भारतीय और अमीराती कलाकारों की यह जुगलबंदीदुबई को मनोरंजन, संस्कृति और वैश्विक कलात्मक अभिव्यक्ति के केंद्र के रूप में करतीहै प्रदर्शित
चंडीगढ़ । दुबई कॉरपोरेशनफॉर टूरिज्म एंड कॉमर्स मार्केटिंग (विजिट दुबई), जो दुबई डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमी एंडटूरिज्म (DET) का हिस्सा है, ने भारत और यूएई के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करनेके लिए एक अनोखी पहल की है। संस्था ने भारत के मशहूर संगीतकार और गायक अनिरुद्ध रविचंदरतथा यूएई के लोकप्रिय गायक-संगीतकार अरकम अल अबरी को एक विशेष क्रॉस-कल्चरल संगीत सहयोगके लिए एक मंच पर लाया है। दुबई के ऐतिहासिक इलाकों और आधुनिक सांस्कृतिक स्थलों परफिल्माई गई यह साझेदारी भारतीय दर्शकों के साथ विजिट दुबई के मजबूत जुड़ाव को और आगेबढ़ाती है। यही संबंध भारत को दुबई के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्रोत बाजारों मेंसे एक बनाते हैं। यह कलात्मक आदान-प्रदान की भावना पर आधारितसहयोग दो अलग-अलग संगीत परंपराओं को एक साझा रचनात्मक यात्रा के माध्यम से जोड़ता है।फिल्म में अनौपचारिक बातचीत, संयुक्त संगीत सत्र और सहज मानवीय जुड़ाव के पल दिखाएगए हैं, जो दुबई को संस्कृति, रचनात्मकता और कला के वैश्विक संगम के रूप में प्रस्तुतकरते हैं। वीडियो में अनिरुद्ध रविचंदर और अरकम अल अबरीको ओल्ड दुबई और अल सीफ की गलियों में घूमते हुए दिखाया गया है, जहां वे अपनी-अपनीसंगीत शैलियों को मिलाकर एक आधुनिक संगीत अनुभव तैयार करते हैं। अल सीफ की पारंपरिकवास्तुकला, संकरी गलियों और खूबसूरत वाटरफ्रंट के बीच फिल्म यह दर्शाती है कि दुबईमें विरासत और आधुनिक रचनात्मकता किस तरह स्वाभाविक रूप से साथ-साथ मौजूद हैं। वर्ष 2025 में दुबई ने 19.59 मिलियन अंतरराष्ट्रीयरात्रि प्रवास करने वाले पर्यटकों का स्वागत किया, जिनमें भारत सबसे बड़ा स्रोत बाजाररहा। यह नया अभियान दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव को भी दर्शाता है। दुबईदुनिया के सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक का घर है, जिसने कई पीढ़ियोंसे शहर के खान-पान, संस्कृति और रचनात्मक परिदृश्य को समृद्ध बनाया है। भारत के सबसे प्रभावशाली समकालीन संगीतकारोंमें से एक अनिरुद्ध रविचंदर इस परियोजना में अपनी विशिष्ट संगीत शैली और व्यापक लोकप्रियतालेकर आए हैं। जवान, जेलर, लियो, विक्रम, बीस्ट, मास्टर जैसी ब्लॉकबस्टरफिल्मों के चार्टबस्टर गीतों और विश्वभर में लोकप्रिय हुए व्हाई दिस कोलावरीडी के कारण अनिरुद्ध भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाखों प्रशंसकों के बीचबेहद लोकप्रिय हैं। भारतीय संगीत परंपराओं को वैश्विक धुनों के साथ जोड़ने की उनकीक्षमता ने उन्हें आधुनिक भारतीय संगीत की सबसे प्रभावशाली आवाजों में शामिल किया है। उनके साथ इस सहयोग में शामिल हुए हैं अरकम अलअबरी, जो अपनी भावपूर्ण आवाज और समकालीन संगीत शैली के लिए जाने जाते हैं। अरकम नेकई प्रतिष्ठित सांस्कृतिक और मनोरंजन मंचों पर प्रस्तुति दी है। वे विश्वप्रसिद्ध पियानोवादकलैंग लैंग के साथ मंच साझा कर चुके हैं और इंटरनेशनल जैज़ डे के वैश्विक समारोहों काभी हिस्सा रहे हैं। अपनी प्रस्तुतियों और रचनात्मक सहयोगों के माध्यम से अरकम आधुनिकअमीराती संगीत की एक विशिष्ट पहचान बन चुके हैं।अपने अनुभव को साझा करते हुए अनिरुद्ध रविचंदरने कहा, “इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह रही कि हमें दो अलग-अलग संगीत परंपराओंको एक साथ लाकर उनके बीच समानता तलाशने का अवसर मिला। अरकम के साथ काम करना बेहद प्रेरणादायकअनुभव रहा और इस रचनात्मक यात्रा के लिए दुबई से बेहतर स्थान नहीं हो सकता था। शहरकी बहुसांस्कृतिक पहचान, समृद्ध विरासत और नए विचारों को अपनाने की सोच ने इस पूरेअनुभव को बेहद स्वाभाविक और यादगार बना दिया।” इस क्रॉस-कल्चरल संगीत यात्रा पर अरकम अलअबरी ने कहा,”संगीत में भाषा और भौगोलिक सीमाओं से परे लोगों को जोड़नेकी अनूठी शक्ति होती है। अनिरुद्ध जैसे कलाकार के साथ काम करना मेरे लिए बेहद प्रेरणादायकरहा, जिनका संगीत भारत और दुनिया भर में करोड़ों लोगों तक पहुंचा है। इस प्रोजेक्टके दौरान हमने महसूस किया कि हमारी अलग-अलग संगीत परंपराएं मिलकर कुछ बिल्कुल नया औरअनूठा रच सकती हैं। दुबई ने इस रचनात्मक आदान-प्रदान को संभव बनाया। यह ऐसा शहर हैजहां विभिन्न संस्कृतियां स्वाभाविक रूप से मिलती हैं, एक-दूसरे से सीखती हैं और यहीभावना इस पूरी यात्रा में दिखाई देती है।” दुबई डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमी एंड टूरिज्मके रीजनल डायरेक्टर (प्रॉक्सिमिटी मार्केट्स) बादेर अली हबीब ने कहा, “संगीत हमेशा लोगोंको जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम रहा है और यह सहयोग उसी रचनात्मक आदान-प्रदान कीभावना को दर्शाता है जिसके लिए दुबई जाना जाता है। अनिरुद्ध रविचंदर और अरकम अल अबरीदो अलग-अलग संगीत परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो शहर की बहुसांस्कृतिक ऊर्जाऔर विकसित होते रचनात्मक परिदृश्य को प्रतिबिंबित करती हैं। संस्कृति और रचनात्मकताके वैश्विक केंद्र के रूप में दुबई लगातार दुनिया भर के कलाकारों और दर्शकों को साझाअनुभवों और कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से जोड़ने के अवसर प्रदान कर रहा है। भारत,दुबई की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और यह रचनात्मक साझेदारी भारतीययात्रा प्रेमियों के साथ हमारे संबंधों को और मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शातीहै।” आज के समय में, जब लोग अधिक सार्थक सांस्कृतिकअनुभवों और मानवीय जुड़ाव की तलाश कर रहे हैं, यह साझेदारी संगीत और कला की उस शक्तिको रेखांकित करती है, जो विभिन्न समुदायों के बीच संवाद, रचनात्मकता और साझा अनुभवोंको बढ़ावा देती है। मनोरंजन, कॉमेडी और अब संगीत के क्षेत्र मेंभी विजिट दुबई लगातार वैश्विक और क्षेत्रीय कलाकारों के साथ साझेदारी कर रहा है, ताकिविभिन्न बाजारों के दर्शकों के लिए सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक और प्रभावशाली कहानियांप्रस्तुत की जा सकें। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि दुबई लगातार एक ऐसे वैश्विक मंचके रूप में विकसित हो रहा है, जहां दुनिया भर के कलाकार, रचनाकार और दर्शक संस्कृति,कहानी कहने की कला और साझा रुचियों के माध्यम से एक साथ आते हैं। अनिरुद्ध रविचंदर और अरकम अल अबरी अभिनीत यहनया वीडियो देखने के लिए यहां जाएं ।

