Monday, June 29, 2026
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अ-रिदम ऑफ डांस अकादमी ने करवा चौथ का किया भव्य आयोजन

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रैंप वॉक और डांस प्रतियोगिता में महिलाओं ने मचाया धमाल

चंडीगढ़। हर साल की तरह इस साल भी सनी एनक्लेव में वंदना पाठक की अ-रिदम ऑफ डांस अकादमी ने करवा चौथ का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर मिसेज वर्ल्ड पंजाबन 2021 रोमी घई (चीफ गेस्ट), जो एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और महिलाओं को प्रेरित करने वाली एक प्रेरणादायक महिला हैं, साथ ही विभिन्न सौंदर्य प्रतियोगिताओं की विजेता भी हैं। सोनू सेठी (वीआईपी अतिथि (सेठी ढाबा के मालिक) और मिस्टर राजा (वीआईपी अतिथि ) (राजा 41 स्टूडियो फोटोग्राफी और न्यू यूनिक फैशन पॉइंट के मालिक ) भी उपस्थित थे। वीआईपी गेस्ट में नवीप्रीत और मेघा मरवाह भी शामिल हुए।मीडिया से बातचीत में वंदना पाठक ने कहा कि वह एक समाजसेविका और ब्यूटी पेजेंट की विजेता हैं, लेकिन उनका मानना है कि करवा चौथ का त्योहार पति-पत्नी के प्यार और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पति को भी अपनी पत्नी के साथ मिलकर करवा चौथ का व्रत रखना चाहिए, जिससे दोनों के बीच प्यार और सम्मान बढ़े।मशहूर टैरो कार्ड रीडर मेघना ने करवा चौथ की बधाई देते हुए इस शानदार सेलिब्रेशन की तारीफ की।आयोजन में दस महिलाओं को करवा क्वीन के टाइटल से सम्मानित किया गया। शो की विजेता मनींदर रहीं, जबकि हरप्रीत कौर प्रथम रनर अप और गुरप्रीत कौर द्वितीय रनर अप रहीं। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने पूरे उत्साह से भाग लिया। रैंप वॉक और डांस प्रतियोगिता भी आयोजित की गईं, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पुरस्कार जीते। सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे और सभी महिलाओं को विशेष रिटर्न गिफ्ट्स दिए गए। कार्यक्रम की सफलता पर चीफ गेस्ट रोमी घई और सभी वीआईपी गेस्ट, यहां तक कि सभी प्रतिभागियों ने वंदना पाठक को बधाई दी और उनसे जल्दी ही ऐसे ही आयोजन करने का अनुरोध किया।

चंडीगढ़ के एलांते मॉल में एशिया किचन बाय मेनलैंड चाइना की नई शुरुआत

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मेनलैंड चाइना ने एक पूरी तरह से नए अवतार में की वापसी

चंडीगढ़ । तीस से ज़्यादा वर्षों से भारत और विदेशों में 1.5 करोड़ से ज़्यादा चाइनीज कूज़ीन के शौकीनों को संतुष्ट करने के बाद, मेनलैंड चाइना अब 5 साल बाद चंडीगढ़ में एक बिल्कुल नए अवतार – एशिया किचन बाय मेनलैंड चाइना – के साथ लौट रहा है। एक वाइब्रेंट और नए डाइनिंग कॉन्सेप्ट के साथ, यह आपकी मेज़ पर एक अनोखा रोमांच लेकर आता है जो थाईलैंड, जापान, इंडोनेशिया, सिंगापुर, मलेशिया, बर्मा और अन्य जगहों की गलियों से होते हुए एक अलग और खास सफर को दर्शाता है। इसके साथ ही मेनलैंड चाइना के आपके पसंदीदा स्वादों को एक ही लोकेशन पर पेश करता है।

मैन्यू में सुशी, चेउंग फन, बाओ, डिमसम के चयन में मॉडर्न टच के साथ प्रामाणिक एशियाई स्वादों का जश्न मनाया जाता है, जिसमें ट्रफल एवोकैडो एडमैम मोनोमाकी, प्रॉन टेम्पुरा रोल, बेसिल-फ्लेवर्ड वाले चिकन डम्पलिंग जैसे कई हाइलाइट्स शामिल हैं और चंडीगढ़ शहर में पहली बार क्रिस्पी चेउंग फन ( क्रिस्पी एसप्रागुस या क्रिस्पी प्राउन और कई अन्य) की लाजवाब किस्में पेश की जा रही हैं। ऐपेटाइज़र में हमारे सिग्नेचर 5-स्पाइस ग्रिल्ड लैम्ब चॉप के साथ बोल्ड जियांग का चिली कॉटेज चीज़ या पिकल्ड पेपर चिकन शामिल है, जबकि वोक सेलेक्शन में चिली बेसिल सॉस में लोटस स्टेम, एसप्रागुस और कलनरी चॉय, जनरल त्सो का पसंदीदा चिकन और एशियाई स्टाइल स्टीम्ड जॉन डोरी जैसी क्रिएशंस उपलब्ध हैं। ब्लू पी जापानी फ्राइड राइस और जापानी याकी व्हीट नूडल्स जैसे मुख्य व्यंजन मेन कोर्स को पूरा करते हैं, जबकि ताज़ा लेमनग्रास चीज़केक और स्वादिष्ट पाम जैगरी आइसक्रीम जैसी मिठाइयां एक मीठा एवं मधुर समापन का वादा करती हैं।


यह रेस्टोरेंट एक यंग, कैजुअल और नई पहचान प्रदर्शित करता है, जिसे शहर के कास्मोपॉलिटियन लोगों के साथ तालमेल बिठाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। एक सहज और साथ ही कंटेम्प्रेररी सजावट वाली एक खुली रसोई और एक हाई-एनर्जी बार के साथ, इस डेस्टिनेशन को आपसी बातचीत, कम्युनिटी और कलनरी एवं व्यंजनों की खोज को प्रोत्साहित करने के लिए सोच-समझकर बनाया गया है।
लॉन्च के अवसर पर, अंजन चटर्जी, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, स्पेशियलिटी रेस्टोरेंट्स लिमिटेड ने कहा कि हमें चंडीगढ़ में एशिया किचन बाय मेनलैंड चाइना लाने पर बेहद खुशी है। तीन दशकों से भी ज़्यादा समय से, मेनलैंड चाइना प्रामाणिक चाइनीज फूड का दूसरा नाम रहा है और लाखों लोगों का दिल जीत रहा है। एशिया किचन के साथ, हमने चीन से आगे बढ़कर एक नए, अनौपचारिक और वाइब्रेंट माहौल में एशियाई व्यंजनों की एक विस्तृत रेंज पेश करने के कॉन्सेप्ट को नए सिरे से पेश किया है। अपने अलग और खास फूड कल्चर और प्रभावशाली लाइफस्टाइल के साथ, चंडीगढ़ इस फॉर्मेट को पेश करने के लिए हमारे लिए एक आइडियल शहर है। हम मेहमानों का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं ताकि वे यहीं पर एलांते मॉल में ही एशिया के बेस्ट व्यंजनों का अनुभव कर सकें।


डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल ने बच्चों में दृष्टिदोष की बढ़ती समस्या को देखते हुए चंडीगढ़ में विशेष मायोपिया क्लिनिक का शुभारंभ किया

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चंडीगढ़। भारत में आँखों की देखभाल केंद्रों के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक, डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल ने छोटे बच्चों और युवाओं में नजदीक की नजर कमजोर होने की बढ़ती समस्या को दूर करने के लिए चंडीगढ़ में एक विशेष मायोपिया क्लिनिक की शुरुआत की है। चंडीगढ़ ऑप्थेलमिक सोसायटी की ओर से इस उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें अस्पताल के डॉक्टरों ने भाग लिया। इसके बाद बच्चों के माता-पिता और शिक्षकों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए एक वर्कशॉप भी आयोजित किया गया, जिसमें मायोपिया के शुरुआती लक्षणों, लाइफस्टाइल से जुड़े जोखिम और इससे बचाव के तरीकों पर बात की गई। इस क्लीनिक में बचपन के मायोपिया को ठीक करने के लिए इसके हर पहलू को ध्यान में रखा जाता है, जिसमें शुरुआती पहचान, परामर्श देना, जानकारी देना और समय-समय पर फॉलोअप देखभाल शामिल है। डायग्नोस्टिक की अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी वाली इस क्लीनिक में बेहद अनुभवी पीडियाट्रिक ऑप्थेल्मोलॉजिस्ट और ऑप्टोमेट्रिस्ट की एक टीम मौजूद है, जहाँ हर बच्चे की ज़रूरत के हिसाब से इलाज की योजना तैयार की जाती है। इस क्लीनिक में ऐसी समस्या को दूर करने और आगे होने वाली परेशानियों के निदान के लिए आई ड्रॉप्स तथा विशेष चश्मों से लेकर सॉफ्ट कॉन्टैक्ट लेंस एवं ऑर्थोकेरेटोलॉजी (ऑर्थो-के) लेंस जैसे हर तरह के विकल्प उपलब्ध हैं। डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल की एक इकाई, मिर्चियाज़ लेज़र आई सेंटर के क्लिनिकल सर्विसेज़ प्रमुख, डॉ. राजीव मिर्चिया ने कहा, “चंडीगढ़ में हमारे मायोपिया क्लिनिक की शुरुआत, पंजाब और उत्तर भारत में मायोपिया के बढ़ते बोझ को कम करने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। बच्चों में मायोपिया की समस्या चिंताजनक रफ़्तार से बढ़ रही है, इसलिए हमारा उद्देश्य ऐसी पूरी देखभाल प्रदान करना है, जो आँखों की रोशनी ठीक करने के साथ-साथ इस स्थिति के बढ़ने की गति को भी धीमा करे। हम इस केंद्र के ज़रिए परिवारों को सही जानकारी, वक़्त पर उपचार और इलाज के नए विकल्पों की सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें सक्षम बनाना चाहते हैं। इस मौके पर सीनियर पीडियाट्रिक ऑप्थेल्मोलॉजिस्ट, डॉ. अनिन सेठी ने कहा, “दुनिया भर में मायोपिया, यानी नजदीक की नजर कमजोर होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, सिंगापुर और ताइवान जैसे देशों में तो यह पहले से ही महामारी के स्तर पर पहुँच चुका है, जिससे पीड़ित लोगों में से 95% किशोर और युवा हैं। साल 2050 तक, पूरी दुनिया के करीब आधे लोगों को मायोपिया की समस्या हो सकती है। भारत में, साल 1999 में 5 से 15 साल की उम्र के शहरी बच्चों में इसके मामले 4.44% थे, जो साल 2019 में बढ़कर 21.15% हो गया है और साल 2050 तक इसके 48% तक पहुँचने का अनुमान है। पंजाब में, साल 2007 में हुए एक अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि, शहरी क्षेत्रों में लगभग 10% स्कूली बच्चे मायोपिया से पीड़ित थे। पढ़ाई के बढ़ते दबाव, बाहरी गतिविधियों में कमी और स्क्रीन पर अधिक समय बिताने की वजह से उत्तर भारत में इस बीमारी के मामले अधिक देखने को मिल रहे हैं।”

चितकारा इंटरनेशनल स्कूल में सिनेमैस्ट्रो – टेक 7 का भव्य आयोजन

अभिनेत्री शेफाली शाह और सिनेमैटोग्राफर अमिताभा सिंह ने उभरते फिल्मकारों को किया प्रेरित

चंडीगढ़। प्रख्यात अभिनेत्री शेफाली शाह ने चितकारा इंटरनेशनल स्कूल चंडीगढ़ में आयोजित ‘सिने-मैस्ट्रो – शेपिंग फ्यूचर फिल्ममेकर्स: फिल्म फेस्टिवल एंड अवॉर्ड्स के 7वें संस्करण के दौरान अपनी रचनात्मकता और कहानी कहने की कला पर गहन विचार साझा करते हुए युवा फिल्मकारों को प्रेरित किया। यह वार्षिक आयोजन चितकारा यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित और सिनेविद्या के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने फिल्म निर्माण और सिनेमा की अभिव्यक्ति के उत्सव सिनेविद्या को मनाया। फेस्टिवल के दौरान स्कूल का ऑडिटोरियम एक जीवंत “रेड कार्पेट” माहौल में तब्दील हो गया, जहाँ छात्रों, शिक्षकों और अतिथियों ने चितकारा इंटरनेशनल स्कूल और अन्य विद्यालयों के छात्रों द्वारा निर्मित 20 लघु फिल्मों का प्रदर्शन देखा। इन फिल्मों में मानसिक स्वास्थ्य, मित्रता, दृढ़ता, आत्म-अभिव्यक्ति और सामाजिक न्याय जैसे विविध विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए शेफाली शाह ने संदेश दिया कि वे “अपनी रचनात्मक यात्रा में कल्पनाशीलता, धैर्य और ईमानदारी को अपनाएँ” तथा सिनेमा की उस शक्ति को समझें जो समाज में बदलाव लाने की क्षमता रखती है।


सिनेविद्या के संस्थापक एवं प्रसिद्ध सिनेमैटोग्राफर अमिताभा सिंह ने भी दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि सिनेमा एक ऐसा माध्यम है जो शिक्षार्थियों को “निडर होकर सोचने, साहसपूर्वक सृजन करने और प्रभावशाली कहानियाँ कहने” का अवसर देता है। इस साल के ‘सिने-मैस्ट्रो’ में 20 उत्कृष्ट छात्र-निर्मित फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। छात्रों द्वारा बनायीं गयी फिल्मों ने मानवीय अनुभवों के विविध रंगों को दिखाया—और यह संघर्ष, आत्म-खोज, साहस, दोस्ती, सहानुभूति और पहचान की खोज जैसे विषयों पर केंद्रित रही। वन होप, साइलेंट स्टॉर्म्स, द डिटेंशन फाइल्स और मिसफिट जैसी फिल्मों ने मानसिक स्वास्थ्य, बुलिंग और आत्म-संघर्ष जैसे मुद्दों को छुआ, जबकि परवाज़: राइजिंग फ्रॉम स्ट्रेंजर टू स्टार, जस्ट ए हैंड अवे और अनकहे धागे जैसी फिल्मों ने करुणा, आत्म-अभिव्यक्ति और मानवीय जुड़ाव को खूबसूरती से पेश किया। वहीं आज की ताज़ा खबर, रैंक वर्सेस ज़िंदगी और 23-12 जैसी सामाजिक चेतना से भरी फिल्मों ने समाजिक दबाव, उम्मीदों और संवेदनशीलता की जरूरत को उजागर किया। कार्यक्रम में चितकारा यूनिवर्सिटी के मास कम्युनिकेशन और एजुकेशन विभाग के छात्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे उन्हें फिल्म और मीडिया प्रबंधन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की सफलता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. नियति चितकारा, वाइस प्रेसिडेंट, चितकारा इंटरनेशनल स्कूल्स, ने कहा कि, “सिने-मैस्ट्रो छात्रों की कल्पनाशक्ति, नवाचार और उनकी अद्भुत क्षमता का उत्सव है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से हम उन्हें शेफाली शाह और अमिताभा सिंह जैसे प्रख्यात हस्तियों से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं, ताकि वे कल के कहानीकार और दूरदर्शी बन सकें। दिन का समापन शानदार अवार्ड सेरेमनी के साथ हुआ, जिसमें बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट फिल्म, बेस्ट सिनेमैटोग्राफी, बेस्ट एडिटिंग, बेस्ट साउंड डिजाइन, बेस्ट एक्टर और बेस्ट स्क्रीनराइटिंग सहित कई श्रेणियों में पुरस्कार वितरित किए गए। विजेताओं को ट्रॉफी, प्रमाणपत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया। ‘सिने-मैस्ट्रो – टेक 7’ सिर्फ एक फिल्म प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच साबित हुआ जहाँ छात्रों ने कहानी कहने, सहयोग और दृश्यात्मक रचनात्मकता की शक्ति को खोजा, जो चितकारा इंटरनेशनल स्कूल की उस प्रतिबद्धता को दोहराता है जिसके तहत वह भविष्य के सक्षम फिल्मकारों को तैयार करने के लिए समर्पित है।

कंटारा: चैप्टर 1 का बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन जारी

चंडीगढ़ । ऋषभ शेट्टी की फिल्म कंटारा: चैप्टर 1 बॉक्स ऑफिस पर अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखे हुए है और भारत और विदेशों में दर्शकों को आकर्षित कर रही है। 2022 की इस ब्लॉकबस्टर फिल्म का बहुप्रतीक्षित प्रीक्वल देशभर के सिनेमाघरों में धूम मचा रहा है। दशहरे पर अपनी शानदार रिलीज़ के बाद, फिल्म को शानदार प्रतिक्रिया मिली और तब से इसकी कमाई की गति बनी हुई है। चार दिनों में फिल्म का कलेक्शन 235 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है, और रात के शो के आंकड़े आने के बाद अंतिम कलेक्शन और बढ़ने की उम्मीद है। फिल्म को विभिन्न विदेशी बाज़ारों में भी शानदार प्रतिक्रिया मिली है। ऋषभ शेट्टी द्वारा लिखित, निर्देशित और मुख्य भूमिका में, “कंटारा: चैप्टर 1” उस गहरी जड़ें जमाए लोक कथाओं की पड़ताल करता है जिसने मूल “कंटारा” को एक सांस्कृतिक घटना बना दिया। 2022 में आई इस फिल्म की घटनाओं से एक हज़ार साल पहले की कहानी, जिसने 15 करोड़ रुपये के मामूली बजट पर दुनिया भर में 400 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई की, यह नया अध्याय इसके रहस्यमय और आध्यात्मिक ब्रह्मांड की उत्पत्ति की पड़ताल करता है। कंतारा: चैप्टर 1, संरक्षक देवता पंजुर्ली दैव की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें एक आदिवासी समुदाय और एक अत्याचारी राजा के बीच संघर्ष को दर्शाया गया है।

इस फिल्म को दर्शकों और आलोचकों, दोनों से शानदार समीक्षाएं मिली हैं, और कई लोगों ने इसे सिनेमाई प्रतिभा और एक उत्कृष्ट कृति बताया है। फिल्म में रुक्मिणी वसंत, जयराम और गुलशन देवैया भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं, जो महाकाव्य कथा में गहराई और आयाम जोड़ते हैं। अपनी भावपूर्ण कहानी, लुभावने दृश्यों और भावनात्मक रूप से प्रखर अभिनय के साथ, कंतारा: चैप्टर 1 ने दर्शकों के साथ गहरी छाप छोड़ी है। कंतारा: चैप्टर 1 ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी शानदार यात्रा जारी रखी है। इसने ऋषभ शेट्टी की भारतीय सिनेमा के सबसे दूरदर्शी कहानीकारों में से एक के रूप में प्रतिष्ठा को मजबूत किया है और वैश्विक मंच पर क्षेत्रीय कहानी कहने की स्थायी अपील को प्रदर्शित किया है। बॉक्स ऑफिस पर अपनी शानदार कमाई के बीच, ‘कंटारा: चैप्टर 1’ अब एक खास सम्मान के लिए तैयार है। इस बहुप्रशंसित फिल्म का रविवार को राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शन किया गया, जो पूरी टीम के लिए गर्व का क्षण था।

ओमैक्स साउथ सिटी में हुआ ‘बैंगर एरीना, हैलोवीन एडिशन’, 12 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे

लुधियाना । ओमैक्स साउथ सिटी, कैनाल रोड पर ओमैक्स ग्रुप ने ‘बैंगर एरीना – हैलोवीन एडिशन’ का आयोजन किया। इस आयोजन में करीब 12,000 से अधिक लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। म्यूज़िक, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट के शानदार मेल ने इसे शहर की सबसे यादगार रातों में से एक बना दिया। यह आयोजन शहर के सबसे बड़े और यादगार इवेंट्स में से एक साबित हुआ। कार्यक्रम में तलविंदर फ़ीट एनडीएस ने बेहतरीन प्रस्तुति दी। इनके साथ ट्रिकसिंह, बागी मुंडा, जसकरण, डॉक्स, खैबर 13, तूर, प्रत्याक्ष, मैडएक्स, प्रियांक, आर्यन बी2बी आयुष जैसे कलाकारों ने मंच पर धमाल मचाया।

हैलोवीन थीम पर आधारित इस म्यूज़िक फेस्ट में 50 से अधिक पॉप-अप्स, गेमिंग ज़ोन, कॉमेडी एक्ट्स और लाइफस्टाइल शोकेस भी लगाए गए थे। लोगों ने इन सभी गतिविधियों का भरपूर आनंद लिया और देर रात तक मस्ती का माहौल बना रहा। ओमैक्स ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, जतिन गोयल ने कहा, “लुधियाना के लोगों का जोश और उत्साह देखकर हम बेहद खुश हैं। ‘बैंगर एरीना – हैलोवीन एडिशन’ का शानदार रिस्पॉन्स हमारी सोच को मज़बूत करता है कि ओमैक्स सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि अनुभवों का केंद्र बने। हमारा उद्देश्य हमेशा ऐसे आयोजन करना है जो लोगों को एकजुट करें और हमारी परियोजनाओं को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाएं।

डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल ने बच्चों में दृष्टिदोष की बढ़ती समस्या को देखते हुए चंडीगढ़ में विशेष मायोपिया क्लिनिक का शुभारंभ किया

चंडीगढ़। भारत में आँखों की देखभाल केंद्रों के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक, डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल ने छोटे बच्चों और युवाओं में नजदीक की नजर कमजोर होने की बढ़ती समस्या को दूर करने के लिए चंडीगढ़ में एक विशेष मायोपिया क्लिनिक की शुरुआत की है। चंडीगढ़ ऑप्थेलमिक सोसायटी की ओर से इस उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें अस्पताल के डॉक्टरों ने भाग लिया। इसके बाद बच्चों के माता-पिता और शिक्षकों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए एक वर्कशॉप भी आयोजित किया गया, जिसमें मायोपिया के शुरुआती लक्षणों, लाइफस्टाइल से जुड़े जोखिम और इससे बचाव के तरीकों पर बात की गई। इस क्लीनिक में बचपन के मायोपिया को ठीक करने के लिए इसके हर पहलू को ध्यान में रखा जाता है, जिसमें शुरुआती पहचान, परामर्श देना, जानकारी देना और समय-समय पर फॉलोअप देखभाल शामिल है। डायग्नोस्टिक की अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी वाली इस क्लीनिक में बेहद अनुभवी पीडियाट्रिक ऑप्थेल्मोलॉजिस्ट और ऑप्टोमेट्रिस्ट की एक टीम मौजूद है, जहाँ हर बच्चे की ज़रूरत के हिसाब से इलाज की योजना तैयार की जाती है। इस क्लीनिक में ऐसी समस्या को दूर करने और आगे होने वाली परेशानियों के निदान के लिए आई ड्रॉप्स तथा विशेष चश्मों से लेकर सॉफ्ट कॉन्टैक्ट लेंस एवं ऑर्थोकेरेटोलॉजी (ऑर्थो-के) लेंस जैसे हर तरह के विकल्प उपलब्ध हैं। डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल की एक इकाई, मिर्चियाज़ लेज़र आई सेंटर के क्लिनिकल सर्विसेज़ प्रमुख, डॉ. राजीव मिर्चिया ने कहा, “चंडीगढ़ में हमारे मायोपिया क्लिनिक की शुरुआत, पंजाब और उत्तर भारत में मायोपिया के बढ़ते बोझ को कम करने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। बच्चों में मायोपिया की समस्या चिंताजनक रफ़्तार से बढ़ रही है, इसलिए हमारा उद्देश्य ऐसी पूरी देखभाल प्रदान करना है, जो आँखों की रोशनी ठीक करने के साथ-साथ इस स्थिति के बढ़ने की गति को भी धीमा करे। हम इस केंद्र के ज़रिए परिवारों को सही जानकारी, वक़्त पर उपचार और इलाज के नए विकल्पों की सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें सक्षम बनाना चाहते हैं। इस मौके पर सीनियर पीडियाट्रिक ऑप्थेल्मोलॉजिस्ट, डॉ. अनिन सेठी ने कहा, “दुनिया भर में मायोपिया, यानी नजदीक की नजर कमजोर होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, सिंगापुर और ताइवान जैसे देशों में तो यह पहले से ही महामारी के स्तर पर पहुँच चुका है, जिससे पीड़ित लोगों में से 95% किशोर और युवा हैं। साल 2050 तक, पूरी दुनिया के करीब आधे लोगों को मायोपिया की समस्या हो सकती है। भारत में, साल 1999 में 5 से 15 साल की उम्र के शहरी बच्चों में इसके मामले 4.44% थे, जो साल 2019 में बढ़कर 21.15% हो गया है और साल 2050 तक इसके 48% तक पहुँचने का अनुमान है। पंजाब में, साल 2007 में हुए एक अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि, शहरी क्षेत्रों में लगभग 10% स्कूली बच्चे मायोपिया से पीड़ित थे। पढ़ाई के बढ़ते दबाव, बाहरी गतिविधियों में कमी और स्क्रीन पर अधिक समय बिताने की वजह से उत्तर भारत में इस बीमारी के मामले अधिक देखने को मिल रहे हैं।”

शरद पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट का 185वां अन्न भंडारा सम्पन्न

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पंचकूला । शरद पूर्णिमा की पुण्य बेला की पूर्व संध्या पर पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा 185वां अन्न भंडारा इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 में बड़े श्रद्धा और सेवा भाव से आयोजित किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों राहगीरों एवं जरूरतमंदों को प्रेमपूर्वक भोजन परोसा गया। ट्रस्ट के संस्थापक और जाने माने समाजसेवी अमिताभ रूंगटा ने बताया कि शरद पूर्णिमा इस वर्ष 6 अक्टूबर को है। यह पर्व हिंदू धर्म में विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। यह दिन प्रमुख त्योहारों की एक श्रृंखला का चरम बिंदु है, जो विशेष रूप से माँ लक्ष्मी के आगमन और उनके आशीर्वाद से जुड़ा होता है। रुंगटा ने बताया कि शरद पूर्णिमा, जो मां लक्ष्मी का विशेष दिन माना जाता है, पर अन्न सेवा का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि सेवा ही सच्ची भक्ति है, और अन्न सेवा माँ लक्ष्मी को अर्पित सबसे पावन कार्य है। इस दिन किसी राहगीर को अन्न खिलाना, न केवल मानवता की सेवा है, बल्कि यह माँ लक्ष्मी को अर्पित सबसे पावन भेंट भी है। ऐसा करने से मन में शांति और आत्मा में संतोष का अनुभव होता है। शरद पूर्णिमा जैसे पुण्य अवसर पर अन्न भंडारे का आयोजन करना न केवल सामाजिक सेवा है, बल्कि यह आत्मिक उन्नति का मार्ग भी है। यह कार्य माँ लक्ष्मी की प्रसन्नता और उनके आशीर्वाद को प्राप्त करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी शहरवासियों से ऐसे आयोजनों में सहभागी बनने और अधिक से अधिक सेवा-भाव अपनाने की अपील की।

कराओके फ्यूज़न क्लब ने वॉइसेज़ ऑफ़ होप – सुर-धारा का किया आयोजन

चंडीगढ़ । कराओके फ्यूज़न क्लब चंडीगढ़ ने रंधावा ऑडिटोरियम, पंजाब कला भवन में एक यादगार संगीतमय संध्या “वॉइसेज़ ऑफ़ होप – सुर-धारा” का आयोजन किया। यह आयोजन हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बाद पंजाब के पुनर्निर्माण हेतु निधि संग्रह को समर्पित था। इस अवसर पर प्रसिद्ध गायक युवराज हंस, पद्मश्री हंस राज हंस के सुपुत्र, एवं प्रो. बृजेश आहूजा, प्रसिद्ध गायक और संगीत निर्देशक ने ,कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अन्य विशिष्ट अतिथियों में उपस्थित रहे,जे.आर. कुंदल, IAS(सेवानिवृत्त),राजेश खरे, अतिरिक्त महानिदेशक, सी. पी.डबलू.डी.जनरल विजय कुमार कोरपाल (सेवानिवृत्त), अशोक गुप्ता, सी.एम.डी, डिप्लास्ट ग्रुप, एस.एस. भुमरा, पूर्व मुख्यअभियंता,बी. बी. एम. बी.,निहाल सिंह, पूर्व मुख्य अभियंता, हरियाणा, आर.डी. कैली, ग़ज़ल गायक, निरंजन सिंह, पूर्व मुख्य अभियंता, पस्पाक्ल, किशोर कुमार क्विज़ मास्टर, एम.एल. आहूजा पूर्व लेखा अधिकारी, वित्त विभाग हरियाणा, कार्यक्रम में कलाकारों ने दिल छू लेने वाले अंदाज़ में अमर गीत प्रस्तुत किए: शशि कांत, ये जीवन है, भुमरा सुखविंदर, जग वाला मेला यारो, गगनदीप सिंह, रहा गर्दिशों में, पुकारता चला हूँ मैं, विपुल प्रकाश,सारा ज़माना हसीनों का दीवाना, डॉ. राजू धीर,मैं निगाहें तेरे चेहरे से, (अतिरिक्त सोलो),एस. पल आहूजा – किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार, रिकी सालारिया – ये माना मेरी जान मोहब्बत सज़ा है कवीश कुमार- जीवन से भरी तेरी आँखे,किशोर कुमार- ज़िन्दगी का सफर,अर्शू सिंह राणा – पुराना क्लासिक गीत,राजेश कंवर – तुम भी चलो हम भी चलें, विक्की संधू – आज पुरानी राहों से मंजीत सिंह बंसल और अंजु पुरी, मैं तेरे प्यार में (युगल), सुरिंदर कौर, ऐ फूलों की रानी, प्रोमिला सिंह, सईयां दिल में आना रे, जे.आर. कुंदल, आईएएस (सेवानिवृत्त), वफ़ा जिनसे की बेवफा हो गए, पूनम शर्मा व डॉ. इंदर कंग, हमसफर मेरे हमसफर (युगल) इंजी. राजेश खरे, क्या खबर क्या पता, एम.पी. सिंह और अनुरीत, फूल तुम्हें भेजा है ख़त में (युगल), कंवरपाल सिंह और कंचन भल्ला, मेरे हमसफर मेरे हमसफर (युगल) एमपी. सिंह और पूनम, जाने कैसे कब कहां इकरार हो गया (युगल),डॉ. इंदर कंग, दिल चोरी साडा हो गया, अतुल मिश्रा, गिटार वोकल्स के साथ ऊर्जावान प्रस्तुति (उद्घाटन एवं समापन) चंदेल, बाँसुरी एवं सैक्सोफोन वादन, कौशिक, माउथ ऑर्गन पर मधुर धुनें प्रीतम चंदेल – वाद्य संगीत प्रस्तुति, सम्मायरा – नृत्य प्रस्तुत, इस अवसर पर कराओके फ्यूज़न क्लब के संस्थापक डॉ. इंदर कंग ने कहा:यह आयोजन सिर्फ़ संगीत का नहीं, बल्कि आशा, उपचार और मानवता का प्रतीक है। देश और विदेश से आए उदार दाताओं का योगदान पंजाब के पुनर्निर्माण और बाढ़ पीड़ितों की गरिमा बहाल करने में लगाया जाएगा। कराओके फ्यूज़न क्लब ने सभी कलाकारों, अतिथियों और दानदाताओं का हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया जिनके सहयोग से “रीबिल्ड पंजाब” की राह और भी सशक्त हुई।

वुमानी प्री-करवा चौथ बैश में महिलाओं का धमाल

चंडीगढ़। महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें एक मज़बूत मंच देने के उद्देश्य से वुमानी (Womanii.com) ने अपने पहले ऑफलाइन इवेंट “प्री-करवा चौथ बैश 2025” का शानदार आयोजन किया। यह आयोजन महिलाओं के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रहा। करीब 100 से अधिक महिलाएँ, जिनकी उम्र 25 से लेकर 80 वर्ष तक थी, इस भव्य कार्यक्रम में शामिल हुईं और उन्होंने फैशन शो, तंबोला, डांस और कई मनोरंजक खेलों में हिस्सा लेकर खूब मस्ती की। मंच पर महिलाओं की ऊर्जा और उत्साह देखते ही बन रहा था। इस यादगार शाम का जजमेंट संभाला सीडी स्कूल की प्रिंसिपल निशु, सेक्टर-5 बीजेपी की प्रेसिडेंट रीचा, ओम स्वीट्स की ओनर सविता ने । कार्यक्रम में ग्लैमर का तड़का लगाया हीर एक्सप्रेस फिल्म की हीरोइन दिविता जुनेजा ने मंच पर आकर न सिर्फ महिलाओं के साथ ‘हीर राजन’ गाने पर जमकर डांस किया, बल्कि महिलाओं से मज़ेदार सवाल भी पूछे और उन्हें अपने फिल्मी सफर से रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि ऐसे इवेंट्स में आना मेरे लिए बेहद खास है। वुमानी जिस तरह महिलाओं को जोड़कर उन्हें खुशी और आत्मविश्वास दे रही है, यह काबिल-ए-तारीफ़ है। मैं आगे भी वुमानी के हर प्रयास का हिस्सा बनना चाहूँगी। इवेंट को लेकर वुमानी की फाउंडर्स लवलीन और कंचन बेहद उत्साहित रहीं।

उन्होंने कहा कि वुमानी का उद्देश्य सिर्फ एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म बनाना नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए ऐसे मौके तैयार करना है जहाँ वे अपनी प्रतिभा दिखा सकें, खुलकर मस्ती कर सकें और एक-दूसरे से जुड़कर यादगार लम्हे बना सकें। हम आगे भी ऐसे आयोजन करते रहेंगे, ताकि महिलाएँ मनोरंजन और सशक्तिकरण – दोनों का अनुभव कर सकें। इस अवसर पर महिलाओं ने कहा कि करवा चौथ जैसे पारंपरिक त्योहार से पहले इस तरह की मस्ती और जश्न ने हमारे अनुभव को और भी खास बना दिया है।