Tuesday, March 10, 2026
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ओमैक्स न्यू चंडीगढ़ में रॉकिंग बैश, बिस्मिल, जस्सी गिल और सुखबीर की शानदार परफॉर्मेंस, 35 हजार से ज्यादा लोग हुए शामिल

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न्यू चंडीगढ़। ओमैक्स न्यू चंडीगढ़ के वर्ल्ड स्ट्रीट में एक बार फिर संगीत और संस्कृति का शानदार संगम देखने को मिला। यहां 28 से 30 दिसंबर 2025 तक आयोजित हुए सालाना कार्यक्रम रॉकिंग बैश का सफल समापन हुआ। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में 35,000 से ज्यादा लोगों की मौजूदगी रही। इस इवेंट ने 2026 का स्वागत पूरे जोश और उत्साह के साथ किया और ट्राइसिटी के सबसे चर्चित आयोजनों में अपनी जगह और मजबूत की।पिछले आयोजनों की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, रॉकिंग बैश ने एक बार फिर ओमैक्स की उस सोच को दिखाया, जिसमें रियल एस्टेट से आगे बढ़कर लोगों के लिए अनुभव और आपसी जुड़ाव को प्राथमिकता दी जाती है।

बड़ी संख्या में परिवार, संगीत प्रेमी और युवा यहां पहुंचे, जिससे वर्ल्ड स्ट्रीट एक जीवंत सामाजिक केंद्र में बदल गया, जहां संगीत, उत्सव और साझा खुशियां नजर आईं।कार्यक्रम की शुरुआत 28 दिसंबर को गायक बिस्मिल की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुई। उनकी सुरीली आवाज और दिल को छू लेने वाले गीतों ने आयोजन का शानदार आगाज किया। 29 दिसंबर को माहौल और भी जोशीला हो गया, जब भांगड़ा के प्रिंस कहे जाने वाले सुखबीर ने अपनी परफॉर्मेंस से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया और पूरा परिसर डांस फ्लोर में बदल गया। 30 दिसंबर को हुए ग्रैंड फिनाले में जस्सी गिल और बब्बल राय की दमदार प्रस्तुति ने तीन दिन चले इस जश्न को यादगार अंदाज में समाप्त किया।कार्यक्रम की सफलता पर ओमैक्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर जतिन गोयल ने कहा, रॉकिंग बैश अब न्यू चंडीगढ़ में हमारे सालाना सांस्कृतिक कैलेंडर का अहम हिस्सा बन चुका है।

इस साल 35,000 से ज्यादा लोगों की भागीदारी यह दिखाती है कि वर्ल्ड स्ट्रीट और ओमैक्स से लोगों का भावनात्मक जुड़ाव लगातार बढ़ रहा है। हमारा उद्देश्य ऐसे खुले स्थान बनाना है, जहां लोग साथ आकर संस्कृति और संगीत का आनंद लें और मिलकर खुशियां मना सकें। रॉकिंग बैश इसी सोच का उदाहरण है। लाइव परफॉर्मेंस, उत्सव का माहौल और लोगों की जबरदस्त भागीदारी के साथ रॉकिंग बैश ने खुद को ट्राइसिटी के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक प्रमुख सालाना आयोजन के रूप में स्थापित कर लिया है। 2025 के इस सफल संस्करण ने वर्ल्ड स्ट्रीट, ओमैक्स न्यू चंडीगढ़ को एक पसंदीदा लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट डेस्टिनेशन के रूप में और मजबूत किया है, साथ ही आने वाले वर्षों में और बड़े आयोजनों की नींव रखी है। 2026 का स्वागत यहां संगीत, खुशी और सामूहिक अनुभवों के साथ किया गया।

माउंट कार्मल स्कूल के विंटर कार्निवल एमसीसी 2025 में प्रतिभा, कल्पना और उमंग का संगम

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चंडीगढ़ । माउंट कार्मल स्कूल का बहुप्रतीक्षित विंटर कार्निवल, एम सी सी2025, एक बड़ी सफलता रहा, जिसमें ट्राईसिटी भर से भारी भीड़ उमड़ी। माउंट कार्मेल स्कूल्स के संस्थापक और निदेशक डॉ. अर्नेस्ट चार्ल्स जे. सैमुअल और डॉ. एनी चार्ल्स सैमुअल, और प्रिंसिपल डॉ. परवीना जॉन सिंह के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित, यह दो दिवसीय कार्यक्रम प्रतिभा,,रचनात्मकता और खुशी का एक यादगार जश्न साबित हुआ। माउंट कार्मल स्कूल, सेक्टर 46, चंडीगढ़ में आयोजित इस कार्निवल में दोनों दिन भारी संख्या में लोग आए ।।छात्रों ने उत्साह के साथ स्टॉल्स को सजाने और व्यवस्थित करने की ज़िम्मेदारी संभाली, जिससे परिसर एक जीवंत और रंगीन बाज़ार में बदल गया। खाने-पीने के कई तरह के स्टॉल्स, रोमांचक राइड्स और मज़ेदार गेम्स ने सभी उम्र के लोगों का मनोरंजन किया। स्टेज पर ज़ोरदार नृत्य और संगीतात्मक प्रस्तुतियाँ लगातार चलती रहीं, जबकि ट्राईसिटी के अलग-अलग स्कूलों के छात्रों ने इंटर-स्कूल रॉक बैंड प्रतियोगिता, इंटर-स्कूल सोलो माइम प्रतियोगिता और पेरेंट्स के लिए टैलेंट शो जैसे इवेंट्स में अपना टैलेंट दिखाया।कार्निवल के मुख्य आकर्षणों में से एक एम सी सी फैशन शो था, जिसमें क्लास दसवीं के छात्रों के लिए बहुत ज़्यादा इंतज़ार वाला मिस्टर एंड मिस एम सी सी 2025 कॉम्पिटिशन हुआ। कक्षा – दसवीं फ की सहर कौशल को मिस एम सी सी 2025 का ताज पहनाया गया, जबकि क्लास दसवीं- अ के जयराज सिंह लाठर ने मिस्टर एम सी सी2025 का खिताब जीता, जिस पर दर्शकों ने ज़ोरदार तालियाँ बजाईं।उत्साह को बढ़ाते हुए, रैफ़ल ड्रॉ कूपन के लकी ड्रॉ ने पूरे कार्निवल के दौरान आने वालों को उत्सुकता से जोड़े रखा। लकी विजेताओं को आकर्षक इनाम दिए गए, जिसमें पहले इनाम के तौर पर 46-इंच का एल इ डी टीवी , दूसरे इनाम के तौर पर वॉशिंग मशीन, तीसरे इनाम के तौर पर माइक्रोवेव ओवन, साथ ही कई अन्य सांत्वना पुरस्कार शामिल थे, जिससे यह ड्रॉ इवेंट के सबसे ज़्यादा इंतज़ार वाले हिस्सों में से एक बन गया।कार्निवल के पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में श्री राजिंदर सिंह, रिटायर्ड डी जी पी , मोहाली और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सुमित श्रीवास्तव, प्रिंसिपल, धनवंतरी आयुर्वेदिक कॉलेज और हॉस्पिटल, चंडीगढ़ मौजूद थे। दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में श्री राहुल गुप्ता, आई ए एस, मैनेजिंग डायरेक्टर, पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन लिमिटेड और विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती श्रुति गौतम मौजूद थीं। अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों में माउंट कार्मल स्कूल के संस्थापक और निदेशक, डॉ. अर्नेस्ट चार्ल्स जे. सैमुअल और डॉ. एनी चार्ल्स सैमुअल शामिल थे।माता-पिता ने स्कूल मैनेजमेंट, प्रिंसिपल डॉ. परवीना जॉन सिंह और पूरे स्टाफ के अथक प्रयासों की अत्यंत प्रशंसा की, जिन्होंने इस विशाल और शानदार इवेंट को इतनी सूक्ष्मता और परिश्रम से आयोजित किया। उन्होंने इस प्रकार के समारोहों को छात्रों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण माना, जो न केवल उनकी रचनात्मकता और आत्मविश्वास को निखारते हैं, बल्कि उनमें टीम वर्क और नेतृत्व के गुण भी विकसित करते हैं। अपनी खुशी और गर्व व्यक्त करते हुए, डॉ. परवीना जॉन सिंह ने कहा, “विंटर कार्निवल ने वास्तव में माउंट कार्मल स्कूल की आत्मा को दर्शाया—एकता, सृजनात्मकता और आनंद का संगम। ये अनमोल यादें हमारे विद्यार्थियों के दिलों में सदैव रहने वाली हैं, और इन्हें संजोकर हम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।

तथास्तु चैरिटेबल स्कूल में बच्चों को बांटी गर्म टोपियां

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चंडीगढ़। ढकोली स्थिति तथास्तु चैरिटेबल स्कूल में बच्चों को मोनिका मैडम द्वारा टोपिया वितरित की गई । इस बारे में जानकारी देते हुए स्कूल के प्रिंसिपल दर्शना देवी ने प्यार भरी नमस्कार के पश्चात् बोला जैसे कि आपको पता ही है कि सर्दी का मौसम शुरू हो गया है और बहुत ठंडी वाला है। छोटे-छोटे बच्चों का ध्यान रखते हुए प्रिंसिपल दर्शना देवी और हमारे नए मेंबर मैडम मोनिका ने हमारे बच्चों का ध्यान रखते हुए बच्चों के लिए गर्म टोपिया मुहैया करवाई। इस बाबत डॉक्टर सर्वजीत कौर डायरेक्टर ऑफ तथास्तु चैरिटेबल पब्लिक स्कूल ने इनका तहे-दिल से स्वागत किया। उन्होंने आभार जताते हुए धन्यवाद किया, जिन्होंने स्कूल के बच्चों का इस सर्द मौसम का ध्यान रखा। स्कूल की कोऑर्डिनेटर मंजू अनेजा ने इस अवसर पर कहा कि वह लोगों की वह लोगों की शुक्रगुजार है कि जो इन वंचित बच्चों को यदा-कदा कुछ ना कुछ देते रहते हैं ताकि यह बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए पढ़ाई के साथ न्याय करके, पढ़ लिख कर समाज के सभ्य नागरिक बन सकें, देश और दुनिया में अपने मां-बाप का नाम रोशन कर सके। तथास्तु चैरिटीबल स्कूल के सारे स्टाफ की तरफ से मोनिका मैंम का दिल से धन्यवाद।

चार साहिबजादों की याद में लगाया लंगर

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चंडीगढ़ । गुरुद्वारा नानकसर साहब सेक्टर 28 मे माता गुजरी व साहिबजादे समूह शहीदों की याद में ब्रेड पकोड़ियों का लंगर लगया गया। लंगर की शुरुआत नानकसर गुरुद्वारा साहब से बाबा गुरदेव सिंह जी ने की। लंगर श्री गुरु रामदास सेवक जत्था सेक्टर 28 व समूह साध संगत चंडीगढ़ वालों की मदद से लगया गया। इस लंगर में प्रधान मनजीत सिंह श्री गुरु रामदास सेवक जत्था, कृपाल सिंह खालसा ट्रैफिक कंट्रोल जत्था चंडीगढ़, हरदीप सिंह बूटरेला, बलजीत सिंह, रणजीत सिंह, दलजीत सिंह, सतनाम सिंह ने पूरे तन, मन व धन से सेवा की। बाबा गुरदेव सिंह ने कहा कि जो कौम अपने शहीदों को और उनकी शहादत को भूल जाती है, वह कौम कभी भी तरक्की नहीं कर सकती। हमें हमेशा अपने धर्म के और अपनी कौम के रक्षकों को याद रखना चाहिए।

खरड़ में श्रद्धा-विश्वास से किया तुलसी पूजन

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चंडीगढ़। सनातन धर्म महासभा पंजाब ने खरड़ में तुलसी पूजन दिवस बड़े धूमधाम, श्रद्धा, विश्वास व पारंपरिक रीति-रिवाज से मनाया। सनातन महासभा पंजाब की महिला विंग और सनातन महासभा पंजाब की उपाध्यक्ष प्रतिभा सिंह की अगुवाई में किया गया। महिलाओं ने वैदिक रीति रिवाज और परंपराओं के अनुसार तुलसी पूजन और आरती की। प्रतिभा सिंह ने तुलसी के महत्व पर प्रकाश डाला। सनातन धर्म महासभा पंजाब के संयुक्त कोषाध्यक्ष मदन गोपाल माथुर के घर हुए इस आयोजन में सम्मिलित लोगों को “माँ तुलसी जिन्हें वृंदा के नाम से भी जाना जाता है” इसके साथ जुड़ी धार्मिक आस्थाओं का भी जिक्र करते हुए बताया कि तुलसी न केवल स्वास्थ्य के लिए अच्छी है बल्कि इसको मां लक्ष्मी के समकक्ष माना गया है, इससे शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक फायदा भी होता है यह घर की सारी नकारात्मकता को दूर करके घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। बहुत लोग तुलसी के पत्तों को चाय में डालकर पीते हैं और सर्दी में ताकत बढ़ाने वाले और बीमारियों से रक्षा करने वाले काढ़े में भी इसका सदुपयोग किया जाता है, पर्यावरण की स्वच्छता में तुलसी का योगदान किसी परिचय का मोहताज नहीं, कार्यक्रम में सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद करते हुए मदन गोपाल माथुर ने कहा कि वह भारतीय धर्म संस्कृति और इसके पारंपरिक मूल्यों का निर्वहन करते हैं व चाहते हैं कि हर एक सनातानी अपनी परंपरा को जीवित रखते हुए अपना सामूहिक योगदान समाज को प्रदान करें जिससे हमारा धर्म और हमारे परंपराओं को जीवित रखने में मदद मिले। भजन कीर्तन और विश्व कल्याण की सामूहिक प्रार्थना से कार्यक्रम का समापन हुआ।

टियर-2 शहर बन रहे रियल एस्टेट के नए केंद्र, निवेश और बेहतर जीवनशैली का बढ़ा भरोसा

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चंडीगढ़। देश में रियल एस्टेट निवेश को लेकर रुझान तेजी से बदल रहा है। बड़े शहरों में बढ़ती भीड़, ऊंची कीमतों और सीमित विकल्पों के बीच अब खरीदारों और निवेशकों की नजर टियर-2 शहरों पर टिक गई है। बेहतर बुनियादी ढांचा, सुनियोजित विकास और अपेक्षाकृत बेहतर जीवनशैली के चलते ये शहर अब सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि पहली पसंद बनते जा रहे हैं।रियल एस्टेट कंसल्टेंसी एनारॉक के मुताबिक, 2025 की पहली छमाही (H1 2025) में जमीन के सौदों का आंकड़ा पूरे साल 2024 से ज्यादा हो चुका है। यह सेक्टर को लेकर डेवलपर्स के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। आंकड़ों के अनुसार, H1 2025 में टियर-2 और टियर-3 शहरों में जमीन के सौदे टियर-1 शहरों से आगे निकल गए। इस दौरान टियर-2 और 3 शहरों में करीब 1,907 एकड़ जमीन के सौदे हुए, जबकि टियर-1 शहरों में यह आंकड़ा 991 एकड़ रहा।वहीं, प्रॉपइक्विटी की रिपोर्ट बताती है कि देश के प्रमुख 15 टियर-2 शहरों में रिहायशी संपत्तियों की बिक्री का कुल मूल्य Q1 2025 में 6 फीसदी बढ़कर 40,443 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले इसी अवधि में यह 38,102 करोड़ रुपये था। जानकारों के मुताबिक, यह बढ़त अस्थायी नहीं, बल्कि खरीदारों और निवेशकों की सोच में आए बड़े बदलाव का संकेत है।विशेषज्ञों का कहना है कि टियर-2 शहरों की सबसे बड़ी ताकत उनकी वैल्यू है। यहां लोगों को बड़े और बेहतर डिजाइन वाले घर, आधुनिक सुविधाएं और अच्छी तरह से विकसित सोसायटी मिल रही हैं, वह भी मेट्रो शहरों के मुकाबले कम कीमत पर। इसके साथ ही कम ट्रैफिक, साफ हवा और हरियाली लोगों को आकर्षित कर रही है। यही वजह है कि नौकरीपेशा लोग, कारोबारी और युवा परिवार इन शहरों की ओर रुख कर रहे हैं।जानकारों का मानना है कि टियर-2 शहरों की मजबूती के पीछे इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी प्रशासन की बड़ी भूमिका है। नए एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट विस्तार, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और आईटी पार्क से कनेक्टिविटी बेहतर हुई है, जिससे रियल एस्टेट को मजबूत आधार मिल रहा है। इसके चलते निवेशकों की सोच भी बदली है और अब फोकस त्वरित मुनाफे की बजाय स्थिर आय और लंबी अवधि के निवेश पर है।होमलैंड ग्रुप के सीईओ उमंग जिंदल कहते हैं कि आज घर की असली कीमत सिर्फ लोकेशन नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में उसकी भूमिका है। लोग ऐसे घर चाहते हैं जो सेहत, सामुदायिक जुड़ाव और स्मार्ट डिजाइन को बढ़ावा दें। यह बदलाव टियर-2 शहरों में ज्यादा साफ दिख रहा है। यहां की धीमी रफ्तार जिंदगी, साफ माहौल और बेहतर प्लानिंग लाइफस्टाइल प्रोजेक्ट्स के लिए आदर्श है। चंडीगढ़ इसका अच्छा उदाहरण है, जहां शहरी सुविधाएं और शांति साथ मिलती हैं। निवेश के लिहाज से भी यह मांग लंबे समय तक स्थिरता और मूल्य बढ़ने का भरोसा देती है।रॉयल एस्टेट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पियूष कंसल के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में ट्राइसिटी क्षेत्र को लेकर धारणा काफी बदली है। जो इलाका पहले रिटायरमेंट या सेकेंडरी मार्केट माना जाता था, अब एंड-यूजर्स और निवेशकों के लिए मुख्य डेस्टिनेशन बन चुका है।

अक्षय शर्मा की पहल से हल्का उत्तरी 150 बसों के जरिए 12000 श्रद्धालुओं ने टेका फतेहगढ़ साहिब माथा

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चंडीगढ़/अमृतसर । श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों साहिबजादों एवं माता गुजरी की लासानी शहादत को समर्पित “सफर-ए-शहादत” के तहत हल्का उत्तरी से सेवादार एवं भाजपा नेता अक्षय शर्मा की ओर से शुरू की गई फ्री बस सेवा ने सांझी वार्ता और भाईचारे का मजबूत संदेश दिया। सात दिनों तक चले इस सेवा कार्य के दौरान कुल 150 बसों के माध्यम से लगभग 12,000 श्रद्धालुओं ने श्री फतेहगढ़ साहिब पहुंचकर माथा टेका। इस धार्मिक एवं सामाजिक पहल का समापन आज हुआ, जिसमें अंतिम दिन 40 बसें श्रद्धालुओं को लेकर रवाना की गईं। इस सेवा में जहां बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु शामिल हुए, वहीं हिंदू, मुस्लिम और ईसाई समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और इस पहल के लिए अक्षय शर्मा की सराहना की। इस अवसर पर अक्षय शर्मा ने कहा कि इस सेवा की शुरुआत उन्होंने आज की युवा पीढ़ी को सिख इतिहास की महानता से अवगत कराने के उद्देश्य से की थी। उन्होंने कहा कि साहिबजादों ने धर्म की रक्षा के लिए जिस अद्वितीय वीरता और बलिदान का परिचय दिया, उसे केवल याद ही नहीं बल्कि समझना भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में इस सफर को सीमित बसों के साथ करने की योजना थी, लेकिन सेवा से जुड़ते हाथों ने इसे विशाल रूप दे दिया। ढिल्लों बस सर्विस और औलख बस सर्विस ने निःशुल्क बसें उपलब्ध कराईं, वहीं शोभित बब्बर ने ईंधन और कई सहयोगियों ने अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग दिया। अक्षय शर्मा ने कहा कि देश-विदेश और पूरी दुनिया में ऐसी लासानी शहादत न पहले कभी हुई है और न ही भविष्य में होगी। उन्होंने उन सभी श्रद्धालुओं और सेवादारों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने गुरु साहिब की पावन धरती फतेहगढ़ साहिब पहुंचकर नतमस्तक होने के साथ-साथ इस छोटे से प्रयास को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि धर्म हमें आपसी प्रेम, भाईचारे और एक-दूसरे के साथ खड़े होने की सीख देता है। आज पंजाब को पंजाबियत बचाने के लिए आपसी सौहार्द और एकता की आवश्यकता है।

सभी धर्म मानवता और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देते हैं। कार्यक्रम के दौरान सिख, हिंदू मुस्लिम और ईसाई धर्मों के अनुयायियों ने एक साथ अरदास कर परमात्मा के समक्ष नतमस्तक होकर प्रार्थना की कि युवाओं को सही मार्ग दिखाया जाए, उन्हें नशे और बुराइयों से दूर रखकर सेवा, त्याग और भाईचारे की भावना से जोड़ा जाए। अंत में गतका प्रदर्शन किया गया ओर बोले सो निहाल के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं को फतेहगढ़ साहिब में गुरु साहिब के समक्ष नतमस्तक होने के लिए रवाना किया गया।

सूफी सुरों और बॉलीवुड बीट्स से मनाया गया क्रिसमस का उत्सव

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चंडीगढ़ क्लब में ‘कीशा सूफियाना लाइव’ ने रचा यादगार संगीत महोत्सव

चंडीगढ़ । क्रिसमस के उत्सव पर चंडीगढ़ क्लब में संगीत और उल्लास की गर्माहट तब महसूस की गई जब क्लब में ‘कीशा सूफियाना लाइव क्रिसमस बैश’ का भव्य आयोजन किया गया। इस खास संगीतमय शाम को दर्शकों का जबरदस्त उत्साह और शानदार प्रतिक्रिया मिली, जिसने कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बना दिया।
स्वतंत्र गायिका कीशा, जो अपनी मधुर आवाज और अद्भुत वोकल वर्सेटिलिटी के लिए जानी जाती हैं, ने अपने सूफी-बॉलीवुड बैंड ‘कीशा सूफियाना’ के साथ पहली बार मंच साझा किया। यह डेब्यू परफॉर्मेंस दर्शकों के दिलों को छू गया। भारत और विदेशों में 200 से अधिक लाइव परफॉर्मेंस का अनुभव रखने वाली कीशा ने इस शाम को अपनी दमदार प्रस्तुति से यादगार बना दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस संगीतमय प्रस्तुति में कीशा ने लगभग 15 सूफी और बॉलीवुड गीतों का शानदार संगम पेश किया। उन्होंने “ये जो हल्का हल्का सुरूर”, “दिल जानी”, “सजदा”, “तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी”, “बीबा सदा दिल मोड़ दे”, “हानियां”, “कमली” और “तेरे बिन नहीं लगदा दिल” जैसे लोकप्रिय गीतों को अपनी खास सूफियाना शैली में प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी ऊर्जावान स्टेज प्रेजेंस, आत्मा को छू लेने वाली गायकी और जोशीली अदायगी ने पूरे माहौल को संगीतमय उत्सव में बदल दिया। इस अवसर को और भी विशेष बनाते हुए, स्टार बिज़ इंडिया ने अपनी 25 वर्षों की सफल यात्रा का जश्न भी मनाया। कार्यक्रम में कलाकार प्रबंधन की ज़िम्मेदारी स्टार बिज़ इंडिया ने निभाई, जबकि आयोजन चंडीगढ़ क्लब द्वारा किया गया और इसे एचडीएफसी बैंक का सहयोग प्राप्त हुआ। भविष्य की योजनाओं को लेकर उत्साहित कीशा सूफियाना ने संकेत दिया कि वह जल्द ही भारत के विभिन्न शहरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी संगीत यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। चंडीगढ़ की यह क्रिसमस शाम संगीत प्रेमियों के लिए लंबे समय तक यादगार बनी रहेगी।

माता-पिता बच्चों के पहले और सबसे प्रभावशाली रोल मॉडल होते हैं, इसलिए उन्हें स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए: डॉ. मोनिका बी. सूद

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चंडीगढ़ । भाजपा चंडीगढ़ की बौद्धिक प्रकोष्ठ की राज्य संयोजक डॉ. मोनिका बी. सूद ने जॉयलैंड मॉन्टेसरी स्कूल, सेक्टर-38 के वार्षिक समारोह ‘ये गुलिस्तान हमारा’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह कार्यक्रम रानी लक्ष्मीबाई महिला भवन, सेक्टर-38, चंडीगढ़ के सभागार में आयोजित किया गया। नन्हे-नन्हे बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का सुंदर चित्रण किया। डॉ. मोनिका बी. सूद ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और इसके बाद विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित किया। अभिभावकों को संबोधित करते हुए डॉ. मोनिका बी. सूद ने कहा कि बच्चे कही गई बातों से नहीं, बल्कि माता-पिता के व्यवहार और दैनिक आदतों से सीखते हैं। उन्होंने कहा, “माता-पिता बच्चों के पहले और सबसे प्रभावशाली रोल मॉडल होते हैं, इसलिए उन्हें स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। बच्चे अपने माता-पिता का अनुसरण करते हैं, अतः यदि अभिभावक अपने दैनिक जीवन में नैतिक आचरण अपनाते हैं तो बच्चे भी वही सीखेंगे। अच्छे कर्म बच्चों को संतुलित व्यक्तित्व और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन और टेलीविजन बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास में बाधा बनते जा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को समय दें और उनसे संवाद स्थापित करें।
डॉ. मोनिका ने आगे कहा कि भारत तेज़ी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। देश में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा, आधुनिक शोध सुविधाएं और वैश्विक स्तर के अवसर उपलब्ध हैं। इसलिए बच्चों को भारत में ही शिक्षा ग्रहण करने और अपनी प्रतिभा को राष्ट्र के विकास से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। इससे देश की बौद्धिक पूंजी मजबूत होगी और आर्थिक संसाधन देश के भीतर ही बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में युवाओं द्वारा संचालित नवाचार, शोध और उद्यमिता आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र के लक्ष्य को प्राप्त करने की कुंजी हैं। डॉ. मोनिका बी. सूद ने कार्यक्रम के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जॉयलैंड मॉन्टेसरी स्कूल की सराहना की। उन्होंने देश की एकता का श्रेय सरदार वल्लभभाई पटेल को देते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प ने सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोया। सरदार पटेल द्वारा रखी गई राष्ट्रीय एकता की मजबूत नींव ने भारत को सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध, एकीकृत और सशक्त राष्ट्र बनाया है। डॉ. मोनिका ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चा अद्वितीय होता है। उन्होंने बच्चों को जिज्ञासु बने रहने, प्रश्न पूछने और सपने देखना कभी न छोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गलतियां सीखने की प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा हैं और बच्चों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए।

आईएसडब्ल्यूएआई ने चंडीगढ़ में अपनी ‘नेवर ड्रिंक एंड ड्राइव’ मुहिम की शुरू

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चंडीगढ़ । भारतीय प्रीमियम अल्कोहलिक बेवरेज इंडस्ट्री की अग्रणी आवाज़ और जिम्मेदार उपभोग की सशक्त समर्थक संस्था इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएसडब्ल्यूएआई) ने चंडीगढ़ में अपनी ‘नेवर ड्रिंक एंड ड्राइव’ (एनडीएडी) मुहिम की शुरुआत की घोषणा की है। यह मुहिम ईयर-एंड फेस्टिव पीरियड से ठीक पहले शुरू की जा रही है । देश में वाहनों और जनसंख्या के अनुपात के लिहाज़ से सबसे ऊँचे स्तरों में शामिल होने और पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ से होने वाले बड़े पैमाने पर दैनिक अंतरराज्यीय यातायात के कारण, यहां सड़क सुरक्षा पर मजबूत और निरंतर फोकस की आवश्यकता है। यही कारण है कि शहर ‘नेवर ड्रिंक एंड ड्राइव’ संदेश को और सुदृढ़ करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण स्थान बन जाता है।आईएसडब्ल्यूएआई की यह पहल जन सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को संबोधित करने के लिए जागरूकता बढ़ाने, लोगों को शिक्षित करने और व्यवहार में परिवर्तन लाने की तात्कालिक आवश्यकता को रेखांकित करती है। चंडीगढ़ में अभियान की शुरुआत और उसके विस्तार पर बोलते हुए आईएसडब्ल्यूएआई के सीईओ संजीत पाधी ने कहा कि आईएसडब्ल्यूएआई में हम जन शिक्षा में निवेश करते हैं और संयम तथा जिम्मेदार शराब सेवन को बढ़ावा देते हैं। ‘नेवर ड्रिंक एंड ड्राइव’ अभियान जिम्मेदार पेय संस्कृति को प्रोत्साहित करने, सड़क सुरक्षा को लेकर जन जागरूकता बढ़ाने और अंततः अमूल्य जीवनों की रक्षा करने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। इसे आगे बढ़ाते हुए आईएसडब्ल्यूएआई के रीजनल डायरेक्टर, परविंदर सिंह ने कहा कि “चंडीगढ़ सड़क अनुशासन पर विशेष जोर देता है, और हमारा अभियान मीडिया के माध्यम से सजग शराब सेवन को बढ़ावा देकर तथा यह संदेश सुदृढ़ करके कि शराब पीकर गाड़ी चलाना कभी स्वीकार्य नहीं है, शहर के प्रयासों के अनुरूप है। ‘नेवर ड्रिंक एंड ड्राइव’ अभियान का उद्देश्य नशे में ड्राइविंग के खतरों के प्रति नागरिकों को जागरूक करना, जिम्मेदार सड़क व्यवहार को प्रोत्साहित करना और यह रेखांकित करना है कि नशे की हालत में वाहन चलाना न केवल अवैध है, बल्कि जानलेवा भी है। आईएसडब्ल्यूएआई सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, विशेष रूप से त्योहारों के मौसम में, जब सामाजिक गतिविधियां अपने चरम पर होती हैं। आउटरीच को और मजबूत करने के लिए आईएसडब्ल्यूएआई पीक लिसनिंग आवर्स के दौरान, विशेष रूप से क्रिसमस और ईयर-एंड फेस्टिव पीरियड में, रेडियो स्टेशनों के माध्यम से अपने सोशल मैसेजिंग को तेज़ कर रहा है। समर्पित रेडियो स्पॉट्स और आरजे मेंशन्स जिम्मेदार उत्सव और ड्रंक ड्राइविंग के प्रति जीरो टॉलरेंस के मूल संदेश को और सुदृढ़ करेंगे। इसके अलावा, निरंतर दृश्यता सुनिश्चित करने और जिम्मेदार उत्सव के संदेश को मजबूत करने के लिए एक डिजिटल कैंपेन भी शुरू किया जा रहा है। आईएसडब्ल्यूएआई संयम के महत्व पर ज़ोर देता है और यह दोहराता है कि शराब के किसी भी रूप का सेवन करने के बाद वाहन चलाने से हमेशा बचना चाहिए।