Wednesday, July 1, 2026
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खालसा कॉलेज मोहाली में एआई क्रांति: समाज का रूपांतरण और भविष्य का निर्माण विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

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मोहाली । एआई क्रांति: समाज का रूपांतरण और भविष्य का निर्माण (एआई रेवोल्यूशन:ट्रांस्फोर्मिंग सोसाइटी एंड शेपिंग द फ्यूचर) विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन खालसा कॉलेज (अमृतसर) ऑफ टेक्नोलॉजी एंड बिजनेस स्टडीज, फेज 3ए, मोहाली में प्रिंसिपल डॉ. हरीश कुमारी के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें 30 से अधिक रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए गए। सम्मेलन के विशेष अतिथि इंस्पेक्टर अमनदीप कौर, एसएचओ, साइबर क्राइम, मोहाली और डॉ. तरनजीत कौर, एसोसिएट प्रोफेसर, एसजीएसएस कॉलेज, सेक्टर 26, चंडीगढ़ रहे। ऑस्ट्रिया के लेनस फार्मा के प्रबंध निदेशक अल्बर्ट हैनसेन ने वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन में शामिल होकर गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में सहभागिता की। डीन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी डॉ. सुशील नारंग ने उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता की। तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. हरप्रीत राय, डायरेक्टर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, दोआबा ग्रुप ऑफ कॉलेजेस ने की, जबकि समापन सत्र की अध्यक्षता अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर – राइज, सीजीसी लांडरा के सीईओ डॉ. अमरेश कुमार ने की।

ऑस्ट्रेलिया के सेंट जॉर्ज बैंक की कस्टमर सर्विस स्पेशलिस्ट नेहा सिंह ने भी सम्मेलन में वर्चुअल रूप से भाग लिया और विषय पर अपने विचार सांझे किए। कॉलेज की प्रिंसिपल ने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया। सम्मेलन का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके बाद गणमान्य अतिथियों ने “एआई क्रांति: समाज का रूपांतरण और भविष्य का निर्माण” विषय पर अपने विचार सांझे किए। अपने संबोधन में इंस्पेक्टर अमनदीप कौर ने युवाओं को साइबर जागरूक बनने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित एवं नैतिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे एआई तेजी से विकसित हो रहा है, इसका जिम्मेदाराना उपयोग सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। डॉ. सुशील नारंग ने अपने वक्तव्य में कहा कि एआई न केवल नई नौकरियों के अवसर पैदा करेगा, बल्कि सामाजिक ढांचे को भी नए सिरे से परिभाषित करेगा।

स्वर्ण सिंह बोपाराय ने पश्चिमी नदियों का पानी पंजाब को लौटाने की मांग की, सिंधु जल संधि को ऐतिहासिक भूल बताया 

चंडीगढ़ । जागो पंजाब के अध्यक्ष और केंद्र सरकार के पूर्व सचिव स्वर्ण सिंह बोपाराय ने इसे ऐतिहासिक भूल बताते हुए शनिवार को मांग की कि-झेलम, चिनाब और सिंधु का पानी पंजाब को आवंटित किया जाए। चंडीगढ़ प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बोपाराय, जो पहले पंजाब के सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव भी रह चुके हैं, ने कहा कि सिंधु जल संधि के तहत इन नदियों का 80 प्रतिशत पानी गलत तरीके से पड़ोसी देश को दे दिया गया था, जो अब निरस्त हो गई है।
 पाकिस्तान के खिलाफ सिंधु जल संधि के निलंबन के साथ, पंजाब ने नदी के पानी के अपने सही हिस्से को दुबारा प्राप्त करने की नई उम्मीदें जगाई हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब रेगिस्तान बनने की कगार पर है। झेलम, चिनाब और सिंधु के पानी को पंजाब की ओर मोड़ना राज्य के साथ हुए घोर अन्याय को दूर करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने केंद्र सरकार पर अतीत में पंजाब को उसके एकमात्र प्रमुख प्राकृतिक संसाधन-नदी के पानी से वंचित करने के लिए गलत तरीके और दबावपूर्ण रणनीति का उपयोग करने का आरोप लगाया।  बोपाराय ने कहा कि पंजाब के नदी के पानी का दोहन जानबूझकर किया गया अन्याय है। नदी के पानी को पंजाब में वापस लाना न केवल उचित है, बल्कि इस क्षेत्र के अस्तित्व और समृद्धि के लिए आवश्यक भी है। उन्होंने ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने और पंजाब के कृषि और पारिस्थितिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया। बोपाराय के नेतृत्व में भूतपूर्व नौकरशाहों, भूतपूर्व सैनिकों, डॉक्टरों और कार्यकर्ताओं के एक समूह – जागो पंजाब ने केंद्र सरकार पर पंजाब के नदी जल के अनुचित वितरण के माध्यम से फेडरल प्रिंसीपल का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए एक आरोप पत्र यानि चार्ज शीट प्रस्तुत किया। संविधान के अनुच्छेद  का हवाला देते हुए, उन्होंने सतलुज, ब्यास और रावी नदियों पर पंजाब के अनन्य तटवर्ती अधिकारों पर जोर दिया।

अब घर खरीदते वक्त सिर्फ लोकेशन नहीं, लोग ढूंढ रहे हैं बेहतर जीवनशैली और कम्युनिटी से जुड़ाव

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चंडीगढ़ । भारत में लग्जरी रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से बदल रहा है। पहले जहां केवल प्राइम लोकेशन और महंगी सुविधाओं को लग्जरी की पहचान माना जाता था, अब खरीदार घर में भावनात्मक जुड़ाव और बेहतर जीवनशैली भी ढूंढ रहे हैं। डेवलपर्स भी इस बदलती सोच को समझते हुए नए ढंग से प्रोजेक्ट्स तैयार कर रहे हैं।
सुषमा ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रतीक मित्तल बताते हैं, भारत में लग्जरी रियल एस्टेट का तेजी से विस्तार हो रहा है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरीकरण के चलते जीरकपुर और मोहाली जैसे शहर पहली पसंद बनते जा रहे हैं।

हम गोल्ड सीरीज के तहत नए प्रोजेक्ट्स लाने की तैयारी कर रहे हैं ताकि ग्राहकों की बढ़ती उम्मीदों को पूरा कर सकें।वहीं, रॉयल एस्टेट की डायरेक्टर इंदु कंसल का मानना है कि अब लग्जरी का मतलब केवल बड़ा और महंगा घर नहीं रह गया है। वह कहती हैं, “आज के खरीदार ऐसी सोसाइटियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जहां सुंदर डिजाइन, एकरूपता और मजबूत सामाजिक माहौल हो। चंडीगढ़ जैसे शहरों में बुटीक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ी है। लोग अब घर में सिर्फ जगह नहीं, बल्कि जुड़ाव और पहचान चाहते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अब लग्जरी रियल एस्टेट में कम्युनिटी, कला और जीवनशैली जैसे पहलू भी उतने ही अहम हो गए हैं जितना लोकेशन और सुविधाएं। जीरकपुर, मोहाली और चंडीगढ़ जैसे शहर इस बदलाव के केंद्र में हैं और देशभर में हाई-एंड लिविंग के नए मानक तय कर रहे हैं।

लोकतंत्र में कैग की भूमिका का गंभीर विश्लेषण प्रस्तुत करती किताब

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चंडीगढ़ । एक विचारोत्तेजक नई पुस्तक भारत के कंपट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (कैग) की पारदर्शिता, सुशासन और लोकतांत्रिक जवाबदेही में महत्वपूर्ण भूमिका का गहराई से और संतुलित विश्लेषण प्रस्तुत करती है। अनुभवी सिविल सर्वेंट और ऑडिट विशेषज्ञ पी. सेश कुमार द्वारा लिखी गई यह किताब कैग के भारत और विदेशों में असर को सरल और विस्तार से समझाती है। इसमें बताया गया है कि कैग ने कैसे पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया, और सरकार के कामकाज में सुधार लाने में मदद की। किताब में कोयला ब्लॉक आवंटन और 2जी स्पेक्ट्रम जैसे मामलों की ऑडिट का ज़िक्र है, जिनसे बड़े बदलाव हुए और कैग के काम पर लोगों का ध्यान गया। यह किताब वाइट फाल्कन पब्लिशिंग द्वारा प्रकाशित की गई है। इस किताब की खास बात यह है कि यह कैग की गम्भीरताओ को भी ईमानदारी से सामने लाती है। इसमें उन कमियों की चर्चा की गई है, जहाँ सुधार की ज़रूरत है—जैसे आत्मविश्लेषण की कमी, प्रभावहीन समकक्ष समीक्षाएं और वाउचर लेवल कम्प्यूटराइजेशन व वन आईएएडी वन ऑडिट जैसी पहलों की खामियाँ। लेखक ने कैग को एक बहु-सदस्यीय संस्था बनाया जाए, जिसमें सशक्त आंतरिक नियंत्रण, पारदर्शी निगरानी तंत्र और जवाबदेही तथा विकासात्मक आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित करने का सुझाव दिया है। लेखक ने कहा कि कैग भारतीय लोकतंत्र की एक आधारशिला है, लेकिन प्रत्येक संस्था की तरह इसका भी समय के साथ विकास होना आवश्यक है। यह पुस्तक न केवल इसकी भूमिका को स्पष्ट करती है, बल्कि जन संवाद को प्रोत्साहित करती है और भविष्य के लिए रचनात्मक सुझाव भी प्रस्तुत करती है। पी. सेश कुमार वर्ष 1982 में भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवा में शामिल हुए। उन्हें ऑडिट, लोक प्रशासन और नीतिनिर्माण में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने परमाणु ऊर्जा विभाग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय में कार्य किया और प्रत्यक्ष कर, ऊर्जा, वित्त और सार्वजनिक उपक्रम जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों के ऑडिट में प्रमुख भूमिका निभाई।

श्री श्याम करुणा फाउंडेशन द्वारा श्रद्धापूर्वक आयोजित हुआ 162वां अन्न भंडारा

पंचकूला । पंचकूला के औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 में श्री श्याम करुणा फाउंडेशन द्वारा श्रद्धा और सेवाभाव के साथ 162वां अन्न भंडारा भव्य रूप से आयोजित किया गया। यह पुण्य कार्य फाउंडेशन के संस्थापक और पंचकूला के प्रमुख समाजसेवी अमिताभ रूंगटा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर अमिताभ रूंगटा ने शनिवार के दिन अन्न भंडारा आयोजित करने के महत्व और लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शनिवार को अधिकांश सरकारी कार्यालयों में अवकाश होता है। ऐसे में समाज के लोग निःस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों के लिए भोजन सेवा का आयोजन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सेवा कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं। सेवा का वास्तविक अर्थ निःस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सहायता करना है, और यह हम सभी का कर्तव्य है कि ऐसे कार्यों के माध्यम से मानवता को सशक्त बनाएं। उन्होंने आगे कहा कि श्री श्याम करुणा फाउंडेशन का उद्देश्य हर ज़रूरतमंद तक भोजन, प्रेम और करुणा पहुंचाने के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाना भी है। भंडारे के दौरान फाउंडेशन के सभी सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और अन्न वितरण सेवा में पूरे समर्पण एवं उत्साह के साथ योगदान दिया। सभी ने मिलकर सेवा भावना का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

87 प्रतिशत उत्तरी भारत के लोग मच्छरों की परेशानी को पारिवारिक स्वास्थ्य जोखिमों से जोड़ते हैं, गुडनाइट सर्वे में खुलासा


चंडीगढ़ । उत्तर भारत में 87% लोग मानते हैं कि नींद में खलल, विशेष रूप से बच्चों में, उनके परिवार के स्वास्थ्य और कल्याण को सीधे प्रभावित कर रहा है। विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल) से पहले, यह महत्वपूर्ण खुलासा सामने आया है एक सर्वे रिपोर्ट से, जिसे गुडनाइट ने जारी किया है, जो गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (GCPL) का भारत का प्रमुख घरेलू कीटनाशक ब्रांड है। ‘एक मच्छर, अनगिनत खतरे’ नामक इस पैन-इंडिया सर्वे को गुडनाइट ने कमीशन किया था, और मार्केट रिसर्च फर्म युगोव द्वारा इसे लॉन्च किया गया है। यह अखिल भारतीय सर्वे सार्वजनिक दृष्टिकोण का अध्ययन करता है, और मच्छर जनित बीमारियों के जोखिम का आकलन करता है। यह चिंता सभी क्षेत्रों में स्थिर बनी हुई है, जिसमें पूर्व और पश्चिम भारत के 87% उत्तरदाताओं ने और दक्षिण के 86% लोगों ने समान विचार साझा किए हैं।
अध्ययन के अनुसार, नींद की कमी भारतीय परिवारों में एक गंभीर समस्या बन गई है, जहां वयस्क हर रात लगभग 2 घंटे की नींद खोते हैं तो वहीं बच्चे अपनी अनुशंसित नींद से लगभग 4 घंटे वंचित रह जाते हैं। यह लगातार नींद की कमी गंभीर प्रभाव डाल रही है — लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर रही है, तनाव का स्तर बढ़ा रही है, और संक्रमण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ा रही है, विशेषकर मलेरिया और डेंगू जैसी मच्छर जनित बीमारियों के लिए। गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर – इंडिया, अश्विन मूर्ति कहते है कि गुडनाइट का ‘वन मच्छर, अनगिनत खतरे’ एक राष्ट्रव्यापी सर्वे रिपोर्ट है, जो सार्वजनिक दृष्टिकोण को गहराई से समझती है और मच्छर जनित बीमारियों से जुड़े जोखिमों का मूल्यांकन करती है। ऐसी पहलों व प्रयासों के माध्यम से हमारा लक्ष्य है भारत में मच्छरों की समस्या को लेकर जागरूकता बढ़ाना, परिवारों को कार्रवाई के लिए प्रेरित करना, और देश को किफायती लेकिन अभिनव समाधान प्रदान करना।

ट्राइडेंट ग्रुप ने 10 दिवसीय मेगा कैंसर स्क्रीनिंग कैंप के साथ सामाजिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरा


पंजाब/चंडीगढ़ (संवाद टाइम्स ब्यूरो) । टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी कंपनी ट्राइडेंट ग्रुप द्वारा 10 दिवसीय कैंसर जांच और जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर रायकोट रोड, बरनाला स्थित अरुण मेमोरियल कल्चरल सेंटर में लगाया गया है। गुरुवार को अपने चौथे दिन में प्रवेश करने वाले इस शिविर का उद्देश्य कैंसर के शीघ्र निदान और इसके बारे में जागरूकता बढ़ाना, इसके लाभार्थियों को लक्षणों की पहचान करने और बीमारी को बढ़ने से रोकने में मदद करना है। ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस राजिंदर गुप्ता के नेतृत्व में, यह सीएसआर पहल ट्राइडेंट ह्यूमैनिटी फाउंडेशन द्वारा वर्ल्ड कैंसर केयर चैरिटेबल सोसाइटी के चेयरमैन कुलवंत सिंह धालीवाल के सहयोग से आयोजित की जा रही है। इस कैंसर जांच और जागरूकता शिविर का उद्घाटन सोमवार को डीआईजी सुखवंत सिंह गिल ने किया। इस अवसर पर बरनाला के एसएसपी सरफराज आलम, एसपी राजेश कुमार छिब्बर और कुलवंत सिंह धालीवाल भी मौजूद थे।
ट्राइडेंट के अधिकारी और बरनाला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव रूपिंदर गुप्ता ने इस मौके पर आये हुए सारे मेहमानों का आभार जताते हुए कहा कि यह कैंप एक ऐसी बीमारी के खिलाफ एकजुट होने का मौका है, जिसने अनगिनत लोगों और परिवारों को बुरी तरह प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि कैंसर शब्द से डर और चिंता पैदा होती है, लेकिन यहाँ एकत्र हुए लोगों ने इस डर को उम्मीद, चिंता को जागरूकता और निराशा को संयुक्त प्रयास में बदलने की सामूहिक प्रतिज्ञा का प्रतीक बनाया। कैंसर जांच और जागरूकता शिविर के पहले चार दिनों में गुरुवार शाम तक कुल 1,980 लोगों का पंजीकरण हो चुका था, जिनमें से ज्यादातर महिलाएं थी , जिनकी संख्या 1,064 (54%) है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम यहाँ कैंसर पर मुफ्त परामर्श और जानकारी दे रही है। शिविर में ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच के साथ साथ ; स्तन कैंसर की जांच के लिए महिलाओं के लिए मैमोग्राफी; महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के लिए पैप स्मीयर टेस्ट; पुरुषों के लिए पीएसए टेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर की जांच के साथ साथ ब्लड कैंसर, मुंह और गले के कैंसर की जांच; बोन डेन्सिटी टेस्ट किये जा रहें हैं। आंखों की जांच की भी शिविर में व्यवस्था है और इस जांच उपरांत लोगों को मुफ्त चश्मा भी दिया जा रहा है।
ट्राइडेंट ग्रुप ने इलाके के सभी ग्राम प्रधानों, पंचायतों, नगर पार्षदों, पत्रकारों और गणमान्य व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा जरूरतमंद लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए व्यापक भागीदारी का आग्रह किया। कैंसर जांच और जागरूकता शिविर 30 अप्रैल तक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

सेक्टर 34 में डिज्नीलैंड कार्निवाल की कल से हो रही है शुरुआत

भव्य प्रवेश द्वार और झूले रहेंगे आकर्षण का केंद्र



चंडीगढ़ (संवाद टाइम्स ब्यूरो) । चंडीगढ़ में कार्निवाल कल्चर को अलग ही रूप देने (चाहे डायनासौर हो या गेटवे ऑफ इंडिया, लाल किला के आकर्षक प्रवेश द्वार हों या अन्य) के लिए विख्यात जिंदल इवेंट एक बार फिर से मेला देखने के शौकीनों के लिए कुछ विशेष लेकर आए है। इस बार ट्राईसिटी के लोगों को एक बार फिर कुछ अलग और नया प्रवेश द्वार देखने को मिलेगा। इस बार अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डिज्नीलैंड तैयार किया गया है। जिसके आगे सेल्फी और फ़ोटो लेना लोगों को निश्चित रूप से आकर्षित करेगा। यह सब देखने को मिलेगा सेक्टर 34 एग्जीबिशन ग्राउंड में 26 अप्रैल से 25 मई 2025 माह के अंत तक चलने वाले डिज्नीलैंड कार्निवाल में डिज्नीलैंड कार्निवाल के संचालक बिपन जिंदल ने बताया कि अगर आप अच्छा वीकेंड बिताना चाहते हैं तो एक बार इस डिज्नीलैंड कार्निवल का रुख कर सकते हैं। यहां आपको एक शानदार शाम बिताने का मौका मिलेगा। इस जगह पर आप न केवल दोस्तों के साथ बल्कि फैमिली के साथ भी जा सकते हैं। रंगों से भरपूर कार्निवाल मनोरंजन की सवारी से भरा हुआ है, यहां मस्ती करने के बाद ये दिन आपका यकीनन खुशियों से भर जाएगा।
इसके अलावा आप फूड स्टॉल पर पंजाबी, साउथ इंडियन और अलग-अलग व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त, बच्चों और वयस्कों के लिए लगभग 10 झूले लगाए गए हैं। झूलों में बच्चों -वयस्कों के लिए ड्रैगन व्हील, कोलंबस, ब्रेक डांस, मिककी माउस, ड्रैगन ट्रैन, जायंट व्हील, स्कारी हाउस और मेरी गो राउंड इत्यादि शामिल हैं। इसलिए सभी झूलों का भी फिटनेस परीक्षण किया गया है। यहां अंदर जाने वाले प्रवेश द्वार को भी बेहद ही आकर्षक तरीके से सजाया गया है। कार्निवाल में प्रवेश के लिए प्रत्येक व्यक्ति से प्रवेश शुल्क मात्र 50 रुपए रखा गया है। कार्निवाल शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक चला करेगा।
यहां हर तरह की दुकानें हैं, जैसे रेडीमेड कपड़े, टेराकोटा मूर्तियां, राजस्थानी प्योर गचक, वुडन डिज़ाइनर फर्नीचर, पानीपत हैंडलूम, बदोई कारपेट, कश्मीरी गर्म वस्त्र, और मैग्नेटिक अक्यूप्रेशर मशीन, किताबें और बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले उपलब्ध हैं। सुरेश कपिला और रिंकू के अनुसार कार्निवाल में सुरक्षा के पूरे इंतज़ाम है। कार्निवाल में जगह जगह पर सीसीटीवी इनस्टॉल किए गए हैं। किसी भी तरह की अनहोनी के लिए फायर सुरक्षा उपकरण का भी इंतेजाम है।

अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

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चंडीगढ़ (संवाद टाइम्स ब्यूरो) । क्षेत्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान (आरआईसी एम ) सेक्टर – 32 चंडीगढ़ में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का विषय था “विकसित भारत का निर्माण, सहकारिता के माध्यम से किसान सशक्तिकरण, विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का रूपांतरण।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री (सहकारिता मंत्रालय) कृष्णपाल गुर्जर ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण भारत के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सहकारी संगठनों की भूमिका को देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर हरियाणा सरकार के सहकारिता मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मेलन को संबोधित किया और राज्य में सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने की विभिन्न पहलों की जानकारी दी। सम्मेलन में कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें सिद्धार्थ जैन, संयुक्त सचिव, सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार , अभिषेक कुमार, उप सचिव, सहकारिता मंत्रालय ,कुमार कृष्णा, निदेशक, सहकारिता मंत्रालय, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार,- नाबार्ड के क्षेत्रीय महाप्रबंधकगण, सहकारी क्षेत्र के प्रमुख अधिकारी व शिक्षाविद ।
सम्मेलन के दौरान एक विशेष पहल मेरी समिति मेरा प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई। यह पहल सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण, कौशल विकास और सामाजिक जुड़ाव को बढ़ावा देगी। इसे भविष्य की रणनीति के रूप में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही संस्थान की शोध पत्रिका सहकारिता अनुसंधान का विमोचन किया गया, जो सहकारिता, कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में शोध को नई दिशा देगी। सम्मेलन के दौरान एआईसीटीए से अनुमोदित पीजीडीएम-एबीएम (एग्री बिजनेस मैनेजमेंट) कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया गया, जिसे भविष्य में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित किया जाएगा। संस्थान के निदेशक डॉ. राजीव कुमार ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में सहकारिता को माध्यम बनाने का आह्वान किया।

अल्केमिस्ट हॉस्पिटल उन्नत हृदय उपचारों में बना अग्रणी


पंचकूला । कैल्शियम मॉड्यूलेशन तकनीक, ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट (टीएवीआर), इन्ट्रावास्कुलर अल्ट्रासाउंड और इवेंट लूप रिकॉर्डर प्रक्रिया जैसी अगली पीढ़ी की हार्ट उपचार विधियों को शुरू कर अल्केमिस्ट हॉस्पिटल, पंचकूला ने हार्ट केयर को और मजबूत किया है। संवाददाता सम्मेलन के दौरान बोलते हुए अल्केमिस्ट हॉस्पिटल में एसोसिएट डायरेक्टर-इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डॉ रोहित परती ने बताया कि कैल्शियम मॉड्यूलेशन अत्यधिक कैल्सीफाइड कोरोनरी धमनियों के प्रबंधन में एक बड़ी उपलब्धि है, जो अब अल्केमिस्ट के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट्स को उन रोगियों का इलाज करने की अनुमति देती है जिन्हें पहले ऑपरेशन के लिए अनुपयुक्त माना जाता था। यह तकनीक स्टेंट लगाने की प्रभावशीलता को बढ़ाती है और दीर्घकालिक जटिलताओं को कम करती है।
डॉ.रोहित परती ने बताया कि कैल्शियम मॉड्यूलेशन के साथ हम एंजियोप्लास्टी के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। यह हमें कठोर कैल्सीफाइड रुकावटों का इलाज करने में सक्षम बनाता है जिससे रोगी के परिणामों में काफी सुधार होता है। प्रमुख कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग अल्केमिस्ट हॉस्पिटल डॉ.रंजन मेहरा ने कहा कि अस्पताल ने टीएवीआर को भी सफलतापूर्वक अपनाया है जो एक न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया है जिसमे संकीर्ण एओर्टिक वाल्व को बदले जाने के लिए खुली हृदय शल्य चिकित्सा की आवश्यकता नहीं होती। यह प्रक्रिया उच्च जोखिम वाले या वृद्ध रोगियों के लिए आदर्श है और शीघ्र रिकवरी प्रदान करती है। वरिष्ठ सलाहकार और प्रमुख कार्डियक एनेस्थीसिया विभाग अल्केमिस्ट हॉस्पिटल डॉ.अश्वनी नय्यर ने बताया कि टीएवीआर ने एओर्टिक वाल्व रोग के उपचार की हमारी दृष्टिकोण को पूरी तरह बदल दिया है। छोटा प्रत्यारोपित उपकरण, इवेंट लूप रिकॉर्डर अब उन रोगियों की दीर्घकालिक निगरानी में मदद कर रहा है जिन्हें बेहोशी या अनियमित हृदय गति की समस्या है। यह डिवाइस निरंतर हृदय गति की निगरानी प्रदान करता है, जिससे समय पर निदान और उपचार संभव हो पाता है।