
चंडीगढ़। इस प्रतिष्ठित आयोजन में, स्कूल के संस्थापकों और निदेशकों, डॉ. अर्नेस्ट चार्ल्स जे. सैमुअल एवं डॉ. एनी चार्ल्स सैमुअल की दूरदर्शी नेतृत्व और प्रिंसिपल डॉ. प्रवीणा जॉन सिंह की मार्गदर्शन में, यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह वार्षिक संगीत समारोह हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन एवं गीत/ग़ज़ल प्रतियोगिता के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें ट्राइसिटी क्षेत्र और आसपास के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस समारोह में दो श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा हुई: क क्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत और कक्षा 9 एवं 10 के छात्रों के लिए गीत/ग़ज़ल। छात्रों ने अपने अद्भुत संगीत कौशल का प्रदर्शन करते हुए, शास्त्रीय रागों पर आधारित भावपूर्ण प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी गायकी ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और संगीत की गहराई को पुनः जीवंत कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत एक हर्षोल्लासपूर्ण स्वागत के साथ हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने संगीत प्रदर्शन से समां बांध दिया। प्रतियोगिता के विजेताओं के साथ-साथ, स्कूल की पारंपरिक गैर-प्रतियोगी प्रस्तुति में भी छात्रों ने अपनी संगीत प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल में अनुभवी संगीत शिक्षक श्री वरिंदर कुमार चोपड़ा, मनोरंजन क्षेत्र के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और संगीतकार श्री मुकेश सिंह, एवं गायक, गीतकार एवं संगीतकार श्री साहिब सतबीर ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति की प्रशंसा की और उन्हें संगीत के प्रति उत्साह और समर्पण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की उत्कृष्टता और जुनून की सराहना करते हुए, युवा कलाकारों को भारतीय शास्त्रीय एवं साहित्यिक संगीत को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। विजेताओं को सम्मानित करते हुए, संस्थापकों एवं निदेशकों ने कहा कि ‘स्वर उद्गम’ पिछले 25 वर्षों से एक सम्मानित मंच के रूप में उभरा है, जो नई पीढ़ी की संगीत प्रतिभाओं को निखारने और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को मंच पर प्रदर्शन का अनमोल अनुभव प्रदान करते हैं, आत्मविश्वास का विकास करते हैं और उन्हें उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करते हैं। प्रिंसिपल डॉ. प्रवीणा जॉन सिंह ने सर्वांगीण शिक्षा के प्रति स्कूल की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि माउंट कार्मल स्कूल ऐसे अवसर तप्रदान करता रहेगा, जो न केवल शैक्षणिक बल्कि रचनात्मक, सांस्कृतिक और कलात्मक विकास को भी प्रोत्साहित करें। कार्यक्रम का समापन विनम्र धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसने इस सांस्कृतिक आयोजन को सार्थकता प्रदान की।


