Wednesday, July 1, 2026
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पंजाबियों ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, नशे के खिलाफ जंग जीतना मुश्किल नहीं: मलविंदर सिंह कंग

गुरु नानक सेवा दल ने कार्यक्रम के दौरान किया नशा उन्मूलन का ऐलान

मोहाली । श्री आनंदपुर साहिब संसदीय क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने कहा कि पंजाबियों ने श्री गुरु नानक देव के समय से ही जुल्म के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और हर क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, चाहे वह आजादी की लड़ाई हो या सीमा पर शहादत। इतना ही नहीं, खेल के क्षेत्र में तथा खाद्यान्न वितरण में भी पंजाबी अग्रणी रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी फिल्मों ने पंजाबियों का इमेज खराब कर दिया है और पंजाबियों को ऐसे नशाखोर व्यक्ति के रूप में पेश किया है, लेकिन पंजाबियों की असली छवि यह है कि अगर वे मन में ठान लें तो कुछ भी कर सकते हैं। कंग ने कहा कि जिस प्रकार पंजाबियों ने देश की आजादी की लड़ाई और सरहदों पर जंग जीती है, उसी प्रकार पंजाबियों को नशे के खिलाफ जंग भी आसानी से जीतनी होगी। उन्होंने पंजाब के लोगों से नशे के खिलाफ दूसरों को शिक्षित करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली पंजाबी युवाओं को आगे आकर विभिन्न क्षेत्रों में समाज को मजबूत बनाने के लिए काम करना चाहिए। कंग ने गुरु नानक सेवा दल द्वारा संचालित पुलिस सुरक्षा पत्रिका की प्रमुख बीबी करनजीत कौर और उनके सहयोगी जरनैल सिंह को नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई दी। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेने के लिए सांसद मालविंदर सिंह कंग मोहाली पहुंचे।

बीबी करनजीत कौर ने इस अवसर पर कहा कि नशे के कुछ मामले प्रकाश में आए, जिनमें युवाओं के माता-पिता खासे परेशान नजर आए और इसी के मद्देनजर उन्होंने अपनी पत्रिका “पुलिस सुरक्षा मैगजीन” के माध्यम से सरकार द्वारा चलाए जा रहे “नशे पर युद्ध” अभियान में भाग लेने के लिए कार्यक्रम की योजना बनाई है, ताकि समाज को नशे की इस बुराई से निजात मिल सके। वहीं कार्यक्रम में पूर्व सांसद डॉ. मुकेश साहू महेश्वरी, शिक्षाविद् सुंदर लाल अग्रवाल, महंत देव्यानी नंदगिरी और मोहाली डीएसपी हरसिमरन सिंह बल मौजूद रहे। इस अवसर पर रतन प्रोफेशनल कॉलेज के विद्यार्थियों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया तथा नशे के खिलाफ जागरूकता लाने के लिए एक नाटक भी प्रस्तुत किया।

एयरटेल ने दुनिया का पहला फ्रॉड डिटेक्शन सॉल्यूशन किया लॉन्च

चंडीगढ़ । स्पैम के खिलाफ अपनी लगातार लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए, एयरटेल ने आज एक अत्याधुनिक समाधान लॉन्च किया है, जो सभी कम्युनिकेशन ओवर-द-टॉप ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स- जैसे ईमेल, ब्राउज़र, व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक, इंस्टाग्राम, एसएमएस आदि- पर फ्रॉड और मैलिशियस वेबसाइट्स को रियल टाइम में पहचान कर ब्लॉक कर देगा। यह सुरक्षित सेवा सभी एयरटेल मोबाइल और ब्रॉडबैंड ग्राहकों के लिए बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के स्वचालित रूप से सक्रिय कर दी जायेगा l जब कोई ग्राहक ऐसी वेबसाइट खोलने की कोशिश करता है, जिसे एयरटेल की सिक्योरिटी सिस्टम ने ‘मैलिशियस’ के रूप में फ़्लैग किया है, तो उस वेबसाइट का पेज लोड नहीं होता, इसके बजाय, ग्राहक को एक नए पेज पर रीडायरेक्ट किया जाता है, जहां ब्लॉक किए जाने का कारण स्पष्ट रूप से बताया जाता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के देशभर में तेजी से विस्तार के चलते ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा हर दिन बढ़ रहा है, जिससे उपभोक्ताओं पर गंभीर जोखिम मंडरा रहा है। हाल के दिनों में ऐसे खतरों में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है। फ्रॉड स्कीमें अब केवल ओटीपी या फर्जी कॉल तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि हालिया रिपोर्ट्स बताती है कि लाखों लोग अब मैलिशियस ऑनलाइन स्कैम्स का शिकार हो रहे हैं। इस पहल पर अपने विचार व्यक्त करते हुए, भारती एयरटेल के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डाइरेक्टर गोपाल विट्टल ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में हमने कई ऐसे मामले देखे, जहां खतरे से अंजान ग्राहकों को चतुर अपराधियों ने उनकी मेहनत की कमाई को ठगा। हमारे इंजीनियरों ने इस समस्या का हल खोजने के लिए फ्रॉड डिटेक्शन सॉल्यूशन तैयार किया है। हमें विश्वास है कि यह समाधान हमारे ग्राहकों को इंटरनेट ब्राउज़ करते समय सुरक्षा का पूरा भरोसा देगा और स्कैम का डर खत्म करेगा।

फेबर किचन अप्लायंसेज ने जीरकपुर में खोला प्लैटिनम स्टूडियो

जीरकपुर । किचन समाधानों में अग्रणी ब्रांड फेबर किचन अप्लायंसेज ने जीरकपुर में अपने किचन अप्लायंसेज की नवीनतम रेंज को प्रदर्शित करने वाला प्रीमियम एक्सपीरियंस सेंटर प्लैटिनम स्टूडियो एससीओ 26-27, पहली मंजिल जीरकपुर में लॉन्च किया है। आउटलेट का उद्घाटन फेबर इंडिया के डीजीएम- अजय श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष एचएस लकी मुख्य अतिथि थे। इस मौके पर एमडी मंदीप सिंह कुकरेजा भी मौजूद थे। मीडिया से बातचीत करते हुए फेबर इंडिया के डीजीएम- अजय श्रीवास्तव ने कहा कि प्लैटिनम स्टूडियो ग्राहकों को एक इमर्सिव अनुभव प्रदान करता है, जिससे उन्हें फेबर के अभिनव उत्पादों और डिजाइनों को एक्सप्लोर करने का मौका मिलता है। स्टूडियो में फेबर के किचन अप्लायंसेज की विस्तृत रेंज को प्रदर्शित करने वाले इंटरैक्टिव डिस्प्ले हैं, जिनमें गैस स्टोव, चिमनी और माइक्रोवेव शामिल हैं। विशेषज्ञ डिज़ाइनर व्यक्तिगत परामर्श प्रदान करने के लिए उपलब्ध हैं, जिससे ग्राहकों को अपने सपनों की रसोई बनाने में मदद मिलती है। फैबर के उत्पादों के लाइव प्रदर्शन से ग्राहक उनकी विशेषताओं और लाभों का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकते हैं।

नारायण सेवा संस्थान रविवार को चंडीगढ़ में 300 से ज्यादा दिव्यांगों को लगायेगा निशुल्क कृत्रिम हाथ-पैर

चंडीगढ़ । दिव्यांगजनों और मानव सेवा के लिए पहचाने जाने वाले उदयपुर के नारायण सेवा संस्थान द्वारा चंडीगढ़ के दिव्यांगों के सेवार्थ रविवार 18 मई को निःशुल्क नारायण लिम्ब एवं कैलीपर्स फिटमेंट शिविर आयोजित होगा। यह शिविर चंडीगढ़ के कम्युनिटी सेंटर, सेक्टर 49 सी में 18मई को प्रातः 8 बजे से सायं 6 बजे तक चलेगा। जिसमें केवल पूर्व चयनित दिव्यांगों को नि:शुल्क लाभ मिलेगा।
संस्थान के मीडिया एवं जनसंपर्क निदेशक भगवान प्रसाद गौड़ ने जानकारी देते हुए कहा कि संस्थान विभिन्न राज्यों के दिव्यांग बन्धुओं को उनके घर शहर के नजदीक लाभान्वित करने के लिए विगत 40 वर्षों से प्रयासरत हैं। इसी शृंखला में नारायण सेवा ने 2 मार्च को निःशुल्क नारायण लिंब मेजरमेंट कैंप का आयोजन यहां किया था। जिसमें 500 से अधिक रोगी आए थे। इनमें से 302 जन ऐसे थे जो सड़क दुर्घटना या किसी हादसे से हाथ-पैर खोकर दिव्यांगता का शिकार हो गए थे। उनका चयन करते हुए संस्थान ने नारायण लिम्ब के लिए कास्टिंग व मेजरमेंट लिया था। उन्होंने कहा चंडीगढ़ में संस्थान एक साथ सैकड़ो दिव्यांगों को जर्मन टेक्नोलॉजी के नारायण लिम्ब पहनाकर उन्हें नई जिंदगी देगा। यह सभी दिव्यांगताभरी जिंदगी के चलते अपने परिवार पर बोझ बन गए थे। संस्थान उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा में ला रहा है। एक समृद्ध समाज के लिए हर नागरिक का सशक्त होना जरूरी है। दिव्यांगों के सशक्तिकरण से देश की गति प्रगति को रफ्तार मिलेगी।
वार्ता के दौरान निदेशक भगवान प्रसाद गौड़, शिविर प्रभारी रमेश शर्मा व आश्रम प्रभारी जितेंद्र सिंह भाटी ने इस शिविर का पोस्टर भी जारी किया। पत्रकार वार्ता में सवालों का जबाब देते हुए गौड़ ने कहा नारायण सेवा संस्थान भारत ही नहीं अपितु विदेश में साउथ अफ्रीकी देशों केन्या, युगांडा, मेरु,तंजानिया,नेपाल में भी शिविर कर चुका है। हर माह करीब 1500 लोगों को आर्टिफिशियल हाथ-पैर लगाए जा रहे है। संस्थान अब तक 40 हजार से ज्यादा दिव्यांगों की जिंदगी खुशमय बना चुका है।
शिविर के उद्घाटन और भव्यता के लिए कई लोगों और संस्थान सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। केम्प प्रभारी ने कहा शिविर में आने वाले दिव्यांगों के लिए संस्थान की ओर से निःशुल्क भोजन की व्यवस्था रहेगी। इन दिव्यांगों को नारायण लिम्ब फिटमेंट के बाद चलने की सुव्यस्थित ट्रेनिंग दी जाएगी। इस हेतू संस्थान की 40 सदस्य टीम सेवाओं में तत्पर रहेगी। शिविर में पूर्व लाभांवित दिव्यांग आयेंगे। जो नव लाभांवित दिव्यांगों को अपने अनुभव बताते हुए उनका हौसला बढ़ाएंगे।

पंजाब सरकार के ‘ड्रग्स के खिलाफ युद्ध’ का जमीनी हकीकत से कोई वास्ता नहीं : सांसद गुरजीत सिंह औजला

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चंडीगढ़ । अमृतसर के मजीठा निर्वाचन क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 27 लोगों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला ने चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए कहा कि “पंजाब सरकार के ‘युद्ध नश्यां विरूद्ध’ का जमीनी हकीकत से कोई वास्ता नहीं है और ये सिर्फ जुमलेबाजी है। अगर सरकार इसको लेकर गंभीर होती तो ये दर्दनाक हादसा होता ही नही। उन्होंने बताया कि 2020 में अमृतसर, बटाला और तरनतारन में जहरीली शराब के कारण 120 मौतें हुईं हैं। उसके बाद मार्च 2024 में संगरूर में जहरीली शराब से 20 लोगों की मौत हो गई। औजला ने अफसोस जताते हुए कहा कि कोई नहीं जानता कि आरोपियों के साथ क्या किया गया और यही कारण है कि लोगों में कानून का कोई डर नहीं है। अब यह घटना मेरे निर्वाचन क्षेत्र में फिर घटी है। औजला ने कहा कि हाल ही में हुई जहरीली शराब से हुई मौतें मौजूदा सरकार के ‘नशा मुक्त पंजाब’ अभियान के दावों की पोल खोलती हैं। औजला ने कहा कि मुख्यमंत्री को बीते दिनों अमृतसर ‘जहरीली शराब त्रासदी’ में हुई दुखद मौतों की पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए, उन्हें उन सभी सरकारी अधिकारियों से इस्तीफा लेना चाहिए जो इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार हैं। उनको किसी भी हालात में छोड़ा नहीं जाना चाहिए। औजला ने कहा कि मैं डीजीपी और सरकारी अधिकारियों को पत्र लिखकर इस बारे में चिंता जताता रहा हूं, खासतौर पर अमृतसर और सीमावर्ती इलाकों में नशीली दवाओं की बढ़ती समस्या को लगातार उजागर करता रहा हूं। मैंने लगातार नशीली दवाओं के कारोबार से जुड़े लोगों के गहरे गठजोड़ को उजागर किया है और बार-बार सरकार का ध्यान नशीली दवाओं और अब नकली शराब के मुद्दे की ओर आकर्षित किया है, लेकिन मेरे सभी पत्रों को सरकार द्वारा पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया। अगर, उन पर कुछ विचार कर लिया जाता तो इन 27 लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने अमृतसर में जुआ (दड़ा सट्टा) के मुद्दे को भी उठाया, और कहा कि ये भी एक बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि ये लगातार फलफूल रहा है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स, अवैध शराब, दड़ा सट्टा आदि कई ऐसी समस्याओं ने पवित्र शहर अमृतसर की छवि को काफी खराब किया है। उन्होंने कहा कि वह अमृतसर और पंजाब को बचाने से पीछे नहीं हटेंगे और इस मुद्दे पर बात करते रहेंगे। इस समय पुलिस अधिकारियों, नेताओं और पंजाब के प्रति वफादार हर वर्ग को अपनी जवाबदेही तय करनी होगी। क्योंकि नशा और नकली शराब धीरे-धीरे पंजाब की जड़ें नष्ट कर रही है। वे पंजाब को इस तरह से तबाह नहीं होने देंगे और इसके खिलाफ डटकर खड़े रहेंगे।

पारस हेल्थ पंचकूला द्वारा मेट्रो टाउन सोसाइटी में रक्तदान शिविर का आयोजन

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पंचकूला । पारस हेल्थ पंचकूला की ओर से मेट्रो टाउन सोसाइटी में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी एवं स्वयंसेवक रक्तदान के लिए आगे आए और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाया। शिविर का उद्देश्य रक्तदान के प्रति लोगों को प्रेरित करना और क्षेत्र में सुरक्षित रक्त की आवश्यकता को पूरा करना था। पारस हेल्थ की अनुभवी मेडिकल टीम ने रजिस्ट्रेशन से लेकर स्वास्थ्य जांच, रक्त संग्रहण और पोस्ट-डोनेशन केयर तक पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित किया। शिविर के दौरान साफ-सफाई और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे पहली बार रक्तदान करने वाले लोग भी पूरी तरह सहज महसूस कर सके। इस अवसर पर ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन और ब्लड सेंटर के कंसल्टेंट डॉ. पुनीत सचदेवा ने कहा कि रक्तदान एक छोटा-सा प्रयास है, लेकिन इसका प्रभाव बहुत बड़ा होता है। यह देखकर खुशी होती है कि समाज के लोग इस नेक कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। हर रक्त यूनिट किसी की जान बचा सकती है। डॉ. पंकज मित्तल, फैसिलिटी डायरेक्टर, पारस हेल्थ पंचकूला ने बताया कि सर्जरी, दुर्घटनाओं, कैंसर जैसी बीमारियों और गंभीर मरीजों के इलाज के लिए रक्त की निरंतर आवश्यकता बनी रहती है। ऐसे शिविर यह सुनिश्चित करते हैं कि जरूरत पड़ने पर रक्त की उपलब्धता में कोई कमी न आए। यह आयोजन देशभर में चल रही रक्तदान जागरूकता मुहिम का हिस्सा था। पारस हेल्थ का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग रक्तदान के प्रति जागरूक हों और स्वेच्छा से इस पुनीत कार्य में भाग लें। संस्थान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और भारत की रक्तदान प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बठिंडा के बाद अब संगरूर जिले में पैर पसार रहा कैंसर, डरावनी तस्वीर आई सामने

कनाडा / धुरी/ चंडीगढ़ । इंसान रोजी रोटी के लिए विश्व भर में कहीं भी चला जाए आखिर अपनी जन्मभूमि की मिट्टी की याद तो आती है , गत वर्ष हरमन के नजदीकी रिश्तेदार की चौथी स्टेज पर कैंसर पता लगने पर कुछ ही दिनों में मौत ने हरमन को झिझकोर दिया , अब उन्होंने ठान ली है कि उनके जिले में काम से कम कोई भी कैंसर की स्क्रीनिंग के बगैर नहीं रहेगा इसलिए उन्होंने अपने गांव के आसपास सभी गांव में 11 मई के दिन बसें भेज कर गांव वासियों को बुलाकर सभी कैंसरों की स्क्रीनिंग का इंतजाम निशुल्क किया है , हरमन का कहना है कि सरकारें अपना काम कर रही हैं लेकिन पंजाब विशेष कर संगरूर जिले में स्वास्थ्य सेवाएं नाकाफ़ी हैं , ऐसे में उनका प्रयास अपने जिले के बाद पूरे पंजाब में विस्तृत होगा।
वर्ल्ड कैंसर केयर कैंप में हरमन के अलावा सरदार कुलवंत सिंह धालीवाल, शमशेर शेरगिल व जीत हरिके का योगदान विशेष रहेगा और जिले का कोई भी व्यक्ति 9781539156 पर कॉल कर संपर्क कर सकता है ।

ओमैक्स न्यू चंडीगढ़ में हुआ ‘सिटार फॉर मेंटल हेल्थ’ कार्यक्रम

दस हजार से ज़्यादा लोग हुए शामिल, संगीत के ज़रिए मिला सुकून और शांति का एहसास

न्यू चंडीगढ़ । ओमैक्स न्यू चंडीगढ़, डाउनटाउन में एक खास माहौल देखने को मिला। जाने-माने सितार वादक ऋषभ रिखीराम शर्मा ने ‘सिटार फॉर मेंटल हेल्थ’ नाम से एक अनोखा कार्यक्रम पेश किया, जिसमें 10,000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन में लोगों को संगीत के साथ ध्यान, सुकून और अंदरूनी शांति का अनुभव हुआ।
यह सिर्फ एक म्यूज़िक शो नहीं था, बल्कि ऐसा कार्यक्रम था जहां लोग संगीत के ज़रिए भावनाओं से जुड़े, कुछ हंसे, कुछ भावुक हुए और खुद के साथ समय बिताया। ऋषभ ने अपने सितार वादन से ऐसा माहौल बनाया जिसमें हर कोई कुछ पल के लिए खुद को भूलकर बस संगीत में डूब गया। ऋषभ रिखीराम शर्मा मशहूर रिखी राम परिवार से हैं और उन्होंने पंडित रविशंकर और अपने पिता संजय शर्मा से संगीत की शिक्षा ली है।

वो ऐसे कलाकार हैं जो आज के दौर में शास्त्रीय संगीत और माइंडफुलनेस को जोड़कर लोगों को सुकून देने का काम कर रहे हैं। ओमैक्स लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर जतिन गोयल ने कहा कि सितार हमारे देश का पारंपरिक वाद्य यंत्र है जिसकी रागों से मन को शांति मिलती है। ओमैक्स हमेशा ऐसे कलाकारों का स्वागत करता है और इस कार्यक्रम में लोगों ने दिल से जुड़कर हिस्सा लिया। इससे पहले भी हमारे मंच पर पियूष मिश्रा, गुरदास मान, सतिंदर सरताज और नवराज हंस जैसे कलाकार आ चुके हैं। ओमैक्स ने बताया कि आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रम होते रहेंगे ताकि लोग अपनी संस्कृति से जुड़े रहें और मानसिक शांति को समझें। कार्यक्रम में आए लोगों ने इसे एक भावनात्मक और सुकून देने वाला अनुभव बताया। ‘सिटार फॉर मेंटल हेल्थ’ अब एक शो नहीं, बल्कि एक ऐसा प्रयास बन चुका है जो संगीत को मानसिक सेहत से जोड़ता है।

दिन में दो बार ब्रश करने को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा:रोमिका वढेरा

प्रयोग फाउंडेशन ने शास्त्री नगर कालोनी में किया दंत जांच शिविर का आयोजन

सौ से अधिक लोगों के दांतों की हुई मुफ्त जांच

चंडीगढ़। इंडियन डेंटल एसोसिएशन मोहाली की पूर्व अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध दंत रोग विशेषज्ञ डॉ.रोमिका वढेरा ने दांतों की संभाल के प्रति जागरूकता अभियान को बढ़ावा देते हुए कहा है कि दिन में दो बार ब्रश करने को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए। दांत हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। रोमिका वढेरा प्रयोग फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे आपरेशन दंत रक्षक के तहत चंडीगढ़ के वार्ड नंबर चार स्थित शास्त्री नगर कालोनी में आयोजित एक दिवसीय दंत रोग जांच शिविर के दौरान कालोनी वासियों को संबोधित कर रही थी। उन्होंने शिविर के दौरान उपस्थित लोगों को ब्रश करने का सही तरीका भी बताया।

शिविर का उदघाटन करते हुए वार्ड की पार्षद सुमन शर्मा ने कहा कि आंखों या रक्तदान से संबंधित शिविर तो अक्सर लगते हैं लेकिन उनके वार्ड में पहली बार दांतों की जांच के लिए शिविर लगाना बेहद प्रशंसनीय कार्य है। शिविर को संबोधित करते हुए अब तक करीब 300 शिविरों का आयोजन कर चुकी दंत रोग विशेषज्ञ डॉ.कविता शर्मा ने कहा कि एक ब्रश की उम्र तीन से चार महीने होती है। इसके बाद ब्रश को बदल देना चाहिए। कैंप में कई लोग ऐसे मिले हैं जो या तो ब्रश करते नहीं या फिर गलत तरीके से करते हैं। जिससे दांतों में टेढापन आदि जैसी समस्याएं आती हैं।

शिविर में डॉ.प्रतिभा चौहान व डॉ.रजनी कपूर के सहयोग से 100 से अधिक लोगों की जांच की गई। प्रयोग फाउंडेशन चंडीगढ़ यूनिट के अध्यक्ष नितेश महाजन ने बताया कि इससे पहले चंडीगढ़ में कई स्थानों पर दांतों की जांच कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। कैंप में आने वाले सभी लोगों में पेस्ट तथा ब्रश मुफ्त दिया जाता है। शास्त्री नगर कालोनी मंदिर कमेटी के प्रधान अवतार सिंह रंगी ने कहा कि इस क्षेत्र में दांतों के कैंप की बेहद जरूरत महसूस की जा रही थी। यहां लोगों को दांतों से संबंधित कई तरह की समस्याएं थी। इस अवसर पर प्रयोग फाउंडेशन के अध्यक्ष संजीव शर्मा, उपाध्यक्ष नवनीत शर्मा, समाज सेवी डेजी महाजन, किरण बाला वर्मा समेत कई गणमान्य मौजूद थे।

गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन में करियर तैयारी और जीवन कौशल पर वैल्यू एडेड कोर्स सम्पन्न

चंडीगढ़ । गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन सेक्टर 20-डी में 28 अप्रैल से 3 मई तक ‘करियर तैयारी और जीवन कौशल के लिए कौशल निर्माण’ पर एक 30 घंटे का वैल्यू एडेड कोर्स सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कोर्स की संकल्पना और रूपरेखा डॉ. रवनीत चावला, एसोसिएट प्रोफेसर और प्लेसमेंट इंचार्ज द्वारा तैयार की गई । इसे प्राचार्या डॉ. सपना नंदा के संरक्षण में आयोजित किया गया। यह कोर्स शिक्षकों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया था । कुल 80 छात्रों ने यह कोर्स उत्तीर्ण किया। कोर्स के पहले दिन कविता चटर्जी दास ने कक्षा प्रबंधन पर व्यावहारिक रणनीतियाँ साझा कीं। इसके बाद कर्नल अपारजीत नक्कई (सेवानिवृत्त) ने आत्म-मूल्य और व्यक्तिगत विकास पर जोर दिया। ‘टैलेंटग्रो ग्लोबल’ से इंदु अग्रवाल ने एनईपी 2020 और निपुण भारत के संरेखण पर प्रकाश डाला, और संजय अग्रवाल ने प्रतिभागियों को लचीलापन, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और सेवा भाव अपनाने के लिए प्रेरित किया। कोर्स के दुसरे दिन प्रो. आदर्श कोहली ने किशोरावस्था की चुनौतियों और शिक्षकों की उपस्थिति की महत्ता को रेखांकित किया। कर्नल आईपीएस धालीवाल (सेवानिवृत्त) ने सशस्त्र बलों और विमानन में करियर की संभावनाओं पर जानकारी दी। डॉ. प्रभजोत मल्ही ने बाल मनोविज्ञान और प्रारंभिक हस्तक्षेप की चर्चा की, तथा बाल विकास के लिए “पाँच आर ” की अवधारणा केस स्टडीज़ के माध्यम से समझाई। कोर्स के तीसरे दिन ‘बीबेटर एचआर सॉल्यूशंस’ की अनुराधा ने सहयोग, टीमवर्क और संवाद पर बल दिया। छात्रों ने साझा किए गए उदाहरणों में संभावित जटिल परिस्थितियों पर अपने संदेह स्पष्ट किए। सुप्रिया बनर्जी वशिष्ठा ने आनंदमय अधिगम में कहानी कहने की भूमिका दर्शाई। डॉ. रवनीत चावला ने अपने स्टार्टअप “सोक एंड टॉस” की प्रेरणादायक यात्रा साझा की। प्रसिद्ध झुमरू रेस्तरां के शेफ वंश चावला ने मिलेट-आधारित पोषण और खाद्य स्थिरता को बढ़ावा दिया और दैनिक जीवन में पोषण संबंधी व्यावहारिक सुझाव दिए। कोर्स के चौथे दिन प्रारंभिक वर्षों में बच्चों के लिए सामुदायिक-आधारित मूल्यांकन कार्यक्रम और उसमें शिक्षकों की भूमिका की अवधारणा साझा की गई। इस दिन ‘कच्ची सड़क कार्यक्रम’ के प्रमाण पत्र वितरण का आयोजन भी अर्पण फाउंडेशन के सहयोग से किया गया।