Monday, June 29, 2026
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जान है तो जहान है, कपिल देव ने फ़िल्म जहानकिला की तारीफ़ के बांधे पुल

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चंडीगढ़ । हाउज़ैट प्रोडक्शंस लिमिटेड, एस.वी.पी. फिल्म्स के साथ मिलकर, युवाओं को कॉन्टेंट डेवलप्मेंट के क्षेत्र में समान अवसर देने का एक मंच है, जिससे वे समाज के लिए कुछ महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। हम अपनी फिल्म के नाम “जहानकिला” की कहानी आपसे साझा करने के लिए बहुत उत्साहित हैं, जो इसके असली मतलब को बताती है। “जहान” का मतलब जीवन होता है, जो हमारे कमांडोज़ के अडिग समर्पण, साहस और बलिदान को दर्शाता है। ये वीर कमांडो हमें सुरक्षित रखने के लिए अपनी जान की बाजी लगाते हैं। ये सभी बहादुरगढ़ किले में कड़ी ट्रेनिंग लेते हैं, और “किला” उस किले का प्रतीक है, जो उनकी ट्रेनिंग की कठिनाईयों को दर्शाता है। इसके अलावा, बहादुरगढ़ किले का ऐतिहासिक महत्व भी है। 9वें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी ने अपनी यात्रा के दौरान इस किले में स्थित प्रतिष्ठित गुरुद्वारे में ध्यान किया था। इस पवित्र संबंध ने किले की समृद्ध विरासत में आध्यात्मिकता की एक परत जोड़ दी है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, “जहानकिला” हमारी फिल्म के लिए एक उपयुक्त नाम बन गया है। हम एक प्रेरणादायक कहानी पेश करने के लिए तैयार हैं, जो राष्ट्रीय एकता, महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण पर केंद्रित है। यह फिल्म आज की युवा पीढ़ी के सामने आने वाली चुनौतियों को दिखाती है और यह बताती है कि कैसे उन्हें सशक्त बनाने से समाज में बड़ा बदलाव आ सकता है। साथ ही, यह फिल्म उन निस्वार्थ प्रथम प्रतिक्रियादाताओं को समर्पित है, जो दिन-रात मेहनत करके हमारी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करते हैं। उनका समर्पण हमें हमारे त्योहारों का आनंद लेने और अपने परिवारों के साथ अनमोल पल बिताने का मौका देता है। हम उनके योगदान को सराहते हैं और इसे उजागर करना चाहते हैं। हम आपको भी इन नायकों का सम्मान करने और फिल्म के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए आमंत्रित करते हैं। कृपया हमारी वेबसाइट www.jahankilla.com पर जाकर लॉग इन करें और अपना समर्थन दिखाएं। आइए, हम सब मिलकर उन लोगों का आभार व्यक्त करें और उनका जश्न मनाएं जो निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करते हैं।

भगवान के सुंदर भजनों को सुनकर श्रद्धालु हुए मंत्र मुग्ध

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हर व्यक्ति को अपने जन्मदिन पर पांच पेड़ लगाने का संकल्प लेना चाहिए: कथा व्यास
चंडीगढ़ (युद्धवीर सिंह) । गौ भक्ति जनकल्याण सेवा समिति, चंडीगढ़ द्वारा सेक्टर 37 स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर धर्मशाला में आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा-पितृ मोक्ष महायज्ञ के तीसरे दिन कथा व्यास सुरेश शास्त्री ने श्रद्धालुओं को सृष्टि विस्तार की कथा का श्रवण करवाया और प्रकृति को बचाने के लिए अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने की अपील की।
कथा व्यास सुरेश शास्त्री ने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने जन्मदिन पर पांच पेड़ लगाने का संकल्प लेना चाहिए, यह न केवल पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आवश्यक है बल्कि यह हमारे पितरों के लिए भी श्रद्धा का प्रतीक होगा। इस अवसर पर कथा व्यास सुरेश शास्त्री ने भक्तिपूर्ण भजनों को सुनाकर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपने भजनों में श्याम तेरे मिलने का सत्संग ही बहाना, कृष्ण गोविद गोपाल गावो, श्याम सपने में क्यों नही आते जैसे दर्जनों भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इतना ही नही इस अवसर पर महिला श्रद्धालुओं ने भगवान के भजनों पर खूब नृत्य किया। कथा आयोजकों ने बताया कि कथा के अनुसार 21 सितम्बर को श्रीकृष्णजन्मोत्सव मनाया जाएगा।

बेहतर जीवन के लिए मार्गदर्शन करने वाले सिद्धांतों से अग्निहोत्री ने छात्रों को करवाया रूबरू

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चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज के गाइडेंस एंड काउंसलिंग सेल की ओर से शुक्रवार को कॉलेज के पीजी डिपार्टमेंट ऑफ इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी के फीनिक्स क्लब के सहयोग से ‘सक्सेस सिंप्लीफाइड’ पर सेमिनार का आयोजन किया गया। “टेंपल ऑफ ग्रोथ” के संस्थापक और सीईओ ललित अग्निहोत्री सेमिनार में मुख्य वक्ता थे। डेमोग्राफिक, ईको और सामाजिक-ग्राफिक अंतर्दृष्टि में अग्निहोत्री की अद्वितीय विशेषज्ञता मैकडॉनल्ड्स, बर्गर किंग, केटीसी (यूके) और रिलायंस रिटेल इंडस्ट्रीज जैसे शीर्ष अंतरराष्ट्रीय और भारतीय ब्रांडों की बाजार रणनीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण रही है। मुख्य वक्ता ने न केवल अंतर्राष्ट्रीय व्यापार परामर्श की दुनिया में महत्वपूर्ण प्रगति की है और कंपनियों को भारत में अपने क्षितिज का विस्तार करने में भी मदद की है बल्कि उन्होंने खुद को एक और भी बड़े मिशन के लिए समर्पित कर दिया है जो कि व्यक्तियों को समृद्ध और सार्थक जीवन जीने के लिए सशक्त बनाना है।

कार्यक्रम का उद्घाटन फीनिक्स क्लब के समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह ने किया तथा उन्होंने मुख्य वक्ता को पौधा भेंटकर उनका स्वागत किया। अग्निहोत्री ने तीन प्रमुख क्षेत्रों पर अमूल्य अंतर्दृष्टि साझा की जिनमें हमारे दैनिक जीवन को बेहतर बनाने के लिए अभिनव पहल, संकटों को शालीनता और प्रभावकारिता के साथ प्रबंधित करने की कला, तथा चरित्र विकास की गहन यात्रा शामिल है। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ वह सबक साझा किए जो कि उन्होंने जीवन में सीखे हैं। साथ ही विकसित की गई रणनीतियों और अपनाए गए सिद्धांतों को भी साझा किया जो उन्हें बेहतर जीवन के लिए मार्गदर्शन कर सकते हैं। इस कार्यक्रम में सारांश शर्मा भी मौजूद थे, जो कॉलेज के पूर्व छात्र और सफल उद्यमी हैं। उन्होंने सफलता के नए विचारों से छात्रों को सफल होने के लिए अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। जीजीडीएसडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा ने इस प्रेरक कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजन सचिव डॉ. पूजा मोहन और टीम के अन्य सदस्यों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि अग्निहोत्री द्वारा साझा किए गए अनुभव और रणनीतियाँ हमारे छात्रों के लिए आशा की किरण और सफलता का रोडमैप प्रस्तुत करेंगी। कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम के संयोजक डॉ. वीरेंद्र सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने औपचारिक रूप से प्रेरणादायी संबोधन के लिए तथा अपना बहुमूल्य समय देने के लिए मुख्य वक्ता के प्रति आभार व्यक्त किया।

वाउंड्स एंड वंडर्स काव्य संग्रह का हुआ विमोचन

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काव्य संग्रह में 100 कविताओं का एक उत्कृष्ट संकलन
चंडीगढ़ । दुबई में रहने वाली व चंडीगढ़ की एक कवयित्री और उत्साही अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक अधिवक्ता डॉ. सजीना खान ने अपना नवीनतम काव्य संग्रह, वाउंड्स एंड वंडर्स का सेक्टर 27 स्थित चंडीगढ़ प्रेस क्लब में विमोचन किया। वाउंड्स एंड वंडर्स काव्य संग्रह एक डायस्टोपियन दुनिया की जटिल परस्पर क्रिया और भावनाओं, रिश्तों और हमारी स्वयं की भावना पर इसके गहरे प्रभाव को उजागर करता है। यह काव्य संग्रह पाठकों को मानवीय अनुभव की जटिल परतों को समझने के लिए आमंत्रित करता है, और एक ऐसा लेंस प्रदान करता है जिसके माध्यम से वे एक पुनर्कल्पित वास्तविकता के परिवर्तनकारी प्रभावों पर विचार कर सकते हैं। छंदों को एक शक्तिशाली और सोचने पर विचार करने प्रतिक्रिया उत्पन्न करने, आत्मनिरीक्षण और संवाद को प्रोत्साहित करने के लिए गढ़े गए हैं। चंडीगढ़ की मूल निवासी सजीना ने अपने साहित्यिक कार्यों के बारे में बात करते हुए कहा कि अपनी लेखन यात्रा के दौरान, मुझे तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित कविता संग्रह प्रकाशित करने का सौभाग्य मिला है,द चैंबर ऑफ एक्सप्रेशंस, फ्रॉम शैडोज़ टू सोल्स और इकोज़ ऑफ़ द हार्ट। इन रचनाओं ने न केवल दुनिया भर के पाठकों के दिलों को छुआ है, बल्कि 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त किए हैं, जिनमें इंटरनेशनल लिटरेरी आइकन, बेस्ट ऑथर, मोस्ट इंस्पिरिंग ऑथर ऑफ थे ईयर और अमेज़न बेस्टसेलर होने का गौरव शामिल है। प्रत्येक पुस्तक कविता की शक्ति के माध्यम से मानवीय अनुभव की खोज करने की मेरी गहरी प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब रही है, और अब मैं अपने चौथे काव्य संग्रह का विमोचन कर रही हूँ, क्योंकि यह लाइव होने जा रहा है। “वाउंड्स एंड वंडर्स” गहरी सुंदरता और आत्ममंथन के साथ मानवीय भावनाओं के जटिल परिदृश्यों को उजागर करती है 100 विचारोत्तेजक कविताओं से बना यह काव्य संग्रह पाठकों को प्रेम, दुःख, लचीलापन और आकांक्षा के बहुमुखी अनुभवों के माध्यम से एक चिंतनशील यात्रा में आमंत्रित करता है। प्रत्येक कविता एक चित्रपट में एक नाजुक धागे की तरह कार्य करती है, जो मानव यात्रा की विशेषता वाली मार्मिक ऊँचाइयों और चिंतनशील निम्न को एक साथ जोड़ती है। कवयित्री द्वारा भाषा और कल्पना का उत्कृष्ट उपयोग एक समृद्ध संवेदी अनुभव को जगाता है, पाठकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाता है जहाँ साधारण को असाधारण बना दिया जाता है और गहन व्यक्तिगत सार्वभौमिक रूप से प्रतिध्वनित हो जाता है। यह संकलन मात्र काव्यात्मक अभिव्यक्ति से परे है, आत्मनिरीक्षण के लिए एक अभयारण्य और साझा मानवीय अनुभव का एक प्रकाश स्तंभ प्रदान करता है। “वाउंड्स एंड वंडर्स” आत्मा की गहराई को रोशन करने, सांत्वना, प्रेरणा और जुड़ाव की गहन भावना प्रदान करने के लिए कविता की स्थायी शक्ति का एक प्रमाण है।

गिल्को इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा विनिशा ने लिखी किताब, स्कूल में हुआ भव्य सम्मान समारोह

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खरड़ । गिल्को इंटरनेशनल स्कूल की चौथी कक्षा की छात्रा विनिशा कालिया ने अपनी पहली किताब “स्टोरीज फॉर मी एंड यू” के साथ साहित्य की दुनिया में धमाकेदार शुरुआत की है। इस उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए स्कूल में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विनिशा के माता-पिता, साथी छात्र और शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान स्कूल की प्रिंसिपल, डॉ. कृतिका कौशल ने विनिशा की कड़ी मेहनत की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विनिशा की यह उपलब्धि न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत मेहनत का परिणाम है, बल्कि पूरे स्कूल के लिए गर्व का पल है। गिल्को इंटरनेशनल स्कूल हमेशा अपने छात्रों को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रोत्साहित करता है।
“स्टोरीज फॉर मी एंड यू” में विनिशा ने अपनी अनोखी कल्पनाओं को कहानियों के रूप में पिरोया है, जिसे न केवल बच्चे, बल्कि बड़े भी काफी पसंद कर रहे हैं। यह किताब अब अमेज़न पर भी उपलब्ध है, जहाँ इसे पाठकों से खूब सराहना मिल रही है।

साप्ताहिक श्रीमद् भागवत कथा-पितृ मोक्ष महायज्ञ

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चंडीगढ़ (युद्धवीर सिंह)। हमें जीते जी मात-पिता की सेवा को अपना प्रथम कर्तव्य समझना चाहिए जिसका सुखद फल हमें पितृ श्राद्धों में मिलता है। यह बात पितृ श्राद्धों के अवसर पर गौ भक्ति जनकल्याण सेवा समिति, चंडीगढ़ द्वारा सेक्टर 37 स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर धर्मशाला में आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा-पितृ मोक्ष महायज्ञ के दौरान कथा व्यास सुरेश शास्त्री ने श्रद्धालओं से कही। कथा व्यास सुरेश शास्त्री ने श्रद्धालुओं को बताया कि शास्त्रों में तीन ऋण बताए गए हैं जिनमें देव ऋण, ऋषि ऋण, पितृ ऋण। इनमें से पितृ ऋण श्राद्ध कर्म करने से उतारा जा सकता है, जबकि अन्य दो ऋणों को विधि-विधान से पूजा कर उतारा जा सकता है। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा पाप नाशनी है इसके श्रवण से हमारे सभी पापों का नाश होता है । यह एक कल्प वृक्ष की भांति समस्त कामनाओं को पूरा करती है। यह संस्कारों की जननी है जो हमें अन्य विद्याओं से प्राप्त नही हो सकती। श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण श्राद्धों में करने से हमारे पितृों का उद्धार होता है क्योंकि श्राद्ध पक्ष पितृों के लिए विशेष दिन शास्त्रों में बताए गए हैं। कथा व्यास ने श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन उपस्थित श्रद्धालुओं को सत्य को धारण की कथा का श्रवण करवाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण जो स्वयं सत्य स्वरूप हैं वह महाभारत में सत्य रूपी पांडवों के साथ खडे़ रहें जिसमें उन्होंने एक सूत्र दिया सत्यम परम् धीमहि। इस अवसर पर भगवान के मधुर भजन कथा व्यास ने सुनाए, जिसे सुन श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। सभी ने कथा के दौरान भगवान के जयकारे लगाए, जिससे पंडाल गूंजमयी हो गया। कथा के उपरांत श्रीमद्भागवत महापुराण की सामुहिक आरती की गई।

श्रीमद् भागवत कथा, श्रीकृष्ण की महिमा बताती है:आचार्य ईश्वर चंद्र

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चंडीगढ़ । पितृ श्राद्ध के पावन अवसर पर श्रीमदभागवत महापुराण कथा का विशाल आयोजन देवालय पूजक परिषद चंडीगढ़ द्वारा अकाल मृत्यु को प्राप्त या जिन अज्ञात मृतकों का दाह संस्कार तो हमारी कई संस्थाएं करती है परंतु उनके निमित श्राद्ध,पिण्डदान,तर्पण नहीं हो पाता है इसीलिए देवालय पूजक परिषद द्वारा य़ह पुण्य का कार्य विगत कई वर्षों से होता आ रहा है और इस वर्ष भी परशुराम भवन सेक्टर 37 चंडीगढ़ में भागवत कथा का दिव्य आयोजन जिसमें कथा वक्ता ईश्वर चंद शास्त्री जी ने आज द्वित्तीय दिवस मे नारद जी के पूर्व जीवन का वृतांत सुनाया जिसमें उनके पूर्व जन्मों में किए गए सत्कर्म का फल दूसरे जन्म मे मिला इस प्रसंग को सुनाते हुए शास्त्री जी ने बताया कि हमारे द्वारा किए गए पुण्य का फल दूसरे जीवन में मिलते है और महाभारत के प्रसंग जिसमें भगवान ने धर्म का साथ देने वाले धर्म रूपी पांडवों को विजय श्री प्राप्त कारवाई एव भगवान राग और ताल से नहीं बल्कि भाव से ज्यादा प्रसन्न होते हैं यज्ञ में मूल पाठ के आचार्य गणेश शास्त्री,मंडप आचार्य श्री दुर्गेश बिजोला जी द्वारा प्रात काल मे 8 बजे से 11 बजे तक पूजन श्राद्ध आदि कर्म एवं मूल पाठ होता है और सायकालीन सत्र में 4 बजे से 7 बजे तक कथा प्रवचन किया जाता है तथा भक्तजनों के लिए नित्य विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है कथा में कई विशिष्ट अतिथि आए जिनका स्वागत परिषद के प्रधान डॉ बहादुर शास्त्री महासचिव पंडित ओम प्रकाश शास्त्री कोषाध्यक्ष पंडित देवी प्रसाद जी,उपप्रधान पंडित प्रकाश जोशी जी एवं परिषद के अन्य कार्यकर्ता द्वारा किया गया।

एसडी कॉलेज के रीडर्स क्लब ने किया साहित्यिक सत्र का आयोजन, निरुपमा दत्त ने अपने अनुभवों पर डाला प्रकाश

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चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज के रीडर्स क्लब की ओर से कवि, स्तंभकार और अनुवादक निरुपमा दत्त की उपस्थिति में एक आकर्षक साहित्यिक सत्र “टॉकिंग वर्ड्स, स्पिनिंग स्टोरीज़” आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम ने कॉलेज के अलावा बाहर के साहित्य प्रेमियों को आकर्षित किया। कार्यक्रम की शुरुआत वक्ता के स्वागत भाषण के साथ हुई जिसके बाद आयोजन सचिव डॉ. मनीषा गंगाहर ने आए हुए मेहमान निरुपमा दत्त का परिचय दिया । कॉलेज के प्रिसिंपल डॉ. अजय शर्मा ने छात्रों के बीच साहित्य को लेकर प्रेम को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया। जीजीडीएसडी कॉलेज सोसाइटी के महासचिव डॉ. अनिरुद्ध जोशी ने साहित्यिक संस्कृति को बढ़ावा देने में रीडर्स क्लब की भूमिका पर विचार करते हुए उद्घाटन भाषण दिया।

इसके बाद निरुपमा दत्त ने अपने विचार रखे जिसमें एक लेखिका और अनुवादक के रूप में उन्होंने अपने अनुभवों पर प्रकाश डाला। उनका भाषण न केवल विचारोत्तेजक था, बल्कि श्रोताओं में मौजूद नवोदित लेखकों के लिए भी प्रेरणादायक था। उन्होंने साहित्य के माध्यम से सांस्कृतिक आख्यानों को संरक्षित करने के महत्व पर चर्चा करते हुए अपनी यात्रा के बारे में अंतर्दृष्टि साझा की। उन्होंने कहा कि अनुवाद और पत्रकारिता अभ्यास नवोदित लेखकों के लिए अमूल्य उपकरण हैं, जो उन्हें व्यापक दृष्टिकोण और विविध आख्यानों को जोड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। उनकी बातें श्रोताओं को पसंद आईं जिसने कहानी कहने की शक्ति पर मूल्यवान दृष्टिकोण को पेश किया। इस कार्यक्रम में जीजीडीएसडी कॉलेज की छात्रा और एक उभरती लेखिका नायसा गुप्ता की किताब ‘इन द साइलेंस अंडर द स्टार्स’ रिलीज भी हुई, जिनके काम को उपस्थित लोगों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। वहीं, अनन्या अब्रोल द्वारा संचालित संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र ने दर्शकों को निरुपमा दत्त के साथ सीधे जुड़ने का मौका दिया, जिसके परिणामस्वरूप लेखन, अनुवाद और समकालीन लेखकों के सामने आने वाली चुनौतियों पर विचारों का जीवंत आदान-प्रदान हुआ। कार्यक्रम का समापन रीडर्स क्लब के संयोजक और प्रमुख लाइब्रेरियन डॉ. गुरप्रीत सिंह सोहल द्वारा दिए गए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए वक्ता, प्रतिभागियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। रीडर्स क्लब की फैकल्टी मेंबर्स डॉ प्रतिभा कुमारी, डॉ मोनिका सेठी, रितिका सिन्हा, डॉ.श्वेता शर्मा, बलप्रीत सिंह, ऋचा वशिष्ठ, ज्योति मणि भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

प्राणवायु दाता वृक्षों के लिए तर्पण और सामूहिक हवन का आयोजन

चंडीगढ़। जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन की ओर से पवित्र श्राद्ध (पितृपक्ष) के पावन अवसर पर प्राणवायु जीवनदाता परम उदार वृक्षों के महान आत्मा के परम शांति हेतु तर्पण एवं सामूहिक हवन यज्ञ का आयोजन एस एस जैन सभा मोहाली के सहयोग से मर्मज्ञ विद्वान पंडित नारायण शास्त्री द्वारा 21 सितंबर को सुबह 830 बजे से 10 बजे के बीच महावीर वाटिका फेज 6 मोहाली में किया जाएगा और पूज्य देवतुल्य पितरों को समर्पित करते हुए पीपल का पौधरोपण किया जाएगा तथा शमी और तुलसी के पौधे श्रद्धालुओं को अपने घरों में लगाने के लिये दिए जाएंगे। इस आयोजन की तैयारी को लेकर फाउंडेशन की एक विशेष बैठक पर्यावरण प्रमुख प्रोफेसर रितु गुप्ता के निवास पर हुई और कार्यक्रम की तैयारी को पूर्ण रूप दिया गया। फाउंडेशन के संस्थापक प्रभुनाथ शाही ने बताया कि वृक्ष हमें सब कुछ देते है और जो वृक्ष इस धरती से विदा लेते है,उन्हें भी याद करना और उनके बदले पौधरोपण करना हम सभी का कर्तव्य है और फाउंडेशन अपने इस पुनीत प्रयास से वृक्षों के प्रति अपना आभार प्रकट करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन मानस तक पहुँचाने के लिए कटिबद्ध हैं।

अस्थमा से 30 करोड़ भारतीय प्रभावित: डॉ. सोनल

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चंडीगढ़। “अनुमानित 1.5-2 करोड़ अस्थमा रोगियों के साथ, वैश्विक स्तर पर हर 10 अस्थमा रोगियों में से कम से कम एक भारत में रहता है।
बुधवार को लिवासा अस्पताल में बचपन और वयस्क अस्थमा के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए रोगी जागरूकता सेमिनार के दौरान बोलते हुए, पल्मोनोलॉजी के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि अस्थमा 30 मिलियन भारतीयों को प्रभावित करता है, और विडंबना यह है कि 10 प्रतिशत से भी कम रोगियों को उचित उपचार मिलता है। उन्होंने कहा, निराधार मिथक किसी योग्य पल्मोनोलॉजिस्ट या छाती विशेषज्ञ से उचित सलाह लेने से रोकते हैं। डॉ. सोनल कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजी ने कहा, ”अस्थमा आनुवंशिक है, आजीवन रहता है, धूल, धुआं, तनाव से बिगड़ता है और संभावित रूप से घातक बनता है। अस्थमा के लक्षणों में सांस लेने में तकलीफ, खांसी, घरघराहट और सीने में जकड़न शामिल हैं। अस्थमा बच्चों में सबसे आम पुरानी बीमारी मानी जाती है और यह सभी देशों में प्रचलित है, चाहे वे विकसित हों या अविकसित हों। वास्तव में, विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अस्थमा से होने वाली 80 प्रतिशत से अधिक मौतें निम्न और निम्न-मध्यम आय वाले देशों में होती हैं। अस्थमा एलर्जी, गैर-एलर्जी, देर से शुरू होने वाला, खांसी का प्रकार और मोटापे से संबंधित हो सकता है। डॉ. गोयल ने कहा, अस्थमा के प्रकार के आधार पर, इन्हेलर के साथ-साथ इम्यूनोथेरेपी, बायोलॉजिकल आदि के रूप में उपचार की सलाह दी जाती है। इस अवसर के दौरान, एक उन्नत अस्थमा क्लिनिक, स्वैश क्लिनिक भी लॉन्च किया गया जो श्वसन एलर्जी पैनल, फंगल एलर्जी वर्क अप, फेफड़े के कार्य परीक्षण और इम्यूनोथेरेपी जैसी सेवाएं प्रदान करेगा।