विवादित गृह सुरक्षा विभाग की पोस्ट हटाने का स्वागत, लेकिन सार्वजनिक स्वीकारोक्ति, जवाबदेही और भविष्य में धार्मिक व नस्ली रूढ़िबद्धता रोकने के लिए सुरक्षा उपायों की मांग
चंडीगढ़। यूनाइटेड सिख्स ने अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग द्वारा सामाजिक माध्यम पर प्रकाशित एक विवादित चित्र के मामले में अमेरिकी गृह सुरक्षा सचिव मार्कवेन मुलिन को औपचारिक पत्र भेजकर नागरिक अधिकारों की समीक्षा और सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है। विवादित चित्र में भूरे रंग की त्वचा वाले एक व्यक्ति को पगड़ी पहने हुए दिखाया गया था और उसे ‘मिस्टर सिंह’ के रूप में प्रस्तुत किया गया था। यूनाइटेड सिख्स ने कहा कि इस प्रकार का चित्रण सिख पहचान को नकारात्मक और रूढ़िबद्ध संदर्भ में प्रस्तुत करता है तथा इससे धार्मिक और नस्ली पूर्वाग्रहों को बढ़ावा मिलने की आशंका है। संगठन ने विवादित पोस्ट हटाए जाने का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही मामले को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और भविष्य में सरकारी संचार में धार्मिक अथवा नस्ली रूढ़िबद्ध चित्रण की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है। इस अवसर पर यूनाइटेड सिख्स के कम्युनिटी एडवोकेसी डायरेक्टर जतिंदर सिंह ने कहा कि जो बात कुछ लोगों को केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट लग सकती है, उसके सिख समुदाय के लिए गंभीर और दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि नफरत, भेदभाव और गलत पहचान का दर्द झेल चुके समुदाय इस तरह के संदेशों के संभावित प्रभावों को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सोशल मीडिया पर लिखे गए शब्द तेजी से गलत धारणाओं को जन्म दे सकते हैं, जिनका प्रभाव बाद में स्कूलों, कार्यस्थलों और यहां तक कि सड़कों पर भी दिखाई दे सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा और आव्रजन संबंधी कार्रवाई कानून के अनुसार होनी चाहिए तथा किसी भी व्यक्ति को उसके धर्म, नाम या दिखावे के आधार पर निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। यूनाइटेड सिख्स ने अपने पत्र में मामले की नागरिक अधिकारों के दृष्टिकोण से समीक्षा करने का आग्रह किया है। संगठन ने यह भी कहा है कि सरकारी एजेंसियों के आधिकारिक संचार में किसी भी धार्मिक समुदाय की पहचान को इस प्रकार प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए, जिससे उसके सदस्यों के प्रति पूर्वाग्रह या भेदभाव को बढ़ावा मिले। संगठन ने कहा कि सिख समुदाय लंबे समय से अमेरिका के सामाजिक, आर्थिक और सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। इसलिए सरकारी संस्थाओं से अपेक्षा की जाती है कि वे सभी धार्मिक और नस्ली समुदायों के प्रति सम्मानजनक, जिम्मेदार और संवेदनशील भाषा तथा चित्रण का इस्तेमाल करें। यूनाइटेड सिख्स ने कहा कि विवादित पोस्ट को हटाना एक आवश्यक कदम था, लेकिन समुदाय का विश्वास बहाल करने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस संस्थागत उपाय भी जरूरी हैं।

