Monday, June 29, 2026
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तीसरे दिन कथावाचक इंद्रेश महाराज ने शरद पूर्णिमा की असल महिमा का गुणगान किया

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चंडीगढ़ । श्री कृष्ण प्रिया जू संकीर्तन मंडल के तत्वाधान में सेक्टर 34 के मेला ग्राउंड में वृन्दावन प्राक्टय उत्सव और श्री मद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है I कथा के तीसरे दिन कथावाचक इंद्रेश महाराज ने शरद पूर्णिमा की असल महिमा का गुणगान किया, उन्होंने कहा कि वृंदावन स्वयं श्री कृष्ण है, और शरद पूर्णिमा की चंद्रमा साक्षात् किशोरी है, किशोरी जब शरद पूर्णिमा पर प्रकट होती है तो वृंदावन का रस अलग ही होता है, क्योंकि शरद पूर्णिमा पर श्रीकृष्ण का किशोरी से मिलन उत्सव होता है उस दिन चंद्रमा अपने प्रकाश व छांव से पूरे वृंदावन को रसयुक्त कर देता है कथा में मीरा बाई के मार्मिक चरित्र की चर्चा हुई, उन्होंने कहा कि बाई सा के चरित्र में ज्ञान, विलास नहीं है सिर्फ प्रेम ही प्रेम है, एक खास बात बताई कि राजस्थान में मीरा बाई नहीं कहते बाई सा बोलते है, उन्होंने ने कहा जब भागवत पथ पर चलते है तो प्रयास करना चाहिए कि आचार्यों के भी स्पष्ट नाम नहीं लेने चाहिए, उनको बाई सा बोल कर संबोधित करना चहिए I प्रसिद्ध भागवत वक्ता आचार्य पुंडरीक गोस्वामी महाराज की पत्नी रेणुका गोस्वामी भी कथा में पहुंची उनके साथ उनकी माता हर्ष शर्मा भी कथा में पहुंची I

निमाई पाठशाला के बच्चे भी उनके साथ कथा श्रवण करने आए I साथ ही इंद्रेश महाराज ने धर्म ओर परमधर्म की बहुत सुंदर परिभाषा दी, उन्हें ने बताया कि खुद से, रिश्ते संबंधियों व संसार से प्रेम करना धर्म कलाता है और जिसने पूरा संसार बनाया उनसे प्रेम करना हमारा परमधर्म है I प्रेम वो है जो प्रेमी से कभी शिकायत न करे, जब100 वर्ष बाद ठाकुर किशोरी से कुरुक्षेत्र में मिले थे तब किशोरी की आंखों में कोई शिकायत नहीं थी, सिर्फ प्रेम था I उसके बाद पूरे रीति रिवाज के साथ राधा रमन हरि बोल से कथा की शुरुआत हुई। विश्व विख्यात कथा व्यास परम पूज्य इंद्रेश महाराज ने कहा कि गायक बी प्राक के प्रयत्नों से चंडीगढ़ अब वृंदावन बन गया है। परम पूज्य इंद्रेश महाराज ने कथा वर्णन में गोपी नाथ के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किस्मत वाले लोगों को सत्संग सुनने को मिलता है और सत्संग में सुनी बातों को हमे अपने जीवन में लागू करना चाहिए। इस अवसर पर गायक बी प्राक ने बताया कि इस भागवत कथा में देश के जानेमन संत पहुंच रहे है। गायक बी प्राक ने सभी संतों को कोटि कोटि प्रणाम करते हुए कहा कि मैं बहुत भाग्यशाली हूं जो मुझे इस कार्यक्रम का आयोजन करने और महान संत महात्माओ की सेवा करने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि यह कथा आयोजन 3 अक्टूबर तक रोजाना दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक चलेगा। उन्होंने लोगों से परिवार सहित इस कथा में आने की अपील की।

तीसरे दिन कथावाचक इंद्रेश महाराज ने शरद पूर्णिमा की असल महिमा का गुणगान किया

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चंडीगढ़ । श्री कृष्ण प्रिया जू संकीर्तन मंडल के तत्वाधान में सेक्टर 34 के मेला ग्राउंड में वृन्दावन प्राक्टय उत्सव और श्री मद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है I कथा के तीसरे दिन कथावाचक इंद्रेश महाराज ने शरद पूर्णिमा की असल महिमा का गुणगान किया, उन्होंने कहा कि वृंदावन स्वयं श्री कृष्ण है, और शरद पूर्णिमा की चंद्रमा साक्षात् किशोरी है, किशोरी जब शरद पूर्णिमा पर प्रकट होती है तो वृंदावन का रस अलग ही होता है, क्योंकि शरद पूर्णिमा पर श्रीकृष्ण का किशोरी से मिलन उत्सव होता है उस दिन चंद्रमा अपने प्रकाश व छांव से पूरे वृंदावन को रसयुक्त कर देता है कथा में मीरा बाई के मार्मिक चरित्र की चर्चा हुई, उन्होंने कहा कि बाई सा के चरित्र में ज्ञान, विलास नहीं है सिर्फ प्रेम ही प्रेम है, एक खास बात बताई कि राजस्थान में मीरा बाई नहीं कहते बाई सा बोलते है, उन्होंने ने कहा जब भागवत पथ पर चलते है तो प्रयास करना चाहिए कि आचार्यों के भी स्पष्ट नाम नहीं लेने चाहिए, उनको बाई सा बोल कर संबोधित करना चहिए I प्रसिद्ध भागवत वक्ता आचार्य पुंडरीक गोस्वामी महाराज की पत्नी रेणुका गोस्वामी भी कथा में पहुंची उनके साथ उनकी माता हर्ष शर्मा भी कथा में पहुंची I

निमाई पाठशाला के बच्चे भी उनके साथ कथा श्रवण करने आए I साथ ही इंद्रेश महाराज ने धर्म ओर परमधर्म की बहुत सुंदर परिभाषा दी, उन्हें ने बताया कि खुद से, रिश्ते संबंधियों व संसार से प्रेम करना धर्म कलाता है और जिसने पूरा संसार बनाया उनसे प्रेम करना हमारा परमधर्म है I प्रेम वो है जो प्रेमी से कभी शिकायत न करे, जब100 वर्ष बाद ठाकुर किशोरी से कुरुक्षेत्र में मिले थे तब किशोरी की आंखों में कोई शिकायत नहीं थी, सिर्फ प्रेम था I उसके बाद पूरे रीति रिवाज के साथ राधा रमन हरि बोल से कथा की शुरुआत हुई। विश्व विख्यात कथा व्यास परम पूज्य इंद्रेश महाराज ने कहा कि गायक बी प्राक के प्रयत्नों से चंडीगढ़ अब वृंदावन बन गया है। परम पूज्य इंद्रेश महाराज ने कथा वर्णन में गोपी नाथ के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किस्मत वाले लोगों को सत्संग सुनने को मिलता है और सत्संग में सुनी बातों को हमे अपने जीवन में लागू करना चाहिए। इस अवसर पर गायक बी प्राक ने बताया कि इस भागवत कथा में देश के जानेमन संत पहुंच रहे है। गायक बी प्राक ने सभी संतों को कोटि कोटि प्रणाम करते हुए कहा कि मैं बहुत भाग्यशाली हूं जो मुझे इस कार्यक्रम का आयोजन करने और महान संत महात्माओ की सेवा करने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि यह कथा आयोजन 3 अक्टूबर तक रोजाना दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक चलेगा। उन्होंने लोगों से परिवार सहित इस कथा में आने की अपील की।

पारस हेल्थ पंचकूला ने वर्ल्ड हार्ट डे पर साइक्लॉथान का किया आयोजन

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पंचकूला । वर्ल्ड हार्ट डे 2025 के अवसर पर पारस हेल्थ पंचकूला ने हाई एनर्जी साइक्लॉथान का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य दिल की बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूकता फैलाना था। सुबह आयोजित इस साइक्लॉथान में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों में फिटनेस प्रेमी, वरिष्ठ नागरिक, बच्चे और पहली बार साइकिल चलाने वाले शामिल रहे। सभी ने शहर के प्रमुख स्थानों से होते हुए पैडल मारकर यह संदेश दिया कि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम, सही खानपान और समय पर स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है। कार्यक्रम की शुरुआत एसीपी ट्रैफिक पंचकूला सुरेंद्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर की। भारत में हृदय रोग मौत का सबसे बड़ा कारण बने हुए हैं और करीब 31% मौतें इसके कारण होती हैं। ऐसे में साइक्लॉथान का उद्देश्य लोगों को यह याद दिलाना था कि सावधानी और स्वस्थ आदतें ही रोकथाम का सबसे मजबूत तरीका हैं।

आयोजन के दौरान साइकिलगिरी समूह के कई प्रेरणादायक साइकिलिस्टों को सम्मानित किया गया। 75 वर्षीय पूर्व नौसेना अधिकारी एसएस ढींढसा को उमलिंगला दर्रे तक साइकिल चलाकर दुनिया के सबसे बुजुर्ग साइकिलिस्ट बनने की उपलब्धि पर सम्मान मिला। पूर्व वायुसेना अधिकारी रूपेश बाली को लगातार 1241 दिनों तक प्रतिदिन 100 किलोमीटर साइक्लिंग करने के लिए सम्मानित किया गया। वहीं 71 वर्षीय प्रो. एसएस भट्टी को सुखना झील तक रोज़ाना साइक्लिंग और पूरे वॉकिंग ट्रैक को पूरा करने की दिनचर्या के लिए सम्मानित किया गया। इन उपलब्धियों ने साबित किया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में उम्र कोई बाधा नहीं है। इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय साइकिलिस्ट और भारतीय साइक्लिंग महासंघ के एथलीट आयोग के अध्यक्ष, महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार विजेता जगदीप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। पारस हेल्थ के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि आजकल युवा भी जीवनशैली संबंधी हृदय रोगों की चपेट में आ रहे हैं। यह बीमारियाँ अचानक नहीं आतीं, बल्कि लंबे समय तक शारीरिक रूप से एक्टिव न रहने, असंतुलित खानपान, तनाव और शुरुआती संकेतों की अनदेखी से होती हैं। साइक्लॉथान जैसी पहल रोकथाम को बढ़ावा देने का प्रयास है। रोज़ाना साइक्लिंग और वॉकिंग जैसे छोटे कदम भी दिल को मजबूत बना सकते हैं। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, तनाव नियंत्रण और समय पर हेल्थ स्क्रीनिंग से ही हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। साइक्लॉथान ने पंचकूला और आसपास के लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी और पारस हेल्थ को केवल हेल्थकेयर प्रदाता ही नहीं, बल्कि एक सक्रिय वेलनेस पार्टनर के रूप में स्थापित किया।

विश्व हृदय दिवस: मैक्स अस्पताल के वॉकथॉन में 300 लोगों ने लिया हिस्सा

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बठिंडा । विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य में आज मैक्स अस्पताल, बठिंडा द्वारा आयोजित 5 किलोमीटर के वॉकथॉन में 3 00 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इस वॉकथॉन को एडीसी, बठिंडा पूनम सिंह और यूनिट हेड मैक्स अस्पताल, बठिंडा ओमराज ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वॉकथॉन का आयोजन ललित वेलफेयर एसोसिएशन के सहयोग से किया गया था, जिसका उद्देश्य हृदय स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाना और निवासियों में स्वास्थ्य को बढ़ावा देना था। वॉकथॉन के बाद, प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य-केंद्रित गतिविधियों में भी भाग लिया, जिसमें हेल्थ टॉक , क्विज़, ज़ुम्बा, भांगड़ा सेशन और एक कम्यूनिटी एक्सरसाइज सेशन शामिल थे। प्रतिभागियों की सामूहिक भावना और उत्साह ने एक स्वस्थ जीवन शैली के महत्व के बारे में बढ़ती जागरूकता को उजागर किया।

मैक्स अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. इश्तियाक मसूद और डॉ. दीक्षित गोयल ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए हृदय स्वास्थ्य, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों और निवारक देखभाल पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की और शीघ्र निदान और नियमित चिकित्सा जांच के महत्व पर ज़ोर दिया।

ट्राइसिटी में लग्ज़री घरों की बढ़ती मांग: मिड-रेंज से प्रीमियम जीवनशैली की ओर बदलाव

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चंडीगढ़ । मोहाली और पंचकूला से मिलकर बने ट्राइसिटी में अब लग्ज़री आवासों की मांग तेजी से बढ़ रही है। कभी यह क्षेत्र प्लॉट और मिड-रेंज प्रोजेक्ट्स के लिए जाना जाता था, लेकिन अब बढ़ती आकांक्षाओं और आत्मविश्वास से भरे खरीदार उच्च-स्तरीय जीवनशैली की ओर रुख कर रहे हैं। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव में एनआरआई, बिज़नेस लीडर्स और प्रोफेशनल्स सबसे आगे हैं। उनके लिए लक्ज़री अब केवल बड़े घर का नाम नहीं, बल्कि जीवनशैली से परिभाषित होती है। स्मार्ट होम, वेलनेस ज़ोन, डिज़ाइनर इंटीरियर्स और क्यूरेटेड कम्युनिटी लिविंग अब लग्ज़री का नया पैमाना बन गए हैं।

डेवलपर्स भी इस बदलाव का जवाब प्रीमियम प्रोजेक्ट्स के लॉन्च से दे रहे हैं। गेटेड कम्युनिटी, ऊँची इमारतें और जीवनशैली-केंद्रित टाउनशिप ऐसे प्रोजेक्ट्स हैं जो गुड़गांव और नोएडा जैसे महानगरीय केंद्रों के लक्ज़री आवासों को टक्कर देते हैं। इस बदलाव ने ट्राइसिटी को न केवल तेजी से बढ़ते बाजार का केंद्र बना दिया है, बल्कि उत्तर भारत में लक्ज़री आवासों के नए मानक भी स्थापित किए हैं। होमलैंड ग्रुप के सीईओ उमंग जिंदल कहते हैं “लक्ज़री घर सिर्फ़ बड़े घर नहीं होते, बल्कि एक खास अनुभव देते हैं। ट्राइसिटी में लोग ऐसे घर चाहते हैं जो आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार हों, जिनमें तकनीक, सुंदर डिजाइन और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएँ हों। अच्छी सड़कें, आसान कनेक्टिविटी और विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यह क्षेत्र उत्तर भारत की अगली लक्ज़री हब बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सप्तमी पर पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट ने आयोजित किया भंडारा

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पंचकूला । नवरात्रि के पावन अवसर पर पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट ने सप्तमी के दिन 184वां अन्न भंडारा बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया। भक्तिमय वातावरण में माँ भगवती के जयकारों के बीच ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं और राहगीरों को भोजन परोसा गया। ट्रस्ट के संस्थापक अमिताभ रुंगटा ने बताया कि माँ कालरात्रि की पूजा और अन्न भंडारे का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में सेवा, दया और करुणा का संदेश फैलाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि अन्न भंडारा मानवता की सच्ची साधना है। माँ दुर्गा के आशीर्वाद से ही अज्ञानता और अंधकार का नाश होकर सत्य और प्रकाश का प्रसार होता है। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया और माता रानी के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।

जटिल हृदय रोग से पीड़ित 62 वर्षीय मरीज़ को फोर्टिस में नॉन-सर्जिकल टीएवीआर प्रोसीजर से मिली नई जिंदगी

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चंडीगढ़ । फोर्टिस हॉस्पटिल मोहाली की कार्डियोलॉजी टीम ने, डॉ.आर.के.जसवाल, हेड, डिपार्टमेंट ऑफ कार्डियोलॉजी और डायरेक्टर, कैथलैब्स के नेतृत्व में, कई अलग अलग रोगों से पीड़ित और सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं पाए गए एक 62 वर्षीय मरीज़ का ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट (टीएवीआर) की गई। टीवीएआर, आज के दौर की सबसे एडवांस्ड और नॉन-सर्जिकल प्रोसीजर है और इसी से 62 वर्षीय मरीज का सफल इलाज किया गया। आमतौर पर, टीएवीआर प्रोसीजर में एक तार को ग्रोइन आर्टिरी से अवरुद्ध हुए एओर्टिक वाल्व के माध्यम से मरीज़ के बाएं दिल में पीछे की ओर ले जाया जाता है। इस तार के ज़रिए, कार्डियोलॉजिस्ट वाल्व को ग्रोइन आर्टिरी से दिल तक ले जाता है और उसे वहां पर इम्पलांट करता है। इस मामले में, मुख्य चुनौती मरीज का मूल वाल्व था, जो बुरी तरह अवरुद्ध, आकार बदल चुका था और कैल्सीफाइड था। इसलिए, तार – जो एक ट्रैक के रूप में कार्य करता है – इम्पलांट के लिए वाल्व से होकर नहीं गुजर रहा था। इस रोगग्रस्त वाल्व तक बिना सर्जरी के पहुंचने का एकमात्र उपलब्ध मार्ग ग्रोइन वेन (नस) से दिल के दाहिने चैम्बर तक जाना, फिर सेप्टल पंचर के माध्यम से दिल के बाएं हिस्से में जाना, और फिर रक्त के प्राकृतिक प्रवाह के साथ विपरीत दिशा में वाल्व को पार करना था। यह सर्जरी की खासियत थी, जिसके बाद डॉ. जसवाल ने इंडिया वाल्व 2025 में भी इस मामले को पेश किया, जो दुनिया भर के विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट को अपने अनुभव साझा करने के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म पर लाने वाले सबसे प्रतिष्ठित वाल्व कॉन्फ्रेंसेज में से एक है। टीएवीआर एक मिनीमली-इनवेसिव सर्जरी है जिसमें ओपन-हार्ट सर्जरी के बिना रोगग्रस्त एओर्टिक वाल्व को बदला जाता है। इस एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का उपयोग एओर्टिक वाल्व स्टेनोसिस के रोगियों के इलाज के लिए किया जाता है।

एक अन्य मामले में, 62 वर्ष का रोगी बाइकसपिड पिनहोल सीवियर एओर्टिक स्टेनोसिस से पीड़ित था – (एक जन्मजात और गंभीर हार्ट रोग जिसमें एओर्टिक वाल्व, जिसमें तीन के बजाय केवल दो फ्लैप होते हैं, संकुचित हो जाता है और दिल से शरीर में रक्त के प्रवाह को सीमित कर देता है । चूंकि रोगी को सांस लेने में काफी तकलीफ और थकान हो रही थी, इसलिए उन्होंने हाल ही में फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली में डॉ.आर.के.जसवाल, हेड, डिपार्टमेंट ऑफ कार्डियोलॉजी और डायरेक्टर, कैथलैब्स से संपर्क किया – जो नॉर्थ रीजन में पहले सर्टीफाइड इंडीपेंडेंट टीएवीआर ऑपरेटर हैं। मौजूदा कई तरह की हेल्थ दिक्कतों को देखते हुए, डॉ. जसवाल के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने रोगी पर टीएवीआर प्रोसीजर करने का निर्णय लिया। प्रोसीजर के दौरान, प्रभावित एओर्टिक वाल्व के अंदर एक नया एओर्टिक वाल्व लगाया गया, जिसके बाद, नए वाल्व ने पुराने वाल्व को बाहर धकेल दिया और रक्त के प्रवाह को तुरंत नियंत्रित कर दिया। रोगी की सर्जरी के बाद तेजी से रिकवरी हुई और बेहतर स्वास्थ्य के साथ प्रोसीजर के तीन दिन बाद उसे छुट्टी दे दी गई। इस मामले के बारे में बात करते हुए, डॉ. जसवाल ने कहा कि “टीएवीआर पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी का सबसे एडवांस्ड और मिनीमल-इनवेसिव विकल्प है। एओर्टिक वाल्व के सिकुड़ने के कारण, मरीज़ को सीने में दर्द, चक्कर आना और सांस लेने में तकलीफ़ हो रही थी। यह इनोवेटिव टेक्नोलॉजी मरीज़ के संकुचित एओर्टिक वाल्व को बदलने में मदद करती है, जिससे रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है।

वन ग्रुप ने मोहाली में द क्लेरमोंट रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट किया लॉन्च, 400 करोड़ कमाई का लक्ष्य

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मोहाली । रियल्टी कंपनी वन ग्रुप ने सेक्टर-98, मोहाली में अपने इंटीग्रेटेड टाउनशिप वन सिटी हैमलेट में नया प्रीमियम रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट द क्लेरमोंट लॉन्च किया है। इस रेरा स्वीकृत प्रोजेक्ट से कंपनी का लक्ष्य 400 करोड़ रुपये की कमाई का है। 4.75 लाख वर्गफुट के बनने वाले इस प्रोजेक्ट में 216 यूनिट्स होंगे, जिनमें 3 बीएचके इंडिपेंडेंट फ्लोर्स (स्टिल्ट + 4 मंजिला) शामिल हैं। इसकी कीमतें 1.60 करोड़ रुपये से शुरू होंगी। कंपनी इस प्रोजेक्ट को 3 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखती है। आधुनिक अल्यूमिनियम फॉर्मवर्क तकनीक से बनाए जा रहे इस प्रोजेक्ट में क्वालिटी, टिकाऊपन और समय पर डिलीवरी की गारंटी होगी। द क्लेरमोंट उन लोगों के लिए खासतौर पर तैयार किया गया है जो आधुनिक और बेहतर डिजाइन वाले घर चाहते हैं और जिन्हें एक सुविचारित टाउनशिप का वातावरण चाहिए। वन सिटी हैमलेट सेक्टर-98 में स्थित है और इसके बगल में सेक्टर-97 है, जहां गमाडा चंडीगढ़ के प्रसिद्ध रोज गार्डन की तर्ज पर एक अर्बन फॉरेस्ट विकसित कर रहा है। 150 एकड़ में फैली इस टाउनशिप में रेसिडेंशियल प्लॉट्स, आधुनिक स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएं और कमर्शियल स्पेस की बेहतरीन सुविधाएं मौजूद होंगी। लॉन्च के मौके पर वन ग्रुप के डायरेक्टर, उदित जैन ने कहा कि द क्लेरमोंट का लॉन्च मोहाली की रियल एस्टेट में एक बड़ा कदम है। यह प्रोजेक्ट हमारी सोच को दिखाता है, जिसमें आधुनिक डिजाइन, मजबूत निर्माण और बेहतर कम्युनिटी लाइफ का मेल है। वन सिटी हैमलेट की अच्छी लोकेशन और अर्बन फॉरेस्ट की नज़दीकी की वजह से यहां रहने वालों को साफ-सुथरा, सुरक्षित और सेहतमंद माहौल मिलेगा। चंडीगढ़ एयरपोर्ट से मात्र 15 मिनट की दूरी पर स्थित यह टाउनशिप 130 से 200 फुट चौड़ी 8-लेन सड़कों से घिरी हुई है, जिससे यहां रहने वालों को बेजोड़ कनेक्टिविटी मिलेगी। इस लॉन्च के साथ, वन ग्रुप ने मोहाली की रियल एस्टेट में द क्लेर्मोंट को एक अलग पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा है,जहां प्रीमियम डिजाइन, टिकाऊपन और कम्युनिटी लिविंग एक साथ मिलते हैं।

श्री मद भागवत कथा व वृन्दावन प्राकटय उत्सव का आयोजन

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गायक बी प्राक और मुनीश बजाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी

चंडीगढ़ । श्री कृष्ण प्रिया जू संकीर्तन मंडल के तत्वाधान में 27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक सेक्टर 34 के मेला ग्राउंड में श्री मद भागवत कथा का आयोजन रोजाना दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक किया जा रहा है। इस संबंधी हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में गायक बी प्राक ने बताया कि इस भागवत कथा का आयोजन श्री श्री 1008 सिद्ध योगी बचन नाथ बचन महाराज की स्मृति में किया जा रहा है I इस संबंध में कार्यक्रम के आयोजक गायक बी प्राक पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिले और उन्हें कार्यक्रम में आने का न्योता दिया। इस अवसर पर इस कार्यक्रम में प्रशासन के अन्य लोग भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएंगे। इस अवसर पर उनके साथ कार्यक्रम के संयोजक मुनीश बजाज भी उनके साथ थे। इस अवसर पर गायक बी प्राक ने बताया कि इस भागवत कथा में देश के जानेमन संत पहुंच रहे है और श्री मद भागवत कथा का पाठ करेंगे। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर विश्व विख्यात कथा व्यास परम पूज्य श्री इंद्रेश महाराज अपनी दिव्य वाणी में कथा श्रवण करवाएंगे। उन्होंने बताया कि कथा के बाद भजन गायकों द्वारा नित्य भजन संध्या प्रस्तुत की जाएगी। बी प्राक ने बताया कि यह कथा हमारे लिए बहुत बड़ा है। महाराज ने इसका नाम वृंदावन प्राकटय उत्सव दिया है।

उन्होंने कहा कि आज से चंडीगढ़ वृंदावन बनने जा रहा है। उन्होंने लोगों से परिवार सहित इस कथा में आने की अपील की उन्होंने बताया कि इस कथा में बागेश्वर सरकार , राधा वल्लभ से मोहित मराल, चित्र विचित्र और जया किशोरी सहित अन्य संत लोगों से अपने विचार साझा करेंगे। उन्होंने बताया कि कथा के साथ साथ मोर कुटी भाव, लाल जी पालना महोत्सव, दही हांडी उत्सव, होली उत्सव, सांझी स्वरूप, दशहरा का स्वरूप और विश्राम दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर मुनीश बजाज, संदीप चुग, तनमे बंसल, हैप्पी और युवराज गुप्ता भी उपस्थित थे।

मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी और रोबोटिक सर्जरी, कार्डियक सर्जरी का भविष्य: डॉ. एचएस बेदी

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प्राथमिक एंजियोप्लास्टी दिल के दौरे के लिए सर्वोत्तम उपचार: डॉ. सचिन बंसल


हृदय रोग से हर साल 4.77 मिलियन भारतीयों की मृत्यु होती है: डॉ. एचएस बेदी

चंडीगढ़ । चेयरमैन कार्डियो थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी डॉ. एचएस बेदी, कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सचिन बंसल, कंसल्टेंट कार्डियक एनेस्थीसिया डॉ. प्रियंका गोयल और सीईओ डॉ. रोहित जसवाल सहित पार्क हॉस्पिटल, मोहाली की एक टीम ने शुक्रवार को यहां युवा भारतीयों में हृदय रोग के बढ़ते चलन पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
पार्क हॉस्पिटल्स उत्तर भारत का सबसे बड़ा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल नेटवर्क है, जिसमें 19 अस्पताल, 3500 बेड, 800 आईसीयू बेड, 14 कैथ लैब, 45 मॉड्यूलर ओटी और 1000 से अधिक डॉक्टर हैं। इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. एचएस बेदी ने कहा कि पार्क अस्पताल मोहाली कार्डियक साइंस के लिए एक्सीलेंस ऑफ़ सेंटर है, जिसमें प्राथमिक एंजियोप्लास्टी, जटिल एंजियोप्लास्टी, बायवेंट्रीकुलर पेसमेकर (सीआरटी), कॉम्बो डिवाइस, आईसीडी, कैरोटिड आर्टरी स्टेंटिंग, टीएवीआर/टीएवीआई, पेरीफेरल आर्टरी और घुटने के नीचे के इंटरवेंशन, एओर्टिक डायसेक्शन का प्रबंधन, एओर्टिक एन्यूरिज्म, सभी प्रकार की सीटीवीएस सर्जरी जैसे सीएबीजी, वाल्व प्रतिस्थापन, एएसडी, वीएसडी (दिल में छेद) जैसी सभी सुविधाएं पार्क अस्पताल मोहाली में एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। डॉ. एचएस बेदी ने आगे बताया कि,35 साल से अधिक पुरुषों में दिल के दौरे के मामले में भारत दुनिया में शीर्ष पर है और अगले दशक तक हृदय रोग भारत में मृत्यु और विकलांगता का सबसे बड़ा कारण होगा।

हृदय रोग से पीड़ित लोगों की औसत आयु कम हो रही है और इन दिनों हमारे पास 25 वर्ष से कम उम्र के मरीज दिल के दौरे के साथ हमारे पास आ रहे हैं। डॉ. बेदी ने यह भी बताया कि आजकल मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी और रोबोटिक सर्जरी बड़े पैमाने पर सामने आ रही है और ये तकनीकें कार्डियक सर्जरी का भविष्य बनने जा रही हैं। डॉ. सचिन बंसल ने बताया कि भारत में लगभग 30 मिलियन लोग कोरोनरी धमनी रोग से पीड़ित हैं। भारत में जल्द ही दुनिया में हृदय रोग के सबसे ज्यादा मामले होंगे। इसके अलावा भारत में 27% मौतें हृदय संबंधी बीमारियों के कारण होती हैं। डॉ. सचिन ने यह भी बताया कि इस वर्ष विश्व हृदय दिवस की थीम ‘डोंट मिस अ बीट’ लोगों को अपने हृदय स्वास्थ्य के प्रति सक्रिय, चेतावनी के संकेतों को नज़रअंदाज़ न करके, नियमित जाँच करवाकर और हृदय-स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और सतर्क रहने के लिए प्रोत्साहित करती है। यह इस बात पर ज़ोर देता है कि हृदय स्वास्थ्य की निरंतर देखभाल और ध्यान से अकाल मृत्यु को रोका जा सकता है और समग्र स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। दुनिया की कुल हृदय रोग संबंधी समस्याओं में भारत का योगदान 60% है, जबकि यहाँ वैश्विक जनसंख्या का 20 प्रतिशत से भी कम हिस्सा है। डॉ. प्रियंका गोयल ने कहा कि अब बड़ी संख्या में युवा भारतीय अपनी खराब जीवनशैली के कारण कोरोनरी धमनी रोग से पीड़ित हैं, और अगर यह जारी रहा तो भविष्य और भी खतरनाक दिखता है। पार्क अस्पताल के सीईओ डॉ. रोहित जसवाल ने कहा, ‘‘पार्क अस्पताल मोहाली अब ईसीएचएस, सीजीएचएस, ईएसआई, आयुष्मान, हरियाणा सरकार, हिमाचल प्रदेश सरकार और सभी प्रमुख कॉरपोरेट्स के साथ सूचीबद्ध है और हृदय संबंधी समस्या के लिए सभी प्रकार के गैर-इनवेसिव और सर्जिकल उपचार पार्क अस्पताल मोहाली में एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराए जाते हैं।
हृदय रोग के जोखिम को कम करने के तरीके:
. धूम्रपान न करें
. अपने उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल जोखिमों को जानें
. स्वस्थ वजन बनाए रखें
.नियमित व्यायाम करें
. कम संतृप्त वसा, अधिक सब्जियाँ और अधिक फाइबर खाएँ
. अपने लिपिड की जांच कराएं और ट्रांस फैट से बचें
. शराब से बचें/संयमित मात्रा में सेवन करें
. वार्षिक निवारक स्वास्थ्य पैकेज अपनाएं
. योग, ध्यान द्वारा अपने तनाव को प्रबंधित करें
. अपने होमोसिस्टीन स्तर को जानें
इन 11 लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज:
. सीने में बेचैनी, दर्द, जकड़न या दबाव
. मतली, अपच, सीने में जलन या पेट दर्द
. दर्द जो बांह तक फैल जाता है
. चक्कर आना या रक्तचाप में अचानक गिरावट
. आपकी छाती के बीच में दर्द या दबाव जो आपके गले या जबड़े तक फैल जाता है
. तेज चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलना
. ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया में अत्यधिक खर्राटे आना
. बिना किसी स्पष्ट कारण के पसीना आना
. अनियमित दिल की धड़कन
. गुलाबी या सफेद बलगम के साथ लंबे समय तक चलने वाली खांसी
. टाँगों, पैरों और टखनों में सूजन