खाद्य प्रसंस्करण विभाग की प्रधान सचिव राखी गुप्ता भंडारी बोलीं—पंजाब से सिर्फ सोर्स न करें, पंजाब के साथ मिलकर बनाएं नए उत्पाद और ब्रांड
चंडीगढ़ । पंजाब की पहचान सिर्फ गेहूं-धान और कच्चे कृषि उत्पादों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। खेतों की ताकत और पंजाबी खान-पान की विरासत को प्रोसेस्ड फूड, नए उत्पादों और ग्लोबल ब्रांड में बदलने की जरूरत है। यह बात पंजाब सरकार के खाद्य प्रसंस्करण विभाग की प्रधान सचिव राखी गुप्ता भंडारी ने शुक्रवार को शैफ़ेक्स इंडिया 2026 में कही। उन्होंने कहा, “स्वाद भी पंजाबी है और जज़्बा भी पंजाबी। अब कहानी फार्म से फोर्क और फार्म से ग्लोबल तक ले जाने की है। शेफ और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री पंजाब से सिर्फ सोर्स न करें, बल्कि पंजाब के साथ मिलकर नए उत्पाद और ब्रांड तैयार करें।
किसान से शेफ और उद्यमी तक एक मंच पर
राखी गुप्ता भंडारी ने कहा कि किसानों, फूड उद्यमियों, शेफ और हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स को साथ लाकर ‘फार्म टू फोर्क’ को वास्तविकता बनाया जा सकता है। इससे पंजाब के पारंपरिक स्वाद को नए रूप में दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने के अवसर बढ़ेंगे।
700 शेफ की मौजूदगी, एआई और टेक्नोलॉजी पर मंथन
शैफ़ेक्स इंडिया 2026 में गैस्ट्रोनॉमी के भविष्य के साथ हॉस्पिटैलिटी कारोबार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। पीएचडीसीसीआई पंजाब के चेयर करन गिल्होत्रा ने कहा कि 700 शेफ का सफेद कोट में शैफ़ेक्स इंडिया पहुंचना आयोजन की ऊर्जा को अलग स्तर पर ले गया। किचन टेक्नोलॉजी, फूड बिजनेस को स्केल करने और गैस्ट्रोनॉमी के भविष्य पर विशेषज्ञों ने व्यावहारिक समाधान साझा किए। उन्होंने कहा कि शैफ़ेक्स इंडिया का उद्देश्य शेफ, रेस्टोरेंट संचालकों, होटल व्यवसायियों, फूड उद्यमियों, सप्लायर्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों को एक मंच पर जोड़ना है। सेक्टर-17 परेड ग्राउंड में 18 से 20 सितंबर तक चल रहे तीन दिवसीय बी2बी आयोजन में फूड प्रोसेसिंग, कैटरिंग, हॉस्पिटैलिटी और रेस्टोरेंट उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया शनिवार को प्रदर्शनी का दौरा करेंगे।

