चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज के पोस्ट ग्रेजुएट कामर्स एंड मैनेजमेंट विभाग द्वारा पीएम-उषा योजना के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय स्ट्रक्चरल इक्वेशन मॉडलिंग (एसईएम) वर्कशॉप रविवार को संपन्न हो गई। वर्कशॉप के दूसरे दिन का मुख्य फोकस एसईएम के एडवांस्ड एप्लीकेशंस पर रहा। इस दौरान प्रतिभागियों को एम्पिरिकल रिसर्च तकनीकों की गहन जानकारी दी गई, जिससे उनकी शोध संबंधी समझ और कौशल को मजबूत करने में मदद मिली।कार्यशाला के सत्र पंजाब यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नितिन अरोड़ा द्वारा संचालित किए गए। उन्होंने व्यावहारिक प्रदर्शन और हैंड्स-ऑन लर्निंग के माध्यम से प्रतिभागियों को लगातार सक्रिय रूप से जोड़े रखा। दूसरे सत्र और समापन में स्ट्रक्चरल इक्वेशन मॉडलिंग (एसईएम) और पैनल डेटा एनालिसिस पर फोकस किया गया। इसमें प्रतिभागियों को प्रैक्टिकल अभ्यास कराकर बताया गया कि जटिल और लंबे समय के डेटा को कैसे संभालते हैं और उससे सही निष्कर्ष कैसे निकाले जाते हैं। प्रतिभागियों को लॉन्गिट्यूडिनल और जटिल डेटा सेट्स के प्रबंधन, समय-आधारित संबंधों को समझने तथा शोध मॉडलों की विश्वसनीयता बढ़ाने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इंटरएक्टिव सत्र के दौरान रियल-टाइम डेटा विश्लेषण और मॉडल की व्याख्या कराई गई, जिससे प्रतिभागियों की विश्लेषणात्मक क्षमता और एसईएम टूल्स के प्रभावी उपयोग में आत्मविश्वास बढ़ा। यह कार्यशाला एनईपी 2020 के तहत बहु-विषयक शिक्षा और कौशल विकास की भावना को आगे बढ़ाने वाला एक अच्छा प्रयास रही, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और चर्चा की। समापन सत्र के दौरान कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने रिसोर्स पर्सन के योगदान की सराहना की और प्रतिभागियों के उत्साह की प्रशंसा की। उन्होंने प्रतिभागियों को उन्नत शोध पद्धतियों के साथ लगातार जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। वहीं, पीजी कामर्स एंड मैनेजमेंट विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजीव बहल ने संक्षेप में कहा कि इस तरह की शैक्षणिक पहलें शोध क्षमताओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वर्कशॉप का समापन औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे पीजी कामर्स एंड मैनेजमेंट विभाग की डीन डॉ. मेरू सहगल ने प्रस्तुत किया। उन्होंने रिसोर्स पर्सन, कॉलेज प्रशासन और सभी प्रतिभागियों का कार्यशाला को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रतिभागियों से फीडबैक भी लिया गया, जिसमें कार्यशाला की उपयोगिता और प्रभावशीलता की सराहना की गई। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

