Wednesday, July 1, 2026
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वेलवेट क्लार्क्स एक्सोटिका जीरकपुर में ‘देसी स्ट्रीट फ़ूड फेस्टिवल’ का लज़ीज स्वाद

24 से 31 मई तक रहेगा जारी

जीरकपुर । वेलवेट क्लार्क्स एक्सोटिका होटल ने शुक्रवार को अपने बहुप्रतीक्षित “देसी स्ट्रीट फ़ूड फेस्टिवल” के शुभारंभ की घोषणा की है। यह फ़ूड फेस्टिवल भारत की समृद्ध और विविध स्ट्रीट फ़ूड संस्कृति का एक जीवंत उत्सव है। यह फेस्टिवल 24 से 31 मई तक चलेगा, जिसमें मेहमानों को प्रामाणिक स्वाद और लजीज स्वाद से भरपूर एक लाजवाब अनुभव का वादा किया गया है। वेलवेट क्लार्क्स एक्सोटिका होटल के महाप्रबंधक मनिंदरजीत सिंह सिब्बल ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि भारत की चहल-पहल भरी फ़ूड स्ट्रीट की भावना को एक परिष्कृत और आकर्षक सेटिंग में अपने मेहमानों तक पहुँचाने में खुशी हो रही है। यह 8-दिवसीय उत्सव एक दावत से कहीं बढ़कर है जो भारत की पाक विरासत की एक स्वादिष्ट यात्रा है। उन्होंने बताया कि फेस्टिवल के दौरान मेहमान विशेष रूप से तैयार किए गए एक ला कार्टे मेनू का आनंद लेंगे जिसमें भारतभर के सिग्नेचर स्ट्रीट फ़ूड शामिल होंगे, जो अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए भी बेहतरीन तरीके से तैयार किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि उनका यह फ़ूड फेस्टिवल मुंबई और दिल्ली की मसालेदार गलियों से लेकर लखनऊ, अमृतसर और केरल की समृद्ध रसोई तक, हर व्यंजन एक क्षेत्रीय कहानी बयां करता है। उन्होंने आगे बताया कि एक अद्वितीय इंटरैक्टिव के साथ उनके शेफ लाइव कुकिंग काउंटर भी पेश करेंगे, जिसमें लोगों की पसंदीदा क्रिस्पी आलू टिक्की चाट, मिर्ची का हलवा, साथ ही रेसिपी और विदेशी व्यंजन शामिल है। उन्होंने कहा कि वेलवेट क्लार्क्स एक्सोटिका ज़ीरकपुर में शुरू हो रहे इस फ़ूड फेस्टिवल के साथ जुड़ें और एक शानदार डाइनिंग अनुभव के लिए भारत के स्ट्रीट फ़ूड के जादू का मज़ा लें। वहीं स्ट्रीट पसंदीदा में अमृतसरी छोले कुलचे,मुंबई पाव भाजी,दिल्ली दही पूरी चाट, पानी पूरी और पहाड़ी तड़का मैगी का स्वाद आपको लंबे समय तक याद रहेगा ।

ट्राइडेंट लिमिटेड द्वारा वित्त वर्ष 25 और चौथी तिमाही के शानदार वित्तीय परिणामों की घोषणा

चंडीगढ़ / पंजाब । ट्राइडेंट लिमिटेड ने 31 मार्च 2025 को समाप्त चौथी तिमाही और वित्तीय वर्ष 2025 के लिए शानदार वित्तीय परिणामों की घोषणा की है। कंपनी ने चौथी तिमाही में बीते साल की समान अवधि के मुकाबले 12 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 1883 करोड़ रुपए की आय दर्ज की है। ट्राइडेंट ने सालाना आधार पर भी आय में 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड एबिटिडा 264 करोड़ रुपये रहा और इसमें तिमाही दर तिमाही 15 प्रतिशत और सालाना आधार पर 18 परसेंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई। चौथी तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ 133 करोड़ रुपये रहा और तिमाही दर तिमाही 67 फ़ीसदी और सालाना आधार पर 2 गुना वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी का कंसोलिडेटेड राजस्व 7047 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। कंसोलिडेटेड एबिटिडा वित्त वर्ष 24 में 998 करोड़ रुपये की तुलना में वित्त वर्ष 25 में 971 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 25 के लिए कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ (पीएटी) 6 प्रतिशत सालाना आधार पर बढ़कर 371 करोड़ रुपये हो गया। इसके साथ ही 31 मार्च, 2025 को कंपनी का नेट डेट 895 करोड़ रुपये ही रह गया, जबकि 31 मार्च, 2024 को यह 1530 करोड़ रुपये था, यानी इसमें शुद्ध 635 करोड़ की कमी दर्ज की गई है। वित्तीय परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक नंदा, मैनेजिंग डायरेक्टर, ट्राइडेंट लिमिटेड ने कहा कि जैसा कि हम ट्राइडेंट लिमिटेड के चौथी तिमाही और वित्त वर्ष 25 के परिणामों को देखते हैं तो ये स्पष्ट है कि चुनौतीपूर्ण व्यापक आर्थिक स्थितियों के बीच, हमारी कंपनी ने साल-दर-साल ग्रोथ दर्ज की है। हमने कंपनी के डेट पोर्टफोलियो में कुल 635 करोड़ की कमी कर बड़ी सफलता हासिल की है और अपने डेट इक्विटी अनुपात को 0.35 से 0.19 तक सुधार कर अपनी बैलेंस शीट को काफी मजबूत किया है।

इंटरनेशनल डे ऑफ बायोडायवर्सिटी पर इंटर स्कूल पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन

पुस्तक दान अभियान ‘किताबों का लंगर’ का 8वां संस्करण आयोजित, बायोडायवर्सिटी पर स्पेशल टॉक का भी आयोजन

चंडीगढ़। इंटरनेशनल डे फॉर बायोलॉजिकल डायवर्सिटी के अवसर पर सेक्टर-18 स्थित द न्यू पब्लिक स्कूल (एनपीएस), युवसत्ता-एनजीओ और यूटी प्रशासन के पर्यावरण विभाग की ओर से स्कूल कैंपस में वीरवार को इंटर स्कूल पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य इस वर्ष के ग्लोबल थीम: “प्रकृति के साथ सामंजस्य और सतत विकास” के तहत बायोडायवर्सिटी संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। इस पहल के बारे में जानकारी साझा करते हुए, द न्यू पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल मनीष हबलानी ने कहा कि प्रसिद्ध पर्यावरणविद् कुलभूषण कंवर द्वारा एक स्पेशल टॉक भी आयोजित की गई, जिसमें बायोडायवर्सिटी को बढ़ावा देने में “3 बी” – मधुमक्खियों, पक्षियों और तितलियों – के पारिस्थितिक महत्व पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर पुस्तक दान अभियान ‘किताबों का लंगर’ का 8वां संस्करण आयोजित किया गया। चंडीगढ़ के विभिन्न प्रमुख स्कूलों से एकत्रित की गई लगभग 1,500 पुस्तकों को स्लम एरिया और ग्रामीण स्कूलों के बच्चों को लाभ पहुंचाने के लिए दान किया गया। चंडीगढ़ के मुख्य वन संरक्षक और पर्यावरण विभाग के निदेशक सौरभ कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बायोडायवर्सिटी संकट – पौधों, जानवरों और आवासों की त्वरित हानि जो मुख्य रूप से मानवीय गतिविधियों के कारण हो रही है – को दूर करने में हम सभी की भूमिका है। हम क्या खाते हैं और कैसे खाते हैं इसका पर्यावरण पर सीधा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत कार्यों की बात नहीं है; समय के साथ हमारा सामूहिक व्यवहार ग्रह की अविश्वसनीय जैविक विविधता को नष्ट कर रहा है। जूनियर और सीनियर दोनों श्रेणियों में पाँच उत्कृष्ट पोस्टर बनाने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। जूनियर वर्ग (कक्षा 7 तक) के विजेताओं में जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, मोहाली के पेरेनियल, एकेसिप्स-45 की अराधना, , गुरुकुल ग्लोबल स्कूल की अमीषी गोयल, द न्यू पब्लिक स्कूल के कृष ठाकुर और गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मनीमाजरा की ख़ुशी शामिल हैं । सीनियर वर्ग के विजेताओं में आरआईएमटी वर्ल्ड स्कूल की रिधिमा दुरेजा, गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, एमएचसी, सेक्टर 13 की जैनब खान, द न्यू पब्लिक स्कूल की मन्नत, एकेसिप्स-45 की गुरनूर सोहल और सेक्रेड हार्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चंडीगढ़ की समायरा गोयनका शामिल हैं। युवसत्ता के समन्वयक प्रमोद शर्मा ने अपने समापन भाषण में बायोडायवर्सिटी से संबंधित गतिविधियों में बच्चों को शामिल करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जब बच्चों को छोटी उम्र से ही ऐसी पहलों में शामिल किया जाता है, तो उनमें प्रकृति, पौधों और जानवरों के प्रति सच्चा प्यार विकसित होने लगता है – जो आजीवन पर्यावरण संरक्षण की नींव रखता है।

यूटी के प्रशासक ने राजभवन में लॉन्च किया एसडी कॉलेज के नए शिक्षा सत्र का प्रॉस्पेक्टस

चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब राजभवन में सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज (जीजीडीएसडी कॉलेज) के प्रॉस्पेक्टस, स्टूडेंट हैंडबुक और हॉस्टल प्रॉस्पेक्टस को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। इस अवसर पर जीजीडीएसडी कॉलेज सोसायटी के प्रतिष्ठित पदाधिकारी और कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा भी मौजूद थे। सोसायटी के महासचिव डॉ. अनिरुद्ध जोशी और डॉ. पीके बजाज के साथ-साथ वित्त सचिव जतिंदर भाटिया भी मौजूद थे। कॉलेज में नए सत्र में सभी अंडरग्रेजुएट कोर्सों में दाखिले के लिए ऑनलाइन एडमिशन फॉर्म 2 जून 2025 से उपलब्ध होंगे। सेंट्रलाइज्ड कोर्सों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 जून 2025 है। आवेदकों को विस्तृत निर्देशों और अपडेट के लिए कॉलेज की वेबसाइट देखने की सलाह दी गई है। यूटी के प्रशासक के हाथों लॉन्च किया गया प्रॉस्पेक्टस कॉलेज के शैक्षणिक कार्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रियाओं और संस्थागत उपलब्धियों का व्यापक अवलोकन प्रदान करता है।

स्टूडेंट हैंडबुक में आवश्यक आचार संहिता, शैक्षणिक नियम और छात्र सहायता सेवाओं की रूपरेखा दी गई है। हॉस्टल प्रॉस्पेक्टस आवासीय जीवन के लिए विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान करता है, जिसमें सामुदायिक मूल्यों, सुरक्षा और समावेशिता पर जोर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण लॉन्च के साथ, जीजीडीएसडी कॉलेज अपने छात्रों के लिए एक पोषण, बौद्धिक रूप से समृद्ध और नैतिक रूप से मजबूत वातावरण बनाने के अपने मिशन की पुष्टि करता है – जो उत्कृष्टता, इक्विटी और जुड़ाव के स्तंभों पर मजबूती से खड़ा है। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने अपनी कृतज्ञता व्यक्त की और छात्र जीवन की यात्रा में अभिन्न उपकरण के रूप में इन डॉक्यूमेंट्स के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीजीडीएसडी कॉलेज इस क्षेत्र के छात्रों की पहली पसंद है और कॉलेज छात्रों के इस विश्वास को हमेशा बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रॉस्पेक्टस, स्टूडेंट हैंडबुक और हॉस्टल प्रॉस्पेक्टस महज एक औपचारिकता नहीं है। यह हमारे शैक्षणिक दर्शन, हमारी आचार संहिता और समग्र विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ये डॉक्यूमेंट्स हमारे छात्रों के लिए स्थायी मार्गदर्शक के रूप में काम करेंगे, जिससे उन्हें न केवल संस्थान बल्कि अपनी स्वयं की आकांक्षाओं को पूरा करने में भी मदद मिलेगी। वहीं, जीजीडीएसडी कॉलेज सोसायटी के पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से प्रास्पेक्टस व हैंडबुक के प्रकाशन के पीछे सहयोगात्मक प्रयास की प्रशंसा की और शैक्षणिक उत्कृष्टता, छात्र कल्याण और नैतिक शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। डॉ. जोशी ने इस बात पर जोर दिया कि ये प्रकाशन सिद्धांतबद्ध और बौद्धिक रूप से जिज्ञासु युवाओं को पोषित करने के सोसायटी के मिशन को प्रतिध्वनित करते हैं, जबकि डॉ. बजाज और भाटिया ने उत्तरदायी प्रशासन और पारदर्शिता में कॉलेज की निरंतर प्रगति की बात की।

डिस्टिंग्विश्ड जेंटलमैन राइड ने सीपी67 मॉल में दिया पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य और प्रोस्टेट कैंसर जागरूकता का संदेश

मोहाली । पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य और प्रोस्टेट कैंसर को लेकर जागरूकता फैलाने के मकसद से  मोहाली में डिस्टिंग्विश्ड जेंटलमैन राइड का आयोजन हुआ। राइड की शुरुआत इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 स्थित ट्रायम्फ डीलरशिप से हुई, जो मोहाली के सीपी 67 मॉल पर आकर खत्म हुई। राइड में सैकड़ों बाइकर्स ने हिस्सा लिया। सभी क्लासिक और विंटेज मोटरसाइकिलों पर सजे-धजे पहुंचे थे। सीपी 67 मॉल पहुंचने पर राइडर्स का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यहां मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत हुई और लोगों को बताया गया कि इन विषयों पर बात करना ज़रूरी है। सीपी 67 मॉल की ओर से सभी राइडर्स को पेय और सम्मान दिया गया। इसके बाद सेक्टर 82 स्थित बॉस राइड्स में हाई टी और अवॉर्ड सेरेमनी भी रखी गई, जहां राइड में भाग लेने वालों को सम्मानित किया गया।

होमलैंड ग्रुप के सीईओ, उमंग जिंदल ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व की बात है कि हम इस तरह की राइड की मेज़बानी कर पाए। ये आयोजन सिर्फ बाइक चलाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में बदलाव लाने का माध्यम भी बनते हैं। एक राइडर ने कहा कि सैकड़ों लोगों के साथ ऐसा नेक मकसद लेकर चलना बहुत अच्छा अनुभव रहा। यह संदेश देने की कोशिश है कि कोई अकेला नहीं है। बता दें कि यह राइड दुनियाभर के 120 से ज्यादा देशों में होती है। 2012 से शुरू हुई इस मुहिम से अब तक 5 लाख से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं और 5 करोड़ डॉलर से ज्यादा की मदद जुटाई जा चुकी है। सीपी 67 मॉल ने इस आयोजन के ज़रिए सामाजिक मुद्दों पर बातचीत को बढ़ावा देने की कोशिश की है।

महिलाओं से नेतृत्व की अपील: चंडीगढ़ पैनल में न्यायविदों ने समान अवसर आधारित सुधारों पर दिया ज़ोर

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चंडीगढ़ । कानूनी पेशे में महिलाओं की निर्णायक भागीदारी और नेतृत्व को लेकर एक सशक्त संदेश सामने आया, जब प्रमुख न्यायाधीशों, शिक्षाविदों और अधिवक्ताओं ने सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली विधिक व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया। “अपरंपरागत वकालत और महिलाओं के लिए आगे का रास्ता” विषय पर यह विचारगोष्ठी इंडियन वीमेन इन कमर्शियल डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन द्वारा आयोजित की गई। चंडीगढ़ के लॉ भवन में आयोजित इस पैनल चर्चा में न्यायमूर्ति मीनाक्षी आई. मेहता, न्यायमूर्ति विनोद एस. भारद्वाज, न्यायमूर्ति पंकज जैन (पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय), डॉ. श्रुति बेदी और अधिवक्ता रमीज़ा हकीम ने भाग लिया। न्यायमूर्ति मीनाक्षी मेहता ने सिरसा में पहली महिला न्यायिक अधिकारी के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले लोग यह देखने आते थे कि महिला जज कैसी होती है। लेकिन आज वही दृश्य आत्मविश्वास में बदल गया है। यह बदलाव नेतृत्व की ओर संकेत करता है।उन्होंने युवाओं को पारंपरिक सीमाओं से आगे जाकर नई विधिक भूमिकाओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया। न्यायमूर्ति विनोद एस. भारद्वाज ने कहा कि हमें एक ऐसी प्रणाली चाहिए जो महिलाओं को अपवाद नहीं, अवसर के रूप में देखे।

यह बदलाव सिर्फ महिलाओं की ज़िम्मेदारी नहीं बल्कि पुरुषों को भी इसमें समान भागीदारी निभानी होगी। न्यायमूर्ति पंकज जैन ने कहा कि हमें ‘महिला वकील’ या ‘महिला जज’ जैसे लेबल हटाकर सिर्फ ‘अच्छा वकील’ कहना सीखना होगा। योग्यता का कोई विशेषण नहीं होता। डॉ. श्रुति बेदी ने कहा कि जब तक विधि शिक्षा संस्थानों में लैंगिक तटस्थ मंच नहीं बनते, तब तक कोर्टरूम में बराबरी की बात अधूरी रहेगी। अधिवक्ता रमीज़ा हकीम ने कहा कि कई बार लगा कि मैं पीछे हट जाऊं, लेकिन मैंने संघर्ष को चुना। यही संघर्ष आज मेरी ताकत है। उनके अनुभवों पर उपस्थित जनों ने तालियों से स्वागत किया। सत्र के अंत में एक खुला प्रश्नोत्तर दौर भी आयोजित हुआ, जिसमें युवा वकीलों और विधि के विद्यार्थियों ने विचारोत्तेजक प्रश्न किए। सह-संस्थापक डॉ. दीपा सिंह और सुश्री सोनिया मदान ने कहा कि हम सिर्फ मंच नहीं बना रहे, हम नेतृत्व की ओर बढ़ती हुई पीढ़ी को समर्थन और दिशा दे रहे हैं ।

गांव अटावा में फ्री नेत्र जांच शिविर का आयोजन

लगभग 300 लोगों ने करवाई नेत्र जांच

चंडीगढ़ । सोसायटी फॉर केयर ऑफ द ब्लाइंड सेक्टर -26, चंडीगढ़ के तत्वावधान में गांव अटावा की सरकारी डिस्पेंसरी में फ्री नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन जसबीर सिंह बंटी, वरिष्ठ उप महापौर और वार्ड पार्षद के मार्गदर्शन और नेत्र रोग विभाग, सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल सेक्टर- 32 चंडीगढ़ के सहयोग और समन्वय से किया गया। इस अवसर पर चंडीगढ़ कांग्रेस के प्रेसिडेंट हरमोहिंदर सिंह लक्की विशेष रूप से उपस्थित थे। वहीं नगर निगम डिप्टी मेयर तरुणा मेहता, पार्षद प्रेमलता और दिलावर सिंह इत्यादि भी मौजूद रहे। इस दौरान डेंटल चेकअप, फिजियोथेरेपी, बीपी, शुगर, टीवी टेस्ट और एक्स रे सहित जनरल मेडिसिन इत्यादि टेस्ट व जांच भी किए गए।

सोसायटी फॉर केयर ऑफ द ब्लाइंड के वाइस प्रेसिडेंट दिनेश कपिला ने बताया कि गांव अटावा में फ्री नेत्र जांच शिविर का आयोजन इसलिए किया गया कि गांव के लोगों को डोर स्टेप पर मुफ्त नेत्र जांच सहित अन्य चिकित्सा सुविधाओं का भी लाभ मिल सके। इस निशुल्क जांच शिविर का लाभ लेने वाले की संख्या 275 से अधिक हो गई। नेत्र जांच शिविर में कई लोगों को फ्री चश्मे भी प्रदान किए गए। जिन निवासियों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन की आवश्यकता है, उन्हें नेत्र रोग विभाग, राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल सेक्टर 32 के साथ समन्वय करके इस सुविधा की सुविधा प्रदान की जाएगी। जीएमसीएच सेक्टर 32 का नेत्र रोग विभाग, सेक्टर 26, चंडीगढ़ स्थित सोसायटी फॉर केयर ऑफ द ब्लाइंड के अधिदेश को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भागीदार है। वरिष्ठ उप महापौर जसबीर सिंह बंटी ने अटावा में शिविर के आयोजन पर अपनी गहरी संतुष्टि व्यक्त की। पार्षद ने कहा कि एक स्वास्थ्य शिविर, एक फिजियोथेरेपी परामर्श शिविर, एक टीबी जांच शिविर और एक दंत जांच शिविर का भी आयोजन किया गया था। सुपर्णा सचदेव, मानद सचिव ने प्रेम गिरधर, सदस्य स्थायी समिति और अनीता जयरा, संयुक्त सचिव के साथ शिविर के आयोजन का समन्वय किया। जीवन राय चोधा, सदस्य स्थायी समिति ने भी शिविर में भाग लिया।

पंचकूला की श्रेया गर्ग ने रचा इतिहास, सीबीएसई 12वीं में ट्राई सिटी में मारी बाजी

महाराजा अग्रसेन सेवा संगठन करेगा सम्मानित

चंडीगढ़। चंडीगढ़ सेक्टर 7 स्थित केबी डीएवी स्कूल की छात्रा श्रेया गर्ग ने सीबीएसई बोर्ड 12वीं की परीक्षा में ट्राई सिटी में टॉप किया है। श्रेया ने कॉमर्स स्ट्रीम में 99.4 प्रतिशत नंबर हासिल किए हैं। उनकी इस उपलब्धि पर ट्राई सिटी वासियों और अग्रवाल समाज में खुशी की लहर है। श्रेया की सफलता पर महाराजा अग्रसेन सेवा संगठन ने उन्हें सम्मानित करने का फैसला किया है। संगठन के चेयरमैन सतबीर गर्ग ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि आज अग्रवाल समाज की बेटियां आगे आ रही हैं और ये ही बेटियां भविष्य में समाज एवं देश का नाम रोशन करेंगी। श्रेया पंचकूला के सेक्टर 9 में रहती हैं और उनके पिता देवराज गर्ग और माता रेनू हैं, एवं सतबीर गर्ग की पोती है। परिजनों ने श्रेया गर्ग को मिठाई खिलाकर , अपनी खुशी जग जाहिर की । श्रेया ने सीबीएसई बोर्ड 10वीं कक्षा में भी 99.2 प्रतिशत नंबर हासिल कर टॉप किया था। उनकी इस उपलब्धि से उनके परिवार और समाज को गर्व है। श्रेया की सफलता से यह साबित होता है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि से अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित होंगे। श्रेया की सफलता पर ट्राई सिटी के लोगों ने उन्हें बधाई दी। लोगों का कहना है कि श्रेया की सफलता से शहर का नाम रोशन हुआ है और वह एक प्रेरणा का स्रोत हैं। श्रेया की सफलता पर अग्रवाल समाज में खुशी की लहर है। लोगों का कहना है कि श्रेया की सफलता से अग्रवाल समाज का नाम रोशन हुआ है और वह एक आदर्श हैं।

रोबोटिक सर्जरी गायनोकॉलोजी का भविष्य: डॉ. प्रीति जिंदल

चंडीगढ़ । ‘गायनोकॉलोजी में रोबोटिक सर्जरी की भूमिका’ पर जागरूकता पैदा करने के लिए पार्क अस्पताल मोहाली से रोबोटिक गायनोकॉलोजी सर्जरी डायरेक्टर डॉ. प्रीति जिंदल और जनरल सर्जरी सीनियर कंसल्टेंट व मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विमल विभाकर ने गुरुवार को यहां मीडिया को संबोधित किया।
डॉ. प्रीति जिंदल ने कहा कि पार्क अस्पताल मोहाली में अब सबसे एडवांस दा विंची सर्जिकल रोबोट और नवीनतम 4th जनरेशन का रोबोटिक प्लेटफॉर्म है।
डॉ. प्रीति जिंदल ने बताया कि यह मिनिमल इनवेसिव सर्जरी के लिए अगला फ्रंटियर और सर्जिकल प्रोसीजर के विजुअलाइजेशन, सटीकता, नियंत्रण और निपुणता को बढ़ाता है, जिससे सर्जनों को जटिल सर्जरी को ऐसे तरीके से करने में मदद मिलती है, जैसा पहले कभी अनुभव नहीं किया गया। डॉ. प्रीति जिंदल ने आगे कहा कि “सर्जिकल रोबोट सर्जनों की विशेषज्ञता और अनुभव को अधिकतम रूप से पूरक बनाते हैं। रोबोट की सहायता से चलने वाले हाथ अधिक स्थिर, सटीक पाए जाते हैं, और मानव हाथ की तुलना में शरीर के सबसे अंदरूनी हिस्सों तक अधिक आसानी से पहुँच सकते हैं। इसलिए, यह सर्जरी सर्जनों को अधिक सटीकता, बढ़ी हुई गति सीमा और बेहतर निपुणता सुनिश्चित करती है। इसके अलावा, कैमरे द्वारा प्रदान की गई 3डी विजन सर्जन को अधिक विस्तृत दृश्य प्रदान करती है। यह आसान पहुँच और बेहतर सर्जिकल परिणाम प्रदान करता है । डॉ. विमल विभाकर ने कहा कि रोगी के नजरिए से, रोबोटिक सर्जरी के फायदों में बेहतर नतीजों के साथ सटीक सर्जिकल प्रोसीजर और कम ब्लड लॉस शामिल है। इसके अलावा, सर्जरी के बाद संक्रमण का जोखिम भी कम होता है, जिससे अस्पताल में रहने की अवधि कम होती है। ऑपरेशन के बाद दर्द कम होता है। कम चीरों की वजह से निशान कम होते हैं। अगर आप जल्दी ठीक होना चाहते हैं, तो रोबोटिक सर्जरी सबसे अच्छा विकल्प है।

डॉ. प्रीति जिंदल ने बताया कि अप्रैल 2005 में, दा विंची रोबोट को मिशिगन विश्वविद्यालय में मायोमेक्टोमी और हिस्टेरेक्टॉमी के साथ अपने शुरुआती अनुभव से सुरक्षा और प्रभावकारिता के प्रारंभिक साक्ष्य के आधार पर गायनोकॉलोजी संबंधी प्रक्रियाओं के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की मंज़ूरी मिल गई थी। रोबोटिक्स सिंगल क्वाड्रेंट सर्जरी और स्थिर संरचनाओं के लिए सबसे अच्छा है और इसलिए यह गायनोकॉलोजी संबंधी सर्जरी में विशेष रूप से उपयोगी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसमें 3डी परसेप्शन , कलाई वाले उपकरण, सहज चाल और निपुणता के अतिरिक्त लाभ हैं। नॉर्थ पार्क हॉस्पिटल्स के ग्रुप सीईओ आशीष चड्ढा ने बताया कि भारत में अब हर साल लगभग 60,000 से अधिक रोबोटिक सर्जरी की जाती हैं, लेकिन भारत में 1,000 से भी कम प्रशिक्षित रोबोटिक सर्जन हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पार्क अस्पताल युवा गायनेकोलॉजिस्ट के लिए रोबोटिक सर्जरी का प्रशिक्षण शुरू करने जा रहा है। रोबोटिक सर्जरी गायनोकॉलोजी का भविष्य बनने जा रही है। इससे अस्पताल में कम समय तक रहना पड़ता है। पारंपरिक गायनोकॉलोजी सर्जरी से ठीक होने में दो महीने या उससे अधिक समय लगता है, जबकि रोबोटिक सर्जरी में ठीक होने का समय पारंपरिक ओपन सर्जरी से ठीक होने के समय का आधा ही हो सकता है । 24 घंटे के भीतर एक मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है और 2 दिनों के भीतर वह घर के काम पर वापस लौट सकती है और 1 सप्ताह के भीतर सामान्य दिनचर्या में वापस आ सकती है।

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड ने लॉन्च किया कॉन्सेप्ट कुंडली – नीट सफलता के लिए एआई-संचालित रोडमैप

चंडीगढ़ । भारत में टेस्ट प्रिपरेशन सेवाओं की अग्रणी संस्था, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड ने कॉन्सेप्ट कुंडली लॉन्च की है — यह आकाश एआई-लैब द्वारा विकसित एक नया एआई-आधारित टूल है, जो एनईईटी – नीट की तैयारी कर रहे छात्रों को अधिक स्मार्ट और तेज़ बनने में मदद करता है। कॉन्सेप्ट कुंडली को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह तैयारी से जुड़ी अनिश्चितता को समाप्त कर देता है । यह एक छात्र के प्रदर्शन का विस्तृत रूप से विश्लेषण करता है और उन आंकड़ों के आधार पर एक प्रभावी अध्ययन योजना तैयार करता है। यह अध्यायवार, प्रश्न प्रकारों के अनुसार विद्यार्थी के प्रदर्शन का विश्लेषण करता है और स्पष्ट रूप से छात्र की स्ट्रेंथस व कमजोरियों को उजागर करता है, जिससे केंद्रित प्रयास संभव हो सके। जिन अध्यायों के आने की संभावना ज़्यादा होती है

और जिनमे अधिक अंक अर्जित किये जा सकते हैं उनको प्राथमिकता देता है । यह प्रमुख विषयों पर ज़ोर देता है , जिससे कि छात्र स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर सकें और अपनी प्रगति को गति दे सकें। आकाश एजुकेशनल सर्विसेज़ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक मेहरोत्रा ने कहा कि नीट की तैयारी अब केवल पाठ्यक्रम को पूरा करने तक सीमित नहीं रह गई है। यह समय का बुद्धिमानी से उपयोग करने की बात है। ‘कॉन्सेप्ट कुंडली’ छात्रों को यह स्पष्ट रूप से दिखाती है कि वे कहाँ खड़े हैं, किस क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है और बिना ऊर्जा बर्बाद किए उन्हें किस दिशा में आगे बढ़ना है। यह एक ऐसा टूल है जो छात्रों को उस समय पर फोकस, संरचना और स्पष्टता प्रदान करता है जब इसकी सबसे ज़्यादा आवश्यकता होती है ।