Tuesday, June 30, 2026
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बिना साधना और अनुशासन के संगीत सीखने की प्रवृत्ति चिंताजनक

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चंडीगढ़ । आज के दौर में सीखने का ‘फास्ट-फूड’ तरीका लोकप्रिय होता जा रहा है, जहां लोग बिना गहराई से समझे जल्द परिणाम चाहते हैं। संगीत—चाहे भारतीय हो या पश्चिमी—हमेशा अनुशासन, धैर्य और समर्पण पर आधारित रहा है, लेकिन आधुनिक तकनीक और घटती एकाग्रता के कारण इसकी गहराई कहीं खोती जा रही है। यह विचार प्रख्यात शास्त्रीय संगीत गायक एवं गंधर्व महाविद्यालय, पंचकूला के डायरेक्टर तथा पंजाब यूनिवर्सिटी के म्यूजिक डिपार्टमेंट के पूर्व चेयरमैन प्रोफेसर अरविंद शर्मा ने चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित लेक्चर-कम-डेमोंस्ट्रेशन सीरीज में देव समाज कॉलेज फ़ॉर वीमेन, सेक्टर 45 में शिक्षकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि संगीत सीखना केवल सुर और ताल को समझने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी सोच, धैर्य और दृष्टिकोण को भी विकसित करता है। लेकिन वर्तमान में संगीत को ‘शॉर्टकट’ तरीके से सिखाने और सीखने की प्रवृत्ति बढ़ गई है। लोग बिना गहरी साधना के जल्द से जल्द कुछ गाने या बजाने योग्य हो जाना चाहते हैं, जिससे संगीत की आत्मा—अनुशासन और साधना—नज़रअंदाज़ हो रही है।

प्रो. शर्मा का मानना है कि पारंपरिक संगीत को बचाने के लिए शिक्षा और जागरूकता सबसे आवश्यक पहलू हैं। स्कूलों और कॉलेजों में इसे बढ़ावा देने से युवा पीढ़ी इसमें रुचि ले सकती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का सही उपयोग करके लोक और शास्त्रीय संगीत को नए जमाने के अनुसार प्रस्तुत किया जाना चाहिए, ताकि यह अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। फ्यूजन म्यूजिक भी एक प्रभावी तरीका हो सकता है, जिसमें पारंपरिक और आधुनिक संगीत का मेल युवाओं को आकर्षित कर सकता है। इसके साथ ही, सरकार और सांस्कृतिक संगठनों को लोक कलाकारों, गुरुओं और संगीतकारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त करना होगा। समाज को भी यह समझना होगा कि आधुनिकता का अर्थ अपनी जड़ों को भूल जाना नहीं है। डिजिटल प्रचार और गर्व की भावना जाग्रत करने से पारंपरिक संगीत को संरक्षित किया जा सकता है। जब तक हम अपनी कला को गर्व से नहीं अपनाएंगे, तब तक नई पीढ़ी इसे महत्व नहीं देगी। फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री को भी इस दिशा में योगदान देना होगा।

डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स मोहाली में पीएनबी होम लोन और सूर्य होम लोन एक्सपो का उद्घाटन किया

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मोहाली। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) द्वारा मोहाली के सेक्टर 78 स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में दो दिवसीय “पीएनबी होम लोन और सूर्य होम लोन एक्सपो 2025” आयोजित किया गया। इस एक्सपो का उद्घाटन मोहाली की डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने किया। उन्होंने कहा कि यह एक्सपो उन ग्राहकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा, जो “सूर्य घर योजना” के तहत घर बनाने या छतों पर सोलर एनर्जी प्लांट लगाने के लिए ऋण लेना चाहते हैं। पीएनबी द्वारा 8.40 प्रतिशत की आकर्षक ब्याज दर पर हाउसिंग लोन और 7 प्रतिशत की ब्याज दर पर सूर्य घर योजना लोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पीएनबी के डिप्टी सर्कल हेड संजीत कुमार कोंडल ने बताया कि एक्सपो के दौरान तेजी से ऋण स्वीकृति, विशेष ऑफ़र और छूट भी प्रदान की जा रही है। ग्राहकों को ट्राइसिटी के रियल एस्टेट विशेषज्ञों और बैंक अधिकारियों से सीधा परामर्श करने का अवसर मिल रहा है।

एलडीएम एम.के. भारद्वाज ने बताया कि 8 फरवरी को पीएनबी मुख्यालय, दिल्ली से वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जो मौके पर ही ऋण प्रक्रिया पूरी करने में मदद करेंगे। योग्य ग्राहकों को तत्काल ऋण स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए जा रहे हैं। मोहाली की डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने पीएनबी टीम, जिला प्रशासन, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स प्रशासन और सभी स्टॉल पार्टनर्स का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पीएनबी द्वारा वित्तीय समावेशन और संस्थागत वित्त को बढ़ावा देने के लिए यह एक्सपो एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने आम जनता से आह्वान किया कि वे पीएनबी की विशेष ऋण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

डीएवी कॉलेज ने आयोजित किया “रंगोत्सव”, विभिन्न राज्यों के स्टूडेंट्स ने पेश किये सांस्कृतिक कार्यक्रम

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चंडीगढ़। सेक्टर 10 स्थित डीएवी कॉलेज के हिस्ट्री डिपार्टमेंट द्वारा “रंगोत्सव” का आयोजन कॉलेज परिसर में किया गया। यह कार्यक्रम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव था जिसमें स्टूडेंट्स और कॉलेज फैकल्टी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर प्रिंसिपल प्रो. ज्योतिर्मय खत्री और डिपार्टमेंट की हेड प्रो अनु जैन भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभिन्न राज्यों की पारंपरिक लोक नृत्य प्रेजेंटेशन रहीं, जिसमें पश्चिम बंगाल, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, मणिपुर, उत्तराखंड और राजस्थान की सांस्कृतिक छटा देखने को मिले। इसके अलावा, पंजाब, मिजोरम, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के लोकगीतों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्टूडेंट्स ने सांस्कृतिक विविधता को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए जानकारियों से भरपूर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन पेश की जिससे भारत की परंपराओं को समझने का एक अनूठा अवसर मिला। इस अवसर पर प्रधानाचार्य प्रो. ज्योतिर्मय खत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि रंगोत्सव भारत की सांस्कृतिक विविधता का एक सुंदर प्रतिबिंब है, जहां छात्र न केवल परंपराओं का जश्न मनाते हैं बल्कि अपनी साझा विरासत को भी गहराई से समझते हैं। डिपार्टमेंट की हेड प्रो अनु जैन ने कहा की यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि इतिहास और संस्कृति केवल अध्ययन का विषय नहीं हैं, बल्कि इन्हें कलात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से जीवंत किया जा सकता है।

मोहाली में द फैशन हबीब स्मार्ट सैलून और अकादमी का भव्य उद्घाटन

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मोहाली । ब्यूटी इंडस्ट्री एक क्रांतिकारी बदलाव के लिए तैयार है, क्योंकि द फैशन हबीब स्मार्ट सैलून और अकादमी ने 7 फरवरी को मोहाली में अपने नए सैलून का उद्घाटन किया हैं। इस मौके भारत के सबसे भरोसेमंद हेयर और ब्यूटी एक्सपर्ट जावेद हबीब सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में एक्सक्लूसिव सैलून टूर, लाइव ऐप डेमो, फ्रैंचाइज़ क्यू एंड ए सेशन और रोमांचक ओपनिंग डे ऑफर शामिल थे। यह स्टोर एससीओ नंबर 13, दूसरी मंजिल, सेक्टर 66ए, एयरपोर्ट रोड, मोहाली, एसएएस नगर, पंजाब में स्थित है।
इस अवसर पर प्रसिद्ध हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने कहा कि एक सदी से भी अधिक समय से फैशन हबीब ब्रांड विश्वास, गुणवत्ता और असाधारण सेवा का पर्याय रहा है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा स्मार्ट सैलून के शुभारंभ के साथ जारी है, जो ग्राहकों को एक उन्नत और निर्बाध सैलून अनुभव प्रदान करती है।

यह अभिनव पहल द फैशन हबीब के सीईओ संदीप कुमार द्वारा शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक सौंदर्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ना है। 100+ वर्षों की प्रतिष्ठित विरासत के साथ, यह स्मार्ट सैलून आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है, जो आज की तेज़-रफ्तार जीवनशैली के अनुकूल सेवाएं प्रदान करता है। इस अवसर पर द फैशन हबीब के सीईओ संदीप कुमार ने कहा कि “द फैशन हबीब स्मार्ट सैलून एंड अकादमी न सिर्फ सौंदर्य और ग्रूमिंग का केंद्र है, बल्कि यह सशक्तिकरण का प्रतीक भी है। हमारा उद्देश्य युवा प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षित कर रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है, जिससे क्षेत्र में सौंदर्य उद्योग का भविष्य निखरे। इसके अलावा द फैशन हबीब फ्रेंचाइज़ी का अवसर भी प्रदान कर रहा है, जिससे उद्यमी इस क्रांतिकारी सैलून मॉडल को अपने शहर में ला सकते हैं और सौंदर्य उद्योग में बड़ा योगदान दे सकते हैं।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ ने पंजाब में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी जारी न होने पर चिंता जताई

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चंडीगढ़ । अंतरराष्ट्रीय सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ और राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य, डॉ. कमल सोई ने पंजाब में ड्राइविंग लाइसेंस और रेजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) जारी न होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा है कि राज्य में डीएल और आरसी जारी न होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की निष्क्रियता के चलते सभी आवेदनों की प्रक्रिया रुकी हुई है, जिससे आम जनता में आक्रोश और असंतोष बढ़ रहा है। चंडीगढ़ प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. कमल सोई ने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार, पूर्व वेंडर स्मार्ट चिप प्राइवेट लिमिटेड ने नवंबर 2024 में हाई कोर्ट से अनुमति प्राप्त करने के बाद इस प्रोजेक्ट से बाहर होने का निर्णय लिया, क्योंकि 2019 में निर्धारित दरें तब तक व्यावहारिक नहीं रह गई थीं। डीएल और आरसी जारी करने की प्रक्रिया को निरंतर बनाए रखने के लिए, परिवहन विभाग ने वर्ष 2019 की निविदा में भाग लेने वाले एल-2 और एल-3 वेंडरों से लिखित सहमति मांगी थी, ताकि वे पूर्व वेंडर की शेष अनुबंध अवधि (29 सितंबर 2025 तक) के दौरान उन्हीं शर्तों पर इस प्रोजेक्ट को जारी रख सकें। हालांकि, एल-3 वेंडर ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, लेकिन एल -2 वेंडर, एम टेक इन्नोवशन्स लिमिटेड ने अपनी सेवाएं देने की सहमति दी। उन्होंने यह सहमति दी कि वे तब तक अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे जब तक परिवहन विभाग कोई नया वेंडर नहीं चुन लेता। उन्होंने कहा, “मेरी समझ के अनुसार, परिवहन विभाग ने 20 नवंबर 2024 को हाई कोर्ट में हलफनामा दायर किया था, जिसमें कहा गया था कि वह पिछले वेंडर से नए वेंडर को प्रोजेक्ट का हस्तांतरण एक महीने के भीतर पूरा कर देगा। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
राज्य में डीएल और आरसी जारी न होने से जनता में आक्रोश और असंतोष बढ़ता जा रहा है। वास्तव में, परिवहन विभाग ने 16 दिसंबर 2024 से प्रोजेक्ट के अधिग्रहण और 21 दिसंबर 2024 तक समझौते को क्रियान्वित करने के लिए चुने गए वेंडर लेटर ऑफ इंटेंट (एल ओ आई) जारी कर दिया था। लेकिन प्रोजेक्ट के अधिग्रहण की बात तो दूर, पिछले एक महीने में चुने गए वेंडर ने न तो प्रोजेक्ट लेने के लिए कोई बैंक गारंटी जमा की है और न ही इसे संभालने के लिए कोई कदम उठाया है। इसके चलते जनता पूरी तरह असमंजस में है, और राज्य में डीएल व आरसी की लंबित फाइलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।


उपरोक्त स्थिति को देखते हुए, जहां राज्य में डीएल और आरसी जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह रुकी हुई है और परिवहन विभाग जिस धीमी गति से इस मामले को आगे बढ़ा रहा है, ऐसे में यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि परिवहन विभाग जल्द ही डीएल और आरसी जारी करने के लिए नई निविदा जारी करेगा और अगले तीन महीनों में इस प्रक्रिया को पूरा कर पाएगा। डॉ. सोई ने कहा कि उपरोक्त स्थिति को देखते हुए, यह सुनिश्चित करने के लिए कि जनता को अनावश्यक रूप से परेशानी न हो, यह सुझाव दिया जाता है कि जब तक परिवहन विभाग निविदा प्रक्रिया के माध्यम से डीएल और आरसी जारी करने के लिए नया वेंडर नियुक्त नहीं कर लेता, तब तक इस प्रोजेक्ट को नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर सर्विसेज इनकॉरपोरेटेड इन (एनआईसीएसआई) के माध्यम से लागू किया जाए। एनआईसीएसआई पूरी तरह से सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आती है और पिछले 25 वर्षों से परिवहन क्षेत्र में अपनी विश्वसनीय सेवाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि उपरोक्त स्थिति को ध्यान में रखते हुए, जब तक नई निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोई नया वेंडर चयनित नहीं हो जाता, हम परिवहन विभाग से अनुरोध करते हैं कि वह पंजाब राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट छपाई का ठेका एनआईसीएसआई को दे। इससे मौजूदा समस्या का समाधान हो सकेगा और जनता को अपने ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट न मिलने के कारण अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

चार-दिवसीय आर्कएक्स प्रदर्शनी परेड ग्राउंड सेक्टर 17 में धूमधाम से शुरू

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प्रदर्शनी में दिखे इंटीरियर व बिल्डिंग मैटीरियल के नवीनतम उत्पाद

चंडीगढ़ । चार-दिवसीय आर्कएक्स एक्सपो शुक्रवार से सेक्टर 17 के परेड ग्राउंड में धूमधाम से शुरू हो गया। इसमें इंटीरियर, एक्सटीरियर और बिल्डिंग मैटिरियल के नवीनतम उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। एक्सपो 7 फरवरी से 10 फरवरी तक चलेगी Iउद्घाटन के दिन रिबन काटने की रस्म मुख्य अतिथि महापौर हरप्रीत कौर बबला और विशिष्ट अतिथि तरुणप्रीत सिंह सोंद कैबिनेट मंत्री, पंजाब सरकार द्वारा की गई। एक्सपो के पहले ही दिन चंडीगढ़ के साथ साथ बाहर के लोगों ने भी परदर्शनी में शिरकत की। इस प्रदर्शनी के बारे में बताते हुए माइंड्स मीडिया मैनेजमेंट एंड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर्स इंदर ढींगडा और बीएस राणा ने कहा कि प्रदर्शनी में 250 से अधिक स्टालों पर 3000 के करीब नए उत्पाद प्रदर्शित किए गए। उल्लेखनीय है कि इस एक्सपो में देश-विदेश की जानी-मानी कंपनियां भाग ले रही हैं।

एक्सपो के उद्घाटन मौके माइंड्स मीडिया एंड मैनेजमेंट के डायरेक्टर्स इंदर धींगड़ा, मनजीत सिंह, राकेश सिंह और बीएस राणा ने कहा कि जो लोग अपने सपनों का घर बनाने की तैयारी में हैं और लेटेस्ट ट्रेंड व उत्पादों से वाकिफ होना चाहते हैं, उनके लिए यह प्रदर्शनी बहुत उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में शोकेस होने वाले उत्पादों व श्रेणियों में डेकोरेटिव लाइटिंग, बाथ, सेनेटरी, टाइल, सेफ्टी, सिक्योरिटी, होम, ऑटोमेशन , किचन, फर्नीचर, डोर, विंडो, एलीवेटर्स, इलेक्ट्रिकल, वायर, केबल, वाटर मैनेजमेंट, रूफिंग, हार्डवेयर, बिल्डिंग मैटीरियल, ग्लास, प्लंबिंग, पाइप, फिटिंग, सोलर सिस्टम, लैंडस्केप, गार्डन, फ्लोरिंग आदि प्रमुख हैं।

बेंजीन-फ्री भारत’ पर जागरुकता सत्र का आयोजन

मोहाली । लोगों को बेंजीन के हानिकारक प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से, मोहाली नगर निगम के सहयोग से पाओस इंडस्ट्रीज का प्रमुख राज सोप ने ‘बेंजीन-फ्री भारत’ पहल की शुरुआत की। इस नई पहल का उद्देश्य सभी लोगों में बेंजीन के खतरों के बारे में जागरूकता पैदा करना है, जिसको ‘लीनियर अल्काइल बेंजीन सल्फोनिक एसिड (एलएबीएसए)’ से लिया जाता है, और ये कई बर्तन धोने वाले साबुन और तरल पदार्थों में पाया जाने वाला एक सामान्य सर्फेक्टेंट है। एलएबीएसए को कैमिकल प्रोसेस के माध्यम से बेंजीन से प्राप्त किया जाता है।
‘बेंजीन फ्री भारत’ पहल के तहत मोहाली के सेक्टर 69 स्थित कम्युनिटी सेंटर में बेंजीन के दुष्प्रभावों पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस सेशन के मुख्य अतिथि मोहाली के मेयर अमरजीत सिंह सिद्धू थे, जबकि मोहाली नगर निगम के आयुक्त टी. बेनिथ (आईएएस) गेस्ट ऑफ ऑनर थे। इस दौरान उनके साथ मोहाली नगर निगम के असिस्टेंट कमिश्नर राजीव कुमार तथा जॉइंट कमिश्नर, मोहाली दीपांकर गर्ग (पीसीएस) भी उपस्थित थे।
यह उल्लेखनीय है कि भारत में डिटर्जेंट निर्माता अपने उत्पादों में एलएबीएसए का उपयोग कर रहे हैं, जबकि बेंजीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा कार्सिनोजेन के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
संजीव बंसल, मैनेजिंग डायरेक्टर, पाओस इंडस्ट्रीज ने कहा कि सफाई उत्पादों में झाग बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला बेंजीन स्वास्थ्य को लेकर कई तरह के गंभीर खतरे पैदा करता है, जिसमें एक्जिमा, चकत्ते और छाले जैसी त्वचा संबंधी समस्याएं शामिल हैं। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से कैंसर भी हो सकता है, क्योंकि इन उत्पादों से साफ किए गए बर्तनों के माध्यम से बेंजीन के अंश मानव शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि पाओस में हमारा मिशन स्वस्थ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल सफाई समाधान बनाना है। इस पहल के माध्यम से, हमारा लक्ष्य डिटर्जेंट में बेंजीन के उपयोग को खत्म करना है और इंडस्ट्री, सरकार और नागरिकों से इस महत्वपूर्ण कार्य में हमारे साथ जुड़ने का आग्रह करना है। समस्या का समाधान सुझाने के लिए पूछे जाने पर बंसल ने कहा कि निर्माताओं द्वारा इसका उपयोग बंद करने के लिए नैतिक तौर पर कदम उठाना समय की मांग है और उन्हें अपने उत्पादों में एलएबीएसए का उपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “बाजार में हमारे सभी उत्पाद एलएबीएसए फ्री हैं क्योंकि हम प्राकृतिक तेलों का उपयोग करते हैं।उन्होंने कहा कि बीआईएस को बेंज़ीन को प्रतिबंध लगाना चाहिए, और सरकार इस पर कोई कार्यवाही नही करती तो हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
अमरजीत सिंह सिद्धू, मेयर, नगर निगम, मोहाली ने कहा कि मुझे बताया गया है कि कई स्टडी और रिसर्च पेपर्स से पता चलता है कि बेंजीन और इसके डेरिवेटिव का उपयोग हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है, और इसलिए भारत को इससे बचाने की आवश्यकता है। मोहाली नगर निगम ने ‘बेंजीन फ्री भारत’ जागरूकता अभियान में भाग लिया, क्योंकि उन्हें पता चला कि कैसे कुछ डिटर्जेंट उत्पाद लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। मुझे यकीन है कि इस अभियान को लोगों का समर्थन मिलेगा।
इस मौके पर टी.बेनिथ, कमिश्नर, (आईएएस), मोहाली नगर निगम ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता है, और बेंजीन के जोखिमों के बारे में जागरूकता बढ़ाना सही दिशा में एक कदम है।

भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 की मेजबानी करेगा वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय

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भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 का दूसरा संस्करण 17 से 22 जनवरी तक आयोजित

चंडीगढ़ । भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 एक बार फिर मोबिलिटी क्षेत्र में नवाचार और सहयोग का एक ऐतिहासिक मंच बनने के लिए तैयार है। पिछले साल की सफलता के बाद, इस एक्सपो का उद्देश्य भारत की इंजीनियरिंग क्षमताओं और टिकाऊ मोबिलिटी समाधानों में उसकी प्रतिबद्धता को दुनिया के सामने पेश करना है। यह आयोजन भारत को एक ग्लोबल मोबिलिटी हब के रूप में स्थापित करने,ऑटोमोटिव और मोबिलिटी वैल्यू चेन के साथ अत्याधुनिक तकनीकों की उपलब्धियों का जश्न मनाने का प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत 7Cs मोबिलिटी विज़न से प्रेरित यह एक्सपो, भारत के बढ़ते प्रभाव और उसकी विश्व स्तरीय तकनीकी प्रगति को दर्शाएगा। 2024 में उद्घाटन संस्करण की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 पूरी मोबिलिटी वैल्यू चेन को एक ही मंच पर लाने के लिए तैयार है। इसका उद्देश्य विश्व स्तर पर मोबिलिटी कंपनियों का सबसे बड़ा मंच बनाना है, जहां नए विचार, टिकाऊ समाधान और भविष्य के अवसर मिलकर एक नई दिशा तय करेंगे। इस मौके पर सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन ने कहा कि भारत मोबिलिटी एक्सपो 2025 यह दिखाने का बेहतरीन मौका है कि भारत मोबिलिटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और नए आविष्कार कर रहा है। यह मंच भारत की तकनीकी क्षमताओं और वाहन निर्माण में उसकी प्रगति को दुनिया के सामने लाने का शानदार जरिया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी सरकारी पहलों के तहत भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने पर जोर देता है। यह न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए भी अत्याधुनिक तकनीकों के निर्माण को बढ़ावा देगा। यह एक्सपो नए विचारों को साझा करने और भारत को एक स्थायी और उन्नत परिवहन प्रणाली की ओर ले जाने का अवसर प्रदान करता है।
मेनन ने कहा कि यह आयोजन न केवल नवीनतम तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करता है, बल्कि उद्योग में सहयोग और विकास को भी बढ़ावा देता है। हमें गर्व है कि हम विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर ला रहे हैं। यह प्रतिष्ठित आयोजन 17 से 22 जनवरी तक दिल्ली एनसीआर के तीन प्रमुख स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। इस बार नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम, द्वारका में यशोभूमि, और ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट इस विशाल आयोजन की मेजबानी करेंगे। इस एक्सपो में एक विशाल प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जहां मोबिलिटी सेक्टर में हुई नवीनतम प्रगति और सफलता की कहानियों को दिखाया जाएगा। इस प्रदर्शनी में कई दिलचस्प पहलू शामिल होंगे। ऑटो एक्सपो – मोटर शो में विभिन्न प्रकार के पावरट्रेन और प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही ऑटो एक्सपो – कंपोनेंट्स शो और मोबिलिटी टेक पैवेलियन में कनेक्टेड और ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी, साथ ही उन्नत इंफोटेन्मेंट सिस्टम को भी प्रस्तुत किया जाएगा। शहरी परिवहन पर विशेष ध्यान देते हुए, शहरी मोबिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर शो में ड्रोन और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन समाधानों पर चर्चा होगी। इसके अलावा, बैटरी शो, कंस्ट्रक्शन उपकरण एक्सपो, स्टील पैवेलियन, टायर शो, और साइकिल शो जैसे आकर्षण नए मॉडलों और उनके साथ जुड़े इनोवेशन को प्रदर्शित करेंगे। इस इवेंट में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर, हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी, और अन्य वैकल्पिक ईंधनों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। प्रदर्शनी के अलावा, 20 से अधिक वैश्विक सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा, जहां दुनिया भर के विशेषज्ञ मोबिलिटी वैल्यू चेन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। यह मंच विचार साझा करने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा। यह इवेंट वाकई एक ग्लोबल शोकेस है, जिसमें 34 से अधिक प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां अपने नए मॉडल और इलेक्ट्रिक वाहनों को पेश करेंगी। इसके साथ ही, इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड, सीएनजी और बायोफ्यूल से चलने वाले वाहनों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। एथर एनर्जी, ओला इलेक्ट्रिक, वायवे मोबिलिटी, ईका मोबिलिटी और वियतनाम की विनफास्ट जैसी कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों की क्रांति को और आगे ले जाएंगी। यहां 13 से अधिक ग्लोबल बाजारों के 800 से ज्यादा ऑटो कंपोनेंट निर्माता और 1,000 से अधिक ब्रांड अपने नवीनतम उत्पादों, प्रौद्योगिकियों और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगे। इनमें ओईएम और आफ्टरमार्केट सॉल्यूशंस पर खास ध्यान दिया जाएगा।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में भारत मोबिलिटी एक्सपो के उद्घाटन समारोह में इसे भारत के विजन और प्रगति की कहानी का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह एक्सपो संपूर्ण मोबिलिटी वैल्यू चेन को एक मंच पर लाने का बेहतरीन प्रयास है। इस मौके पर उन्होंने एक्सपो की इवेंट फिल्म और ब्रोशर का भी अनावरण किया।

राष्ट्रीय युवा दिवस की पूर्व संध्या पर जीजीडीएसडी फीमेल एंट्रप्रेन्योरशिप इनक्यूबेटर हुआ लॉन्च

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जीजीडीएसडी कॉलेज और युवसत्ता की संयुक्त पहल का लक्ष्य कॉलेज की 50 छात्राओं को सफल उद्यमी बनाने के लिए तैयार करना

चंडीगढ़। “भारत के महानतम सपूतों में से एक स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि जब तक महिलाओं की स्थिति में सुधार नहीं होगा, तब तक विश्व कल्याण की कोई संभावना नहीं है, एक पक्षी के लिए केवल एक पंख पर उड़ना संभव नहीं है।” यह बात सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने शनिवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर जीजीडीएसडी फीमेल एंट्रप्रेन्योरशिप इनक्यूबेटर के उद्घाटन के अवसर पर कही। पंजाब के तत्कालीन नाभा एस्टेट की राजमाता (महाराज हिम्मत सिंह की पत्नी और नाभा के अंतिम शासक महाराजा प्रताप सिंह की पुत्रवधू) उमा देवी इस मौके पर मुख्य अतिथि थीं। कॉलेज के एनसीसी कैडेट्स द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और प्रिंसिपल कार्यालय में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह कार्यक्रम कॉलेज की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी), कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई, शहर की स्वयंसेवी संस्था युवसत्ता (यूथ फॉर पीस) और एसडी एल्युमनी एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया गया था। इस मौके पर उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों में जीजीडीएसडी कॉलेज सोसाइटी के महासचिव प्रोफेसर (डॉ.) अनिरुद्ध जोशी, श्रीनगर के रहीम मोटर्स और रहीम ग्रीन्स के सीईओ अब्दुल हामिद भट्ट (कश्मीर के वृक्ष पुरुष), वरिष्ठ पत्रकार दीपक धीमान, जीजीडीएसडी एल्युमनी एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण जुनेजा और युवसत्ता (यूथ फॉर पीस) के संस्थापक प्रमोद शर्मा शामिल थे। एनडीटीवी के एक मार्मिक वीडियो में रहीम मोटर्स और रहीम ग्रीन्स के सीईओ अब्दुल हामिद भट्ट की असाधारण यात्रा को दिखाया गया, जिन्हें प्यार से “कश्मीर के ट्री मैन” के रूप में जाना जाता है और वे फीमेल एंट्रप्रेन्योशिप इनक्यूबेटर के संरक्षक हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत जीजीडीएसडी कॉलेज सोसाइटी के महासचिव प्रो. (डॉ.) अनिरुद्ध जोशी के स्वागत भाषण से हुई, जिसके बाद जीजीडीएसडी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने मुख्य भाषण दिया। प्रोफेसर अनिरुद्ध जोशी ने बताया कि भारतीय महिलाओं के लिए सशक्तिकरण एक कठिन कार्य हो सकता है। उन्हें रीति-रिवाजों और परंपराओं के साथ एक संतुलन बनाने की आवश्यकता है। जबकि भारत सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए निरंतर काम कर रही है, हमें भी उनके अधिकारों, योजनाओं और लाभों के बारे में जागरूक होने की आवश्यकता है, जो समग्र सशक्तिकरण प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं। यह विडंबना है कि एक देश, जिसने हाल ही में अपने पहले प्रयास में ही मंगल मिशन को पूरा करने वाला पहला एशियाई देश का दर्जा प्राप्त किया है, वह विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के लिंग अंतर सूचकांक में 146 देशों में 108वें स्थान पर है, जो 2017 के समान है। डॉ. अजय शर्मा ने कहा कि जीजीडीएसडी कॉलेज में फीमेल एंट्रप्रेन्योरशिप इनक्यूबेटर, समर्पित मार्गदर्शकों और सहयोगियों के अटूट समर्थन के साथ, महिलाओं के बीच नवाचार, आत्मनिर्भरता और उद्यमशीलता उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है। इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए प्रमोद शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर युवसत्ता और जीजीडीएसडी कॉलेज की संयुक्त पहल ‘जीजीडीएसडी फीमेल एंट्रप्रेन्योरशिप इनक्यूबेटर’ का शनिवार को शुभारंभ किया गया, जिसका लक्ष्य कॉलेज की 50 प्रथम वर्ष की छात्राओं को सफल उद्यमी बनाने के लिए तैयार करना है। इसके तहत उन्हें भारत, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, स्पेन और अमेरिका के अग्रणी और स्थापित उद्यमियों और महिला लीडर्स द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इस पहल की मुख्य विशेषताएं हैं – वास्तविक उद्यमियों तक पहुंच, कौशल निर्माण, समकक्ष समुदाय के साथ गठजोड़, स्टार्टअप समुदाय की रचनात्मक भागीदारी तथा विश्व भर की महिला रोल-मॉडल्स के साथ नेटवर्किंग।


मुख्य अतिथि राजमाता उमा देवी ने अपने संबोधन से श्रोताओं को प्रेरित किया तथा समाज में परिवर्तन लाने में महिला उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया तथा युवा महिलाओं से नवाचार और नेतृत्व अपनाने का आग्रह किया। जीजीडीएसडी कॉलेज में महिला उद्यमियों को तैयार करने के प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत में सफल महिला उद्यमियों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। भारत में इन प्रेरक व्यवसायी महिलाओं ने देश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अपने समापन भाषण में कृष्ण जुनेजा ने कहा कि देश में सफल महिला उद्यमियों के उदय का भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। और उन्हें यकीन है कि ऐसी पहलों से भारत का भविष्य मजबूत युवा हाथों में है। अब नेशनल गर्ल चाइल्ड डे यानि 24 जनवरी 2025 को लक्षित 50 लड़कियों के लिए पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम जीजीडीएसडी कॉलेज में शुरू होगा।

भारतवर्ष की अनेकता में एकता का शाश्वत और समेकित जय-घोष है महाकुंभ- लक्ष्मी नारायण चौधरी

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शुद्ध पेयजल, इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर, रिवर फ्रंट समेत 44 घाटों पर होगी पुष्प वर्ष- लक्ष्मी नारायण चौधरी

तकनीक के माध्यम से महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की होगी हेड काउंटिंग

मोहाली । योगी सरकार महाकुंभ-2025 को भारतीय संस्कृति और एकता का वैश्विक प्रतीक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में, गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति और राज्य मंत्री कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान बलदेव सिंह ओलख ने मोहाली में एक भव्य रोडशो का नेतृत्व किया। उन्होंने महाकुंभ के आयोजन को भारत की विविधता में एकता का अद्वितीय उत्सव बताते हुए पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, तथा वहां की सम्मानित जनता को प्रयागराज महाकुंभ-2025 में आने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि यह सरकार महाकुंभ में अंतरराष्ट्रीय सहभागिता और अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ इसे ऐतिहासिक बनाने की दिशा में अहम कदम उठा रही है। रोडशो के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि महाकुंभ, भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक चेतना का स्पंदन है। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत-समावेशी भारत’ की दिव्य और जीवंत झांकी है। पत्रकार वार्ता के दौरान लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि आप सबमें बहुत से ऐसे लोग होंगे, जिनके पास प्रयागराज कुम्भ-2019 का ‘दिव्य एवं भव्य’ अनुभव होगा, भारतीय सांस्कृतिक गौरव के रूप में जिसकी अविस्मरणीय छवि विश्व पटल पर अंकित हुई थी। यही नहीं, मेले के कुशल प्रबन्धन को भी पूरी दुनिया ने मुक्त कंठ से सराहा था। उन्होंने कहा कि इस बार आयोजित हो रहा महाकुंभ पिछले कुंभ से और अधिक दिव्य एवं भव्य होगा। प्रयागराज महाकुंभ-2025 में 45 करोड़ तीर्थयात्रियों, साधु, संतों, कल्पवासियों एवं पर्यटकों के आने की संभावना है। इसके दृष्टिगत उत्तर प्रदेश सरकार ने समयबद्ध ढंग से समुचित प्रबंध कर लिया है। उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक माँ गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन संगम तट पर प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर महाकुंभ 12 वर्ष के अंतराल पर एक बार फिर प्रयाग की पुण्य धरा पर आयोजित हो रहा है। गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री ने महाकुंभ की तैयारी के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि यह स्वच्छ, स्वस्थ्य, सुरक्षित एवं डिजिटल महाकुंभ है। मेला को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त महाकुम्भ का संकल्प लिया गया है। इस अभियान के तहत मेला क्षेत्र में विभिन्न दोना-पत्तल विक्रेताओं की दुकानों का आवंटन, 400-स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ स्वच्छता पर बैठक, 4 लाख बच्चों और प्रयागराज की जनसंख्या के 5 गुना नागरिकों तक स्वच्छ महाकुम्भ की पहल को पहुंचाया जा रहा है।

साथ ही हर घर दस्तक अभियान के अंतर्गत सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त का संदेश घर-घर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ- 2025 को हरियाली से भरा बनाने के लिए क्लीन के साथ-साथ ग्रीन कुंभ पर विशेष ध्यान दिया गया है। पूरे प्रयागराज में करीब तीन लाख पौधों का रोपण भी किया गया है। मेले के खत्म हो जाने के बाद पौधों को संरक्षण खुद उत्तर प्रदेश सरकार करेगी। गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री ने कहा कि इसे स्वस्थ महाकुंभ के दृष्टिकोण से भी तैयार किया जा रहा है जिसमें आने वाले तीर्थयात्रियों, साधु, संतों, कल्पवासियों और पर्यटकों के स्वास्थ्य देखभाल की भी व्यवस्था है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की बड़े पैमाने पर तैनात किया गया है। परेड ग्राउंड में 100 बेड का अस्पताल बनाया गया है। 20 बेड के दो और 8 बेड के छोटे अस्पताल भी तैयार किए गए हैं। मेला क्षेत्र और अरैल में 10-10 बेड के दो आईसीयू, आर्मी हॉस्पिटल की ओर से बनाए गए हैं। इन अस्पतालों में 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती रहेगी। इसके दृष्टिगत 291 एमबीबीएस व स्पेशलिस्ट, 90 आयुर्वेदिक और यूनानी विशेषज्ञ और 182 स्टॉफ नर्स की व्यवस्था है। यही नहीं अस्पतालों में पुरुष, महिला और बच्चा वार्ड अलग-अलग तैयार किए गए हैं। डिलीवरी रूम, इमरजेंसी वार्ड और डॉक्टर्स रूम भी रहेंगे। लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि पर्यटकों को वहां पार्किंग की समस्या से न जूझना पड़े इसकी भी व्यवस्था है। इसके दृष्टिगत 101 स्मार्ट पार्किंग बनाए गए हैं, जिनमें प्रतिदिन पांच लाख वाहन पार्क किए जा सकेंगे। 1867.04 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला पार्किंग स्थल 2019 के 1103.29 हेक्टेयर के सापेक्ष 763.75 हेक्टेयर बड़ा है। इन पार्किंग स्थल की निगरानी इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर के माध्यम से की जाएगी।

पत्रकार वार्ता में चौधरी ने महाकुंभ की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि महाकुंभ नगरी में 35 पुराने और 9 नए पक्के घाट बनाए गए हैं, जो श्रद्धालुओं के स्नान में काफी सहायक साबित होंगे। 12 किलोमीटर क्षेत्र में फैले सभी 44 घाटों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुंबई की मरीन ड्राइव की तर्ज पर गंगा किनारे लगभग 15.25 किलोमीटर क्षेत्र में संगम से नागवासुकी मंदिर तक, सूरदास से छतनाग तक, कर्जन ब्रिज के समीप से महावीर पुरी तक रिवर फ्रंट का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर को अपग्रेड किया गया है। इससे भीड़ प्रबंधन में सहायता मिलेगी। सीसीटीवी कैमरों को देखने के लिए 52 सीटर चार व्यूइंग सेंटर स्थापित किए गए हैं।
प्रेस वार्ता में शामिल होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि कुंभ, एक मेला अथवा स्नान की डुबकी मात्र न होकर, भारतवर्ष की अनेकता में एकता का शाश्वत और समेकित जय-घोष है। महाकुम्भ एक ऐसा महान पर्व है जो नदी के पावन प्रवाह में समस्त विभेदों, विवादों और मतांतरों को विसर्जित कर देता है। यह सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण है। सम्पूर्ण भारत ही नहीं, बल्कि निखिल विश्व में भारतीय संस्कृति के अनुयायियों के लिए यह पर्व विशेष महत्व रखता है। राज्य मंत्री कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान बलदेव सिंह ओलख ने कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में अत्यंत दुर्लभ एवं अति विशिष्ट धार्मिक आयोजन महाकुंभ के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, पारम्परिक एवं पौराणिक पक्ष को अद्वितीय रूप से विश्व पटल पर स्थापित कर रही है। प्रदेश सरकार सनातन भारतीयों के महापर्व महाकुंभ-2025 का न्यौता भारत के सभी राज्यों समेत पूरे विश्व में भेज रही है। इसी के दृष्टिगत हम आपके बीच आएं हैं। हमारा आपसे यही कहना है आप सभी इस तीर्थ में शामिल हों।