मेयर सौरभ जोशी होंगे मुख्य अतिथि,
सोया, मिलेट्स, वीगन फूड और माइक्रोग्रीन्स के स्टॉल्स के जरिए दिखेगी पौष्टिक भोजन की विविधता
चंडीगढ़ । स्वस्थ खान-पान, संतुलित पोषण और प्रोटीन के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से इंडो सोया फूड एसोसिएशन सेक्टर 42 स्थित चंडीगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी के सहयोग से 3 अक्टूबर को होटल बेकन्स, सेक्टर-42, चंडीगढ़ में ‘सोया फेस्ट 2026’ का आयोजन करेगा। चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। यह आयोजन स्वस्थ भोजन, उद्यमिता और सामुदायिक भागीदारी को एक मंच पर लाने का प्रयास है। योजना को चंडीगढ़ मैनेजमेंट एसोसिएशन और चंडीगढ़ डिस्टेंस रनर्स का भी समर्थन प्राप्त है। ‘राइट टू प्रोटीन’ की भावना के अनुरूप आयोजित किए जा रहे इस फेस्ट का मुख्य उद्देश्य लोगों को दैनिक आहार में प्रोटीन की भूमिका समझाना और उन्हें पौष्टिक भोजन के विभिन्न विकल्पों से परिचित कराना है। आयोजन में सोया आधारित खाद्य पदार्थों के साथ मिलेट्स, वीगन फूड और माइक्रोग्रीन्स जैसे खाद्य विकल्पों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। विभिन्न स्टॉल्स के माध्यम से लोगों को इन खाद्य पदार्थों की विविधता, उनके उपयोग और इन्हें रोजमर्रा के भोजन में शामिल करने के तरीकों के बारे में जानकारी मिलेगी। इंडो सोया फूड एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव शर्मा और सलाहकार निशिथ पटेल ने प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि सोया फेस्ट का उद्देश्य केवल खाद्य उत्पादों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि लोगों को पोषण के प्रति जागरूक बनाना और स्वस्थ भोजन को उनकी जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना है। आज की व्यस्त जीवनशैली में खान-पान की आदतों में बदलाव आ रहा है। ऐसे में संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों के महत्व को समझना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। सोया की एक खासियत यह है कि इसे कई अलग-अलग रूपों में भोजन में शामिल किया जा सकता है। सोया चंक्स, सोया ग्रेन्यूल्स, टोफू, सोया मिल्क और अन्य सोया आधारित उत्पादों के माध्यम से इसे पारंपरिक भारतीय व्यंजनों से लेकर आधुनिक फूड रेसिपीज तक में इस्तेमाल किया जा सकता है। स्वस्थ भोजन के विविध विकल्पों पर रहेगा फोकस सोया फेस्ट में सोया के साथ मिलेट्स, वीगन फूड और माइक्रोग्रीन्स पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मिलेट्स यानी मोटे अनाज भारतीय खान-पान की परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। बाजरा, ज्वार और रागी जैसे अनाज फाइबर एवं अन्य पोषक तत्वों के स्रोत हैं और इन्हें विभिन्न व्यंजनों के रूप में आहार में शामिल किया जा सकता है। दूसरी ओर, वीगन फूड पौध-आधारित खाद्य विकल्पों को बढ़ावा देता है, जबकि माइक्रोग्रीन्स अपने विविध उपयोग और पोषण संबंधी विशेषताओं के कारण खाद्य क्षेत्र में लोकप्रिय हो रहे हैं। इन खाद्य विकल्पों को एक मंच पर प्रस्तुत करने का उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि स्वस्थ भोजन का मतलब स्वाद या विविधता से समझौता करना नहीं है। कार्यक्रम में पोषण, खाद्य सुरक्षा, हॉस्पिटैलिटी और सामाजिक विकास के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। इनमें डाइटीशियन डॉ. अनुरीत लूथरा, पीजीआई के न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. पूनम खन्ना, चंडीगढ़ प्रशासन डेजिग्नेटेड ऑफिसर, फूड सेफ्टी, सुखविंदर सिंह, चंडीगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी के प्रिंसिपल विशाल कालिया तथा नगर निगम चंडीगढ़ में सोशल डेवलपमेंट ऑफिसर डॉ. विवेक त्रिवेदी शामिल हैं।इस अवसर पर संबंधित क्षेत्रों में जागरूकता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष पहल के तहत डिलीवरेबल्स भी प्रदान किए जाएंगे।

