Wednesday, September 30, 2026
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चंडीगढ़ में 3 अक्टूबर से गूंजेगा हरिनाम, 15वीं श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन

श्रद्धालुओं तक भक्ति, धर्म, संस्कार, सेवा और सदाचार का संदेश पहुंचाना कथा का उदेश्य : भूपिंदर शर्मा, अध्यक्ष, केंद्रीय रामलीला महासभा, चंडीगढ़

चंडीगढ़ । श्री राधा वल्लभ भागवत सेवा ट्रस्ट द्वारा 3 से 10 अक्टूबर तक सब्जी मंडी ग्राउंड, सेक्टर-45, चंडीगढ़ में 15वीं श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में बुधवार को सेक्टर-45 में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान न्यू एकता मार्किट शॉपकीपर्स सेक्टर 45 के चेयरमैन एवं केंद्रीय रामलीला महासभा, चंडीगढ़ के अध्यक्ष भूपिंदर शर्मा ने बताया कि सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का उद्देश्य श्रद्धालुओं तक भगवान की भक्ति, धर्म, संस्कार, सेवा और सदाचार का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने शहरवासियों से अपील कि है वे कथा का श्रवण करने कथा स्थल में जरूर पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस धार्मिक आयोजन में राधा वल्लभ महिला मंडल एवं आर बी युवा शक्ति फाउंडेशन का विशेष सहयोग रहेगा। राधा वल्लभ भागवत सेवा ट्रस्ट के सदस्य श्री विशाल शर्मा ने बताया कि 15वीं श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में श्रद्धेय विजय शास्त्री महाराज द्वारा श्रद्धालुओं को श्रवण करवाई जाएगी। कथा प्रतिदिन 4 अक्टूबर से दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक होगी, जबकि 3 अक्टूबर को प्रथम दिवस मंगलाचरण, कथा महात्म्य एवं भागवत श्रवण की महिमा का वर्णन होगा। जिसके बाद दोपहर 3 बजे कलश यात्रा का आयोजन किया जायेगा, जो इसी सेक्टर के विभिन्न मार्गो से होती हुई कथा स्थल पर पहुंचेगी। कथा के बाद प्रतिदिन विशाल भंडारे एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था रहेगी। आयोजन में राधा वल्लभ महिला मंडल एवं आर बी युवा शक्ति फाउंडेशन का विशेष सहयोग रहेगा। इस मौके पर कथा व्यास विजय शास्त्री महाराज प्रति दिन होने वाले कथा के प्रसंगों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 4 अक्टूबर को सृष्टि वर्णन एवं बालक ध्रुव चरित्र के माध्यम से अटूट श्रद्धा और दृढ़ संकल्प का संदेश दिया जाएगा। 5 अक्टूबर को भक्त प्रह्लाद चरित्र एवं भगवान नरसिंह अवतार का वर्णन होगा, जिसमें धर्म, सत्य और भक्ति की शक्ति का संदेश रहेगा। 6 अक्टूबर को भगवान वामन अवतार एवं राजा बलि के चरित्र के माध्यम से दान, वचन पालन, समर्पण और विनम्रता का महत्व बताया जाएगा। 7 अक्टूबर को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव का भव्य आयोजन होगा। देवकी-वसुदेव प्रसंग, भगवान श्रीकृष्ण का गोकुल पहुंचना तथा ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से कथा परिसर भक्तिमय होगा। 8 अक्टूबर को गोवर्धन लीला, इंद्र के अभिमान का मर्दन तथा रास पंचाध्यायी का वर्णन होगा। 9 अक्टूबर को भगवान श्रीकृष्ण-उद्धव संवाद और ब्रज की निष्काम प्रेम-भक्ति का प्रसंग सुनाया जाएगा। 10 अक्टूबर को सुदामा चरित्र के माध्यम से सच्ची मित्रता, सरलता, संतोष, प्रेम और निष्काम भाव का संदेश दिया जाएगा। कथा की पूर्णाहुति, महामंगल आरती एवं विशाल भंडारे के साथ आयोजन का समापन होगा। महासभा के भूपिंदर शर्मा ने बताया कि 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक श्री बद्री केदार रामलीला, सेक्टर 45-46-47 द्वारा रामलीला का मंचन किया जायेगा। जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम उनके चरित्र चित्रण, उनके आदर्शो, शिक्षाओं एवं कर्तव्यों का स्मरण किया जायेगा।

कथा व्यास का परिचय

श्री विजय शास्त्री जी महाराज का जन्म उत्तराखंड में हुआ और उन्होंने वृंदावन धाम में शास्त्री की शिक्षा प्राप्त की। श्री नाथ शास्त्री जी के सान्निध्य में उन्होंने तीन वर्षों तक श्रीमद् भागवत का अध्ययन किया। वर्ष 2005 में चंडीगढ़ आने के बाद धार्मिक एवं सामाजिक सेवा कार्य शुरू किए और वर्ष 2012 में श्री राधा वल्लभ भागवत सेवा ट्रस्ट की स्थापना की। आज ट्रस्ट से 150 से अधिक परिवार जुड़े हैं। राधा वल्लभ महिला मंडल और आर बी युवा शक्ति फाउंडेशन के माध्यम से महिलाओं तथा युवाओं को समाजसेवा से जोड़ा जा रहा है। ट्रस्ट जरूरतमंद कन्याओं के विवाह, वृक्षारोपण, नशा मुक्ति जागरूकता तथा धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से परिवार सहित कथा में पहुंचकर श्रीमद् भागवत महापुराण का श्रवण करने और इस आध्यात्मिक आयोजन का लाभ लेने की अपील की।

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