दुबई ऑफिस और क्रिप्टो निवेश का दिखाया सपना, रकम डूबने पर पीड़ितों ने उठाए गंभीर सवाल
पीड़ित राजेंद्र धीमान पिंजौर पंचकूला, सुखविंद्र कौर, मनजीत कौर किरतपुर साहिब, जसविंद्र कौर करणपुर आए सामने
चंडीगढ़ । क्रिप्टो करेंसी कंपनी लक्ज़ूरियस प्रो नेटवर्क टोकन (एलपीएन टोकन) के नाम पर चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ितों राजेंद्र धीमान पिंजौर पंचकूला, सुखविंद्र कौर, श्रीमती मनजीत कौर किरतपुर साहिब, जसविंद्र कौर करणपुर का आरोप है कि नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए कम समय में निवेश की रकम दोगुनी करने और महंगी गाड़ियों समेत कई तरह के फायदे देने का लालच देकर लोगों को निवेश के लिए तैयार किया गया। रकम निवेश करने के बाद जब लोगों ने अपना पैसा वापस मांगना शुरू किया तो कथित तौर पर कंपनी की वेबसाइट और नेटवर्क से जुड़े कई लोगों का संपर्क टूट गया। इस प्रकरण में कृष्णा राणा, गुरप्रीत अंटील, हनी सैनी और राजेश नैने द्वारा उन्हें ठगी का शिकार बनाया गया। इस पूरे सिस्टम का मास्टरमाइंड सतीश मोस्टरा है।
मामले को लेकर राजस्थान और हरियाणा में केस दर्ज होने तथा कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है। वहीं, पंचकूला में भी साइबर ठगी से संबंधित मामला दर्ज किया गया है। मोहाली पुलिस को भी कई शिकायतें दी गई है। चंडीगढ़ में भी कई लोग इसके शिकार हैं। पीड़ितों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), सीबीआई, ईडी और पंचकूला पुलिस को शिकायत दी जा चुकी है।
एक करोड़ से ज्यादा गंवाने का दावा
पिंजौर निवासी राजेंद्र कुमार धीमान भी कथित ठगी के पीड़ितों में शामिल हैं। उन्होंने अपने अधिवक्ता अमित शर्मा और एडवोकेट भुवन खुराना के साथ पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि उनसे निवेश के नाम पर एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम ली गई। राजेंद्र के मुताबिक, उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिचितों को भी कंपनी में निवेश के लिए तैयार किया था। उनके अनुसार हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में रहने वाले करीब 150 लोगों ने 2021-22 के दौरान एलपीएनटी से जुड़े निवेश में पैसा लगाया। राजेंद्र धीमान एवं अन्य ने बताया कि शुरुआत में कंपनी की गतिविधियों, विदेश स्थित कार्यालय और क्रिप्टो करेंसी से जुड़े कारोबार को देखकर उन्हें भरोसा हुआ। उनका आरोप है कि कंपनी से जुड़े लोगों ने निवेशकों को बेहतर रिटर्न के साथ-साथ लग्जरी कारों और महंगी गाड़ियों जैसे आकर्षक ऑफरों का भी लालच दिया।
विदेशी कनेक्शन का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार कंपनी का कार्यालय दुबई में बताया गया था और कंपनी के मालिक के तौर पर सतीश मोस्टरा का नाम सामने आया। राजेंद्र का दावा है कि उन्हें विदेश में निवेश के संबंध में रसीद भी दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये निवेश होने के बाद जब रकम वापस मांगने का सिलसिला शुरू हुआ तो निवेशकों की परेशानी बढ़ती चली गई।
पीड़ितों ने कंपनी से जुड़े सतीश मोस्टरा, राजेश नैने, कृष्णा राणा , गुरप्रीत अंटिल, हनी सैनीऔर वीरेंद्र राणा समेत अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है।
राजस्थान में भी नेटवर्क का खुलासा होने का दावा
पीड़ितों का कहना है कि राजस्थान में भी एलपीएनटी से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था। वहां कार्रवाई के दौरान कई गाड़ियां जब्त किए जाने और कुछ लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है। पंचकूला में भी कथित साइबर ठगी के मामले में कार्रवाई होने की बात कही गई है।
अधिवक्ता अमित शर्मा ने कहा कि पीड़ित लंबे समय से अपनी रकम वापस पाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि शिकायतें देने के बावजूद जांच की गति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई और रिश्तेदारों की रकम कंपनी पर भरोसा करके निवेश की थी। अब वे जांच एजेंसियों से मांग कर रहे हैं कि कथित नेटवर्क की पूरी चेन, बैंक खातों, क्रिप्टो ट्रांजेक्शन और विदेश में भेजी गई रकम की जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

