Tuesday, June 30, 2026
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फोर्टिस मोहाली ने हाई-रिस्क हृदय रोगी बुजुर्गों के लिए एडवांस्ड एंजियोप्लास्टी में हासिल की अग्रणी सफलता

चंडीगढ़ । फोर्टिस अस्पताल मोहाली हृदय रोगों की देखभाल में उत्कृष्टता का एक प्रमुख केंद्र है। यह अस्पताल उन हाई-रिस्क मरीजों को अत्याधुनिक इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी उपचार प्रदान कर रहा है, जिन्हें पहले बायपास सर्जरी या एंजियोप्लास्टी के लिए अनुपयुक्त माना जाता था। 93 वर्षीय एक बुजुर्ग मरीज, जिन्हें जटिल हृदय रोग और शारीरिक कमजोरी थी, का एक बड़ी हृदय धमनी में ब्लॉकेज के लिए एडवांस्ड एंजियोप्लास्टी से सफल इलाज किया गया। एक अन्य मामले में, 70 वर्षीय मधुमेह, हृदय विफलता, गुर्दे की समस्या और तीन हृदय धमनियों में रुकावट से पीड़ित मरीज की भी जटिल और जोखिमपूर्ण एंजियोप्लास्टी की गई। दोनों मरीज सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं थे, लेकिन उन्नत तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सा देखभाल की बदौलत अब पूरी तरह ठीक हैं। फोर्टिस अस्पताल मोहाली के कार्डियोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सुधांशु बुडाकोटी ने बताया कि 93 वर्षीय मरीज, जिन्हें हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी और कोरोनरी आर्टरी डिजीज थी, सीने में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल आए। 2022 में उन्होंने कोरोनरी एंजियोग्राफी करवाई थी और उन्हें सीएबीजी की सलाह दी गई थी, लेकिन उनकी उम्र और कमजोरी को देखते हुए उच्च जोखिम वाली सर्जरी से परहेज किया गया और उन्हें दवाइयों से उपचार दिया गया। सभी प्रकार की दवाइयों और अनुकूलित चिकित्सा उपचार के बावजूद, मरीज को आराम की स्थिति में भी बार-बार सीने में दर्द होता रहा। ऐसे में डॉक्टर ने मरीज और उसके परिवार से संभावित उपचार विकल्पों पर चर्चा की और उन्हें दोबारा एंजियोग्राफी कराने की आवश्यकता के बारे में विस्तार से समझाया।

शुरुआत में मरीज और उनके परिजन संकोच में थे, क्योंकि पहले उन्हें बताया गया था कि न तो सर्जरी संभव है और न ही स्टेंटिंग। लेकिन डॉ. सुधांशु ने उन्हें समझाया कि अब हस्तक्षेप आवश्यक है और ज़रूरत पड़ने पर स्टेंटिंग भी की जा सकती है। इसके बाद मरीज की कोरोनरी एंजियोग्राफी की गई, जिसमें कैल्सीफाइड ट्रिपल वेसल डिज़ीज़ पाई गई। चूंकि कैल्सीफाइड धमनियों में बिना प्लाक मॉडिफिकेशन के स्टेंट डालना संभव नहीं था, इसलिए मरीज और उनके परिवार को उन्नत उपचार विकल्पों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इनमें विशेष तकनीकों जैसे रोटाब्लेशन, इंट्रावैस्कुलर लिथोट्रिप्सी और लेज़र शामिल थीं, जिनके माध्यम से धमनी की दीवारों में जमे कठोर कैल्शियम को तोड़कर बाद में स्टेंट डाला जाता है। जब परिवार ने पूरी जानकारी समझ ली और लिखित अनुमति दे दी, तो मरीज की आईवीएल तकनीक से जटिल एंजियोप्लास्टी की गई, जिसमें बैलून के ज़रिए कोमल शॉकवेव्स भेजी जाती हैं, ताकि धमनी की दीवारों में जमे कैल्शियम को दरार देकर मुलायम किया जा सके और रक्त प्रवाह पुनः सुचारु हो सके। रोगी की एक प्रमुख धमनियों में — एलएडी जो हृदय के अगले हिस्से में स्थित सबसे महत्वपूर्ण धमनी होती है और अधिकतम हृदय मांसपेशी को रक्त पहुंचाती है, एंजियोप्लास्टी (पीसीआई) की गई। प्रक्रिया के बाद रोगी की स्थिति स्थिर रही और उसे अगले दिन बिना किसी सीने में दर्द के अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बाद में ओपीडी में फॉलो-अप के दौरान भी कोई शेष लक्षण नहीं पाए गए। डॉ. सुधांशु बुडाकोटी ने आगे बताया कि एक और ऐसा ही मामला हमारे पास आया, जिसमें 70 वर्षीय एक मधुमेह से ग्रसित पुरुष ऐनल फिस्टुला की सर्जरी से पहले कार्डियक क्लियरेंस के लिए आए थे। नियमित जांच के दौरान यह सामने आया कि उन्हें पूर्व में साइलेंट हार्ट अटैक हो चुका था, जिसके कारण उनके हृदय की पंपिंग क्षमता घटकर मात्र 30 प्रतिशत रह गई थी। साथ ही, उनमें क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ (गंभीर गुर्दा रोग) की आशंका भी पाई गई।” उनकी उच्च जोखिम वाली स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए पहले उन्हें कोरोनरी एंजियोग्राफी (सीएजी) के लिए लिया गया, जिसमें तीनों हृदय धमनियों में कैल्सिफिकेशन के साथ व्यापक ब्लॉकेज (डिफ्यूज़ ट्रिपल वेसल डिज़ीज़) पाई गई, और दूर की धमनियों में रक्त प्रवाह भी बहुत कम था, जिससे बायपास सर्जरी करना एक मुश्किल विकल्प बन गया। मरीज और उनके परिवार को उनकी बीमारी की प्रकृति और रीवैस्क्युलराइजेशन (धमनियों को दोबारा खोलने) की उच्च जोखिम वाली प्रक्रिया के बारे में समझाया गया, जिसमें उनकी लो इजेक्शन फ्रैक्शन (कम पंपिंग क्षमता), मधुमेह, गुर्दों की बीमारी और कैल्सीफाइड धमनियों जैसे कई कारक शामिल थे। चूंकि उनकी उम्र में बायपास सर्जरी को लेकर वे सहमत नहीं थे, इसलिए कैल्शियम मॉडिफिकेशन के लिए आईवीएल तकनीक की सहायता से उच्च जोखिम वाली एंजियोप्लास्टी करने का निर्णय लिया गया। डॉ. सुधांशु ने बताया कि मरीज की लेफ्ट मेन और एलएडी (हृदय की एक प्रमुख धमनी) में रुकावट को दूर करने के लिए आईवीएल तकनीक का उपयोग किया गया। लेफ्ट मेन से लेकर एलएडी तक दो स्टेंट लगाए गए ताकि धमनियों को खुला रखा जा सके। प्रक्रिया के दौरान मरीज की गुर्दों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बहुत ही कम मात्रा में डाई का उपयोग किया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान मरीज स्थिर रहे और अगले ही दिन उन्हें सुरक्षित रूप से अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

अन्न भंडारा आयोजित कर किया वर्षा ऋतु का स्वागत

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पंचकूला । श्री श्याम करुणा फाउंडेशन ने अपना 171 वां अन्न भंडारा आयोजित किया , जिसमें ज़रुरमंदो को पौष्टिक खाना परोसा गया । भंडारा फाउंडेशन के अध्यक्ष समाज सेवी अमिताभ रूंगटा की देखरेख में आयोजित किया गया । रूंगटा ने बताया कि आयुर्वेद वर्षा ऋतु मौसम के दौरान स्वास्थ्य के लिए आहार समायोजन पर जोर देता है , उन्होंने बताया कि आहार समायोजन का मतलब है अपने भोजन और पेय पदार्थों के सेवन में स्वस्थ बने रहने के लिए बदलाव करना। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय संस्कृति के अनुसार वर्षा ऋतु खान पान में सकरात्मक बदलाव लाने का समय है, इस मौसम में मानव को अपने आहार में तबदीली लानी चाहिए और इस परिवर्तन को हर समय जीवन का हिस्सा बनाने का प्रण लेना चाहिए ।
रूंगटा ने कहा कि हमे पर्याप्त पानी पीना चाहिए और जितनी ज़रुरत है उतना ही अन्न ग्रहण करना चाहिए, इससे मन और शरीर दोनों स्वस्थ रहते हैं। रूंगटा ने बताया कि वर्षा ऋतु का सनातन धर्म में भी बहुत महत्व है। यह न केवल प्रकृति के लिए, बल्कि मानव जीवन और आध्यात्मिक प्रथाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण समय है । भंडारा आयोजित करने के पुण्य कार्य में फाउंडेशन से जुड़े दर्जनों सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आयोजन को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आकाश इंस्टीट्यूट ने चंडीगढ़ के नीट यूजी 2025 टॉपर्स को चैंपियंस ऑफ आकाश’ इवेंट में किया सम्मानित

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आकाश हर छात्र को एक प्रॉब्लम सॉल्वर बनने में मदद करता है : डॉ. सुरेन्द्र चौहान

चंडीगढ़ । इस वर्ष नीट यूजी 2025 के पैटर्न और फॉर्मेट में बड़े बदलाव और कठिनाई के बावजूद, आकाश इंस्टीट्यूट के छात्रों ने देशभर में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। यह सफलता संस्थान की फोकस्ड प्रॉब्लम-सॉल्विंग अप्रोच का नतीजा है, जिसने छात्रों को हर चुनौती से उभरकर सच्चा प्रॉब्लम सॉल्वर बनने में सक्षम बनाया। जिक्र योग्य है कि आकाश इंस्टीट्यूट चंडीगढ़ के उन छात्रों को जिन्होंने नीट यूजी 2025 और जेईई एडवांस्ड 2025 में टॉप रैंक लिए हैं उनको एक इवेंट में सम्मानित किया गया । नीट यूजी 2025 में टॉप 10 में आकाश के 5 छात्रों ने स्थान पाया है – एआईआर 2, 3, 5, 9 और 10। टॉप 100 में 35 आकाशियनों ने रैंक हासिल की है और 11 छात्र विभिन्न राज्यों के टॉपर्स बने हैं, जिनमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दादरा और नगर हवेली, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, गोवा और दमन और दीव शामिल हैं। आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के एमडी और सीईओ दीपक मेहरोत्रा ने कहा कि आकाश में हम छात्रों को बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना सिखाते हैं। इसीलिए इस साल भी इतने शानदार रैंकर्स हमारे साथ हैं। नीट 2025 न सिर्फ नया था, बल्कि चुनौतीपूर्ण भी था। लेकिन फॉर्मेट कोई भी हो या चुनौती कितनी भी बड़ी, जब आप प्रॉब्लम सॉल्विंग की स्किल सीख लेते हैं, तो किसी भी टेस्ट में टॉप करना मुमकिन हो जाता है। चंडीगढ़ से नीट में 15 छात्रों ने ऑल इंडिया टॉप स्कोर्स में जगह बनाई, जिनमें प्रमुख नाम है,अधिराज सिंह पनाग (ए.आई.आर 103) आरव गोयल (ए.आई.आर 169)सोनाली (ए.आई.आर 255), दीपेश मलिक (ए.आई.आर 313), आरजू अहलूवालिया (ए.आई.आर 371), पारस यादव (ए.आई.आर 381), कृतिकेय गोयल (ए.आई.आर 412), युवराज घई (ए.आई.आर 435), दमनप्रीत सिंह (ए.आई.आर 450), गरिमा गौरी (ए.आई.आर 491), पौषिका उप्पल (ए.आई.आर 618), मनन (ए.आई.आर 636), हज़ीम जाविद किर्मानी (ए.आई.आर 663), हिमांशी (ए.आई.आर 729), हर्षित सैनी (ए.आई.आर 829), और गोपेश शर्मा (ए.आई.आर 872)। जेईई एडवांस्ड 2025 में नॉर्थ रीजन से आकाश के जिन छात्रों ने भी शानदार प्रदर्शन किया उनमे केशव बंसल (ए.आई.आर 382), जपनीत सिंह (ए.आई.आर 878), सफदर हयात खान (ए.आई.आर 908) और अभिसार (ए.आई.आर 1066) हैं । इन सभी छात्रों को आज “चैंपियंस ऑफ आकाश” इवेंट में सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम उनकी उपलब्धियों और सच्चे प्रॉब्लम सॉल्वर की भावना को सेलिब्रेट करने के लिए आयोजित किया गया,वे छात्र जो हर बाधा को डटकर पार कर सके, अपनी तैयारी और स्पष्ट सोच के बल पर। आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के रीजनल डायरेक्टर डॉ. सुरेन्द्र चौहान ने इस अवसर पर कहा हमारे छात्रों की सफलता हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। आकाश में हमारा लक्ष्य है हर छात्र को ऐसा प्रॉब्लम सॉल्वर बनाना जो किसी भी नई चुनौती के सामने शांत, फोकस्ड और सॉल्यूशन-ओरिएंटेड बना रहे। साल दर साल हमारे रिज़ल्ट्स इस मजबूत अकादमिक फाउंडेशन, पर्सनलाइज्ड मेंटरशिप और फ्यूचर-रेडी अप्रोच का प्रमाण हैं। हम अपने सभी छात्रों को बधाई देते हैं जिन्होंने हमें गौरवान्वित किया है।
कार्यक्रम के दौरान टॉपर्स ने नीट जैसी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी को लेकर अपनी रणनीति, टाइम मैनेजमेंट और स्ट्रेस हैंडलिंग टिप्स भी साझा किए। छात्रों को अधिराज, आरव, युवराज, आमिषी, पारस, इशिता, देवांश और प्रदीप जैसे टॉप परफॉर्मर्स की शानदार अकादमिक जर्नी को सीधे सुनने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिला।

पारस हेल्थ पंचकूला में पहली एडवांस्ड रोबोटिक सर्जरी शुरू, दा विंची तकनीक से होगा इलाज और आसान

पंचकूला । पारस हेल्थ पंचकूला ने एडवांस्ड दा विंची एक्सआई रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लॉन्च कर शहर में चिकित्सा क्षेत्र को नई ऊंचाई दी है। यह सिस्टम दुर्लभ और जटिल सर्जरी के लिए अत्यधिक उपयोगी है, जो डॉक्टरों को ज़्यादा सटीकता, बेहतर नियंत्रण और स्पष्ट दृश्य प्रदान करता है। इससे मरीजों को छोटे चीरे, कम दर्द और तेज रिकवरी जैसे कई लाभ मिलते हैं।
यह अत्याधुनिक तकनीक यूरोलॉजी, कैंसर सर्जरी, स्त्री रोग और जनरल सर्जरी जैसे क्षेत्रों में उपयोग की जाएगी। इससे पंचकूला और आसपास के मरीजों को बिना बड़े शहर जाए, विश्वस्तरीय इलाज मिलेगा। पारस हेल्थ पंचकूला के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि यह तकनीक सर्जरी के तरीके को पूरी तरह बदल देगी और मरीजों को बेहतर परिणाम व कम परेशानी देगी। इस ऐतिहासिक पहल का आधिकारिक उद्घाटन रविवार 29 जून को अस्पताल परिसर में होगा। मुख्य अतिथि होंगे अजय छगती, आईएएस, सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, चंडीगढ़। इस अवसर पर कई वरिष्ठ सर्जन, स्वास्थ्य विशेषज्ञ व अन्य गणमान्य अतिथि भी शामिल होंगे। इस कदम के साथ पारस हेल्थ पंचकूला उत्तर भारत में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू करने वाला अग्रणी संस्थान बन गया है।

गली मोहल्ला क्रिकेट लीग ने पंजाब से नशे के खात्मे के लिए शुरू किया विशेष अभियान

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ग्रामीण पंजाब के लिए “सरपंच ट्रॉफी” की घोषणा

चंडीगढ़ । गली मोहल्ला क्रिकेट लीग ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में एक प्रेस वार्ता के दौरान पंजाब में नशे के खिलाफ एक बड़े अभियान की शुरुआत की। दिल्ली और मुंबई में सफल आयोजनों के बाद, जहां जीएमसीएल ने महाराष्ट्र पुलिस के साथ ‘नशा मुक्ति अभियान’ में भाग लिया था, वहीं अब पंजाब में भी क्रिकेट के ज़रिए सामाजिक बदलाव लाने की योजना सामने रखी गई है। इस मौके पर जीएमसीएल ने ‘जीएमसीएल सरपंच ट्रॉफी’ की घोषणा की, जो ग्रामीण पंजाब को एकजुट करने और गांवों के नेतृत्व को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित की जाएगी। इस मौके प्रेस वार्ता में बाबा इंदर प्रीत सिंह, आध्यात्मिक प्रमुख, सतकार्मिक मिशन, अमन बंदवी, निदेशक, ग्लोबल मिडास कैपिटल व साड्डा खिड़दा पंजाब, हरमीत सिंह, निदेशक, खिलाड़ी विकास एवं मनोविज्ञान विभाग और रमन गांधी, सीईओ, जीएमसीएल मुख्य रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर बाबा इंदर प्रीत सिंह ने कहा कि नशा पंजाब के युवाओं और परिवारों को तोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट एकजुटता लाता है, इसलिए हम जीएमसीएल के ज़रिए युवाओं को आशा और उद्देश्य देंगे। इस अवसर पर बोलते हुए अमन बंदवी ने कहा कि जीएमसीएल सिर्फ क्रिकेट नहीं है, ये रोजगार, महिला सशक्तिकरण और पंजाब के पुनर्निर्माण की मुहिम है। हरमीत सिंह ने बताया कि हमारी प्राइड अकादमी खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मज़बूत बनाती है, ताकि वे मैदान के साथ-साथ जीवन की चुनौतियों से भी लड़ सकें। इस मौके जीएमसीएल के सीईओ रमन गांधी ने बड़े स्तर पर योजना के बारे में बताते हुए कहा कि अगस्त 2025 से पंजाब भर में 500 टीमें, 5500 खिलाड़ी और 5000 मैच आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस और स्कूलों के सहयोग से यह अभियान हर गली और गांव तक पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि पंजाब को तीन क्षेत्रों माझा, मालवा और दोआबा में बांटकर यह अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि माझा क्षेत्र में अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन और पठानकोट ज़िलों को शामिल किया गया है।

सिख विरासत वाले इस क्षेत्र में नशे के खिलाफ एकजुटता लाई जाएगी। इसी तरह 14 जिलों और 69 विधानसभा क्षेत्रों वाले सबसे बड़े क्षेत्र मालवा में लुधियाना, पटियाला, मोगा और बठिंडा जैसे शहर शामिल हैं। यहां युवाओं को क्रिकेट से जोड़कर जागरूकता फैलाई जाएगी। इसी तरह दोआबा क्षेत्र में जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर जैसे जिलों में समुदाय आधारित नेटवर्क का उपयोग करके जीएमसीएल का संदेश फैलाया जाएगा।जीएमसीएल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस में शामिल खिलाड़ियों में 30 प्रतिशत महिलाएं होंगी। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। वहीं सरपंच ट्रॉफी ग्रामीण क्षेत्रों में नई ऊर्जा लेकर आएगी। पंजाब में बढ़ते नशे के खतरे और सिंथेटिक ड्रग्स की समस्या के बीच जीएमसीएल की यह पहल एक नई उम्मीद बनकर उभरी है। क्रिकेट की लोकप्रियता और गांव-शहर की साझेदारी से यह मुहिम सामाजिक बदलाव की ओर एक मजबूत कदम है। अंत में, जीएमसीएल ने अपने वादे को दोहराते हुए कहा कि खेल, सेवा और एकता के ज़रिए पंजाब को नशा मुक्त और सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य है।

पंचकूला में पहली बार: अलकेमिस्ट अस्पताल में लॉन्च की गई एडवांस्ड रोबोटिक तकनीक

पंचकूला । अलकेमिस्ट अस्पताल, पंचकूला ने दा विंची एक्सआई सर्जिकल रोबोट पेश किया है, जो दुनिया की सबसे उन्नत रोबोटिक सर्जिकल प्रणालियों में से एक है।
यह अत्याधुनिक तकनीक स्त्री रोग, सामान्य सर्जरी, मूत्रविज्ञान, सिर और गर्दन की सर्जरी, कैंसर सर्जरी और किडनी प्रत्यारोपण सहित विभिन्न विशेषताओं में सर्जिकल परिशुद्धता, सुरक्षा और रोगी परिणामों के लिए एक नया मानक स्थापित करेगी। अलकेमिस्ट ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन करणदीप सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा के हर पहलू में तेज़ी से विकास हो रहा है इसलिए समय आ गया है कि भारत में सर्जरी भविष्य को अपनाए। तकनीक उन्नत है, यह पूरी तरह से सर्जन के नियंत्रण में रहती है, जो अत्यधिक परिष्कृत रोबोटिक प्लेटफ़ॉर्म पर उनके कौशल को बढ़ाती है। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. परमजीत सिंह मान ने कहा कि दा विंची एक अगली पीढ़ी का रोबोटिक सर्जिकल प्लेटफ़ॉर्म है, जिसे सर्जनों को बेहतर नियंत्रण, सटीकता और न्यूनतम आक्रमण के साथ जटिल प्रक्रियाओं को करने में सक्षम बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

वरिष्ठ सलाहकार जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी डॉ. हर्ष गर्ग ने बताया कि अब सर्जिकल रोबोट के साथ, हम अधिक सटीकता के साथ जटिल सर्जरी करेंगे, जिससे रोगियों को कम दर्द होगा और वे तेजी से ठीक होंगे। सलाहकार जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी डॉ. रोहित बंसल ने कहा कि रोबोट चुनौतीपूर्ण शारीरिक क्षेत्रों में बेहतर परिणामों के साथ काम करने की हमारी क्षमता को बढ़ाता है। वरिष्ठ सलाहकार, जनरल और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी डॉ. मुकेश गोयल, ने कहा कि सामान्य सर्जरी में रोबोटिक सर्जरी पारंपरिक ओपन या लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की तुलना में कई फायदे प्रदान करती है, जिसमें छोटे चीरे, कम दर्द, तेजी से रिकवरी और जटिलताओं का कम जोखिम शामिल है। ये लाभ रोबोटिक सिस्टम की बढ़ी हुई सटीकता, निपुणता और विज़ुअलाइज़ेशन क्षमताओं से उत्पन्न होते हैं, जिससे सर्जन अधिक सटीकता और नियंत्रण के साथ जटिल प्रक्रियाएं कर सकते हैं। यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. नीरज गोयल ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी विशेषकर प्रोस्टेटेक्टॉमी और किडनी ट्रांसप्लांट जैसी जटिल प्रक्रियाओं में परिवर्तनकारी है ।

पार्क हॉस्पिटल मोहाली में अब होगा एडवांस रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट: डॉ. प्रियदर्शी रंजन

चंडीगढ़ । पार्क हॉस्पिटल मोहाली ने शुक्रवार को एडवांस रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट की शुरुआत की घोषणा की। पार्क हॉस्पिटल मोहाली में रोबोटिक यूरोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांट के डायरेक्टर डॉ. प्रियदर्शी रंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि रोबोटिक ट्रांसप्लांट के अलावा, हम सभी प्रकार के लिविंग डोनर ट्रांसप्लांट कर रहे हैं, जिसमें हाई रिस्क ट्रांसप्लांट, पीडियाट्रिक ट्रांसप्लांट स्वैप केस, एबीओ असंगत ट्रांसप्लांट (गैर-ब्लड ग्रुप विशिष्ट) और रीडू ट्रांसप्लांट शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश में हर साल 2.2 लाख नए मरीज क्रोनिक किडनी फेलियर का शिकार होते हैं और यह मृत्यु का छठा सबसे तेजी से बढ़ता कारण भी है, जो 2040 तक पांचवां प्रमुख कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि भारत में किडनी फेलियर के मुख्य कारण हाई बीपी, डायबिटीज, बीपीएच, अनुपचारित किडनी स्टोन और यूटीआई हैं। डायरेक्टर नेफ्रोलॉजी डॉ. मुकेश गोयल ने कहा कि पिछले एक दशक में क्रोनिक किडनी फेलियर रोग का प्रसार लगभग दोगुना हो गया है, और उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, तनाव और अस्वास्थ्यकर खान-पान जैसे जोखिम कारकों में वृद्धि के कारण इसके और बढ़ने की उम्मीद है। कंसल्टेंट यूरोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांट डॉ. मानव गोयल, ने कहा कि भारत में हर 10 मिनट में अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा सूची में एक व्यक्ति जुड़ जाता है और हर दिन 20 लोग अंग की कमी के कारण मर जाते हैं।

कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजी डॉ. कल्पेश सतापारा ने कहा कि अंगदान करके, एक मृत दाता व्यक्ति अंगदान के माध्यम से 8 व्यक्तियों की जान बचा सकता है और ऊतक दान के माध्यम से 50 से अधिक लोगों के जीवन को बेहतर बना सकता है। नॉर्थ पार्क हॉस्पिटल्स के ग्रुप सीईओ आशीष चड्ढा ने कहा कि हमारे अस्पताल में अत्याधुनिक 14 बिस्तरों वाला डायलिसिस सेंटर है और हम इंटरवेंशन नेफ्रोलॉजी सेवाओं सहित 24 x 7 डायलिसिस सेवाएं प्रदान करते हैं। पार्क हॉस्पिटल मोहाली अब ईसीएचएस, सीजीएचएस, ईएसआई, सीएपीएफ हरियाणा और हिमाचल सरकार और सभी प्रमुख टीपीए और कॉरपोरेट्स के साथ सूचीबद्ध है।
रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट के लाभ:
· छोटे चीरों के साथ न्यूनतम इनवेसिव
· बढ़ी हुई सर्जिकल सटीकता और नियंत्रण
· सर्जरी के दौरान कम रक्त की हानि
· सर्जिकल साइट संक्रमण का कम जोखिम
· तेजी से रिकवरी और सामान्य गतिविधियों में वापसी
किडनी की बीमारियों से बचने के उपाय:

  1. मधुमेह, उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखें
  2. नमक का सेवन कम करें
  3. प्रतिदिन 8-10 गिलास पानी पिएं
  4. पेशाब करने की इच्छा को रोकें नहीं
  5. संतुलित आहार लें जिसमें बहुत सारे फल शामिल हों
  6. स्वस्थ पेय पदार्थ पिएं
  7. शराब और धूम्रपान से बचें
  8. प्रतिदिन व्यायाम करें
  9. स्व-चिकित्सा से बचें, खासकर दर्द निवारक दवाएं
  10. डॉक्टर से चर्चा किए बिना प्रोटीन सप्लीमेंट और हर्बल दवा लेने से पहले सोचें

महाराजा अग्रसेन सेवा संगठन का सम्मान समारोह

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चंडीगढ़। मनीमाजरा स्थित श्री दुर्गा माता (बनभौरी मंदिर) में महाराजा अग्रसेन सेवा संगठन द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में धर्म प्रचार प्रसार को बढ़ावा देने वाली कीर्तन मंडली और मंदिर के पुजारियों को सम्मानित किया गया। संगठन के चेयरमैन सतबीर गर्ग ने बताया कि उनकी संस्था समय-समय पर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्य करने वाली संस्थाओं को सम्मानित करती रहती है। इसी कड़ी में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गर्ग ने कहा कि महाराजा अग्रसेन की शिक्षाओं को समाज में प्रचारित करना और लोगों को धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में शामिल होने के लिए प्रेरित करना संगठन का मुख्य उद्देश्य है। कार्यक्रम के दौरान कीर्तन मंडली और मंदिर के पुजारी को कैंपर देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर गर्ग परिवार के सदस्य देवराज गर्ग, सुनील गर्ग, गौरव गर्ग के अलावा प्रधान सुरेश गोयल और संगठन के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे। सभी ने कीर्तन मंडली और मंदिर के पुजारियों को उनकी सेवाओं के लिए बधाई दी और उनके कार्यों की सराहना की। आपको बता दें कि महाराजा अग्रसेन सेवा संगठन विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यों में शामिल रहता है। संगठन का उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना और लोगों को धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है। इस मौके पर भंडारा भी लगाया गय

पश्चिमोत्तर राज्यों में डायरेक्ट सैलिंग कारोबार 2172 करोड़ रूपये के पार, डायरेक्ट सैलर पांच लाख हुये

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चंडीगढ़ । देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र के राज्यों जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ ने प्रत्यक्ष बिक्री में 15.71 प्रतिशत से अधिक की शानदार विकास दर दर्ज कर वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान 2172 करोड़ रूपये से अधिक का कारोबार किया है। देश में डायरेक्ट सैलिंग उद्योग की शीर्ष संस्था इंडियन डायरेक्ट सैलिंग एसोसिएशन ने शुक्रवार को यहां एक सर्वेक्षण के माध्यम से यह जानकारी दी। आईडीएसए की नॉलेज पार्टनर इपसोस द्वारा संकलित इस सर्वेक्षण में देश में डायरेक्ट सैलिंग क्षेत्र के विकास और इसके निरंतर हो रहे विस्तार पर भी प्रकाश डाला गया है। इस अवसर पर हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री राजेश नागर और राज्य के इसी विभाग के प्रधान सचिव डी. सुरेश उपस्थित थे। आईडीएसए के अनुसार, इन राज्यों का इस अवधि में वर्ष दर वर्ष आधार पर 15.71 प्रतिशत की विकास दर के साथ कुल डायरेक्ट सैलिंग कारोबार 2172 करोड़ रूपये रहा जो उत्तरी क्षेत्र के कुल 6,600 करोड़ रुपये के कारोबार का 33 प्रतिशत तथा 22,142 करोड़ रुपये के कुल राष्ट्रीय कारोबार का 9.8 प्रतिशत है। साथ ही डायरेक्ट सैलिंग क्षेत्र ने इन राज्यों के पांच लाख से ज्यादा लोगों को स्वरोजगार और वैक्ल्पिक आय के अवसर भी प्रदान किये हैं और इस संख्या में वर्ष दर वर्ष आधार पर 31.23 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आई है कि हरियाणा 1041 करोड़ रूपये के कारोबार के साथ पश्विमोत्तर में लगातार प्रथम, उत्तरी क्षेत्र में दूसरा तथा राष्ट्रीय स्तर पर सातवां सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। राज्य की 1.6 लाख से अधिक डायरेक्ट सैलर की कड़ी मेहनत की बदौलत उत्तर क्षेत्र में इसकी 15.7 प्रतिशत और राष्ट्रीय स्तर पर 4.7 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी है। अन्य चार राज्यों ने इस अवधि में 1,131 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया जिसमें पंजाब का 686 करोड़ रुपये, जम्मू-कश्मीर 244 करोड़ रुपये, चंडीगढ़ 112 करोड़ रुपये और हिमाचल प्रदेश का 89 करोड़ रुपये का योगदान है।

इस कड़ी मे जम्मू-कश्मीर में बिक्री में 234 प्रतिशत तथा विक्रेताओं की संख्या में 173 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में बिक्री और प्रत्यक्ष विक्रेताओं में वृद्धि क्रमश: 117 प्रतिशत और 150 प्रतिशत तथा चंडीगढ़ में 111 प्रतिशत और 25 प्रतिशत तथा पंजाब आठ प्रतिशत और 14 प्रतिशत रही। डायरेक्ट सैलिंग उद्योग ने इन राज्यों के खजाने में सालाना 350 करोड़ रुपये से अधिक का भी योगदान रहा जो सामाजिक-आर्थिक विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होने की पुष्टि करता है। इस अवसर पर सम्बोधन में नागर ने स्वरोजगार सृजन, उद्यमिता और कौशल विकास, आर्थिक समावेश, महिला एवं युवा सशक्तिकरण और उपभोक्ता संरक्षण को लेकर राज्य सरकार के प्रयासो में डायरेक्ट सैलिंग उद्योग के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण (डायरेक्ट सैलिंग) नियम-2021 के तहत राज्य सरकार ने राज्य में डायरेक्ट सैलिंग कम्पनियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों की सुनवाई हेतु ‘हरियाणा डायरेक्ट सैलिंग मॉनिटरिंग अथॉरिटी‘ का गठन कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस उद्योग को विधि सम्मत कारोबार करने का माहौल प्रदान करने के साथ उपभोक्ताओं के हितों एवं अधिकारों का संरक्षण हेतु प्रतिबद्ध है।
आईडीएसए के अध्यक्ष विवेक कटोच ने देश में डायरेक्ट सैलिंग के परिदृश्य और इसके सतत विकास एवं विस्तार पर प्रकाश डाला और कहा कि आंकड़े इस तथ्य की पुष्टि करते हैं के पश्चिमोत्तर क्षेत्र डायरेक्ट सैलिंग उद्योग के लिये एक महत्वपूर्ण बाजार है। उन्होंने पंजाब सरकार से भी उपभोक्ता संरक्षण (डायरेक्ट सैलिंग) नियम-2021 के तहत राज्य में ‘निगरानी समिति‘ अविलम्ब गठित करने का अनुरोध किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आईडीएसए की सदस्य कम्पनियां उपभोक्ताओँ के साथ प्रत्यक्ष विक्रेताओं के हितों के संरक्षण हेतु भी प्रतिबद्ध हैं।

कार्यक्षेत्र में मानव संसाधन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण

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पीएचडीसीसीआई ने किया एच कॉन्क्लेव व एचआर एक्सीलेंस रिकॉग्निशन का आयोजन

दस मानव संसाधन टीमों को किया सम्मानित

चंडीगढ़। पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित किए गए पांचवें एचआर कॉन्क्लेव और एचआर एक्सीलेंस रिकॉग्निशन के दौरान उत्तर भारत से आए मानव संसाधन प्रोफेशनल्स ने कहा कि किसी भी समूह अथवा कार्यालय में एचआर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पीएचडीसीसीआई हरियाणा राज्य चैप्टर के सह-अध्यक्ष लोकेश जैन ने उदघाटन सत्र में मानव संसाधन प्रबंधन में कर्मचारी अनुभव को प्राथमिकता देने के महत्व पर जोर दिया। गुड पीपल रिलेशंस के संस्थापक डॉ.जीपी राव ने संगठनात्मक जरूरतों को पूरा करने में एचआर की उभरती भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने एचआर को चुस्त, दूरदर्शी और कर्मचारी विकास और संगठनात्मक सफलता को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया। एचआर कॉन्क्लेव 2025 के अध्यक्ष एवं सिंपली ग्रुप के मैनेजिंग पार्टनर रजनीश सिंह ने वर्तमान परिदृश्य में बदलते पहलुओं के अनुकूल होने में एचआर पेशेवरों के सामने आने वाली चुनौतियों और अवसरों पर जोर दिया। फ्यूचर रेडी वर्कफोर्स पर एक सत्र का संचालन तनुश्री गुप्ता, एचआर कंसल्टेंट ने किया और आने वाले समय में आवश्यक नए कौशल पर विचार-विमर्श किया और अन्य वक्ताओं जैसे अमृता सिंह हेड एचआर, डेंसो टेन यूनो मिंडा,जेपी सिंह, वीपी और ग्रुप हेड एचआर, ग्रोज इंजीनियरिंग टूल्स प्राइवेट लिमिटेड, आकाश ठाकुर,उपाध्यक्ष और हेड कॉर्पोरेट एचआर, वर्धमान टेक्सटाइल्स ने अपने विचार साझा किए।

डॉ.जीपी राव ने भी इप्शिता काजला द्वारा संचालित एक फायर साइड चैट में विविधता समानता और समावेश पर अपने विचार साझा किए। एचआर पेशेवरों के लिए कर्मचारी कल्याण सबसे महत्वपूर्ण विषय सिमर दीप कौर, सीएचआरओ, मैक्स इंडिया और अंतरा सीनियर लिविंग, निधिश्याम, प्रमुख एचआर, प्रेमास लाइफ साइंसेज, देबजानी दासगुप्ता, प्रमुख एचआर, महले आनंद फिल्टर सिस्टम, अनुपम बिस्वाल, संस्थापक, द लास्ट माइल केयर वक्ताओं के रूप में शामिल हुए। एचआर उत्कृष्टता मान्यता पुरस्कार समारोह के दौरान निर्णायक मंडल ने विभिन्न श्रेणियों में सर्वोत्तम प्रथाओं के लिए 10 मानव संसाधन टीमों को सम्मानित किया। उल्लेखनीय विजेताओं में क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड को वर्ष 2024 की मानव संसाधन टीम नामित किया गया। विभिन्न श्रेणियों में अन्य विजेता कंपनियों में ग्रेस्टार सर्विसेज इंडिया लिमिटेड, महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड, स्वराज डिवीजन, नैनोटेक केमिकल ब्रदर्स प्राइवेट लिमिटेड, पारिजात इंडस्ट्रीज, टैलेंट ग्रो ग्लोबल, वीनस रेमेडीज लिमिटेड शामिल थीं। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए पीएचडीसीसीआई के डीएसजी नवीन सेठ ने इस बात पर जोर दिया कि मानव संसाधन किसी भी संगठन की रीढ़ है।