पीयूष मिश्रा के शानदार लाइव शो ने न्यू चंडीगढ़ के लोगों का दिल जीता
चंडीगढ़। न्यू चंडीगढ़ में संगीत और कविता के दीवानों के लिए यह शाम यादगार बन गई, जब मशहूर कलाकार पीयूष मिश्रा ने अपने बैंड बल्लीमारन के साथ वर्ल्ड स्ट्रीट, डाउनटाउन ओमैक्स में शानदार परफॉर्मेंस दी। यह इवेंट उनके ‘उड़न खटोला इंडिया टूर’ का हिस्सा था, जिसे उत्तर भारत के बड़े रियल एस्टेट ग्रुप ओमैक्स ने आयोजित किया था। इस कार्यक्रम ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को संजोने और बढ़ावा देने की ओमैक्स की प्रतिबद्धता को भी दर्शाया। अपने आभार प्रकट करते हुए पीयूष मिश्रा ने चंडीगढ़ के प्रति अपने लगाव को साझा किया और यहां के दर्शकों की कला और संगीत के प्रति गहरी रुचि की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस शहर से उन्हें हमेशा खास लगाव रहा है और वर्षों से मिले प्यार और समर्थन ने उनकी रचनात्मकता को और निखारा है। रात 7:30 बजे, जैसे ही मिश्रा ने अपने गाने शुरू किए, पूरा माहौल संगीत में डूब गया। “आरंभ है प्रचंड”, “हुस्ना”, और “गाड़ी बुला रही है” जैसे गानों ने लोगों की भावनाओं को छू लिया। उनकी कविताओं, कहानियों और निजी अनुभवों के मेल ने इस संगीत संध्या को एक खूबसूरत यात्रा में बदल दिया, जिसे लोगों ने दिल से महसूस किया।

रोमांचक मैच में एजी हिमाचल टीम को हराकर एजी हरियाणा टीम ने जीता नार्थ जोन क्रिकेट टूर्नामेंट
चंडीगढ़। कार्यालय महालेखाकार पंजाब एवं यूटी चंडीगढ़ द्वारा आयोजित इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स डिपार्टमेंट के चार दिवसीय आईए एंड एडी नार्थ जोन क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मैच, बुधवार को बाबा बालक नाथ मंदिर कांप्लेक्स कैंबवाला चंडीगढ़, स्टेडियम में खेला गया। फाइनल मैच में एजी हिमाचल की टीम ने टॉस जीता और क्षेत्ररक्षण करने का फैसला लिया। हरियाणा की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए, सात विकेट के नुकसान पर, टूर्नामेंट का अभी तक का सर्वाधिक 204 रनों का स्कोर खड़ा कर दिया, जवाब में हिमाचल की टीम ने भी कांटे की टक्कर दी, परन्तु, मैच की अंतिम गेंद तक 194 रन ही बटोर सके और हरियाणा की टीम 10 रनों से, टूर्नामेंट जीतकर, नॉर्थ जोन की चैंपियन बन गई। मैच में, हिमाचल के बैट्समैन रवि ठाकुर ने धुंआधार पारी खेलते हुए, 34 गेंदों में, सर्वाधिक 81 रन मारे और वहीं चैंपियन बनी हरियाणा की टीम के कप्तान माइकल विशाल ने 4 ओवरों में 4 विकेट झटककर अपनी टीम की जीत पर मुहर लगा दी। मुकाबले के अंतिम दिन के मुख्य अतिथि नवनीत गुप्ता, प्रधान महालेखाकार हरियाणा, अपने कार्यालय की टीम की जीत से गदगद हो गए और उन्होंने अपने खिलाड़ियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया और भरपूर प्रशंसा भी की। वहीं हिमाचल की टीम ने भी टूर्नामेंट की उपविजेता टीम का खिताब जीता और उन्हें भी मुख्य अतिथि ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। आयोजक कार्यालय महालेखाकार पंजाब एवं यूटी चंडीगढ़ की महालेखाकार तृप्ति गुप्ता ने भी सभी खिलाड़ियों को बधाई दी और कार्यालय के कार्यों के साथ साथ खेलने की तरजीह भी दी और कहा कि फिटनेस के लिए, खेलों से अच्छा कोई साधन नहीं है। टूर्नामेंट के अंत में, वरिष्ठ उप महालेखाकार शीश राम वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और विजेता टीम को बधाई दी। टूर्नामेंट के आयोजन में अपना सक्रिय योगदान देने वाले अन्य दूसरे समूह अधिकारी रवि नंदन गर्ग, वरिष्ठ उप महालेखाकार व मनीषा तूर, उप महालेखाकार (पेंशन) ने भी सभी खिलाड़ियों को बधाई दी और कोलकाता में होने वाले आगामी इंटर जोनल क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी। टूर्नामेंट के सफल आयोजन में कल्याण अधिकारी जेपी मलिक और उनकी पूरी टीम का पूरा सहयोग रहा।


रागी जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन से संगतों को किया निहाल
चंडीगढ़ । नगर निगम पब्लिक हेल्थ सब-डिवीजन नंबर: 1. जलघर सेक्टर 39, चंडीगढ़ के कर्मचारियों द्वारा समाज की सुख शांति और वाहेगुरु सच्चे पातशाह के प्रति शुकराना हेतु श्री सुखमनी साहिब का पाठ आयोजित किया गया। नगर निगम जल आपूर्ति कर्मचारियों और अधिकारियों के सहयोग से हर साल की तरह इस वर्ष भी 29वें सालाना गुरमति समागम के तहत श्री सुखमनी साहिब पाठ का आयोजन किया गया। जिसमें रागी सिंहों द्वारा शुद्ध गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से श्रद्धालुओं को गुरु चरणों से जोड़ा गया। इस अवसर पर वाटर वर्क्स सेक्टर 39 के एसडीओ निर्मल सिंह, जेई सुखविंदर सिंह, समूह वाटर सप्लाई कर्मचारी के प्रधान दर्शन सिंगज और सेवादार प्रभजीत सिंह सहित डीएमसी गुरुद्वारा श्री दशमेश सिंह सभा के प्रधान हरजिन्दर सिंह प्रिंस भी मौजूद रहे। सवेरे 10 से 11:30 बजे तक श्री सुखमनी साहिब के पाठ रखे गए। उसके बाद श्री अंब साहिब, फेस-8, मोहाली से भाई अरविन्दर सिंह द्वारा गुरबानी कीर्तन का प्रसार किया गया। भाई अरविन्दर सिंह के रागी जत्थे ने समागम में बाबा की हजूरी में पहुंची संगतो को कीर्तन श्रवण से निहाल किया। कीर्तन दरबान उपरांत संगतों में गुरु का लंगर बांटा गया।


चंडीगढ़ बॉडी बिल्डिंग और फिजीक स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा मिस्टर चंडीगढ़ चैंपियनशिप का आयोजन
अवतार सिंह ने मिस्टर चंडीगढ़ का खिताब जीता
चंडीगढ़ । मिस्टर चंडीगढ़ का 13वां एडिशन एसडी कॉलेज सेक्टर -32, चंडीगढ़ में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन चंडीगढ़ बॉडी बिल्डिंग और फिजीक स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा भारतीय बॉडी बिल्डर्स फेडरेशन के सहयोग से किया गया। क्षेत्र के लगभग 100 बॉडीबिल्डर्स ने तीन श्रेणियों – सीनियर बॉडी बिल्डिंग, स्पोर्ट्स फिजीक और एथलेटिक फिजीक में भाग लिया।अवतार सिंह ने मिस्टर चंडीगढ़ का प्रतिष्ठित खिताब जीता और स्पोर्ट्स फिजीक में आशीष डोगरा विजेता रहे, जबकि एथलेटिक फिजीक में अरशिंदर सिंह को विजेता घोषित किया गया। विजेताओं को नकद पुरस्कार और उपहार वितरित किए गए। मिल्कफेड पंजाब के चेयरमैन नरिंदर सिंह शेरगिल मुख्य अतिथि थे। कलविंदर सिंह, प्रेसिडेंट, सीबीपीएसए और प्रदीप सिंह, जनरल सेक्रेटरी, सीबीपीएसए ने इस आयोजन की सफलतापूर्वक व्यवस्था के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और नेतृत्व प्रदान किया। रुबिका एक महिला बॉडीबिल्डर, जो इस आयोजन में विशेष आमंत्रित थीं, ने कार्यक्रम में गेस्ट पोस किया। उत्तर क्षेत्र बॉडी बिल्डर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सूरज भान नैन मिस्टर चंडीगढ़ चैंपियनशिप के जज थे। उन्होंने कहा कि हम मिस्टर और मिस चंडीगढ़ चैंपियनशिप का आयोजन करते हैं ताकि क्षेत्र और उससे बाहर के बॉडीबिल्डर्स को एक मंच प्रदान किया जा सके, जहाँ वे अपनी मेहनत और समर्पण से प्राप्त मजबूत और मस्क्यूलर शरीर का प्रदर्शन कर सकें। नैन ने कहा कि इन दिनों युवाओं को सोशल मीडिया की लत के कारण स्थिर जीवनशैली से कई स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दुष्चक्र को तोड़ने के लिए मैं युवाओं से अपील करता हूँ कि वे शारीरिक रूप से सक्रिय रहें और व्यायाम और खेल को अपनी जीवनशैली में अपनाएं। बॉडीबिल्डिंग भी एक स्वस्थ शारीरिक गठन बनाए रखने में मददगार हो सकती है, लेकिन इसे एक खेल के रूप में अनुभवी प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में किया जाना चाहिए। इस बीच, प्रतिभागियों ने अपनी मसल्स का प्रदर्शन किया। यह उल्लेखनीय है कि उपकार, नकुल कौशल, राहुल और विक्रम सिंह मिस्टर चंडीगढ़ कार्यक्रम में जज थे।
गिलको इंटरनेशनल स्कूल में ‘द फेबल फेस्ट’ का आयोजन
मोहाली । गिलको इंटरनेशनल स्कूल में फाउंडेशनल स्टेज का वार्षिक समारोह ‘द फेबल फेस्ट’ धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर किंडरगार्टन के बच्चों का ग्रेजुएशन सेरेमनी भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम की थीम “व्हेयर स्टोरीज़ कम अलाइव” रही, जिसमें नन्हे बच्चों ने अपनी कला और हुनर से दर्शकों का मन मोह लिया। समारोह की शुरुआत स्कूल की ट्रस्टी परमजीत कौर गिल और प्रिंसिपल डॉ. कृतिका कौशल द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद छोटे-छोटे बच्चों ने रंग-बिरंगे परिधानों में संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने सभी को परियों की दुनिया, साहस के सागर और बादलों के साम्राज्य की सैर कराई। इन कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने आशा, दया, दोस्ती और एकता जैसे महत्वपूर्ण संदेश दिए। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में से एक रहा ग्रेजुएटिंग छात्रों का जोशीला भंगड़ा, जिसने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। समारोह के अंत में हेडमिस्ट्रेस गुरसिमरन खोसला ने सभी का धन्यवाद किया और इसे यादगार बनाने के लिए शिक्षकों व अभिभावकों की सराहना की। प्रिंसिपल डॉ. कृतिका कौशल ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा,कि हम अपने छात्रों की प्रगति और मेहनत पर गर्व करते हैं। यह वार्षिक और ग्रेजुएशन समारोह उनकी लगन और समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने बच्चों को हर क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।


एवीइआईआर पेसमेकर हृदय रोगियों के लिए एक वरदान : डा. अनुराग शर्मा
पंचकूला । पारस हेल्थ पंचकूला ने उत्तर भारत में चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल ने 77 वर्षीय मरीज में सफलतापूर्वक एवीइआईआर लीडलेस पेसमेकर का प्रत्यारोपण किया, जो कार्डियक केयर में एक क्रांतिकारी कदम है। इस अत्याधुनिक उपकरण को ग्लोबल हेल्थकेयर कंपनी एबॉट ने विकसित किया है। मरीज, जो पहले कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्ट सर्जरी करवा चुके थे, को बार-बार बेहोशी की समस्या हो रही थी। विस्तृत जांच के बाद उनमें 2:1 एवी ब्लॉक का पता चला, जो हृदय गति की अनियमितता का एक गंभीर रूप है और जिसके लिए पेसमेकर की आवश्यकता होती है। इस जटिल प्रक्रिया का नेतृत्व हॉस्पिटल के कार्डियक साइंसेज के चेयरमैन डा. अनुराग शर्मा और उनकी अनुभवी टीम ने किया। डा. शर्मा ने कहा कि एवीइआईआर पेसमेकर हृदय रोगियों के लिए एक वरदान साबित होगा। यह मरीजों को पारंपरिक पेसमेकर से जुड़ी समस्याओं से बचाने के साथ ही उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाएगा। लीडलेस पेसमेकर ख़ास करके बुजुर्ग मरीजों या संक्रमण से ग्रस्त लोगों के लिए फायदेमंद है, क्योंकि इसमें लीड और सर्जिकल पॉकेट की जरूरत नहीं पड़ती है। इसमें हाथ को चलाने घुमाने में किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि जिन मरीजों को बार-बार बेहोशी, सांस फूलने या असामान्य हृदय गति की समस्या होती है, उन्हें समय पर हृदय की जांच करानी चाहिए। 72 घंटे या 7 दिन का होल्टर टेस्ट इन समस्याओं की पहचान में मदद कर सकता है। यदि एवी ब्लॉक जैसी स्थिति पाई जाती है, तो पेसमेकर जीवन रक्षक सिद्ध हो सकता है। इस सफलता के साथ पारस हेल्थ, पंचकुला अत्याधुनिक कार्डियक केयर में अग्रणी बना हुआ है। यह उपलब्धि भारत में चिकित्सा जगत में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी और हृदय रोगियों को एक बेहतर और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर प्रदान करेगी।

