Tuesday, June 30, 2026
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दो दिवसीय 8वीं एमराल्ड ताइक्वांडो चैम्पियनशिप 2025 का भव्य समापन

कार्मल कॉन्वेंट स्कूल, सेक्टर-9 में एनुअल अवॉर्ड सेरेमनी के साथ समापन समारोह आयोजित

चंडीगढ़ । दो दिवसीय “8वीं एमराल्ड ताइक्वांडो चैम्पियनशिप 2025” का समापन कार्मल कॉन्वेंट स्कूल, सेक्टर-9 में आयोजित एनुअल अवॉर्ड सेरेमनी के साथ हुआ।
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में ट्राई-सिटी (चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली) के 3 से 17 वर्ष तक की आयु के 500 खिलाड़ियों ने भाग लिया और अपने शानदार कौशल एवं खेल भावना का प्रदर्शन किया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि रमेश गोयल (एमडी, केबीडी लैंडकॉर्प) रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में मधुलिका स्याल (वाइस प्रेसिडेंट, फाइनेंशियल सर्विसेस एवं सोशल वर्कर) और सुरेंद्र वर्मा (चेयरमैन, सिटीजन्स अवेयरनेस ग्रुप) उपस्थित रहे। एमराल्ड मार्शल आर्ट्स के डायरेक्टर मास्टर शिवराज घर्ती (6वीं डान ब्लैक बेल्ट, कोरिया) एवं कविता राय ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। विशिष्ट अतिथियों ने खिलाड़ियों के उत्साह, अनुशासन और खेल भावना की सराहना की तथा एमराल्ड मार्शल आर्ट्स की ओर से बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। खिलाड़ियों ने ताइक्वांडो फाइट, ब्रेकिंग, स्पीड किकिंग और पूमसे जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया। विजेताओं को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया। एनुअल अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में दिव्यांश सांगवान, आर्णा अरोड़ा, युहाना मलिक, राइना, रवि घर्ती, देव राज घर्ती, अनुपम सिंह, रीना, हेमा राणा – को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, एमराल्ड मार्शल आर्ट्स की विभिन्न शाखाओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ से नवाजा गया, जिनमें शामिल थे,आर्यव वीर गुप्ता, मिरान राय सरदाना, रचित आनंद, आर्या, कार्तिक सिंह, मिवान नेगी, हितांशु सोनी, हर्षिता श्रीकृष्णा, ऋद्धि मोहन, अश्विका शर्मा, सुहाना, अनाहिता गुप्ता, गौरवी, अनायशा जैन, अम्बा अजीत जोशी, काइरा ठाकुर चड्ढा, आयत खान, अमरीन कौर, जानवी गोयल, डेमायरा खट्टर, मनसेहज कौर गिल, जेस्मिन लाकरा, अन्ना बारबोज़ा, आवंया धनकर। इस अवसर पर मास्टर शिवराज घर्ती ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल खेल कौशल का विकास नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना को भी प्रोत्साहित करना है। हम चाहते हैं कि हमारे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन करें।

श्री श्याम करुणा फाउंडेशन द्वारा श्रद्धापूर्वक आयोजित 166वां अन्न भंडारा

पंचकूला । श्री श्याम करुणा फाउंडेशन द्वारा पंचकूला के औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 में 166वां अन्न भंडारा श्रद्धापूर्वक आयोजित किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों लोगों को प्रसाद रूपी अन्न वितरित किया गया। फाउंडेशन के संस्थापक और प्रख्यात समाजसेवी अमिताभ रुंगटा ने कहा कि सच्ची भक्ति वही है जो सेवा में प्रकट हो। अन्न दान सबसे श्रेष्ठ दान माना गया है और यह अन्न भंडारा न केवल भूख मिटाने का कार्य करता है, बल्कि समाज में करुणा, सहयोग और भाईचारे की भावना को भी प्रबल करती है। इस अवसर पर फाउंडेशन के सभी सदस्य पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ अन्न वितरण सेवा में जुटे रहे। भंडारे का आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश देने वाला प्रयास भी था।

प्रधानमंत्री के सशक्त नेतृत्व और दूरदर्शी शासन के कारण भारत बना विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था : हरीश गर्ग

चंडीगढ़। भारत का विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उनकी आर्थिक सुधारों, डिजिटल परिवर्तन और समावेशी विकास के प्रति अडिग प्रतिबद्धता ने भारत को वैश्विक मंच पर प्रमुख स्थान दिलाया है – यह कहना है दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद एवं कन्फ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल एवं चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष हरीश गर्ग का। हरीश गर्ग ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गए सुधार, संघर्ष और पुनरुत्थान की कहानी है। उनका जन-हितैषी दृष्टिकोण, राजकोषीय अनुशासन और व्यवसाय-समर्थक नीतियाँ भारत को विश्व की आर्थिक शक्ति बना रही हैं। यह छोटे व्यापारियों के लिए बड़े कारोबारी बनने का एक सुनहरा अवसर है, जिससे उन्हें वित्तीय अनुशासन, सशक्तिकरण और डिजिटल तकनीक को तेजी से अपनाने में मदद मिलेगी। चंडीगढ़ चैप्टर के महासचिव भीम सेन ,उपाध्यक्ष हरिशंकर मिश्रा, प्रेम कौशिक, पवन गर्ग,बलदेव राज गोयल एवं सचिव अजय सिंगला, नरेश गर्ग, संयुक्त सचिव राजपाल डोगर,कोषाध्यक्ष रमेश सिंगला ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के गतिशील नेतृत्व में भारत ने न केवल वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का सफलतापूर्वक सामना किया है, बल्कि दीर्घकालिक और सतत विकास की एक मजबूत नींव भी रखी है। मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, गति शक्ति और पीएलआई योजनाओं जैसे रणनीतिक अभियानों ने प्रमुख क्षेत्रों को पुनर्जीवित किया है, बुनियादी ढांचे को सशक्त किया है और रिकॉर्ड स्तर पर विदेशी निवेश को आकर्षित किया है। हरीश गर्ग ने कहा कि इस उपलब्धि से भारत को अनेक लाभ मिलेंगे— जैसे वैश्विक मान्यता और विश्वसनीयता, जिससे भारत की वैश्विक हैसियत मजबूत होगी, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी सौदेबाज़ी की शक्ति बढ़ेगी और वह वैश्विक आर्थिक व्यवस्था को दिशा देने वाला एक प्रमुख देश बनकर उभरेगा। साथ ही, यह उपलब्धि भारत में निवेशकों का विश्वास और अधिक बढ़ाएगी, जिससे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश , पूंजी प्रवाह और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में गहरी भागीदारी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इससे देश में रोजगार के अवसर और उद्यमिता में वृद्धि होगी, विशेष रूप से भारत की विशाल युवा आबादी के लिए। एक मजबूत अर्थव्यवस्था भारत को विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे, स्मार्ट सिटी, लॉजिस्टिक नेटवर्क और ग्रामीण विकास में निवेश करने में सक्षम बनाएगी। यह सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण योजनाओं में अधिक खर्च करने का अवसर देगा, जिससे सभी नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा। भारत का तेज़ी से बढ़ता डिजिटल परिवर्तन और नवाचार-आधारित अर्थतंत्र एआई, फिनटेक, अंतरिक्ष और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में नई उपलब्धियाँ हासिल करता रहेगा।

शहीदों के सिरमौर श्री गुरु अर्जुन देव को श्रद्धांजलि

मोहाली । शास्त्री मॉडल स्कूल फेज-1 मोहाली में श्री गुरु अर्जुन देव की शहादत को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी स्मृति में ठंडे मीठे जल की छबील लगाई गई। विद्यालय की प्रबंधन समिति और स्टाफ ने इस छबील के लंगर की सेवा में बढ़-चढ़ कर भाग लिया। विद्यालय की प्रधानाचार्या आर. बाला ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि श्री गुरु अर्जुन देव सिखों के पाँचवें गुरु थे। वे शहीदों के सिरमौर थे क्योंकि उन्होंने अपने अनुयायियों में धर्म की खातिर बलिदान देने की प्रेरणा दी और उनकी शहादत से सिख धर्म ने जुझारू रूप धारण कर लिया। उनके गुरु काल में सिख धर्म का अद्वितीय विकास हुआ।

इलेक्ट्रोपैथी को राष्ट्रीय मान्यता देने की मांग तेज़

चंडीगढ़ । देश में सस्ती और प्रभावशाली स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति को राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी मान्यता देने की मांग उठाई गई। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वर्ल्ड बायो केयर्स हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष और इबायो कैरेस के संस्थापक डॉ. जसविंदर सिंह ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि केंद्र सरकार भी राजस्थान मॉडल को अपनाए और इस पद्धति को देश भर में मान्यता दी जाए। डॉ. सिंह, जिन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं, वर्षों से उन रोगियों का इलाज कर रहे हैं जिन्हें पारंपरिक चिकित्सा से राहत नहीं मिल पाई है। अबतक इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा से वह ऑटिज़्म, एडीएचडी, सेरेब्रल पाल्सी और स्पीच डिसऑर्डर जैसी बीमारियों से प्रभावित हजारों मरीजों को राहत दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार ने हाल ही में 30 अप्रैल 2025 को एक अधिसूचना जारी कर राज्य इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड का गठन किया है, जो 1 मई से प्रभावी हो चुका है। इस पांच-सदस्यीय बोर्ड की अध्यक्षता आयुष विभाग के प्रमुख सचिव कर रहे हैं, जो कि इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा की शिक्षा, शोध और चिकित्सकों के पंजीकरण को विधिसम्मत रूप देने का कार्य करेगा। साथ ही, डॉ. सिंह ने उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में भी हो रहे प्रयासों का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ से इस संबंध में बात की है और उनकी ओर से भी सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में इलेक्ट्रो होम्योपैथी डेवलपमेंट एंड वेलफेयर सोसाइटी ने स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल को ज्ञापन सौंपकर राजस्थान की तर्ज़ पर राज्य में भी कानून लाने की मांग की है। डॉ. सिंह का नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर के रूप में दर्ज किया गया है और उन्हें अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। हाल ही में डॉ. सिंह को किर्गिस्तान की ओश मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्हें मानद उपाधि और ‘किर्गीज़ अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है।

पंजाब पुलिस और हरटेक फाउंडेशन ने लैंगिक-संवेदनशील सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एमओयू साइन किया

चंडीगढ़ । पंजाब पुलिस के ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा विंग ने हरटेक फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन किया गया। इस समझौते का उद्देश्य लैंगिक-संवेदनशील और डेटा-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है। इस साझेदारी के तहत ट्रैफिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए सौर ऊर्जा चालित ढांचों जैसे ट्रैफिक सहायता केंद्रों, विश्राम स्टेशनों, सोलर हेलमेट आदि के अनुसंधान और विकास को भी समर्थन प्रदान किया जाएगा। इस समझौते के पहले कदम के रूप में “साहस फेलोशिप” का शुभारंभ किया गया है, जो भारत की पहली पुलिस विभाग द्वारा शुरू की गई फेलोशिप है।

इसका लक्ष्य लिंग-समानता पर आधारित गतिशीलता समाधान को बढ़ावा देना है जिससे अनुसंधान, नवाचार और जमीनी हस्तक्षेप को समर्थन मिलेगा। पंजाब के एडीजीपी (ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा) एएस राय ने बताया कि साहस फेलोशिप समावेशी सड़क सुरक्षा प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हरटेक फाउंडेशन की सीईओ हरकीरत कौर ने भी इस साझेदारी के महत्व को उजागर किया, जो समावेशिता, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देती है। पुलिस महानिदेशक, गौरव यादव ने बताया कि लिंग समावेशिता ट्रैफिक सुरक्षा में हमारी प्राथमिकता है। 33 प्रतिशत महिला कर्मियों वाली सड़क सुरक्षा बल की शुरुआत एक बुनियादी कदम है। साहस फेलोशिप के साथ हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। डॉ. नवदीप असीजा, निदेशक, पंजाब रोड सेफ्टी एंड ट्रैफिक रिसर्च सेंटर और सिमरप्रीत सिंह, कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ, हरटेक ग्रुप ने इस पहल को एक ऐसी अग्रणी पहल बताया जो उभरती सुरक्षा और परिवहन चुनौतियों का समाधान करने के लिए सार्वजनिक संस्थानों और उद्योग को एक साथ लाती है।

मानसिक स्वास्थ्य के बिना स्वास्थ्य नहीं, मेंटल हेल्थ को दें प्राथमिकता : विशेषज्ञों ने दिया बल

माइंडप्लस ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में जागरूकता सत्र के साथ मनाया विश्व सिज़ोफ्रेनिया 

चंडीगढ़ । मई में चल रहे मेंटल हेल्थ अवेयरनेस मंथ के हिस्से के रूप में, एक नव मान्यता प्राप्त रिहैबिलेशन सेंटर माइंड प्लस  ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में विश्व सिज़ोफ्रेनिया दिवस के अवसर पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया। सिज़ोफ्रेनिया, एक पुराना मेंटल डिस्आर्डर है जो सबसे अधिक गलत समझा जाने वाला और कलंकित मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों में से एक है। भारत की लगभग 1 फ़ीसदी आबादी (लगभग 80 लाख व्यक्ति) को प्रभावित करने वाली यह स्थिति सोच, धारणा, इमोशनल रिस्पांसिंवनेस (भावनात्मक प्रतिक्रिया) और सोशल इंटरेक्शन (सामाजिक संपर्क) को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। दुर्भाग्य से, भारत में 75 प्रतिशत से अधिक प्रभावित व्यक्तियों को  संसाधनों की कमी और सीमित मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं  के कारण पर्याप्त उपचार नहीं मिल पाता है। विशेषज्ञों ने दैनिक जीवन में मेंटल फिटनेस की बढ़ती जरूरत पर ज़ोर दिया। मनोचिकित्सक डॉ. अंकुश भाटिया ने कहा कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी कई बार मुश्किल हो सकती है। इसलिए अपने दिमाग को तंदुरुस्त रखना उतना ही ज़रूरी है जितना कि अपने शरीर को तंदुरुस्त रखना। मानसिक तंदुरुस्ती में सुधार करने से तनाव, डिप्रेशन, गुस्सा और बहुत कुछ कम हो सकता है। सत्र के दौरान, उन्होंने भारत में मेंटल हैल्थ डिस्आर्डर के बढ़ने की चिंताजनक प्रवृत्ति पर प्रकाश डाला, जहाँ 10.6 फ़ीसदी वयस्क किसी न किसी तरह की मानसिक बीमारी से पीड़ित बताए जाते हैं। इन आँकड़ों के मद्देनजर, शुरुआती हस्तक्षेप, कम्युनिटी सपोर्ट और स्टक्चरल रिहैबिलेशन की भूमिका पहले से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है। माइंडप्लस ने सिज़ोफ्रेनिया के लिए अपने व्यापक सिक्स स्टेज रिहैब प्रोग्राम पेश किया है जिसमें असेसमेंट, स्टेबलाइजेशन, स्किल बिल्डिंग, फैमिली इंटरवैंशन, कम्युनिटी टेस्टिंग और प्री पोस्ट डिस्चार्ज केयर शामिल हैं। यह दृष्टिकोण न केवल हैलूसिनेशंस (मतिभ्रम) और डिलूशंस (भ्रम) जैसे तेज लक्षणों का उपचार करवाता है, बल्कि नकारात्मक और संज्ञानात्मक दुर्बलताओं को भी लक्षित करता है।  व्यक्तियों को समाज में फिर से शामिल होने और सार्थक जीवन जीने में मदद करता है।  इस अवसर पर उपस्थित एक अन्य मनोचिकित्सक डॉ. लक्ष्मी शोधना ने सिज़ोफ्रेनिया के मूल कारणों की समझ के बारे में विस्तार से बताया, जिसमें न्यूरोडेवलपमेंटल गड़बड़ी और डोपामाइन और ग्लूटामेट जैसे न्यूरोट्रांसमीटर में असंतुलन शामिल हैं। 

मोहाली में मदरहुड को समर्पित कार्यक्रम में 40 मदर्स को किया गया सम्मानित

मोहाली । मैक्स अस्पताल द्वारा आयोजित स्पिरिट ऑफ मदरहुड को समर्पित ‘माँ के लिए’ कार्यक्रम के दौरान 120 मदर्स ने भाग लिया। कार्यक्रम उन मदर्स को ट्रिब्यूट था जो घरों, कार्यस्थलों और कम्युनिटी में पोषण, नेतृत्व और प्रेरणा देती हैं, मदरहुड की अपनी यात्रा को शक्ति और ग्रेस के साथ अपनाती हैं। उन्होंने कहा कि एक मां के महत्व और मां के अपने बच्चों के लिए किए जाने वाले बलिदान के बारे में सभी को जागरूक होना आवश्यक है।

बिना मां के एक व्यक्ति का जीवन परिपूर्ण होना कठिन है। कार्यक्रम में स्टोरी टेलिंग सेशन के दौरान वर्किंग मदर्स ने अपनी मदरहुड की अनूठी जर्नी को साझा किया। सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पिनाक मौदगिल ने कहा कि कामकाजी जीवन और मदरहुड जर्नी को संभालना दो पूर्णकालिक भूमिकाएँ हैं, फिर भी प्रेरणादायी महिलाओं की बढ़ती संख्या दोनों को फिर से परिभाषित कर रही है। समारोह में सांस्कृतिक नृत्य प्रदर्शन, इंटरैक्टिव क्विज़ शो और रैंप वॉक सहित कई आकर्षक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। एक विशेष सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया, जहाँ वर्किंग मदर्स सहित 40 मदर्स को उनके अपने परिवार और करियर के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया गया।

वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे पर जागरूकता के लिए दो दिवसीय हेल्थ टॉक्स का आयोजन

हाइपरटेंशन ‘साइलेंट किलर’ से रहें सतर्क : डॉ. अनुराग शर्मा

पंचकूला । वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे के अवसर पर पारस हेल्थ द्वारा एक विशेष दो दिवसीय जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत दो हेल्थ टॉक्स सेशंस आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य लोगों को हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) और दिल की देखभाल के प्रति जागरूक करना था। यह पहल विशेष रूप से वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए थी, जो आज के समय में तनाव, अनियमित दिनचर्या और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण इस समस्या के सबसे बड़े शिकार बनते जा रहे हैं। पहला सेशन प्रसिद्ध दवा कंपनी वीनस रेमेडीज़ में हुआ, जहां कंपनी के कर्मचारियों ने दिलचस्प और खुली बातचीत में हिस्सा लिया। दूसरा सेशन चंडीगढ़ के सेक्टर 31 स्थित सीआईआई ऑफिस में हुआ, जिसमें विभिन्न उद्योगों और व्यवसायों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। दोनों सेशंस का नेतृत्व पारस हेल्थ के कार्डियक साइंसेज़ चेयरमैन डॉ. अनुराग शर्मा ने किया। डॉ. शर्मा ने कहा कि हाइपरटेंशन एक ‘साइलेंट किलर’ है, जो बिना किसी लक्षण के शरीर में गंभीर नुकसान कर सकता है। जब तक इसका पता चलता है, तब तक यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक या किडनी फेलियर जैसी बीमारियों का कारण बन चुका होता है। उन्होंने यह भी बताया कि नियमित ब्लड प्रेशर की जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और तनाव प्रबंधन इसके प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं। सेशंस में आए लोगों ने यह भी सीखा कि ऑफिस में लंबे समय तक बैठने, अत्यधिक कैफीन, धूम्रपान और नींद की कमी जैसी आदतें हाई बीपी को और बढ़ावा देती हैं। प्रतिभागियों को एक विशेष हेल्थ बुकलेट भी दी गई जिसमें घरेलू उपाय, रोज़ाना की देखभाल, तनाव को नियंत्रित करने के व्यावहारिक तरीके और हार्ट-हेल्दी डाइट के सुझाव शामिल थे। आज के समय में जब युवा भी हाइपरटेंशन की चपेट में आ रहे हैं, तो समय रहते की गई जागरूकता और स्क्रीनिंग ही सबसे कारगर बचाव है,” ऐसा मानना है डॉ. पंकज मित्तल का, जो पारस हेल्थ पंचकूला के फैसिलिटी डायरेक्टर हैं। उन्होंने बताया कि पारस हेल्थ हमेशा से ही समुदाय को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने और उन्हें बेहतर जीवनशैली के लिए प्रेरित करने में विश्वास रखता है। इस पहल को कर्मचारियों और प्रतिभागियों से शानदार प्रतिक्रिया मिली। उन्होंने इन सेशंस को उपयोगी, व्यावहारिक और अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़ा बताया। पारस हेल्थ की यह कोशिश एक उदाहरण है कि कैसे अस्पताल की सीमाओं से बाहर निकलकर भी समाज की सेवा की जा सकती है।

वेलवेट क्लार्क्स एक्सोटिका जीरकपुर में ‘देसी स्ट्रीट फ़ूड फेस्टिवल’ का लज़ीज स्वाद

24 से 31 मई तक रहेगा जारी

जीरकपुर । वेलवेट क्लार्क्स एक्सोटिका होटल ने शुक्रवार को अपने बहुप्रतीक्षित “देसी स्ट्रीट फ़ूड फेस्टिवल” के शुभारंभ की घोषणा की है। यह फ़ूड फेस्टिवल भारत की समृद्ध और विविध स्ट्रीट फ़ूड संस्कृति का एक जीवंत उत्सव है। यह फेस्टिवल 24 से 31 मई तक चलेगा, जिसमें मेहमानों को प्रामाणिक स्वाद और लजीज स्वाद से भरपूर एक लाजवाब अनुभव का वादा किया गया है। वेलवेट क्लार्क्स एक्सोटिका होटल के महाप्रबंधक मनिंदरजीत सिंह सिब्बल ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि भारत की चहल-पहल भरी फ़ूड स्ट्रीट की भावना को एक परिष्कृत और आकर्षक सेटिंग में अपने मेहमानों तक पहुँचाने में खुशी हो रही है। यह 8-दिवसीय उत्सव एक दावत से कहीं बढ़कर है जो भारत की पाक विरासत की एक स्वादिष्ट यात्रा है। उन्होंने बताया कि फेस्टिवल के दौरान मेहमान विशेष रूप से तैयार किए गए एक ला कार्टे मेनू का आनंद लेंगे जिसमें भारतभर के सिग्नेचर स्ट्रीट फ़ूड शामिल होंगे, जो अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए भी बेहतरीन तरीके से तैयार किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि उनका यह फ़ूड फेस्टिवल मुंबई और दिल्ली की मसालेदार गलियों से लेकर लखनऊ, अमृतसर और केरल की समृद्ध रसोई तक, हर व्यंजन एक क्षेत्रीय कहानी बयां करता है। उन्होंने आगे बताया कि एक अद्वितीय इंटरैक्टिव के साथ उनके शेफ लाइव कुकिंग काउंटर भी पेश करेंगे, जिसमें लोगों की पसंदीदा क्रिस्पी आलू टिक्की चाट, मिर्ची का हलवा, साथ ही रेसिपी और विदेशी व्यंजन शामिल है। उन्होंने कहा कि वेलवेट क्लार्क्स एक्सोटिका ज़ीरकपुर में शुरू हो रहे इस फ़ूड फेस्टिवल के साथ जुड़ें और एक शानदार डाइनिंग अनुभव के लिए भारत के स्ट्रीट फ़ूड के जादू का मज़ा लें। वहीं स्ट्रीट पसंदीदा में अमृतसरी छोले कुलचे,मुंबई पाव भाजी,दिल्ली दही पूरी चाट, पानी पूरी और पहाड़ी तड़का मैगी का स्वाद आपको लंबे समय तक याद रहेगा ।