Wednesday, March 11, 2026
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“श्री रामलीला मंचन” 23 सितंबर से, अभ्यास में जुटे कलाकार

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चंडीगढ़ । उत्तराखंड जनसेवा एवं सांस्कृतिक मंच चंडीगढ़ द्वारा,  इस वर्ष नवरात्रों के शुभ अवसर पर सैक्टर 28बी में “श्री रामलीला मंचन” 23 सितंबर से 03 अक्टूबर तक बड़ी धूमधाम से किया जा रहा है और इस बार श्री रामलीला का मंचन और ज्यादा भव्य तरीके से किया जाएगा। शहर में पहली बार पारम्‍परिक एवं आधुनिक नाट्य प्रस्‍तुति के संगम से आयोजित यह रामलीला शहरवासियों के बीच चर्चा का विषय बनी ​हुई है। रामलीला के निर्देशक हीरा सिंह (लाडी) जी अभिनय और निर्देशन के क्षेत्र की बड़ी शख्सियत है।  टेलीविज़न व फिल्मों में अभिनय व सहनिर्देशन कर चुके हैं। हीरा जी ने बताया की वे बचपन से ही रामलीला से जुड़े हुए हैं तथा उन्होंने राम, लक्ष्मण, भरत, अहिरावण, रावण, अंगद की भूमिकाएं निभाई हैं। रामलीला में भाग लेने वाले अधिकतर कलाकार थिएटर से जुड़े हैं जिनमें युवतियां भी सम्मिलित हैं।

सभी कलाकार पिछले एक महीने से टैगोर थिएटर में रामलीला की रिहर्सल कर रहे है।मंच के प्रधान स्वरूप सिंह नेगी ने बताया कि इस बार की रामलीला थियेटरिकल तौर पर आयोजित की जाएगी तथा साथ ही इस वर्ष इसमें लाईट एंड साउंड प्रस्‍तुति का भी अद्वितीय संयोजन करने की योजना है । सभी कलाकार दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। रामलीला में 70 कलाकारों की टीम होगी । नेगी ने कहाकि कार्यक्रम का उद्देश्य मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के प्रति गहरी धार्मिक आस्था व उनकी व्यवहारिक लीलाओं का अनुसरण करने की प्रेरणा देना है। ताकि भारत राम राज्य की परिकल्पना को साकार कर सके। 11 दिन चलने वाले मंचन में सबसे पहले दिन नारद मोह, दूसरे दिन राम जन्म, तीसरे दिन आहिल्या उद्धार, चौथे दिन सीता स्वयंवर, पांचवें दिन राम वनवास, छठे दिन केवट लीला , सातवें दिन भरत मिलाप, आठवें दिन सीता हरण, नौवे दिन लंका दहन, दसवें दिन लक्ष्मण मूर्छित रावण वध और ग्यारहवें दिन राम जी की अयोध्या वापसी, कैकेई पश्चाताप, राजतिलक का मंचन करेंगे। रामलीला रोजाना रात आठ बजे शुरू होगी।

नारायण सेवा संस्थान ने पंजाब बाढ़ पीड़ितों के लिए चलाया राहत अभियान

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चंडीगढ़ । पंजाब में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए नारायण सेवा संस्थान की टीम ने तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य प्रारंभ किया। संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल और निदेशक वंदना अग्रवाल ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राहत अभियान चलाने का निर्णय लिया। इसी कड़ी में संस्थान की 8 सदस्यीय टीम का नेतृत्व डॉ. विवेक गर्ग ने किया और उन्हें राहत लेकर पंजाब भेजा गया। संस्थान की निदेशक पलक अग्रवाल ने बताया कि राहत सामग्री से भरा ट्रक संस्थान के कैथल सेवा केंद्र से हरि झंडी दिखाकर दया गुप्ता के हाथों रवाना किया गया। बाढ़ से बेघर हुए बच्चों, महिलाओं और परिवारों की मदद के लिए एक ट्रक में आवश्यक खाद्य सामग्री, दवाइयाँ और राहत सामग्री भरकर भेजी गई।
टीम के सदस्य पाकिस्तान की सरहद पर बसे अजनाला,मलिकपुर, कोटर जादा, सूफियान, अलीवल कोटली गाँवों में गए।

राहत सामग्री में 1000 पैकेट ब्रेड, 1200 बोतल बिसलरी पानी, 2 क्विंटल चना, 1000 पैकेट पाउडर दूध, 1050 नमकीन पैकेट, 1000 मीठे बिस्किट, 1000 नमकीन बिस्किट शामिल थे। साथ ही सैकड़ों की संख्या में तरपाल, 2000 से अधिक लोगों के लिए मौसमी बीमारियों की दवाइयाँ, एंटीसेप्टिक क्रीम तथा सेनेट्री पैड सहित खाद्य पदार्थ वितरित किए गए। राहत सामग्री पहुँचाकर टीम ने न केवल जरूरतमंदों की मदद की, बल्कि बाढ़ से त्रस्त गाँवों का दौरा कर उनकी समस्याओं का जायजा भी लिया। इस दौरान बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं को समझा गया। संस्थान की टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देते हुए दवाइयों का वितरण किया, ताकि बाढ़ के कारण फैल रही बीमारियों से राहत मिल सके। संस्थान की इस सेवा भावना को स्थानीय लोगों ने सराहा। बाढ़ से पीड़ित परिवारों के चेहरों पर राहत की चमक दिखाई दी। इस अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया कि मानवता की सेवा ही असली धर्म है। नारायण सेवा संस्थान का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणा बन गया है, जहाँ विपरीत परिस्थितियों में भी मानवता की सेवा को प्राथमिकता दी जाती है। संस्थान की टीम ने निस्वार्थ भाव से कार्य कर यह संदेश दिया कि कठिन समय में साथ खड़ा होना ही सच्चा सहयोग है।

एजुथोन 5.0 एआई और ह्यूमैनिटी का संगम, चंडीगढ़ में ऐतिहासिक शिक्षा शिखर सम्मेलन आयोजित

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चंडीगढ़ । ट्रिनिटी द्वारा आयोजित एजुथोन 5.0 का आयोजन जेडब्ल्यू मैरियट चंडीगढ़ में हुआ। इस कार्यक्रम में पूरे भारत से 500 से अधिक शिक्षक, शिक्षा उद्यमी, एडटेक विशेषज्ञ, प्रिंसिपल, अध्यापक और कलाकार एक दिन की चर्चा और नवाचार के लिए इकट्ठे हुए। चितकारा यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित इस शिखर सम्मेलन ने एजुथोन को भारत के सबसे प्रभावशाली शिक्षा मंचों में से एक के रूप में और मजबूत किया। ट्रिनिटी के फाउंडर डायरेक्टर अंकुर मल्होत्रा ने कहा कि शिक्षा आज एक मोड़ पर खड़ी है। एआई सीखने की प्रक्रिया को नया रूप दे रहा है, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इसका उपयोग शिक्षा के मानवीय मूल्यों को मजबूत करने के लिए हो। एजुथोन 5.0 का उद्देश्य इसी संतुलन को तलाशना रहा है। पूरे दिन में पैनल चर्चा, फायरसाइड चैट, मास्टरक्लास, प्रस्तुतियां, नेटवर्किंग सेशन और पुस्तक विमोचन जैसी विविध गतिविधियां आयोजित की गईं। मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध क्रिएटिव उद्यमी और स्टोरीटेलर रोशन अब्बास शामिल हुए। उन्होंने अंकुर मल्होत्रा के साथ फायरसाइड चैट में भाग लेते हुए कहा कि शिक्षा की असली ताकत रचनात्मकता और कहानियों में है। यही हमें जिज्ञासु बनाती हैं, एक-दूसरे को समझना सिखाती हैं और तकनीक को इंसानों के काम में लाती हैं। प्रसिद्ध अभिनेत्री और लेखिका संध्या मृदुल ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव, आत्म-सम्मान और भावनात्मक संतुलन पर ध्यान देने की जरूरत पर अपने विचार साझा किए। वहीं, चितकारा यूनिवर्सिटी की प्रो चांसलर डॉ. मधु चितकारा और चितकारा एजुकेशनल ट्रस्ट की वाइस प्रेसिडेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन डॉ. नियति चितकारा ने शिक्षा के बदलते स्वरूप को लेकर अपना विज़न प्रस्तुत किया। एजुथोन 5.0 का आयोजन एनआईएसए, एआईपी और एफ एंड पीए के सहयोग से किया गया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिनिधि शामिल हुए। इसने कार्यक्रम के पैमाने और पहुंच को और बढ़ा दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस सम्मेलन में भागीदारी रही, जिसमें अबू धाबी से अभिलाषा सिंह, घाना से अलिप्त सनम हरी और डीसीएम स्कूल्स के सीईओ डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता जैसे विशेषज्ञ शामिल हुए। एजुथोन ने इस मौके पर एक नया रिकॉर्ड बनाया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल हुआ, क्योंकि यहां “एआई के साथ शिक्षा के भविष्य के लिए स्कूल नेताओं की सबसे बड़ी बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर गुरदीप हरी की पुस्तक “द सिन्स ऑफ एजुकेशन” का विमोचन भी किया गया। हर संस्करण के साथ, एजुथोन ने अपने प्रभाव, गहराई और विस्तार को और बढ़ाया है, और यह मंच शिक्षा में नवाचार को आगे बढ़ाने वाली एक सशक्त ताकत के रूप में स्थापित हो चुका है।

एआई और ह्यूमैनिटी का संगम, चंडीगढ़ में होगा एजुथोन 5.0 शिक्षा शिखर सम्मेलन

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चंडीगढ़ । चंडीगढ़ एक ऐतिहासिक शिक्षा शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करने जा रहा है। एजुथोन 5.0, जिसे ट्रिनिटी द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है, रविवार, 7 सितंबर को जे.डब्ल्यू. मैरियट, चंडीगढ़ में आयोजित होगा। इस वर्ष का विषय है—”द नेक्स्ट ऑफ एजुकेशन: व्हेयर एआई मीट्स ह्यूमैनिटी”। ट्रिनिटी द्वारा आयोजित एवं चितकारा विश्वविद्यालय द्वारा प्रायोजित इस शिखर सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविद, विचार मार्गदर्शक, उद्यमी और नवप्रवर्तक (इन्नोवेटर्स) एक मंच पर एकत्र होंगे, ताकि सीखने के भविष्य को नए दृष्टिकोण से परिभाषित किया जा सके। ट्रिनिटी के फाउंडर डायरेक्टर अंकुर मल्होत्रा ने कहा कि आज शिक्षा एक परिवर्तनकारी मोड़ पर खड़ी है। जहां एक ओर एआई जैसी तकनीक हमारे सीखने के तरीकों को बदल रही है, वहीं शिक्षा का सार हमेशा मानवीय रहेगा। एजुथोन 5.0 इस संगम का अन्वेषण करेगा और ऐसा भविष्य तैयार करेगा जहां तकनीक और मानवता साथ-साथ विकसित हों।
पांचवें संस्करण तक पहुंच चुका एजुथोन अब भारत के सबसे प्रभावशाली प्लेटफार्मों में से एक बन चुका है, जो विचारों, नवाचार और प्रेरणा के लिए जाना जाता है। इस वर्ष इसका मुख्य फोकस इस बात पर है कि एआई शिक्षा में क्रिएटिविटी, एमपथी और समग्र विकास को कैसे बढ़ा सकता है, न कि उनकी जगह ले सकता है। एजुथोन 5.0 के प्रमुख वक्ताओं में शामिल होंगे- प्रसिद्ध उद्यमी रोशन अब्बास, अभिनेत्री और लेखिका संध्या मृदुल, डॉ. मधु चितकारा, प्रो चांसलर, चितकारा यूनिवर्सिटी और डॉ. नियति चितकारा, वाईस प्रिंसिपल, स्कूल एजुकेशन, चितकारा एजुकेशनल ट्रस्ट।

अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में शामिल हैं- अलीप्त सनम हरी, प्रिंसिपल, हेल्दी माइंड इंटरनेशनल स्कूल, घाना; अभिलाषा सिंह प्रिंसिपल, शाइनिंग स्टार इंटरनेशनल स्कूल, अबू धाबी और डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता (सीईओ, डीसीएम स्कूल्स। ट्रिनिटी ने इस आयोजन के लिए एनआईएसए, एआईपी और एफपीए के साथ साझेदारी की है। इसमें 650 से अधिक शिक्षाविदों और स्कूल लीडर्स के शामिल होने की उम्मीद है। शिखर सम्मेलन में पैनल चर्चा, फायरसाइड चैट्स, मास्टरक्लास, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और गुरदीप हरी की पुस्तक “द सिंस ऑफ एजुकेशन: ए ट्रांसफॉर्मेशनल ब्लूप्रिंट” का विमोचन होगा। एडटेक इन्नोवटर्स एक्स्ट्रामार्क्स, बर्लिंगटन इंग्लिश, एलेन कैरियर्स प्रा. लि. और आरएफटी सॉल्यूशंस (कनाडा) अपने एआई-संचालित उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगे। स्कूल लीडर्स, शिक्षकों, उद्यमियों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाकर, एजुथोन 5.0 का उद्देश्य भारत और वैश्विक स्तर पर शिक्षा के भविष्य को आकार देना है और नवाचार, संवाद व ट्रांसफॉर्मेशन एजुकेशन के लिए एक नया मानक स्थापित करना है

किसना ने भारत का 89वां एक्सक्लूसिव शोरूम चंडीगढ़ में खोला

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चंडीगढ़ । क़िसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी ने चंडीगढ़ में अपने 89वें एक्सक्लूसिव शोरूम और पंजाब में दूसरे शोरूम का भव्य उद्घाटन किया। यह शोरूम एससीओ -17 सी, ब्रिज रोड, चंडीगढ़ में स्थित है। इस उद्घाटन समारोह में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया तथा हरी कृष्णा ग्रुप के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक घनश्याम ढोलकिया मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि सस्ती और अच्छी ब्रांड की ज्वेलरी का शोरुम खुलना ट्राईसिटी के लिए बहुत ही अच्छा है। हम ट्राईसिटी के लोगों की तरफ से किसना ब्रांड का स्वागत करते है।

उद्घाटन के मौके पर त्योहारी सीज़न को देखते हुए क़िसना ने ग्राहकों के लिए विशेष ऑफ़र की घोषणा की है। इसमें डायमंड ज्वेलरी के मेकिंग चार्ज पर फ्लैट 25% छूट, गोल्ड ज्वेलरी के मेकिंग चार्ज पर फ्लैट 15% छूट और इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर अतिरिक्त 5% इंस्टेंट डिस्काउंट के साथ साथ शॉप एंड विन कैम्पेन के तहत 1000 से अधिक स्कूटर और 200 से अधिक कारें जीतने का मौका शामिल है। इस अवसर पर हरी कृष्णा ग्रुप के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक, घनश्याम ढोलकिया ने कहा कि पंजाब हमेशा से ज्वेलरी का जीवंत बाज़ार रहा है और चंडीगढ़ हमारे लिए बेहद संभावनाओं वाला क्षेत्र है। इस शोरूम के माध्यम से हम ग्राहकों के और करीब पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा विज़न ‘हर घर क़िसना’ है, जिसके तहत हम हर महिला का हीरे के गहनों का सपना पूरा करना चाहते हैं। इस मौके किसना के डायरेक्टर, पराग शाह ने कहा कि चंडीगढ़ में शोरूम की शुरुआत हमारे रिटेल विस्तार की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारा ब्रांड सदैव बेहतरीन डिज़ाइन, विश्वसनीयता और ग्राहक-प्रथम दृष्टिकोण का प्रतीक रहा है। इस लॉन्च के साथ हम ग्राहकों को शानदार कलेक्शन और आकर्षक त्योहारी ऑफ़र प्रदान करने को उत्साहित हैं। इस मौके किसना के फ्रेंचाइज़ी पार्टनर हिमांशु गर्ग ने कहा कि क़िसना जैसी विश्वसनीय और लोकप्रिय ब्रांड को चंडीगढ़ में लाना हमारे लिए गर्व की बात है। हमें पूरा विश्वास है कि यहां का शोरूम ग्राहकों के लिए पसंदीदा ज्वेलरी डेस्टिनेशन बनेगा। लॉन्च अवसर पर क़िसना ने रक्तदान शिविर लगाया और जरूरतमंदों को भोजन वितरण कार्यक्रम का आयोजन भी किया। उल्लेखनीय है कि 2005 में स्थापित क़िसना, हरी कृष्णा ग्रुप का प्रमुख डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी ब्रांड है। कंपनी के पास पूरे भारत में 1500 से अधिक शॉप-इन-शॉप आउटलेट और अब 85 से अधिक एक्सक्लूसिव शोरूम है। क़िसना के सभी प्रोडक्ट्स 100% आईजीआई सर्टिफाइड और बीआईएस हॉलमार्क्ड होते हैं। इसमें रिंग्स, ईयररिंग्स, पेंडेंट्स, मंगलसूत्र, नेकलेस, बैंगल्स, ब्रेसलेट्स, नोज पिन्स और 14केटी व 18केटी गोल्ड में मेंस ज्वेलरी शामिल है। कंपनी 90% बायबैक और 95% एक्सचेंज पॉलिसी भी प्रदान करती है। किसना की वेबसाइट www.kisna.com के माध्यम से ग्राहक घर बैठे नवीनतम डिज़ाइनों के साथ सहज शॉपिंग का आनंद ले सकते है।

पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट ने अनंत चतुर्दशी पर आयोजित किया 181वां अन्न भंडारा

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पंचकूला । पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा अनंत चतुर्दशी के उपलक्ष्य में 181वां अन्न भंडारा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, पंचकूला में बड़े श्रद्धा और सेवा भाव के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के संस्थापक अमिताभ रुंगटा ने अन्न भंडारे और अनंत चतुर्दशी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनंत चतुर्दशी के दिन जरूरतमंदों की सेवा और भोजन वितरण का विशेष महत्व है। अनंत चतुर्दशी का दिन हमारे लिए केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का संदेश भी देता है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर हम जरूरतमंदों को भोजन वितरित कर न केवल उनकी सहायता का प्रयास करते हैं, बल्कि यह संकल्प भी लेते हैं कि समाज में सहयोग और भाईचारे की भावना को आगे बढ़ाते रहेंगे। यह परंपरा हमारे ट्रस्ट द्वारा वर्षों से निभाई जा रही है और हम इसे भविष्य में भी और बड़े स्तर पर जारी रखेंगे। भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया अन्न ग्रहण कियाट्रस्ट ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को लगातार आयोजित करने का संकल्प लिया।

जसविंदर सिंह ने मलेशिया में आयोजित चौथी जोहोर प्रेसिडेंट कप कराटे चैंपियनशिप 2025 में स्वर्ण पदक जीता

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चंडीगढ़ । मलेशिया के जोहोर में 22 से 24 अगस्त तक आयोजित चौथी जोहोर प्रेसिडेंट कप कराटे चैंपियनशिप 2025 में बुडो काई डु मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के 24 सदस्यीय भारतीय दल ने देश का प्रतिनिधित्व किया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन में देश का गौरव और गौरव बढ़ाते हुए, जसविंदर सिंह ने स्वर्ण पदक जीता, जो उनके लिए एक असाधारण उपलब्धि थी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में 18 कुशल एथलीट, 5 अनुभवी कोच और 1 टीम मैनेजर शामिल थे, जिन्होंने अद्भुत दृढ़ संकल्प और खेल भावना का प्रदर्शन किया। भाग लेने वाले खिलाड़ियों में मोहित, अंकित, संयोग, आशु, रोहित, गुरलीन सिंह, जसविंदर सिंह, लवप्रीत सिंह, कमलप्रीत कौर, अमनदीप कौर और हरसिमरत कौर शामिल थे।
बुडो काई डु मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष शरणजीत सिंह ने पूरे दल, विशेष रूप से जसविंदर सिंह को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमें अपने एथलीटों और प्रशिक्षकों पर बहुत गर्व है। जसविंदर का स्वर्ण पदक हमारी टीम की कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। पूरे दल ने देश का नाम रोशन किया है और मार्शल आर्ट की भावी पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। प्रशिक्षक नवीन कुमार, स्वर्ण सिंह, योगेश कुमार, तेजिंदर पाल सिंह और उषा रानी ने उनका मार्गदर्शन किया, जिन्होंने इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए टीम को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फेडरेशन पूरे भारत में मार्शल आर्ट को बढ़ावा देने और विकसित करने, युवा प्रतिभाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर प्रदान करने और वैश्विक मार्शल आर्ट समुदाय में भारत की उपस्थिति को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सांसद विक्रम साहनी ने पंजाब बाढ़ राहत के लिए ₹5 करोड़ देने की घोषणा की, किसानों को कृषक सामग्री भी उपलब्ध करवाएंगे

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चंडीगढ़। पंजाब से राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने अपने सांसद निधि और व्यक्तिगत दान से पंजाब बाढ़ राहत के लिए कुल ₹5 करोड़ देने का वादा किया है।
डॉ. साहनी ने घोषणा की कि वे बाढ़ बचाव कार्यों के लिए उन्नत नौकाओं और नदी से गाद निकालने के लिए आधुनिक मशीनों की खरीद हेतु राज्य आपदा राहत बल को वित्तीय सहायता प्रदान कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने भविष्य में आने वाली आपदाओं से संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए मज़बूत बाढ़ सुरक्षा बाँधों और तटबंधों के निर्माण के लिए भी धनराशि देने की प्रतिबद्धता जताई। डॉ. साहनी ने बताया कि उनका NGO, सन फ़ाउंडेशन, ज़मीनी स्तर पर राहत कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल है। अब तक ₹1 करोड़ से ज़्यादा का खर्च करके, सन फ़ाउंडेशन ने प्रशासन को कई मोटरबोट और एम्बुलेंस उपलब्ध कराई हैं, वहीं बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित परिवारों को सूखा राशन, मेडिकल किट, स्वच्छता सामग्री और पशुओं के लिए चारा भी वितरित किया है। डॉ. साहनी ने कहा कि वे सीमांत किसानों को गेहूँ की बुवाई के लिए उर्वरक, बीज, कीटनाशक आदि जैसे कृषि इनपुट उपलब्ध कराएँगे।
डॉ. साहनी ने केंद्र से ₹10,000 करोड़ के बाढ़ राहत पैकेज की माँग की। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि प्रत्येक किसान को फसल के नुकसान के लिए ₹50,000 प्रति एकड़ का मुआवज़ा दिया जाए, और दिहाड़ी मज़दूरों और पशुपालकों को भी पर्याप्त मुआवज़ा मिले। इसके अलावा, क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए भी धन की आवश्यकता है।

निसान ने प्रेफर्ड व्हीकल एक्सचेंज पार्टनर प्लेटफॉर्म के रूप में स्पिनी से मिलाया हाथ

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चंडीगढ़। निसान मोटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने भारत के अग्रणी फुल-स्टैक यूज्ड कार प्लेटफॉर्म स्पिनी के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। स्पिनी को भारत में निसान की सभी डीलरशिप पर ‘प्रेफर्ड एक्सचेंज पार्टनर प्लेटफॉर्म’ के रूप में जोड़ा गया है। किसी ऑटोमोबाइल ओईएम और राष्ट्रीय स्तर के यूज्ड कार एग्रीगेटर के बीच अपनी तरह के इस इकलौते गठजोड़ से ग्राहकों को पुरानी कारों पर बेहतर एक्सचेंज बेनिफिट मिल सकेगा, साथ ही डीलर पार्टनर्स के लिए कारोबार के नए अवसर भी बनेंगे। ग्राहकों को ध्यान में रखकर की गई यह पहल इनोवेटिव एवं मूल्य आधारित सेवाओं के माध्यम से डीलरशिप परफॉर्मेंस एवं लाभ बढ़ाने की निसान मोटर इंडिया की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इस साझेदारी के तहत देशभर में निसान की डीलरशिप पर या सीधे स्पिनी के प्लेटफॉर्म पर जो ग्राहक स्पिनी के माध्यम से अपनी गाड़ी को एक्चसेंज करना चाहेंगे, उन्हें निसान की नई गाड़ी खरीदने पर एक्सक्लूसिव एक्सचेंज बेनिफिट मिलेंगे। इसके अतिरिक्त, ग्राहकों की मांग और शेड्यूल्ड अपॉइंटमेंट के आधार पर निसान डीलरशिप पर स्पिनी की व्हीकल इवैल्यूएशन टीम पहुंचेगी, जिससे सुगमता से और समय पर व्हीकल असेसमेंट हो सकेगा। इस साझेदारी का सबसे फायदेमंद पहलू है एक्सचेंज की सुगम प्रक्रिया। स्पिनी की ओर से जारी किए गए ‘बाइंग लेटर’ को एक्सचेंज के प्रमाण के रूप में स्वीकृत किया जाएगा। इससे निसान के ग्राहकों के लिए ट्रांसफर्ड आरसी डॉक्यूमेंटेशन की जरूरत खत्म हो जाएगी। इस पहल से निसान के डीलर नेटवर्क को भी पुरानी कारों के स्टॉक को कम करने और जॉइंट मार्केटिंग कैंपेन के माध्यम से ज्यादा बिक्री में मदद मिलेगी। स्पिनी अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता से निसान मोटर इंडिया के एक्सचेंज ऑफर्स के बारे में बताएगी। वहीं निसान मोटर इंडिया भी अपने प्रमोशनल कैंपेन में स्पिनी की ब्रांडिंग को इंटीग्रेट करेगी। निसान मोटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सौरभ वत्स ने कहा कि निसान मोटर इंडिया में हम इनोवेटिव एवं ग्राहकों को केंद्र में रखकर दिए गए समाधानों के माध्यम से ग्राहकों एवं डीलर पार्टनर्स दोनों के लिए बेहतर मूल्य सृजित करने को प्रतिबद्ध हैं। प्रेफर्ड एक्सचेंज पार्टनर के रूप में स्पिनी के साथ हमारा गठजोड़ एक रणनीतिक पहल है, जिसका उद्देश्य व्हीकल एक्सचेंज इकोसिस्टम को मजबूत करना, ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाना और डीलरशिप के विकास में सार्थक तरीके से योगदान देना है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए ज़रूरी है सही मार्गदर्शन और स्मार्ट तैयारी: विशेषज्ञ

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चंडीगढ़ । आज के दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता केवल मेहनत पर निर्भर नहीं है, बल्कि इसके लिए सही रणनीति, मार्गदर्शन और स्मार्ट तैयारी की ज़रूरत होती है। हर साल लाखों छात्र प्रवेश और सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में सीमित सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कठिन प्रतिस्पर्धा में वही छात्र आगे निकलते हैं, जिनके पास सुव्यवस्थित पढ़ाई की योजना और व्यक्तिगत मार्गदर्शन होता है। क्रैक एकेडमी के सीईओ और फाउंडर नीरज कंसल ने कहा कि आज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी सिर्फ मेहनत से नहीं होती, बल्कि सही दिशा और रणनीति सबसे बड़ा फर्क पैदा करती है। हम पर्सनलाइज्ड गाइडेंस और टेक्नोलॉजी की मदद से छात्रों को ऐसा माहौल देने पर फोकस करते हैं, जिससे वे अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन्हें ताकत में बदल सकें और आत्मविश्वास के साथ सफलता हासिल करें। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हर छात्र की ताकत और कमज़ोरियाँ अलग होती हैं। पर्सनलाइज्ड मेंटरशिप की मदद से छात्र अपनी कमियों को दूर कर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। नियमित परफ़ॉर्मेंस एनालिसिस और व्यक्तिगत स्टडी प्लान से तैयारी ज़्यादा प्रभावी होती है और आत्मविश्वास भी मज़बूत होता है। ऑनलाइन शिक्षा और तकनीकी साधनों ने परीक्षा की तैयारी आसान कर दी है। इंटरैक्टिव क्लासेस, ऑन-डिमांड वीडियो लेक्चर, डिजिटल प्रैक्टिस पेपर और डाउट-सॉल्विंग सेशन छात्रों को गहरी समझ देते हैं। वहीं, मॉक टेस्ट और एनालिटिकल रिपोर्ट्स से उन्हें परीक्षा पैटर्न की जानकारी और समय प्रबंधन में मदद मिलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता केवल मेहनत से नहीं, बल्कि स्मार्ट स्टडी और अनुशासित तैयारी से मिलती है। सही मेंटरशिप और सुव्यवस्थित रणनीति अपनाकर छात्र न सिर्फ़ आत्मविश्वास हासिल कर सकते हैं, बल्कि अपने सपनों को हक़ीक़त में बदल सकते हैं।