Tuesday, March 10, 2026
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पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट ने नव वर्ष की पूर्व संध्या पर आयोजित किया अन्न भंडारा

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पंचकूला । समाजसेवा और मानवीय करुणा के संकल्प को साकार करते हुए पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट ने नव वर्ष के स्वागत से पूर्व फेज़-1, औद्योगिक क्षेत्र, पंचकूला में अपना 195वां अन्न भंडारा श्रद्धा और सेवा भाव के साथ आयोजित किया। नव वर्ष के आगमन से पूर्व ट्रस्ट ने यह संदेश दिया कि आने वाला वर्ष सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। अन्न भंडारे के माध्यम से न केवल सैकड़ों जरूरतमंदों को भरपेट भोजन उपलब्ध कराया गया, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, भाईचारे और आपसी सौहार्द का भी संदेश दिया गया। ट्रस्ट के फाउंडर एवं प्रख्यात समाजसेवी अमिताभ रुंगटा ने इस अवसर पर कहा कि अन्न भंडारा केवल भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सेवा, संवेदना और मानवीय मूल्यों को जीवंत रखने का एक माध्यम है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का निरंतर प्रयास है कि समाज के हर वर्ग तक मदद पहुंचे और नव वर्ष के साथ इन सेवा कार्यों को और व्यापक स्तर पर विस्तार दिया जाएगा। इस अवसर पर ट्रस्ट के अन्य सदस्य भी उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर नव वर्ष के शुभारंभ से पूर्व समाजसेवा के कार्यों को और अधिक प्रभावी तथा व्यापक बनाने का संकल्प लिया।

अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस पर 194वां अन्न भंडारा आयोजित

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भंडारों के आयोजन से समाज में एकजुटता बढ़ती है : समाजसेवी अमिताभ रूंगटा

पंचकूला । अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस के अवसर पर पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा इंडस्ट्रियल एरिया, फेज-1, पंचकूला में 194वां अन्न भंडारा आयोजित किया गया। इस सेवा कार्यक्रम का आयोजन ट्रस्ट के फाउंडर एवं समाजसेवी अमिताभ रूंगटा के नेतृत्व में किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अमिताभ रूंगटा ने कहा कि यह दिवस हमें आपसी सहयोग, करुणा और समानता की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भंडारे जैसे सेवा कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं । रूंगटा ने कहा कि भंडारों के आयोजन से समाज में एकजुटता बढ़ती है क्यूंकि इनमें बिना किसी द्वेष की भावना से हर वर्ग के लोगों को भोजन खिलाया जाता है ।
भंडारे में ट्रस्ट के स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सेवा भावना के साथ बड़ी संख्या में उपस्थित श्रमिकों, राहगीरों एवं जरूरतमंदों को भोजन परोसा। अन्न भंडारे के दौरान अनुशासन, स्वच्छता एवं मानवीय संवेदना का विशेष ध्यान रखा गया।
रूंगटा ने आगे बताया कि पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट निरंतर सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में सक्रिय है और भविष्य में भी मानव सेवा के ऐसे कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे।

आईपीसीए और किआ इंडिया ने प्लास्टिक के खिलाफ जंग अभियान के तहत घग्गर नदी के तट पर चलाया स्वच्छता अभियान

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जीरकपुर । भारतीय प्रदूषण नियंत्रण संघ (आईपीसीए) ने किआ इंडिया प्रा. लि. के सहयोग से प्रोजेक्ट डी. आर. ओ. पी. (डिवेलप रिस्पॉन्सिबल आउटलुक टुवर्ड्स प्लास्टिक) के तीसरे चरण में घग्गर नदी के किनारे स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। इस अभियान का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे से फैल रहे प्रदूषण को रोकना और नागरिकों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। इस सफाई अभियान को औपचारिक रूप से मुख्य अतिथि, माननीय विधायक, हलका डेराबस्सी, जीरकपुर कुलजीत सिंह रंधावा ने हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। इस मौके पर सम्मानित अतिथि के रूप में नगर परिषद, जीरकपुर के कार्यकारी अधिकारी परविंदर सिंह, मनोज कुमार सैनिटरी इंस्पेक्टर, सुखविंदर सिंह, कम्युनिटी फैसिलिटेटर, अमनदीप सिंह, ब्लॉक इंचार्ज, हलका डेरा बस्सी, सुमित राणा सरपंच, हलका डेराबस्सी भी मौजूद थे। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हलका विधायक ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने और नदी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए ऐसे स्वच्छता अभियान अत्यंत आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा कि आईपीसीए और किआ इंडिया की यह पहल सराहनीय है। उद्योग, संस्थानों और स्थानीय प्रशासन का सहयोग पर्यावरण संरक्षण में स्थायी और सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने कहा कि समुदाय की निरंतर भागीदारी से ही स्वच्छ और स्वस्थ नदियों का सपना साकार होगा। किआ इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (सेल्स एंड मार्केटिंग) अतुल सूद ने कहा कि कंपनी की सोच में सतत विकास और सामुदायिक पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. के माध्यम से किआ इंडिया प्लास्टिक के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देकर लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने और संगठित कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। सूद ने कहा कि आईपीसीए और स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग यह दर्शाता है कि सार्थक और स्थायी पर्यावरणीय प्रभाव केवल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। घग्गर नदी पर आयोजित स्वच्छता अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने और जमीनी स्तर पर लंबे समय तक पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने की किआ इंडिया की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इस अवसर पर आईपीसीए की उप निदेशक डॉ. राधा गोयल ने बताया कि किआ इंडिया की सीएसआर पहल प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. की शुरुआत 1 जनवरी 2023 को पांच शहरों गुरुग्राम, बेंगलुरु, विजयवाड़ा, विशाखापट्टनम और मुंबई से हुई थी, जो अब चंडीगढ़, पंचकूला और जीरकपुर सहित आठ शहरों तक फैल चुकी है। वर्तमान में इस परियोजना से 1100 से अधिक प्रतिष्ठान जुड़े है और वर्ष 2025 में 7,000 टन प्लास्टिक कचरा संग्रह का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य नागरिकों को प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को ‘ना’ कहने और कचरे के पृथक्करण के लिए प्रेरित करना है, ताकि प्लास्टिक को अधिकृत रीसाइक्लरों तक भेजा जा सके और लैंडफिल व जल स्रोतों के प्रदूषण से बचा जा सके। आईपीसीए ने इस अवसर पर किआ इंडिया को जागरूकता के साथ-साथ आवश्यक बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक सहयोग प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया तथा नगर परिषद जीरकपुर और सभी सहभागी संस्थानों के सहयोग की सराहना की। यह स्वच्छता अभियान न केवल घग्गर नदी को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा, बल्कि शहरवासियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए एकजुट होने का संदेश भी दे गया।

सुनील राणे के मार्गदर्शन में अथर्व यूनिवर्सिटी में पहला 24-घंटे का हैकाथॉन संपन्न

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अमृतसर । अथर्व यूनिवर्सिटी द्वारा पहला 24-घंटे का हैकाथॉन ‘फ्यूचर फ्यूज़न 2025’ सफलतापूर्वक आयोजित अथर्व यूनिवर्सिटी, मुंबई के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा विश्वविद्यालय का पहला 24-घंटे का हैकाथॉन ‘फ्यूचर फ्यूज़न 2025’ सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं कुलपति सुनील राणे के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ और नवाचार-आधारित इंजीनियरिंग शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध हुआ। “स्मार्ट दुनिया के लिए बुद्धिमान इंजीनियरिंग समाधान” विषय पर आधारित इस हैकाथॉन में 200 से अधिक इंजीनियरिंग छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कुल 30 से अधिक अंतःविषय टीमों का गठन किया गया, जिनमें प्रत्येक टीम में छह सदस्य एवं महिला सहभागिता अनिवार्य रखी गई, जो समावेशी एवं सहयोगात्मक शिक्षा के प्रति अथर्व यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रतिभागियों ने 24 घंटों तक लगातार कार्य करते हुए 30 से अधिक वास्तविक जीवन की समस्याओं के लिए नवोन्मेषी समाधान विकसित किए। ये समाधान IoT एवं स्मार्ट सिस्टम्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, ड्रोन एवं रोबोटिक्स, ब्लॉकचेन तथा साइबर सिक्योरिटी जैसे उच्च प्रभाव वाले क्षेत्रों पर आधारित थे। फ्यूचर फ्यूज़न 2025 ने यह सिद्ध किया कि अथर्व यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग शिक्षा को पारंपरिक सैद्धांतिक ढांचे से आगे ले जाकर नवाचार, अनुभवात्मक शिक्षण और उद्यमशीलता पर आधारित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस आयोजन ने विद्यार्थियों में उद्योग-उपयोगी कौशल, टीमवर्क, रचनात्मक सोच और भविष्य-उन्मुख दृष्टिकोण को प्रभावी रूप से विकसित किया। इस हैकाथॉन को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया और विद्यार्थियों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि अथर्व यूनिवर्सिटी, मुंबई भविष्य के तकनीकी नेतृत्वकर्ता तैयार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

शैल्बी हॉस्पिटल मोहाली में मदर एंड चाइल्ड विभाग की शुरुआत

मोहाली । मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शैल्बी हॉस्पिटल मोहाली ने अपने समर्पित मदर एंड चाइल्ड डिपार्टमेंट की शुरुआत की है। यह विभाग गर्भावस्था से लेकर प्रसव, नवजात शिशु, शिशु एवं बाल स्वास्थ्य तक की संपूर्ण देखभाल एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इस पहल का मुख्य फोकस जन-जागरूकता, समय पर पहचान और रोकथाम आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से माताओं और बच्चों से जुड़े जोखिमों को कम करना है। इस विभाग का उद्घाटन श्री हरबक्स सिंह ढिल्लों, आईजी ऑप्स वेस्टर्न कमांड, बीएसएफ द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. मीनू शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, कम्युनिटी मेडिसिन, जीएमसीएच-32, चंडीगढ़ विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए एकीकृत और सामुदायिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

नव-स्थापित मदर एंड चाइल्ड डिपार्टमेंट में ऑब्स्टेट्रिक्स, गायनेकोलॉजी, नियोनेटोलॉजी और पीडियाट्रिक्स को एकीकृत किया गया है, जिससे उपचार में निरंतरता और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप संभव हो पाता है। यह मॉडल विशेष रूप से हाई-रिस्क गर्भावस्थाओं, सुरक्षित प्रसव और नवजात व बच्चों की उन्नत चिकित्सा देखभाल में अहम भूमिका निभाता है। बाल स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. अमित नागपाल, सीनियर कंसल्टेंट, पीडियाट्रिक्स एवं नियोनेटोलॉजी ने कहा कि नवजात और बच्चों के लिए समय पर उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होना उनके जीवन और भविष्य के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। नजदीक उपलब्ध ऐसी सुविधाएं कई बार जीवन रक्षक साबित होती हैं। विभाग में लेवल-III एनआईसीयू और पीडियाट्रिक आईसीयू की सुविधा उपलब्ध है, जो समय से पहले जन्मे बच्चों, सांस संबंधी समस्याओं, संक्रमण और अन्य आपात स्थितियों की देखभाल के लिए सुसज्जित है। मातृत्व देखभाल की अहमियत को रेखांकित करते हुए डॉ. कर्नल अरविंदर कौर हीर (सेवानिवृत्त), कंसल्टेंट, गायनेकोलॉजी एवं ऑब्स्टेट्रिक्स ने कहा कि सुरक्षित मातृत्व की शुरुआत प्रसव से बहुत पहले होती है। नियमित एंटिनेटल जांच, जोखिम की समय पर पहचान, सही पोषण और उचित मार्गदर्शन मां और शिशु दोनों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि गर्भावस्था के दौरान चेतावनी संकेतों के प्रति जागरूकता और संस्थागत प्रसव जटिलताओं को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

छोटे शहरों के छात्रों के लिए करियर मार्गदर्शन की कमी बनी चुनौती, नई पहलें दे रहीं दिशा

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चंडीगढ़। देश के छोटे शहरों में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले बड़ी संख्या में छात्र आज भी करियर को लेकर असमंजस में हैं। डिग्री पूरी करने के बाद भी उन्हें यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि आगे किस दिशा में बढ़ें। करियर से जुड़े विकल्पों की जानकारी का अभाव, मेंटरशिप की कमी और आर्थिक सीमाएं इस समस्या को और गहरा कर रही हैं। खासतौर पर असंगठित और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के सामने यह चुनौती ज्यादा बड़ी है। इसी को देखते हुए टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों में अब व्यवस्थित करियर गाइडेंस और स्किल डेवलपमेंट की मांग तेजी से बढ़ रही है। कई संस्थाएं ऐसे कार्यक्रम शुरू कर रही हैं, जिनमें करियर काउंसलिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कौशल आधारित प्रशिक्षण को एक साथ जोड़ा जा रहा है। इनका उद्देश्य पढ़ाई और रोजगार के बीच की दूरी को कम करना है, ताकि छात्र अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार सही करियर चुन सकें। छोटे शहरों में शुरू की गई स्कॉलरशिप योजनाएं भी छात्रों के लिए राहत बनकर सामने आ रही हैं। इन योजनाओं से आर्थिक दबाव कम हो रहा है और मेधावी छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिल पा रहा है। पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में सरकारी संस्थाओं के सहयोग से चल रही पहलें असंगठित क्षेत्र से जुड़े छात्रों को संगठित और स्थायी करियर की ओर ले जाने में मदद कर रही हैं। क्रैक एकेडमी के फाउंडर और सीईओ नीरज कंसल का कहना है कि छोटे शहरों के छात्रों में काबिलियत और आगे बढ़ने की इच्छा होती है, लेकिन सही दिशा और जानकारी की कमी रहती है। उनका कहना है कि अगर काउंसलिंग, स्किल डेवलपमेंट और आर्थिक सहयोग समय पर मिले, तो ये छात्र आत्मविश्वास के साथ बेहतर करियर बना सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, आर्थिक सहायता के साथ-साथ नियमित वर्कशॉप, मेंटरशिप सेशन और आसान लर्निंग मॉडल पहली पीढ़ी के छात्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं। इससे उन्हें नए करियर विकल्पों और बदलती इंडस्ट्री की जरूरतों को समझने का मौका मिल रहा है। जैसे-जैसे ऐसी पहलें आगे बढ़ रही हैं, छोटे शहरों के छात्रों के लिए करियर की तस्वीर साफ होती जा रही है। माना जा रहा है कि ये प्रयास न सिर्फ छात्रों का भ्रम दूर करेंगे, बल्कि उन्हें अपने सपनों को हकीकत में बदलने का रास्ता भी दिखाएंगे।

डाबर च्यवनप्राश से अपनी इम्युनिटी बढ़ाए और आनन्द उठाएं सर्दियों का

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पंचकूला /ट्राइसिटी । सर्दी का मौसम किसे अच्छा नहीं लगता लेकिन जब इस सर्दी में खांसी, जुकाम एवं श्वांस संबंधी बीमारियाँ हो जायें तो सर्दी का मजा फीका पड़ जाता है। आमतौर पर ये बीमारियाँ तापमान में होने वाले बड़े बदलाव एवं बदलते मौसम में किसी भी व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के कम हो जाने के कारण होती हैं। ऐसे में हजारों वर्षों से प्रसिद्ध, लाखों-करोड़ों लोगों द्वारा सफलतापूर्वक आजमाया हुआ आयुर्वेदिक उत्पाद च्यवनप्रास काफी राहत देता है। डाबर च्यवनप्राश का सेवन न केवल हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर हमें इस सीजन में प्रायः होने वाली खांसी, जुकाम जैसी बीमारियों से बचाता है बल्कि हमारे शरीर के अनेक अंगों की क्रियाओं को अच्छा करता हुआ शरीर को बलशाली भी बनाता है। डाबर का प्रमुख हेल्थकेयर ब्रांड डाबर च्यवनप्राश ने आज देश भर में स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित बच्चों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक मेगा जागरूकता पहल की शुरूआत की घोषणा की। इस पहल के तहत, प्रमुख डॉक्टर के साथ मिलकर डाबर च्यवनप्राश ने परिवर्तनशील मौसम, सामान्य बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने के लिए एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली बनाने की आवश्यकता पर बच्चों को शिक्षित करने के लिए प्रतिरक्षा सत्र आयोजित किया। इस अभियान को चंडीगढ़ में ताऊ देवी लाल स्टेडियम के 250 से अधिक बच्चों के लिए आयोजित एक विशेष सत्र के साथ शुरू किया गया। इस सत्र का उद्देश्य सर्दियों में बीमारी से लड़ने के लिए बच्चों के बीच जागरूकता पैदा करना था। बच्चों को बुनियादी स्वच्छता और पौष्टिक आहार के माध्यम से अपनी प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के तरीकों में भी शिक्षित किया गया।इस अवसर पर बोलते हुए, ब्यास आनंद, सीएसआर और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के प्रमुख डाबर इंडिया लिमिटेड, ने कहा कि डाबर च्यवनप्राश 100 से अधिक वर्षों से हर भारतीय को सबसे मजबूत प्रतिरक्षा प्राप्त करने में मदद के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल इस प्रतिबद्धता की दिशा में एक छलांग है। हम शीत लहर के बारे में चिंतित हैं जो हर साल कई जान ले लेती है। इस पहल के माध्यम से, हम इन बच्चों को च्यवनप्राश प्रदान करने के अलावा प्रतिरक्षा के महत्व को उजागर करके वंचित बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास करेंगे। रेणु माथुर ने कहा कि मौसम परिवर्तन के चक्रों के दौरान अचानक तापमान परिवर्तन होता है, जो खांसी, ठंड और फ्लू जैसे संक्रमण और बीमारियों का कारण है। सर्दी और खांसी, श्वसन समस्याओं, अल्प प्रतिरक्षा जैसी बीमारियों से लड़ने का एक प्रभावी तरीका प्रतिरक्षा में वृद्धि है। डाबर च्यवनप्राश हमारी अंदरूनी प्रतिरक्षा आवश्यकताओं को बढ़ाने का एक प्रभावी समाधान है। इस अभियान के तहत, डाबर च्यवनप्राश भारत के 21 शहरों आगरा, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, उदयपुर, जयपुर, भुवनेश्वर, कोलकाता, सिलीगुड़ी, पटना, इंदौर, भोपाल, रायपुर, पुणे, औरंगाबाद, हैदराबाद, मैसूर , मुंबई, नागपुर, ग्वालियर और चंडीगढ़ के अग्रणी गैर सरकारी संगठनों के साथ हाथ मिला चुके हैं।च्यवनप्राश लगभग 3000 वर्ष पुरानी प्रसिद्ध आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन है, जो प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रयोग किया जाता है और खांसी और सर्दी जैसे दैनिक संक्रमण के खिलाफ प्रतिरोध प्रदान करता है। डाबर च्यवनप्राश का मुख्य घटक अमला है जो प्रतिरक्षा वर्धक गुणों के लिए जाना जाता है। गुडुची, पिपाली, शतावरी, विदरिकंद, हरितकी, कंटकारी, ककादाशीनी, भुम्यामाकी, वसाका, पुष्करमुल, प्रिशिपिपर्नी, शालपर्नी आदि जैसे अन्य तत्व सामान्य संक्रमण और श्वसन तंत्र की एलर्जी को कम करने में मदद करते हैं। डाबर च्यवनप्राश इन जड़ी बूटियों और अवयवों का सही मिश्रण है जो सर्दियों के मौसम में बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रतिरोधक शक्ति प्रदान करता है।

भाजपा चंडीगढ़ द्वारा राम दरबार में दो दिवसीय जनकल्याणकारी योजनाओं का पांचवां कैंप सफलतापूर्वक संपन्न

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चंडीगढ़ । भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ प्रदेश द्वारा प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा के नेतृत्व में जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राम दरबार फेस–2, चोपड़ा मार्केट में दो दिवसीय जनकल्याणकारी योजनाओं का पांचवां कैंप सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कैंप का उद्देश्य केंद्र एवं प्रशासन की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक सरल, पारदर्शी और त्वरित रूप से पहुंचाना रहा।
कैंप का आयोजन जिला अध्यक्ष रविंद्र मलिक के मार्गदर्शन में जिला टीम के सभी पदाधिकारियों, संबंधित मंडल अध्यक्ष तथा मंडल टीम के सहयोग से किया गया। स्थानीय कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और सुनियोजित प्रबंधन के कारण कैंप में बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम की इंचार्ज सोनिया दुग्गल ने पूरे आयोजन में समन्वय, व्यवस्थापन और सेवाओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए मुख्य भूमिका निभाई।
भाजपा आई.टी टीम के प्रदेश संयोजक शिविंदर मल्होत्रा की टीम, मण्डल अध्यक्ष चंदन बैरवा, मण्डल महामंत्री लवकेश कुमार व विकास शिरस्वाल, मण्डल उपाध्यक्ष लेखराज शर्मा,सुनील कुमार व अरुणा देवी, मण्डल कोषाध्यक्ष दीपक गुप्ता, मण्डल मीडिया प्रमुख हिमांशु महावर, मण्डल सचिव मनीष, निखिल, रगन तथा मण्डल टीम ने सफल आयोजन पर मुख्य भूमिका निभाई।
कैंप के दौरान कुल 802 नागरिकों का पंजीकरण किया गया, जिनमें से 650 पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनाए गए। इसके अतिरिक्त 100 नागरिकों के पेंशन से संबंधित आवेदन प्रपत्र मौके पर ही भरवाए गए। नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, ई-श्रम कार्ड तथा आभा कार्ड जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं स्थल पर ही तैयार कर वितरित की गईं, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
यह कैंप समाज के श्रमिक वर्ग, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हुआ। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने प्रत्येक आवेदक को योजनाओं की पात्रता, लाभ और आगे की प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी दी। डिजिटल सेवाओं के माध्यम से दस्तावेजों की त्वरित प्रोसेसिंग ने पारदर्शिता और विश्वास को और मजबूत किया।
भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ प्रदेश का यह प्रयास “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना को साकार करता है। पार्टी भविष्य में भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे जनकल्याणकारी कैंप आयोजित कर पंक्ति में अंतिम खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। नागरिकों से मिले सकारात्मक प्रतिसाद ने यह सिद्ध किया कि जनसेवा आधारित ऐसे आयोजन समाज में वास्तविक बदलाव लाने में प्रभावी भूमिका निभाते हैं।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भारत कुमार, प्राचीन शिव मंदिर के प्रधान विक्की शेरा व चेयरमैन नाथूराम गुप्ता, हिंदू विश्व परिषद् चण्डीगढ़ के प्रवक्ता सुरेश राणा, जिला महामंत्री संदीप महाजन , जिला सह संयोजक कुंदन बैरवा तथा स्थानीय लोगों का विशेष सहयोग रहा।

आइजैक लक्स ने मोहाली में खोला नया क्लिनिक, देशभर में 15वां सेंटर शुरू

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मोहाली । प्रीमियम मेडिकल एस्थेटिक्स और वेलनेस ब्रांड आइजैक लक्स ने सेक्टर 80, मोहाली में अपने नए क्लिनिक की शुरुआत की है। इसके साथ ही यह ब्रांड का देशभर में 15वां सेंटर बन गया है। आइजैक लक्स की संस्थापक और एमडी डॉ. गीतिका मित्तल गुप्ता के लिए यह लॉन्च खास है, क्योंकि यह उनके होम स्टेट पंजाब में ब्रांड का पहला क्लिनिक है। डॉ. गुप्ता प्रसिद्ध उद्योगपति एवं इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड के वाइस चेयरपर्सन एएस मित्तल की पुत्री हैं। करीब 1,800 वर्ग फुट में फैला यह अत्याधुनिक क्लिनिक आधुनिक एस्थेटिक तकनीकों से लैस है। यहां 12 प्रशिक्षित विशेषज्ञों की टीम त्वचा, बाल, एंटी-एजिंग और वेलनेस से जुड़ी विशेष सेवाएं प्रदान करेगी। लॉन्च के बाद डॉ. गीतिका मित्तल गुप्ता ने कहा कि सभी आइजैक लक्स क्लिनिक्स में एक समान मेडिकल मानक और गुणवत्ता बनाए रखना ब्रांड की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा की क्लिनिकल प्रोटोकॉल, तकनीक, ट्रेनिंग और मरीजों के अनुभव, हर स्तर पर एक जैसी मेडिकल और नैतिक व्यवस्था का पालन किया जाता है। विस्तार कभी भी गुणवत्ता से समझौता करके नहीं किया जाता। डॉ. गुप्ता ने बताया कि चंडीगढ़ के बजाय मोहाली को इसलिए चुना गया क्योंकि यहां युवा आबादी तेजी से बढ़ रही है, लोग एडवांस्ड एस्थेटिक ट्रीटमेंट्स के प्रति अधिक जागरूक हैं और ट्राइसिटी व आसपास के क्षेत्रों से पहुंच भी बेहतर है। मोहाली क्लिनिक में आर्टिका जैसी नॉन-इनवेसिव बॉडी कॉन्टूरिंग और फैट रिडक्शन तकनीक तथा क्लारा जैसी एडवांस लेज़र तकनीक उपलब्ध कराई गई है, जो खासतौर पर भारतीय और डार्क स्किन टोन के लिए सुरक्षित और प्रभावी परिणाम देती है। इस अवसर पर सीईओ झरना धर ने कहा कि आइजैक लक्स के लिए सफलता सिर्फ सेंटरों की संख्या नहीं, बल्कि मरीजों के बेहतर परिणाम, लंबे समय तक त्वचा की सेहत और एक भरोसेमंद मेडिकल ब्रांड के रूप में पहचान है।

FirstSteps School Is Organising the Lit Fest till Dec 17 in the School’s Premises

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Chandigarh, Dec 15: Well-known authors of children’s books and renowned storytellers are participating in the ‘Paper Trails Literary Fest- 2025’ organised by FirstSteps School at the school’s Sec 26 premises.The children’s literature writers and storytellers interacted with the media on the side-lines of the lit fest which is on till Dec 17. Those who spoke to reporters included prolific children’s literature writer Asha Nehemiah, Meghaa Gupta whose children’s books have been critically acclaimed, Vidya Mani – who creates children’s books and magazines for publishers and the versatile writer & storyteller Shyam Madhavan Sarada Aka Greystroke.Deeptha Vivekanand a renowned storyteller too was present. The children’s literature experts were joined by Japji Cheema, Chairperson, FirstSteps School, who shared the school’s perspective on the lit fest. The school’s Principal, Jasbir Kaur also interacted with the media. Japji Cheema said, “This Literary fest aims to bring books, authors, and young readers together, turning solitary reading into a shared experience. The festival will see story telling sessions, illustration activity for book covers, book readings and more, by leading children’s literature authors and storytellers.”Principal of the school Jasbir Kaur said,“We are an International Baccalaureate(IB)school. We move beyond rote memorization to deep conceptual understanding and real-world application. The lit fest is an activity in the direction of making children aware about the importance of reading & writing through interactions with real world experts. I am happy to announce from this platform that we are soon coming up with an IB School in Panchkula too.”Asha Nehemiah who has authored a bevy of children’s books like ‘The Rajah’s Moustache’; ‘Granny’s Sari’; ‘Mrs Woolly’s Funny Sweaters’; ‘Thieves and AHA! Adventures’ among many more shared her views about the importance of lit fests focused particularly on children.Meghaa Gupta who is known for her history series on Independent India published by Penguin Random House expressed her joy at being a part of ‘Paper Trails’.Vidya Mani who is an editor and children’s writer, runs a content and design studio called ‘Melting Pot’. She has edited children’s magazines like Chatterbox, Quest, Junior Quest, Hoot and Toot. Vidya spoke about her interactions with children about the importance of literature to build a strong foundation. Shyam Madhavan Sarada Aka Greystroke who is an illustrator, cartoonist, art director, publisher and his book Wailers Three, published by Pratham Books, is a CBSE recommended reader for English for the Kendriya Vidyalaya schools. An established writer & storyteller he said that the lit fest is a great way to popularise the habits of reading and writing among young learners.On Dec 15, Vidya and Greystroke conducted a magazine illustration workshop. There was story telling by Deeptha Vivekanand – a professional storyteller and educator On Dec 16 Kapil Pandey, an international storyteller, will conduct a storytelling session. On Dec 17 Greystroke will do a story-telling workshop and Dec 17 itself Punjabi day will also be observed. Asha Nehemiah and Meghaa Gupta too conducted literary sessions during the festival. Shiraz Saini, a multifaceted and naturally gifted storyteller, too participated in the lit fest.It is noteworthy that school students have participated in poetry and writing activities all month long and have also prepared a showcase to exhibit their enquiry cycle based on literature. What’s more, a Travelling Children’s Bookshop by Funky Rainbow has put up books – especially of the authors, illustrators and storytellers visiting the school for the lit fest.