चंडीगढ़ । लंबे समय से मोबिलिटी के अभाव में व्हीलचेयर पर जिंदगी गुजारने के लिए मजबूर कनाडा के 74 वर्षीय निवासी का शैल्बी अस्पताल मोहाली में रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी ऑपरेशन सफलतापूर्वक हुआ। सर्जरी से मरीज की मोबिलिटी बहाल हुई, जो लगभग तीन वर्षों से दोनों घुटनों में गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस और गंभीर डिफॉर्मिटी के कारण व्हीलचेयर पर थे। कनाडा में नी रिप्लेसमेंट सर्जरी ऑपरेशन के लिए लंबे इंतजार के बाद मरीज ने शैल्बी अस्पताल, मोहाली से संपर्क किया था। चेयरमैन -ऑर्थो और जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी, शैल्बी अस्पताल मोहाली, डॉ प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि मरीज के दोनों घुटनों में हड्डियों में काफी डिफेक्ट और डिफॉर्मिटी थी, जिससे मामला जटिल हो गया और विशेष सर्जिकल योजना की आवश्यकता पड़ी। डिफॉर्मिटी इतनी गंभीर थी कि टिबिया की तरफ रिवीजन इम्प्लांट की जरूरत पड़ी। डॉ अग्रवाल ने बताया कि रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी ऑपरेशन के 24 घंटे के भीतर ही मरीज ने खड़े होकर और सहारे से चलकर उत्साहजनक सुधार दिखाया। डॉ अग्रवाल ने कहा कि रोबोट की सहायता से की जाने वाली नी रिप्लेसमेंट सर्जरी को दुनिया भर में तेजी से अपनाया जा रहा है, क्योंकि यह सर्जिकल प्रिसिशन की सटीकता को बढ़ाती है, रिप्लेसमेंट की स्थिति को अनुकूलित करती है और जटिल मामलों में बेहतर अलाइनमेंट में सहायक होती है। कंसल्टेंट-ऑर्थो, डॉ अक्षत श्रीवास्तव ने कहा, विशेष रूप से गंभीर डिफॉर्मिटी और उन्नत गठिया वाले रोगियों के लिए रोबोट की सहायता से की जाने वाली रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी में एक महत्वपूर्ण प्रगति है।



