Tuesday, March 10, 2026
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सीआईएचएम में 14वीं नॉर्थ इंडिया पैटिसरी कॉम्पिटिशन का भव्य आग़ाज़

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सात राज्यों की 17 टीमें तीन दिवसीय कॉम्पिटिशन में ले रहीं हिस्सा

चंडीगढ़। चंडीगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (सीआईएचएम), सेक्टर-42 में मंगलवार को 14वीं नॉर्थ इंडिया पैटिसरी कॉम्पिटिशन 2026 का उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। सीआईएचएम और यूएस हाईबश ब्लूबेरी काउंसिल (यूएसएचबीसी) के संयुक्त आयोजन में आयोजित यह तीन दिवसीय प्रतियोगिता उत्तर भारत की सबसे प्रतिष्ठित पैटिसरी स्पर्धाओं में गिनी जाती है। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को आधुनिक पैटिसरी में नवाचार, तकनीकी दक्षता और रचनात्मक उत्कृष्टता का मंच प्रदान करना है। इस वर्ष प्रतियोगिता में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के प्रमुख होटल मैनेजमेंट व क्यूलिनरी संस्थानों की 17 टीमें भाग ले रही हैं। प्रत्येक टीम में दो छात्र शामिल हैं, जो अपने कौशल, सृजनात्मक सोच और कलात्मक प्रस्तुति का प्रदर्शन कर रहे हैं।इस संस्करण की खास बात सभी श्रेणियों में यूएसए ब्लूबेरीज़ का अनिवार्य उपयोग रहा। प्रतिभागियों ने थीम-आधारित डेकोरेटेड केक, प्लेटेड डेज़र्ट, ब्रेड्स, पेटिट फोर्स, फॉन्डेंट मॉडलिंग और क्विज़ कॉम्पिटिशन में फ्रोजन, प्यूरी, फ्रूट फिलिंग, फ्रीज़-ड्राइड और ड्राइड ब्लूबेरीज़ का इस्तेमाल किया। पहले दिन ब्रेड्स और पेटिट फोर्स की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कॉम्पिटिशन का मूल्यांकन प्रतिष्ठित ज्यूरी पैनल ने किया, जिसमें शेफ अशियन टोपनो (रीजनल हेड – पिल्सबरी इंडिया), शेफ गुरु प्रकाश सिंह (लीड शेफ व बेकरी एप्लीकेशन स्पेशलिस्ट), शेफ सत्य प्रकाश (एग्जीक्यूटिव शेफ, हॉलिडे इन चंडीगढ़ – आईएचजी) और शेफ संदीप कनौजिया (पैटिसरी शेफ, हयात रीजेंसी चंडीगढ़) शामिल थे। ज्यूरी ने प्रतिभागियों की तकनीक, सटीकता और नवाचार की सराहना की।

कार्यक्रम का उद्घाटन सीआईएचएम के प्रिंसिपल विशाल कालिया और यूएसए ब्लूबेरीज़ के इंडिया प्रतिनिधि राज कपूर ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। विशाल कालिया ने कहा कि यह प्रतियोगिता क्यूलिनरी शिक्षा के लिए एक मानक बन चुकी है और छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाने में सहायक है। वहीं, राज कपूर ने युवा शेफ्स द्वारा यूएसए ब्लूबेरीज़ के रचनात्मक उपयोग की प्रशंसा करते हुए वैश्विक सामग्री को भारतीय पाक-परिदृश्य से जोड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।

भाजपा चंडीगढ़ के इंटेलेक्चुअल सेल ने ‘यूनियन बजट 2026: फ्रॉम इकनोमिक पालिसी टू नेशनल विज़न’ विषय पर पैनल चर्चा का आयोजन किया

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पैनल चर्चा में आम नागरिक के लिए यूनियन बजट 2026 को सरल भाषा में समझाया गया: डॉ. मोनिका बी. सूद, कन्वीनर, इंटेलेक्चुअल सेल , भाजपा चंडीगढ़

चंडीगढ़ । भाजपा चंडीगढ़ के इंटेलेक्चुअल सेल (बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ) ने ‘यूनियन बजट 2026: फ्रॉम इकनोमिक पालिसी टू नेशनल विज़न’(अर्थनीति से राष्ट्रीय दूरदर्शिता ) विषय पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया।राजस्थान भवन, सेक्टर 33 में आयोजित इस सत्र का आयोजन डॉ. मोनिका बी. सूद, कन्वीनर, इंटेलेक्चुअल सेल, भाजपा चंडीगढ़ तथा सेल की कोर टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में भाजपा चंडीगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।पैनल चर्चा के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. मोनिका बी. सूद ने कहा कि यह कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यूनियन बजट को सरल बनाकर आम नागरिक से जोड़ना तथा आर्थिक नीतियों को दैनिक जीवन से जोड़ना है। इस पैनल चर्चा का उद्देश्य बजट के प्रमुख प्रावधानों को सरल भाषा में समझाना था ।पैनल चर्चा के दौरान वक्ताओं ने बताया कि यूनियन बजट 2026–27 में तकनीक आधारित विकास, रोजगार सृजन, नवाचार और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया गया है। डॉ. सूद ने मीडिया को बताया कि वैश्विक शक्ति संतुलन में बुनियादी परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि 30-40 वर्ष पहले युद्ध तेल और ईंधन को लेकर होते थे, लेकिन आने वाले दशकों में प्रतिस्पर्धा सेमीकंडक्टर और डेटा नियंत्रण को लेकर होगी। सेमीकंडक्टर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल बुनियादी ढांचे की रीढ़ हैं।उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य में रक्षा, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों को परिभाषित करेगा, इसलिए सेमीकंडक्टर निर्माण और उन्नत तकनीक में निवेश एक रणनीतिक राष्ट्रीय प्राथमिकता है। इसी दृष्टि को साकार करने के लिए बजट में देशभर में 15,000 उन्नत प्रौद्योगिकी प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए प्रावधान किया गया है, जहां छात्रों को एआई, रोबोटिक्स, डेटा साइंस, गेमिंग तकनीक और क्वांटम कंप्यूटिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही बालिकाओं के लिए स्टेम(एस टी इ एम) शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है तथा प्रत्येक जिले में छात्रावास निर्माण का प्रावधान किया गया है, जिससे उन्नत तकनीकी शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित हो सके।पैनल चर्चा का संचालन अधिवक्ता एवं टाई (टीआईई) , चंडीगढ़ में टाई (टीआईई) वूमन, की चेयरपर्सन पूजा नायर ने किया। चर्चा में शिक्षाविद एवं उद्यमी डॉ. धरिंदर तायल , वित्तीय विशेषज्ञ सीएमए राकेश भल्ला, सीए एवं एलएलबी नवीन कुमार सोनी तथा टाई (टीआईई) चंडीगढ़ के प्रेसीडेंट पुनीत वर्मा ने पैनलिस्ट के रूप में भाग लिया।पैनलिस्टों ने बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी पर चर्चा करते हुए बताया कि आर्थिक विकास और राष्ट्रीय मजबूती का आधार सशक्त बुनियादी ढांचा है। चर्चा में उल्लेख किया गया कि प्रस्तावित सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 20 राष्ट्रीय जलमार्गों के संचालन से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, टियर-2 और टियर-3 शहरों को जोड़ा जाएगा तथा व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत रक्षा निर्यात में हुई उल्लेखनीय वृद्धि तथा रक्षा आत्मनिर्भरता को आर्थिक मजबूती और जीडीपी वृद्धि का प्रमुख कारक भी बताया गया।पैनल में स्टार्ट-अप और एमएसएमई के लिए बजट में किए गए प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एमएसएमई और एसएमई को सशक्त बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के आवंटन से युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. सूद ने बताया कि प्रधानमंत्री स्टार्टअप मिशन के तहत प्रतिवर्ष लगभग 1.4 लाख स्टार्टअप शुरू किए जा रहे हैं, जो प्रति उद्यम सीमित रोजगार के बावजूद सामूहिक रूप से लाखों नई नौकरियां सृजित कर रहे हैं।स्वास्थ्य सुधार भी चर्चा का प्रमुख विषय रहा। डॉ. सूद ने बताया कि जीवनरक्षक दवाओं पर आयात शुल्क हटाकर आवश्यक दवाओं को अधिक किफायती बनाया गया है। इसके साथ ही भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को पुनर्जीवित करने के लिए तीन एम्स-स्तरीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना तथा घरेलू दवा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ‘बायो-शक्ति मिशन’ के अंतर्गत विशेष वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।डॉ. सूद ने कहा कि यूनियन बजट 2026–27 कोई अल्पकालिक अभ्यास नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का दीर्घकालिक रोडमैप है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को वैश्विक सुपर-इकोनॉमी बनाने के विजन के अनुरूप है। उन्होंने नागरिकों से वित्त, तकनीक और कर प्रणाली को गहराई से समझने का आग्रह करते हुए कहा कि भारत की तेज आर्थिक प्रगति पर अब पूरी दुनिया की नजर है।

आंखों से जो उतरी है दिल में” जैसे खूबसूरत गीतों से सुरों में भीगी ‘वेलेंटाइन संगीत वर्षा’हास्य कलाकार एवं गायिका कंचन भल्ला ने दर्शकों को खूब हंसाया और कई गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी

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“चंडीगढ़ । संगीत, प्रेम और सौहार्द के रंगों में सजी ‘वेलेंटाइन संगीत वर्षा’ क्राओके गायन कार्यक्रम का आयोजन चंडीगढ़ नारी एकता संगठन द्वारा कम्युनिटी सेन्टर, सेक्टर 40ए, चंडीगढ़ में किया गया। संगीतमय माहौल, मधुर स्वरों की बहार और-नृत्य के समावेश ने इस सांस्कृतिक संध्या को श्रोताओं के लिए यादगार बना दिया।कार्यक्रम की शुरुआत में राजेश कुमारी गणेश ने अपनी मनमोहक नृत्य प्रस्तुति से किया और खूब प्रशंसा बटोरी। इस दौरान उनके साथ गुरदीप कौर एवं मीनू ने संगत की। कार्यक्रम की प्रस्तुति गायिका एवं हास्य कलाकार कंचन भल्ला ने दी। उन्होंने सधी हुई गायकी, दिल को छू लेने वाले फिल्मी गीतों और बीच-बीच में हास्य प्रस्तुतियों से सभागार को सुरों और ठहाकों से भर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में कंचन भल्ला की मधुर प्रस्तुति ‘आंखों से जो उतरी है दिल में’, दिल है छोटा सा’ प्रस्तुत किया,से हुई। इसके बाद उन्होंने एक भजन ‘तोरा मन दर्पण कहलाए, जिसने पूरे वातावरण को सुकून और आत्मीयता से भर दिया।इसके पश्चात एक के बाद एक लोकप्रिय नग़मों ने श्रोताओं का दिल जीत लिया। विक्रमजीत ग्रोवर और कंचन ने ‘हाय रे हाय’, राम आनंद ने ‘इशारों को अगर समझो’, रेनू बेदी ने ‘बिजली गिरने मैं हूं आई’, कुलदीप मलिक और कंचन ने ‘मैं ना भूलूंगा’, जबकि अशोक राणा ने डम डम डिगा डिगा, विमला गुगलानी और कंचन ने ‘मन क्यों बहका रे’ गुरबख्श रावत ने देखा तैनू पहली पहली बार वे’,रिक्की सहगल ने जरा सा झूम लू में कुलदीप मालिक और कंचन भल्ला ने मैं ना भूलूंगा, अशोक राणा और कंचन ने ‘ओ मेरा प्यार भी तू है’ जैसे गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम का समापन ‘किसी पत्थर की मूरत, तुमसे ओ हसीना,तेरी रब ने बना दी जोड़ी,ए गुलबदन’ और ‘चलते-चलते मेरे ये गीत’जैसे लोकप्रिय गीतों के साथ हुआ, जिन पर सभागार तालियों की गूंज से भर उठा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय पार्षद गुरबख्श रावत रहीं वहीं विशेष अतिथि के रूप में स्वर साधना कला फाउंडेशन, कुरुक्षेत्र के डायरेक्टर अशोक राणा,स्वर साधना कला फाउंडेशन, कुरुक्षेत्र के जनरल सेक्रेटरी कुलदीप मलिक की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। संगठन की प्रेसीडेंट राजेश कुमारी गणेश ने आए हुए मेहमानों का स्वागत किया। इस संगीत संध्या में लगभग 23 शौकीन गायकों ने भाग लिया और सदाबहार गीतों की मधुर प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। मंच का कुशल और प्रभावशाली संचालन विमला गुगलानी द्वारा किया गया एवं डॉ अनिता अग्रवाल ने आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। इस सारे कार्यक्रम के आयोजन में गुरदीप कौर,सुषमा, मीनू, राज, सरला , शर्मिला , व पवना का विशेष सहयोग रहा।

रॉयल केनेल क्लब द्वारा आयोजित मेगा डॉग शो पंचकूला में हुआ संपन्न

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पंचकूला । रॉयल केनेल क्लब पंचकूला ने सेक्टर 3, पंचकूला में होटल हॉलिडे इन के सामने शो ग्राउंड में अपने बहुप्रतीक्षित मेगा डॉग शो के 7वें एडिशन का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस भव्य कार्यक्रम में ट्राईसिटी, भारत के विभिन्न हिस्सों और यहाँ तक कि विदेशों से भी डॉग्स से प्यार करने वालों, ब्रीडर्स और ट्रेनर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे इसे सचमुच एक अंतर्राष्ट्रीय रंग मिला।

अरिशंदर सिंह, आईपीएस, डीजीपी, विजिलेंस, और अल्बा स्मेरिग्लियो, ब्रिटिश उप उच्चायुक्त (चंडीगढ़), ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई और डॉग्स के प्रति ज़िम्मेदारी और डॉग्स की नस्लों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।रॉयल केनेल क्लब पंचकूला के सिकंदर सिंह ने कहा कि मेगा डॉग शो उत्तरी भारत के सबसे बड़े डॉग्स के कार्यक्रमों में से एक बन गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वदेशी डॉग्स की नस्लों के बारे में जागरूकता पैदा करना और पालतू जानवरों की ज़िम्मेदारी से देखभाल को बढ़ावा देना है, जो प्रधानमंत्री के भारतीय नस्ल के डॉग्स को गोद लेने के लिए प्रोत्साहित करने के आह्वान के अनुरूप है। उन्होंने आगे बताया कि अंकुर गुप्ता, सीनियर आईएएस (रिटायर्ड), हरियाणा, रॉयल केनेल क्लब पंचकूला के संरक्षक और संस्थापक, ने क्लब की स्थापना और उसे आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और इसके विज़न और गतिविधियों का मार्गदर्शन करते रहते हैं।इस कार्यक्रम में जाने-माने जजों ने निर्णायक की भूमिका निभाई, जिनमें मुकुल वैद्य, एफसीआई, अंतर्राष्ट्रीय डॉग शो जज, क्रिस्टीना, फिनलैंड की जज और यशोदा, ऑल ब्रीड्स एफसीआई लाइसेंस प्राप्त जज, भारत शामिल हैं। उनकी उपस्थिति ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञता को एक साथ लाया, जिससे शो की प्रतिष्ठा बढ़ी।डॉग शो सुबह 9:30 बजे शुरू हुआ और शाम 7:00 बजे तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में दर्शक, डॉग्स के शौकीन, वरिष्ठ नौकरशाह, वीआईपी और विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।

अपनी खुशी व्यक्त करते हुए, सिकंदर सिंह ने कहा, “मुझे पंचकूला में इस शो का हिस्सा बनकर बहुत खुशी हो रही है। प्यारे दोस्त हमेशा इंसानों के करीब रहे हैं, और ऐसे कार्यक्रम हमें उनके और करीब लाते हैं। समाज में सद्भावपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए विभिन्न डॉग्स की नस्लों के बारे में जागरूकता आवश्यक है। आखिरी दिन कुत्तों की कई तरह की नस्लों को दिखाया गया, जिनमें पोमेरेनियन, पग, माल्टीज़, चिहुआ हुआ, फ्रेंच बुलडॉग, ल्हासा अप्सो, टॉय पूडल, पेकिंगीज़, मास्टिफ, रॉटवैलेर, गद्दी, सेंट बर्नार्ड, डोगो अर्जेंटिनो, लैब्राडोर, जर्मन शेफर्ड, साइबेरियन हस्की, चाउ चाउ, अकिता इनु, ब्रिटिश बुलडॉग, शिह त्ज़ू और स्टैंडर्ड पूडल शामिल थे।कई कैटेगरी में जीतने वाले डॉग्स और उनके ट्रेनर्स को ट्रॉफियां दी गईं, जिससे इवेंट में जोश और मुकाबले की भावना बढ़ गई।आयोजकों ने स्पॉन्सर थे प्लैनेट पेट्स, किंडर पांडा प्ले स्कूल, पंचकूला और जर्मन लैंग्वेज इंस्टीट्यूट के सहयोग को भी सराहा, जिनके योगदान से यह इवेंट बहुत सफल रहा।

फायर सेफ्टी पर उद्योग की साझा पहल: एल्यूडेकोर ने ACP सेक्टर के लिए शुरू की देश की सबसे बड़ी मुफ्त टेस्टिंग ड्राइव

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चंडीगढ़ । फसाड और बिल्डिंग मैटेरियल सेक्टर में फायर सेफ्टी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, देश की अग्रणी फसाड प्रोडक्ट निर्माता कंपनी Aludecor ने एल्यूमिनियम कंपोजिट पैनल (ACP) उद्योग के लिए एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। कंपनी ने सभी ACP ब्रांड्स के लिए निःशुल्क, स्वैच्छिक और ओपन-टू-ऑलमैटेरियल टेस्टिंग पहल की शुरुआत की है, जो B2Bक्षेत्र में अपनी तरह की सबसे बड़ी पहल मानीजा रही है। यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है,जब देशभर में इमारतों में आग की घटनाओं के बाद ACP की गुणवत्ता, फायररेजिस्टेंस और ट्रेसबिलिटी को लेकर सवाल तेज़ हुए हैं। ACP का उपयोग कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, अस्पतालों, होटलों और आवासीय इमारतों में बड़े पैमाने पर होता है, ऐसे में किसी भी स्तर परगुणवत्ता से समझौता सीधे जन-सुरक्षा से जुड़ा मुद्दाबन जाता है। चंडीगढ़, जो उत्तर भारत के तेजी से उभरते ACP बाजारों में शामिल है,इस पहल का अहम केंद्र है। एल्यूडेकोर का यहां फैब्रिकेटर्स, आर्किटेक्ट्स और बिल्डर्स के साथ लंबे समय से सक्रिय जुड़ाव रहा है। कंपनी का मानना है कि जैसे-जैसे प्रोजेक्ट्स का स्केल और तकनीकी जटिलता बढ़ रही है, वैसे-वैसे पारदर्शी और निष्पक्ष टेस्टिंग व्यवस्था उद्योग के लिए अनिवार्य हो गई है। एल्यूडेकोर लैमिनेशन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर (सेल्स)सौरव काबरा ने कहा,“ACP वैल्यू चेन में फैब्रिकेटर्स की भूमिका बेहद अहम होती है और उन्हें भरोसेमंद व पारदर्शी टेस्टिंग व्यवस्था का समर्थन मिलना जरूरी है। किसी भी प्रोडक्ट के फेल होने की स्थिति में सबसे पहले सवाल फैब्रिकेटर्स पर ही उठते हैं, जबकि यह आर्किटेक्ट्स और बिल्डर्स के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन जाती है। लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं के चलते अब टेस्टिंग और ट्रेसबिलिटी किसी एक ब्रांड का नहीं, बल्कि पूरे उद्योग का मुद्दा बन चुकी है। NABL-मान्यता प्राप्त हमारी इन-हाउस फायर टेस्टिंग सुविधाओं को बिना किसी शुल्क और बिना ब्रांड पहचान के पूरे ACP उद्योग के लिए खोलकर हम जिम्मेदार और सूचित मैटेरियल चयन को बढ़ावा दे रहे हैं। यह पहल प्रतिष्ठा की रक्षा, जोखिम को कम करने और अंततः जीवन बचाने से जुड़ी है। इस पहल के तहत एल्यूडेकोरने अपने अत्याधुनिक इन-हाउस आरएंडडी सेंटर को पूरे ACP उद्योग के लिए खोल दिया है। यह किसीACP निर्माता के पास मौजूद एक मात्र NABL-मान्यता प्राप्त ‘रिएक्शन-टू-फायर’ टेस्टिंग सुविधा है। खास बात यह है कि सैंपल सीधे साइट पर सप्लाई की गई सामग्री से लिए जाएंगे, ताकि टेस्ट किए गए और उपयोग में लाए गए प्रोडक्ट में कोई अंतर न रहे। पूरी प्रक्रिया ब्रांड-ब्लाइंड और गोपनीय रखी जाएगी, जिससे निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। एल्यूडेकोर के ACP प्रोडक्ट्स पहले से ही 205 से अधिक अनिवार्य क्वालिटी और परफॉर्मेंस टेस्ट से गुजरते हैं,जिनमें फायर रेजिस्टेंस, कलर स्टेबिलिटी, टिकाऊपन और दीर्घकालिक संरचनात्मक मजबूती शामिल है। इस इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरे उद्योग के लिए उपलब्ध कराकर कंपनी टेस्टिंग को ब्रांड-ड्रिवन प्रक्रिया के बजाय साझा औद्योगिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित कर रही है।पिछले12 वर्षों में एल्यूडेकोर ने देशभर में 3 लाख से अधिक फैब्रिकेटर्स के साथ ट्रेनिंग और नॉलेज डेवलपमेंट कार्यक्रम किए हैं। यह नई पहल उसी दीर्घकालिक जुड़ाव का अगला चरण है, जो ACP उद्योग को अधिक सुरक्षित,पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट ने आयोजित किया 202वां अन्न भंडारा

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पंचकूला । समाज सेवा के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता निभाते हुए सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों में अग्रणी गैर-सरकारी संगठन पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से फेज-1, औद्योगिक क्षेत्र, पंचकूला में 202वां अन्न भंडारा सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।इस अवसर पर ट्रस्ट के संस्थापक एवं समाजसेवी अमिताभ रुंगटा ने कहा कि संस्था का उद्देश्य जरूरतमंदों तक भोजन पहुँचाना और समाज में सेवा, सहयोग तथा करुणा की भावना को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि 202वां अन्न भंडारा केवल एक संख्या नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और निरंतर प्रयासों का प्रतीक है। हमारा सतत प्रयास है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को भरपेट एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके।उन्होंने आगे कहा कि यह पहल केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि आपसी भाईचारे, सामाजिक सहभागिता और मानवता को मजबूत करने का भी एक सार्थक प्रयास है। हमें प्रसन्नता है कि बड़ी संख्या में लोग इस पुनीत कार्य में सहयोग कर रहे हैं और भविष्य में भी इसी समर्पण भाव के साथ यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।अन्न भंडारे के आयोजन में ट्रस्ट के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई और इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

ब्रेन और स्पाइन सर्जरी में प्रगति, शीघ्र निदान और सुरक्षित उपचार विकल्प

लुधियाना । जाने-माने न्यूरोसर्जन और स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. अश्विनी कुमार चौधरी और डॉ. शिवेंद्र सोबती ने लुधियाना में ब्रेन और स्पाइन से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों तथा आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से हो रहे उपचार में बदलावों पर चर्चा की। इस विशेषज्ञ संवाद में लक्षणों की शुरुआती पहचान, नए उपचार विकल्पों और पारंपरिक ओपन सर्जरी से मिनिमली इनवेसिव (कम चीरा) तकनीकों की ओर हो रहे बदलाव पर विशेष ध्यान दिया गया।मेडिकल सेशन की शुरुआत करते हुए, विशेषज्ञों ने ब्रेन और स्पाइन से जुड़ी स्थितियों के शुरुआती चेतावनी संकेतों, जैसे लगातार पीठ दर्द, कमजोरी, सुन्नपन, असंतुलन, लगातार सिरदर्द, और बोलने या देखने में बदलाव, को पहचानने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना अत्यंत आवश्यक है। विशेषज्ञों ने कहा कि आज मरीजों के लिए कंज़र्वेटिव ट्रीटमेंट, मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी और आधुनिक ब्रेन सर्जरी तकनीकें उपलब्ध है। हर मरीज का इलाज उसकी स्थिति, उम्र और बीमारी की गंभीरता के अनुसार तय किया जाता है। स्पाइन सर्जरी के क्षेत्र में हुए विकास पर बोलते हुए डॉक्टरों ने कहा कि अब खुली सर्जरी की बजाय कम चीरे वाली तकनीकों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे कम रक्तस्राव, कम दर्द, जल्दी रिकवरी और कम अस्पताल में रहने की आवश्यकता होती है। साथ ही एडवांस इमेजिंग और नेविगेशन तकनीक से सर्जरी अधिक सुरक्षित और सटीक हो गई है। ब्रेन सर्जरी में हुई प्रगति पर विशेषज्ञों ने बताया कि नेविगेशन-गाइडेड और एंडोस्कोपिक तकनीकों से सर्जन महत्वपूर्ण मस्तिष्क हिस्सों को नुकसान पहुंचाए बिना अधिक सटीक ऑपरेशन कर पा रहे है, जिससे मरीजों की रिकवरी तेजी से होती है और परिणाम बेहतर होते है। कार्यक्रम के अंत में मीडिया से बातचीत के दौरान डॉक्टरों ने कहा कि मरीजों को सही जानकारी और विशेषज्ञ सलाह लेना बेहद जरूरी है। हर मरीज को सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए सही जांच और मूल्यांकन सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य लोगों में ब्रेन और स्पाइन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय रहते इलाज के लिए प्रेरित करना है।

युवा वर्ग द्वारा धर्म के मार्ग पर चलकर समाजसेवा करने के कार्य करना अत्यंत सराहनीय व अनुकरणीय है : सौरभ जोशी

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मेयर सौरभ जोशी ने श्री शिव महापुराण कथा के लिए किया भूमि पूजन

चण्डीगढ़ ।ओम महादेव कावड़ सेवा दल, चण्डीगढ़ द्वारा सेक्टर–34 स्थित मेला ग्राउंड में 7 फ़रवरी से कराई जाने वाली श्री शिव महापुराण कथा के लिए कथा स्थल पर पर आज विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मेयर सौरभ जोशी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर सोनाक्षी नंदगिरी महाराज एवं बाबा हरजीत सिंह रसूलपुरिया (अयोध्या लंगर वाले) की विशेष गरिमामयी उपस्थिति रही। संत-महात्माओं के सान्निध्य में भूमि पूजन विधिवत रूप से संपन्न हुआ।सौरभ जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में शहर के युवा जिस प्रकार धर्म के मार्ग पर चलकर समाजसेवा कर रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। कन्या विवाह, प्रतिदिन भंडारा एवं धार्मिक आयोजनों जैसे कार्य समाज को एक नई दिशा देते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे सभी धार्मिक और सामाजिक कार्यों में वे सदैव इन युवाओं के साथ खड़े रहेंगे।वहीं महामंडलेश्वर सोनाक्षी नंदगिरी महाराज एवं बाबा हरजीत सिंह रसूलपुरिया ने कहा कि वर्तमान समय में देश और धर्म को समर्पित युवाओं की अत्यधिक आवश्यकता है।

उन्होंने ओम महादेव कावड़ सेवा दल द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए समाज हित में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग देने का संकल्प लिया।इस भव्य कार्यक्रम में ओम महादेव कावड़ सेवा दल की टीम से गौरव श्रीवास्तव, नरेश गर्ग, हनी गुलाटी, सोनू गर्ग, अभिषेक, मनोहर लाल, अनिल, अशोक, रिंकू जैन, मोहित, शेर सिंह ठाकुर, पुनीत गोयल सहित संस्था के अनेक सदस्यगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का प्रतीक बना।उल्लेखनीय है कि ओम महादेव कांवड़ सेवा दल, चण्डीगढ़ के तत्वावधान में शिव महापुराण कथा-6 का भव्य आयोजन सेक्टर 34 स्थित मेला ग्राउंड में किया जा रहा है जिसमें वृंदावन से पूज्य बाबा चित्र-विचित्र महाराज कथा व्यास होंगे। इस धार्मिक आयोजन के अंतर्गत 7 फ़रवरी को भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो सेक्टर-45 से सेक्टर-34 तक जाएगी। इस कलश यात्रा में देश के विभिन्न अखाड़ों से पधारे अनेक धर्मगुरु, संत-महात्मा एवं साधु-संत अपनी पावन उपस्थिति से आयोजन की शोभा बढ़ाएँगे। साथ ही कथा के अंतिम दिन 15 फरवरी को 11 कन्याओं का सामूहिक विवाह भी विधि-विधान से संपन्न कराया जाएगा।

गणतंत्र दिवस पर LIC में 28 वर्षों की सेवा के लिए रितेश भाटिया सम्मानित

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चंडीगढ़ । गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में उत्कृष्ट कार्य और 28 वर्षों से निरंतर समर्पित सेवा के लिए रितेश भाटिया को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें LIC के सीनियर ब्रांच मैनेजर नरेंद्र सिंह द्वारा प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके लंबे अनुभव, कर्मठता और पॉलिसीधारकों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।सम्मान प्राप्त करने के बाद रितेश भाटिया ने कहा कि यह उपलब्धि उनकी व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उनके पॉलिसीधारकों के अटूट विश्वास, सहयोग और निरंतर समर्थन का परिणाम है। उन्होंने यह सम्मान अपने सभी ग्राहकों को समर्पित करते हुए कहा कि ग्राहकों का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा है।रितेश भाटिया ने अपने सभी आदरणीय पॉलिसीधारकों, सहयोगियों एवं शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे भविष्य में भी पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा के साथ लोगों को बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने और समाज को सुरक्षित भविष्य देने के अपने दायित्व को निभाते रहेंगे।

पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा अन्न भंडारे का आयोजन

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पंचकूला । सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों में अग्रणी गैर-सरकारी संगठन ने शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि, जो कि भगवान शिव को समर्पित है, के दिन पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा फेज़-1, औद्योगिक क्षेत्र में 201वें अन्न भंडारे का आयोजन किया गया।अन्न भंडारे में समाज के विभिन्न वर्गों एवं समुदायों के लोगों ने ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस सेवा कार्य का लाभ उठाया।इस अवसर पर ट्रस्ट के संस्थापक एवं समाजसेवी अमिताभ रूंगटा ने इस दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि भगवान शिव से जुड़ी मानी जाती है। शनिवार का दिन होने के कारण शनि देव की पूजा भी इस दिन विशेष फलदायी मानी जाती है। माघ मास और उत्तरायण काल में अन्न भंडारा, दान जप और ध्यान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है।इस सेवा आयोजन में ट्रस्ट के सदस्य पूरे समर्पण भाव के साथ उपस्थित रहे।