Saturday, September 19, 2026
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की उपस्थिति में आईएसबी ने लीडरशिप समिट 2026 में मनाई सिल्वर जुबली

मोहाली । इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) ने आज मोहाली में आयोजित आईएसबी लीडरशिप समिट 2026 के साथ अपनी सिल्वर जुबली के साल की शुरुआत की। इस मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान और आईएसबी के एग्जीक्यूटिव बोर्ड के चेयरपर्सन हरीश मनवानी मौजूद रहे। “इंडिया अनबाउंड: डिफाइनिंग टुमॉरोज लीडरशिप” थीम पर आयोजित इस समिट में बिजनेस, सरकार, शिक्षा जगत और समाज के अलग-अलग क्षेत्रों के लीडर्स एक साथ आए। उन्होंने इस बात पर चर्चा की कि भारत की अर्थव्यवस्था, बिजनेस और संस्थाएँ जिस तरह बदल रही हैं, उस दौर में किस तरह की लीडरशिप की जरूरत है और इस बदलाव को आगे बढ़ाने में लीडर्स की क्या भूमिका हो सकती है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान ने आईएसबी के तेजी से आगे बढ़कर दुनिया के शीर्ष बिजनेस स्कूलों में अपनी जगह बनाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में काफी ऊर्जा है, लेकिन आईएसबी जैसे संस्थान उन्हें सही दिशा और लीडरशिप देकर आगे में मदद करते हैं। भविष्य के बिजनेस लीडर्स को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि असली सफलता मजबूत मूल्यों से जुड़े रहने और समाज के लिए कुछ करने से मिलती है।प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए आईएसबी के एग्जीक्यूटिव बोर्ड के चेयरमैन हरीश मनवानी ने कहा कि लीडरशिप का मतलब सिर्फ किसी पद पर होना नहीं है, बल्कि मुश्किल और अनिश्चित समय में ईमानदारी के साथ जिम्मेदारी लेना है। उन्होंने कहा कि बिजनेस का उद्देश्य सिर्फ शेयरहोल्डर्स के लिए ही नहीं, बल्कि सभी स्टेकहोल्डर्स और बड़े स्तर पर समाज के लिए भी मूल्य तैयार करने पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि आज के लीडर्स को ‘ग्रेट टू गुड’ की दिशा में आगे बढ़ना होगा और ऐसे सफल बिजनेस तैयार करने होंगे जो समाज के लिए भी काम करें। उन्होंने कहा कि एक मजबूत अर्थव्यवस्था वही है, जिसमें सभी की भागीदारी हो।सिल्वर जुबली के कार्यक्रमों के तहत आईएसबी के डीन प्रोफेसर मदन पिल्लुतला ने आईएसबी की 25 साल की यात्रा पर बनी एक खास फिल्म लॉन्च की। इसके साथ एक स्मृति लोगो और वेबसाइट भी पेश की गई। यह फिल्म उन कई कार्यक्रमों का हिस्सा है, जिनके जरिए स्कूल अपनी 25 साल की यात्रा का जश्न मनाएगा और अगले 25 साल की ओर आगे बढ़ेगा। डीन ने एआई की मदद से समाज में होने वाले बड़े बदलावों की संभावनाओं पर बात की और कहा कि लीडर्स की जिम्मेदारी होगी कि वे ऐसे सिस्टम तैयार करें, जिससे टेक्नोलॉजी का फायदा हर किसी तक पहुँच सके।यह अवसर आईएसबी की मैनेजमेंट एजुकेशन में 25 साल की यात्रा और भारत व दुनिया के लिए लीडर्स तैयार करने में उसके लगातार योगदान को दर्शाता है। अपनी शुरुआत से ही स्कूल ने ऐसी लीडरशिप तैयार करने पर ध्यान दिया है, जो सिर्फ संगठनों को प्रबंधित करने तक सीमित न हो। इसका उद्देश्य छात्रों को बिजनेस और संस्थानों की अगुवाई करने के साथ-साथ उन समुदायों और समाज के लिए योगदान देने के लिए तैयार करना रहा है, जिनके बीच वे काम करते हैं।सांसद मनीष तिवारी ने संबोधन दिया और समिट में लीडरशिप, पब्लिक पॉलिसी और भारत की बदलती विकास यात्रा पर होने वाली चर्चाओं की शुरुआत की। पूरे दिन चले सत्रों में आंत्रप्रेन्योरशिप, कंज्यूमर बिजनेस, एविएशन, फाइनेंस और ग्लोबल ब्रांड बिल्डिंग जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इनमें इनमोबी/ग्लांस के को-फाउंडर पीयूष शाह, स्विगी के फूड मार्केटप्लेस के सीईओ रोहित कपूर, अकासा एयर के को-फाउंडर और सीओओ बेलसन कुटिन्हो, मैनकाइंड फार्मा के ग्रुप सीएफओ आशुतोष धवन, चिराटे वेंचर्स के पार्टनर अनूप एन. मेनन, कार्स24 के को-फाउंडर और सीएमओ गजेंद्र जांगिड़, नेटफ्लिक्स की डायरेक्टर ऑफ पब्लिक पॉलिसी महिमा कौल और आइकिया की कंट्री पीपल एंड कल्चर मैनेजर प्रीति बुधराजा समेत कई प्रमुख आंत्रप्रेन्योर, इन्वेस्टर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और आईएसबी के एलुमनी शामिल हुए।आईएसबी के पीजीपी, पीजीपी वाईएल, पीजीपी प्रो, पीजीपी मैक्स और पीजीपी एमएफएबी कोहोर्ट्स के छात्रों द्वारा आयोजित इस समिट ने आईएसबी की 25 साल की विरासत का जश्न मनाने के साथ-साथ ग्लोबल मैनेजमेंट एजुकेशन के लिए एक नए विजन को सामने रखने का प्लेटफॉर्म दिया। आज के प्रमुख डिसीजन-मेकर्स और कल के बिजनेस एग्जीक्यूटिव्स के बीच सीधे विचार-विमर्श का मौका देकर, मोहाली में आयोजित आईएसबी लीडरशिप समिट 2026 ने एक बदलती हुई भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आईएसबी के नए ब्रांड दौर और काम आने वाले विचारों को एक साथ सामने रखा।पिछले ढाई दशकों में आईएसबी एक ग्लोबली पहचान रखने वाले बिजनेस स्कूल के रूप में विकसित हुआ है। इसके प्रोग्राम्स, रिसर्च, फैकल्टी और एलुमनी अलग-अलग इंडस्ट्रीज और दुनिया के कई हिस्सों में योगदान दे रहे हैं। इसका खास एक साल का पीजीपी, रिसर्च पर आधारित अप्रोच और इंडस्ट्री व समाज के साथ जुड़ाव स्कूल की इस यात्रा का अहम् हिस्सा रहे हैं।

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