Monday, June 29, 2026
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कार्डियोवैस्कुलर पर ग्लोबल कॉन्फ्रेंस में उन्नत कार्डियक इंटरवेंशन पर हुई चर्चा

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चंडीगढ़ । बुधवार को कार्डियोवस्कुलर देखभाल पर 3 दिवसीय 14वें वार्षिक वैश्विक कार्डियोमर्सन सम्मेलन के दूसरे दिन देश और विदेश के विशेषज्ञों ने ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (टीएवीआई), थोरैसिक एंडोवास्कुलर एओर्टिक रिपेयर (टीईवीएआर) जैसे तकनीकी नवाचारों पर प्रकाश डालते हुए उन्नत कार्डियक इंटरवेंशन और रोबोट- असिस्ट हेल्प और थोरैकोस्कोपिक सर्जरी पर चर्चा की। कॉन्फ्रेंस में दुनिया भर से कार्डियोवस्कुलर देखभाल के लगभग 400 एक्सपर्ट भाग ले रहे हैं। कॉन्फ्रेंस के संरक्षक ऋषिकेष एम्स में सीटीवीएस के पूर्व प्रोफेसर और प्रमुख डॉ. डी.के. सत्संगी, फोर्टिस मोहाली में सीटीवीएस के कार्यकारी निदेशक डॉ. टीएस महंत और फिजिशियन फोरम यूएसए के अध्यक्ष डॉ. अचिंत्य मौलिक ने दुनिया भर में नए सहयोग के लिए उपयोगी आदान-प्रदान और संभावनाओं की आशा व्यक्त की।उन्होंने साक्ष्य-आधारित, रोगी-अनुकूल और लागत प्रभावी उपचार के माध्यम से जीवनशैली संबंधी बीमारियों, विशेष रूप से हृदय संबंधी स्थितियों के बढ़ते बोझ को संबोधित करने के वैश्विक महत्व को भी रेखांकित किया।अमेरिका के विशेषज्ञों ने न्यूनतम इनवेसिव तकनीकों और उन्नत इमेजिंग प्रौद्योगिकियों के एकीकरण के माध्यम से सर्जिकल परिणामों में सुधार पर नवीनतम शोध प्रस्तुत किया, जो कार्डियोवैस्कुलर सर्जरी के क्षेत्र को बदल रहे हैं। कार्डियोमर्सियन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. दीपक पुरी की चर्चा युवा आबादी में अचानक हृदय संबंधी मौतों में वैश्विक वृद्धि और हृदय विफलता और अन्य हृदय संबंधी स्थितियों पर सीओवीआईडी -19 महामारी के प्रभाव पर केंद्रित थी।

एसडी कॉलेज में तनाव और सफलता पर सेमिनार का आयोजन

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चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज के एस्थीसिया क्लब की ओर से बुधवार को “तनाव और सफलता: जीवन की चुनौतियों का सामना करना” शीर्षक से एक सेमिनार का आयोजन किया गया। चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग की क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. दीपिका लांबा सेमिनार में मुख्य वक्ता थीं। सेमिनार का उद्देश्य छात्रों को तनाव प्रबंधन की रणनीतियों से सशक्त बनाना तथा शैक्षणिक और व्यक्तिगत दोनों क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करना था। साथ ही छात्रों को इंटरैक्टिव इमेजरी और ब्रीदिंग एक्सरसाइज में शामिल करना था।

उन्होंने तनाव और उसके कारणों पर जोर दिया तथा मानसिक स्वास्थ्य और लचीलेपन को बढ़ावा देने के लिए समग्र दृष्टिकोण को एकीकृत करने के महत्व पर बल दिया। सेमिनार में लगभग 200 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने संयोजक डॉ. तरुणदीप कौर और आयोजन सचिव विभु गुप्ता के प्रयासों की सराहना की। यह सेमिनार छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को समर्थन देने तथा उन्हें बढ़ती मांगों से निपटने के लिए आवश्यक उपकरण प्रदान करने के लिए आयोजित किया गया था।

पितृ श्राद्ध के उपलक्ष पर साप्ताहिक श्रीमद् भागवत कथा-पितृ मोक्ष महायज्ञ का आयोजन

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चंडीगढ़ । पितृ श्राद्ध के अवसर पर गौ भक्ति जनकल्याण सेवा समिति, चंडीगढ़ द्वारा सेक्टर 37 स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर धर्मशाला में साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा-पितृ मोक्ष महायज्ञ का 11वीं बार आयोजन किया गया, कथा 24 सितम्बर तक आयोजित की जाएगी। कथा से पूर्व पहले दिन सनातन धर्म मंदिर सेक्टर 37 से विधि विधान के साथ कलश यात्रा का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं व संकीर्तन मंडलियों सहित यह कलश यात्रा इस मंदिर की परिक्रमा करके कथा स्थल पर पहुंची। इस अवसर पर निवासियों ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया। इस कलश यात्रा में कथा व्यास सुरेश शास्त्री (गंगोत्री धाम से ) मौजूद थे।

कथा से पूर्व हरिद्वार से आए अनन्य पाठी ब्राह्मणों द्वारा सभी देवी देवताओं को आहवान किया गया। कथा के प्रथम दिन कथा व्यास सुरेश शास्त्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान की भक्ति के साथ सदकर्म करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भक्ति दिखावे का विषय नही बल्कि मन से होनी चाहिए। भक्ति की परिभाषा जीवन में प्रभु से जुड़ना है, जिससे मनुष्य को पुण्य की प्राप्ति होती है। ज्ञान, वैराग्य जब कलिकाल में अनेक प्रकार के विकारों से ग्रस्त हो गए तो श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करके विकार मुक्त हो गए। उन्होंने बताया कि 18 पुराणों में श्रीमद् भागवत कथा ही एक मात्र कथा है जो कि पितृ का उद्धार करने का समर्थ रखती है। इसके श्रवण से 21 पीढ़ियां तर जाती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को गोकर्ण प्रसंग सुनाया तथा कथा के माध्यम से संदेश दिया कि हमें अपने माता पिता की आज्ञा का पालन, सम्मान करना चाहिए। इस अवसर पर भगवान के मधुर भजन कथा व्यास ने सुनाए, जिसे सुन श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। सभी ने कथा के दौरान भगवान के जयकारे लगाए, जिससे धर्मशाला का परिसर गूंज उठा।

फोर्टिस मोहाली में रोबोट-एडेड सर्जरी के माध्यम से जटिल यूरोलॉजिकल कैंसर के रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज

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चंडीगढ़ । फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली के यूरो-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी विभाग ने दुनिया के सबसे उन्नत चौथी पीढ़ी के रोबोट – दा विंची एक्सआई के माध्यम से जटिल यूरोलॉजिकल कैंसर से पीड़ित कई रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज किया है। फोर्टिस अस्पताल मोहाली में यूरो-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी के कंसल्टेंट डॉ. धर्मेंदर अग्रवाल ने रोबोट एडेड सर्जरी के जरिए ऐसे दो मरीजों का इलाज किया है। एक अन्य मामले में, एक 56 वर्षीय मरीज, जिसने क्रोनिक किडनी रोग के कारण 2018 में रीनल ट्रांसप्लांट कराया था, उनकी ट्रांस्प्लांटेड किडनी में 3-सेमी का ट्यूमर पाया गया। उन्होंने फोर्टिस मोहाली में डॉ. अग्रवाल से संपर्क किया, जहां बाद की जांचों के बाद, डॉ. अग्रवाल ने रोबोट-एडेड ट्रांसप्लांट किडनी पार्शियल नेफरेक्टोमी (किसी बीमारी के इलाज के लिए किडनी का हिस्सा निकालना) किया। रोगी की गुर्दे की रक्तवाहिकाओं को डिसेक्ट किया गया और गुर्दे को सुरक्षित रखते हुए ट्यूमर को हटा दिया गया। सर्जरी के बाद उनका यूरिन आउटपुट अच्छा था और उन्हें ट्रांसफ़्यूज़न या डायलिसिस की आवश्यकता नहीं पड़ी। सर्जरी के 10 घंटे बाद मरीज चलना शुरू कर दिया और तीसरे दिन उन्हें हस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वह आज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं और सामान्य जीवन जी रहे हैं। मामले पर चर्चा करते हुए डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यह मामला जटिल था क्योंकि ट्रांस्प्लांटेड किडनी के आसपास चीरा लगाना और उचित सतह बनाना मुश्किल था। ज़्यादातर बार, किडनी और आस-पास के ऊतक पिछली सर्जरी के कारण फंस जाते हैं। चिकित्सा हस्तक्षेप में किसी भी देरी से ट्यूमर का आकार बढ़ सकता था और अन्य अंगों पर असर पड़ सकता था।
दूसरे मामले में, 62 वर्षीय एक मरीज को पिछले 10 दिनों से पेशाब में खून आ रहा था। बाद के मूल्यांकन पर, उनकी दाहिनी किडनी (14 सेमी) में एक बड़ा ट्यूमर पाया गया, साथ ही उनकी गुर्दे की नस में थ्रोम्बस और एक बड़ी रक्त वाहिका इन्फीरियर वेना कावा भी थी। मरीज ने डॉ. अग्रवाल से संपर्क किया, जहां पीईटी स्कैन और अन्य चिकित्सा जांच के बाद, डॉ. अग्रवाल ने सुझाव दिया कि रोबोट-एडेड सर्जरी रोगी के इलाज का एक तरीका है। डॉ. अग्रवाल के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने बड़े गुर्दे के घाव की आईवीसी थ्रोम्बेक्टोमी के साथ रोबोटिक रेडिकल नेफ्रेक्टोमी की और बड़ी नस में थ्रोम्बस के साथ पूरे ट्यूमर को पूरी तरह से हटाने में सक्षम थे। मामला जटिल था क्योंकि ट्यूमर में हृदय की ओर जाने वाली एक बड़ी नस शामिल थी, जिससे यह खतरा था कि ट्यूमर थ्रोम्बस उखड़ सकता था और हृदय में जा सकता था, जिससे कार्डियक अरेस्ट हो सकता था। मामले पर चर्चा करते हुए डॉ. अग्रवाल ने कहा कि ऐसी किसी भी समस्या से बचने के लिए पूरे आईवीसी को डीसेक्टेड किया गया और तीन बिंदुओं पर नियंत्रण किया गया। सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी आसानी से हो गई और प्रक्रिया के 8 घंटे के भीतर वह चलने में सक्षम हो गए । उन्हें तीन दिन बाद हॉस्पिटल छुट्टी दे दी गई। रोबोट-एडेड सर्जरी के लाभों के बारे में डॉ. अग्रवाल ने कहा किओपन सर्जरी में 8-10 दिनों के सामान्य प्रवास की तुलना में, रोबोट-एडेड सर्जरी से मरीज़ प्रक्रिया के उसी दिन चलने में सक्षम हो जाता है। पेशाब में खून आना एक अच्छा संकेत नहीं है और अक्सर यह एक गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है। नई तकनीकों की मदद से, हम अब सिर्फ़ ट्यूमर को हटाने और किडनी को बचाने में सक्षम हैं। रोबोट-एडेड सर्जरी मिनिमल इनवेसिव सर्जरी का नवीनतम रूप है और मरीज़ के शरीर में डाले गए एक विशेष कैमरे के माध्यम से ऑपरेटिव क्षेत्र का 3डी दृश्य प्रदान करता है। शरीर के जिन हिस्सों तक इंसानी हाथ से पहुँचना मुश्किल है, वहाँ रोबोट-एडेड उपकरण के माध्यम से पहुँचा जा सकता है जो 360 डिग्री घूम सकता हैं। डॉ. धर्मेंदर अग्रवाल ने लंदन से जटिल कैंसर सर्जरी और रोबोट एडेड सर्जरी का प्रशिक्षण लिया है और अब तक 550 से अधिक रोबोटिक सर्जरी कर चुके हैं।

एसजीजीएस कॉलेजिएट पब्लिक स्कूल ने सभी वर्गों में जीता बैडमिंटन टूर्नामेंट का फाइनल

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चंडीगढ़। मानव मंगल स्मार्ट स्कूल, मोहाली में क्लस्टर 17 के लिए आयोजित सीबीएसई बैडमिंटन टूर्नामेंट 2024-25 में लड़कियों के सभी एज ग्रुप्स के मुकाबले बुधवार को संपन्न हो गए। प्रतियोगिता को अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग में बांटा गया था। लड़कों के सभी एज ग्रुप्स के मुकाबले वीरवार से शुरू होंगे जो कि 21 सितंबर तक चलेंगे। चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित एसजीजीएस कॉलेजिएट पब्लिक स्कूल ने सभी वर्गों में फाइनल प्रतियोगिता जीती। गर्ल्स अंडर-14 वर्ग में एसजीजीएस कॉलेजिएट पब्लिक स्कूल, सेक्टर 26 ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब जीता। शिवालिक पब्लिक स्कूल, सेक्टर 41-बी, चंडीगढ़ की टीम उपविजेता रही। तीसरे स्थान पर सेक्रेड हार्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर 26, चंडीगढ़ और मानव मंगल स्मार्ट स्कूल, मोहाली की टीमों ने कब्जा जमाया। गर्ल्स अंडर-17 वर्ग में एसजीजीएस कॉलेजिएट पब्लिक स्कूल ने फिर से अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। माइंड ट्री स्कूल, मोहाली की टीम रनर अप रही जबकि तीसरे स्थान पर शेमरॉक सीनियर स्कूल, सेक्टर-69, मोहाली की टीम रही। गर्ल्स अंडर-19 वर्ग में भी एसजीजीएस कॉलेजिएट पब्लिक स्कूल ने अपना वर्चस्व बनाए रखा और विजेता का खिताब हासिल किया। अलायंस इंटरनेशनल स्कूल, बनूड़ (पटियाला) की टीम रनर अप रही और तीसरे स्थान पर मधुवन वाटिका पब्लिक स्कूल और पैरेगॉन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर 69, मोहाली ने कब्जा किया।

कार्डियोवैस्कुलर देखभाल पर तीन दिवसीय 14वीं वार्षिक ग्लोबल कॉन्फ्रेंस मोहाली में शुरू हुई

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मोहाली। कार्डियोवस्कुलर देखभाल पर तीन दिवसीय 14वीं वार्षिक ग्लोबल कार्डियोमर्सियन कॉन्फ्रेंस मंगलवार को यहां शुरू हुई, जिसमें दुनिया भर से कार्डियोवस्कुलर देखभाल के लगभग 400 एक्सपर्ट शामिल हुए। कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. अतुल सचदेवा और कार्डियोमर्सियन के ग्लोबल अध्यक्ष डॉ. दीपक पुरी ने किया। अपने संबोधन में डॉ. अतुल सचदेवा ने जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों, मेटाबोलिक सिंड्रोम, फैटी लीवर और हृदय संबंधी सहसंबंध के बढ़ते खतरे पर प्रकाश डाला। कार्डियोमर्सन की ऑर्गेनाइज सचिव व एम्स दिल्ली की डॉ. सुरभि पुरी ने कार्डियोमर्सन के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जागरूकता को बढ़ावा देने, रोकथाम की वकालत करने, शीघ्र निदान सुनिश्चित करने और व्यापक, लागत प्रभावी हृदय देखभाल प्रदान करने के लिए संगठन की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। अपने संबोधन में, डॉ. दीपक पुरी ने इस बात पर जोर दिया कि इस वर्ष का कॉन्फ्रेंस विशेष रूप से कोविड-19 के बाद के युग में रोग प्रबंधन के विकसित परिदृश्य के आलोक में हृदय संबंधी देखभाल के लिए व्यापक और लागत प्रभावी रणनीतियों को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगा ।
डॉ. टी.एस. महंत ने जन्मजात हृदय दोषों के सर्जिकल प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश साझा किए । पहले दिन के कार्यक्रम में ‘हृदय विफलता के लिए दिशानिर्देश-निर्देशित चिकित्सा चिकित्सा’ पर व्यापक अपडेट पर आईएमए मोहाली के अध्यक्ष डॉ. एसएस सोढ़ी द्वारा विशेषज्ञ प्रस्तुतियों की एक श्रृंखला भी शामिल थी। कुरुमे विश्वविद्यालय क्यूशू, जापान में हृदय विफलता के निदेशक डॉ. टोमोको एस. काटो ने हृदय प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ता चयन और प्री-ऑपरेटिव मूल्यांकन पर दिशानिर्देश साझा किए। एम्स बिलासपुर की डीन डॉ. निधि पुरी ने जन्मजात हृदय दोषों पर अपने विचार साझा किये।

13वां श्री विश्वकर्मा पूजा समारोह का हुआ आयोजन

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चंडीगढ़ । श्री विश्वकर्मा पूजा समिति, चंडीगढ़ द्वारा रायपुर खुर्द में 13वां विश्वकर्मा पूजा समारोह का आयोजन समिति के प्रधान दिलीप यादव के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर भव्य हवन कर भगवान श्री विश्वकर्मा की मंत्रोच्चारण के साथ पूजा विधि विधान से की गई। इस अवसर पर भाजपा, चंडीगढ़ के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व हिमाचल प्रदेश के सह-प्रभारी संजय टंडन ने मुख्यअतिथि के तौर पर शिरकत की जबकि कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के तौर पर नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर व पार्षद हरजीत सिंह, पूर्व डिप्टी मेयर अनिल दुबे, तथा अन्यों में जीत सिंह, मंगत राम, दलबीर सिंह, नौनिहाल सिंह सोढी, लक्ष्मण सिंह उपस्थित है। वहीं दूसरी ओर समिति द्वारा भगवान श्री विश्वकर्मा का जागरण व भजन समारोह आयोजित किया गया। जिसमें भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक भजन गाकर श्रद्धालुओं मंत्र मुग्ध कर दिया। इतना ही नही इस अवसर पर भजन गायकों ने सुंदर भजनों में ओम् हरे विश्वकर्मा प्यारा, कोटि कोटि नमन हमारा.,हे विश्वकर्मा जय हो तुम्हारी, आदि ’नारायण जय हो तुम्हारी’ जैसे भजन गाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया।
इस अवसर पर समिति के प्रधान दिलीप यादव ने बताया कि समिति द्वारा 13वर्षों से भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा अर्चना करती आ रही है। उन्होंने बताया कि भगवान विश्वकर्मा का मूर्ति विसर्जन 18 सितंबर का घग्गर नदी में विधि विधान से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने में सुनील ठेकेदार, सिंघासन यादव, संजय झा, पंकज पांडेय, राजन गिरि, अमित कुमार, राजेश्वर यादव, अमोध यादव, राजीव गिरी, कर्म कुशवाहा, मुन्नी लाल, ललित कुमार राऊत, शर्मानंद ठाकुर,जयकरन यादव, जितेन्द्र कुशवाहा, राकेश चौहान, विरेंदर गुप्ता, गुरदेव यादव, पवन यादव ने विशेष योगदान दिया, जिनका वे आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान के पूजन के उपरांत विशाल भंडारा आयोजित किया गया था।

सेवा ही सेवा चैरिटेबल अस्पताल और लैब का भव्य उद्घाटन और विस्तार समारोह

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पंचकूला । सेवा ही सेवा चैरिटेबल अस्पताल और लैब के मुख्य सेवादार रमेश अग्रवाल, सेक्टर-11, पंचकूला में, अपने नए भवन के भव्य उद्घाटन और विस्तार समारोह की घोषणा करते हुए अत्यंत खुशी महसूस कर रहें है। कुछ ही वर्षों में, यह संस्थान तेजी से ट्राइसिटी क्षेत्र के सबसे बड़े चैरिटेबल अस्पतालों में से एक बन गया है, जो व्यापक चिकित्सा सेवाओं की पेशकश करता है।
नए भवन और उसके विस्तार के विवरण की जानकारी देते हुए रमेश अग्रवाल ने बताया कि यह सब लक्ष्मी निवास महेश्वरी के सहयोग से संभव हो पाया है, जिसे उन्होंने अपनी स्वर्गीय पत्नी शशि महेश्वरी की याद में किया है। इस अवसर पर महेश्वरी ने बताया कि वह सेवा ही सेवा के कार्यपद्धति, निःस्वार्थ सेवा और पूर्ण ईमानदारी से प्रभावित होकर सेवा ही सेवा के विस्तार और उन्नति के लिए उनके साथ जुड़े है और आगे भी जो हो सकेगा, वह करने में पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने सेवा ही सेवा के सभी सदस्यों को बधाई दी और उन्नति तथा विस्तार की शुभकामनाएं दीं।

चंडीगढ़ सीनियर सिटीजंस एसोसिएशन के सहयोग से एसडी कॉलेज में वाद विवाद प्रतियोगिता आयोजित

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चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज के पोस्ट ग्रेजुएट इंग्लिश विभाग की डिबेटिंग सोसाइटी की ओर से मंगलवार को चंडीगढ़ सीनियर सिटीजंस एसोसिएशन के सहयोग से ‘सोशल मीडिया का प्रभाव वरिष्ठ नागरिकों के साथ पारंपरिक सामाजिक संबंधों को कमजोर करता है’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य अंतर-पीढ़ी संचार के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। इस प्रतियोगिता के प्रति उत्साह दिखाते हुए कई टीमों ने भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया।
कार्यक्रम की शुरुआत इंग्लिश विभाग की प्रमुख पूजा सरीन के स्वागत भाषण से हुई। जीजीडीएसडी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा इस अवसर पर मौजूद थे तथा उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन के लिए इंग्लिश विभाग की सराहना की, जो न केवल छात्रों के पब्लिक स्पीकिंग और क्रिटिकल थिंकिंग स्किल्स को निखारते हैं, बल्कि उन्हें आधुनिक डिजिटल युग में वरिष्ठ नागरिकों के सामने आने वाले मुद्दों के प्रति संवेदनशील भी बनाते हैं। डॉ. अजय शर्मा ने मुख्य अतिथि चंडीगढ़ सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल, डॉ. जसविंदर कौर भाटिया और विनय गोयल तथा निर्णायक मंडल को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया।
कठोर चयन प्रक्रिया के बाद प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए केवल नौ टीमों का चयन किया गया, जो आयोजकों द्वारा निर्धारित उच्च मानकों को दर्शाता है। प्रतिभागियों को अंग्रेजी, हिंदी या पंजाबी में अपने विचार व्यक्त करने की आजादी दी गई, जिससे चुने हुए विषय पर विविध और समावेशी चर्चा हो सके। इस वाद-विवाद प्रतियोगिता का निर्णय एक प्रतिष्ठित पैनल द्वारा किया गया, जिसमें गवर्नमेंट कॉलेज, चंडीगढ़ की सेवानिवृत हिंदी की प्रोफेसर डॉ. जसविंदर कौर भाटिया, एसडी कॉलेज के हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ. प्रतिभा कौशिक, डॉ. अर्चना वर्मा सिंह और अंग्रेजी विभाग की गगनप्रीत वालिया शामिल थीं, जिन्होंने टीमों के तर्क, स्पष्टता और प्रस्तुति के आधार पर उनका सावधानीपूर्वक मूल्यांकन किया। इस कार्यक्रम का संयोजन डॉ. पूर्वा त्रिखा और प्रणव कपिल ने किया तथा नितिका गर्ग ने स्टेज सचिव के रूप में कार्य किया। कॉलेज का मिनी ऑडिटोरियम खचाखच भरा हुआ था, जिसमें लगभग 150 छात्र प्रतियोगिता की इस दिलचस्प बहस को सुनने के लिए उत्सुक थे।
अनन्या पुरी और धैर्य सूद की टीम ने सर्वश्रेष्ठ टीम का प्रथम पुरस्कार जीता, जबकि अर्पित दुबे और पूर्वांश राठौर दूसरे स्थान पर तथा हिमांगी पंत और भूमिका गंगी की टीम तीसरे स्थान पर रही। व्यक्तिगत वर्ग में पूर्वांश राठौर को प्रथम स्थान मिला, जबकि धैर्य सूद को दूसरा स्थान मिला। प्रतियोगिता में उनके प्रभावशाली योगदान के लिए हिमांगी पंत और कंवल कौर हंजरा को संयुक्त रूप से तीसरा पुरस्कार दिया गया। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बृज सपरा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में शामिल सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम ने जीजीडीएसडी कॉलेज और चंडीगढ़ सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के बीच सफल सहयोग को चिह्नित किया, जो सामाजिक मामलों पर संवाद को बढ़ावा देने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

“नए किरदार, नई कहानियाँ और अपनों का साथ… अब थोड़ा ज़्यादा!”: सोनी सब के ‘वागले की दुनिया’ और ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में लंबे एपिसोड का होगा प्रसारण

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चंडीगढ़। इस त्यौहारी सीजन में सोनी सब सभी परिवारों को पसंद आने वाली और भी सामग्री पेश करने की तैयारी कर रहा है। अपनी दिल को छू लेने वाली, परिवार-उन्मुख प्रोग्रामिंग के लिए मशहूर सोनी सब अपने पसंदीदा शो वागले की दुनिया – नई पीढ़ी, नए किस्से और पुष्पा इम्पॉसिबल के एपिसोड बढ़ा रहा है। नौ सितंबर से शुरू होने वाले इस शो का समय अब 90 मिनट तक होगा। सोमवार से शनिवार रात 9 बजे से 10:30 बजे तक दर्शक इन दोनों शो का आनंद ले सकेंगे।
सुमित राघवन ने राजेश वागले की प्यारी भूमिका निभाई है, जो एक आदर्श मध्यमवर्गीय पारिवारिक व्यक्ति हैं। वहीं, करुणा पांडे ने पुष्पा के रूप में दमदार अभिनय किया है, इससे ये लंबे एपिसोड उन कहानियों और पात्रों को और अधिक दिखाने का वादा करते हैं, जिन्होंने पूरे भारत में दिलों पर कब्ज़ा किया है। नए किरदारों और नए कथानक के साथ, प्रशंसक अधिक ड्रामा, भावुक पारिवारिक पल और भावनात्मक गहराई की उम्मीद कर सकते हैं – जो प्रियजनों को एक साथ लाने वाले त्यौहारी उत्साह के लिए एकदम सही है।
वागले की दुनिया- नई पीढ़ी नए किस्से में राजेश वागले की भूमिका निभा रहे सुमित राघवन ने कह कि यह परिवार की भावना और जीवन की छोटी-छोटी खुशियों का जश्न मनाने का एकदम सही समय है, क्योंकि हम शो में लंबे एपिसोड और नए किरदारों के लिए तैयार हैं। यह सब त्योहारों के मौसम में हो रहा है, जो इसे और भी खास बनाता है। मुझे यकीन है कि आने वाले एपिसोड हमारे दर्शकों के घर को और भी गर्मजोशी, हंसी और प्यार से भर देंगे और उम्मीद है कि दर्शक वागले परिवार के साथ और भी समय बिताने का आनंद लेंगे।
पुष्पा इम्पॉसिबल में पुष्पा की भूमिका निभाने वाली करुणा पांडे ने कहा कि गणपति बप्पा हमेशा से नई शुरुआत और चुनौतियों पर काबू पाने के प्रतीक रहे हैं और इस साल, हम पुष्पा इम्पॉसिबल के सेट पर और भी अधिक खुशी के साथ जश्न मना रहे हैं। जैसा कि हम खुले दिल से गणपति का स्वागत करते हैं, हम यह घोषणा करते हुए भी उत्साहित हैं कि हमारे दर्शक हमें टेलीविजन पर अधिक समय तक देख पाएंगे क्योंकि यह शो लंबे समय तक प्रसारित होगा। मुझे उम्मीद है कि इससे अधिक दर्शक पुष्पा की यात्रा और उसके परिवार से जुड़ पाएंगे और परिवार की ताकत और बंधन का जश्न मनाएंगे, जैसा कि हम त्योहारों के मौसम में करते हैं।
9 सितंबर से सोनी सब के वागले की दुनिया – नई पीढ़ी नए किस्से को रात 9 बजे और पुष्पा इम्पॉसिबल को रात 9:35 बजे हर सोमवार से शनिवार देखें।