Wednesday, March 11, 2026
Home Blog Page 99

मनीमाजरा में पहली बार लगा है सी वर्ल्ड कार्निवाल

0

चंडीगढ़। अगर आप भी जलीय जीवों से मिलना पसंद करते हैं, तो आप रंग बिरंगी कई तरह की मछलियों को देखने के लिए मनीमाजरा के हाउसिंग बोर्ड चौक पर पहुंचें। यहां चल रहे सिडनी कार्निवाल में आपको मछलियों की खूबसूरत दुनिया के साथ-साथ मेले में कई तरह के उत्पाद देखने के लिए मिल जाएंगे।
सिडनी कार्निवाल के आयोजक अनिल मित्तल ने बताया कि वैसे तो चंडीगढ़ व आसपास के एरिया में कई सारी जगह घूमने और देखने लायक है। लेकिन मनीमाजरा वालों के लिए यह पहला एक्सपीरियंस है, यहां एक मैदान में फिश टनल में इस तरह का आयोजन किया गया है । जो बहुत ही सुंदर डेकोरेशन के साथ प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ बच्चों के लिए ही नहीं यह हर उम्र के लोगों के लिए घूमने की एक अच्छी जगह है। यहां अपने परिवार के साथ लोगों को घूमने आना चाहिए। उन्होंने बताया कि अमेज़न सी वर्ल्ड कार्निवाल में टाइगर ऑस्कर, एल्बिनो ऑस्कर, फायर ऑस्कर, लेमन ऑस्कर, कॉपर ऑस्कर, रोज़ रेड, शॉर्ट बॉडी एल्बिनो, पेकॉक बास, टेम्सिल बास, रैम्बो चिचिल्ड, वैयाजा सिस्पिलम, मार्बल वैयाजा, ग्रीन टेरर, फायर पैराडाइज, एल्बिनो फायर पैराडाइज, कोस्टा टेट्रा, स्कूल फिश, रेड स्पॉटेड शेवरम, बिग एंजल्स मिक्स, रेड टेल कैट फिश 5 इंच, रेड डेविल 4 इंच, कोई, स्टिंग रे और बिग जैंट गुरमी, मिक्स चिचिल्ड, फ्लावरहॉर्न सहित रेड डेविल एंजल्स जैसी विभिन्न छोटी बड़ी फिश की प्रजातियां पेश की गई है। उन्होंने बताया कि इन फिश टनल और एक्वेरियम में टेम्प्रेचर के साथ साथ पानी के बदलाव का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए बाकायदा विशेषज्ञ केयरटेकर को भी हायर किया गया है। इस बार विशेष रूप से ग्राउंड टनल भी तैयार किया गया है, जिसमें रंग बिरंगी और छोटी बड़ी मछलियां आकर्षण का केंद्र बनेगी । आयोजको का कहना है कि अन्य जगहों में अगर हम एक्वेरियम देखने के लिए जाते हैं, तो वहां काफी महंगी फीस होती है। कार्निवाल की एंट्री फीस ₹30 रखी गई है। उनका कहना है कि जो लोग एनिमल लवर हैं या जलीय जीवों को पसंद करते हैं, उनको यहां जरूर आना चाहिए। क्योंकि यहां रंग-बिरंगे खूबसूरत छोटी बड़ी मछलियां हैं, जिन्हें देखकर काफी अच्छा लगेगा। अनिल मित्तल का कहना है कि फिश टनल तो लोगों को मानो ऐसा लगेगा कि जैसे हम समुद्र के नीचे से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के लिए यह बहुत अच्छी जगह है। क्योंकि हर मछली के ऊपर उसका नाम दिया गया है और बच्चे यहां आकर जानकारियां हासिल कर सकते हैं और उनका मनोरंजन भी हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि सी वर्ल्ड के साथ ही कार्निवाल में आने वाले लोग न केवल यहां घूम सकते हैं, बल्कि एक ही छत के नीचे विभिन्न तरह के घरेलू व आउटडोर उत्पाद खरीद भी सकते हैं। इसके अलावा कार्निवाल बच्चे, युवाओं और बुजुर्गों के लिए कई तरह के झूले भी लगाए गए हैं। जिससे वो अपना मनोरंजन कर सकते है। फाइड कोर्ट भी कार्निवाल की खासियत रहेगी।

ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस राजिंदर गुप्ता ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम को 21 करोड़ रुपए किए दान

0

चंडीगढ़ / पंजाब । ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस राजिंदर गुप्ता ने सामुदायिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए भगवान वेंकटेश्वर के प्रसिद्ध मंदिर तिरुपति में तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के एसवी प्राणदान ट्रस्ट को 21 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण योगदान राशि भेंट की है। राजिंदर गुप्ता ने अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ व्यक्तिगत रूप से टीटीडी के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी वेंकैया चौधरी को उनके कार्यालय में दान का चेक सौंपा।
टीटीडी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इसकी जानकारी दी और कहा कि एसवी प्राणदान ट्रस्ट को ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस राजिंदर गुप्ता द्वारा 21 करोड़ रुपए का बड़ा दान दिया गया है। दानकर्ता ने उसी राशि का चेक टीटीडी के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी वेंकैया चौधरी को तिरुमाला स्थित उनके कैंप कार्यालय में सौंपा। यह बड़ा योगदान एसवी प्राणदान ट्रस्ट के प्रयासों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगा, जो रोगियों व विशेष रूप से जानलेवा बीमारियों से पीड़ित लोगों को मुफ्त चिकित्सा प्रदान करने के लिए समर्पित है। राजिंदर गुप्ता द्वारा दिया गया यह योगदान सामुदायिक कल्याण में सुधार के प्रति ट्राइडेंट ग्रुप के समर्पण को उजागर करता है और सार्थक प्रभाव के लिए इसकी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

उद्यमिता और व्यापार रणनीति के महत्वपूर्ण पहलुओं को उद्योग

0

चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज के इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) की ओर से कॉलेज के फीनिक्स आईटी क्लब और पीएमएल एसडी बिजनेस स्कूल के सहयोग से दोहरे सत्र का आयोजन किया, जिसमें उद्योग विशेषज्ञों को उद्यमिता और व्यापार रणनीति के महत्वपूर्ण पहलुओं पर छात्रों के साथ बातचीत करने के लिए एक साथ लाया गया। दिन के पहले सत्र में पंजाब एंजेल्स नेटवर्क के चेयरमैन और सीईओ साहिल मक्कड़ ने एंजेल इन्वेस्टमेंट पर एक गहन चर्चा की। सत्र की शुरुआत मक्कड़ को पौधा भेंट कर उनके स्वागत से हुई।
पूंजी जुटाने, विलय और अधिग्रहण तथा कारोबार को बढ़ाने में 13 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, मक्कड़ ने छात्रों के साथ अपनी विशेषज्ञता साझा की तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक्सपोनेंशियल टेक्नोलॉजिस का लाभ उठाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने वंचित समुदायों को सशक्त बनाने और व्यापार वृद्धि के लिए सकारात्मक मानसिकता को बढ़ावा देने में एंजेल इन्वेस्टर्स की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस इंटरैक्टिव सत्र में महत्वाकांक्षी छात्र उद्यमियों ने सक्रिय रूप से चर्चा में भाग लिया। मक्कड़ के सत्र के बाद, सीबीएमए के चीफ आपरेटिंग आफिसर (सीओओ) हितेश कुमार गुलाटी ने वैल्यू प्रोपोजिशन फिट और बिजनेस फिट” पर अपनी विशेषज्ञ अंतर्दृष्टि देने के लिए मंच संभाला। उनका स्वागत भी पौधा देकर किया गया। 23 वर्षों के अनुभव वाले गुलाटी ने संगठनात्मक प्रभावशीलता और परिवर्तन प्रबंधन पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने लोगों, प्रक्रियाओं और संस्कृति को संगठन के दृष्टिकोण के साथ संरेखित करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियों को साझा किया, और व्यावसायिक सफलता प्राप्त करने में रणनीतिक संरेखण के महत्व को रेखांकित किया। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा दोनों सत्रों में मौजूद रहे। उन्होंने आयोजन टीम और छात्रों के प्रयासों की सराहना की और युवा दिमागों के क्षितिज को व्यापक बनाने में ऐसे आयोजनों के महत्व पर जोर दिया।

अधिक से अधिक किताबें पढ़ने के लिए किताबघर की 40 लड़कियां हुईं पुरस्कृत

0

चंडीगढ़। सेक्टर-26 स्थित बापूधाम कालोनी की किताबघर लाइब्रेरी में मंगलवार को हुए ‘रीड बापूधाम कैंपेन’ के औपचारिक समारोह के दौरान 40 लड़कियों को पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। सेक्टर-9 स्थित कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर सेफाली परमार ने बेस्ट रीडर कसाफ़ को जहां साइकिल देकर पुरस्कृत किया वहीं अन्य लड़कियों को अपनी गर्मी की छुट्टियों में अधिक से अधिक किताबें पढ़ने के लिए स्टेशनरी चीजें पुरस्कार के रूप में दी गईं।
इस अवसर पर उपस्थित सभी को संबोधित करते हुए प्रिंसिपल सिस्टर सेफाली परमार ने कहा कि दुर्भाग्य की बात यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में कई बच्चे पढ़ने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें पढ़ने की सामग्री नहीं उपलब्ध होती है या उनके पास समझने और फुर्सत में पढ़ने के लिए किताबें नहीं होती हैं। ऐसे में कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल ने शहर की स्वयंसेवी संस्था युवसत्ता के स्वयंसेवकों के साथ मिलकर एक लाइब्रेरी किताबघर के माध्यम से आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों के बच्चों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा दिया। इसमें उनके अंग्रेजी बोलने के स्किल्स को विकसित करने के साथ कंप्यूटर शिक्षा प्रदान की जाती है।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही कॉलोनी की लक्षित लड़कियों की समग्र शिक्षा और समग्र विकास के लिए कई अन्य गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं। युवसत्ता के संस्थापक प्रमोद शर्मा ने कहा कि आगामी स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने और आलोचनात्मक सोच कौशल विकसित करने, अपनी रचनात्मकता को पोषित करने और खुद को अभिव्यक्त करने के लिए इस सप्ताह किताबघर में कहानी लेखन, भाषण, कोलाज मेकिंग, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, निबंध लेखन और गर्ल्स पार्लियामेंट जैसी विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

अनुकामा 24 में एनआईआईएफटी स्टूडेंट्स द्वारा तैयार किए गए क्रिएशंस को पेश किया गया

0

चंडीगढ़ । अनुकामा 2024 नॉर्दर्न इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईआईएफटी) के वार्षिक डिजाइन कलेक्शन शो में एनआईआईएफटी के मोहाली, लुधियाना और जालंधर सेंटर्स के ग्रेजुएटिंग फैशन डिजाइन स्टूडेंट्स ने अपने अपने खूबसूरत क्रिएशंस को पेश किया। ग्लैमरस मॉडल्स ने रैंप पर आकर एनआईआईएफटी स्टूडेंट्स के खूबसूरत डिजाइंस के 51 खूबसूरत कलेक्शंस को प्रस्तुत किया। प्रत्येक स्टूडेंट ने अपने पांच गारमेंट्स को पेश किया, जिनमें मौजूदा दौर में ट्रेंड में चल रहे फैशन थीम्स पर आधारित गारमेंट्स के कलेक्शंस शामिल थे।


इस आयोजन में मुख्य अतिथि तेजवीर सिंह, आईएएस, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स, पंजाब और चेयरमैन, एनआईआईएफटी थे और गेस्ट ऑफ ऑनर डी पी एस खरबंदा, आईएएस, सेक्रेटरी कम डायरेक्टर, इंडस्ट्री एंड कॉमर्स, पंजाब और डायरेक्टर जनरल, एनआईआईएफटी थे। तेजवीर सिंह ने कहा कि “एनआईआईएफटी ने पंजाब को गौरवान्वित किया है। यहां से पास होने वाले स्टूडेंट्स न केवल पंजाब में बल्कि देश के अन्य हिस्सों में अपनी पसंद की नौकरी या स्टार्टअप स्थापित करके राज्य के लिए ब्रांड एंबेसडर के रूप में काम करते हैं।

डीपी एस खरबंदा ने कहा कि स्टूडेंट्स ने अनुकामा 24 के प्लेटफॉर्म का उपयोग अपनी सिग्नेचर स्टाइल्स को प्रस्तुत करने के लिए किया। उन्होंने अपने बेस्ट डिजाइनस को प्रस्तुत किया, जिन्हें पेश किए गए कलेक्शंस में देखा जा सकता था । उनके काम में स्पष्ट डिटेल, मौलिकता और प्रोफेशनलिज्म स्टूडेंट्स की कड़ी मेहनत और दृढ़ता का प्रमाण है। तेजवीर सिंह और डीपीएस खरबंदा, दोनों ने होनहार स्टूडेंट्स को अवॉर्ड्स भी प्रदान किए। एनआईआईएफटी सेंटर्स के योग्य स्टूडेंट्स को उनके प्रदर्शन के आधार पर कुल 12 अवॉर्ड्स दिए गए। ‘बेस्ट डिजाइन कलेक्शन’ का अवॉर्ड सिरीश रंजन, सुरुचि, खुशी शर्मा और अनुष्का कपूर को मिला। ‘बेस्ट गारमेंट कंस्ट्रक्शन’ का अवॉर्ड सतविंदर सिंह और सिद्धि को मिला। ‘बेस्ट कमर्शियल कलेक्शन’ का अवॉर्ड नीतीश को मिला। ‘मोस्ट क्रिएटिव कलेक्शन’का अवॉर्ड विधिका चुघ, सोनाली बंसल और सुखमनजीत कौर को मिला। ‘बेस्ट यूज ऑफ क्राफ्ट इन डिजाइन’का अवॉर्ड शालिनी ठाकुर को मिला। ‘बेस्ट यूज ऑफ आर्ट इन डिजाइन’का अवॉर्ड‘ साक्षी अग्रवाल को मिला और ‘जूरी स्पेशल अवॉर्ड’भावना ठाकुर को मिला। ‘बेस्ट यूजेस ऑफ पैटर्न मेकिंग’का अवॉर्ड यशिका बजाज को दिया गया। डॉ.कनु थिंड, पीसीएस, डायरेक्टर, एनआईआईएफटी, ने कहा कि “यह निफ्ट के स्टूडेंट्स की असाधारण प्रतिभा और क्रिएटिविटी का उत्सव था।

एडमिटली बाय एडमिशन ओवरसीज द्वारा चंडीगढ़ में जॉर्जियन पार्टनर्स मीट का आयोजन

0

चंडीगढ़ । एडमिटली बाय एडमिशन ओवरसीज द्वारा चंडीगढ़ के होटल अरोमा में जॉर्जियन पार्टनर्स मीट कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पंजाब, हरियाणा और जम्मू का प्रतिनिधित्व करने वाले एजेंट भागीदारों ने भाग लिया। जॉर्जियन कॉलेज में दक्षिण एशिया के लिए देश के प्रतिनिधि रोहन रावत ने मुख्य वक्ता के रूप में कार्य किया।
कार्यक्रम के दौरान, रावत ने कनाडाई शिक्षा बाजार के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान की और छात्र विदेश में अध्ययन करने के अपने लक्ष्यों को कैसे प्राप्त कर सकते है , पर चर्चा की। कनाडा में पढ़ाई के बारे में माता-पिता और छात्रों के बीच चिंताओं और भ्रम के बारे में संबोधित करते हुए
रावत ने अपना तजुरबा साझा किया और जॉर्जियन कॉलेज चुनने के लाभों पर प्रकाश डाला। उनकी प्रस्तुति का उद्देश्य जॉर्जियन कॉलेज में उपलब्ध लाभों और अवसरों को स्पष्ट करना था, जिससे छात्रों को अपने शैक्षिक भविष्य के बारे में निर्णय लेने में मदद मिल सके। इस अवसर पर एडमिटली, एडमिशन ओवरसीज के सीईओ हिमांशु बार्थवाल ने कहा कि लगातार बढ़ रहे कनाडाई शिक्षा बाजार ने लाखों भारतीय छात्रों के सपनों को पूरा किया है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उज्ज्वल करियर बनाने की पेशकश की है।

देव समाज का सत्य धर्म बोध उत्सव संपन्न हुआ

0

चंडीगढ़ । देव समाज मुख्यालय, सेक्टर 36-बी चंडीगढ़ में तीन दिवसीय सत्य धर्म बोध उत्सव का समापन हुआ। उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों में ऑडियंस को जीवन में सदाचार, सत्य और ईमानदारी के सिद्धांतों का पालन करने के महत्व के बारे में बताया गया ताकि समाज का संपूर्ण उत्थान और विकास हो सके ।
देव समाज के सचिव निर्मल सिंह ढिल्लों ने कहा कि “देव समाज के संस्थापक भगवान देवात्मा की विरासत को जीवित रखने के लिए सत्य धर्म बोध उत्सव आयोजित किया गया। उत्सव में लोगों को नैतिक जीवन जीने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से विशेषज्ञों द्वारा प्रवचन दिए गए।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण देव समाज मैनेजिंग काउंसिल की सदस्य और देव समाज कॉलेज मैनेजिंग कमेटी, चंडीगढ़ की सचिव एवं प्रोफेसर (डॉ.) एग्नेस ढिल्लों का सत्र था। ‘स्वस्तित्व संबंध आदेशों का पाठ और व्याख्या’ शीर्षक से अपने प्रवचन में उन्होंने भौतिकवादी इच्छाओं को त्यागने और मानवतावादी जीवन जीने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर दिया कि “हम सभी को एक वैज्ञानिक स्वभाव विकसित करने की आवश्यकता है जो हमें समाज को सभी कुरीतियों से ऊपर उठाने में मदद करेगा। उन्होंने लालच, भ्रष्टाचार, बुरे विचारों आदि से रहित एक सादा जीवन जीने के महत्व को सिखाने के लिए रोजमर्रा की जिंदगी से कई उदाहरण दिए। उन्होंने नशा मुक्त समाज, महिला शिक्षा और जाति और पंथ के आधार पर भेदभाव को दूर करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए सभी को संदेश दिया कि इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रयास करें। उत्सव की शुरुआत प्रार्थना और भजनों से हुई, जिसके बाद प्रोफेशन के तौर पर वकालत करने वाले एडवोकेट जगदीश चंद्र भारद्वाज ने ‘प्रवेश सभा’ का संबोधन किया। उन्होंने देव समाज द्वारा प्रचारित ‘वैज्ञानिक सोच’ पर प्रकाश डाला और नैतिक जीवन जीने के महत्व को समझाया।
एक अन्य महत्वपूर्ण संबोधन डॉ. मनोज मदान का था जिसमें उन्होंने ‘सात्विक जीवन जीने की कला’ पर बात की। अपने प्रवचन के माध्यम से उन्होंने श्रोताओं को सात्विक जीवन जीने से मिलने वाली खुशियों से अवगत कराया। उन्होंने भगवान देव आत्मा के जीवन से जुड़ी घटनाओं को सुनाकर लोगों को अच्छे कर्मों के लाभों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने स्वार्थी इच्छाओं और सांसारिक लालच से मुक्त जीवन जीने का तरीका भी बताया। अंतिम दिन रामविलास पांडे ने ‘आत्मबोध की आवश्यकता’ पर बात की और इसके बाद जगदीश राय गाबा द्वारा संचालित ‘भाव प्रकाश’ में श्रोताओं ने अपने जीवन के अनुभवों के आधार पर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया।

संस्कार भारती चंडीगढ़ इकाई ने बलकार सिंह सिद्धू जी को “कला गुरु सम्मान “से किया सम्मानित

0

चंडीगढ़ ((हरजिंदर सिंह, सोनू) )संस्कार भारती चंडीगढ़ इकाई और प्राचीन कला केंद्र चण्डीगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में प्राचीन कला केंद्र मोहाली में गुरु पूर्णिमा का कार्यक्रम आयोजन हुआ इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री लवीश कुमार पंजाब प्रांत के महामंत्री और ऋषि राज तोमर पंजाब प्रांत सह महामंत्री उपस्थित रहे कार्यक्रम मे प्रो : सौभाग्य वर्द्धन ने कला गुरू सम्मान का महत्व बताया और सम्माननीय कलागुरु श्री बलकार सिंह सिद्धू की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी उसके उपरांत श्री बलकार सिंह सिद्धू को उनके शिष्यों द्वारा गुरु शिष्य परम्परा का नियम अनुसार और विधि विधान से गुरु पूजा कर बहुत ही हर्षोल्लास से संस्कार भारती चंडीगढ़ इकाई की और से बलकार सिंह सिद्धू जी को “कला गुरु सम्मान “से सम्मानित किया गया इस खुशी के अवसर पर उनके शिष्यों द्वारा झूमर और लुड्डी नृत्य प्रस्तुत किया गया , जो कि बहुत सराहनीय रहा इस अवसर पर दूसरे चरण में भी गीत के साथ नुक्कड़ नाटक( मंथन आर्ट ) हीरा सिंह और यशपाल के द्वारा तैयार नाटक जिसमें भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई दी l दो बच्चों ने नृत्य द्वारा लोगों का मन मोह लिया l जिसमें (चतुरंग )श्री सिल्वेस्टर , (त्रिवट) सुश्री आनंदीया मलिक द्वारा दर्शाया गय!इस अवसर पर संस्कार भारती चंडीगढ़ के मार्गदर्शक प्रो : सौभाग्य वर्धन जी ,मंत्री मनोज कुमार,सह मंत्री श्रीमती भारती वन्दना,अध्यक्ष यशपाल ,उपाध्यक्ष श्रीमती समीरा कौसर,उपाध्यक्ष श्रीमती गुरमीत गोल्डी सहित संस्कार भारती के सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे

किडनी फेल्योर के हर साल 2.2 लाख नए मरीज, ट्रांसप्लांट केवल 6000 में- डॉ. राका कौशल

चंडीगढ़, 12 अगस्त: “भारत में हर 10 मिनट में एक व्यक्ति अंग प्रत्यारोपण वेटिंग लिस्ट में जुड़ जाता है और अंग के अभाव के हर दिन 20 लोग अपना जीवन खो देते हैं। 3 लाख से ज्यादा मरीज अंगदान का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अंगदान का इंतजार कर रहे 10 फीसदी से भी कम मरीजों को समय पर अंगदान मिल पाता है।“
सोमवार को यहां विश्व अंगदान दिवस की पूर्व संध्या पर एक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए लिवासा अस्पताल, मोहाली के यूरोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांट के वरिष्ठ निदेशक डॉ. अविनाश श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे देश में हर साल 2.2 लाख नए मरीजों में क्रोनिक किडनी फेल्योर विकसित होता है और यह मृत्यु का छठा सबसे तेजी से बढ़ता कारण भी है, जो 2040 तक 5वां प्रमुख कारण बन सकता है।
अपने विचार साझा करते हुए एसओटीटीओ पंजाब की नोडल अधिकारी व सह संयुक्त निदेशक डॉ. गगनीन कौर संधू ने कहा, “राष्ट्रीय स्तर पर, 1.4 बिलियन लोगों की आबादी के साथ, प्रति मिलियन जनसंख्या (पीएमपी) पर अंग दाताओं के रूप में 0.08 व्यक्ति हैं। दुनिया भर के आँकड़ों की तुलना में यह अविश्वसनीय रूप से छोटी और महत्वहीन संख्या है। हालाँकि अंगदान के मामले में भारत विश्व में संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है, लेकिन भारत में केवल 0.01 प्रतिशत लोग ही मृत्यु के बाद अंगदान करते हैं। लिवर के बाद किडनी सबसे अधिक आवश्यक अंग है। अंगदान की प्रतीक्षा कर रहे 85% लोगों को किडनी की आवश्यकता होती है और किडनी भारत में सबसे अधिक दान किया जाने वाला अंग है। अंग दान करके, एक मृत दाता व्यक्ति अंग दान के माध्यम से 8 व्यक्तियों की जान बचा सकता है और टिश्यू दान के माध्यम से 50 से अधिक लोगों के जीवन को बढ़ा सकता है।
नेफ्रोलॉजी के वरिष्ठ निदेशक डॉ. राका कौशल ने कहा, “उन्होंने यह भी कहा कि लिवासा अस्पताल, जो अब पंजाब का सबसे बड़ा सुपर स्पेशियलिटी नेटवर्क है, ने 05 अस्पतालों, 750 बिस्तरों, 280 आईसीयू बिस्तरों के साथ पंजाब में 1200 सफल किडनी प्रत्यारोपण पूरे किए हैं। डॉ राका ने यह भी बताया कि आइवी अस्पताल में हम सभी प्रकार के लिविंग डोनर ट्रांसप्लांट कर रहे हैं, जिसमें उच्च जोखिम वाले ट्रांसप्लांट, बाल चिकित्सा ट्रांसप्लांट स्वैप मामले, एबीओ असंगत ट्रांसप्लांट (गैर रक्त समूह विशिष्ट) और रीडो ट्रांसप्लांट शामिल हैं। यहां तक कि देहरादून, जम्मू, लखनऊ, कानपुर, बिहार, झारखंड, कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया जैसे दूर-दराज के इलाकों के मरीजों ने भी लिवासा अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण कराया है।

एसडी कॉलेज के रीडर्स क्लब ने किया पॉवर बीआई वेबिनार का आयोजन

0

डीगढ़। सेक्टर-32 स्थित गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज के रीडर्स क्लब की ओर से सोमवार को पदमश्री डॉ. एसआर रंगनाथन की याद में “पॉवर बीआई” वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार में 150 से अधिक छात्रों ने डेटा एनालिटिक्स के प्रति अपनी समझ को बेहतर बनाने के लिए भाग लिया। माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित पॉवर बीआई एक मजबूत बिजनेस एनालिटिक्स टूल है, जो उपयोगकर्ताओं को डेटा को विजुअलाइज, अंतर्दृष्टि साझा करने और आसानी से डेटा-आधारित निर्णय लेने में सक्षम बनाता है। इस वेबिनार ने रॉ डेटा को उपयोगी जानकारी में बदलने के लिए मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान की।
इस सत्र में सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी प्राइवेट लिमिटेड में बिजनेस रिलेशनशिप मैनेजर वंशिका सेठी द्वारा मुख्य भाषण दिया गया। डेटा-आधारित निर्णय लेने के क्षेत्र में अपने व्यापक अनुभव के साथ सेठी ने विभिन्न क्षेत्रों में पॉवर बीआई का लाभ उठाने के लिए व्यावहारिक रणनीतियाँ साझा कीं, जिससे प्रतिभागियों को इस टूल की क्षमताओं में गहराई से जानकारी मिली। इस आयोजन को और अधिक समृद्ध बनाने में जीजीडीएसडी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा और जीजीडीएसडी लाइब्रेरी के रीडर्स क्लब के संयोजक डॉ. गुरप्रीत सिंह की भागीदारी रही।


डॉ. अजय शर्मा ने स्वागत भाषण के साथ सत्र की शुरुआत की, और इस कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित करते हुए आज के शैक्षणिक और व्यावसायिक परिदृश्य में डेटा एनालिटिक्स की अहमियत पर जोर दिया। वेबिनार में प्रतिभागियों ने इंटरेक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र में भी भाग लिया, जिससे उन्हें वास्तविक दुनिया के परिदृश्यों में पॉवर बीआई की कार्यक्षमताओं और अनुप्रयोगों के बारे में गहराई से जानने का मौका मिला। इस आयोजन का समापन डॉ. गुरप्रीत सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने वंशिका सेठी, पैनलिस्ट और उत्साही प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने नित्य रूप से सीखते रहने के महत्व और ऐसे वेबिनारों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, जो छात्रों को भविष्य में सफलता के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने में मदद करते हैं।

नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ छात्रों को दिलाई शपथ
जीजीडीएसडी कॉलेज, सेक्टर 32 के वाडा क्लब की ओर से के एनएसएस के सहयोग से “विकसित भारत का मंत्र, भारत हो नशे से स्वतंत्र” थीम के तहत छात्रों द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया। छात्रों को वाडा क्लब के अधिदेश से अवगत कराया गया तथा क्लब के आगामी कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। लगभग 200 विद्यार्थियों और अध्यापकों ने शपथ ली कि वे सुन्दर शहर चंडीगढ़ और हमारे देश को नशा मुक्त बनाने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव प्रयास करेंगे। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा तथा विद्यार्थियों और वाडा क्लब के शिक्षक सदस्यों द्वारा कॉलेज परिसर में एनएमबीए को समर्पित एक पौधा भी लगाया गया। डॉ. अजय शर्मा ने विद्यार्थियों को मादक द्रव्यों के सेवन को रोकने के लिए रणनीति अपनाने तथा स्वस्थ एवं समग्र जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम का समन्वयन वाडा क्लब प्रभारी रितिका सिन्हा, वरिंदर कुमार और डॉ. ज्योति कटारिया (कार्यक्रम अधिकारी एनएसएस) द्वारा किया गया तथा वाडा क्लब सदस्यों डॉ. निधि चड्ढा, डॉ. श्रुति शर्मा, वैशाली अरोड़ा और साक्षी ने इसमें सहयोग दिया।