चंडीगढ़ । विश्व प्रसिद्ध एथलेटिक ब्रांड न्यू बैलेंस, जो अपनी बेहतरीन गुणवत्ता और ‘दौड़ आयोजित करने’ में उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है, ने चंडीगढ़ के सेक्टर 17 मार्केट में अपने नए स्टोर का उद्घाटन किया। इस उद्घाटन के अवसर पर न्यू बैलेंस ने एक जोशीले ‘5 के ‘ कम्युनिटी रन का आयोजन किया, जो चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित सुखना लेक से शुरू होकर सेक्टर 17 स्थित नए स्टोर पर समाप्त हुआ। इस आयोजन में 200 से अधिक उत्साही धावकों ने भाग लिया, जिनमें पहली बार दौड़ने वाले लोग भी थे और अनुभवी धावक भी ,जो सभी फिटनेस और दौड़ने के जुनून से एकजुट थे। यह स्टोर केवल एक रिटेल स्टोर नहीं, बल्कि ब्रांड के असली अनुभव को दर्शाता है, जहां न्यू बैलेंस की प्रतिष्ठित कारीगरी, तकनीकी प्रदर्शन गियर और आधुनिक डिज़ाइन एक साथ मिलते हैं।
न्यू बैलेंस इंडिया के कंट्री मैनेजर रादेश्वर डावर ने इस लॉन्च को लेकर अपनी खुशी जताते हुए कहा कि हमें गर्व है कि हम न्यू बैलेंस को चंडीगढ़ ला रहे हैं । एक ऐसा शहर जो ऊर्जा और फिटनेस के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। यह 5के कम्युनिटी रन केवल एक आयोजन नहीं बल्कि यह हमारे उस दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें हम पूरे भारत में दौड़ने वाले हर व्यक्ति को प्रेरित करना चाहते हैं। पिछले साल में हमने देश में रिटेल मौजूदगी को दोगुना से भी ज्यादा बढ़ाया है और चंडीगढ़ में यह स्टोर उसी रफ्तार का सबूत है। यह सिर्फ स्टोर नही, बल्कि इनोवेशन, प्रदर्शन और शैली को एक ही छत नीचे लाने वाला अनुभव केंद्र है।
न्यू बैलेंस ने जोशीले ‘5 के’ रन के साथ की चंडीगढ़ में अपने पहले स्टोर की शुरुआत
न्यू बैलेंस ने जोशीले ‘5 के’ रन के साथ की चंडीगढ़ में अपने पहले स्टोर की शुरुआत
चंडीगढ़ । विश्व प्रसिद्ध एथलेटिक ब्रांड न्यू बैलेंस, जो अपनी बेहतरीन गुणवत्ता और ‘दौड़ आयोजित करने’ में उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है, ने चंडीगढ़ के सेक्टर 17 मार्केट में अपने नए स्टोर का उद्घाटन किया। इस उद्घाटन के अवसर पर न्यू बैलेंस ने एक जोशीले ‘5 के ‘ कम्युनिटी रन का आयोजन किया, जो चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित सुखना लेक से शुरू होकर सेक्टर 17 स्थित नए स्टोर पर समाप्त हुआ। इस आयोजन में 200 से अधिक उत्साही धावकों ने भाग लिया, जिनमें पहली बार दौड़ने वाले लोग भी थे और अनुभवी धावक भी ,जो सभी फिटनेस और दौड़ने के जुनून से एकजुट थे। यह स्टोर केवल एक रिटेल स्टोर नहीं, बल्कि ब्रांड के असली अनुभव को दर्शाता है, जहां न्यू बैलेंस की प्रतिष्ठित कारीगरी, तकनीकी प्रदर्शन गियर और आधुनिक डिज़ाइन एक साथ मिलते हैं।
न्यू बैलेंस इंडिया के कंट्री मैनेजर रादेश्वर डावर ने इस लॉन्च को लेकर अपनी खुशी जताते हुए कहा कि हमें गर्व है कि हम न्यू बैलेंस को चंडीगढ़ ला रहे हैं । एक ऐसा शहर जो ऊर्जा और फिटनेस के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। यह 5के कम्युनिटी रन केवल एक आयोजन नहीं बल्कि यह हमारे उस दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें हम पूरे भारत में दौड़ने वाले हर व्यक्ति को प्रेरित करना चाहते हैं। पिछले साल में हमने देश में रिटेल मौजूदगी को दोगुना से भी ज्यादा बढ़ाया है और चंडीगढ़ में यह स्टोर उसी रफ्तार का सबूत है। यह सिर्फ स्टोर नही, बल्कि इनोवेशन, प्रदर्शन और शैली को एक ही छत नीचे लाने वाला अनुभव केंद्र है।
टायनॉर ने 15 अत्यधिक प्रभावशाली प्रोफेशनल लीडर्स को किया सम्मानित
मोहाली । टायनॉर ग्रुप मोहाली से कार्यरत मल्टीनेशनल कंपनी ने एक ऐतिहासिक पहल के तहत, अपने हाई इम्पैक्ट लीडरशिप प्रोग्राम के तहत 15 प्रमुख प्रोफेशनल लीडर्स को सम्मानित किया है । ये अपनी तरह की यूनिक पहल है, जिसे इससे पहले पूरे ट्राईसिटी एरिया या पंजाब रीजन में नहीं देखा गया है। ये सम्मान समारोह मोहाली स्थित कंपनी के नए वेंचर आर्टेक टेक्सटाइल्स के परिसर में आयोजित किया गया। इस नए प्लांट का उद्घाटन हाल ही में पंजाब के उद्योग मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने किया था।
प्रत्येक चुने गए लीडर को एक नई कार प्रदान की गई, जो न केवल पुरस्कार बल्कि गहन आर्गेनाइजेशनल विश्वास का प्रतीक है। नई कारों के साथ-साथ, सम्मानित लीडर्स को इम्पलॉयी स्टॉक ओनरशिप प्लान्स , इंटरनेशनल लेजर ट्रैवल और कई अन्य एग्जीक्यूटिव प्रिवलेजेज के साथ कई सारे अन्य लाभ भी मिलेंगे। ये इंसेटिव्स, टायनॉर कि अधिक क्षमतावान लीडर्स में निवेश करने और उन्हें आगे बढ़ाने की सस्टेनेबल रणनीति का हिस्सा हैं।
डॉ. पीजे सिंह, चेयरमैन और एमडी, टायनॉर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि एचआईएल पहल केवल एक सम्मानित करने या कोई रिवॉर्ड देने का माध्यम नहीं है, बल्कि सस्टेनेबल ग्रोथ के लिए एक परिवर्तनकारी इंजन है। उन्होंने कहा कि ये लीडर्स हमारे डीएनए को समझते हैं और टायनॉर की विरासत को मजबूती, समर्पण और इनोवेशन के साथ आगे बढ़ाएंगे। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे, मुझे उम्मीद है कि हमारे और भी लोग एचआईएल प्रोग्राम में शामिल होंगे और भविष्य के लिए तैयार लीडर्स बनकर उभरेंगे।
यह उल्लेखनीय है कि एचआईएल प्रोग्राम एक दूरदर्शी, योग्यता पर आधारित पहल है जिसे टायनॉर के अंदरूनी टेलेंट को प्रोत्साहित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। काग्निटिव और साइकोमेट्रिक टेस्ट्स, लीडरशिप सिमुलेशन और टैलेंट पैनल्स सहित स्ट्रक्चर्ड इवैल्यूएशंस के साथ, टेक्नोलॉजिकल-ऑपरेटेड पीपल कंसल्टिंग कंपनी कोग्नोज़ के साथ साझेदारी में 50 टॉप परफॉर्मर्स को चुना गया, जिनमें से 15 एचआईएल के रूप में सामने आए।
ए.जे. सिंह, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, टायनॉर ने कहा कि टायनॉर में हमारा मानना है कि हमारे लोग सिर्फ़ इम्पलॉयी नहीं हैं,वे टायनॉर की ग्लोबल महत्वाकांक्षा के पीछे प्रेरक शक्ति हैं। हमारा मानना है कि कंपनी की अंदरूनी प्रतिभाओं में निवेश हमारे विकास को गति देने का सबसे शक्तिशाली माध्यम है।
अभयनूर सिंह, डायरेक्टर, स्ट्रेटजी, टायनॉर के अनुसार, एचआईएल प्रोग्राम सिर्फ एक टेलेंट इनीशिएटिव नहीं, बल्कि संपूर्ण बदलाव के लिए एक रणनीतिक माध्यम है। उन्होंने कहा कि हमारे अत्याधिक क्षमता वाले लीडर्स को सशक्त बनाकर, हमारा लक्ष्य निर्णय लेने वालों की अगली जेनरेशन को आकार देना है जो रणनीति को कार्रवाई में और महत्वाकांक्षा को वास्तविकता में बदलेंगे।
पारस बाफना, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, टायनॉर, जो एक कॉलेजियम सदस्य भी हैं, ने कहा कि “एचआईएल प्रोग्राम टैलेंट में एक रणनीतिक निवेश है जिसका उद्देश्य पॉजिटिव बिजनेस परिणाम प्राप्त करना है। लीडर्स को अधिक अधिकार और व्यापक ज़िम्मेदारियां प्रदान करके, उन्हें ऐसी नए प्रयासों और पहलों का नेतृत्व करने के लिए तैयार किया जाता है जो सीधे तौर पर टॉप-लाइन आय ग्रोथ और बॉटम-लाइन कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन, दोनों को प्रभावित करती हैं।
पीएचडीसीसीआई का प्रतिनिधिमंडल मिला एमसीए की सचिव से, चंडीगढ़ में रीजनल डॉयरेक्टर ऑफिस स्थापित करने की मांग को दोहराया
चंडीगढ़। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख रीजनल और रेगुलेटरी मुद्दों को लेकर चंडीगढ़ के कॉर्पोरेट भवन में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पीएचडीसीसीआई के रीजनल (पीसीएच) एनसीएलटी एवं कॉर्पोरेट मामलों की समिति के संयोजक सीएस राहुल जोगी, पीएचडीसीसीआई की क्षेत्रीय निदेशक भारती सूद और एनसीएलटी और कॉर्पोरेट मामलों की समिति की सह-संयोजक सीएस अर्शदीप कौर जज ने किया तथा इसमें कॉर्पोरेट और लीगल बिरादरी के सीनियर प्रोफेशनल्स शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी (आईएएस), कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के महानिदेशक संजय शौरी और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के रीजनल डॉयरेक्टर (नार्थ) विनोद शर्मा से मिलने का अवसर मिला। प्रतिनिधिमंडल ने इन अधिकारियों के समक्ष दो प्रमुख मुद्दे उठाए जिनमें चंडीगढ़ में रीजनल डॉयरेक्टर ऑफिस स्थापित करने का अनुरोध और एमसीए वी3 कार्यान्वयन के दौरान माफी योजना के लिए अनुरोध शामिल थे। एमसीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने पीएचडीसीसीआई की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और आश्वासन दिया कि दोनों मामलों की गंभीरता और सहानुभूतिपूर्वक समीक्षा की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेशों चंडीगढ़, लद्दाख और जम्मू और कश्मीर की कंपनियों, प्रोफेशनल्स और हितधारकों को प्रभावी ढंग से सेवा प्रदान करने के लिए चंडीगढ़ में एक रीजनल डॉयरेक्टर (आरडी) ऑफिस के निर्माण की लंबे समय से चली आ रही मांग को दोहराया। अधिकारियों को बताया गया कि इससे विनियामक प्रतिक्रिया में तेजी आएगी, अनुपालन संबंधी बाधाएं कम होंगी तथा क्षेत्र में कारोबार करने में आसानी होगी। यह ऑफिस कंपनीज एक्ट के तहत आफेंसेज की कंपाउंडिंग, विलय व पुनर्गठन की स्वीकृति तथा न्यायनिर्णयन प्रक्रियाओं जैसे विषयों को देखेगा। इससे प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा और व्यावसायिक संचालन अधिक सुगम होगा। इस मांग को और अधिक बल देते हुए, पीएचडीसीसीआई ने भी इस संबंध में एक औपचारिक प्रस्तुति मंत्रालय को दी थी। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय से उन कंपनियों के लिए माफी योजना पर विचार करने का भी आग्रह किया, जिन्हें नए एमसीए वी3 पोर्टल पर परिवर्तन के दौरान वार्षिक रिटर्न और फॉर्म दाखिल करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को बताया कि कई हितधारकों को वास्तविक तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण समय-सीमाएं चूक गईं और अनपेक्षित रूप से अनुपालन नहीं हुआ। माफी या छूट योजना ऐसी कंपनियों को भारी जुर्माने के बिना अपने दाखिलों को नियमित करने की अनुमति देगी, जिससे स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा और विनियामक और विनियमित के बीच विश्वास का निर्माण होगा। गौरतलब है कि यह बैठक एमसीए के संयुक्त सचिव बालामुरुगन डी. (आईएएस) को 5 मई, 2025 को शास्त्री भवन, नई दिल्ली में प्रस्तुत किए गए ज्ञापन पर आधारित थी, जिसमें भारत के कॉर्पोरेट रेगुलेटरी ईको सिस्टम तंत्र में सुधार के लिए चैंबर की निरंतर प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला गया था।
गाजे-बाजे के साथ शादी के माहौल में हुआ ‘सरबाला जी’ का दमदार ट्रेलर लॉन्च
मोहाली । पंजाबी गीतों की तरह जब कोई कहानी सीधी दिल में उतर जाए, जब उसमें रिश्तों की मिठास हो, अपनेपन की गर्माहट हो और ज़िंदगी की सच्चाई हो, तब वह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक एहसास बन जाती है। ‘सरबाला जी’ भी ऐसी ही कहानी है, जो पंजाब की मिट्टी, उसकी महक और उसके जज़्बातों को बड़े पर्दे पर जिंदा कर देती है। सोमवार को ‘द मोहाली क्लब, विंडहैम’ में फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया गया, जहाँ फिल्म की पूरी टीम मौजूद रही। इस मौके पर गिप्पी ग्रेवाल, एमी विर्क, सरगुन मेहता, निमरत खैरा, गुग्गू गिल, गिरीश कुमार, निर्देशक मंदीप कुमार और निर्माता कुमार तौरानी ने मीडिया से रूबरू होकर फिल्म से जुड़ी बातें साझा कीं।

सरबाला जी 1930 के दौर की पृष्ठभूमि पर बनी एक मज़ेदार फिल्म है, जिसकी कहानी दो चचेरे भाईयों सुचा और गज्जन सिंह तथा गज्जन और पयारो की अनोखी शादी के इर्द-गिर्द घूमती है। एक तरफ शर्मीले गज्जन हैं, जिन्हें शादी का नाम सुनते ही पसीना आ जाता है, तो दूसरी ओर पयारो हैं, जो लड़कों जैसे तेवर और मजबूत इरादों वाली लड़की है। पूरी कहानी तो फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगी, जिसकी दमदार झलक ट्रेलर लॉन्च के कार्यक्रम में भी देखने को मिली, जब गाजे-बाजे और बारात के साथ सभी शादी के रंग में रंगे हुए दिखे। गिप्पी ग्रेवाल ने कहा कि यह फिल्म नहीं, एक अहसास है। इसे निश्चित ही पंजाब के दिल की आवाज़ के रूप में पहचान मिलेगी। टिप्स फिल्म्स लिमिटेड के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन मंदीप कुमार ने किया है और इसे कुमार तौरानी ने प्रस्तुत किया है। फिल्म की कहानी लिखने का श्रेय इंदरजीत मोगा को जाता है।

श्री श्याम करुणा फाउंडेशन ने अपना 172वां भंडारा आयोजित किया
पंचकूला । गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) श्री श्याम करुणा फाउंडेशन ने पंचकूला के औद्योगिक क्षेत्र फेज I में अपना 172वां अन्न भंडारा आयोजित किया। भंडारे का आयोजन पंचकूला के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता और श्री श्याम करुणा फाउंडेशन के संस्थापक अमिताभ रूंगटा के नेतृत्व में किया गया। अमिताभ रूंगटा ने मानसून के दौरान सामाजिक पहल के महत्व के बारे में बोलते हुए बताया कि ‘सनातन धर्म’ में, मानसून या वर्षा ऋतु को ‘इंद्र’ – वर्षा के देवता का उपहार माना जाता है और यह आध्यात्मिक महत्व और मानव कल्याण का समय है। रूंगटा ने कहा, “मानवता के लाभ के लिए इन शुभ दिनों में हमे किसी न किसी सामाजिक रूप से लाभकारी गतिविधि को आयोजित करना चाहिए। रूंगटा ने कहा कि जरूरतमंदों को भोजन कराने के लिए भंडारे का आयोजन करना ईश्वर के प्रति कृतज्ञता दिखाने का एक अच्छा तरीका है, जिसने हमें सामाजिक पहल के माध्यम से दूसरों की मदद करने की क्षमता दी है। मानसून के दौरान ‘भंडारा आयोजित करना भूखे लोगों को भोजन कराने का एक अच्छा तरीका है और यह साथी मनुष्यों के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
श्री श्याम करुणा फाउंडेशन के कई स्वयंसेवकों ने ‘भंडारे ‘ को सफल बनाने में मदद की।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भारत में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘बिग रीड ग्लोबल चैलेंज’ का सातवां संस्करण किया शुरू
चंडीगढ़ । एक हालिया अध्ययन के मुताबिक, भारतीय हर हफ्ते औसतन 10 घंटे 42 मिनट पढ़ने में बिताते हैं। यानी पढ़ने के समय के मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे है। लेकिन इसके बावजूद खासकर स्कूली बच्चों में पढ़ी हुई चीज़ों को समझने और गहराई और इससे जुड़ने की क्षमता में अब भी काफी कमी देखी जा रही है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस इंडिया के प्रबंध निदेशक सुकांत दास ने कहा कि एनसीएफ 2023 ने पढ़ने को एक बुनियादी योग्यता माना है, जो बाकी सभी विषयों की नींव बनती है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस में हमारा मानना है कि पढ़ना न सिर्फ एक ज़रूरी क्षमता है, बल्कि यह बच्चों में जिज्ञासा, सहानुभूति और स्वतंत्र सोच को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने आगे कहा कि ऑक्सफोर्ड बिग रीड चैलेंज न सिर्फ बच्चों की रचनात्मकता का उत्सव है, बल्कि एक जागरूक और विचारशील पीढ़ी को तैयार करने की दिशा में भी अहम कदम है। यह भारत की सबसे बड़ी रीडिंग प्रतियोगिताओं में से एक है, जो बच्चों को किताबों की दुनिया में झांकने, अपने विचारों को खुलकर रखने और अपनी मौलिक सोच के लिए वैश्विक पहचान पाने का अवसर देती है। हमें गर्व है कि इस सातवें संस्करण की मेजबानी भारत कर रहा है। यह पहल यकीनन आने वाले कल के पाठकों और विचारकों को आकार देने में मददगार होगी। स्कूल के बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने और साक्षरता को मजबूती देने के अपने प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने इस साल फिर से ऑक्सफोर्ड बिग रीड ग्लोबल चैलेंज की शुरुआत की है। इस प्रतियोगिता का यह सातवां संस्करण है, और इसके तहत देशभर के स्कूलों को आमंत्रित किया गया है कि वे अपने प्राइमरी, मिडिल और सेकेंडरी स्तर के छात्रों को इस अंतरराष्ट्रीय रीडिंग कॉम्पिटिशन में भाग लेने के लिए प्रेरित करें।
संत प्रवर विज्ञान देव महाराज के चंडीगढ़ आगमन पर विहंगम योग संत-समाज द्वारा स्वागत–अभिनंदन
चंडीगढ़। स्वर्वेद कथा के प्रवर्तक सुपूज्य संत प्रवर विज्ञान देव महाराज शनिवार को सेक्टर-37 स्थित परशुराम भवन पहुंचे। संत प्रवर विज्ञान देव महाराज के चंडीगढ़ आगमन पर विहंगम योग संत-समाज द्वारा प्रेम के साथ भव्य स्वागत–अभिनंदन किया गया। इस मौके पर विहंगम योग संत समाज, ट्राइसिटी के पदाधिकारी सहित समाज के अनुयायी मौजूद रहे जिनमे मुख्य रूप से अजय दूबे शामिल थे। मंच का संचालन जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन के संस्थापक और पर्यावरण सेवक प्रभुनाथ शाही ने किया। इस कार्यक्रम में संत प्रवर विज्ञानदेव महाराज की दिव्य वाणी, दर्शन सानिध्य के साथ उनके कर कमलों से प्रसाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।
परशुराम भवन में सभी व्यक्ति संत प्रवर विज्ञान देव महाराज से आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त कर अभिभूत और कृतज्ञ भाव भावविभोर हुए जा रहे थे। इस दौरान चंडीगढ़ के पूर्व मेयर अरुण सूद, सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी, वैज्ञानिक डॉ. आमोद कुमार व डॉ.गणेश कुमार भी मौजूद थे। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी जिनमे हिंदू पर्व महासभा चंडीगढ़,श्री ब्राह्मण सभा चंडीगढ़,एसएस जैन सभा मोहाली,देवालय पूजक परिषद,गायत्री शक्ति पीठ मोहाली,भारत विकास परिषद,जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन,पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन चंडीगढ़ सहभागी रहे।


वहीं, शनिवार शाम को पिंजौर में भी संत प्रवर विज्ञान देव महाराज की दिव्य वाणी में स्वर्वेद कथामृत की ज्ञानधारा का अविरल प्रवाह हुआ। संत प्रवर विज्ञान देव महाराज ने सभी को वैदिक मंत्रोच्चारण करवा कर विहंगम योग की ध्यान साधना का अभ्यास करवाया। उन्होंने कहा कि दुखियों का दुख कम हो, सबको सुख मिले, सबकी इच्छाएं पूरी हो। यह महायज्ञ इसी भावना के साथ किया जा रहा है। उन्होंने स्वर्वेद कथा में बताया कि हम सब जीवात्माएं हैं। हमारे भीतर इच्छाशक्ति है, ज्ञानशक्ति है, हमारे भीतर प्रयत्नशक्ति है, हम सबके भीतर अनंत शक्ति है। स्वर्वेद के सिद्धांतों के प्रकाश में साधना, सत्संग करते हुए एक सेवक का जीवन ही सफल होता है। विहंगम योग संत समाज ट्राईसिटी के प्रमुख अजय दूबे ने बताया कि संत प्रवर स्वर्वेद के संदेश को लेकर समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव के निमित्त कश्मीर से कन्याकुमारी की यात्रा पर हैं। विहंगम योग संत समाज का 102 वाँ वार्षिकोत्सव 25000 कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ 25 और 26 नवम्बर 2025 को स्वर्वेद महामंदिर धाम, उमरहाँ,वाराणसी के दिव्य और भव्य प्रांगण में संपन्न होगा और संत प्रवर ने सभी को इस कार्यक्रम में सादर आमंत्रित किए। वहीं, इस विशेष अवसर पर जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन और विहंगम योग संस्थान की ओर से नशामुक्त पर्यावरणयुक्त जन जागरण अभियान की शुरुआत भी हुई।


