Wednesday, July 1, 2026
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मल्टी-स्पेशलिटी हेल्थ कैंप में 200 से अधिक लोगों ने कराई जांच

पंचकूला । पारस हेल्थ पंचकूला ने नाडा साहिब गुरुद्वारे के पास अस्पताल परिसर में मल्टी-स्पेशलिटी हेल्थ कैंप का आयोजन किया। इस अवसर पर 200 से अधिक लोगों ने विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों से मुफ्त परामर्श और प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच कराई। कैंप में कार्डियोलॉजी, आर्थोपेडिक्स, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, यूरोलॉजी, ऑनकोलॉजी, फेफड़े रोग, ईएनटी, महिला स्वास्थ्य और इंटरनल मेडिसिन सहित 12 विभागों के विशेषज्ञ मौजूद रहे। पारस हेल्थ पंचकूला के फैसलिटी डायरेक्टर डॉ. पंकज मित्तल ने कहा, “समय पर स्वास्थ्य जांच बीमारियों की रोकथाम में अहम भूमिका निभाती है और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को बढ़ावा देती है। कैंप में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, बीएमआई, ईसीजी और बोन मिनरल डेंसिटी जैसे मुफ्त टेस्ट कराए गए तथा डायग्नोस्टिक सेवाओं पर विशेष छूट दी गई। इस पहल के जरिए पारस हेल्थ ने सामुदायिक स्वास्थ्य और सुलभ, गुणवत्तापूर्ण इलाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया।

नए नज़रिए और प्रेरणा से भरपूर साबित हुआ चंडीगढ़ म्यूजिक एंड फिल्म फेस्टिवल का दूसरा दिन

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चंडीगढ़ । पांचवें चंडीगढ़ म्यूजिक एंड फिल्म फेस्टिवल का दूसरा दिन सिनेमैटिक आर्ट के जोशीले उत्सव के रूप में नज़र आया।पूरा दिन विचारोत्तेजक सत्रों, आकर्षक पैनल चर्चाओं और प्रभावशाली फिल्म स्क्रीनिंग्स के नाम रहा। भारतीय फिल्म और संगीत उद्योग की जानी-मानी हस्तियों ने मंच पर आकर अपने अनुभव, प्रेरणाएं और सोच को साझा किया। फेस्टिवल के दूसरे दिन बड़ी संख्या में सिनेमा प्रेमियों ने इस सभी कार्यक्रमों का आनंद लिया। प्रसिद्ध अभिनेता अनंग देसाई, अली असगर, प्रीति सप्रू, दिव्येंदु भट्टाचार्य और निर्देशक राहुल रवैल ने टॉक शोज़ के दौरान दर्शकों का दिल जीत लिया। सबने अपनी रचनात्मक यात्रा तथा भारतीय सिनेमा के बदलते परिदृश्य पर बहुमूल्य विचार प्रस्तुत किए। एक्टर अली असगर ने भी इवेंट के दौरान अपने विचार शेयर किए , उन्होंने कहा कि सिनेमा समाज का आइना है और एक आर्टिस्ट के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम सच्चाई को पूरे यकीन के साथ दिखाएं। ऐसे फेस्टिवल्स, जैसे सीएमएफएफ, हमें ऑडियंस और बाकी कहानीकारों से जुड़ने का शानदार मौका देते हैं, जो हमें याद दिलाते हैं कि परफॉर्मेंस में असलियत की कितनी ताकत होती है। सीएमएफएफ के फेस्टिवल डायरेक्टर राजेश शर्मा ने दिन की सफलता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हर वर्ष हम इस फेस्टिवल को एक ऐसा मंच बनाने का प्रयास करते हैं जहाँ रचनात्मकता और संस्कृति का विकास हो। इस वर्ष जो ऊर्जा और जुनून हमने देखा है, वह यह साबित करता है कि सिनेमा के भविष्य को आकार देने में सीएमएफएफ जैसे मंचों की भूमिका निरंतर बढ़ रही है। दूसरे दिन फिल्मों के साथ साथ लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी हुआ।

इन फिल्मों के कारण माहौल और भी अधिक ज्ञानवर्धक और सरस बन गया। रविंदर बराड़ द्वारा निर्देशित फिल्म ‘छलेड़ा’ का प्रदर्शन एक विशेष आकर्षण था। इस फिल्म की कहानी की गहराई और विजुअल पेशकश पर खूब चर्चा हुई। पैनल चर्चाओं में भारतीय फिल्म उद्योग के भविष्य और फिल्म निर्माताओं के समक्ष बढ़ती चुनौतियों को लेकर चर्चा हुई। साथ ही सांस्कृतिक तथा सामाजिक सेतु बनाने में कहानी की महत्वपूर्ण भूमिका जैसे विषयों पर भी गहन विमर्श हुआ। अपने जीवंत कार्यक्रम और उत्साही माहौल के साथ सीएमएफएफ के दूसरे दिन ने उत्सव के आगामी दिनों के लिए एक उच्च मानक स्थापित कर दिए हैं।

महाराजा अग्रसेन सेवा संगठन ने लगाया विशाल रक्तदान शिविर

315 रक्तदाताओं ने किया स्वेच्छा से रक्तदान

चंडीगढ़। रक्त के अभाव में प्रति वर्ष ना जाने कितने असंख्य लोग मौत के आगोश में समा जाते हैं। रक्त का कोई विकल्प न होने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। जनकल्याण उद्देश्य हेतु महाराजा अग्रसेन सेवा संगठन की तरफ से बारहवां विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन करवाया गया। रक्तदान शिविर के दौरान करीब 315 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। यह जानकारी महाराजा अग्रसेन सेवा संगठन के चेयरमैन सतबीर गर्ग ने दी। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर केंद्रीय पूर्व मंत्री पवन कुमार बंसल एवं अमृता दीदी बतौर मुख्य अतिथि एवं डीएसपी विजय पाल सिंह, एसएचओ दीपेंद्र , मनीष बंसल बतौर विशेष अतिथि उपस्थित हुए। रक्तदान शिविर का आयोजन मनीमाजरा स्थित श्री विश्वकर्मा मंदिर में किया गया। संगठन के चेयरमैन सतबीर गर्ग ने बताया कि संगठन पिछले करीब 12 वर्षों से रक्तदान शिविरों को आयोजन करता आ रहा है। इसके अलावा संगठन की तरफ से समय-समय पर जरूरतमंदों के लिए भंडारों का आयोजन, गरीब कन्याओं का विवाह, के साथ-साथ अनेकों धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करवाते रहते हैं ताकि समाज में समानता एवं युवाओं में धार्मिक प्रवृत्ति का संचार बढ़ता रहे। सतवीर गर्ग ने कहा कि वे हमेशा श्री महाराजा अग्रसेन द्वारा दर्शाए गए मार्ग पर चलने का प्रयास करते हैं, उनकी प्रेरणा स्रोत एवं अपने सहयोगियों के सहयोग के कारण ही वे सामाजिक एवं धार्मिक कार्य करने में सक्षम रहते हैं।

इस मौके पर प्रधान नेम चंद गुप्ता, पूर्व मेयर गुरचरण दास काला, चंडीगढ़ व्यापार मंडल के प्रधान संजीव चड्ढा, एवं वरिंद्र बंसल, उमेश सूद, मुकेश बंसल, कालका से विजय बंसल, थाना प्रभारी सेक्टर 26 चंडीगढ़ देवेंद्र , राजेंद्र गर्ग, प्रदीप बागरा, नितिन ,धर्मपाल, सत्यनारायण बंसल, राज मित्तल, दीप चंद गोयल, सुभाष जैन, श्यामलाल (मोड़), सुशील अग्रवाल,बृज मोहन गुप्ता,श्रीनिवास कासल,दयाल शरण,संजय गर्ग,वीरेंद्र बंसल,विशाल गुप्ता ,हरिंद्र,देवेन्द्र,बालकृष्ण,प्रवीण मित्तल,तिलक, देवराज,सुशील गर्ग,गौरव गर्ग,सुशील अग्रवाल, मलकीत सिंह सहित अन्य सदस्यों मौजूद रहे।

ज्योतिष डराने का नहीं, सशक्त बनाने का माध्यम है: सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर रितु सिंह

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चंडीगढ़ । आज के समय में जब जीवन की अनिश्चितताओं ने हर किसी को उलझनों में डाला है, ऐसे में सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर ऋतु सिंह एक भरोसेमंद नाम बनकर उभरी हैं। हज़ारों लोग उनके ज्योतिषीय ज्ञान, गहन अंतर्ज्ञान और सहज भाषा में समाधान देने की शैली से प्रेरित होकर उनके मार्गदर्शन में अपने जीवन की दिशा ढूंढ रहे हैं। ऋतु सिंह का सफर किसी शोरगुल से नहीं, बल्कि उस मौन से शुरू हुआ जिसमें अनगिनत अनुत्तरित प्रश्न छिपे थे। बचपन से ही उन्हें तारों और ब्रह्मांड की रहस्यमयी भाषा में गहरी रुचि रही। धीरे-धीरे उन्होंने महसूस किया कि ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि ब्रह्मांड का एक संवाद है — जो हर व्यक्ति को उसके जीवन के रास्ते पर संकेत देता है। उनकी लोकप्रियता का राज है उनकी सच्चाई और संवेदनशीलता। ऋतु केवल भविष्यवाणी नहीं करतीं, वे अपने क्लाइंट्स की ऊर्जा से जुड़ती हैं, उन्हें डर नहीं, आत्मबल देती हैं। उनका मानना है कि ज्योतिष डराने का नहीं, सशक्त बनाने का माध्यम है। वे वैदिक ज्ञान को आधुनिक जीवनशैली के अनुसार सरल बना देती हैं, जिससे आम से लेकर खास तक हर व्यक्ति जुड़ाव महसूस करता है। बॉलीवुड से लेकर कॉर्पोरेट दुनिया तक, उनके पास आने वाले हाई-प्रोफाइल क्लाइंट्स की ज़रूरत होती है स्पष्टता की — सही समय पर सही निर्णय लेने की। चाहे कोई नया प्रोजेक्ट हो, निवेश का फैसला हो या रिश्तों की उलझन — ऋतु उन्हें तार्किक और आत्मिक दोनों स्तर पर समाधान देती हैं। अपनी जिम्मेदारी को लेकर वे बेहद सजग हैं। वे मानती हैं कि भविष्यवाणी कोई अंतिम सत्य नहीं, बल्कि संभावनाओं की झलक होती है। हर बात सोच-समझकर, संवेदनशीलता के साथ कहनी चाहिए क्योंकि एक शब्द भी किसी के जीवन को बदल सकता है। ज्योतिष को अंधविश्वास मानने वालों के लिए भी ऋतु के पास एक खुला निमंत्रण है,अनुभव करके देखिए। वे कहती हैं कि यह विद्या अनुभव और समय की गहरी समझ पर आधारित है, और जब कोई परिणाम खुद देखता है, तो सबसे बड़ी बहस भी मौन हो जाती है। उन्होंने ज्योतिषीय उपायों को भी आधुनिक जीवनशैली के अनुसार ढाल दिया है। उनके सुझाए उपाय आत्म-देखभाल जैसे महसूस होते हैं, जैसे विशेष रंगों का उपयोग, मंत्र साधना, पौष्टिक आहार और सकारात्मक लेखन। उनके अनुसार उपचार बोझ नहीं, जीवन का सहज हिस्सा होना चाहिए। ऋतु अपने जीवन में भी आत्मचिंतन और साधना को प्राथमिकता देती हैं। वे नियमित ध्यान करती हैं, कभी-कभी सोशल मीडिया से दूर होकर स्वयं से जुड़ती हैं, और अपने ज्योतिषीय चार्ट को भी आत्मनिरीक्षण का जरिया बनाती हैं। वे मानती हैं कि सच्चा मार्गदर्शक वही है जिसकी अपनी ऊर्जा संतुलित हो। भविष्य की योजना में वे एक डिजिटल लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म की शुरुआत करने जा रही हैं, जिससे आम लोग भी अपने ज्योतिषीय चार्ट को समझ सकें और अपने जीवन के निर्णय आत्मनिर्भर होकर ले सकें। उनका सपना है एक नई पीढ़ी के ज्योतिषियों को तैयार करना — जो बुद्धिमत्ता के साथ अंतर्ज्ञान का भी सम्मान करें। ऋतु सिंह का संदेश सरल है,आप खोए नहीं हैं, आपके सितारे आपके साथ हैं। जो कुछ भी आप अनुभव कर रहे हैं, वह अंत नहीं, एक पुल है , जो आपको आपके असली मार्ग की ओर ले जा रहा है। बस ऊपर देखिए, आकाश आपका मार्गदर्शन कर रहा है।

800 से अधिक डॉक्टरों ने एपिक 2025 सम्मेलन में लिया भाग, मोटापा, डायबिटीज और तनाव पर चर्चा

चंडीगढ़। भारतभर से 800 से अधिक डॉक्टरों ने चंडीगढ़ में सवीट डायबिटीज फाउंडेशन (एक नॉन-प्रॉफिट फाउंडेशन) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन EPIC 2025 में भाग लिया, जिसका मुख्य विषय ‘मोटापा, डायबिटीज और तनाव’ था। सेवानिवृत्त जनरल वी.पी. मलिक, पूर्व सेना प्रमुख, जो सम्मेलन के मुख्य अतिथि थे, ने सैन्य और नागरिक दोनों डॉक्टरों की उनकी निष्ठा, साहस और दबाव में सेवा के लिए सराहना की। “डॉक्टर हर युद्ध के गुमनाम नायक होते हैं — उनका साहस उन लोगों के बराबर होता है जो मोर्चे पर लड़ते हैं। आयोजन सचिव डॉ. सचिन मित्तल ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया और डायबिटीज और मोटापे जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। लेफ्टिनेंट जनरल नरेंद्र कोटवाल ने स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने और आत्म-देखभाल और निस्वार्थ सेवा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता को रेखांकित किया। प्रसिद्ध डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. निखिल भगवत ने युवाओं में डायबिटीज के बेहतर प्रबंधन पर चर्चा की। डॉक्टरों ने मोटापा और डायबिटीज के प्रबंधन के लिए रणनीतियों पर विचार किया, मरीज-केंद्रित देखभाल पर जोर दिया और भविष्य में उपचार की संभावनाओं की जांच की। अन्य प्रमुख चिकित्सा विशेषज्ञों ने मोटापा और डायबिटीज में रिमिशन प्राप्त करने के लिए नवाचारी गैर-सर्जिकल उपचारों पर अपने विचार साझा किए। आयोजन अध्यक्ष डॉ. संजय कालरा और आयोजन सचिव डॉ. सचिन मित्तल ने इस कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समन्वय किया। उनके नेतृत्व में, इस सम्मेलन ने स्वास्थ्य देखभाल में नवाचार और ज्ञान का आदान-प्रदान करने के लिए एक जीवंत मंच प्रदान किया।

सीजीईआरडब्ल्यूए, से. 7 द्वारा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सहयोग से निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित

चण्डीगढ़ । केंद्रीय सरकार कर्मचारी आवासीय कल्याण समिति (सीजीईआरडब्ल्यूए), सेक्टर 7 द्वारा चण्डीगढ़ के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्रीय कार्यालय एवं ग्रेशियन अस्पताल के सहयोग से एक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। समिति की अध्यक्ष पूनम गुलिया ने बताया कि यह कार्यक्रम सीपीडब्ल्यूडी हॉलिडे होम्स, सेक्टर 7-बी में आयोजित किया गया जिसमें सैकड़ों निवासियों ने स्वास्थ्य जांच कराई।

शिविर में सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप, रक्त शर्करा परीक्षण, ईसीजी और विशेषज्ञ परामर्श सहित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई। ग्रेशियन अस्पताल के अनुभवी डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की एक टीम ने सभी उपस्थित लोगों की सम्पूर्ण देखभाल सुनिश्चित करते हुए ऑन-ग्राउंड सेवाएं प्रदान कीं। इस पहल का उद्देश्य निवारक स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देना और आम स्वास्थ्य मुद्दों के बारे में जागरूकता पैदा करना था। इस अवसर पर समिति के अन्य पदाधिकारी प्रदीप सैनी, मनोज कुमार, विनोद कुमार, संदीप नैन, प्रमोद श्रीवास्तव, वंदना चौधरी, मुनीश कुमार, अमित सरदाना व राजवंत सिंह आदि भी मौजूद रहे।

शूलिनी के थिएटर विंग ने मोलियर के नाटक पैरासिटामोल को मंच पर जीवंत किया

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चंडीगढ़। शूलिनी यूनिवर्सिटी के जीवंत थिएटर विंग, शूलिनी क्रिएटिव स्टूडियो, ने अपनी नवीनतम प्रस्तुति नाटक पैरासिटामोल के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जो कि प्रसिद्ध फ्रेंच नाटककार मो मोलियर के व्यंग्यात्मक नाटक द डॉक्टर इन स्पाइट ऑफ हिमसेल्फ का रूपांतरण है। यह नाटक टैगोर थिएटर में मंचित किया गया। शूलिनी यूनिवर्सिटी के परफॉर्मिंग आर्ट्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर और अनुभवी रंगमंच कलाकार अंकुर बशार द्वारा निर्देशित यह नाटक एक चुटीला और ऊर्जावान व्यंग्य है, जो डॉक्टरों पर अंधविश्वास और सामाजिक मान्यताओं की बेतुकियों पर करारा कटाक्ष करता है। ‘नाटक पैरासिटामोल’ की कहानी मज़ेदार ढंग से गूंथे गए किरदार स्गनरेल के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक लकड़हारा है, लेकिन गलती से उसे डॉक्टर मान लिया जाता है। धोखे, पहचान की गलती और सामाजिक आलोचना से भरी घटनाओं की एक श्रृंखला के माध्यम से यह नाटक सामने आता है, जिसमें घरेलू हिंसा, शिक्षा तक पहुंच और सामाजिक-आर्थिक असमानता जैसे विषयों को उठाया गया है—जो मोलिएर के समय जितने प्रासंगिक थे, आज भी उतने ही हैं। अंकुर बशार ने कहा कि इस साल हमने हास्य को एक राजनीतिक कृत्य के रूप में चुना है। आज की दुनिया में हास्य अक्सर राजनीतिक होता है और राजनीति, गहराई से हास्यास्पद। मोलिएर का लेखन आज भी आधुनिक समाज की पाखंडपूर्ण वास्तविकताओं को दर्शाता है, जिससे यह एक छात्र-नेतृत्व वाले प्रदर्शन के लिए आदर्श बन जाता है—जो न केवल मनोरंजक है, बल्कि विचारोत्तेजक भी है। प्रतिभाशाली छात्र कलाकारों की एक टीम द्वारा प्रस्तुत इस नाटक में समर्थ सिंह ठाकुर, अभिजीत नायर, दक्ष पारिख, रजत शर्मा, दिबंसी राणा, सुनिधि देव, लक्ष्मी वसुधरा मामिडी और कई अन्य ने जीवंत भूमिकाएं निभाईं। संगीत निर्देशन अभिजीत नायर और लक्ष्मी वसुधरा द्वारा किया गया, जिसमें छात्र संगीतकारों द्वारा तैयार मूल रचनाएं मंच पर लाइव प्रस्तुत की गईं।क्रिएटिव टीम में स्टेज डिज़ाइन के लिए सुनिधि देव और अंकुर बशार, लाइट डिज़ाइन के लिए उज्ज्वल कुमार और कोरियोग्राफर के रूप में खुशी माहेश्वरी शामिल थे। इस नाटक के संपूर्ण प्रबंधन की जिम्मेदारी प्रशांत कुमार ने निभाई, जबकि कॉस्ट्यूम और म्यूरल्स का काम शिबानी द्वारा किया गया।

स्मॉल वंडर स्कूल में ‘आर्ट ऑफ पेरेंटिंग’ सेशन आयोजित किया गया

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मोहाली। प्रभावी पेरेंटिंग के लिए, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि पांडोव और स्मॉल वंडर स्कूल ने आज ‘आर्ट ऑफ पेरेंटिंग’ सेशन आयोजित किया। सेशन का उद्देश्य माता-पिता को अपने बच्चों के समग्र विकास के लिए उपकरण और अंतर्दृष्टि प्रदान करना था। सेशन में विभिन्न पेरेंटिंग शैलियों पर चर्चा की गई, जिसमें आधिकारिक दृष्टिकोण के लाभों पर जोर दिया गया। यह शैली स्पष्ट सीमाओं और अपेक्षाओं के साथ गर्मजोशी और जवाबदेही को जोड़ती है, जिससे बच्चों में स्वतंत्रता और आत्म-अनुशासन को बढ़ावा मिलता है। इसके विपरीत, सख्त नियमों और सीमित लचीलेपन की विशेषता वाले अथॉरिटेरियन पेरेंटिंग के संभावित नुकसानों पर भी चर्चा की गई। डिजिटल युग की चुनौतियों को संबोधित करते हुए, सेशन ने विनियमित सोशल मीडिया उपभोग के महत्व पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने 2 से 5 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए स्क्रीन समय को प्रतिदिन एक घंटे तक उच्च गुणवत्ता वाले प्रोग्रामिंग तक सीमित करने की सिफारिश की, जिसमें समझ और जुड़ाव को बढ़ाने के लिए माता-पिता की भागीदारी हो। बड़े बच्चों के लिए, भोजन के दौरान और सोने से पहले सोशल मीडिया-मुक्त क्षेत्र स्थापित करने की सलाह दी गई ताकि बेहतर नींद और पारिवारिक बातचीत को बढ़ावा मिले।

सेशन ने यह भी रेखांकित किया कि संतुलित आहार मस्तिष्क के विकास में सहायता करता है, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, और समग्र कल्याण में योगदान देता है। माता-पिता को जीवन में कम उम्र से ही स्वस्थ खाने के पैटर्न को स्थापित करने के लिए विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज और दुबले प्रोटीन प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

पहलगाम के शहीदों के सम्मान में अमृतसर में ‘श्रद्धांजलि यात्रा’ आयोजित की गई

अमृतसर। रविवार को यहां कंपनी गार्डन में पहलगाम के शहीदों के सम्मान में श्रद्धांजलि यात्रा में करीब 125 लोगों ने भाग लिया। मैत्रीबोध परिवार द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि यात्रा ने कई लोगों को एकजुट होकर दिवंगत आत्माओं को आदरपूर्वक नमन करने और एक भारत के भाव को जीवंत करने के लिए एक साथ जोड़ा। यात्रा के दौरान ‘एक भारत, हम भारत’ के गगनभेदी नारों ने माहौल को ऊर्जा से भर दिया। हर कदम पर मौन श्रद्धांजलि और प्रेम का संदेश था। लोगों ने इस पहल का समर्थन करते हुए प्रेम और एकता का संदेश फैलाया। एक प्रतिभागी ने भावुक होकर कहा, “पहलगाम में निर्दोष पर्यटक घृणा के शिकार हुए। इस यात्रा के माध्यम से हम उन्हें प्रेम और सम्मान के साथ याद करते हैं।यात्रा ने यह सच्चाई सामने रखी कि अगर नफरत जान ले सकती है, तो प्रेम भी जीवन दे सकता है। मैत्रीबोध प्रवक्ता ने कहा, “जब समाज में दूरियां बढ़ रही हैं, मैत्रेय दादाश्रीजी के मार्गदर्शन में मैत्रीबोध परिवार प्रेम और एकता का एक जीवंत उदाहरण पेश कर रहा है। यह यात्रा सिर्फ कदमों की नहीं, दिलों के जुड़ने की यात्रा थी। यात्रा का समापन अनुशासित मौन साधना के साथ शहीदों को समर्पित रहा। यह ऐतिहासिक क्षण हमेशा याद रखा जाएगा, जब भारत ने डर पर प्रेम को, विभाजन पर एकता को और निराशा पर आशा को चुना।

डिज्नीलैंड कार्निवाल के शुभारंभ से पहले पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए मृतकों को दी श्रद्धांजलि

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चंडीगढ़ (संवाद टाइम्स ) । जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए हमले की निंदा करते हुए डिज्नीलैंड कार्निवाल के आयोजकों ने कार्निवाल के शुभारंभ से पहले श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर जान गंवाने वाले लोगों को 2 मिनट का मौन रखकर और कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की । डिज्नीलैंड कार्निवाल के आयोजक बिपन जिंदल ने पहलगाम में हुए हमले को कायरतापूर्ण बताते हुए कहा कि पहलगाम हमला अत्यंत निन्दनीय व हृदयविदारक घटना होने के साथ मानवता के खिलाफ एक घृणित कृत्य हैं। बिपन जिंदल ने कहा इस दुःख की घड़ी में मृतको के परिवार जनों के प्रति गहरी संवेदनाये है। इस आतंकी नरसंहार में सरकार देशवासियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार कठोरत्म त्वरित कार्यवाही कर आतंकवादियों एवं उनको पनाह देने वाले स्थानीय व्यक्तियों सहित सभी अपराधियों को क़ानून के कठघरे में खड़ा कर सख़्त सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है ।

सुरेश कपिला ने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की दर्दनाक मृत्यु होने पर श्रद्धांजलि दी गई है। कपिला ने कहा कि आतंकवादियों का ना दीन होता है, ना इमान होता है, ना जाति धर्म होता है। उन्होंने ने इस अमानवीय कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषियों को जल्द से जल्द सजा देने की मांग की। बिपन जिंदल ने बताया कि एक बार फिर से मेला देखने के शौकीनों के लिए कुछ विशेष लेकर आए है। इस बार ट्राईसिटी के लोगों को एक बार फिर कुछ अलग और नया प्रवेश द्वार देखने को मिलेगा। इस बार अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डिज्नीलैंड तैयार किया गया है। जिसके आगे सेल्फी और फ़ोटो लेना लोगों को निश्चित रूप से आकर्षित करेगा। यह सब देखने को मिलेगा सेक्टर 34 एग्जीबिशन ग्राउंड में 26 अप्रैल से 25 मई 2025 माह के अंत तक चलने वाले डिज्नीलैंड कार्निवाल में। इसके अलावा आप फूड स्टॉल पर पंजाबी, साउथ इंडियन और अलग-अलग व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त, बच्चों और वयस्कों के लिए लगभग 10 झूले लगाए गए हैं। झूलों में बच्चों -वयस्कों के लिए ड्रैगन व्हील, कोलंबस, ब्रेक डांस, मिककी माउस, ड्रैगन ट्रैन, जायंट व्हील, स्कारी हाउस और मेरी गो राउंड इत्यादि शामिल हैं। इसलिए सभी झूलों का भी फिटनेस परीक्षण किया गया है। यहां अंदर जाने वाले प्रवेश द्वार को भी बेहद ही आकर्षक तरीके से सजाया गया है। कार्निवाल में प्रवेश के लिए प्रत्येक व्यक्ति से प्रवेश शुल्क मात्र 50 रुपए रखा गया है। कार्निवाल शाम 5 से रात 10 बजे तक चला करेगा। यहां हर तरह की दुकानें हैं, जैसे रेडीमेड कपड़े, टेराकोटा मूर्तियां, राजस्थानी प्योर गचक, वुडन डिज़ाइनर फर्नीचर, पानीपत हैंडलूम, बदोई कारपेट, कश्मीरी गर्म वस्त्र, और मैग्नेटिक अक्यूप्रेशर मशीन, किताबें और बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले उपलब्ध हैं। सुरेश कपिला और रिंकू के अनुसार कार्निवाल में सुरक्षा के पूरे इंतज़ाम है। कार्निवाल में जगह जगह पर सी सी टी वी इनस्टॉल किए गए हैं। किसी भी तरह की अनहोनी के लिए फायर सुरक्षा उपकरण का भी इंतजाम है।