्ग का फोर्टिस में लेज़र कोरोनरी एंजियोप्लास्टी द्वारा सफलतापूर्वक इलाज

चंडीगढ़ । फोर्टिस अस्पताल मोहाली में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख और निदेशक तथा कैथलैब्स के निदेशक डॉ. आरके जसवाल के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम ने हाल ही में 88 वर्षीय मधुमेह पीड़ित बुज़ुर्ग का सफल इलाज किया। यह मरीज लंबे समय से कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ से पीड़ित था और उसे गंभीर सीने में दर्द की शिकायत हो रही थी। मरीज को तुरंत एक्ससीमेर लेज़र कोरोनरी एंजियोप्लास्टी के लिए ले जाया गया। इस प्रक्रिया में यह सामने आया कि उसके दिल की कोरोनरी धमनियों में 30 साल पहले लगाए गए स्टेंट में भारी मात्रा में कैल्शियम जमा था, साथ ही रक्त का थक्का और गंभीर ब्लॉकेज भी पाया गया। पटियाला निवासी इस मरीज ने लगभग 30 साल पहले नई दिल्ली में एंजियोप्लास्टी करवाई थी। उस समय लगाए गए स्टेंट में भारी मात्रा में कैल्शियम जमा हो गया था और उसके अंदर थक्का भी बन गया था, जिससे उन्हें अत्यधिक सीने में दर्द और असहजता हो रही थी। हालांकि, दवाओं द्वारा इलाज के बावजूद लक्षण गंभीर और बार-बार हो रहे थे। मरीज की हालत नाज़ुक होने के कारण पटियाला के किसी भी अस्पताल ने उन्हें भर्ती नहीं किया और किसी भी हाई-रिस्क कार्डियक इंटरवेंशन का जोखिम नहीं उठाया। ऐसे में उनके परिजन उन्हें तुरंत उन्नत इलाज के लिए फोर्टिस अस्पताल मोहाली ले आए। मरीज की उम्र और नाज़ुक स्थिति को देखते हुए डॉ. जसवाल ने बिना किसी देरी के लेज़र कोरोनरी एंजियोप्लास्टी की, जिसमें उच्च तीव्रता वाली लेज़र लाइट का उपयोग करके उनकी बंद कोरोनरी धमनियों में मौजूद ब्लॉकेज को हटाया गया। यह प्रक्रिया पहले से लगाए गए स्टेंट में दोबारा ब्लॉकेज से जूझ रहे मरीजों के लिए सबसे नई और उन्नत तकनीक मानी जाती है। मरीज की सर्जरी के बाद की रिकवरी बेहद सहज रही और उन्हें सर्जरी के दो दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

सीएचआरएस राइडर्स ने नेशनल क्वालीफायर और दिल्ली हॉर्स शो में बिखेरे अपने जलवे

चंडीगढ़ । चंडीगढ़ हॉर्स राइडर्स सोसाइटी ने एक बार फिर देश के दो सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों – जूनियर नेशनल इक्वेस्ट्रियन चैंपियनशिप के लिए नेशनल क्वालीफायर और दिल्ली कैंट में 3 से13 अप्रैल, 2025 को आयोजित दिल्ली हॉर्स शो 2025 में उल्लेखनीय प्रदर्शन करके भारतीय घुड़सवारी खेलों में एक उभरती हुई ताकत के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत किया है। इस क्षेत्र में आधिकारिक तौर पर एक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ़ इंडिया से संबद्ध एकमात्र क्लब के रूप में, सीएचआरएस राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के इच्छुक युवा घुड़सवारों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करवा रहा है। यह दर्जा इसके राइडर्स को ईएफआई-स्वीकृत प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति देता है, जिससे सीएचआरएस चंडीगढ़-मोहाली क्षेत्र में पेशेवर घुड़सवारी करियर का प्रवेश द्वार बन गया है। दिल्ली हॉर्स शो ने दो दशकों से अधिक समय तक देश भर के शीर्ष राइडर्स को आकर्षित किया है। इस वर्ष 400 से अधिक एंट्रीज और प्रत्येक स्पर्धा में 100 से अधिक सवारों की प्रतिस्पर्धा के साथ, सीएचआरएस ने शो जंपिंग और ड्रेसेज में व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में कुल 20 पदक हासिल किए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों में सिफत शामिल थीं, जिन्होंने ओपन 40 जंपिंग में स्वर्ण पदक जीता और ओपन 70 जंपिंग और लेडीज हैक्स में दो रजत पदक जीते। ज़ैना ने ओपन 50 जंपिंग और लेडीज हैक्स दोनों में स्वर्ण और ओपन 40 जंपिंग में रजत जीतकर अपनी निरंतरता से प्रभावित किया। कबीर ने अंडर-10 श्रेणी में ओपन 40 जंपिंग में रजत और ओपन 50 जंपिंग में स्वर्ण जीतकर सबको पीछे छोड़ दिया। मनकीरत ने ओपन 70 जंपिंग में स्वर्ण जीता जबकि विशाल ने ओपन 100 जंपिंग में कांस्य जीता। ओपन हैक्स स्पर्धा में साविया, ज़ैना और सिफत ने संयुक्त रूप से कांस्य पदक जीता। रुबैयात ने लेडीज हैक्स और ग्रुप-2 हैक्स में कांस्य पदक जीतकर पदक तालिका में अपना नाम दर्ज कराया। सीएचआरएस ने टीम स्पर्धाओं में भी शानदार प्रदर्शन किया। साविया और अनहद ने जंपिंग ग्रुप-2 में रजत पदक जीता, जबकि साविया ने ग्रुप-2 ड्रेसेज व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में रजत पदक जीतकर अपना योगदान दिया। इंद्रवीर ने 95 ओपन जंपिंग टॉप स्कोर में रजत पदक जीतकर पदक तालिका में अपना नाम दर्ज कराया। नेशनल क्वालीफायर में, सीएचआरएस ने 10 राइडर्स और 8 घोड़ों की टीम उतारी। इनमें से दो बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी – सिफत हंस और साविया कौर सिद्धू ने शो जंपिंग और ड्रेसेज दोनों ही स्पर्धाओं में क्वालीफाई किया।

‘द कॉमन टेबल’ के लॉन्च में पूर्व मिस इंडिया-अमेरिका लीना गुप्ता की पहली पुस्तक ‘एंकर विदिन’ को भी रिलीज किया गया

सोशल इम्पैक्ट प्लेटफॉर्म – ‘द कॉमन टेबल’ की शुरुआत

चंडीगढ़। चंडीगढ़ की दो महिलाओं – बानी चीमा और गीतांजलि गुप्ता ने अपने ब्रेन चाइल्ड – द कॉमन टेबल (टीसीटी) जो एक सामाजिक परिवर्तन और सामुदायिक सहयोग के लिए प्रमुख प्लेटफॉर्म है, को लॉन्च किया।लॉन्च का आयोजन चंडीगढ़ के सेक्टर 26 स्थित इक्क पंजाब में किया गया। बानी और गीतांजलि दोनों ही अपने देश में सामाजिक रूप से लाभकारी और प्रभावशाली तौर पर कुछ करने के अपने जुनून को उड़ान देने के लिए अमेरिका से भारत लौटी हैं । अनोखी बात यह थी कि टीसीटी के लॉन्च के अवसर पर पूर्व मिस इंडिया-अमेरिका लीना गुप्ता की पहली पुस्तक ‘एंकर विदिन’ को भी रिलीज़ किया गया। टीसीटी का लॉन्च एक अलग अंदाज से तैयार किए गए कार्यक्रम – ‘ब्रेकिंग बैरियर्स’ के साइडलाइन्स पर आयोजित एक मीडिया मीट में किया गया।’ब्रेकिंग बैरियर्स’ का मुख्य आकर्षण कोई और नहीं बल्कि पूर्व मिस इंडिया-अमेरिका, जाने मानी ट्रांसफॉर्मेशनल लाइफ कोच और अब पेंगुइन-पब्लिशड लेखिका लीना गुप्ता थीं। लीना टीसीटी के बैनर तले लाई गई पहली चेंजमेकर हैं। लीना की पहली पुस्तक ‘एंकर विदिन’ भी मीडिया के सामने प्रदर्शित की गई। जबकि बानी और गीतांजलि ने मीडिया से बातचीत की और टीसीटी के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की; लीना ने अपनी पुस्तक में शामिल कई पहलुओं की जानकारी दी। यह उल्लेखनीय है कि टेडएक्स स्पीकर और आर्ट ऑफ लिविंग की सीनियर इंटरनेशनल फैकेल्टी मेंबर लीना गुप्ता ने जो ब्यूटी पेजेंट का ताज पहना था, वह संपूर्णता का प्रतीक था, लेकिन जब लीना को विटिलिगो डायग्नोज़ हुआ तब उनकी ज़िन्दगी बिखर गई । अधिकांश लोगों के लिए, यह स्थिति एक अभिशाप होती, लेकिन लीना के लिए, यह उनकी सबसे बड़ी जीत की नींव बन गई। लीना ने सभी बाधाओं को पार किया और वह एक मजबूत प्रतिभा बनकर सामने आईं । अपनी किताब के बारे में बात करते हुए लीना ने कहा कि हममें से हर कोई जीवन में अलग-अलग तरह की चुनौतियों का सामना करता है, मेरी किताब ” ‘एंकर विदिन’ ऐसे सभी लोगों के लिए एक ‘गो-टू’ किताब है, जो शायद कभी-कभी जीवन से हार मान लेने के बारे में सोचते हैं। मेरे करियर के पीक पर विटिलिगो का डायग्नोसिस मेरे लिए एक बड़ा झटका था, लेकिन मैंने व्यक्तिगत और सामाजिक चुनौतियों से ऊपर उठकर विपरीत परिस्थितियों को प्रामाणिकता और शक्ति के संदेश में बदलना चुना। लीना ने बताया कि यह पुस्तक आंतरिक शक्ति और आनंद को पुनः प्राप्त करने के लिए एक गहन व्यक्तिगत लेकिन यूनिवर्सल रूप से प्रासंगिक गाइड प्रस्तुत करती है। लीना ने कहा कि “यह आत्म-खोज, लचीलापन और अटूट आत्मविश्वास के लिए टूल्स प्रदान करती है। द कॉमन टेबल की सह-संस्थापक बानी चीमा और गीतांजलि गुप्ता ने मीडिया के साथ अपनी नई पहल के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।

बानी एक भारतीय अमेरिकी आंत्रप्रेन्योर हैं, जिन्होंने सैन फ्रांसिस्को यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल स्टडीज इन ग्लोबल हेल्थ एंड डेवलपमेंट में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। उन्हें इंटरनेशनल डेवलपमेंट, नॉन-प्रॉफिट लीडरशिप और स्माल बिज़नेस ओनरशिप जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल है। बानी जमीनी स्तर के संगठनों, शुरुआती चरण के उद्यमियों और मिशन-संचालित स्टार्ट-अप को दृश्यता और नेटवर्किंग के लिए सार्थक अवसर प्रदान करके सहायता करती हैं। बानी ‘सीडिंग’ की संस्थापक भी हैं, जो एक कंसल्टिंग फर्म है जो छोटे संगठनों को धन उगाहने और कंपनियों को एफिशेंट सीएसआर निर्णय लेने में मदद करती है। बानी एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) – चीमा ट्रस्ट चलाती हैं, जो दृष्टिबाधित छात्रों को सशक्त बनाता है। गीतांजलि एक पूर्व सर्टीफाइड पब्लिक अकाउंटेंट (सीपीए) और ग्लोबल फाइनेंशियल एनालिस्ट हैं, जिन्होंने फाइनेंस एंड अकाउंटिंग में डिग्री के साथ यूएमएएसएस, एमहर्स्ट, यूएसए से डिस्टिंक्शन के साथ ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने लिबर्टी म्यूचुअल (यूएसए) जैसे प्रमुख और ग्लोबल फाइनेंशियल संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने एक ऑडिटर के रूप में काम किया और लंदन में क्रेडिट सुइस, का साथ भी काम किया है जहां वह एक निजी बैंकर के रूप में कार्यरत थीं । गीतांजलि सोशल आंत्रप्रेन्योरशिप पर अपनी ऊर्जा केंद्रित करने के लिए भारत लौट आईं। भारत वापस आने पर वह अपने परिवार की चेरिटेबल पहल, सरदारनी करतार कौर एजुकेशन सोसाइटी में शामिल हो गईं। जिसके तहत वह चंडीगढ़ के मौली जागरां में कम आय वाले समुदायों की महिलाओं को मुफ्त सिलाई प्रशिक्षण देने वाले कार्यक्रमों का नेतृत्व करती हैं। गीतांजलि ने ‘सिलाई विलाई’ की भी स्थापना की है – जो एक सोशल इंटरप्राइज है, जो इन महिलाओं को बाजार में अपने तैयार किए गारमेंट्स के लिए एक प्लेटफार्म प्रदान करवाता है। बानी ने कहा कि “चंडीगढ़ में निहित लेकिन अपने दृष्टिकोण में वैश्विक, टीसीटी का इरादा भारत और यहां तक कि दुनिया भर के इनोवेटर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और थॉट लीडर्स के बीच क्यूरेटेड इवेंट्स, विषय आधारित वर्कशॉप्स और सार्थक विचारों के आदान-प्रदान की मेजबानी करना है। टीसीटी लर्निंग, लिसनिंग और शेयरिंग के लिए एक जगह है। गीतांजलि ने कहा, “मैं और बानी दोनों भारत में अपनी जड़ों की ओर सिर्फ कुछ देने के लिए नहीं, बल्कि साथ मिलकर कुछ बदलाव लाने के लिए वापस आईं हैं।” उन्होंने कहा, “द कॉमन टेबल’ एक संपूर्ण कल्याणकारी भविष्य बनाने का हमारा तरीका है। अंत में बानी और गीतांजलि ने कहा कि “एक पहल के रूप में टीसीटी शिक्षा, स्वास्थ्य, कला, संस्कृति और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी, और क्रॉस-सेक्टर पार्टनरशिप और समाधान-संचालित संवादों को प्रोत्साहित करेगी।

15 मई को पंजाब की सभी तहसीलों में रोष मार्च निकाला जाएगा: कौमी इंसाफ मोर्चा

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बेअदबी के दोषियों की पीढ़ी को दी जा रही है पनाह: कौमी इंसाफ मोर्चा

चंडीगढ़। आज किसान भवन में धार्मिक हस्तियों, किसान यूनियनों, मजदूर यूनियनों, व्यापारिक संगठनों और पंथक संगठनों की संयुक्त बैठक ने चंडीगढ़ में लगभग 30 महीनों से चल रहे कौमी इंसाफ मोर्चा के संघर्ष को एक नया मोड़ और ताकत दी । बैठक के दौरान किसान संगठनों, पंथक संगठनों, धार्मिक हस्तियों के कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रमुख नेता प्रोफेसर मंजीत सिंह श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार, बाबा सेवा सिंह रामपुर खेड़ा, बाबा गुरसेवक सिंह शेहनी साहिब, बापू गुरचरण सिंह, पॉल सिंह फ्रांस, गुरदीप सिंह बठिंडा, निहंग सिंह राजा राज सिंह, बलविंदर सिंह फिरोजपुर, डॉ. दर्शन पाल सिंह केकेयू, बलवीर सिंह राजेवाल सुरजीत सिंह फूल बी.के.यू. सतनाम सिंह बेहरू, जसबीर सिंह सिधूपुर यूनियन, रेशम सिंह कादियान किसान यूनियन, मजदूर नेता तरसेम योधन मौजूद थे। आज की बैठक से यहां सरकार की मुश्किलें बढ़ी हैं, वहीं पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव को भी मजबूती मिली है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि इन मांगों को लेकर किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन या मांग पत्र की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है। पंजाब सरकार सरासर झूठ बोल रही है कि यह मामला केवल केंद्र सरकार का है। पंजाब सरकार जत्थेदार जगतार सिंह हवारा, सरदार बलवंत सिंह राजोआना, परमजीत सिंह भ्योरा व अन्य की रिहाई व पैरोल के विरोध में उच्च न्यायालयों व केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेज रही है। वह बहबल गोलीबारी मामले में गठित एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट को भी लागू नहीं कर रही है। इसी प्रकार, पिछली सरकारों के रास्ते पर चलते हुए, बेअदबी के दोषियों की पीढ़ी को पनाह दी जा रही है। पंजाब सरकार जेल में बंद सिखों को पैरोल देकर उनकी रिहाई की सिफारिश केंद्र सरकार से कर सकती है। लेकिन सरकार इस दिशा में आगे नहीं बढ़ रही है। सरकार 30 महीने से चल रहे कौमी इंसाफ मोर्चा की बात भी सुनने को तैयार नहीं है। यह सरकार की तानाशाही और अहंकार का प्रतीक है। सरकार के सर्वे के खिलाफ 15 मई को पंजाब की सभी तहसीलों में रोष मार्च निकाला जाएगा तथा पंजाब के राज्यपाल व देश के राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को चेतावनी पत्र दिए जाएंगे। इन राष्ट्राध्यक्षों और देश को चेतावनी पत्रों के माध्यम से सूचित किया जाएगा कि देश की सरकारें तानाशाही की ओर बढ़ रही हैं। कौमी इंसाफ मोर्चा की मुख्य मांगों को लेकर ये विरोध मार्च तहसीलों के निकट स्थित गुरुद्वारों से निकाले जाएंगे। आज की बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा किसान संगठनों को बैठक में बुलाकर उन्हें गिरफ्तार करने की कपटपूर्ण कार्रवाई तथा राजनीतिक अनैतिकता की निंदा की गई। किसानों पर सड़कें व रास्ते रोकने का लगाया गया आरोप पूरी तरह से गलत है, जबकि रास्ता हरियाणा सरकार ने रोका था। पुलिस ने लोकतांत्रिक तरीके से हो रहे आंदोलन पर विदेशी आक्रमणकारियों की तरह हमला किया और किसानों का सामान चुरा लिया। पंजाब के लोगों को इसका कड़ा विरोध करना चाहिए और सरकार को किसानों को उनके नुकसान की पूरी भरपाई करनी चाहिए। आज की बैठक में देश के अन्य राज्यों की तरह पंजाब के साथ भी व्यापार मार्ग खोलने की मांग की गई। इस मौके पर सुखजीत सिंह खोसा, रविंदर सिंह वजीदपुर, बलविंदर सिंह काला झाड़, बूटा सिंह रणसिह, एडवोकेट हरप्रीत सिंह संधू, एडवोकेट गुरशरण सिंह, इकबाल सिंह दिल्ली, दलजीत सिंह, हरी सिंह अकाल फौज, करमजीत सिंह नंबरदार चिल्ला, पाल सिंह घरुआं, गुरदीप सिंह भट्टी किसान मजदूर नेता, मनोज शेखावत खाप पंचायत, सुख गिल मोगा प्रदेश अध्यक्ष बीकेयू तोतेवाल, बलबीर सिंह बैरमपुर, बलजीत सिंह सहित सैकड़ों प्रतिनिधि मौजूद थे। भाऊ, राजा सिंह जाट महासभा मौजूद रहे।