295 दिनों की राष्ट्रव्यापी यात्रा, ज्ञान, भक्ति और सेवा का संदेश लेकर बढ़ रही आगे
चंडीगढ़ । चिन्मय आंदोलन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में निकाली जा रही 295 दिवसीय चिन्मय अमृत यात्रा 18 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ सेक्टर 10 स्थित चिन्मय मिशन सेंटर पहुंचेगी। यह यात्रा पूज्य स्वामी चिन्मयानंद जी के जीवन और संदेश ज्ञान, भक्ति और सेवा को लेकर देशभर में आगे बढ़ रही है। यात्रा का चंडीगढ़ सेंटर में सुबह स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद यह उसी दोपहर सिद्धबाड़ी (धर्मशाला) के लिए रवाना होगी। चिन्मय अमृत यात्रा चिन्मय आंदोलन के 75वें वर्ष के अवसर पर आयोजित की जा रही है। चिन्मय आंदोलन की शुरुआत 31 दिसंबर 1951 को पुणे में पूज्य स्वामी चिन्मयानंद जी के पहले आध्यात्मिक प्रवचन से हुई थी। पुणे से शुरू हुई यह यात्रा भारत के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजर रही है और 22 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में इसका समापन होगा। चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कल्पना घई, सचिव, चिन्मय मिशन चंडीगढ़ ने बताया कि चंडीगढ़ में यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और शहरवासियों को पूज्य स्वामी चिन्मयानंद जी की आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इस दौरान उनकी पादुकाएं और विग्रह दर्शन के लिए रखे जाएंगे। साथ ही, उनके जीवन, शिक्षाओं और समाज के लिए योगदान को दर्शाने वाली एक विशेष चल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। स्वामी मित्रानंद इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे और आज के समय में स्वामी चिन्मयानंद जी की शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा करेंगे। चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी मुख्य अतिथि के रूप में अमृत यात्रा का स्वागत करेंगे। इस अवसर पर चिन्मय मिशन चंडीगढ़ के सदस्य भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में पादुका पूजन, अमृत यात्रियों और अतिथियों के लिए नाश्ता, स्वामी मित्रानंद जी द्वारा सेंटर का भ्रमण और चिन्मय प्रदर्शनी का अवलोकन शामिल है। इसके बाद स्वामी मित्रानंद जी का संबोधन होगा, जिसके पश्चात संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र, भजन और प्रसाद वितरण होगा। कल्पना घई ने कहा कि अमृत यात्रा केवल देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाली यात्रा नहीं है, बल्कि यह स्वामी चिन्मयानंद जी के आध्यात्मिक रूप से जागरूक और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े भारत के विजन को आगे बढ़ाने का प्रयास है।

