Tuesday, June 30, 2026
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एक ही छत के नीचे देशभर की साड़ियां और डिजाइनर कलेक्शन: नेशनल सिल्क एक्सपो में करें फेस्टिवल शॉपिंग 50% तक छूट के साथ

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त्योहारी शॉपिंग का संगम: नेशनल सिल्क एक्सपो चंडीगढ़ के हिमाचल भवन में शुरू

चंडीगढ़। करवा चौथ और नवरात्रि की तैयारियों के बीच ट्राईसिटी के लोगों के लिए इस बार खुशियां दोगुनी होने वाली हैं। चंडीगढ़ के हिमाचल भवन, सेक्टर-28बी में नेशनल सिल्क एक्सपो का शुभारंभ हो चुका है। यह छह दिवसीय प्रदर्शनी 24 से 29 सितम्बर तक चलेगी और यहां भारत की विविधता, परंपरा और फैशन का अद्भुत संगम एक ही छत के नीचे देखने को मिलेगा। इस एक्सपो की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां राजस्थान का बंधेज, कोलकाता की तांत, बनारस का सिल्क, कांजीवरम की पारंपरिक बुनाई और अन्य भारतीय कला शैलियां एक साथ मौजूद हैं। प्रदर्शनी में सिल्क और कॉटन साड़ियां, कुर्तियां, फैशन ज्वेलरी, डिजाइनर ड्रेस, होम लिनन और एथनिक ड्रेसेज विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। महिलाएं यहां से करवा चौथ की पारंपरिक साड़ी, नवरात्रि की गरबा ड्रेस या त्योहारों के लिए खास डिजाइनर परिधान खरीद सकती हैं। ग्रामिण हस्तकला विकास समिति के आयोजक जयेश कुमार ने बताया कि आज जब अधिकांश बुनकर बिचौलियों और बाजार की बढ़ती हुई असमानताओं के बीच अपनी कला बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, नेशनल सिल्क एक्सपो उन्हें एक ऐसा मंच देता है जहां वे सीधे ग्राहकों तक पहुंचकर अपने श्रम का सही मूल्य पा सकें।

ग्राहकों के लिए इसका अर्थ है कि उन्हें यहां मौलिक, प्रामाणिक और उच्च गुणवत्ता के उत्पाद सही दामों पर उपलब्ध हो रहे हैं। साथ ही यह भी कि उनकी हर खरीद से किसी बुनकर परिवार की आजीविका को सीधा सहारा मिलता है। नेशनल सिल्क एक्सपो में 250 से अधिक मास्टर वीवर और नामी डिजाइनर हिस्सा ले रहे हैं। यहां आगंतुकों को सीधे बुनकरों से सामान खरीदने का अवसर मिलेगा। इसका फायदा यह है कि ग्राहकों को मौलिक डिजाइन और उच्च गुणवत्ता के साथ-साथ सही दामों पर प्रामाणिक उत्पाद मिल रहे हैं। त्योहारी खरीदारी को और आकर्षक बनाने के लिए आयोजकों ने इस बार 50% तक की विशेष छूट देने की घोषणा की है। बनारसी सिल्क से लेकर बंगाल की तांत और दक्षिण भारत की कांजीवरम साड़ियां यहां बेहद किफायती दामों पर उपलब्ध हैं। यही नहीं, फैशन ज्वेलरी और एथनिक ड्रेस मटीरियल भी ग्राहकों को बड़े डिस्काउंट पर मिल रहे हैं। नेशनल सिल्क एक्सपो सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा का उत्सव है। यह शॉपिंग को एक यादगार अनुभव में बदल देता है, जहां हर कोई अपनी पसंद और बजट के मुताबिक त्योहारों की तैयारियों को खास बना सकता है। करवा चौथ और नवरात्रि के इस शुभ अवसर पर यह एक्सपो चंडीगढ़ वासियों के लिए फैशन और परंपरा का एक अद्भुत संगम साबित हो रहा है। तो देर किस बात की, आइए और इस अनोखी प्रदर्शनी का हिस्सा बनकर त्योहारों की खरीदारी का पूरा आनंद उठाइए। प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से रात 9:00 बजे तक निःशुल्क प्रवेश के साथ खुली रहेगी।

नाइपर मोहाली करेगा शिक्षा महाकुंभ अभियान-2025 के 5वें संस्करण की मेजबानी, 31 अक्टूबर से होगा आयोजन

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चंडीगढ़ । शिक्षा महाकुंभ अभियान-2025 के अंतर्गत पाँचवाँ संस्करण 31 अक्तूबर से 2 नवम्बर 2025 तक नाइपर, मोहाली में आयोजित किया जाएगा। इस बार का विषय होगा – “क्लासरूम टू सोसाइटी: बिल्डिंग अ हेल्थियर वर्ल्ड थ्रू एजुकेशन”। इस सम्मेलन में अकादमिक जगत, शोध, उद्योग और नीति निर्माण से जुड़े अग्रणी व्यक्तित्व एक साथ आएँगे और भारत में शिक्षा के भविष्य को नए दृष्टिकोण से परिभाषित करेंगे। इससे पूर्व शिक्षा महाकुंभ के चार संस्करण क्रमशः एनआईटी जालंधर, एनआईटी कुरुक्षेत्र, एनआईटी श्रीनगर और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। प्रत्येक संस्करण के साथ इसमें अकादमिक जगत, उद्योग और शोधकर्ताओं की भागीदारी लगातार बढ़ती रही है। शोध पत्रों की संख्या और प्रोजेक्ट प्रस्तुतियाँ हर वर्ष निरंतर बढ़ रही हैं। चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, नाइपर मोहाली के डायरेक्टर प्रो. दुलाल पांडा ने कहा कि शिक्षा महाकुंभ अभियान 2025 शिक्षा की सोच को समाज की जरूरतों के साथ जोड़ने वाला एक सशक्त मंच होगा। नाइपर में हमारा दृढ़ विश्वास है कि शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि एक स्वस्थ और अधिक सशक्त दुनिया के निर्माण में योगदान करना चाहिए। हमारे कैंपस में इस संस्करण की मेजबानी करना गर्व की बात है और हम वैश्विक सहयोग और ठोस परिणामों की अपेक्षा करते हैं। चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी, भिवानी की वाइस चांसलर एवं विद्या भारती नॉर्थ ज़ोन की वाइस प्रेसिडेंट प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि शिक्षा महाकुंभ एक राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में उभरा है, जो शिक्षा को नवाचार, मूल्यों और सांस्कृतिक भावनाओं से जोड़ता है। शिक्षा महाकुंभ अभियान हर हितधारक—छात्र, शिक्षक, संस्थान, उद्योग और नीति-निर्माता—के लिए भारत की शैक्षिक पुनर्जागरण यात्रा में योगदान देने का आमंत्रण है, जो भारत@2047 की परिकल्पना के अनुरूप है। कार्यक्रम में विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री विजय नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनका मार्गदर्शन और सोच हमेशा इस अभियान की सफलता की बड़ी ताकत रही है। होलिस्टिक एजुकेशन विभाग के डायरेक्टर डॉ. ठाकुर एसकेआर ने कहा कि होलिस्टिक एजुकेशन विभाग द्वारा नाइपर मोहाली के सहयोग से और राज्य एवं केंद्र की प्रमुख संस्थाओं के समर्थन से आयोजित इस 5वें संस्करण में कई आयोजन होंगे। इनमें शामिल हैं: 12 राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव वाइस चांसलर्स, डायरेक्टर्स, टीचर्स, शोधकर्ताओं, नवाचारकों और नीति-निर्माताओं के लिए, साइंस, इंजीनियरिंग, सोशल साइंसेज, नेशनल टिनकेरिंग चैलेंज, शिक्षा प्रौद्योगिकी और सततता पर पेपर प्रस्तुतियाँ,स्टूडेंट्स सेंट्रिक प्रोग्राम जैसे नेशनल टिंकरिंग चैलेंज, विद्यार्थी संस्कार सम्मेलन, भारत यात्रा क्विज़, इंग्लिश ओलंपियाड और स्टार्टअप शोकेस, एग्जीबिशन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और अवार्ड्स। होलिस्टिक एजुकेशन विभाग के प्रेसिडेंट सौरभ चौधरी ने कहा कि पिछले वर्षों में एसएमए ने कई नई पहलें शुरू करने की प्रेरणा दी है, जैसे ट्रेडुल, सर्वत्र, स्वदेशी बाज़ार, जॉब्स 360°, टूडू, होलिस्टिक हार्बर और विभिन्न ओलंपियाड। इन सभी ने शिक्षा को समाज की असली ज़रूरतों से जोड़ने का काम किया है। शिक्षा महाकुंभ अभियान 2025 की मीडिया इंचार्ज एडवोकेट आरती शर्मा ने सभी से आग्रह किया कि वे इस आगामी आयोजन में पूरे जोश और उत्साह के साथ आगे आएँ और भाग लें।

फोर्टिस मोहाली के डॉक्टरों ने मुश्किलों को मात दी और सफल सर्जरी की: परमानेंट पेसमेकर इम्प्लांट सर्जरी से 1.6 किलोग्राम के नाज़ुक नवजात शिशु की जान बचाई

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पंचकूला। नवजात बच्चों की कार्डिक केयर (दिल की देखभाल) में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली के डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज ने परमानेंट पेसमेकर इम्प्लांट सर्जरी के माध्यम से 1.6 किलोग्राम कम वज़न वाले नवजात शिशु की जान सफलतापूर्वक बचाई है। सर्जरी के बाद फॉलोअप जांच के दौरान, 24 सप्ताह की गर्भवती महिला को सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस (एसएलई) का पता चला – एक ऑटोइम्यून रोग, जिसमें शरीर के इम्यून सिस्टम पर हमला होता है और ये हेल्दी टिश्यूज, जोड़ों, किडनियों, फेफड़ों और मस्तिष्क पर हमला करते है। मामले से जुड़े उच्च जोखिम को देखते हुए, महिला की साप्ताहिक जांच के साथ बारीकी से निगरानी की गई। 29वें सप्ताह में, अल्ट्रासाउंड से पता चला कि शिशु की हार्ट बीट यानि दिल की धड़कन बेहद कम होकर 32 धड़कन प्रति मिनट (गंभीर ब्राडकार्डिया) हो गई थी, और उसमें कंजेस्टिव हार्ट फेलियर (हृदय शरीर की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त रक्त पंप नहीं कर पाता) के लक्षण दिखाई दिए, साथ ही हाइड्रॉप्स फीटालिस (फीटस के टिश्यूज और अन्य प्रमुख अंगों में अत्यधिक तरल पदार्थ जमा होना) भी दिखाई दिया। महिला का तुरंत एक इमरजेंसी लोअर सेगमेंट सीजेरियन सेक्शन (एलएससीएस) किया गया और शिशु को नियोनटाल इंटेसिव केयर यूनिट में ट्रांसफर कर दिया गया, जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। उसके बाद डॉ. रजत गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट, डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली द्वारा एक टेम्प्ररेरी पेसमेकर लगाया गया। इस तरह के इंटरवेंशंस के दौरान, जहां नवजात शिशु का वजन कम होता है, पेसमेकर इमप्लांट के लिए अत्यधिक सटीकता की आवश्यकता होती है। नवजात शिशु के हृदय गति रुकने और समय से पहले जन्म के लिए भी एनआईसीयू में उसका प्रबंधन किया गया। स्थिर होने के बाद, शिशु की परमानेंट पेसमेकर इमप्लांट सर्जरी डॉक्टरों की एक टीम द्वारा की गई। इस टीम का नेतृत्व डॉ. टीएस महंत, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस), फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली; डॉ. आलोक सूर्यवंशी, सीनियर कंसल्टेंट, सीटीवीएस, फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली; और डॉ. रजत गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट, डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली ने किया। इससे शिशु के दिल की धड़कन को स्थिर करने और दिल के कार्य को सहारा देने में मदद मिली। सर्जरी में धीमी या क्षतिग्रस्त हार्टबीट को नियंत्रित करने के लिए शिशु के दिल में एक बैटरी-पॉवर्ड डिवाइस लगाया गया। सर्जरी के बाद शिशु की रिकवरी काफी बेहतर रही और सर्जरी के पांच दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस मामले पर चर्चा करते हुए, डॉ. टीएस महंत, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, सीटीवीएस, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली ने कहा कि “यह असाधारण मामला जल्दी डायग्नोसिस, कोऑर्डिनेटेड मल्टीडिसप्लनरी केयर और एडवांस्ड कार्डिक इंटरवेंशंस की उपलब्धता के महत्व को उजागर करता है। बच्चा अब तीन महीने का है और स्वस्थ जीवन जी रहा है। जन्मजात ही हार्ट में होने वाले विकारों का जल्द पता लगाने के बारे में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। इन जन्मजात दोषों का समय पर इलाज न करने से बच्चे के दिल को कभी बेहतर न होने वाली क्षति हो सकती है। फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली का डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज इस क्षेत्र का एकमात्र सेंटर है जहां न केवल पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश, बल्कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक, मंगोलिया और दक्षिण अफ्रीका से भी मरीज आत

पारस हेल्थ ने 81 वर्षीय कैंसर सर्वाइवर की बचाई जान, लगाया दुर्लभ माइक्रा वीआर2 पेसमेकर

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पंचकूला। पारस हेल्थ ने कई सेहत से संबंधित समस्याओं से जूझ रहे 81 वर्षीय कैंसर सर्वाइवर में दुनिया का सबसे छोटा और नया माइक्रा वीआर2 पेसमेकर सफलतापूर्वक लगाया। यह दुर्लभ और जोखिम भरा ऑपरेशन 4 सितम्बर 2025 को किया गया और मरीज को 24 घंटे के अंदर सुरक्षित डिस्चार्ज कर दिया गया। यह पंचकुला क्षेत्र में एडवांस्ड हार्ट केयर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। मरीज श्रीसी. सिंह की मेडिकल हिस्ट्री काफी जटिल थी। वे गले के कैंसर से सर्वाइव हो चुके थे और कई बार रेडिएशन थेरेपी करवाई थी। इसके कारण उनके सीने पर गहरे निशान हो गए थे, वोकल कॉर्ड पैरालाइज हो चुके थे और खाने के लिए फीडिंग ट्यूब पर निर्भर थे। उनकी कमजोर हालत बार-बार होने वाले इंफेक्शन और बेहोशी की घटनाओं से और बिगड़ गई थी। जांच में पता चला कि उन्हें कंप्लीट हार्ट ब्लॉक है। यह जानलेवा स्थिति थी और उन्हें बचाने के लिए तुरंत इलाज की जरूरत थी। ज्यादा उम्र, कमजोरी और सीने पर बने गहरे निशानों की वजह से मरीज को सामान्य पेसमेकर नहीं लगाया जा सकता था। इलाज कर रहे कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नवीन अग्रवाल, डायरेक्टर, कार्डियोलॉजी इंटरवेंशनल ने बताया, “यह केस बहुत चुनौतीपूर्ण था। मरीज की हिस्ट्री देखते हुए सामान्य पेसमेकर लगाने में कई बड़े खतरे थे। माइक्रा वीआर2 एक सुरक्षित और असरदार विकल्प था। इसमें कोई निशान नहीं पड़ता, सीने पर बने पॉकेट्स से इंफेक्शन का खतरा नहीं होता और रिकवरी भी जल्दी होती है। पेसमेकर लगाने के बाद से मरीज को बेहोशी की कोई समस्या नहीं हुई है। उपलब्धि पर जोर देते हुए पारस हेल्थ पंचकुला के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. पंकज मित्तल ने कहा, “यह सफल केस हमारी क्षमता दिखाता है कि हम बेहद जटिल और हाई-रिस्क मरीजों का इलाज कर सकते हैं। माइक्रा वीआर2 जैसी नई तकनीकों के साथ हम हार्ट केयर में नए स्टैंडर्ड स्थापित कर रहे हैं। माइक्रा वीआर2 पेसमेकर लीडलेस हार्ट पेसिंग टेक्नोलॉजी की नई पीढ़ी है। इसमें सामान्य पेसमेकर की तरह तारों और सीने पर कट की जरूरत नहीं पड़ती है। इससे इंफेक्शन का खतरा कम होता है और मरीज को ज्यादा आराम मिलता है। इसका नया डिलीवरी सिस्टम कैथेटर टिप पर 66% तक प्रेशर कम करता है और छेद (परफोरेशन) का अनुमानित खतरा 28.5% तक घटाता है, जबकि इम्प्लांट प्रक्रिया उतनी ही आसान बनी रहती है। पेसमेकर लगाने के बाद से श्री सिंह स्थिर हो गए हैं और उन्हें दोबारा बेहोशी की समस्या नहीं हुई है। यह केस साबित करता है कि पारस हेल्थ पंचकुला उत्तर भारत में एडवांस्ड हार्ट ट्रीटमेंट्स का एक प्रमुख सेंटर बन गया है। यह नई तकनीक का उपयोग करते हुए पेशेंट फर्स्ट देखभाल पर जोर देता है।

चंडीगढ़ के टेनिस ईकोसिस्टम के सभी हितधारकों ने सेक्टर 10 टेनिस स्टेडियम को सीएलटीए से वापस लेने के यूटी प्रशासन के कदम का स्वागत किया

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चंडीगढ़ । स्पोर्ट्स एडवोकेट और सीनियर टेनिस खिलाड़ी प्रसंग रहेजा,चंडीगढ़ के नंबर 1 मेल टेनिस खिलाड़ी नीरज यशपॉल, नीरज के पिता अजय यशपॉल, भारत के नंबर 1 अंडर 16 खिलाड़ी रिभव सरोहा के पिता नगेंद्र सरोहा और पूर्व सीएलटीए कोच रोशन लाल सक्सेना ने , चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा चंडीगढ़ लॉन टेनिस एसोसिएशन (सीएलटीए) की लीज रद्द किए जाने के बाद एक मीडिया मीट को संबोधित किया। यह सब लोग चंडीगढ़ के टेनिस ईकोसिस्टम के हितधारकों के रूप में मीडिया को सम्भोदित कर रहे थे । इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य राज्यपाल पंजाब एवं प्रशासक, यूटी चंडीगढ़ के नेतृत्व में चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़ खेल विभाग के सेक्टर-10 टेनिस स्टेडियम को सीएलटीए से चंडीगढ़ खेल विभाग के नियंत्रण में वापस लेने के साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद देना और सराहना करना था।

उल्लेखनीय है कि प्रसंग रहेजा, सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के माध्यम से जानकारी प्राप्त करके सीएलटीए द्वारा पारदर्शिता की कमी, लीज की शर्तों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। रहेजा का अब मानना है कि अगला कदम सीएलटीए में की गई सभी गड़बड़ियों की जांच होना चाहिए। रहेजा ने कहा कि चंडीगढ़ ग्रामीण टेनिस अकादमी (चार्ट) योजना के तहत फंड्स की हेराफेरी का आरोप है, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग का गंभीर संदेह पैदा होता है। इसके अलावा, कर चोरी और जीएसटी उल्लंघन के भी सबूत हैं क्योंकि सीएलटीए ने करों से बचने के लिए जीएसटी नंबर के बिना व्यावसायिक गतिविधियां चलाते हुए 12एए के तहत धर्मार्थ छूट का दावा किया हुआ था । रहेजा ने आगे कहा कि सबसे बड़ी अवैधताओं में से एक प्रशासन की मंजूरी के बिना स्टेडियम परिसर के अंदर एक हॉस्टल का निर्माण और संचालन है, जो लीज की शर्तों का गंभीर उल्लंघन है। प्रसंग रहेजा ने आगे कहा कि “सीएलटीए की लीज रद्द करना और चंडीगढ़ खेल विभाग द्वारा सेक्टर 10 टेनिस स्टेडियम का प्रबंधन अपने हाथ में लेना केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं हैं। वास्तव में, इन्हें मनी लॉन्ड्रिंग का पर्दाफाश करने, कर चोरी और जीएसटी उल्लंघनों को दंडित करने, बच्चों की सुरक्षा और चंडीगढ़ में टेनिस खिलाड़ियों के विकास को बहाल करने के उद्देश्य से लिए गए निर्णयों के रूप में भी देखा जाना चाहिए। मैं प्रशासक (यूटी) से अनुरोध करता हूं कि सीएलटीए की मान्यता रद्द करें और मामले की सीबीआई और ईडी से अच्छी तरह से जांच करवाएं।

नवदीप मदान ने जीता ज्योतिष का मैदान

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जीरकपुर । 14 सितंबर 2025 का दिन यादगार दिन था ज्योतिष के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए।ओक्यूल्ट साइंस फाउंडेशन द्वारा मेट्रो ट्रेड सेंटर में ज्योतिषविदों के सहयोग से दीपक आहूजा ने वी.आई.पी. रोड जीरकपुर में शानदार ज्योतिष सम्मेलन आयोजित किया। गौरतलब है कि इसमें देश के भिन्न भिन्न स्थान से 50 से भी अधिक ज्योतिषाचार्य शामिल हुए जिन्होंने लोगों की गृह नक्षत्र के संबंध में होने वाली समस्या का समाधान बिल्कुल मुफ्त किया। सम्मेलन में शिरकत करने वाले नाम में से प्रमुख है नरेंद्र वासुदेवा, उषा वसुंधरा,जैस्मीन,नवदीप मदान, सुनीता साहनी,दीपक शर्मा,डॉ वोहरा,इंदरप्रीत सिंह, लुधियाना से ,संजीव बक्शी, विनोद कुमार, राजीव बंसल,डॉ रेणुका टंडन, बीना शर्मा इत्यादि। सम्मेलन के सफल आयोजन पर दीपक आहूजा कहा ने कि यह सब लोगों के सहयोग से ही संभव हो पाया है और उनका यह कहना है कि इस तरह की ज्योतिष सम्मेलन लोगों में ज्योतिष के प्रति आस्था और विश्वास बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं। इस कार्यक्रम की आयोजक उषा वसुंधरा पिछले 15 वर्षों से ज्योतिष पढ़ा रही और हैं और मशहूर ज्योतिषाचार्य नवदीप मदान ने कहा कि जब लोग उनके पास अपनी समस्या लेकर आते हैं और समाधान लेकर जाते हैं, तो उन्हें ज्योतिष विद्या की सार्थकता पर गर्व होता है। काबिले जिक्र है की नवदीप मदान खुद आचार्य है और लोगों को ज्योतिष के बारे में शिक्षित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी लोगों की सेवा से जुड़े इस तरह के कार्यक्रम में वह हिस्सा लेते रहेंगे।

“श्री रामलीला मंचन” 23 सितंबर से, अभ्यास में जुटे कलाकार

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चंडीगढ़ । उत्तराखंड जनसेवा एवं सांस्कृतिक मंच चंडीगढ़ द्वारा,  इस वर्ष नवरात्रों के शुभ अवसर पर सैक्टर 28बी में “श्री रामलीला मंचन” 23 सितंबर से 03 अक्टूबर तक बड़ी धूमधाम से किया जा रहा है और इस बार श्री रामलीला का मंचन और ज्यादा भव्य तरीके से किया जाएगा। शहर में पहली बार पारम्‍परिक एवं आधुनिक नाट्य प्रस्‍तुति के संगम से आयोजित यह रामलीला शहरवासियों के बीच चर्चा का विषय बनी ​हुई है। रामलीला के निर्देशक हीरा सिंह (लाडी) जी अभिनय और निर्देशन के क्षेत्र की बड़ी शख्सियत है।  टेलीविज़न व फिल्मों में अभिनय व सहनिर्देशन कर चुके हैं। हीरा जी ने बताया की वे बचपन से ही रामलीला से जुड़े हुए हैं तथा उन्होंने राम, लक्ष्मण, भरत, अहिरावण, रावण, अंगद की भूमिकाएं निभाई हैं। रामलीला में भाग लेने वाले अधिकतर कलाकार थिएटर से जुड़े हैं जिनमें युवतियां भी सम्मिलित हैं।

सभी कलाकार पिछले एक महीने से टैगोर थिएटर में रामलीला की रिहर्सल कर रहे है।मंच के प्रधान स्वरूप सिंह नेगी ने बताया कि इस बार की रामलीला थियेटरिकल तौर पर आयोजित की जाएगी तथा साथ ही इस वर्ष इसमें लाईट एंड साउंड प्रस्‍तुति का भी अद्वितीय संयोजन करने की योजना है । सभी कलाकार दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। रामलीला में 70 कलाकारों की टीम होगी । नेगी ने कहाकि कार्यक्रम का उद्देश्य मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के प्रति गहरी धार्मिक आस्था व उनकी व्यवहारिक लीलाओं का अनुसरण करने की प्रेरणा देना है। ताकि भारत राम राज्य की परिकल्पना को साकार कर सके। 11 दिन चलने वाले मंचन में सबसे पहले दिन नारद मोह, दूसरे दिन राम जन्म, तीसरे दिन आहिल्या उद्धार, चौथे दिन सीता स्वयंवर, पांचवें दिन राम वनवास, छठे दिन केवट लीला , सातवें दिन भरत मिलाप, आठवें दिन सीता हरण, नौवे दिन लंका दहन, दसवें दिन लक्ष्मण मूर्छित रावण वध और ग्यारहवें दिन राम जी की अयोध्या वापसी, कैकेई पश्चाताप, राजतिलक का मंचन करेंगे। रामलीला रोजाना रात आठ बजे शुरू होगी।

नारायण सेवा संस्थान ने पंजाब बाढ़ पीड़ितों के लिए चलाया राहत अभियान

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चंडीगढ़ । पंजाब में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए नारायण सेवा संस्थान की टीम ने तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य प्रारंभ किया। संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल और निदेशक वंदना अग्रवाल ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राहत अभियान चलाने का निर्णय लिया। इसी कड़ी में संस्थान की 8 सदस्यीय टीम का नेतृत्व डॉ. विवेक गर्ग ने किया और उन्हें राहत लेकर पंजाब भेजा गया। संस्थान की निदेशक पलक अग्रवाल ने बताया कि राहत सामग्री से भरा ट्रक संस्थान के कैथल सेवा केंद्र से हरि झंडी दिखाकर दया गुप्ता के हाथों रवाना किया गया। बाढ़ से बेघर हुए बच्चों, महिलाओं और परिवारों की मदद के लिए एक ट्रक में आवश्यक खाद्य सामग्री, दवाइयाँ और राहत सामग्री भरकर भेजी गई।
टीम के सदस्य पाकिस्तान की सरहद पर बसे अजनाला,मलिकपुर, कोटर जादा, सूफियान, अलीवल कोटली गाँवों में गए।

राहत सामग्री में 1000 पैकेट ब्रेड, 1200 बोतल बिसलरी पानी, 2 क्विंटल चना, 1000 पैकेट पाउडर दूध, 1050 नमकीन पैकेट, 1000 मीठे बिस्किट, 1000 नमकीन बिस्किट शामिल थे। साथ ही सैकड़ों की संख्या में तरपाल, 2000 से अधिक लोगों के लिए मौसमी बीमारियों की दवाइयाँ, एंटीसेप्टिक क्रीम तथा सेनेट्री पैड सहित खाद्य पदार्थ वितरित किए गए। राहत सामग्री पहुँचाकर टीम ने न केवल जरूरतमंदों की मदद की, बल्कि बाढ़ से त्रस्त गाँवों का दौरा कर उनकी समस्याओं का जायजा भी लिया। इस दौरान बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं को समझा गया। संस्थान की टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देते हुए दवाइयों का वितरण किया, ताकि बाढ़ के कारण फैल रही बीमारियों से राहत मिल सके। संस्थान की इस सेवा भावना को स्थानीय लोगों ने सराहा। बाढ़ से पीड़ित परिवारों के चेहरों पर राहत की चमक दिखाई दी। इस अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया कि मानवता की सेवा ही असली धर्म है। नारायण सेवा संस्थान का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणा बन गया है, जहाँ विपरीत परिस्थितियों में भी मानवता की सेवा को प्राथमिकता दी जाती है। संस्थान की टीम ने निस्वार्थ भाव से कार्य कर यह संदेश दिया कि कठिन समय में साथ खड़ा होना ही सच्चा सहयोग है।

एजुथोन 5.0 एआई और ह्यूमैनिटी का संगम, चंडीगढ़ में ऐतिहासिक शिक्षा शिखर सम्मेलन आयोजित

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चंडीगढ़ । ट्रिनिटी द्वारा आयोजित एजुथोन 5.0 का आयोजन जेडब्ल्यू मैरियट चंडीगढ़ में हुआ। इस कार्यक्रम में पूरे भारत से 500 से अधिक शिक्षक, शिक्षा उद्यमी, एडटेक विशेषज्ञ, प्रिंसिपल, अध्यापक और कलाकार एक दिन की चर्चा और नवाचार के लिए इकट्ठे हुए। चितकारा यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित इस शिखर सम्मेलन ने एजुथोन को भारत के सबसे प्रभावशाली शिक्षा मंचों में से एक के रूप में और मजबूत किया। ट्रिनिटी के फाउंडर डायरेक्टर अंकुर मल्होत्रा ने कहा कि शिक्षा आज एक मोड़ पर खड़ी है। एआई सीखने की प्रक्रिया को नया रूप दे रहा है, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इसका उपयोग शिक्षा के मानवीय मूल्यों को मजबूत करने के लिए हो। एजुथोन 5.0 का उद्देश्य इसी संतुलन को तलाशना रहा है। पूरे दिन में पैनल चर्चा, फायरसाइड चैट, मास्टरक्लास, प्रस्तुतियां, नेटवर्किंग सेशन और पुस्तक विमोचन जैसी विविध गतिविधियां आयोजित की गईं। मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध क्रिएटिव उद्यमी और स्टोरीटेलर रोशन अब्बास शामिल हुए। उन्होंने अंकुर मल्होत्रा के साथ फायरसाइड चैट में भाग लेते हुए कहा कि शिक्षा की असली ताकत रचनात्मकता और कहानियों में है। यही हमें जिज्ञासु बनाती हैं, एक-दूसरे को समझना सिखाती हैं और तकनीक को इंसानों के काम में लाती हैं। प्रसिद्ध अभिनेत्री और लेखिका संध्या मृदुल ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव, आत्म-सम्मान और भावनात्मक संतुलन पर ध्यान देने की जरूरत पर अपने विचार साझा किए। वहीं, चितकारा यूनिवर्सिटी की प्रो चांसलर डॉ. मधु चितकारा और चितकारा एजुकेशनल ट्रस्ट की वाइस प्रेसिडेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन डॉ. नियति चितकारा ने शिक्षा के बदलते स्वरूप को लेकर अपना विज़न प्रस्तुत किया। एजुथोन 5.0 का आयोजन एनआईएसए, एआईपी और एफ एंड पीए के सहयोग से किया गया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिनिधि शामिल हुए। इसने कार्यक्रम के पैमाने और पहुंच को और बढ़ा दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस सम्मेलन में भागीदारी रही, जिसमें अबू धाबी से अभिलाषा सिंह, घाना से अलिप्त सनम हरी और डीसीएम स्कूल्स के सीईओ डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता जैसे विशेषज्ञ शामिल हुए। एजुथोन ने इस मौके पर एक नया रिकॉर्ड बनाया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल हुआ, क्योंकि यहां “एआई के साथ शिक्षा के भविष्य के लिए स्कूल नेताओं की सबसे बड़ी बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर गुरदीप हरी की पुस्तक “द सिन्स ऑफ एजुकेशन” का विमोचन भी किया गया। हर संस्करण के साथ, एजुथोन ने अपने प्रभाव, गहराई और विस्तार को और बढ़ाया है, और यह मंच शिक्षा में नवाचार को आगे बढ़ाने वाली एक सशक्त ताकत के रूप में स्थापित हो चुका है।

एआई और ह्यूमैनिटी का संगम, चंडीगढ़ में होगा एजुथोन 5.0 शिक्षा शिखर सम्मेलन

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चंडीगढ़ । चंडीगढ़ एक ऐतिहासिक शिक्षा शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करने जा रहा है। एजुथोन 5.0, जिसे ट्रिनिटी द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है, रविवार, 7 सितंबर को जे.डब्ल्यू. मैरियट, चंडीगढ़ में आयोजित होगा। इस वर्ष का विषय है—”द नेक्स्ट ऑफ एजुकेशन: व्हेयर एआई मीट्स ह्यूमैनिटी”। ट्रिनिटी द्वारा आयोजित एवं चितकारा विश्वविद्यालय द्वारा प्रायोजित इस शिखर सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविद, विचार मार्गदर्शक, उद्यमी और नवप्रवर्तक (इन्नोवेटर्स) एक मंच पर एकत्र होंगे, ताकि सीखने के भविष्य को नए दृष्टिकोण से परिभाषित किया जा सके। ट्रिनिटी के फाउंडर डायरेक्टर अंकुर मल्होत्रा ने कहा कि आज शिक्षा एक परिवर्तनकारी मोड़ पर खड़ी है। जहां एक ओर एआई जैसी तकनीक हमारे सीखने के तरीकों को बदल रही है, वहीं शिक्षा का सार हमेशा मानवीय रहेगा। एजुथोन 5.0 इस संगम का अन्वेषण करेगा और ऐसा भविष्य तैयार करेगा जहां तकनीक और मानवता साथ-साथ विकसित हों।
पांचवें संस्करण तक पहुंच चुका एजुथोन अब भारत के सबसे प्रभावशाली प्लेटफार्मों में से एक बन चुका है, जो विचारों, नवाचार और प्रेरणा के लिए जाना जाता है। इस वर्ष इसका मुख्य फोकस इस बात पर है कि एआई शिक्षा में क्रिएटिविटी, एमपथी और समग्र विकास को कैसे बढ़ा सकता है, न कि उनकी जगह ले सकता है। एजुथोन 5.0 के प्रमुख वक्ताओं में शामिल होंगे- प्रसिद्ध उद्यमी रोशन अब्बास, अभिनेत्री और लेखिका संध्या मृदुल, डॉ. मधु चितकारा, प्रो चांसलर, चितकारा यूनिवर्सिटी और डॉ. नियति चितकारा, वाईस प्रिंसिपल, स्कूल एजुकेशन, चितकारा एजुकेशनल ट्रस्ट।

अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में शामिल हैं- अलीप्त सनम हरी, प्रिंसिपल, हेल्दी माइंड इंटरनेशनल स्कूल, घाना; अभिलाषा सिंह प्रिंसिपल, शाइनिंग स्टार इंटरनेशनल स्कूल, अबू धाबी और डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता (सीईओ, डीसीएम स्कूल्स। ट्रिनिटी ने इस आयोजन के लिए एनआईएसए, एआईपी और एफपीए के साथ साझेदारी की है। इसमें 650 से अधिक शिक्षाविदों और स्कूल लीडर्स के शामिल होने की उम्मीद है। शिखर सम्मेलन में पैनल चर्चा, फायरसाइड चैट्स, मास्टरक्लास, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और गुरदीप हरी की पुस्तक “द सिंस ऑफ एजुकेशन: ए ट्रांसफॉर्मेशनल ब्लूप्रिंट” का विमोचन होगा। एडटेक इन्नोवटर्स एक्स्ट्रामार्क्स, बर्लिंगटन इंग्लिश, एलेन कैरियर्स प्रा. लि. और आरएफटी सॉल्यूशंस (कनाडा) अपने एआई-संचालित उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगे। स्कूल लीडर्स, शिक्षकों, उद्यमियों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाकर, एजुथोन 5.0 का उद्देश्य भारत और वैश्विक स्तर पर शिक्षा के भविष्य को आकार देना है और नवाचार, संवाद व ट्रांसफॉर्मेशन एजुकेशन के लिए एक नया मानक स्थापित करना है