Wednesday, July 1, 2026
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केंद्र सरकार की पीएम विद्या लक्ष्मी योजना के तहत जीजीडीएसडी कॉलेज का हुआ चयन

कॉलेज बना ट्राइसिटी का एकमात्र ऐसा निजी सहायता प्राप्त संस्थान जिसे हासिल हुआ यह सम्मान

चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त कॉलेज ट्राइसिटी का एकमात्र संस्थान है जिसका चयन प्रतिष्ठित पीएम विद्या लक्ष्मी योजना के तहत हुआ है। यह यूजीसी द्वारा शुरू की गई एक ऐतिहासिक पहल है, जिसे पूरे भारत में छात्रों के लिए शिक्षा ऋण की सुविधा के लिए डिज़ाइन किया गया है। देश भर में 51,762 संस्थानों में से केवल 860 कॉलेजों को चुना गया है, जिसमें जीजीडीएसडी कॉलेज ट्राइसिटी का एकमात्र निजी सहायता प्राप्त संस्थान है जिसे यह सम्मान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने तथा वित्तीय बाधाओं के कारण शैक्षणिक आकांक्षाओं में बाधा न आए, इसे सुनिश्चित करने के प्रति कॉलेज के समर्पण को रेखांकित करती है। इस प्रतिष्ठित योजना के लिए जीजीडीएसडी कॉलेज का चयन स्टूडेंट वेलफेर, वित्तीय समावेशन और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति इसकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पीएम विद्यालयक्ष्मी योजना के तहत, जो भी छात्र अच्छे उच्च शिक्षण संस्थान में दाखिला लेता है, उसे बैंक और वित्तीय संस्थान बिना किसी गारंटी या जमानत के लोन दिया जाता है। यह योजना केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही है। इस योजना का मकसद है छात्रों को आर्थिक मदद देना ताकि पैसे की तंगी की वजह से कोई भी उच्च शिक्षा से वंचित ना रहे। वित्तीय सेवा विभाग (वित्त मंत्रालय), उच्च शिक्षा विभाग (शिक्षा मंत्रालय) और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के मार्गदर्शन में विकसित विद्या लक्ष्मी पोर्टल एक वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है, जहां छात्र अपने शिक्षा ऋण आवेदनों को आसानी से देख सकते हैं, आवेदन कर सकते हैं और ट्रैक कर सकते हैं। प्रोटीन ई-गवर्नेंस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (पूर्व में एनएसडीएल ई-गवर्नेंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) द्वारा प्रबंधित यह पोर्टल वित्तीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाता है, तथा विद्यार्थियों को उनके सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराता है। इस पहल के अनुरूप, जीजीडीएसडी कॉलेज विद्यार्थियों को विद्या लक्ष्मी योजना और उनके लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता अवसरों के बारे में अच्छी जानकारी सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने कहा कि इस योजना के बारे में जागरूकता कार्यक्रमों को अपने स्टूडेंट ओरिएँटेशन में एकीकृत किया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रत्येक छात्र ऋण आवेदन प्रक्रिया को समझ सके। मार्गदर्शन प्रदान करने और ऋण आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक समर्पित नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, संस्था छात्रों, अभिभावकों और बैंकिंग प्रतिनिधियों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित कर रही है, जिससे योजना के लाभों को अधिकतम करने के लिए सहयोगात्मक प्रयास को बढ़ावा मिल रहा है। पहुंच को बढ़ाने के लिए, कॉलेज के प्रास्पेक्टस में शिक्षा ऋण पर एक व्यापक अनुभाग शामिल किया जाएगा, जिसमें विद्या लक्ष्मी योजना की प्रक्रिया, पात्रता और लाभों को रेखांकित किया जाएगा।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच की आवश्यकता को समझते हुए, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) लंबे समय से मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को वित्तीय सहायता देने की वकालत करता रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सभी वाणिज्यिक बैंकों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत विभिन्न छात्र ऋण योजनाएं शुरू की गई हैं। ये योजनाएं भारत में पढ़ाई के लिए 7.5 लाख रुपये तक और विदेश में पढ़ाई के लिए 15 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान करती हैं, जबकि 4 लाख रुपये तक के ऋण के लिए किसी जमानत या मार्जिन की आवश्यकता नहीं होती है। इसके अतिरिक्त, इन ऋणों के लिए ब्याज दर प्राइम लेंडिंग रेट (पीएलआर) से अधिक नहीं होती है, जिससे कि वहनीयता सुनिश्चित होती है। उच्च ऋण राशियों के लिए, ब्याज दर पीएलआर प्लस 1 प्रतिशत के भीतर रहती है, जिसमें पांच से सात साल की लचीली पुनर्भुगतान अवधि और पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद एक वर्ष की छूट अवधि होती है।

गली क्रिकेट टूर्नामेंट 2025 का तीसरा संस्करण 20 अप्रैल से होगा शुरू

600 से अधिक टीमों का प्रतिनिधित्व करने वाले 7200 से अधिक युवा क्रिकेटर अपनी खेल प्रतिभा का करेंगे प्रदर्शन

युवाओं को करियर की नई राह मिलेगी, छोटे-मोटे अपराधों पर लगेगी लगाम : आईजी चंडीगढ़ पुलिस

चंडीगढ़ । यूटी क्रिकेट एसोसिएशन (यूटीसीए) और चंडीगढ़ पुलिस ने आधिकारिक तौर पर ‘गली क्रिकेट टूर्नामेंट 2025’ के तीसरे संस्करण के शुभारंभ की घोषणा की है, जो 20 अप्रैल से शुरू होगा। इस वार्षिक टूर्नामेंट का उद्देश्य चंडीगढ़ के युवाओं में क्रिकेट के प्रति जुनून को बढ़ावा देना है, साथ ही ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ का समर्थन करना और छोटे-मोटे आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाना है। इस वर्ष, 14 से 19 वर्ष की आयु के लगभग 7200 युवा क्रिकेटरों का प्रतिनिधित्व करने वाली कुल 600 टीमें भाग लेंगी और इस रोमांचक कार्यक्रम में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। टूर्नामेंट को नगर निगम, समाज कल्याण विभाग, खेल विभाग, शिक्षा विभाग और चंडीगढ़ प्रशासन का समर्थन प्राप्त है। इस विशाल भागीदारी के साथ, आयोजकों का लक्ष्य इस आयोजन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराना है। इस संस्करण को एलेंजर्स, टाइनोर, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक और अन्य द्वारा मजबूत किया जा रहा है। टूर्नामेंट का उद्घाटन यूटी प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया करेंगे। खिलाड़ियों की सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए शहर भर में 20 स्थानों पर मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट के लिए पंजीकरण चंडीगढ़ के सभी पुलिस थानों के माध्यम से किया जा रहा है और टीम रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 7 अप्रैल है। यूटीसीए के अध्यक्ष संजय टंडन ने जोर देकर कहा कि गली क्रिकेट टूर्नामेंट एक अनूठी पहल है जिसका उद्देश्य कॉलोनियों और सेक्टरों के युवाओं की क्रिकेट क्षमता को उभारना है। यूटीसीए का लक्ष्य न केवल इन युवा क्रिकेटरों को एक मंच प्रदान करना है, बल्कि प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करना और उन्हें निखारना भी है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर के बीसीसीआई टूर्नामेंट में चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिले।

यूटीसीए के चयनकर्ताओं का पैनल टूर्नामेंट की बारीकी से निगरानी करेगा और सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों को आयोजन के बाद आगे का मार्गदर्शन और समर्थन मिलेगा। टंडन ने कहा कि यह पहल नशा मुक्त भारत अभियान का एक अभिन्न अंग है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे और छोटे-मोटे अपराधों से दूर रखना है। इस अवसर पर मौजूद आईजी आरके सिंह (आईपीएस), एसएसपी कंवरदीप कौर (आईपीएस) और एसएसपी सिटी गीतांजलि खंडेलवाल (आईपीएस) ने समाज को आकार देने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट युवाओं की ऊर्जा को खेल जैसी उत्पादक गतिविधियों में लगाने का एक बेहतरीन अवसर है, जिससे आपराधिक व्यवहार और नशीली दवाओं के दुरुपयोग को कम करने में मदद मिलती है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान यूटीसीए की वेबसाइट और ऐप के माध्यम से ऑनलाइन स्कोरिंग उपलब्ध रहेगी। पिछले साल आयोजित इस टूर्नामेंट का दूसरा संस्करण 302 टीमों की भागीदारी के साथ एक जबरदस्त सफलता थी, जिसने एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना स्थान बनाया।
इस अवसर पर टूर्नामेंट के चेयरमैन रविंदर सिंह बिल्ला, सचिव देवेंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष सीए आलोक कृष्ण, वरिष्ठ सदस्य हरि सिंह खुराना, युवराज महाजन, चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, आरएस कंवर, एमडी, एलेंजर्सऔर एमसी और चंडीगढ़ प्रशासन के नोडल अधिकारी मौजूद थे।

शूलिनी यूनिवर्सिटी में लिटफेस्ट का भव्य आयोजन 28 मार्च से

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लिटफेस्ट के पांचवें संस्करण में मशहूर हस्तियों लेंगी हिस्सा

चंडीगढ़ । शूलिनी यूनिवर्सिटी का आने वाला लिटरेचर फेस्टिवल, जो शब्दों, विचारों और रचनात्मकता का उत्सव है, एक यादगार अनुभव बनने जा रहा है। इस फेस्ट में विभिन्न सत्रों, कार्यशालाओं और प्रस्तुतियों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल होगी। लिटफेस्ट के पांचवें संस्करण में कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल होंगी, जिनमें फिल्म निर्माता इम्तियाज अली, रंगमंच कलाकार कंवलजीत सिंह, गायिकाएं उषा उत्थुप और इला अरुण, वीडियो जॉकी मारिया गोरेटी वारसी, अभिनेत्री श्रुति सेठ, गीतकार राज शेखर, राजनयिक विकास स्वरूप, बिजनेस लीडर हरीत नागपाल, लेखक एस.आर. हरनोट और कई अन्य शामिल हैं। ये प्रसिद्ध लेखक, कलाकार और विचारक विचारोत्तेजक चर्चाओं, पाठों और प्रस्तुतियों में हिस्सा लेंगे।


28 से 30 मार्च तक आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव के मुख्य आकर्षणों में से एक है ‘शूलिनी साहित्य सम्मान’ का परिचय, जो साहित्य में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देने वाला पुरस्कार है। इस फेस्ट में शूलिनी विश्वविद्यालय के लेखकों द्वारा पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा। फेस्ट डायरेक्टर डॉ. आशू खोसला ने बताया कि मुख्य सत्रों के अलावा, इस आयोजन में कई कार्यशालाएं भी होंगी, जिनमें स्क्रीन एडाप्टेशन, माइंडफुलनेस, कठपुतली कला और फिलैटली (डाक टिकट संग्रह) जैसी विषय वस्तुएं शामिल हैं। ये इंटरैक्टिव सेशंस प्रतिभागियों को अपने-अपने क्षेत्रों के विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष अनुभव और जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेंगे।फेस्ट में रहस्य उपन्यासों और कविता से लेकर हिमालय तक की विविध विषय वस्तुओं पर चर्चा की जाएगी। अपनी विविध कार्यक्रम योजनाओं और शानदार अतिथियों के साथ, शूलिनी लिटरेचर फेस्टिवल साहित्यिक केई दुनिया में एक महत्वपूर्ण आयोजन बनने के लिए तैयार है। फ़िल्म एक्टर कंवलजीत सिंह ने कहा कि उन्हें प्रतिष्ठित शूलिनी लिट फेस्ट का हिस्सा बनकर खुशी हो रही है, जिसने छात्रों को इस फेस्ट का हिस्सा बनने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए यह जरूरी है कि वे अपने मोबाइल फोन से दूर होकर किताबें पढ़ना शुरू करें, क्योंकि इससे उनकी शब्दावली और ज्ञान में वृद्धि होगी। पूर्व आईएएस अधिकारी और मोटिवेशनल स्पीकर विवेक अत्रे ने कहा कि शूलिनी लिटरेचर फेस्टिवल इस क्षेत्र के सबसे प्रतिष्ठित लिटरेचर फेस्टिवल्स में से एक बन गया है, जहां प्रमुख लेखक, विचारक और लेखक शूलिनी लिट फेस्ट 2025 में एकत्रित हो रहे हैं।

फिनवेसिया ने भारत के पहले एआई-संचालित वित्तीय सुपरऐप ‘जम्प’ के साथ पंजाब पर बड़ा दांव लगाया

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चंडीगढ़ । मोहाली में मुख्यालय वाली वैश्विक उद्यम फिनवेसिया अपने नए लॉन्च किए गए प्लेटफॉर्म ‘जम्प’ के साथ पंजाब में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रही है, जो भारत का पहला एआई-संचालित वित्तीय सुपरऐप है। यस बैंक के साथ साझेदारी में विकसित, जम्प बैंकिंग, बचत, भुगतान, निवेश और कर्ज, सभी को एक ही सहज प्लेटफॉर्म पर पैक करता है।
पंजाब तेजी से डिजिटल वित्त को अपना रहा है। चंडीगढ़ प्रति व्यक्ति डिजिटल भुगतान लेनदेन में सबसे आगे है। यहां प्रति व्यक्ति औसतन 38 से अधिक लेनदेन होते हैं । यूपीआई-एनेबल्ड क्रेडिट कार्ड का उपयोग भी बढ़ रहा है, जिसमें यूजर्स 40 लेनदेन करते हैं और हर महीने 40,000 रुपये खर्च करते हैं । पूरे राज्य में फिनटेक अपनाने से एमएसएमई और स्टार्टअप्स में बदलाव आ रहा है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में। सरकारी पहल इस बदलाव को और बढ़ावा दे रही है। आरबीआई वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित कर रहा है, जबकि डिजिटल बैंकिंग इकाइयाँ डिजिटल बैंकिंग को और अधिक सुलभ बना रही हैं। जैसे-जैसे डिजिटल भुगतान बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे बेहतर वित्तीय प्रबंधन की ज़रूरत भी बढ़ रही है। जम्प उपयोगकर्ताओं को खर्च पर नजर रखने, क्रेडिट का प्रबंधन करने और डिजिटल लेनदेन को अनुकूलित करने में मदद करता है, जिससे यह पंजाब के विकसित होते वित्तीय परिदृश्य के लिए एकदम सही समाधान बन जाता है। बढ़ती मांग को समझते हुए जम्प लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और पटियाला जैसे प्रमुख शहरों से आगे बढ़कर बठिंडा, मोगा, पठानकोट और बरनाला जैसे वंचित क्षेत्रों में भी अपना विस्तार कर रहा है, जिससे पूरे पंजाब में वित्तीय समावेशन को मजबूती मिल रही है। जम्प के सह-संस्थापक और सीईओ सर्वजीत सिंह विर्क ने कहा कि यस बैंक के साथ साझेदारी के माध्यम से हमारा लक्ष्य वित्तीय अंतर को पाटना और राज्यभर के यूजर्स को आसानी से अपने फाइनेंस पर नियंत्रण रखने के लिए मजबूत बनाना है। जम्प का एआई-संचालित प्लेटफॉर्म यूजर्स को खर्चों पर नजर रखने, क्रेडिट का प्रबंधन करने और आय पैटर्न और वित्तीय व्यवहारों का विश्लेषण करके बचत को अनुकूलित करने में मदद करता है। अंग्रेजी और हिंदी में उपलब्ध सहज इंटरफेस के साथ ऐप शहरी और ग्रामीण बाजारों में पहुंच सुनिश्चित करता है। यूजर्स आवाज या टेक्स्ट के माध्यम से बातचीत कर सकते हैं, जिससे वित्तीय निर्णय आसान और अधिक सहज हो जाते हैं।

मिर्गी से जुड़े मिथकों को मिटाना बेहतर भविष्य के लिए मिर्गी से संबंधित जागरूकता बढ़ाना

पंचकूला । विश्व मिर्गी दिवस के अवसर पर पारस हेल्थ पंचकूला में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मिर्गी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और इसके प्रभावी उपचार के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इस कार्यक्रम में न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अनुराग लांबा (डायरेक्टर, न्यूरोलॉजी) और डॉ. पार्थ बंसल (कंसलटेंट, न्यूरोलॉजिस्ट) ने मिर्गी से जुड़ी अहम जानकारियां साझा कीं। भारत में 12 मिलियन से अधिक लोग मिर्गी से प्रभावित हैं, जिससे यह सबसे आम न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर में से एक बन गया है। इसके बावजूद, डायग्नोसिस में देरी और गलत धारणाओं के कारण सही इलाज नहीं हो पाता। मिर्गी मस्तिष्क की एक बीमारी है, जो असामान्य इलेक्ट्रिकल गतिविधि के कारण दौरे पैदा करती है। ये दौरे हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। हर दौरा मिर्गी का संकेत नहीं होता, इसलिए सही समय पर चिकित्सा जांच आवश्यक है। भारत के ग्रामीण इलाकों में मिर्गी को लेकर कई मिथक और गलत धारणाएं प्रचलित हैं। कुछ लोग इसे दैवीय कारणों से जोड़ते हैं, जिससे मरीजों को समय पर डॉक्टर की मदद लेने में कठिनाई होती है। सही जानकारी और जागरूकता से लोग लक्षणों को पहचानकर उचित समय पर इलाज़ करा सकते हैं। मिर्गी के लगभग 70% मामलों को सही दवा और इलाज़ से नियंत्रित किया जा सकता है। कुछ मरीजों को जीवनशैली और डाइट में बदलाव या सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि, दवा का सही से सेवन करना बेहद जरूरी है, क्योंकि अधूरे इलाज से दौरे फिर हो सकते हैं। अगर किसी को दौरा पड़ता है, तो उसके आसपास के लोगों को शांत रहना चाहिए और उसे सुरक्षित रखना चाहिए। पीड़ित को पकड़ने या मुंह में कुछ डालने से बचें। अधिकतर दौरे कुछ मिनट में ठीक हो जाते हैं, लेकिन यदि यह पांच मिनट से अधिक चलता है, तो तुरंत मेडिकल मदद लें। पारस हेल्थ पंचकूला डायरेक्टर न्यूरोलॉजी डॉ अनुराग लांबा ने कहा कि मिर्गी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना और समय पर सही इलाज़ कराना आवश्यक है। उचित डायग्नोसिस और दवा से मरीज़ सामान्य जीवन जी सकते हैं। समाज को मिर्गी को लेकर जागरूक होना चाहिए ताकि पीड़ितों को किसी भी तरह का भेदभाव न झेलना पड़े। पारस हेल्थ पंचकूला न्यूरोलॉजिस्ट कंसलटेंट डॉ पार्थ बंसल ने कहा कि मॉडर्न एंटी-सीजर दवाओं, डाइटरी थेरेपी और सर्जरी विकल्पों के कारण मिर्गी को प्रभावी ढंग से मैनेज किया जा सकता है। हमारा ध्यान मरीजों को सशक्त बनाने के लिए जल्दी डायग्नोसिस, निरंतर इलाज़ और सामुदायिक सहयोग पर होना चाहिए।

युवा फोटोग्राफरों की चमक ईक्षण में कला, संस्कृति और फोटोग्राफी का उत्सव

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चंडीगढ़ । पंजाब ललित कला अकादमी और वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ डिज़ाइन (डब्लूयूडी) ने संयुक्त रूप से सोभा सिंह आर्ट गैलरी, पंजाब कला भवन, चंडीगढ़ में 26 से 31 मार्च 2025 तक ईक्षण – एक अद्वितीय चित्रात्मक प्रदर्शनी” का सफल आयोजन किया। इस प्रदर्शनी में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ डिज़ाइन के अठारह नवोदित फोटोग्राफरों द्वारा खींची गई चालीस आकर्षक तस्वीरें प्रदर्शित की गईं। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 25 मार्च को किया गया, जिसमें पंजाब की प्रतिष्ठित कला विभूतियों एमएस रंधावा और सुरजीत पातर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उद्घाटन समारोह में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ डिज़ाइन के कुलपति डॉ. संजय गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। साथ ही, पंजाब विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एमेरिटस भूपिंदर बरार और आरआईएमटी विश्वविद्यालय, मंडी गोबिंदगढ़ की प्रो.चांसलर सलोनी बंसल सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहे। ईक्षण प्रदर्शनी ने अवलोकन की कला को महत्व दिया, जहां छात्रों की अनूठी दृष्टि और रचनात्मक चेतना स्पष्ट रूप से झलकी। उनकी कृतियों ने तकनीकी विशेषज्ञता को समकालीन कहानी कहने की शैली के साथ मिलाकर एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जिसमें यथार्थ को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। डॉ. संजय गुप्ता ने कहा, “IKSHANA केवल एक प्रदर्शनी नहीं है; यह हमारे युवा फोटोग्राफरों की दूरदर्शिता और उनकी सृजनात्मकता का प्रमाण है। वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ डिज़ाइन में, हम ऐसे रचनात्मक विचारों को पोषित करने और कला की सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस प्रदर्शनी में फैशन डिज़ाइन, ग्राफिक डिज़ाइन, एनीमेशन, इंटीरियर डिज़ाइन, विज़ुअल आर्ट्स और आर्किटेक्चर सहित विभिन्न विषयों से जुड़े छात्र फोटोग्राफर शामिल थे।

भाग लेने वाले छात्रों के नाम इस प्रकार हैं:

शुभम मोहंती, पार्थ जैन, श्रद्धा सिंह, टी. अर्जुन अभिनव, अक्षय नारायणन, रावी मित्तल, पी. विष्वक्सेन, शिल्पा बी. प्रकाश, शुभम बरूआ, आबिया फलाक, ऐशिता शर्मा, हर्षिता चौधरी, करुणा कुमारी, ईशान शर्मा, विंध्य शुक्ला, कनकप्रिया सावी सैनी, ऋधिमा शर्मा और सानिया फरीहन। पंजाब ललित कला अकादमी और वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ डिज़ाइन के इस संयुक्त प्रयास को व्यापक सराहना मिली। यह प्रदर्शनी युवा कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई और फोटोग्राफी की कहानी कहने की शक्ति को सुदृढ़ करने में सहायक रही।

रोटरी ने डॉन बॉस्को छात्रों के लिए वाइल्डलाइफ एजुकेशनल ट्रिप आयोजित किया

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चंडीगढ । रोटरी शिवालिक चंडीगढ़ ने डॉन बॉस्को नवजीवन सोसाइटी के 720 छात्रों के लिए छतबीड़  जू का वाइल्डलाइफ एजुकेशनल ट्रिप आयोजित किया । इस समूह में फाइदा निजामपुर, डडडूमाजरा, मलोया, बापू धाम, मौली जागरा   और चंडीगढ़ के विभिन्न झुग्गी क्षेत्रों के विशेष बच्चे शामिल थे। इस यात्रा ने छात्रों को वन्यजीव, जैव विविधता और संरक्षण के बारे में इंटरएक्टिव तरीके से जानने का अवसर दिया। फादर रेजी टॉम, निदेशक, डॉन बॉस्को नवजीवन सोसाइटी ने रोटरी शिवालिक के प्रति आभार व्यक्त किया, जबकि रोटरी प्रतिनिधियों ने कक्षा से बाहर के अनुभवात्मक सीखने के महत्व को दर्शाया जिससे बच्चों के लिए यह दिन वास्तव में यादगार बन गया।

सिग्निया ने चंडीगढ़ में हियरिंग हब के साथ इंटरएक्टिव कॉन्सेप्ट स्टोर लॉन्च किया

चंडीगढ़ । डब्ल्यू एस ऑडियोलॉजी समूह के तहत एक प्रमुख ब्रांड और सुनने की सहायता तकनीक में वैश्विक आगामी सिग्निया ने चंडीगढ़ में सुनने के समाधानों के अनुभव को नए सिरे से परिभाषित करने वाले एक नवीन कॉन्सेप्ट स्टोर का उद्घाटन करने की घोषणा की। यह अत्याधुनिक सिग्निया स्टोर सुनने में कठिनाई आने वाले लोगों के लिए व्यापक और उच्च गुणवत्ता वाले समाधानों की पेशकश करके आधुनिक सुनने की देखभाल का प्रतीक है। यह एक ही छत के नीचे इंटरएक्टिव अनुभव, नवाचार उत्पाद और विशेषज्ञ श्रवण सलाह को एकीकृत करता है, जो सुनने की देखभाल सेवाओं के लिए एक नया मानक स्थापित करता है। वैश्विक स्तर पर, सुनने की हानि एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है, जो अनुमानित 1.6 अरब लोगों को प्रभावित करती है। इनमें से लगभग 430 मिलियन को गंभीर सुनने में कठिनाइयां होती हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की भविष्यवाणी है कि ये संख्या 2050 तक 2.5 अरब तक पहुँच जाएगी, जिसमें अनुमानित 700 मिलियन को विकलांग बनाने वाली सुनने की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। समाधान उपलब्ध होने के बावजूद, प्रभावित लोगों में से केवल 20 प्रतिशत को आवश्यक सुनने की सहायता उपकरणों तक पहुंच है। इस देखभाल की कमी समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालती है, जिससे अलगाव, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां , संज्ञानात्मक बाधाएं और करियर के अवसरों में रुकावटें उत्पन्न होती हैं। अविनाश पवार सीईओ और प्रबंध निदेशक डब्ल्यू एस ऑडियोलॉजी इंडिया ने बताया कि असंबंधित सुनने की हानि के सामाजिक, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक परिणाम होते हैं। इस सिग्निया स्टोर के उद्घाटन के साथ, हमारा लक्ष्य एक युवा और समावेशी अनुभव प्रदान करना है जो सुनने की सहायता उपकरणों के बारे में धारणाओं को पुनर्निर्धारित करता है और चंडीगढ़ के लोगों को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है । उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में सिग्निया स्टोर को हियरिंग हब द्वारा संचालित किया जाएगा, जो सुनने के क्लीनिकों में एक विश्वसनीय नाम है, जो समझता है कि सुनने की हानि का एक व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

प्रसिद्ध रोबोटिक सर्जन डॉ. पीटर सी.लिम ने गायनी रोबोटिक सर्जन डॉ. स्वप्ना मिसरा को किया सम्मानित

चंडीगढ़ । एक बड़ी उपलब्धि में, विश्वविख्यात रोबोटिक सर्जन, डॉ. पीटर सी. लिम, जो सेंटर ऑफ होप में गायनीकोलॉजिक ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी के मेडिकल डायरेक्टर हैं, साथ ही यूनिवर्सिटी ऑफ नेवादा रेनो स्कूल ऑफ मेडिसिन में क्लिनिकल एसोसिएट प्रोफेसर भी हैं, जिन्होंने दुनिया में सबसे अधिक 4000 से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी करने का रिकॉर्ड बनाया है, अमेरिका से विशेष रूप से भारत आए। उन्होंने डॉ. स्वप्ना मिसरा, डायरेक्टर, प्रसूति और स्त्री रोग, फोर्टिस अस्पताल मोहाली को रोबोट-एडेड सर्जरी के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया। डॉ. स्वप्ना मिसरा, जो एक रोबोटिक लैप्रोस्कोपिक और कैंसर सर्जन भी हैं, ने दुनिया के सबसे आधुनिक फोर्थ जनरेशन के रोबोट – “दा विची एक्सआई” के माध्यम से कई जटिल स्त्री रोगों से पीड़ित महिलाओं का सफलतापूर्वक उपचार किया है। डॉ. मिसरा ने अमेरिका के सैन डिएगो में डॉ. पीटर लिम के अधीन सबसे उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका में हाईएस्ट टीआर 500 प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है और वह देश की एकमात्र टीआर 500 प्रशिक्षित रोबोटिक सर्जन हैं। फोर्टिस मोहाली में रोबोट-एडेड सर्जरी कार्यक्रम की सफल स्थापना के लिए फोर्टिस नेतृत्व टीम की सराहना करते हुए, डॉ. पीटर ने कहा कि मैं फोर्टिस प्रबंधन और रोबोटिक सर्जनों, विशेष रूप से डॉ. स्वप्ना मिश्रा को बधाई देता हूं, जिन्होंने रोबोट-एडेड सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और जटिल बीमारियों से पीड़ित कई मरीजों का इलाज किया। मैंने डॉ. मिसरा को प्रशिक्षित किया है और वे इस अनूठे रोबोटिक प्रोग्राम का देश में सफल नेतृत्व करने में पूरी तरह सक्षम हैं। डॉ. स्वप्ना मिश्रा ने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे डॉ. पीटर लिम के अधीन प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला, जिनकी विशेषज्ञता और सटीकता अद्वितीय है। उनके मार्गदर्शन में मैंने रोबोट-एडेड सर्जरी के बारीक पहलुओं को सीखा, जिससे मेरी कुशलता में निखार आया। डॉ. मिसरा ने कई मरीजों का सफलतापूर्वक डेकेयर गायनी रोबोटिक सर्जरी” के माध्यम से इलाज किया है, जिससे सर्जरी और मरीज की डिस्चार्ज प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी हो जाती है।

एशिया लेबेक्स 2025 मेगा लेबोरेटरी शो का चंडीगढ़ में हुआ आगाज

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चंडीगढ़ । एशिया लेबेक्स, प्रयोगशाला, विश्लेषणात्मक, माइक्रोबायोलॉजी, अनुसंधान, जैव प्रौद्योगिकी उपकरण, रसायन, उपभोग्य सामग्रियों पर सबसे बड़ी और समर्पित प्रदर्शनी चंडीगढ़ के सेक्टर-17 परेड ग्राउंड में शुरु हुई, जोकि 22 मार्च तक चलेगी। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि संदीप जैन, एमडी, अकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल लिमिटेड, अशोक विंडलास, अध्यक्ष और सह-संस्थापक, विंडलास बायोटेक द्वारा किया गया। सम्मानित अतिथिओं में डॉ. डी. बिरदी, (निदेशक, प्री मीडियम फार्मास्युटिकल), डॉ. योगेंद्र सिंह (महाप्रबंधक, एक्यूइम्स ड्रग एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड), अमित चड्डा (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नेक्टर लाइफ साइंसेज लिमिटेड),संजीव महाजन (अध्यक्ष गुणवत्ता, इनोवा कैपटैब लिमिटेड), डॉ. नरेंद्र सिंह राव (मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी, सिंथिमेड लैब्स लिमिटेड), जावेद इमाम (वरिष्ठ उपाध्यक्ष, एरिस्टो फार्मास्युटिकल प्राइवेट लिमिटेड) मौजूद रहे I मेगा शो के बारे में जानकारी देते हुए एशिया लेबेक्स के निदेशक जसपाल सिंह ने बताया कि सेमिनार का विषय ‘विज्ञान उद्योग अनुसंधान और अनुप्रयोग के बीच अंतर को भरना’ है।

यह सेमिनार क्षेत्र में नए, उत्साहजनक और भविष्य के विकास को प्रदर्शित करेगा, जो अकादमिक, फार्मास्युटिकल उद्योग, अनुसंधान संस्थानों सीआरओ के बहु-विषयक शोधकर्ताओं के लिए एक अद्भुत अवसर होगा। उन्होंने आगे कहा कि नियामक संगठन अपनी सबसे अद्यतन अनुसंधान उपलब्धियों को प्रस्तुत करेंगे और क्यू.सी. और अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं के नवीनतम रुझानों और नवाचारों पर विशेष जोर देने के साथ संबंधित क्षेत्र के विविध पहलुओं पर चर्चा और विचार-विमर्श करेंगे। शो में फोकस क्षेत्र और प्रतिभागियों की प्रोफ़ाइल मुख्य रूप से विश्लेषणात्मक उपकरण, क्रोमैटोग्राफी और स्पेक्ट्रोस्कोपी, जैव प्रौद्योगिकी, प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान, प्रयोगशाला उपभोग्य वस्तुएं और रसायन, आणविक और नैदानिक ​​निदान, नैनो प्रौद्योगिकी, परीक्षण और माप, निस्पंदन और शैक्षिक प्रयोगशाला उपकरण हैं। उन्होंने कहा कि समवर्ती सेमिनार लैबोटिका प्रेरणादायक वक्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को सुनने, उनसे मिलने और बातचीत करने का सबसे अच्छा मंच है।