Sunday, June 28, 2026
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गर्मियों का तोहफा: ‘बैक टू सोर्स’ मोहाली ने पारंपरिक गर्मियों में ठंडक देने वाले समर कूलर्स पेश किए

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एक सोच-समझकर तैयार किए गए गर्मियों के खाने और पीने के मेनू में प्राचीन भारतीय सामग्री और आधुनिक वेलनेस का सटीक मेल

 फाउंडर डायरेक्टर पूजा अग्रवाल ने गर्मियों में पेट के लिए फायदेमंद और हाइड्रेशन पर ज़ोर देने वाले ड्रिंक्स के महत्व पर एक जानकारी भरा सेशन आयोजित किया

 मोहाली । सुरक्षा, सफाई, सामग्री की शुद्धता और खाना पकाने के स्वस्थ तरीकों के प्रति प्रतिबद्ध, ‘बैक टू सोर्स’ ने  तेज़ गर्मी से निपटने के लिए गर्मियों में ठंडक देने वाले पारंपरिक भारतीय ‘समर कूलर्स’ और फर्मेंटेड प्रोबायोटिक ड्रिंक्स की एक खास और बेहतरीन रेंज पेश की है। इन अनोखे ड्रिंक्स को मोहाली के जुबली जंक्शन सेक्टर 66 में बीटीएस के  आउटलेट पर प्रदर्शित किया गया। मीडिया के साथ जानकारी साझा करते हुए, ‘बैक टू सोर्स’ की फाउंडर डायरेक्टर पूजा अग्रवाल और ऑपरेशंस हेड ध्रुव अहलूवालिया ने ब्रांड के साफ-सुथरे, सोच-समझकर खाने के सिद्धांत पर रोशनी डाली, जो प्राकृतिक और समय की कसौटी पर परखी हुई पारंपरिक सामग्री पर आधारित है। पूजा अग्रवाल ने कहा कि “हमने इन ड्रिंक्स को उत्तरी भारत की तेज गर्मी का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन किया है; ये नए पेश किए गए ड्रिंक्स हाइड्रेशन, पोषण और पाचन संबंधी फ़ायदों का मेल हैं। इस खास और नई रेंज के मुख्य आकर्षणों में ‘गोंद कतीरा एल्मोंड मिल्क कूलर’, ‘ज्वार बादाम मिल्क शेक’ और ‘पाइनएप्पल टेपाचे’ शामिल हैं। पूजा ने बताया कि ‘गोंद कतीरा एल्मोंड मिल्क कूलर’ प्राचीन भारतीय नुस्खों से प्रेरित है, और इसमें भिगोई हुई खाने योग्य गोंद का इस्तेमाल किया गया है, जिसे ताज़े बादाम दूध और प्राकृतिक मिठास के साथ मिलाकर एक ठंडक देने वाला और पौष्टिक अनुभव प्रदान किया जाता है। पूजा ने आगे कहा कि “इसी तरह, ‘ज्वार बादाम मिल्क शेक’ में बाजरा-आधारित दूध को बादाम के साथ मिलाया गया है, ताकि बिना भारीपन महसूस कराए लगातार ऊर्जा मिलती रहे, जो इसे गर्म मौसम के लिए आदर्श बनाता है। ‘पाइनएप्पल टेपाचे’, जो अनानास के छिलकों से बना एक हल्का फर्मेंटेड ड्रिंक है, गर्मियों के इन अनोखे कूलर्स में एक प्राकृतिक रूप से फिजी और ताज़गी भरा ग्लोबल टच जोड़ता है। गर्मियों में पेट के लिए फायदेमंद और हाइड्रेशन पर ज़ोर देने वाले ड्रिंक्स के महत्व पर एक जानकारी भरा सेशन आयोजित करते हुए, पूजा ने कहा कि “हमारा ध्यान हमेशा उन सामग्रियों और तरीकों की ओर लौटने पर रहा है जिन्हें हमारा शरीर समझता है। इन गर्मियों के कूलर्स के साथ, हम गोंद कतीरा और बाजरा-आधारित ड्रिंक्स जैसी पारंपरिक समझ को इस तरह से पुनर्जीवित कर रहे हैं जो आज की जीवनशैली में फिट बैठता है। ये खास तौर पर तैयार किए गए ड्रिंक्स न केवल ताज़गी देने वाले हैं, बल्कि इन्हें गर्मियों के चरम दिनों में शरीर को स्वाभाविक रूप से ठंडा करने, हाइड्रेशन बनाए रखने और समग्र सेहत को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।पेय पदार्थों के साथ-साथ, ‘बैक टू सोर्स’ ने एक खास समर मेन्यू पेश किया, जिसमें हल्के, आसानी से पचने वाले और पोषक तत्वों से भरपूर व्यंजन शामिल थे। इस मेन्यू में ताज़े मौसमी सलाद, बार्ले सलाद (जौ का सलाद), एवोकैडो चिकनपी सलाद, एवोकैडो टोस्ट, और पिज़्ज़ा व काठी रोल जैसे लोकप्रिय व्यंजनों के हल्के वेरिएंट्स शामिल हैं। शेफ की खास पेशकशें, जैसे कि कुरकुरी भिंडी और फालूदा कुल्फी, इस मौसमी मेन्यू की रौनक को और भी बढ़ा देती हैं। इस बातचीत के दौरान, ध्रुव अहलूवालिया ने गर्मियों में खान-पान में संतुलन बनाए रखने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “हमने अपने मेन्यू को जान-बूझकर इस तरह से तैयार किया है कि यह पेट के लिए फायदेमंद हो और शरीर में पानी की कमी न होने दे। कम से कम तेल के इस्तेमाल से लेकर मौसमी उपज और प्राकृतिक सामग्री को शामिल करने तक, हर व्यंजन को इस तरह से बनाया गया है कि वह पेट के लिए हल्का हो, लेकिन साथ ही संतोषजनक और स्वादिष्ट भी हो। हमारा लक्ष्य ऐसा भोजन परोसना है जो आपको ऊर्जा दे, न कि आपको भारीपन का एहसास कराए। ‘बैक टू सोर्स’ के समर मेन्यू में ‘फ़्रेश मैंगो मोहितो’ और ‘स्ट्रॉबेरी मोहितो’ जैसे ताज़गी भरे पेय पदार्थ भी शामिल हैं, जो नए लॉन्च किए गए ड्रिंक्स के साथ खूब मेल खाते हैं। हालांकि, उनका मुख्य ज़ोर पारंपरिक और फ़र्मेंट किए हुए (खमीर वाले) पेय पदार्थों पर ही बना हुआ है, जो पाचन में सुधार और शरीर में पानी की मात्रा बढ़ाने जैसे फायदे देते हैं। ब्रांड के व्यापक दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए, पूजा अग्रवाल ने कहा कि “बैक टू सोर्स में, हमारा मानना है कि भोजन सरल, असली और शरीर को तरोताजा करने वाला होना चाहिए। पारंपरिक सामग्री, फ़र्मेंटेशन की तकनीकें और सोच-समझकर की गई तैयारी को एक साथ लाकर, हमारा लक्ष्य उस भोजन पर लोगों का भरोसा फिर से कायम करना है, जिसका हम रोज़ाना सेवन करते हैं। मीडिया के साथ यह बातचीत एक ‘टेस्टिंग सेशन’ के साथ समाप्त हुई, जिसमें उपस्थित लोगों को नए लॉन्च किए गए पेय पदार्थों और समर मेन्यू का डायरेक्ट अनुभव करने का अवसर मिला। यह पहल ‘बैक टू सोर्स’ की उस प्रतिबद्धता को और मज़बूत करती है, जिसके तहत वह एक ऐसे स्वास्थ्य-केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से रोजमर्रा के खान-पान को एक नई परिभाषा देना चाहता है, जो परंपरा और आधुनिक पसंदों का एक बेहतरीन मेल हो।

एआई + स्मार्टफोन नोवा 2 की बिक्री फ्लिपकार्ट पर शुरू

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अमृतसर । एआई + स्मार्टफोन ने अपनी नई नोवा शृंखला केअंतर्गत अपने नवीनतम डिवाइस नोवा 2 की बिक्री शुरू करने की घोषणा की है। रोजमर्रा कीभरोसेमंद उपयोगिता और आकर्षक व्यक्तिगत शैली को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया नोवा 2,  विशेष रूप से फ्लिपकार्ट और चुनिंदा रिटेल स्टोर्सपर उपलब्ध होगा। एआई+ नोवा 2 की कीमत इस प्रकार है: 4GB + 64GB | ₹8,999,6GB + 128GB | ₹10,999। माधव शेठ, सी.ई.ओ, एआई + स्मार्टफोन और संस्थापक, एनएक्सटीक्वांटम शिफ्ट टेक्नोलॉजीज़ ने कहा, “नोवा सीरीज हमारे लिए अब तक कासबसे सशक्त प्रदर्शन है, जो दर्शाता है कि एआई + क्या प्रतिनिधित्व करता है — ऐसी तकनीकजो सुलभ, भरोसेमंद और रोजमर्रा के उपयोग के लिए बनाई गई है। नोवा  2 के साथ हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था किजो उपयोगकर्ता पहली बार अपग्रेड कर रहे हैं या एआई + में स्विच कर रहे हैं, उन्हें बिनाकिसी समझौते के उनकी सभी ज़रूरतें पूरी हों। हम 14 अप्रैल को बिक्री शुरू करने के लिएउत्साहित हैं और अधिक उपयोगकर्ताओं को Ai+ इकोसिस्टम से जोड़ना चाहते हैं। ” दिनभर साथ निभाने वाला प्रदर्शन नोवा 2 में 6000mAh की बैटरी दी गई है, जोपूरे दिन स्ट्रीमिंग, ब्राउज़िंग, गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए पर्याप्त है। यहऐंड्रोइड 16 पर आधारित एनएक्सटीक्वांटम OS पर चलता है, जो शुरुआत से ही एक सहज और अनुकूलितअनुभव प्रदान करता है। इसमें 6.745-इंच का HD+ डिस्प्ले दिया गयाहै, जिसमें 120Hz का एडैप्टिव रिफ्रेश रेट और HBM सपोर्ट है, जिससे कंटेंट देखने यारोजमर्रा के कार्यों के दौरान स्मूद विज़ुअल्स और सहज स्क्रॉलिंग मिलती है। कैमरा और डिजाइन जो रोजमर्रा के जीवन केलिए तैयार इस स्मार्टफोन में 50MP का रियर कैमरा दियागया है, जो विभिन्न रोशनी की परिस्थितियों में स्पष्ट और प्राकृतिक तस्वीरें लेने मेंसक्षम है। साथ ही, 8MP का फ्रंट कैमरा सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए बेहतर स्पष्टताप्रदान करता है। नोवा 2 में IP64 रेटिंग के साथ एक परिष्कृतडिजाइन और साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर भी दिया गया है। यह पांच अलग-अलग रंगों— ग्रीन, पर्पल, पिंक, ब्लू , और ब्लैक — में उपलब्ध होगा, जिनमें से प्रत्येक एक अलगव्यक्तित्व को दर्शाता है।

आध्यात्मिकता ही शांति और सुख का एकमात्र मार्ग

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चण्डीगढ़। जिस प्रकार संसार के नियमों का पालन करने से व्यक्ति दंड से बचता है, उसी प्रकार परमात्मा के बनाए आध्यात्मिक नियमों का पालन करने से मनुष्य जीवन सार्थक हो जाता है। मनुष्य जन्म का मुख्य उद्देश्य परमात्मा की प्राप्ति है और जब यह उद्देश्य पूरा हो जाता है, तब जीवन में वास्तविक सुख, शांति और आनंद का अनुभव होता है, ये उद्गार यहां के स्थानीय प्रचारक डा0 विजय प्रभा ने सेक्टर-30 स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित महिला निरंकारी संत समागम में हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालु बहनों एवं संगत को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए । डा. प्रभा ने आगे कहा कि आज भौतिक सुविधाओं की उपलब्धि के बावजूद मनुष्य के जीवन में अशांति और असंतोष व्याप्त है क्योंकि वह परमात्मा से दूर हो गया है। वास्तविक शांति केवल आध्यात्मिकता से ही प्राप्त हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि जब मनुष्य सभी में एक ही परमात्मा को देखता है, तब आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भावना स्वतः विकसित हो जाती है। डॉ. विजय प्रभा ने पारिवारिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज भव्य मकान तो बन गए हैं, परंतु घरों में अपनापन और प्रेम की कमी देखी जा रही है। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए क्षमा, सहनशीलता और आपसी सम्मान को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बहनों को विशेष संदेश देते हुए कहा कि वे अपनी पारिवारिक एवं सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भक्ति मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहें। साथ ही उन्होंने आत्ममंथन करने, दूसरों की कमियों के बजाय स्वयं को सुधारने तथा बुजुर्गों का सम्मान करने पर विशेष बल दिया। इस अवसर पर विभिन्न आयु वर्ग की बहनों ने गीत, कविताओं, विचारों एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से भक्ति भाव प्रकट करते हुए वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। कार्यक्रम के अंत में यहां के ज़ोनल इन्चार्ज ओपी निरंकारी, संयोजक नवनीत पाठक, मुखी सैक्टर 45 ऐरिया एनके गुप्ता द्वारा सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं उपस्थित संगत का आभार व्यक्त किया गया।

कनाडा निवासी को शैल्बी अस्पताल मोहाली में रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी से मिला नया जीवन

चंडीगढ़ । लंबे समय से मोबिलिटी के अभाव में व्हीलचेयर पर जिंदगी गुजारने के लिए मजबूर कनाडा के 74 वर्षीय निवासी का शैल्बी अस्पताल मोहाली में रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी ऑपरेशन सफलतापूर्वक हुआ। सर्जरी से मरीज की मोबिलिटी बहाल हुई, जो लगभग तीन वर्षों से दोनों घुटनों में गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस और गंभीर डिफॉर्मिटी के कारण व्हीलचेयर पर थे। कनाडा में नी रिप्लेसमेंट सर्जरी ऑपरेशन के लिए लंबे इंतजार के बाद मरीज ने शैल्बी अस्पताल, मोहाली से संपर्क किया था। चेयरमैन -ऑर्थो और जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी, शैल्बी अस्पताल मोहाली, डॉ प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि मरीज के दोनों घुटनों में हड्डियों में काफी डिफेक्ट और डिफॉर्मिटी थी, जिससे मामला जटिल हो गया और विशेष सर्जिकल योजना की आवश्यकता पड़ी। डिफॉर्मिटी इतनी गंभीर थी कि टिबिया की तरफ रिवीजन इम्प्लांट की जरूरत पड़ी। डॉ अग्रवाल ने बताया कि रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी ऑपरेशन के 24 घंटे के भीतर ही मरीज ने खड़े होकर और सहारे से चलकर उत्साहजनक सुधार दिखाया। डॉ अग्रवाल ने कहा कि रोबोट की सहायता से की जाने वाली नी रिप्लेसमेंट सर्जरी को दुनिया भर में तेजी से अपनाया जा रहा है, क्योंकि यह सर्जिकल प्रिसिशन की सटीकता को बढ़ाती है, रिप्लेसमेंट की स्थिति को अनुकूलित करती है और जटिल मामलों में बेहतर अलाइनमेंट में सहायक होती है। कंसल्टेंट-ऑर्थो, डॉ अक्षत श्रीवास्तव ने कहा, विशेष रूप से गंभीर डिफॉर्मिटी और उन्नत गठिया वाले रोगियों के लिए रोबोट की सहायता से की जाने वाली रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी में एक महत्वपूर्ण प्रगति है।

वैशाख मास में अन्न भंडारे का विशेष महत्व

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पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट ने आयोजित किया 213वां अन्न भंडारा

पंचकूला। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष के पावन अवसर पर पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा श्रद्धा, सेवा और मानवता के भाव से अपना 213वां अन्न भंडारा आयोजित किया गया। यह आयोजन पंचकूला औद्योगिक क्षेत्र, फेज-1 में ट्रस्ट के संस्थापक एवं समाजसेवी अमिताभ रूंगटा के नेतृत्व में संपन्न हुआ।इस अवसर पर अमिताभ रूंगटा ने वैशाख मास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महीना हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दौरान किए गए दान-पुण्य का विशेष फल प्राप्त होता है। अन्न दान को सर्वोत्तम दान बताया गया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर जरूरतमंदों और राहगीरों की भूख मिटाने का कार्य करता है। वैशाख मास में अन्न भंडारा आयोजित करने से न केवल लोगों को राहत मिलती है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और सद्भावना का संदेश भी फैलता है। उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में इस प्रकार का आयोजन समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता हैं। अन्न भंडारा केवल भोजन वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सशक्त उदाहरण है।भंडारे के दौरान ट्रस्ट के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

संजय टंडन ने तीसरे इंडिया स्केट गेम्स का उद्घाटन किया

चंडीगढ़। संजय टंडन, जो चंडीगढ़ प्रशासन की खेल प्रबंधन पर एडमिनिस्ट्रेटर एडवाइजरी काउंसिल की स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन हैं, ने कहा है कि ट्राईसिटी में होने वाली 21वीं एशियन रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग फेडरेशन को सभी जरूरी मदद दी जाएगी।उन्होंने आगे बताया कि इस बारे में पंजाब के माननीय राज्यपाल और चंडीगढ़ के एडमिनिस्ट्रेटर से पहले ही बातचीत हो चुकी है। टंडन ने ये बातें महेंद्र सिंह, जॉइंट डायरेक्टर, स्पोर्ट्स के साथ तीसरे इंडिया स्केट गेम्स का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहीं।प्रशासन की प्रतिबद्धता पर ज़ोर देते हुए, टंडन ने कहा कि रोलर स्केटिंग के लिए कोई भी ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड किया जाएगा। इसके साथ ही एशियन चैंपियनशिप के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी सुविधा को तैयार कर प्रतिभागियों को उपलब्ध करवाया जाएगा। पंजाब के राज्यपाल महोदय ने भी इस बड़े आयोजन की मेजबानी करने में गहरी दिलचस्पी और पूरा समर्थन दिखाया है, जिससे चंडीगढ़ भारत में रोलर स्पोर्ट्स के लिए एक बढ़ते सेंटर के तौर पर तेजी से उभर रहा है, टंडन ने आगे कहा ।खास बात यह है कि तीसरे इंडिया स्केट गेम्स में देश भर से लगभग 600 स्केटर्स ने हिस्सा लिया है। इस मल्टी-डिसिप्लिन आयोजन में रिंक हॉकी (रोलर हॉकी), इनलाइन हॉकी, रोलर डर्बी, अल्पाइन स्केटिंग और डाउनहिल स्केटिंग के मुकाबले हो रहे हैं। टंडन ने स्केटिंग कम्युनिटी को इस इलाके में रोलर स्पोर्ट्स की ग्रोथ के लिए चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से पूरे समर्थन का भरोसा दिलाया। रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट तुलसी राम अग्रवाल भी इस आयोजन में मौजूद थे।

चंडीगढ़ में सेलिब्रिटी शोकेस के दौरान रैंप पर स्टूडेंट डिज़ाइनरों ने दिखाया अपनी प्रतिभा का कमाल

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चंडीगढ़ । ओरेन इंटरनेशनल आज अपने फैशन एजुकेशन प्लेटफॉर्म को नई ऊंचाइयों पर ले गया। ओरेन फैशन स्कूल ने चंडीगढ़ में एक बड़े स्टूडेंट फैशन शो और सेलिब्रिटी इंटरैक्शन सेशन का आयोजन किया। ओरेन इंटरनेशनल भारत की सबसे बड़ी ब्यूटी एंड वेलनेस एजुकेशन कंपनी है और इसके 19 राज्यों में 118 स्कूल और कनाडा के विक्टोरिया में एक सेंटर है । इस इवेंट में नए डिज़ाइनरों, सेलेब्रिटी फैशन और एंटरटेनमेंट हस्तियों और मीडिया ने जोश, रचनात्मकता और उत्साह के साथ हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि इस इवेंट में फराह संजना और दृष्टि खुराना जैसे जाने-माने नामों ने भी शिरकत की। ओरेन के छात्रों ने अपने खुद के डिज़ाइन किए कलेक्शन पेश करके हुनर, मौलिकता और रैंप कॉन्फिडेंस का शानदार नमूना दिखाया। पूरा माहौल ऊर्जा से भरा था – यह ओरेन की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग का नतीजा और उनकी सीखने सिखलाने की फिलॉसफी की पहचान था। यह इवेंट तब अपने चरम पर पहुँच गया जब फैशन और मनोरंजन जगत की दो मशहूर हस्तियाँ फराह संजना और दृष्टि खुराना वहाँ पहुँचीं। दोनों सेलिब्रिटी ने छात्रों से खुलकर बातचीत की, अपने करियर के अनुभव, इंडस्ट्री की असलियतें और वो गुण शेयर किए जो एक अच्छे डिज़ाइनर को महान डिज़ाइनर से अलग बनाते हैं — यह खुली बातचीत स्टूडेंट्स ने बड़े उत्साह से सुनी। मीडिया बाइट्स और इन-हाउस वीडियो कवरेज ने भी इस मौके की रौनक बढ़ा दी। इस दिन को और भी खास बनाते हुए, ओरेन इंटरनेशनल ने पंजाब के लामरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी (एलटीएसयू) के साथ एक बड़ी इंडस्ट्री पार्टनरशिप की घोषणा की। यह समझौता एलटीएसयू के सीईओ श्री विमल मन्होत्रा के साथ हुआ। इसके तहत ओरेन एलटीएसयू के फैशन डिजाइन डिग्री प्रोग्राम्स के लिए इंडस्ट्री पार्टनर बनेगा — जिससे विद्यार्थियों को मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी डिग्री मिलेगी और साथ ही ओरेन की इंडस्ट्री एक्सपर्टीज, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोफेशनल नेटवर्क का फायदा भी होगा।लामरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी पंजाब के सीईओ विमल मन्होत्रा ने कहा “ओरेन इंटरनेशनल के साथ हमारी साझेदारी भारत में फैशन शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। एलटीएसयू की अकादमिक ताकत और ओरेन के इंडस्ट्री अनुभव को मिलाकर हम छात्रों के लिए ऐसा रास्ता बना रहे हैं जहाँ उन्हें दोनों दुनियाओं का सबसे अच्छा फायदा मिले — एक मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी डिग्री और वो हाथों-हाथ, इंडस्ट्री के लिए तैयार प्रशिक्षण जिसकी फैशन इंडस्ट्री को ज़रूरत है। ओरेन इंटरनेशनल के डायरेक्टर कुलजिंदर सिद्धू ने कहा “आज का दिन ओरेन के लिए दो मामलों में गर्व का पल है। अपने छात्रों को उनके खुद के बनाए डिज़ाइन के साथ रैंप पर राज करते देखना बहुत संतोष देता है — यह साबित करता है कि हमारा ट्रेनिंग मॉडल कारगर है। उतना ही अहम है लामरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी के साथ हमारी साझेदारी, जो अब हमारे छात्रों को ओरेन की इंडस्ट्री ट्रेनिंग के साथ-साथ एक मान्यता प्राप्त फैशन डिजाइन डिग्री दे रही है। अकादमिक मान्यता और प्रोफेशनल तैयारी का यह मेल फैशन इंडस्ट्री को लंबे समय से चाहिए था, और हमें गर्व है कि हम वो संस्थान हैं जो इसे दे रहा है। अपनी कमर्शियल और अकादमिक उपलब्धियों के अलावा, ओरेन एफडीएम ने गुणवत्तापूर्ण फैशन शिक्षा को सबके लिए सुलभ बनाने की प्रतिबद्धता दिखाई है। यह संस्थान देशभर में 34 शाखाओं में गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवारों के विद्यार्थियों को मुफ्त फैशन शिक्षा दे रहा है। अब तक, इस पहल के तहत 80 बीपीएल विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है — और ये सभी आज स्वतंत्र रूप से ओरेन एफडीएम में सीखे गए हुनर के दम पर अपनी रोज़ी कमा रहे हैं। ओरेन इंटरनेशनल की डायरेक्टर निधि सिद्धू ने कहा “ओरेन एफडीएम में हमारा पूरा फोकस स्किल डेवलपमेंट और हाथों-हाथ प्रैक्टिकल अनुभव पर है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारे छात्र इंडस्ट्री की वास्तविकताओं से जुड़े रहें, हम नियमित रूप से फैशन और इंटीरियर डिजाइन के दिग्गजों को बुलाते हैं, जो क्लासरूम में सीधे मार्केट के ताज़ा नजरिए को लाते हैं। हमारे स्ट्रक्चर्ड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग मॉड्यूल्स को अकादमिक सीख और प्रोफेशनल मानकों के बीच की दूरी को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है — और यही तैयारी छात्रों को वह आत्मविश्वास देती है कि वे अपने कलेक्शन्स को खुद से सोचकर और फैकल्टी की निगरानी में हमारे स्टूडेंट फैशन शो में पेश कर सकें। अब लामरिन से डिग्री मिलने से उनकी औपचारिक उपलब्धियों को और बढ़ावा मिलेगा। अपने अकादमिक प्रोग्राम्स के अलावा, हम कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए एक समान अवसरों वाला माहौल बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। रेन भारत में एक्सपीरिएंशल फैशन एजुकेशन के लिए लगातार नए मानदंड स्थापित कर रहा है, ऐसे अवसर पैदा कर रहा है जो क्लासरूम की पढ़ाई और प्रोफेशनल एक्सीलेंस के बीच की दूरी को पूरा करते हैं।

गौ सम्मान आह्वान अभियान ने उठाई गौ-कल्याण के लिए ठोस व्यवस्था की मांग

चंडीगढ़। गौ सम्मान आह्वान अभियान के आयोजकों ने शनिवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर देशभर में गौ-कल्याण और संरक्षण के लिए एक सुव्यवस्थित और जवाबदेह व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि विभिन्न योजनाओं और नीतियों के बावजूद, कोर्डिनेशन की कमी, निगरानी के अभाव और जमीनी स्तर पर कमजोर इम्प्लीमेंटेशन के कारण विशेष रूप से आवारा और अनुपयोगी गौवंश आज भी उपेक्षा और असुरक्षा की स्थिति में है। मीडिया को संबोधित करते हुए अभियान के प्रवक्ता विपिन कंसल और जगदीश चंदर बत्ता सहित अविनाश कुमार नाभा और राजेश ढींगरा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य “सेवा, सुरक्षा और सम्मान” के भाव के साथ गौवंश के लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल आर्थिक संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही, मजबूत ढांचे और जनभागीदारी से जुड़ा हुआ है, जिसे एक साथ जोड़कर ही स्थायी समाधान संभव है। उन्होंनें असहमति जताई की सरकारों द्वारो करोड़ो रुपयों को काउ सैस लिये जाने के बावजूद भी गौ कल्याण की जमीनीं स्तर पर योजनायें नदारद हैं। अभियान की प्रमुख मांगों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एक स्पष्ट प्रशासनिक ढांचा बनाया जाए, जिसमें नामित अधिकारी या समितियां सीधे तौर पर गौ-कल्याण के लिए जिम्मेदार हों। ये अधिकारी गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करें, योजनाओं के इम्पलीमेंटेशन की निगरानी रखें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी गौ असहाय या बेसहारा न रहे। साथ ही, निराश्रित पशुओं की समस्या के समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। अभियान में गौ-आधारभूत संरचना को मजबूत करने की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया गया। इसके तहत गांव, ब्लॉक और जिला स्तर पर आधुनिक और सुव्यवस्थित गौशालाओं की स्थापना और रखरखाव की मांग की गई, जहां चारे, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं और प्रशिक्षित कर्मचारियों की समुचित व्यवस्था हो। इसके अतिरिक्त, अनुपयोगी या खाली पड़ी सरकारी भूमि को चिन्हित कर गौशालाओं के लिए उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया, ताकि बढ़ती संख्या में निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिल सके। अभियान ने देशव्यापी सर्वेक्षण और गौवंश की टैगिंग की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि एक सटीक डाटाबेस तैयार हो सके। इससे पशुओं की पहचान, स्वामित्व का निर्धारण, परित्याग पर रोक और योजनाओं के बेहतर सहायता मिलेगी। साथ ही, गौशालाओं की निगरानी, स्वास्थ्य रिकॉर्ड के रखरखाव और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक के उपयोग को भी आवश्यक बताया गया। कानूनी पहलुओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण और पशु क्रूरता से संबंधित कानूनों का सख्ती से पालन कराया जाए। अंतरराज्यीय सीमाओं और परिवहन मार्गों पर निगरानी मजबूत की जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन पर जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई। अभियान ने किसानों और गौ वंश पालकों के समर्थन को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया। इसके तहत आर्थिक सहायता, पशु बीमा योजनाएं, चारे पर सब्सिडी और सस्ती पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई, ताकि आर्थिक मजबूरियों के कारण पशुओं को छोड़ने की प्रवृत्ति को रोका जा सके। इसके साथ ही, सामुदायिक भागीदारी और गोद लेने जैसे मॉडल को बढ़ावा देने की भी बात कही गई। आयोजकों ने जनभागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों से इस दिशा में सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में मूल्य आधारित कार्यक्रम शुरू करने का भी सुझाव दिया, ताकि गौ वंश के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। अंत में, श्री कंसल ने कहा कि यह अभियान पूरी तरह से गैर-राजनीतिक और सेवा-प्रधान पहल है, जो “सेवा, सुरक्षा और सम्मान” के मूल्यों पर आधारित है और किसी भी प्रकार का चंदा नहीं लेता। इस प्रेस वार्ता का उद्देश्य नीति-निर्माताओं और संबंधित पक्षों के साथ सार्थक संवाद स्थापित कर इस महत्वपूर्ण विषय पर ठोस और शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करना है। उन्होने बताया कि इस अभियान से जुड़ने के लिये 9067777323 पर एक मिस काल कर सभी जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं।

पंचकूला नगर निगम चुनाव वार्ड 14 से भाजपा प्रत्याशी राकेश गोयल ने दाखिल किया अपना नामांकन

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पंचकूला। पंचकूला नगर निगम के 10 मई को हो रहे चुनाव के लिए शहर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी राकेश गोयल ने आज अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे, जिनमें भारी उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर राकेश गोयल ने कहा कि उनका चुनाव लड़ने का उद्देश्य केवल राजनीति नहीं, बल्कि जनता की सेवा और क्षेत्र का समग्र विकास है। उन्होंने क्षेत्र में बेहतर आधारभूत सुविधाएं, स्वच्छता, सड़क, जल और अन्य आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वार्ड नंबर 14 के नागरिकों का विश्वास और समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नामांकन के बाद समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया और जीत का विश्वास जताया। आने वाले दिनों में चुनावी गतिविधियों के और तेज होने की संभावना है।

एसडी कॉलेज में दो दिवसीय एसईएम कार्यशाला संपन्न, प्रतिभागियों को सिखाए डेटा विश्लेषण के गुर

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चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज के पोस्ट ग्रेजुएट कामर्स एंड मैनेजमेंट विभाग द्वारा पीएम-उषा योजना के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय स्ट्रक्चरल इक्वेशन मॉडलिंग (एसईएम) वर्कशॉप रविवार को संपन्न हो गई। वर्कशॉप के दूसरे दिन का मुख्य फोकस एसईएम के एडवांस्ड एप्लीकेशंस पर रहा। इस दौरान प्रतिभागियों को एम्पिरिकल रिसर्च तकनीकों की गहन जानकारी दी गई, जिससे उनकी शोध संबंधी समझ और कौशल को मजबूत करने में मदद मिली।कार्यशाला के सत्र पंजाब यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नितिन अरोड़ा द्वारा संचालित किए गए। उन्होंने व्यावहारिक प्रदर्शन और हैंड्स-ऑन लर्निंग के माध्यम से प्रतिभागियों को लगातार सक्रिय रूप से जोड़े रखा। दूसरे सत्र और समापन में स्ट्रक्चरल इक्वेशन मॉडलिंग (एसईएम) और पैनल डेटा एनालिसिस पर फोकस किया गया। इसमें प्रतिभागियों को प्रैक्टिकल अभ्यास कराकर बताया गया कि जटिल और लंबे समय के डेटा को कैसे संभालते हैं और उससे सही निष्कर्ष कैसे निकाले जाते हैं। प्रतिभागियों को लॉन्गिट्यूडिनल और जटिल डेटा सेट्स के प्रबंधन, समय-आधारित संबंधों को समझने तथा शोध मॉडलों की विश्वसनीयता बढ़ाने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इंटरएक्टिव सत्र के दौरान रियल-टाइम डेटा विश्लेषण और मॉडल की व्याख्या कराई गई, जिससे प्रतिभागियों की विश्लेषणात्मक क्षमता और एसईएम टूल्स के प्रभावी उपयोग में आत्मविश्वास बढ़ा। यह कार्यशाला एनईपी 2020 के तहत बहु-विषयक शिक्षा और कौशल विकास की भावना को आगे बढ़ाने वाला एक अच्छा प्रयास रही, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और चर्चा की। समापन सत्र के दौरान कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने रिसोर्स पर्सन के योगदान की सराहना की और प्रतिभागियों के उत्साह की प्रशंसा की। उन्होंने प्रतिभागियों को उन्नत शोध पद्धतियों के साथ लगातार जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। वहीं, पीजी कामर्स एंड मैनेजमेंट विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजीव बहल ने संक्षेप में कहा कि इस तरह की शैक्षणिक पहलें शोध क्षमताओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वर्कशॉप का समापन औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे पीजी कामर्स एंड मैनेजमेंट विभाग की डीन डॉ. मेरू सहगल ने प्रस्तुत किया। उन्होंने रिसोर्स पर्सन, कॉलेज प्रशासन और सभी प्रतिभागियों का कार्यशाला को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रतिभागियों से फीडबैक भी लिया गया, जिसमें कार्यशाला की उपयोगिता और प्रभावशीलता की सराहना की गई। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।