Tuesday, June 30, 2026
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चंडीगढ़ सेक्टर 34 एग्जीबिशन ग्राउंड में उतरा यूएफ़ ओ-(उड़नतश्तरी)

नार्थ इंडिया में पहली बार यूएफ़ओ थीम पर भव्य प्रवेश द्वार

लोगों को कर रहा आकर्षित, देखने के लिए उमड़ रहा हुजूम

चंडीगढ़ । यूएफ़ओ-(उड़नतश्तरी) के बारे में लोगों में हमेशा ही जिज्ञासा बनी रही है। लोग इसे देखने को हमेशा ही लालायित रहे हैं। लोगों की इसी लालसा को पूरा करने को ध्यान में रखते हुए जिंदल इवेंट्स इस बार सेक्टर 34 में कुछ अलग ही लेकर आए हैं। जिंदल इवेंट्स द्वारा सेक्टर 34 के एग्जीबिशन मैदान में लगाए गए चंडीगढ़ समर कार्निवाल में इस बार यू एफ़ ओ-(उड़नतश्तरी) थीम पर भव्य प्रवेश द्वार तैयार किया गया है। यू एफ़ ओ-(उड़नतश्तरी) को नजदीक से देखने के इच्छुक लोगों को अपनी ओर यह आकर्षित कर रही है। चंडीगढ़ समर कार्निवाल के संचालक बिपन जिंदल ने बताया कि जिंदल इवेंट्स अपने कार्निवाल में हर बार अपने विज़िटर्स को कुछ अलग और कुछ नया देना चाहता है। जो उनका ध्यान आकर्षित करे और वो बरबस ही इसे देखने को लालायित हों। बिपन जिंदल ने आगे बताया कि इसी को ध्यान में रखकर सेक्टर 34 के एग्जीबिशन ग्राउंड में लगाए गए चंडीगढ़ समर कार्निवाल में यू एफ़ ओ-(उड़नतश्तरी) थीम पर भव्य प्रवेश द्वार तैयार किया गया है।

35 फ़ीट ऊंचे 18 फ़ीट चौड़ाई वाले भव्य प्रवेश द्वार के बीच मे से गुजर कर विजिटर कार्निवाल में एंटर होगा। प्रवेश द्वार में से गुजरते हुए उसे ऐसा लगेगा कि जैसे वो यू एफ़ ओ-(उड़नतश्तरी) में आ पहुंचा हो। कार्निवाल में आपको एक शानदार शाम बिताने का मौका मिलेगा। इस जगह पर आप न केवल दोस्तों के साथ बल्कि फैमिली के साथ भी जा सकते हैं। रंगों और मौज मस्ती से भरपूर कार्निवल मनोरंजन की सवारी से भरा हुआ है, यहां मस्ती करने के बाद ये दिन आपका यकीनन खुशियों से भर जाएगा। इसके अलावा आप फूड स्टॉल अलग-अलग व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त, बच्चों और वयस्कों के लिए लगभग 10 झूले लगाए गए हैं। झूलों में बच्चों -वयस्कों के लिए ड्रैगन व्हील, कोलंबस, ब्रेक डांस, मिककी माउस, ड्रैगन ट्रैन, जायंट व्हील, स्कारी हाउस और मेरी गो राउंड इत्यादि शामिल हैं। इसलिए सभी झूलों का भी फिटनेस परीक्षण किया गया है। 3 जून 2025 से शुरू होकर 15 जुलाई को समाप्त होने वाले कार्निवाल में प्रवेश के लिए प्रत्येक व्यक्ति से प्रवेश शुल्क मात्र ₹50 रखा गया है। कार्निवाल शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक चला करेगा। यहां हर तरह की दुकानें हैं, जैसे रेडीमेड कपड़े, टेराकोटा मूर्तियां, राजस्थानी प्योर गचक, वुडन डिज़ाइनर फर्नीचर, पानीपत हैंडलूम, बदोई कारपेट, कश्मीरी गर्म वस्त्र, और मैग्नेटिक अक्यूप्रेशर मशीन, किताबें और बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले उपलब्ध हैं। आयोजक रिंकू के अनुसार कार्निवाल में सुरक्षा के पूरे इंतज़ाम है। कार्निवाल में जगह जगह पर सीसीटीवी इनस्टॉल किए गए हैं। किसी भी तरह की अनहोनी के लिए फायर सुरक्षा उपकरण का भी इंतजाम है।

फोर्टिस मोहाली में स्त्री कैंसर रोगियों के लिए एडवांस्ड और पर्सनलाइज्ड कैंसर उपचार

शिमला । फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली के गायनी ऑन्कोलॉजी विभाग ने जटिल स्त्री कैंसर (गायनी कैंसर) से पीड़ित कई मरीजों का एडवांस्ड और पर्सनलाइज्ड कैंसर उपचार प्रदान कर सफल इलाज किया है। फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली की गायनी ऑन्को-सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. श्वेता तहलान ने विश्व की सबसे उन्नत चौथी पीढ़ी की रोबोटिक तकनीक – द विंची एक्स आई का उपयोग करते हुए ओपन सर्जरी और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी (कम चीरा लगाकर की जाने वाली सर्जरी) सफलतापूर्वक की हैं। आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी देते हुए डॉ. तहलान ने कहा कि फोर्टिस अस्पताल मोहाली में हम ओवरी, यूटेरस, सर्विक्स और दुर्लभ कैंसर जैसे सारकोमा व वल्वर कैंसर से पीड़ित महिलाओं को उन्नत और मरीज-केंद्रित देखभाल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम बेहतर ऑन्कोलॉजिकल परिणामों के साथ जीवन की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देते हुए हर मरीज की विशेष जरूरतों के अनुसार अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। इसके लिए विशेषज्ञ सर्जिकल निर्णय, मल्टी-डिसिप्लिनरी समन्वय और वैयक्तिकीकृत योजना की आवश्यकता होती है, ताकि सर्वोत्तम परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें। पहले मामले में, 84 वर्षीय महिला जो यूटेरस कैंसर और पहले से मौजूद हृदय रोग से पीड़ित थीं, का सफलतापूर्वक रोबोट-एडेड कैंसर ऑपरेशन किया गया। रोबोटिक सर्जरी की मिनिमली इनवेसिव तकनीक के कारण ऑपरेशन में खून का कम नुकसान हुआ, छोटे चीरे लगे और रिकवरी तेज़ रही। मरीज ने सर्जरी के केवल तीन दिन बाद ही अपनी सामान्य दिनचर्या फिर से शुरू कर दी। इस मामले पर बात करते हुए डॉ. तहलान ने कहा कि रोबोट-एडेड सर्जरी बुजुर्ग और उच्च जोखिम वाले मरीजों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होती है, क्योंकि इससे बड़े कैंसर ऑपरेशन अधिक सुरक्षित और सटीक तरीके से किए जा सकते हैं। एक अन्य मामले में, 20 वर्षीय युवती फोर्टिस मोहाली पहुंची, जिसे 20×25 सेंटीमीटर आकार का बड़ा ओवरी ट्यूमर था। जांच में उसे प्रारंभिक अवस्था का एक दुर्लभ प्रकार का ओवरी कैंसर पाया गया। उसकी प्रजनन क्षमता (फर्टिलिटी) को सुरक्षित रखने के लिए डॉ. तहलान ने उस पर फर्टिलिटी-स्पेयरिंग सर्जरी की, जिसमें उसका गर्भाशय और दूसरी ओवरी सुरक्षित रखी गई, जबकि ट्यूमर को पूरी तरह से हटा दिया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की रिकवरी सहज रही और कुछ समय बाद उसके मासिक धर्म चक्र भी सामान्य हो गए। यह मामला दर्शाता है कि समय पर हस्तक्षेप और विशेषज्ञ सर्जिकल देखभाल के ज़रिए कैंसर के बाद भी महिला की प्रजनन क्षमता सुरक्षित रखी जा सकती है।

केशव बंसल ने जेईई एडवांस्ड 2025 में एआईआर 382 प्राप्त किया

चंडीगढ़ । आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड जो टेस्ट तैयारी सेवाओं में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी है, गर्व के साथ घोषणा करता है कि चंडीगढ़ के 33 छात्रों ने प्रतिष्ठित जेईई एडवांस्ड 2025 परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है, जो इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से सबसे कठिन मानी जाती है। परिणाम आईआईटी कानपुर द्वारा घोषित किए गए है । यह शानदार प्रदर्शन छात्रों की लगन, उनकी अथक मेहनत और एईएसएल के विशेषज्ञ शिक्षकों तथा व्यापक पाठ्यक्रम द्वारा प्रदान किए गए मजबूत शैक्षिक समर्थन को दर्शाता है। इस उपलब्धि के शीर्ष पर केशव बंसल हैं, जिन्होंने आल इंडिया रैंक (एआईआर) 382 प्राप्त किया और टॉप रैंकर्स में अपना नाम दर्ज किया। अन्य उल्लेखनीय छात्र हैं शौर्य शर्मा (एआईआर 1254), प्रियांशु बर्नवाल (एआईआर 3087), पारिख गोयल (एआईआर 3614) और विनायक नर (एआईआर 3734)।

ये छात्र एईएसएल के विशेष रूप से जेईई एडवांस्ड को क्रैक करने के लिए बनाए गए कक्षा कार्यक्रम का हिस्सा थे। जेईई एडवांस्ड, जिसे विश्व की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में से एक माना जाता है, गहरी अवधारणात्मक समझ और मजबूत समस्या समाधान कौशल की मांग करता है। अपने सफर को याद करते हुए छात्रों ने कहा कि हम आकाश के आभारी हैं जिन्होंने हमें मजबूत शैक्षिक आधार और निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया। एईएसएल में दी गई सामग्री और कक्षा कोचिंग ने हमें कम समय में कठिन विषयों को समझने में मदद की। यह सफलता उनके समर्थन के बिना संभव नहीं हो पाती। छात्रों को बधाई देते हुए डॉ. सुरेंद्र चौहान, क्षेत्रीय निदेशक, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज ने कहा कि यह परिणाम एईएसएल में अपनाई गई शैक्षिक कड़ी मेहनत और अनुशासन का प्रमाण हैं। हम अपने छात्रों की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करते हैं और आईआईटी में उनके भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।

प्रथम मात-पिता मन्दिर में 163वें मासिक भंडारे का आयोजन किया गया

मोहाली । बनूड़-अंबाला मार्ग पर मोहाली जिले के गांव खल्लौर में मात-पिता गौधाम महातीर्थ में बन रहे विश्व के प्रथम मात-पिता मन्दिर में 163वें मासिक भंडारे का आयोजन किया गया जिसमे सैंकड़ों की तादाद मे लोगों ने शिरकत की। ग़ौरतलब है कि यह दुनिया का पहला मात-पिता मन्दिर जिसमें कोई मूर्ति न होकर अपने-अपने माता-पिता में ही भगवान होने का एहसास करेंगे, का निर्माण कार्य बहुत तेज़ी से चल रहा है। हवन यज्ञ व सत्संग के बाद भण्डारा तथा गौ माताओं के लिए सवामणी करवाई गई। इस अवसर पर बोलते हुए संस्थापक गौचर दास ज्ञान चंद वालिया ने कहा कि अपने माता पिता की जय के जयकारे से विश्व में शांति आएगी। विचारक एवं दार्शनिक ज्ञान चंद वालिया ने कहा कि सनातन के श्रेष्ठ विचार विश्व शांति को गहन अध्यन करने के बाद पाया की, हमने तो अपने मूल (बीज) को ही नष्ट कर दिया। पश्चिमी संस्कृति की चका-चौंध से हम ऐसे प्रभावित हुए की हमने एक ऐसा बीज बोया जिसमें ना तो संस्कार थे, ना ही शिक्षा थी, ना ही विनम्रता थी। परिणाम स्वरुप इस बीज का फल भी पश्चिमी संस्कृति का ही होना था, पर यह फल तो उससे भी भयानक निकला । यही कारण है की भारत जैसे सनातनी देश में जहाँ माता-पिता को भगवान समान दर्जा दिया है, उनको मजबूरन वृद्धा आश्रम में रहना पड़ रहा है।

विश्व पर्यावरण दिवस से पहले सीपीसीसी और युवसत्ता ने चंडीगढ़ के मिनी लेक पर किया स्वच्छता अभियान का आयोजन

चंडीगढ़। आगामी विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में 75 से अधिक उत्साही स्वयंसेवकों – जिनमें किताबघर और किड्स-आर-किड्स स्कूल के स्टूडेंट्, युवसत्ता के सदस्य, चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति के अधिकारी और चंडीगढ़ प्रशासन के वन एवं वन्यजीव विभाग के अधिकारी शामिल थे – ने चंडीगढ़ के सेक्टर 42 स्थित एन-चो और मिनी लेक में सफाई अभियान का आयोजन किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक के रैपर, सिंगल यूज प्लास्टिक, कांच और अन्य नॉन-बायोडिग्रेडेबल वेस्ट जैसे वेस्ट मैटिरियल्स को इकट्ठा करना था। दो घंटे का यह प्रयास प्लास्टिक प्रदूषण के महत्वपूर्ण मुद्दे के बारे में जागरूकता बढ़ाने के व्यापक अभियान का हिस्सा था।
इस पहल की सराहना करते हुए, मुख्य वन संरक्षक और सदस्य सचिव, सीपीसीसी सौरभ कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि विश्व पर्यावरण दिवस 2025 “प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने” पर केंद्रित है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्लास्टिक हमारे जीवन के हर पहलू में व्याप्त है – हमारी हवा, पानी, भोजन और यहाँ तक कि हमारे शरीर को भी प्रदूषित कर रहा है। इस वर्ष के आयोजन का उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण के बारे में उभरते वैज्ञानिक प्रमाणों पर प्रकाश डालना और पाँच आर को बढ़ावा देना है जिनमें प्लास्टिक के उपयोग का रिफ्यूज, रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकिल और रीथिंक शामिल हैं। सौरभ कुमार ने भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए मिशन लाइफ (लाइफस्टाइल फॉर एन्वायरमेंट) अभियान के महत्व को भी रेखांकित किया। छात्रों से अंबैसडर्स आफ चेंज के रूप में कार्य करने का आग्रह करते हुए, उन्होंने प्रत्येक प्रतिभागी को अपने समूह में कम से कम पाँच और व्यक्तियों को सिंगल यूज प्लास्टिक के लिए “ना” कहने के लिए प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रमुख उपस्थित लोगों मंक साइंटिस्ट ई विवेक पांडेय और सीपीसीसी की सहायक पर्यावरण इंजीनियर मीनाक्षी, वन विभाग के रेंज आफिसर भूपिंदर सिंह और प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सरबजीत कौर शामिल थीं। युवसत्ता के समन्वयक प्रमोद शर्मा ने सीपीसीसी और वन एवं वन्यजीव विभाग को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने युवा छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की प्रशंसा की, जो स्थिरता के संदेश को बढ़ाने के लिए रचनात्मक, रंगीन पोस्टर साथ लाए थे। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ हुआ और बाद में एकत्रित कचरे का चंडीगढ़ नगर निगम के सहयोग से जिम्मेदारीपूर्वक निपटान किया गया।

मर्चेंट नेवी ऑफिसर्स एसोसिएशन को पदाधिकारियों की नई टीम मिली

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चंडीगढ़ । मर्चेंट नेवी ऑफिसर्स एसोसिएशन चंडीगढ़ को नई टीम मिली है, जिसमें कैप्टन एलसी धर्मानी को अध्यक्ष चुना गया है। उन्होंने राकेश मित्तल का स्थान लिया है। नए पदाधिकारियों का चुनाव यहां आयोजित एम.एन.ओ.ए की वार्षिक आम बैठक के दौरान किया गया। इंजीनियर अजीत सिंह को एम.एन.ओ.ए का उपाध्यक्ष चुना गया है, जबकि कैप्टन रमन गुप्ता नए महासचिव हैं। इंजीनियर तिरलोचन सिंह कोषाध्यक्ष होंगे। पदाधिकारियों की नई टीम अगले 2 वर्षों तक एसोसिएशन और उसके सदस्यों की बेहतरी के लिए काम करेगी। कैप्टन धर्मानी ने कहा कि नाविकों का कल्याण, सदस्यों के लिए सामाजिक और व्यावसायिक जुड़ाव, अनुभव साझा करने और सेमिनारों के माध्यम से समग्र विकास और कल्याण, रक्तदान शिविरों के आयोजन जैसे विभिन्न अभियानों के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारियों को संबोधित करना, कैरियर परामर्श सत्रों के माध्यम से युवा पुरुषों और महिलाओं के बीच मर्चेंट नेवी को एक पेशे के रूप में बढ़ावा देना, उनकी और उनकी टीम की प्राथमिकता होगी। धर्मानी ने कहा कि हम नियमित अंतराल पर अपने सदस्यों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य जांच और विशेष नेत्र जांच शिविर आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। मैराथन दौड़, साइकिलिंग इवेंट, ऑफ-रोडिंग ट्रिप और गोल्फ टूर्नामेंट जैसी खेल गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएंगी। सामाजिक संपर्क बढ़ाने के लिए, सदस्यों और उनके परिवारों के लिए आउटडोर पिकनिक का भी आयोजन किया जाएगा। इस बीच, एमएनओए के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन भगत सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने के लिए निवर्तमान टीम की सराहना की और आने वाली टीम को बधाई दी। एमएनओए के एक अन्य पूर्व अध्यक्ष कैप्टन टी एस भाटिया ने कहा कि मुझे यकीन है कि नई टीम सभी के समर्थन और मार्गदर्शन के साथ एमएनओए की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी।

गुरुद्वारा नानकसर साहब सेक्टर 28 ने मीठे पानी की छबील लगाई

चंडीगढ़। हर साल की तरह इस साल भी गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा नानकसर साहब सेक्टर 28 में मीठे पानी की छबील का लंगर लगाया गया । काबिले गौर है कि पूरे शहर में सबसे अच्छी और सबसे लंबी छबील गुरद्वारा नानकसर साहब में ही लगाई जाती है । सुबह से ही सेवादार सेवा में जुट जाते हैं, इस बार गुलाब जल, मैंगो फ्लेवर, मीठी लस्सी, जलजीरा और रूह अफजा के अलावा काले चने भी लंगर में बाँटे गए । गुरुद्वारा प्रमुख बाबा गुरदेव सिंह बलजीत सिंह, रागी अवनीत सिंह, गुरसेवक सिंह, जज ईश्वर दत्त शर्मा, बबी जलाल, जगसीर मेहराज,जसपाल मलिक, विधि चंद, जरनैल सिंह, जयवीर सिंह व गुरचरण सिंह गालब मौके पर उपस्थित रहे । बाबा गुरदेव सिंह ने कहा कि सिख धर्म का मुख्य उद्देश्य मानवता का प्रचार और प्रसार करना है। सिख धर्म लोगों की सेवा करने के लिए ही बना है।

सुषमा जॉयनेस्ट एरोसिटी को रेरा की मंजूरी, हरे-भरे माहौल में प्लॉट लेकर घर बनाने का सुनहरा मौका

चंडीगढ़। पंजाब के प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर सुषमा ग्रुप को उनके प्रोजेक्ट ‘सुषमा जॉयनेस्ट एरोसिटी’ के लिए रेरा की मंजूरी मिल गई है। यह प्रोजेक्ट चंडीगढ़-पटियाला हाइवे पर स्थित है और हरे-भरे पार्कों व आधुनिक सुविधाओं से घिरे रेसिडेंशियल प्लॉट्स की पेशकश करता है। इस मंजूरी से ग्राहकों का कंपनी पर भरोसा और मजबूत हुआ है। प्रोजेक्ट एक ऐसे प्लानिंग ज़ोन में है जो एरोसिटी जैसे उभरते इलाके में बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाएं देता है।

चौड़ी सड़कों, कई हरित पार्कों और नजदीक बन रहे कॉमर्शियल व इंस्टीट्यूशनल हब्स के चलते यह इलाका परिवारों के लिए एक आदर्श आवासीय विकल्प बन रहा है। सुषमा ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रतीक मित्तल ने कहा कि सुषमा जॉयनेस्ट एरोसिटी  को मिली रेरा मंजूरी हमारे गुणवत्ता और पारदर्शिता के वादे को और मज़बूत करती है। यह प्रोजेक्ट उन लोगों के लिए है जो खुद का घर अपनी मर्जी से बनाना चाहते हैं और साथ ही एक सुरक्षित, विकसित माहौल में रहना चाहते हैं। छोटे शहरों में प्लॉटेड डिवेलपमेंट की बढ़ती मांग के बीच सुषमा जॉयनेस्ट एरोसिटी को एक बेहतरीन निवेश विकल्प माना जा रहा है। रेरा मंजूरी के बाद इस प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता और भी बढ़ गई है, जिससे यह आने वाले समय में प्लॉट खरीदने वालों की पहली पसंद बन सकता है।

अपारशक्ति खुराना की नई पेशकश ‘लफ़्ज़ां’ का धमाकेदार लोकार्पण

चंडीगढ़ । जाने-माने बहुगुणी सिंगर और एक्टर अपारशक्ति खुराना ने अपने नए गाने ‘लफ़्ज़ां’ के साथ एक बार फिर संगीत प्रेमियों का दिल जीतने की तैयारी कर ली है। एक साल पहले उनके गाने ‘जरूर’ ने जबरदस्त सफलता हासिल की थी, उसी जोश और करिश्मे के साथ ‘लफ़्ज़ां’ अब आपके सामने है। यह गाना उन अनकही भावनाओं को व्यक्त करता है, जिन्हें हम कहना तो चाहते हैं, लेकिन कभी कह नहीं पाते। ‘लफ़्ज़ां’ एक निजी और भावुक धुन है, जो चुप्पी, प्यार और अनकहे जज़्बातों को एक खूबसुरती के साथ प्रस्तुत करता है। अपारशक्ति ने अपनी विशेष नरम आवाज में फिर से उन जज़्बातों को ज़िंदा किया है, जो अक्सर रात की ख़ामोशी में हमें घेर लेते हैं। जुदाई के एहसास को बयां करते हुए, यह गाना उनके पिछले हिट ‘जरूर’ की भावना को और गहराई से पुख्ता करता है। इस गाने में अपारशक्ति के साथ उभरते कलाकार विश्व धालीवाल भी हैं, और इसे मीर देसाई ने प्रोड्यूस किया है। इसका संगीत एक अद्भुत आधुनिक बैलड स्टाइल और हल्की देसी मिठास का समागम है, जो सुनने वालों के दिलों में मधुरता भर देता है। ‘लफ़्ज़ां’ एक संगीत में लिपटा प्यार भरा खत है, जो यह दिखाता है कि जब जज़्बात इतने गहरे हो जाते हैं कि उन्हें शब्दों में कहना मुश्किल हो जाता है, तब वह संगीत के माध्यम से बाहर आते हैं। अपारशक्ति खुराना ने अपने नए गाने को लेकर कहा कि मैं ‘जरूर’ के लिए मिले प्यार के लिए बेहद आभारी हूं। ‘लफ़्ज़ां’ भी मेरे दिल के करीब है। मैं हमेशा ऐसे गाने बनाना चाहता हूं जो सच्चे एहसासों से जुड़े हों। यह गाना उस प्यार पर आधारित है, जो तब भी हमारे साथ रहता है जब कहने के लिए कुछ नहीं बचता।

पार्क अस्पताल मोहाली उत्तर भारत में अग्रणी वैस्कुलर ट्रामा केंद्र के रूप में उभरा

चंडीगढ़ । पार्क अस्पताल, मोहाली के डॉक्टरों की टीम, डायरेक्टर कार्डियोवैस्कुलर, एंडोवैस्कुलर और वैस्कुलर सर्जरी डॉ. एचएस बेदी और वरिष्ठ सलाहकार जनरल सर्जरी और मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विमल विभाकर ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वैस्कुलर ट्रामा पर बहुमूल्य जानकारी साझा की। डॉ. एचएस बेदी ने कहा कि भारत में 2022 में सड़क दुर्घटनाओं में 150,000 से अधिक मौतें और 450,000 से अधिक घायल हुए , जिसमें कई वैस्कुलर ट्रामा शामिल हैं। भारत में सड़क दुर्घटनाओं में एक घंटे में 19 मौतें होती हैं जबकि एक दिन में 462 मौतें होती हैं। विडंबना यह है कि दुर्घटना के शिकार लोगों में से अधिकांश 25-35 वर्ष की आयु वर्ग के हैं। सड़क यातायात दुर्घटनाएँ वैस्कुलर ट्रामा का सबसे आम कारण हैं, जिसमें 91.4 प्रतिशत दुर्घटनाएँ दोपहिया वाहनों की होती हैं। उन्होंने बताया कि ज़्यादातर दोपहिया वाहन मोटरसाइकिल होते हैं । डॉ. विमल विभाकर ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में वैश्विक स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं में 5 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि भारत में यह 15.3 प्रतिशत बढ़ गई है। लोगों को गोल्डन ऑवर अवधारणा के महत्व को जानना चाहिए, जिसका अर्थ है कि किसी भी दुर्घटना के बाद पहले 60 मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। यदि दुर्घटना का शिकार व्यक्ति ट्रॉमा सेवाओं और विशेषज्ञ चिकित्सा दल के साथ अस्पताल पहुँचता है, तो बहुत से लोगों की जान बचाई जा सकती है। वैस्कुलर ट्रामा में समय का बहुत महत्व है। यदि कम से कम संभव समय में वैस्कुलर को बहाल नहीं किया जाता है, तो घायल या क्षतिग्रस्त अंग को बचाने की संभावना बहुत कम होती है। पार्क हॉस्पिटल्स के ग्रुप सीईओ-नॉर्थ आशीष चड्ढा ने बताया कि पार्क अस्पताल मोहाली अब ईसीएचएस, सीजीएचएस, ईएसआई, हरियाणा और हिमाचल सरकारों और सभी प्रमुख टीपीए, कॉरपोरेट्स के साथ सूचीबद्ध है और पार्क अस्पताल मोहाली में नियमित रूप से सीटीवीएस और संवहनी सर्जरी की जाती है।