Tuesday, June 30, 2026
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पारस हेल्थ पंचकूला को स्ट्रोक और किडनी ट्रांसप्लांट में उत्कृष्टता के लिए सम्मान

पंचकूला । पारस हेल्थ पंचकूला को स्ट्रोक और किडनी ट्रांसप्लांट जैसी जटिल चिकित्सा सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए टाइम्स ऑफ इंडिया हेल्थकेयर पायनियर्स अवार्ड्स 2025 में सम्मानित किया गया, जिसमें कई प्रतिष्ठित डॉक्टर और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अस्पताल को क्षेत्र का प्रमुख स्ट्रोक रेडी अस्पताल और किडनी ट्रांसप्लांट में उत्कृष्टता के लिए मान्यता दी गई। स्ट्रोक रेडी हॉस्पिटल का पुरस्कार डॉ. अनुराग लाम्बा (निदेशक, न्यूरोलॉजी) ने प्राप्त किया, जो अस्पताल की मजबूत न्यूरो-इमरजेंसी व्यवस्था और समय पर इलाज सुनिश्चित करने की प्रणाली का परिणाम है।

किडनी ट्रांसप्लांट में उत्कृष्टता का सम्मान डॉ. सुनील कुमार (निदेशक, किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी) को मिला। पारस हेल्थ का ट्रांसप्लांट प्रोग्राम सटीक योजना, नैतिक प्रक्रिया और उन्नत देखभाल के लिए जाना जाता है। इस अवसर पर डॉ. पंकज मित्तल (फैसिलिटी डायरेक्टर) और धीरज कुमार सिंह (डिप्टी जनरल मैनेजर – सेल्स और मार्केटिंग) भी उपस्थित थे। मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. विवेक लाल (डायरेक्टर, पीजीआई) और विशिष्ट अतिथि प्रो. डॉ. ए.के. अत्री (जीएमसीएच-32) ने सम्मान प्रदान किया। डॉ. मित्तल ने कहा कि यह सम्मान हमारे नैतिक, मरीज-केंद्रित इलाज और क्लिनिकल उत्कृष्टता का प्रतीक है।

श्याम करुणा फाउंडेशन ने आयोजित 167वां अन्न भंडारा

पंचकूला । श्री श्याम करुणा फाउंडेशन ने मानवता की सेवा के अपने निरंतर प्रयासों के अंतर्गत पंचकूला के औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 में 167वां अन्न भंडारा आयोजित किया। इस सेवा कार्य के माध्यम से सैकड़ों जरूरतमंद लोगों को सम्मानपूर्वक भोजन प्रदान किया गया। फाउंडेशन के संस्थापक एवं समाजसेवी अमिताभ रुंगटा ने इस अवसर पर कहा कि धर्म वही है जिसमें करुणा हो, और मानवता वही है जिसमें सेवा हो। यह अन्न भंडारा हमारे श्रद्धा और सेवा के समन्वय का प्रतीक है। रुंगटा ने फाउंडेशन के सभी सदस्यों और सेवकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि जिस समर्पण और निष्ठा के साथ सभी ने इस आयोजन में योगदान दिया, वह प्रेरणादायक है। उन्होंने यह भी बताया कि श्री श्याम करुणा फाउंडेशन का उद्देश्य केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में करुणा और सहयोग की भावना को जीवित रखना है। भंडारे के दौरान, जरूरतमंदों के बीच गरम, स्वादिष्ट और पोष्टिक भोजन वितरित किया गया। आयोजन स्थल पर व्यवस्था अनुशासित व समर्पणशील रही। फाउंडेशन द्वारा यह कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है और आने वाले समय में भी यह सेवा कार्य और अधिक विस्तार के साथ जारी रहेगा।

ओजस्वी ठाकुर ने जर्मनी में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप में जीता सिल्वर मेडल

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चंडीगढ़ । लर्निंग पाथ्स स्कूल की प्रतिभाशाली छात्रा ओजस्वी ठाकुर ने जर्मनी के सुहल में आयोजित प्रतिष्ठित आईएसएसएफ- जूनियर वर्ल्ड कप की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर देश और स्कूल का नाम रोशन किया है। विश्व भर के श्रेष्ठ युवा निशानेबाजों के साथ मुकाबला करते हुए ओजस्वी ने असाधारण कौशल, एकाग्रता और खेल भावना का प्रदर्शन किया।

रोबिन अग्रवाल, डायरेक्टर, लर्निंग पाथ्स स्कूल, मोहाली ने कहा कि ओजस्वी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि न केवल उसकी कड़ी मेहनत और समर्पण को दर्शाती है, बल्कि यह हमारे विद्यालय के मूल्यों की भी एक सशक्त झलक है। उन्होंने ओजस्वी और उसके परिवार को इस अद्भुत सफलता के लिए हार्दिक बधाई दी।

फोर्टिस मोहाली ने शुरू की वास्कुलर रोगों के इलाज के लिए एडवांस्ड क्लॉट रिट्रीवल तकनीक

चंडीगढ़ । फोर्टिस अस्पताल मोहाली ने वास्कुलर रोगों (नसों से जुड़ी बीमारियों) के उपचार विशेष रूप से डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (डीवीटी) के इलाज के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के वास्कुलर सर्जरी विभाग ने डॉ. रावुल जिंदल (डायरेक्टर, वास्कुलर सर्जरी) के नेतृत्व में अत्याधुनिक नॉन-थ्रोम्बोलिटिक मैकेनिकल थ्रॉम्बेक्टॉमी उपकरणों को सफलतापूर्वक लागू किया है। ये उन्नत उपकरण उन मरीजों के लिए तेज़, सुरक्षित और अधिक प्रभावी इलाज उपलब्ध कराते हैं जो शरीर में फैले बड़े रक्त के थक्कों (ब्लड क्लॉट्स) से पीड़ित है। डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (डीवीटी) एक ऐसी स्थिति है जिसमें आमतौर पर टांगों की गहरी नसों में रक्त का थक्का जम जाता है। यदि इसका समय पर इलाज न किया जाए तो यह गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है। पारंपरिक रूप से डीवीटी का इलाज एंटीकोएगुलेंट थैरेपी से किया जाता था, जो केवल थक्के को बढ़ने से रोकती है, लेकिन उसे सक्रिय रूप से हटाती नहीं है। फोर्टिस मोहाली अब अगली पीढ़ी के क्लॉट रिट्रीवल सिस्टम्स की सुविधा प्रदान कर रहा है, जिनमें पेनुम्ब्रा इंडिगो लाइटनिंग सिस्टम (एक वैक्यूम-आधारित, इमेज-गाइडेड एस्पिरेशन सिस्टम) और इनारी क्लॉटट्रीवर सिस्टम (एक कैथेटर-आधारित उपकरण जो बिना थ्रोम्बोलिटिक दवाओं के बड़े थक्कों को एक ही सत्र में हटाने के लिए डिज़ाइन किया गया है) शामिल हैं। ये अत्याधुनिक तकनीकें खून बहने के जोखिम को काफी हद तक कम करती हैं, मरीज की सुरक्षा को बढ़ाती हैं और तेजी से स्वस्थ होने में मदद करती हैं। इसके अतिरिक्त, एंजियोजेट (एक थ्रॉम्बेक्टॉमी सिस्टम जो रक्त वाहिकाओं में बने थक्कों को तोड़ने और हटाने के लिए उपयोग होता है) का थ्रोम्बोलिटिक दवाओं के साथ उपयोग करके थक्कों को घोलने और हटाने के लिए एक अधिक आक्रामक तरीका अपनाया गया।
डॉ. रावुल जिंदल ने बताया कि “एंटीकोएगुलेशन जरूरी है, लेकिन यह केवल थक्के को बढ़ने से रोकता है, उसे हटाता नहीं है। यदि डीवीटी गंभीर हो, तो शुरुआती चरण में ही थक्का हटाना बेहद ज़रूरी होता है ताकि नसों में लंबे समय तक रुकावट, उच्च रक्तदाब और पोस्ट-थ्रोम्बोटिक सिंड्रोम (पीटीएस) से बचा जा सके। ये आधुनिक तकनीकें थक्के को तुरंत और प्रभावी ढंग से हटाती हैं, बिना थ्रोम्बोलाइटिक दवाओं से समय पर हस्तक्षेप से न केवल सामान्य रक्त प्रवाह बहाल होता है, बल्कि पीटीएस से भी बचाव होता है, जो कि टांगों में सूजन, दर्द और त्वचा में बदलाव जैसी समस्याएं पैदा करता है। उत्तर भारत भर से आ रहे मरीज अब इन तकनीकों से शीघ्र स्वस्थ हो रहे हैं, बेहतर परिणाम मिल रहे हैं और अस्पताल में कम समय रुकना पड़ रहा है। इसके चलते फोर्टिस अस्पताल मोहाली डीवीटी के इलाज का एक अग्रणी केंद्र बन गया है।

इनर व्हील डिस्ट्रिक्ट 308 का ‘तन्मय: परिवर्तन और परंपरा’- लीडरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित

चंडीगढ़ । इनर व्हील क्लब ऑफ सोलन सिटी द्वारा आयोजित ‘ तन्मय: परिवर्तन और परंपरा’ नामक लीडरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन यहां एक निजी होटल में किया गया। डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन इलेक्ट पूजा गोयल एंड प्रोग्राम की चेयरपर्सन पीडीसी गुरप्रीत कौर के दूरदर्शी मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रोग्राम में 268 प्रतिनिधियों ने भाग लिया और नेतृत्व, टीम भावना एवं सेवा उद्देश्यों से जुड़ी गहरी जानकारी प्राप्त की। डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन इलेक्ट पूजा गोयल के नेतृत्व में ऊर्जावान टीम और अनुभवी पूर्व डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन की सक्रिय भागीदारी ने आने वाले क्लब पदाधिकारियों पर प्रभावशाली छाप छोड़ी। चैयरमेन सुजाता ने कहा कि सच्चा नेतृत्व पद पर होने में नहीं, बल्कि दूसरों को प्रेरित करने की क्षमता में होता है। कार्यक्रम के दौरान पूर्व डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन नीरू खट्टर द्वारा इंटरनेशनल थीम का अनावरण किया गया। इसके पश्चात पूजा गोयल ने एसोसिएशन प्रेसिडेंट के लक्ष्यों को साझा करते हुए कहा कि तन्मय केवल एक कार्यक्रम नहीं है, यह एक बेहतर कल की दिशा में हमारे समर्पण और सपनों का प्रतिबिंब है। इस अवसर पर पूजा गोयल ने सभी गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में “टुवर्ड्स गुडनेस” नामक पुस्तक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम की एक विशेष और रोचक प्रस्तुति “डीइसीएम की अदालत” रही, जिसे पीडीसी गुरप्रीत कौर और पीडीसी अपेक्षा गर्ग एंड पीएपी अनुराधा कालरा ने लाइव और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

टैलीप्राइम 6.0 के ज़रिए टैली सॉल्यूशंस ने जोड़ा बैंकिंग से सीधा रिश्ता

चंडीगढ़ । देश की जानी-मानी बिजनेस ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर कंपनी टैली सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड ने अपना नया संस्करण टैलीप्राइम 6.0 लॉन्च किया है। यह नया वर्जन खासतौर पर छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए तैयार किया गया है, ताकि वे जुड़ी हुई बैंकिंग सुविधाओं के ज़रिए अपने वित्तीय कामकाज को और आसान और सुविधाजनक बना सकें। यह नया अपडेट बैंक मिलान, बैंकिंग प्रक्रियाओं के ऑटोमेशन और वित्तीय प्रबंधन को पहले से बेहतर बनाता है। ई-इनवॉइस, ई-वे बिल और जीएसटी अनुपालन जैसी डिजिटल सेवाओं में अपनी विशेषज्ञता के बाद अब टैली ने बैंकिंग से जुड़ी सुविधाएं भी जोड़ दी हैं, जिससे छोटे कारोबार और अधिक सशक्त बन सकें। यह नया संस्करण टैली की उस प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है, जिसके तहत वह व्यवसायों को उनके पूरे कामकाजी तंत्र से जोड़ने और उन्हें पहले से कहीं ज्यादा आसान तरीके से काम करने में मदद देने के लिए लगातार नए समाधान ला रही है।

टैलीप्राइम की कनेक्टेड बैंकिंग सुविधा कारोबार को आसान बनाने के अपने लक्ष्य को एक कदम आगे ले जाती है। इस सुविधा के ज़रिए अब बैंक टैली के भीतर ही उपलब्ध हैं, जिससे खाता और बैंकिंग से जुड़ा काम एक ही जगह पर हो पाता है।एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के साथ साझेदारी के तहत सुरक्षित लॉगिन और तात्कालिक जुड़ाव की सुविधा मिलती है। इससे कारोबारी टैली के भीतर ही अपना बैंक बैलेंस और लेनदेन की ताज़ा जानकारी देख सकते हैं। इससे उन्हें अपने कार्यशील पूंजी की स्थिति का सही अंदाज़ा मिलता है और वे वित्तीय फैसले ज़्यादा सोच-समझकर ले सकते हैं।टैली में अब भुगतान करना, लेनदेन का तुरंत मिलान करना और बैंक बैलेंस पर नज़र रखना भी बेहद आसान हो गया है। इन सुविधाओं की मदद से व्यवसाय न केवल तेज़ी से काम कर सकते हैं, बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अपने वित्त पर पूरा नियंत्रण भी बनाए रख सकते हैं।

अथर्व महाविद्यालय, मुंबई में शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू

चंडीगढ़: इंजीनियरिंग, एमबीए, होटल मैनेजमेंट, फैशन डिजाइन, फिल्म और टीवी, स्पोर्ट्स जैसे विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर पीजीडीएम कोर्सेज के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। अथर्व मुंबई उपनगर शहर का एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है और यह मलाड मार्वे रोड, मलाड पश्चिम मुंबई में स्थित है।
अपना भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने के लिए हम आपको आमंत्रित करते हैं। उच्च गुणवत्ता, उन्नत शैक्षणिक वातावरण, सुसज्जित इमारत, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रयोगशालाएं, उत्कृष्ट शिक्षक, सर्वोत्तम शैक्षणिक वातावरण और छात्रों के भविष्य के लिए सर्वश्रेष्ठ स्तर की प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ प्लेसमेंट की सुविधा उपलब्ध कराते हुए, उद्योग-केंद्रित पाठ्यक्रमों के साथ, अथर्व महाविद्यालय आपके करियर को एक नया और सही मोड़ देगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर की बेटियों के लिए प्रत्येक शाखा में छात्रवृत्ति के अंतर्गत एक सीट आरक्षित रखी गई है। अथर्व यूनिवर्सिटी, मुंबई 2025-26 से संस्थापक और कुलाधिपति सुनील राणे के गतिशील नेतृत्व में शुरू होने जा रही है, जिसमें अनुसंधान-आधारित और नवीन पाठ्यक्रमों के साथ अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा प्रदान किया जाएगा।

युवाओं को तंबाकू और निकोटीन उत्पादों के हानिकारक प्रभावों के बारे में किया गया जागरुक

एसडी कॉलेज में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ कार्यक्रम

चंडीगढ़। विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2025 के उपलक्ष्य में सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज में जनरेशन सेवियर एसोसिएशन (जीएसए), जीजीडीएसडी एलुमनाई एसोसिएशन (एसडीएएसी) और कॉलेज के विक्ट्री अगेंस्ट ड्रग एब्यूज (वाडा) क्लब के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से युवाओं में तंबाकू और निकोटीन उत्पादों के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया था। विश्व तंबाकू निषेध दिवस, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के नेतृत्व में एक वैश्विक अभियान है, जिसका इस साल का थीम है ” अनमास्किंग द अपील: एक्सपोजिंग इंडस्ट्री टैकटिक्स आन टोबेको एंड निकोटीन प्रोडक्ट्स। इस कार्यक्रम में ट्राईसिटी के 20 से अधिक स्कूलों ने हिस्सा लिया, जिनके स्टूडेंट्स ने पहले भी इसी विषय पर जीएसए द्वारा आयोजित 29वीं वार्षिक पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में भाग लिया था। इसमें एक हजार से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई थीं। कॉलेज के मिनी ऑडिटोरियम में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान चयनित विजेताओं और प्रतिभागियों को आमंत्रित किया गया और सम्मानित किया गया। प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि तंबाकू के सेवन के हानिकारक परिणामों के बारे में जागरूकता बढ़ाना न केवल एक स्वास्थ्य पहल है, बल्कि यह एक नैतिक जिम्मेदारी भी है।

इस तरह के आयोजन हमारे युवाओं को सूचित निर्णय लेने और हानिकारक उद्योगों की भ्रामक रणनीति का विरोध करने के लिए सशक्त बनाते हैं। इस कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और ट्राईसिटी से आए गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और युवा सशक्तिकरण के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इनमें तंबाकू नियंत्रण, दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र, वाइटल स्ट्रैटेजीज के डॉयरेक्टर डॉ. राणा जे. सिंह और पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट एडवोकेट सरतेज सिंह नरूला शामिल थे। जीजीडीएसडी एलुमनाई एसोसिएशन (एसडीएएसी), समाज को वापस देने के लिए प्रतिबद्ध पूर्व छात्रों के समूह, ने इस उद्देश्य का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने आउटरीच और सामाजिक पहलों के माध्यम से, संगठन लगातार एक स्वस्थ और अधिक जागरूक समुदाय की वकालत करता है।कॉलेज का विक्ट्री अगेंस्ट ड्रग एब्यूज (वाडा) क्लब, नशा-मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए पूरे साल सक्रिय रूप से काम करता है। यह क्लब छात्रों के बीच मादक द्रव्यों के सेवन को खत्म करने के उद्देश्य से अभियान, कार्यशालाओं और सहकर्मी शिक्षा कार्यक्रमों में शामिल होता है।

बाइलैटरल कॉक्लियर इम्प्लांटेशन से मिली छोटे बच्चे को सुनने की क्षमता

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सुनने-बोलने में असमर्थ था एक साल और नौ महीने का बच्चा

मोहाली । सुनने-बोलने में असमर्थ एक साल और नौ महीने के बच्चे को मैक्स अस्पताल, मोहाली में सफल बाइलैटरल कॉक्लियर इम्प्लांटेशन के बाद उसकी सुनने की क्षमता पाने में मदद मिली। बच्चे के माता-पिता ने जब नोटिस किया की उनका बच्चा आवाज़ पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है तो वे
उसे मैक्स लेकर आए। बच्चा बोल भी नहीं पा रहा था। बच्चे का एक बड़ा भाई भी है जो सामान्य रूप से सुनता और बोलता है, और परिवार के किसी भी सदस्य में ऐसी कोई समस्या नहीं थी। मैक्स अस्पताल, मोहाली में डायरेक्टर ईएनटी डॉ. नरेश कुमार पांडा ने कहा कि हमने ब्रेन स्टेम इवोक्ड रिस्पॉन्स ऑडीमेट्री (बीईआरए) परीक्षण के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया, जिसमें बाइलैटरल गहन हियरिंग लॉस का पता चला। डॉ पांडा ने बताया कि इस कम उम्र में सुनने की क्षमता में कमी को देखते हुए, बच्चे के माता-पिता को पहले हियरिंग एड के इस्तेमाल की सलाह दी गई थी, हालांकि बच्चे पर अभी भी हियरिंग एड का कोई असर नहीं हो रहा है और इसलिए हमने बाइलैटरल कोक्लियर इम्प्लांटेशन का फैसला किया। उन्होंने आगे कहा कि बाइलैटरल कॉक्लियर इम्प्लांटेशन इतना आम नहीं है और इसके लिए बहुत सटीकता की आवश्यकता होती है। दोनों इम्प्लांटेशन को 4-5 घंटे की अवधि के भीतर डालने की जरूरत होती है क्योंकि इतने छोटे बच्चे में सामान्य एनेस्थीसिया का समय लंबा होने से मरीज के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है। बच्चा रिहैबिलिटेशन में है और विभिन्न ध्वनियों पर अच्छी प्रतिक्रिया दे रहा है। डॉ पांडा ने कहा कि छोटे बच्चे जो सुनने की क्षमता में कमी के कारण भाषा सीखने में संघर्ष करते हैं, उन्हें हियरिंग एड की तुलना में कॉक्लियर इम्प्लांटेशन से काफी लाभ हो सकता है ।

शेल्बी अस्पताल द्वारा फ्री लीवर केयर कैंप का आयोजन

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फाइब्रोस्कैन जांच की सुविधा भी उपलब्ध

मोहाली । लीवर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए शेल्बी अस्पताल, मोहाली ने फ्री लीवर केयर कैंप का आयोजन किया है। कैंप में मरीज 30 मई तक निःशुल्क फाइब्रोस्कैन जांच, जो एक उन्नत और बिना चीरे वाली (नॉन-इनवेसिव) तकनीक है और विशेषज्ञ परामर्श का लाभ उठा सकते हैं। कैंप के दौरान डॉ. पंकज भल्ला, वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट और लीवर सर्जन, कैंप के दौरान स्वयं उपस्थित रहकर मरीजों को परामर्श दे रहे हैं और उन्हें लीवर की देखभाल, जीवनशैली में आवश्यक बदलावों और प्रारंभिक जाँच के महत्व के बारे में जागरूक कर रहे हैं। डॉ. पंकज भल्ला ने बताया कि आज के समय में बैठे रहने की आदत, गलत खानपान, मोटापा, शराब का सेवन और नियमित स्वास्थ्य जांच की कमी के कारण लीवर से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इन समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार के लिए यह कैंप एक महत्वपूर्ण कदम है। शेल्बी अस्पताल मोहाली के यूनिट हेड ग्लैडविन संदीप नय्यर ने कहा कि यह कैंप समाज सेवा के हमारे उद्देश्य का हिस्सा है। लीवर की बीमारियाँ अक्सर तब सामने आती हैं जब स्थिति गंभीर हो चुकी होती है। इस कैंप के माध्यम से हम लोगों को समय रहते जांच करवाने और अपनी जीवनशैली में सुधार लाने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं। शेल्बी अस्पताल लगातार समुदाय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह लीवर केयर कैंप अस्पताल की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है जिसमें वह जनहित में जागरूकता और निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है।