Tuesday, June 30, 2026
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पंजाब के राज्यपाल ने अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘कॉस्गाइनी-25’ का किया उद्घाटन

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चंडीगढ़ । पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कॉस्गाइनी-25 का उद्घाटन किया, जो गाइनोकोलॉजी (स्त्री रोगों), कॉस्मेटिक गाइनोकोलॉजी और महिलाओं के स्वास्थ्य के व्यापक पहलुओं में रोबोटिक्स की एडवांसमेंट्स पर केंद्रित दो दिवसीय इंटरनेशनल इंटरडिस्प्लनरी कॉन्फ्रेंस है। इंडियन सोसाइटी ऑफ एस्थेटिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव गायनोकोलॉजी और ट्राइसिटी स्थित द टच क्लिनिक द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में भारत और विदेशों के प्रमुख विशेषज्ञों सहित 300 से अधिक प्रतिनिधियों द्वारा हिस्सा लिया जा रहा है।
द टच क्लिनिक की निदेशक और इनसार्ग की महासचिव डॉ. प्रीति जिंदल और प्रसिद्ध वैस्कुलर सर्जन डॉ. रावुल जिंदल, जो वैस्कुलर सोसाइटी फॉर लिम्ब साल्वेज (वीएसएलएस) के अध्यक्ष और एम्प्यूटेशन फ्री इंडिया अभियान के संस्थापक हैं, ने राज्यपाल को सम्मानित किया। राज्यपाल ने स्वास्थ्य सेवा और मानवता के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित डॉक्टरों को सम्मानित किया। गुलाब चंद कटारिया ने कॉस्गाइनी 2025 की आयोजन अध्यक्ष डॉ. प्रीति जिंदल की सराहना की, जो एक वरिष्ठ सलाहकार स्त्री रोग विशेषज्ञ, आईवीएफ विशेषज्ञ, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था विशेषज्ञ और रोबोटिक सर्जन भी हैं।

स्वागत भाषण देते हुए, कॉस्गाइनी 25 की ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. प्रीति जिंदल ने पूरी कॉन्फ्रेंस की रूपरेखा तैयार की। “रोल ऑफ रोबोटिकस इन गाइनोकोलॉजी”, विशेष रूप से “बेसिक्स ऑफ रोबोटिक्स एंड स्टेप-वाइज रोबोटिक हिस्टेरेक्टॉमी” पर उनका मुख्य सेशन एक प्रमुख आकर्षण रहा। उन्होंने स्ट्रेस यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस और रजोनिवृत्ति से संबंधित जेनिटुअरनरी सिंड्रोम ऑफ मेनोपॉज के प्रबंधन पर भी विस्तार से बात की। कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, डॉ. प्रीति जिंदल, जो इनसार्ग की महासचिव भी हैं, ने इसके मुख्य उद्देश्य – इनोवेशन, सहयोग और ग्लोबल नॉलेज शेयरिंग के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य को आगे बढ़ाना – को भी दर्शाया। मीडिया ब्रीफिंग के दौरान डॉ. प्रीति के साथ इंटरनेशनल एक्सपर्ट डॉ. अयमान अल अत्तर (अमेरिका), डॉ. फातिमा अल हाजेरिफ (दुबई) और डॉ. हिशाम अरब (सऊदी अरब) भी मौजूद थे। डॉ. प्रीति जिंदल ने कहा कि कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हमारा उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक पर चर्चा करना और यह बताना है कि यह कैसे व्यक्तिगत और संवेदनशील केयर प्रदान कर सकती है। रोबोटिक सर्जरी की प्रभावशीलता पर मीडिया द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में डॉ. प्रीति ने कहा कि रोबोटिक गाइनोकोलॉजी सर्जरी ने अपनी सटीकता साबित कर दी है और इस तरह की सर्जरी करवाने वाले मरीज़ों के स्वास्थ्य में तेज़ी से रिकवरी हुई है। उन्होंने कॉस्मेटिक स्त्री रोग और एंटी-एजिंग उपचारों की बढ़ती मांग पर भी अपना दृष्टिकोण साझा किया और सुरक्षा, नैतिकता और मरीज़ों की बेहतरी पर ज़ोर दिया। डॉ. प्रीति ने उन महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के बारे में भी बात की, जो मिनिमल इनवेसिव महिला हेल्थकेयर के भविष्य को नया आकार दे रहे हैं।

नेशनल सिल्क एक्सपो 2025 का चंडीगढ़ में शुभारंभ

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विवाह एवं त्यौहार विशेष में भारत की हथकरघा धरोहर का अनूठा संगम

चंडीगढ़ । भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा के भव्य उत्सव नेशनल सिल्क एक्सपो का शुभारंभ हिमाचल भवन, सेक्टर-28बी, चंडीगढ़ में हुआ। 14 से 19 अगस्त 2025 तक चलने वाले इस छह दिवसीय प्रदर्शनी में देशभर के 150 से अधिक प्रख्यात बुनकरों और डिजाइनरों की भागीदारी है, जो आगंतुकों को असली, हस्तनिर्मित फैशन और वस्त्रों का अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगी। इस बार का नेशनल सिल्क एक्सपो उपभोक्ताओं को भारत की रंगीन विविधता और प्रतिभा का एक सजीव कैलिडोस्कोप दिखाने वाला है। विशेष आकर्षण इस बार आगामी विवाह एवं त्यौहार सीज़न, खासकर करवा चौथ के लिए ब्राइडल साड़ियों पर केंद्रित है।

फेस्टिवल सीज़न स्पेशल में पोचमपल्ली, मूगा सिल्क, पैठणी, कोसा सिल्क, बलुचुरी औरतसर जैसे प्रसिद्ध केंद्रों से उत्तम रेशमी और सूती साड़ियाँ, सूट, ड्रेस मटेरियल, फैशन ज्वेलरी और अन्य पारंपरिक परिधानों का संग्रह प्रदर्शित किया गया है। बिहार की मधुबनी प्रिंट वाली साड़ियाँ विशेष आकर्षण हैं, साथ ही कोसा और तसर सिल्क की साड़ियों के स्टॉल भी मौजूद हैं। दर्शक असम मूंगा सिल्क,जो इस प्रदर्शनी का सबसे महंगा वस्त्र है—को भी आकर्षक दामों पर खरीद सकते हैं। वहीं, गुजरात की पारंपरिक बांधनी और पटोला साड़ियाँ, जो सैकड़ों वर्षों के इतिहास को समेटे हैं, भी विशेष रूप से प्रदर्शित की गई हैं। उद्घाटन अवसर पर ग्रामिण हस्तकला विकास समिति के आयोजक जयेश कुमार ने कहा कि रेशम और सूती मिश्रण वाली ड्रेप्स युवाओं में तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं, जो परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम हैं। प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक निःशुल्क प्रवेश के साथ खुली रहेगी। बनारस से कांचीपुरम तक की बेहतरीन बुनाई परंपराओं का यह संगम प्रत्येक आगंतुक के लिए कुछ अनोखा और यादगार लेकर आया है। जो भी लोग शान, प्रामाणिकता और भारत की हथकरघा कला का वास्तविक स्वाद लेना चाहते हैं, उनके लिए इस सप्ताह हिमाचल भवन ही सबसे उपयुक्त स्थान है।

आरकेएमवी कॉलेज, शिमला में क्रैक एकेडमी का सेमिनार, 350 से ज्यादा छात्रों को मिला करियर और स्किल डेवलपमेंट का मार्गदर्शन

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शिमला । टियर-2 और टियर-3 शहरों के छात्रों को करियर की सही दिशा और जरूरी कौशल देने के उद्देश्य से क्रैक एकेडमी ने आरकेएमवी कॉलेज, शिमला में एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया। इसमें बी.कॉम, बीएससी, बीए और टूरिज़्म के 350 से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में क्रैक एकेडमी के विशेषज्ञ काउंसलर्स ने पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, कम्युनिकेशन स्किल्स, करियर अवेयरनेस और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। इंटरएक्टिव गतिविधियों के ज़रिए छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने, पब्लिक स्पीकिंग में सुधार और टीमवर्क को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इसके अलावा एसएससी, बैंक एग्जाम, टैली, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और सरकारी व निजी क्षेत्रों में करियर अवसरों पर भी मार्गदर्शन दिया गया।

मेधावी छात्रों की पहचान के लिए सेमिनार में एक स्कॉलरशिप टेस्ट भी कराया गया, जिसमें सफल छात्रों को छात्रवृत्ति, फीस में छूट और विशेष लाभ दिए गए।
क्रैक एकेडमी के संस्थापक और सीईओ, नीरज कंसल ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हर छात्र, चाहे वह कहीं भी रहता हो या उसकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो, गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और स्किल डेवलपमेंट के अवसर पा सके। यह सेमिनार छात्रों को न केवल करियर विकल्पों से अवगत कराने के लिए था, बल्कि उन्हें अपनी क्षमता पहचानकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का प्रयास भी था। छात्रों और शिक्षकों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित सत्र से उन्हें करियर की स्पष्ट दिशा और तैयारी की सही रणनीति समझने में मदद मिलती है। क्रैक एकेडमी आने वाले समय में देशभर के अन्य कॉलेजों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करेगी।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नेत्र दान,अंग दान और देह दान के जागरूकता की शुरुआत

चंडीगढ़। जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन की बैठक पिंजौर के भगवती कुटीर में हुई और इस बैठक में फाउंडेशन द्वारा नेत्र दान,अंग दान और देह दान के लिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। फाउंडेशन के संस्थापक पर्यावरण सेवक प्रभुनाथ शाही ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा कमांड हॉस्पिटल चंडीमंदिर,पीजीआई चंडीगढ़ और जीएमसी एच चंडीगढ़ के साथ मिलकर आने वाले समय में जागरूकता अभियान किया जाएगा और महान जीवन दानियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। शाही ने बताया कि फाउंडेशन की और से स्वयं अपना डोनेशन कर इसकी शुरुआत करेंगे और फाउंडेशन के कार्यालय प्रमुख संजय कुमार ने भी डोनेशन की सहमति दी ।

फाउंडेशन के हरियाणा राज्य के कार्य प्रमुख गणेश प्रसाद सिंह ने सभी को स्वतंत्रता दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए इस जन जागरण अभियान में सभी से सहयोग का आग्रह किया ।

कनाडा का नियाग्रा फाल्स अब देखिए अपने शहर चण्डीगढ मेंमछली की तरह पानी में अठखेलियां करती दिखेगी जलपरियां

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चंडीगढ़ । ट्राईसिटी वासियों हो जाइए तैयार-ट्राईसिटी में शुरू हो रहा है, पहला और विशाल नियाग्रा फाल्स जलपरी कार्निवाल। यहाँ लोगों को कनाडा के नियाग्रा फाल्स का यहीं पर दीदार करने का अवसर मिलेगा। साथ ही किंवदंतियों में जीवित जलपरियों को भी पानी मे अठखेलियाँ करते देखने का मौका मिलेगा। यह देखने को मिलेगा सेक्टर 34 के एग्जीबिशन ग्राउंड में से शुरू हुए “नियाग्रा फाल्स जलपरी कार्निवाल” में, जिसके शुभारंभ की घोषणा जिंदल इवेंट्स के संचालक बिपन जिंदल ने की । जिंदल इवेंट्स के संचालक बिपन जिंदल और आयोजक सुरेश कपिला,अयोध्या प्रकाश और लवली ने बताया कि लोगों के मनोरंजन के लिए हर बार कुछ नया दिया जाने का प्रयास रहता है। इससे पहले सिंगापुर एयरलाइन्स, उड़नतश्तरी और स्नो वर्ल्ड जैसे कांसेप्ट दे, यहां उनका मनोरंजन और उनको रोमांचित किया गया। वहीं अब उनके लिए कनाडा का नियाग्रा फाल्स को देखने का मौका यहीं मिलेगा। सुरेश कपिला ने आगे बताया कि कार्निवाल का आउटलुक ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। हट से एक छोटे से टनल से गुज़र कर कार्निवाल में प्रवेश करते ही उन्हें सामने 140 फ़ीट की ऊंचाई से लगातार गिर रहा पानी उन्हें नियाग्रा फाल्स का एहसास करवाएगा। जिसके सामने खड़े हो लोग सेल्फी लेने से अपने आपको रोक नही पाएंगे। यहां से आगे बढ़ते हुए लोग डोम में पहुंचेंगे। यहाँ पर वो एक अन्य 60 फ़ीट की पत्थर के लुक वाली टनल से गुजरते हुए इसके आगे 150 फ़ीट लम्बी ऐक्रेलिक टनल में प्रवेश करेंगे। इस ऐक्रेलिक टनल को अंदर और बाहर से आर्टिफिशियल फूलों से बेहद ही आकर्षक रूप से सजाया गया है। सुरेश कपिला ने बताया कि ऐक्रेलिक टनल से आगे लोगों को धरती के स्वर्ग कश्मीर वैली में होने का अहसास होगा। यहाँ बर्फ से ढंकी कश्मीरी हट्स, फूलों की क्यारियां और फाल्स आनंदित करेंगे।

बिपन जिंदल ने बताया कि इसके आगे लोगों को 12×20 के एक ट्रांसपेरेंट बॉक्स में जलपरियां अठखेलियाँ करती मिलेंगी। उन्होंने बताया कि सारी एक्टिविटी तीन स्टेप में होती है। पहले स्टेप में अंडर बॉटर के लिए खुद की तैयार करना, दूसरे स्टेप में पानी में कूदकर स्ट्रेचिंग व स्वीमिंग करना च तीसरे में एक्टिविटी करना और पब्लिक से कनेक्ट होना। पानी में छलांग लगाते हैं तो मैजिक थीम की तरह होता है। उसके बाद शुरू होता है फेस व बॉडी का एक्सप्रेशन देना। उन्होंने बताया कि शो देखने हर उम्र के लोग आते हैं इसलिए उम्र के हिसाब से हम एक्सप्रेशन देते हैं। बच्चों को देखकर हम डांसिंग मूड चना देते हैं तो कपल्स के लिए रोमांटिक, बुजुर्गों को देखकर रिलेक्सेशन मूड की एक्टिविटी रहती है। जब सामने भीड़ हो तो मछलियों की तरह पानी में उछलकूद करने लगते हैं। हम फिश की एक्टिविटी फॉलो करती हैं। यह बरीथिंग का गेम है और इसमें वर्ल्ड का म्यूजिक विभित्र एक्सप्रेशन में काम करता है। सुरेश कपिला ने कहा कि कार्निवाल में आपको एक शानदार शाम बिताने का मौका मिलेगा। इस जगह पर आप न केवल दोस्तों के साथ बल्कि फैमिली के साथ भी आकर यादगार पल बिता सकते हैं। रंगों और मौज मस्ती से भरपूर कार्निवल मनोरंजन की सवारी से भरा हुआ है, यहां मस्ती करने के बाद ये दिन आपका यकीनन खुशियों से भर जाएगा।

रेवलॉन इंडिया अगले 2 वर्षों में कारोबार को करेगा दोगुना , ब्रांड आउटलेटस का भी होगा विस्तार

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पंचकूला । रेवलॉन इंडिया की महिला कार्यकारी निदेशक और भारतीय उपमहाद्वीप की प्रमुख मेघना मोदी भारत में ब्रांड की विकास रणनीतियों पर केंद्रित एक सत्र को संबोधित करने के लिए पंचकूला के दौरे पर थीं। मेघना ने बातचीत के दौरान कंपनी की योजनाओं के बारे में बात करते हुए कहा कि रेवलॉन इंडिया आक्रामक विस्तार पथ पर अग्रसर है और अगले 2-3 वर्षों में भारत में अपना कारोबार दोगुना करने की योजना बना रहा है, अपने ब्रांड आउटलेट्स की संख्या 300 से बढ़ाकर 600+ करने की भी स्ट्रेटेजी है । इसके साथ ही हमारा लक्ष्य डिपार्टमेंटल स्टोर्स में अपनी उपस्थिति को 1000 से बढ़ाकर 4000+ करना है। रेवलॉन भारत में लॉन्च होने वाला पहला अंतरराष्ट्रीय कॉस्मेटिक्स ब्रांड है। इस ब्रांड ने कलर कॉस्मेटिक्स और पर्सनल केयर की दुनिया में एक कलर अथॉरिटी और ब्यूटी ट्रेंडसेटर के रूप में लंबे समय से अपनी प्रतिष्ठा बनाई है। मेघना मोदी के कुशल नेतृत्व में, रेवलॉन इंडिया ने मोदी-मुंडीफार्मा ब्यूटी प्रोडक्ट्स के साथ साझेदारी में एक समग्र व्यावसायिक विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। उल्लेखनीय है कि मोदी-मुंडीफार्मा (कॉस्मेटिक्स डिवीज़न), जिसे पहले मोदी-रेवलॉन के नाम से जाना जाता था और जो उमेश मोदी समूह का एक हिस्सा है, ने 1995 में भारत में रेवलॉन की शुरुआत की थी। यहाँ यह बताना ज़रूरी है कि मेघना मोदी को नवंबर 2023 में अपनी नियुक्ति के बाद से इस ब्रांड के कायाकल्प का काम सौंपा गया है। मोदी बिक्री, आपूर्ति श्रृंखला, ई-कॉमर्स और संगठनात्मक संस्कृति को शामिल करते हुए एक रणनीतिक पुनर्गठन का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने अपने व्याख्यान में कहा कि ब्रांड का मिशन प्रेरित करना और नवाचार करना है। मेघना ने कहा कि “कंपनी कलर कॉस्मेटिक रेंज (मेकअप और स्किन केयर) और पर्सनल केयर रेंज (हेयर कलर, हेयर केयर और बॉडी स्प्रे) पर ध्यान केंद्रित करेगी। ये उत्पाद श्रेणियाँ हमारी नींव का निर्माण करेंगी। हम अपनी पूरी क्षमता का लाभ उठाने और सभी माध्यमों – एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स, डिपार्टमेंट स्टोर, सामान्य व्यापार और ई-कॉमर्स – में वितरण का विस्तार करने की भी योजना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विकास रणनीति में ऑफ़लाइन विस्तार को एक बेहतर डिजिटल दृष्टिकोण के साथ जोड़ा जाएगा। वर्तमान में, लगभग 25 परसेंट बिक्री ऑनलाइन माध्यमों से होती है, और शेष खुदरा दुकानों और डिपार्टमेंटल स्टोर्स के माध्यम से। हमारा ज़ोर सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम जैसे विज़ुअल प्लेटफ़ॉर्म पर जुड़ाव बढ़ाने पर होगा, ताकि टियर-2 शहरों के महत्वाकांक्षी और मिलेनियल उपभोक्ताओं को आकर्षित किया जा सके। उत्पाद पोर्टफोलियो में नवाचार एक और प्रमुख स्तंभ है। रेवलॉन इंडिया नई श्रेणियों को लॉन्च करने की योजना बना रही है—जिसमें परफ्यूम और हेयर केयर उत्पाद शामिल हैं—और उसने टियर-2 शहरों में महत्वाकांक्षी उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए लगभग 399 रुपये से शुरू होने वाले अधिक व्यापक और किफायती सेगमेंट में प्रवेश करने के उद्देश्य से एक मिलेनियल-केंद्रित ब्रांड, स्ट्रीट वियर कॉस्मेटिक्स, पेश किया है। मेघना ने आगे कहा कि हमे उम्मीद है कि एक नई और व्यापक व्यावसायिक स्ट्रेटेजी के माध्यम से, रेवलॉन कड़ी प्रतिस्पर्धा वाले सौंदर्य क्षेत्र में अलग पहचान बनाने में कामयाब होगा।

लिवासा अस्पताल मोहाली ने माइक्रो वैस्कुलर सर्जरी से टांग और पैर को ऐम्प्युटेट होने से बचाया

मोहाली । लिवासा अस्पताल मोहाली में जटिल माइक्रोवस्कुलर सर्जरी के द्वारा बाईं टांग को काटने से बचाने के बाद डेराबस्सी के 45 वर्षीय व्यक्ति को एक नया जीवन मिला । व्यक्ति को इंडस्ट्रियल ट्रॉमा के बाद लिवासा में बहुत गंभीर स्थिति में लाया गया था। ऑर्थो सर्जन आदित्य अग्रवाल और डॉ. सौरभ वशिष्ठ ने एक्सटर्नल फिक्सेशन का उपयोग करके मरीज के पैर को स्थिर किया, जो अंग को बचाने में एक महत्वपूर्ण कदम है। मरीज की स्टैबलज़ैशन के बाद, प्लास्टिक सर्जन डॉ. निखिल मक्कर ने जटिल रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी से रोगी की टांग और पैर को ऐम्प्युटेट होने से बचाया। डॉ. निखिल मक्कर ने कहा कि हमने हड्डी और घाव के कवर के लिए एक फ्री फ्लैप प्रोसीजर किया, जिससे मरीज के टांग और पैर को बचाया जा सका।
सौरभ वाशिष्ट ने कहा कि औद्योगिक घटनाओं के कारण अंग कटना आम बात है। यदि उपचार न किया जाए, तो कटा हुआ अंग हमेशा के लिए खत्म हो जाता है, जिससे व्यक्ति आजीवन दिव्यांग हो जाता है। हालांकि, शीघ्र और उचित उपचार के साथ, कटे हुए शरीर के अंग को फिर से जोड़ा जा सकता है, और माइक्रो वैस्कुलर सर्जरी के माध्यम से रक्त प्रवाह को बहाल किया जा सकता है, जिससे रोगी सामान्य कार्य करने में सक्षम हो सकता है। डॉ. निखिल मक्कर ने माइक्रो वैस्कुलर सर्जरी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रीइम्प्लांटेशन की सफलता विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है, जिसमें कटा हुआ हिस्सा, चोट की प्रकृति, चोट और सर्जरी के बीच का समय और कटे हुए हिस्से को कैसे संरक्षित किया गया था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसके लिए एक अनुभवी माइक्रो वैस्कुलर सर्जन और विशेष उपकरणों की आवश्यकता होती है, जो केवल कुछ ही अस्पतालों में उपलब्ध हैं।

हरियाणा राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. आरसी मिश्रा को किया सम्मानित

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चंडीगढ़। जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन की ओर से डॉ. आरसी मिश्रा को हरियाणा राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण के चेयरमैन नियुक्त होने पर सम्मानित किया गया ।
फाउंडेशन के संस्थापक पर्यावरण सेवक प्रभुनाथ शाही और फाउंडेशन के पर्यावरण कार्य सह प्रमुख दीपक शर्मा ने डॉ.मिश्रा को चंदन का पौधा और राष्ट्रीय ध्वज भेंट कर हार्दिक शुभकामनाएँ दी । इस पद पर डॉ. आरसी मिश्रा जैसे वरिष्ठ अनुभवी कुशल नेतृत्व वाले पुलिस अधिकारी के नियुक्ति पर फाउंडेशन परिवार की तरफ़ से हरियाणा के मुख्यमंत्री का सादर धन्यवाद किया गया। पर्यावरण सेवक प्रभुनाथ शाही ने आशा व्यक्त किया कि डॉ आरसी मिश्रा के नेतृत्व में प्राधिकरण के द्वारा जनहित में सक्रियता से कार्य किया जाएगा और आम लोगों का भला होगा।

अंगदान से कई ज़िंदगियां बचाई जा सकती हैं: डॉ. पंकज मित्तल

पंचकूला । अंगदान दिवस के अवसर पर पारस हेल्थ पंचकूला ने अंगदान के महत्व को रेखांकित करने और लोगों को रजिस्ट्रेशन के लिए प्रेरित करने हेतु जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य अंगदान से जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करना, प्रक्रिया की सही जानकारी देना और जीवन रक्षक ट्रांसप्लांट की संस्कृति को बढ़ावा देना है। अभियान के तहत अस्पताल कम्युनिटी एजुकेशन प्रोग्राम, ऑनलाइन सेशन और इंटरैक्टिव वर्कशॉप का आयोजन कर रहा है, जिनमें बताया जाता है कि कौन अंगदान कर सकता है, प्रक्रिया कैसे होती है और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्या है। मेडिकल साइंस और ऑर्गन ट्रांसप्लांट में बड़ी प्रगति के बावजूद अंगदान के बारे में जागरूकता अभी भी कम और जागरुकता फैलाना बहुत ज़रूरी है। नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइज़ेशन के अनुसार, भारत ने 2024 में 18,900 से ज़्यादा ट्रांसप्लांट किए हैं। फिर भी हज़ारों मरीज किडनी और लीवर जैसे अंगों के इंतज़ार में हैं, जो दिखाता है कि लोगों की जागरूक और सक्रिय भागीदारी कितनी ज़रूरी है। पारस हेल्थ पंचकूला के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि “एक अंगदाता कई ज़िंदगियां बचा सकता है। समय पर हुआ अंगदान कई मरीजों के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का फ़र्क साबित हो सकता है। हम चाहते हैं कि लोग सही जानकारी के साथ अंगदाता बनने का संकल्प लें। बहुत से लोग ट्रांसप्लांट के लिए महीनों या सालों तक इंतज़ार करते हैं, और समय पर हुआ अंगदान जीवन और मृत्यु के बीच का फ़र्क साबित हो सकता है। स्पष्ट जानकारी और खुली बातचीत को बढ़ावा देकर हम उम्मीद करते हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग अंगदाता के रूप में रजिस्ट्रेशन करें और ऑर्गन ट्रांसप्लांट का इंतज़ार कर रहे परिवारों के लिए बड़ा बदलाव ला सकते हैं । अस्पताल का यह प्रयास लोगों में भरोसा जगाने, शंकाओं का समाधान करने और अंगदान को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम है। पारस हेल्थ ने लोगों से अपील की है कि वे अंगदान के महत्व को समझें और अंगदाता के रूप में पंजीकरण कर ज़िंदगी का सबसे बड़ा उपहार दें ।

पंजाब में आईएचजी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स का तेज़ी से विस्तार, प्रमुख शहरों में उच्चस्तरीय हॉस्पिटैलिटी की पेशकश

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ज़ीरकपुर । दुनिया की अग्रणी होटल कंपनियों में से एक, आईएचजी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स, भारत के उभरते द्वितीयक बाजारों में अपने रणनीतिक विस्तार के तहत पंजाब में अपनी उपस्थिति को और व्यापक बना रही है। हाल के कुछ समय में चंडीगढ़ और अमृतसर जैसे प्रमुख शहरों में कई नई साझेदारियों और होटलों के आरंभ के साथ, आईएचजी इस क्षेत्र में उन्नत अतिथ्य/हॉस्पिटैलिटी सेवाओं और प्रीमियम आवास की बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। आईएचजी वर्तमान में पंजाब में दो होटलों का संचालन कर रहा है – हॉलीडे इन चंडीगढ़ ज़ीरकपुर और हॉलीडे इन अमृतसर रणजीत एवेन्यू, जो दोनों ही लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। इस सफलता को आधार बनाते हुए, आईएचजी ने कई नई साझेदारियों की घोषणा की है, जिनमें अक्टूबर 2025 में खुलने वाला वोकॉ पंचकूला भी शामिल है, जो इस क्षेत्र के प्रति कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और सशक्त करता है। चंडीगढ़ ट्राइसिटी क्षेत्र में, आईएचजी ने क्राउन प्लाज़ा चंडीगढ़ ज़ीरकपुर और हॉलीडे इन एंड सूट्स चंडीगढ़ ज़ीरकपुर के साथ करार किया है, जो मिलाकर लगभग 350 कमरे जोड़ेंगे। इन होटलों के 2027 में खुलने की उम्मीद है, और ये शानदार डिज़ाइन, आधुनिक सुविधाएं, सुविधा का स्थान और उत्कृष्ट सेवा का संयोजन प्रदान करेंगे। आईएचजी के साउथ वेस्ट एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सुदीप जैन ने कहा कि पंजाब की संस्कृति, लोगों की गतिशीलता और पर्यटन में हो रही तेजी इस क्षेत्र को बेहद खास बनाती है। हमने देखा है कि धार्मिक पर्यटन से लेकर डेस्टिनेशन वेडिंग और कॉरपोरेट ट्रैवल तक, हर सेगमेंट में मांग बढ़ रही है और यही हमें यहां विस्तार के लिए प्रेरित कर रहा है।