मोहाली । मोहाली में हेडक्वार्टर वाली कंपनी मिस्टर.प्रॉपटेक के जाने-माने सीरियल आंत्रप्रेन्योर और को-फाउंडर के एस भाटिया को उम्मीद है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट में भारतीय स्टार्टअप में निवेश करने वाले एंजल इन्वेस्टर्स ,वेंचर कैपिटलिस्ट और फैमिली हाउसेस के लिए ज़ीरो कैपिटल गेन्स टैक्स का प्रस्ताव पेश करेंगी। उन्होंने कहा कि ऐसा साहसिक और प्रगतिशील सुधार भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को काफी हद तक बदल कर रख देगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसी रविवार, 1 फरवरी को लोकसभा में देश का केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी।
भाटिया के अनुसार, स्टार्ट-अप निवेश पर कैपिटल गेन्स टैक्स खत्म करने से घरेलू और ग्लोबल दोनों तरह के निवेशकों के लिए एक शक्तिशाली प्रेरक का काम होगा, जिससे उन्हें भारतीय स्टार्ट-अप में ज़्यादा पूंजी लगाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। देशी और विदेशी निवेशक बड़ी संख्या में दोबारा से इनमें निवेश शुरू कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि “भारत ने एक वाइब्रेंट स्टार्ट-अप माहौल बनाया है, लेकिन इसकी पूरी क्षमता को अनलॉक करने के लिए, हमें एक निवेशक-अनुकूल नीतिगत माहौल बनाना होगा। स्टार्टअप निवेश पर ज़ीरो कैपिटल गेन्स टैक्स गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि ऐसा सुधार भारतीय कॉर्पोरेट्स और सफल आंत्रप्रेन्योर्स को सिर्फ निहारने वाले दर्शक बने रहने के बजाय निवेशक के रूप में एक्टिव होकर भाग लेने के लिए प्रेरित करेगा।
अनुभवी बिज़नेस लीडर्स की बढ़ी हुई भागीदारी न केवल फंडिंग इकोसिस्टम को मजबूत करेगी, बल्कि उभरते स्टार्टअप को बहुमूल्य मेंटरशिप, राजनीतिक मार्गदर्शन और गवर्नेंस सहायता भी प्रदान करेगी।
भाटिया ने कहा कि स्टार्ट-अप में पूंजी प्रवाह बढ़ने से टेक्नोलॉजी, रियल एस्टेट सर्विसेज, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से इनोवेशन, बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने और हाई-ग्रोथ वेंचर्स के तेज़ी से विस्तार में सीधे तौर पर योगदान मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा, “स्टार्ट-अप आर्थिक विकास के इंजन हैं। प्रोग्रेसिव टैक्सेशन नीतियों के माध्यम से उनका समर्थन करने से व्यापक अर्थव्यवस्था पर मल्टीप्लायर प्रभाव पड़ेगा।”
भारत को एक ग्लोबल इनोवेशन हब बनाने की महत्वाकांक्षा पर प्रकाश डालते हुए, भाटिया ने कहा कि अन्य स्टार्ट-अप-अनुकूल इकोनॉमीज के साथ प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए दूरदर्शी वित्तीय उपाय आवश्यक हैं।
उन्होंने अंत में कहा कि “वास्तव में निवेशक-अनुकूल माहौल को बढ़ावा देकर, भारत लॉन्ग टर्म में व्यापक स्तर पर कैपिटल को आकर्षित कर सकता है और आंत्रप्रेन्योरशिप को मजबूत कर सकता है। इसके साथ ही दुनिया के सबसे तेजी से डेवलप हो रहे स्टार्टअप डेस्टिनेशन में से एक के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत कर सकता है।
केंद्रीय बजट 2026-27: आंत्रप्रेन्योर के एस भाटिया को उम्मीद- वित्त मंत्री भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए ज़ीरो कैपिटल गेन्स टैक्स पर कुछ पेशकश करेंगी
क्लाउडनाइन हॉस्पिटल चंडीगढ़ ने होने वाले माता-पिता के लिए ‘बेबी-रेडी वर्कशॉप एवं बेबी शावर’ का आयोजन किया
चंडीगढ़ । भारत के प्रीमियम बर्थिंग सेंटर, क्लाउडनाइन ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने चंडीगढ़ में होने वाले माता-पिता के लिए ‘बेबी-रेडी वर्कशॉप-कम-बेबी शावर’ का आयोजन किया। इस आयोजन में ट्राइसिटी से 20 से अधिक दंपतियों ने भाग लिया जिन्होंने नए आरंभ तथा मातृत्व-पितृत्व की खुशियों को साझा किया।गर्भावस्था उम्मीद, बदलाव और प्रेम से भरी एक विशेष यात्रा होती है, और बेबी-रेडी वर्कशॉप के माध्यम से होने वाले माता-पिता को इस महत्वपूर्ण चरण में सहजता से मार्गदर्शन दिया गया। गर्भावस्था फिटनेस, योग और पोषण पर आधारित इंटरएक्टिव सत्रों ने परिवारों को यह समझने में मदद की कि शिशु के आगमन की तैयारी के दौरान कैसे सक्रिय, स्वस्थ और आत्मविश्वास से भरा रहा जाए। डॉक्टरों के साथ खुली और आत्मीय बातचीत ने दंपतियों को अपने सवाल साझा करने और हर कदम पर आश्वस्त महसूस करने का अवसर दिया।कार्यक्रम का उल्लासपूर्ण चरम बिंदु होने वाली माताओं के लिए आयोजित बेबी शावर रहा, जिसमें उनके मातृत्व की यात्रा का उत्सव मनाया गया। होने वाले दंपतियों के लिए विशेष रैंप वॉक ने आयोजन में और उत्साह भर दिया। हंसी-खुशी, रोचक खेल, जीवंत गतिविधियाँ, उपयोगी उपहार और लकी ड्रॉ ने माहौल को आनंदमय बना दिया, जिससे यह अवसर परिवारों और प्रियजनों के लिए यादगार बन गया। यह कार्यक्रम क्लाउडनाइन हॉस्पिटल चंडीगढ़ की प्रसूति, स्त्री रोग और फर्टिलिटी केयर की विशेषज्ञ मेडिकल टीम के नेतृत्व में आयोजित किया गया। जीवन साथियों और परिवारों की सहभागिता के माध्यम से इस आयोजन ने गर्भावस्था को एक साझा यात्रा के रूप में रेखांकित किया। ऐसे ही प्रयासों के माध्यम से क्लाउडनाइन हर गर्भावस्था और हर नए जीवन का देखभाल, स्नेह और करुणा के साथ उत्सव मनाता है।उल्लेखनीय है कि क्लाउडनाइन भारत की अग्रणी महिला, बाल एवं फर्टिलिटी अस्पतालों की श्रृंखला है, जिसका मुख्यालय बेंगलुरु में स्थित है। देशभर के 14 शहरों—बेंगलुरु, चंडीगढ़, पंचकूला, लुधियाना, गुरुग्राम, नोएडा, नई दिल्ली, फरीदाबाद, चेन्नई, हैदराबाद, नवी मुंबई, मुंबई और पुणे—में इसके 43 केंद्र कार्यरत हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में नए मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध क्लाउडनाइन मातृत्व, फर्टिलिटी, स्त्री रोग, नवजात एवं बाल चिकित्सा की समग्र सेवाएँ प्रदान करता है। 1,00,000 से अधिक सफल प्रसवों और 3,000 से अधिक विशेषज्ञों की टीम के साथ क्लाउडनाइन ने इस विशेष क्षेत्र में उत्कृष्टता की नई मिसाल कायम की है और अंतरराष्ट्रीय मानकों को बनाए रखते हुए देशभर में निरंतर विस्तार कर रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में किसान-केंद्रित सुधारों को गति, पायलट नीरज सहरावत ने हरियाणा में VB-G RAM G अधिनियम पर किसानों से संवाद किया
पंचकूला । बीजेपी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी (रिसर्च एवं पॉलिसी) पायलट नीरज सहरावत ने हरियाणा की एक अनाज मंडी में किसानों से संवाद करते हुए विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025 पर विस्तार से चर्चा की। इस संवाद का केंद्र ग्रामीण रोजगार नीति में प्रस्तावित परिवर्तन, कृषि आधारित आजीविका को सुदृढ़ करने, बुनियादी ढांचे के निर्माण और आय सुरक्षा को मजबूत करने पर रहा।किसानों को संबोधित करते हुए पायलट नीरज सहरावत ने कहा, “विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 केवल एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम है। गारंटीकृत रोजगार को उत्पादक परिसंपत्तियों, जल सुरक्षा और ग्रामीण अधोसंरचना से जोड़कर यह अधिनियम कृषि को मजबूती देता है, आय को स्थिर करता है और गांवों को सशक्त बनाता है। प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रतिबद्ध शासन-प्रणाली के तहत हरियाणा के किसान विकसित भारत 2047 की यात्रा का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।हरियाणा स्थित कृषि उद्यम शिवाप्रिया फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक सुमित कौशिक ने एकीकृत ग्रामीण विकास और किसान कल्याण पर दिए गए जोर का स्वागत करते हुए कहा, “हरियाणा सरकार ने किसान कल्याण के प्रति लगातार प्रगतिशील और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया है। VB-G RAM G अधिनियम श्रम उपलब्धता सुनिश्चित करने, जल और बाजार अधोसंरचना को सुदृढ़ करने तथा जलवायु-सहिष्णु कृषि को बढ़ावा देकर ग्रामीण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करता है। इससे किसानों और कृषि उद्यमों—दोनों के लिए भरोसा, स्थिरता और दीर्घकालिक विकास के अवसर सृजित होते हैं।पायलट सहरावत ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दूरदर्शी, किसान-केंद्रित और परिणामोन्मुख नेतृत्व में हरियाणा के किसान निरंतर प्रगति की राह पर अग्रसर हैं। सिंचाई, बाजार तक पहुंच, ग्रामीण अधोसंरचना और आय स्थिरता पर राज्य सरकार के निरंतर नीति-फोकस का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि VB-G RAM G अधिनियम हरियाणा के विकास पथ को और सुदृढ़ करता है, क्योंकि यह ग्रामीण रोजगार को उत्पादक परिसंपत्ति सृजन और दीर्घकालिक कृषि स्थिरता से जोड़ता है।VB-G RAM G अधिनियम, 2025 महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का एक व्यापक वैधानिक पुनर्गठन है, जो विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह अधिनियम रोजगार सृजन को टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है। कृषि और भूजल पुनर्भरण के लिए जल-संबंधी कार्यों को प्राथमिकता दी गई है, वहीं सड़कों और संपर्क जैसी मुख्य ग्रामीण अधोसंरचना में निवेश से बाजार तक पहुंच में सुधार होता है। भंडारण सुविधाओं, ग्रामीण बाजारों और उत्पादन परिसंपत्तियों जैसी आजीविका अधोसंरचना आय विविधीकरण को सक्षम बनाती है, जबकि जल संरक्षण, बाढ़ निकासी और मृदा संरक्षण पर केंद्रित हस्तक्षेपों से जलवायु लचीलापन सुदृढ़ होता है।यह अधिनियम राष्ट्रीय, राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर एक सशक्त संस्थागत ढांचा स्थापित करता है। सार्वजनिक धन की सुरक्षा और अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु केंद्र सरकार को स्पष्ट प्रवर्तन अधिकार प्रदान किए गए हैं। जांच, गंभीर अनियमितताओं की स्थिति में निधि निर्गमन निलंबन और सुधारात्मक कार्रवाई जैसे प्रावधान जवाबदेही को मजबूत करते हैं। एआई-सक्षम विश्लेषण, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जीपीएस और मोबाइल-आधारित निगरानी, रियल-टाइम एमआईएस डैशबोर्ड, साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण और अनिवार्य सामाजिक अंकेक्षण पर आधारित व्यापक पारदर्शिता ढांचा सार्वजनिक विश्वास और सामुदायिक सहभागिता को और सुदृढ़ करता है।संवाद के समापन पर किसानों ने अधिनियम के प्रावधानों और इसके माध्यम से आजीविका, कृषि और ग्रामीण लचीलेपन को मिलने वाले लाभों में गहरी रुचि व्यक्त की। VB-G RAM G अधिनियम, 2025 सुदृढ़ डिजिटल शासन, संस्थागत जवाबदेही और विकासोन्मुख रोजगार को केंद्र में रखकर ग्रामीण रोजगार को सतत विकास का एक रणनीतिक साधन बनाता है—जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के पूर्णतः अनुरूप है।
गणतंत्र दिवस पर अन्न भंडारे का भव्य आयोजन
पंचकूला । सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों में अग्रणी गैर-सरकारी संगठन पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा गणतंत्र दिवस पर फेज़-1, औद्योगिक क्षेत्र, पंचकूला में 200 वें अन्न भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट द्वारा शहरवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं भी दी गईं।अन्न भंडारे में समाज के विभिन्न वर्गों, जातियों एवं समुदायों के लोगों ने ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस सेवा कार्य का लाभ उठाया।इस अवसर पर ट्रस्ट के संस्थापक एवं समाजसेवी अमिताभ रूंगटा ने गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के सेवा कार्य सामाजिक समरसता और राष्ट्रप्रेम की भावना को सशक्त करते हैं।इस सेवा आयोजन में ट्रस्ट के सदस्य एवं सहयोगी पूरे समर्पण भाव के साथ उपस्थित रहे और सेवा कार्य में सक्रिय रूप से योगदान दिया।
मेवन मिस प्लस साइज इंडिया का आयोजन सम्पन्न,आत्मविश्वास, कौशल और समावेशन का उत्सव
अंजली बी गुप्ता बनीं मेवन मिस प्लस साइज इंडिया की विजेता

चंडीगढ़ । मेवन मिस प्लस साइज इंडिया 2025–26 (सीज़न 8) का ग्रैंड फिनाले। चंडीगढ़ कैपिटल रीजन में भव्य रूप से आयोजित कियागया। यह आयोजन भारत में समावेशी सौंदर्य प्रतियोगिताओं के परिदृश्य में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुआ। इस मंच के संस्थापक और दूरदर्शी निर्देशक हरदीप अरोड़ा के नेतृत्व में यह इवेंट सम्पन्न हुआ, जिनकी निरंतर प्रतिबद्धता ने मेवन को एक सशक्त राष्ट्रीय आंदोलन का रूप दियाहै।मैसूरु की अंजली बी गुप्ता को मेवन मिस प्लस साइज इंडिया सीज़न 8 (2025–26) की विजेता घोषित किया गया, जबकि मुंबई की रवीना करजोधकर प्रथम रनर-अप रहीं।प्रतियोगिता के अंतर्गत देश के विभिन्न क्षेत्रों से भी विजेताओं की घोषणा की गई।

चंडीगढ़ की रोशाली कपूर ने मेवन मिस प्लस साइज नॉर्थ इंडिया का खिताब जीता;सिलीगुड़ी की शश्वती कर्माकर को मेवन मिस प्लस साइज ईस्ट इंडिया का ताज मिला;बेंगलुरु की अनन्या परेश ने मेवन मिस प्लस साइज साउथ इंडिया का खिताब अपने नाम किया;जबकि मुंबई की नर्गिस को मेवन मिस प्लस साइज वेस्ट इंडिया का प्रतिष्ठित खिताब प्रदान किया गया।द मेवन प्रोडक्शंस के संस्थापक हरदीप अरोड़ा ने कहा कि स्पष्ट दृष्टि के साथ स्थापित मेवन मिस प्लस साइज इंडिया प्लस-साइज महिलाओं को मुख्यधारा का मंच प्रदान करता है, जो वर्षों पुराने रूढ़िवादी मानकों को चुनौती देता है और पारंपरिक सौंदर्य की परिभाषा को नए सिरे से गढ़ता है। यह प्रतियोगिता यह सशक्त संदेश देती है कि महिलाओं की पहचान इंच से नहीं, उनके प्रभाव से होती है; साइज से नहीं, उनके कौशल से होती है; और वजन-तोल की संख्या से नहीं, बल्कि उनकी उपलब्धियों के महत्व से होती है।सात सफल सीज़न पूरे करने के बाद, सीजन 8 में भी देश के विभिन्न राज्यों, शहरों और पृष्ठभूमियों से महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

देशभर में आयोजित ऑडिशनों के बाद शीर्ष 50 फाइनलिस्ट चुनी गईं, जिन्हें अनुभव और सेलिब्रिटी मेंटर्स द्वारा गहन ग्रूमिंग प्रदान की गई। प्रतिभागियों को स्टेज प्रेज़ेंस, स्टाइलिंग, मेकअप, न्यूट्रिशन, रैम्प वॉक, फोटोशूट्स, प्रेजेंटेशन स्किल्स और समग्र व्यक्तित्व विकास का पेशेवर प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद 50 फाइनलिस्ट्स के बीच एलिमिनेशन राउंड आयोजित हुआ, जिसमें से 15 प्रतिभागी अंतिम चरण के लिए चयनित हुईं। अंतिम राउंड चंडीगढ़ ट्राइसिटी क्षेत्र में सम्पन्न हुआ,जहां प्रतिष्ठित सेलिब्रिटी और इंडस्ट्री ज्यूरी पैनल द्वारा गहन प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से मूल्यांकन कियागया। समग्र अंकों के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए कुल छह विजेताओं को ताज पहनाया गया।ज्यूरी पैनल में विशिष्ट हस्तियां शामिल रहीं, जिनमें अमन ग्रेवाल (मिसेज इंडिया वर्ल्डवाइड 2014), सेलिब्रिटी डाइटिशियन एवं वेलनेस कोच सिमरत कथूरिया, अभिनेत्री मेहरीन कलेका और लेखिका सोनी सांगवान शामिल थीं। यह ग्रैंड फिनाले आत्मविश्वास, दृढ़ता और प्रतिभा का उत्सव बनकर उभरा और वेवन मिस प्लस साइज इंडिया के इस मूल विश्वास को और सुदृढ़ किया कि सच्ची सुंदरता हर लेबल सेपरे—व्यक्तित्व, क्षमता और आत्मविश्वास में निहित होती है।
एनजीओ तुषार फाउंडेशन ने राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया, मोहाली में मेधावी छात्राओं का सम्मान
मोहाली । राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर एनजीओ तुषार फाउंडेशन, जो एक राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन है, द्वारा फाउंडेशन के डायरेक्टर व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी यादविंदर सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय बालिका दिवस समारोह का सफल आयोजन गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, फेज़ 3बी1, मोहाली किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शैक्षणिक एवं खेल क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी बालिका छात्राओं को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित करना रहा।कार्यक्रम की शोभा सेक्टर 71, मोहाली के पार्षद सरबजीत सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में बढ़ाई। जी.एम.आई इंफ़्रा के सी.ई.ओ मोहित बंसल , विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे ।इस अवसर पर एनजीओ तुषार फाउंडेशन के फाउंडर एवं डायरेक्टर यादविंदर सिंह और किरण कौर, डायरेक्टर , तुषार फाउंडेशन मौजूद रहे । किरण एक ख्याति प्राप्त गायिका भी हैं।कार्यक्रम में गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, फेज़ 3बी1, मोहाली की 15 उत्कृष्ट छात्राओं को खेल और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शामिल बालिकाओं की आयु 10 से 16 वर्ष के बीच थी । छात्राओं को प्रमाण पत्र, पदक एवं उपहार हैम्पर प्रदान कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर एनजीओ तुषार फाउंडेशन के फाउंडर एवं डायरेक्टर यादविंदर सिंह ने कहा कि फाउंडेशन बाल शिक्षा, स्वास्थ्य एवं खेल के क्षेत्र में कार्यरत एक राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन है, जिसे चंडीगढ़ प्रशासन क राज्यपाल एवं गृह सचिव द्वारा चंडीगढ़ की सर्वश्रेष्ठ एनजीओ में से एक के रूप में सम्मानित किया जा चुका है। इस आयोजन के माध्यम से बालिका सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया गया तथा समाज में बालिकाओं की शिक्षा और सम्मान के प्रति जागरूकता को और मजबूत किया गया।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर अन्न भंडारे का भव्य आयोजन
पंचकूला । सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों में अग्रणी गैर-सरकारी संगठन पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर फेज़-1, औद्योगिक क्षेत्र, पंचकूला में 200 वें अन्न भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट द्वारा शहरवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं भी दी गईं।अन्न भंडारे में समाज के विभिन्न वर्गों, जातियों एवं समुदायों के लोगों ने ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस सेवा कार्य का लाभ उठाया।इस अवसर पर ट्रस्ट के संस्थापक एवं समाजसेवी अमिताभ रूंगटा ने गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के सेवा कार्य सामाजिक समरसता और राष्ट्रप्रेम की भावना को सशक्त करते हैं।इस सेवा आयोजन में ट्रस्ट के सदस्य एवं सहयोगी पूरे समर्पण भाव के साथ उपस्थित रहे और सेवा कार्य में सक्रिय रूप से योगदान दिया।
जीबी रियल्टी ने न्यू चंडीगढ़ में अपने आवासीय प्रोजेक्ट “ओपस वन” का अल्ट्रा-लग्जरी शो-होम किया लॉन्च
हर कोने से झलकती भव्यता, शो-होम ने ‘ओपस वन’ को रेजिडेंशियल लग्जरी में वैश्विक मानक के रूप में किया स्थापित‘द रिट्ज कार्लटन’ जैसे प्रतिष्ठित होटलों के इंटीरियर्स डिज़ाइन करने वाली सिंगापुर की एचबीए ने भारत के रेजिडेंशियल सेक्टर में भी तैयार किया शानदार इंटीरियर
जब हमारे ग्राहक किसी 7-स्टार अंतरराष्ट्रीय होटल में ठहरें, तो हम चाहते हैं कि वे कहें कि उनका ‘ओपस वन’ अपार्टमेंट वहां के रहने के अनुभव से भी बेहतर है: गुरिंदर भट्टी, फाउंडर, जीबी रियल्टी
न्यू चंडीगढ़ । जीबी रियल्टी ने अपने आगामी आवासीय प्रोजेक्ट “ओपस वन” के तहत 6,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैले, पांच बेडरूम वाले अत्याधुनिक अल्ट्रा-लग्जरी सैंपल अपार्टमेंट (शो-होम) का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीबी रियल्टी के फाउंडर एंड चेयरमैन गुरिंदर भट्टी तथा वाइस प्रेसिडेंट जतिंदर बाजवा ने मीडिया को शो-होम की विशेषताओं की जानकारी दी। इसके बाद मीडिया को अपार्टमेंट का विशेष प्रीव्यू भी कराया गया।इस अवसर पर गुरिंदर भट्टी ने कहा कि हम अपने अपार्टमेंट्स के इंटीरियर्स के लिए हिर्श बेडनर एसोसिएट्स (एचबीए) को जोड़ने में सफल रहे हैं, जो दुनिया के कुछ सबसे प्रतिष्ठित हॉस्पिटैलिटी स्पेस डिज़ाइन करने के लिए प्रसिद्ध है। शो-होम में दिखाई देने वाला भव्य डिज़ाइन साफ़ तौर पर हॉलमार्क एचबीए स्टाइल को दर्शाता है। खास बात यह है कि भारत में यह एचबीए का पहला रेजिडेंशियल इंटीरियर प्रोजेक्ट है, जो ‘ओपस वन’ को एक अग्रणी और विशिष्ट प्रोजेक्ट बनाता है।उन्होंने आगे कहा कि जब हमारे ग्राहक किसी 7-स्टार इंटरनेशनल होटल में ठहरते हैं, तो हम चाहते हैं कि वे यह महसूस करें कि उनका ‘ओपस वन’ अपार्टमेंट वहां के रहने के अनुभव से भी बेहतर है। यही हमारी सोच और हमारा लक्ष्य है।जीबी रियल्टी के वाइस प्रेसिडेंट जतिंदर बाजवा ने बताया कि शो-होम में कस्टमाइज्ड प्रीमियम इटालियन मार्बल फ्लोरिंग, लैमिनेटेड वुडन फ्लोरिंग, प्रीमियम विट्रिफाइड टाइल्स, किचन में ओनिक्स फिनिश, गीले क्षेत्रों में एंटी-स्किड टाइल्स, सागौन लकड़ी के वेनियर फ्लश डोर्स सहित कई अन्य लग्जरी एलिमेंट्स शामिल हैं।शो-होम के प्रवेश द्वार पर ही प्रस्तावित ड्यूल लिफ्ट स्ट्रक्चर दर्शाया गया है, जो अपार्टमेंट के ग्रैंड प्राइवेट फोयर का हिस्सा है। ‘ओपस वन’ की खास पहचान के तौर पर प्रत्येक आवास को दो डेडिकेटेड प्राइवेट एलिवेटर्स से जोड़ा गया है। यह प्रोजेक्ट ड्यूल-कोर कॉन्सेप्ट पर आधारित है, जिसमें प्रत्येक मंज़िल पर केवल दो अपार्टमेंट होंगे।फर्श से छत तक बनी विशाल कांच की खिड़कियों से आने वाली प्राकृतिक रोशनी शो-होम को एक अलग ही अलौकिक अनुभव देती है। इसके साथ ही मोटराइज्ड कर्टन सिस्टम को शामिल किया गया है, जो आधुनिक लग्जरी का अनुभव कराता है। 11.5 फीट की फ्लोर-टू-सीलिंग ऊंचाई अपार्टमेंट को भव्य और लार्जर लिविंग एक्सपीरियंस प्रदान करती है।गुरिंदर भट्टी के अनुसार, पांच बेडरूम वाला यह अपार्टमेंट लेआउट लग्ज़री और उपयोगिता का बेहतरीन संतुलन प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि दो बेडरूम का आकार 14 x 20 वर्ग फुट है, जबकि तीन बेडरूम 16 x 12 वर्ग फुट के हैं। सभी में शानदार वार्डरोब और अटैच बाथरूम हैं। मास्टर और जूनियर बेडरूम में ड्यूल वैनिटी की सुविधा है, जबकि मास्टर सुइट में अलग शॉवर एरिया और सोकर टब के साथ स्पा जैसा निजी अनुभव मिलता है।जतिंदर बाजवा ने आगे कहा कि सस्टेनेबिलिटी को अपार्टमेंट्स में पूरी तरह समाहित किया गया है। ‘ओपस वन’ न्यू चंडीगढ़ का पहला आईजीबीसी प्लैटिनम रेटेड आवासीय प्रोजेक्ट है, जिसमें 5-स्टार एनर्जी रेटिंग, ऊर्जा-कुशल प्रणालियां और कम कार्बन फुटप्रिंट शामिल है।उन्होंने बताया कि शो-होम की एक खास विशेषता 1,150 वर्ग फुट का बड़ा बालकनी क्षेत्र है। उन्होंने कहा हमने इसे इस तरह डिज़ाइन किया है कि आवश्यकता पड़ने पर यह ड्राइंग रूम का विस्तार बन सके। ड्राइंग रूम सीधे बालकनी में खुलता है, जिससे 50 से 60 मेहमानों की शानदार और भव्य मेज़बानी संभव हो पाती है।किचन को अलग-अलग वेट और ड्राई ज़ोन के साथ बेहद सोच-समझकर डिज़ाइन किया गया है। इसमें रेफ्रिजरेटर, ओटीजी, डिशवॉशर सहित प्रीमियम बॉश अप्लायंसेज लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त एक अलग यूटिलिटी बालकनी में वाशिंग मशीन की व्यवस्था है, जबकि अलग प्रवेश द्वार वाला सर्वेंट रूम अटैच बाथरूम और वार्डरोब के साथ उपलब्ध है।‘ओपस वन’, न्यू चंडीगढ़ का सबसे ऊंचा आवासीय प्रोजेक्ट होगा, जिसके 11 रेजिडेंशियल टावर्स दिसंबर 2029 तक ट्राइसिटी की स्काईलाइन को नई पहचान देंगे।
हरियाणा में सतत औद्योगिक विकास के लिए मास्टर-प्लान्ड औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे: उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह
उद्योग मंत्री, हरियाणा राव नरबीर सिंह ने एसोचैम हरियाणा मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन किया
चंडीगढ़ । भारत की सबसे पुरानी शीर्ष उद्योग संस्था, द एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम ) द्वारा एसोचैम हरियाणा मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव 2026 का सफल आयोजन चंडीगढ़ के माउंटव्यू होटल में किया गया। इस कॉन्क्लेव का उद्घाटन हरियाणा सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के अग्रणी नेताओं, एमएसएमई, वित्तीय संस्थानों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने भाग लिया और हरियाणा के मैन्युफैक्चरिंग तंत्र को सशक्त बनाने तथा औद्योगिक विकास को गति देने पर विचार-विमर्श किया।इस मौके पर यश गर्ग, आईएएस, डायरेक्टर जनरल, एमएसएमई एवं उद्योग, हरियाणा सरकार; मनीष सिंघल, सेक्रेटरी जनरल, एसोचैम ; अभि बंसल, चेयरमैन, एसोचैम स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल; और राकेश भल्ला, चेयरमैन, एसोचैम चंडीगढ़ यूटी डेवलपमेंट काउंसिल भी उपस्थित रहे ।सभा को संबोधित करते हुए राव नरबीर सिंह ने कॉन्क्लेव के आयोजन के लिए एसोचैम का आभार व्यक्त किया और कहा कि हरियाणा को नवाचार, उन्नत प्रौद्योगिकी और प्रतिस्पर्धात्मकता के बल पर एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योग जगत के हितधारकों के साथ निरंतर संवाद कर रही है और उद्योग-अनुकूल नीतियां, प्रोत्साहन एवं बजटीय प्रावधान तैयार करते समय उनके सुझावों को शामिल किया जा रहा है। हरियाणा की औद्योगिक सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गुरुग्राम और मानेसर मजबूत औद्योगिक बेल्ट के रूप में उभरे हैं तथा इसी तर्ज पर राज्य भर में सुव्यवस्थित और सतत औद्योगिक विकास के लिए मास्टर-प्लान्ड औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि हरियाणा भारत के सर्वाधिक औद्योगीकृत राज्यों में से एक है और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है, साथ ही उद्योग जगत से मैन्युफैक्चरिंग तंत्र को और सुदृढ़ करने के लिए सुझाव आमंत्रित किए। यश गर्ग, आईएएस, डायरेक्टर जनरल, एमएसएमई एवं उद्योग, हरियाणा सरकार ने एमएसएमई विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, निवेशक-अनुकूल नीतियों और सतत विनिर्माण प्रथाओं को बढ़ावा देने हेतु राज्य की केंद्रित पहलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने व्यापार करने में सुगमता, नीति स्थिरता और सक्रिय सहयोग के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसका उद्देश्य घरेलू और वैश्विक निवेश आकर्षित करना है। मनीष सिंघल, सेक्रेटरी जनरल, एसोचैम ने भारत की सबसे पुरानी शीर्ष उद्योग संस्था के रूप में उद्योग–सरकार सहयोग को सुदृढ़ करने में एसोचैम की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं के विकास का इंजन है और कुशल प्रतिभा, मजबूत औद्योगिक आधार तथा प्रगतिशील नीति ढांचे के साथ हरियाणा में एक वैश्विक विनिर्माण नेता बनने की क्षमता है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत पहल, अनुसंधान एवं विकास केंद्रों, कौशल विकास तथा गुरुग्राम–मानेसर बेल्ट जैसे सफल औद्योगिक मॉडलों को पूरे राज्य में दोहराने के महत्व पर जोर दिया। साथ ही, दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करने के लिए सामाजिक अवसंरचना, जीवन की सुगमता और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता भी रेखांकित की।कॉन्क्लेव की पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए अभि बंसल, चेयरमैन, एसोचैम स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल एवं डायरेक्टर, सरस्वती ग्रुप ऑफ कंपनीज़ ने भारत के मैन्युफैक्चरिंग परिदृश्य में हरियाणा के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने क्षेत्र-विशेष दृष्टिकोण, सेक्टोरल समितियों के गठन, नवाचार-प्रेरित सोच और मजबूत नीति समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया तथा औद्योगिक विकास को गति देने में हरियाणा सरकार की सक्रिय भूमिका की सराहना की।कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए संजीव चावला, एडिशनल डेवलपमेंट कमिश्नर, एमएसएमई डीएफओ करनाल, एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार ने एमएसएमई को सशक्त बनाने हेतु केंद्र सरकार की प्रमुख पहलों की जानकारी दी। उन्होंने व्यापार करने में सुगमता, वित्त तक बेहतर पहुंच, प्रौद्योगिकी उन्नयन, क्रेडिट सहायता योजनाओं और कौशल विकास पर केंद्रित उपायों पर प्रकाश डाला तथा प्रतिस्पर्धात्मकता और विकास बढ़ाने के लिए एमएसएमई को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने के महत्व को रेखांकित किया।समापन वक्तव्य में राकेश भल्ला, चेयरमैन, एसोचैम चंडीगढ़ यूटी डेवलपमेंट काउंसिल एवं एडवाइजर टू एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं सीईओ, एसएमएल महिंद्रा लिमिटेड ने प्रमुख चर्चाओं का सार प्रस्तुत किया और नीति उद्देश्यों को ठोस क्रियान्वयन में बदलने तथा उद्योग और सरकार के बीच निरंतर संवाद सुनिश्चित करने के प्रति एसोचैम की प्रतिबद्धता दोहराई।संक्षिप्त विचार साझा करते हुए दीपा बाजपेयी, जनरल मैनेजर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने उन्नत विनिर्माण और स्वदेशीकरण में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि मानव गुप्ता,डायरेक्टर, स्टाइलम इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने नवाचार, गुणवत्तापूर्ण विनिर्माण और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता पर जोर दिया। कंवर लाल, डिप्टी जनरल मैनेजर, पंजाब एंड सिंध बैंक ने अनुकूलित वित्तीय समाधानों के माध्यम से विनिर्माण और एमएसएमई को समर्थन देने में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित किया।कॉन्क्लेव का समापन सरकार, उद्योग और वित्तीय संस्थानों के बीच सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ, ताकि मिलकर हरियाणा के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ किया जा सके और राज्य को एक वैश्विक विनिर्माण गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके।
क्रैक एकेडमी ने जीएसएसएस डंगर के छात्रों को किफायती तरीके से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किया मार्गदर्शन

बिलासपुर । गवर्नमेंट बॉयज़ सीनियर सेकेंडरी स्कूल (जीएसएसएस) डंगर में कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और करियर योजना को लेकर एक जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। यह सेमिनार एड-टेक संस्था क्रैक एकेडमी की ओर से आयोजित किया गया।कार्यक्रम के दौरान छात्रों को बताया गया कि जेईई मेन व एडवांस, एनडीए और नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी में आमतौर पर बाजार में लगभग दो लाख रुपये तक खर्च आता है। क्रैक एकेडमी ने जानकारी दी कि वह इन परीक्षाओं की पूरी तैयारी सामान्य स्कूल ट्यूशन के बराबर फीस में उपलब्ध करा रही है, ताकि आर्थिक कारणों से कोई छात्र पीछे न रह जाए।सेमिनार को संबोधित करते हुए क्रैक एकेडमी के सीईओ और फाउंडर नीरज कंसल ने कहा कि हमारा मानना बहुत साफ है,शिक्षा किसी का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि हर बच्चे का अधिकार है।

हम चाहते हैं कि हर योग्य छात्र को, उसकी आर्थिक स्थिति चाहे जैसी भी हो, अच्छी पढ़ाई, मजबूत अवधारणात्मक समझ, नियमित मॉक टेस्ट और व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिल सके। क्रैक एकेडमी में हम सिर्फ कक्षाएं नहीं चलाते, बल्कि छात्रों का भविष्य बनाते हैं।इस अवसर पर छात्रों को समय रहते लक्ष्य तय करने और स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के तरीकों पर भी जानकारी दी गई। साथ ही, छात्रवृत्ति योजनाओं, फ्लेक्सिबल फीस व्यवस्था और आर्थिक सहायता से जुड़े विकल्पों के बारे में बताया गया। सेमिनार में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे और उन्होंने इसे उपयोगी बताया।
