Wednesday, March 11, 2026
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महिलाओं को आत्मनिर्भर व आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगे:अरविंद

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खन्ना बखोंपीर में भैणां दी उम्मीद प्रोजेक्ट की महिलाओं के साथ की बैठक

संगरूर । उम्मीद फाउंडेशन के संस्थापक अरविंद खन्ना ने कहा है कि उनकी संस्था महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में चल रही योजनाओं का विस्तार करेगी।अरविंद खन्ना ने भिवानीगढ़ के गांव बखोंपीर में महिलाओं से रूबरू हुए। यहां उन्होंने उम्मीद संस्था द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट भैणां दी उम्मीद के साथ जुड़ी महिलाओं के साथ अब तक चलाई जा रही योजनाओं के बारे में फीडबैक लिया। प्रोजेक्ट इंचार्ज राजविंद्र कौर ने मौजूदा कार्यों की समीक्षा करते हुए बताया कि यहां ड्रोन दीदी, डोने प्लेट आदि बनाने के कार्यों के साथ जुड़कर सैकड़ों महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उम्मीद फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही है और पहले जहां वह अपने परिवार पर निर्भर थी अब परिवार की मदद कर रही हैं। अरविंद खन्ना ने मौजूदा परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि उम्मीद संस्था के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा गांव के विकास के लिए कई योजनाओं को शुरू किया जाएगा।

कृष्णा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, बठिंडा ने डायबिटीज मेगा हेल्थ चेक-अप कैंप का आयोजन किया

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बठिंडा । पार्क ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की इकाई कृष्णा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, बठिंडा ने समुदाय के स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल संबंधी बीमारियों की समय पर पहचान को बढ़ावा देते हुए डायबिटीज मेगा हेल्थ चेक-अप कैंप का सफल आयोजन किया। कैंप को जनता से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली, जिसमें 1,200 से अधिक लोगों ने कैंप का दौरा किया और 400 से अधिक लोगों की एंडोक्राइनोलॉजी एवं डायबिटीज से संबंधित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के लिए स्क्रीनिंग की गई। प्रतिभागियों ने HbA1c, ब्लड ग्लूकोज़ टेस्ट, BMI मूल्यांकन, फाइब्रोस्कैन सहित कई मुफ्त जांच सेवाओं का लाभ उठाया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन समारोह से हुई, जिसमें कई विशिष्ट अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रमुख अतिथियों में पदमजीत सिंह मेहता, मेयर बठिंडा, जगरोप सिंह गिल, विधायक बठिंडा; राजन गर्ग, डायरेक्टर, कृष्णा हॉस्पिटल; क्रिती एम. पसरिचा, अर्जित गोयल, डायरेक्टर पेरिस सिटी आदि मौजूद थे । उनकी उपस्थिति ने इस पहल को और महत्वपूर्ण बनाया और स्वास्थ्य सेवाओं में जुटी टीमों का उत्साह बढ़ाया।डॉ. सुशील कोट्रू, चेयरमैन – एंडोक्राइन एवं डायबिटीज विभाग, ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया और डायबिटिक मेला को सफल बनाने के लिए सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने समय पर जांच और नियमित स्वास्थ्य निगरानी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, जिससे डायबिटीज से जुड़ी जटिलताओं से बचाव संभव हो सके। कृष्णा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि वह भविष्य में भी समाज के कल्याण के लिए इस तरह के स्वास्थ्य कैंप और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।

Grand Finale of Sardar Bhagwant Singh Memorial Basketball Trophy Held

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Vivek High School, Mohali clinches Boys U-17 title; GNPS wins in Girls U-17 category

Chandigarh, November 13, 2025: The Sardar Bhagwant Singh Memorial Basketball Trophy, organized by Vivek High School, Mohali, concluded at Sector 42 Sports Complex, Chandigarh. Throughout the tournament, players showcased remarkable enthusiasm, teamwork, and sporting excellence.
The chief guest for the final matches was Vikramjeet Singh Mamik, Administrator of Vivek High School, who congratulated the winning teams and lauded the players’ dedication and discipline.
In the Boys U-17 category’s final match Vivek High School, Mohali defeated Vivek High School, Chandigarh 53–43. Aditya scored 24 points for the winners, while Veer Hriday scored 16 for the runners-up.
In the Girls U-17 category GNPS, Chandigarh triumphed over KV High Ground School 51–43. Sukhman scored 26 points for the winners, and Seerat scored 21 for the runners-up.
Meanwhile, in the finals of the Under – 14 Boys St. Kabir School, Chandigarh beat Strawberry Fields School, Chandigarh 45-38. Main scorer for the winning team was Vardan – 27 while the main scorer for the runners-up was Riyansh – 15.
In the final of Under -14 Girls Sacred Heart School, Chandigarh triumphed over Learning Paths School (LPS), Mohali 32-19. Callista with 09 points scored highest for the winners while for the runners-up Khushnoor scored 16 points.
The result of Boys U-12 went in favour of YPS, Mohali who’s cagers outplayed Vivek High School, Mohali 22–8 to lift the trophy. Samarth with 20 points was the highest scorer for the winners and Vedant with 6 points was the best scorer for the 1st Runners-up.
In the Girls U-12 category Learning Paths School, Mohali secured a victory over YPS, Mohali with a score of 20-6. Vanisha scored 10 points for the winning team and Liana scored 3 points for the 1st runners-up.
In the Boys U-10 category Saupin’s School, Chandigarh emerged as champions and in the U-10 Girls segment LPS, Mohali were the winners. The U-10 tourney was played on the league format and the matches for U 12, 14 and 17 on the knock-out format.
After the finals, an award ceremony was held to felicitate the winning teams. Principal Jaswinder Gandhok of the host school, Vivek High School, Mohali, and Administrator of Vivek High School, Vikramjeet Singh Mamik, presented trophies, cash prizes, medals, and certificates to the winners across various categories. In total, cash prizes worth ₹2,70,000 were distributed among boys and girls across all age groups.
Vikramjeet Singh Mamik said that the tournament serves as a unique platform for aspiring basketball players who wish to pursue the sport as a career. He added that more than 73 teams from leading schools across the region participated in this inter-school basketball tournament.
Notably, prizes were also given for man-of-the-match in the finals of different age categories for both boys and girls. Moreover, ‘player of the tournament’ award was also given under all age groups for both boys and girls.

मैक्स अस्पताल बठिंडा ने विश्व निमोनिया दिवस पर जागरूकता बढ़ाई

बठिंडा । विश्व निमोनिया दिवस 2025 के अवसर पर, मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, बठिंडा ने निमोनिया के बारे में जागरूकता बढ़ाई। निमोनिया एक रोकी जाने योग्य और इलाज योग्य बीमारी है और यह दुनिया में विशेष रूप से छोटे बच्चों और वृद्ध लोगों में प्रमुख संक्रामक बीमारियों में से एकहै। कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजी डॉ. मानन बेदी ने कहा, “विश्व निमोनिया दिवस हमें प्रेरित करता है कि हर सांस महत्वपूर्ण है, ताकि हम स्वच्छ हवा, अच्छे स्वच्छता अभ्यास, टीकाकरण, समय पर निदान और ऑक्सीजन व इलाज तक पहुंच सुनिश्चित कर सकें। जागरूकता बढ़ाकर और कार्रवाई को प्रोत्साहित करके, हम निमोनिया को रोकने में मदद कर सकते हैं, इसके प्रभाव को जीवनभर कम कर सकते हैं और सभी के लिए स्वास्थ्य के लक्ष्य के करीब जा सकते हैं। डॉ. मनन ने आगे कहा, “न्युमोनिया केवल विकासशील देशों की बीमारी नहीं है; यह सभी उम्र के लोगों को सभी क्षेत्रों में प्रभावित करता है। पर्यावरणीय जोखिम कारकों से बचाव, उचित स्वच्छता प्रथाओं का पालन, टीकाकरण, समय पर पहचान और चिकित्सीय देखभाल जीवन बचा सकते हैं। इस महामारी से लड़ने में जन जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जागरूकता अभियान के तहत, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, बठिंडा, एक निःशुल्क श्वसन स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता वार्ता और माता-पिता, देखभालकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित कर रहा है। इस जागरूकता अभियान के दौरान, मैक्स अस्पताल, बठिंडा के स्वास्थ्य विशेषज्ञ फ्लू और न्युमोकोकल टीकाकरण, अच्छी पोषण और श्वसन स्वच्छता के महत्व को उजागर करेंगे ताकि संक्रामक बीमारियों से बचाव हो सके।

अमृतसर में किडनी केयर में प्रगति पर सीएमई में 32 डॉक्टरों ने भाग लिया

अमृतसर ।  लिवासा अस्पताल, अमृतसर द्वारा होटल फेयरफील्ड बाय मैरियट में आयोजित ‘किडनी ट्रांसप्लांट-नई किडनी, नया जीवन’ विषय पर आयोजित सीएमई में 32 डॉक्टरों ने भाग लिया। सीएमई के दौरान डॉक्टरों ने ‘किडनी केयर और ट्रांसप्लांट में हालिया प्रगति पर चर्चा की। लिवासा की किडनी ट्रांसप्लांट टीम ने उन्नत किडनी ट्रांसप्लांट प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी साझा की, जिसमें शीघ्र निदान, समन्वित देखभाल और किडनी स्वास्थ्य के बारे में जन जागरूकता पर ज़ोर दिया गया। सीएमई के दौरान लिवासा में नेफ्रोलॉजी कंसलटेंट और ट्रांसप्लांट फिजिशियन डॉ. राधिका गर्ग ने इस क्षेत्र में किडनी ट्रांसप्लांट करने वाला एकमात्र केंद्र बनकर लिवासा की किडनी ट्रांसप्लांट उपलब्धि पर प्रकाश डाला। डॉ. राधिका ने बताया कि इस किडनी ट्रांसप्लांट मामले में एक 20 वर्षीय महिला मरीज शामिल थी, जिसका उसकी माँ से मिली किडनी से लिविंग डोनर ट्रांसप्लांट हुआ था । दोनों का ब्लड ग्रुप एक ही था।

रेसिपिएंट और डोनर दोनों की हालत स्थिर है और वे अच्छी तरह से स्वस्थ हो रहे हैं। यह प्रक्रिया डॉ. राधिका गर्ग और यूरोलॉजी एवं ट्रांसप्लांट सर्जरी कंसलटेंट डॉ. पारस राम सैनी के नेतृत्व में लिवासा की मल्टीडिसीप्लिनरी  टीम द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न की गई, जिसमें एनेस्थीसिया एवं इन्टेन्सिव केयर कंसलटेंट डॉ. सोनिया सैनी, केटीयू एवं क्रिटिकल केयर इंचार्ज डॉ. मनीष गुप्ता  और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. योगेंद्र तोमर का सहयोग रहा। लिवासा हॉस्पिटल्स के सीईओ अनुराग यादव ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल लिवासा हॉस्पिटल के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि क्षेत्र के अनगिनत परिवारों के लिए आशा  है। हमारा लक्ष्य हमेशा से उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को हर समुदाय की पहुँच में लाना रहा है, ताकि किसी को भी लाइफ सेविंग उपचार के लिए दूर न जाना पड़े।

सरदार भगवंत सिंह मेमोरियल बास्केटबॉल ट्रॉफी भव्य समारोह के साथ संपन्न

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विवेक हाई स्कूल, मोहाली ने लड़कों की अंडर-17 श्रेणी का खिताब जीता, लड़कियों की अंडर-17 श्रेणी में जीएनपीएस ने बाजी मारी

चंडीगढ़ । विवेक हाई स्कूल मोहाली द्वारा आयोजित सरदार भगवंत सिंह मेमोरियल बास्केटबॉल ट्रॉफी का समापन चंडीगढ़ के सेक्टर 42 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हुआ। पूरे टूर्नामेंट के दौरान, खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय उत्साह, टीम वर्क और खेल उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया। फाइनल मैचों के मुख्य अतिथि विवेक हाई स्कूल के प्रशासक विक्रमजीत सिंह मामिक थे, जिन्होंने विजेता टीमों को बधाई दी और खिलाड़ियों के समर्पण और अनुशासन की सराहना की।
लड़कों की अंडर-17 श्रेणी के फाइनल मैच में विवेक हाई स्कूल, मोहाली ने विवेक हाई स्कूल, चंडीगढ़ को 53-43 से हराया। विजेता टीम के लिए आदित्य ने 24 अंक बनाए, जबकि उपविजेता टीम के लिए वीर हृदय ने 16 अंक बनाए।
लड़कियों के अंडर-17 वर्ग में जीएनपीएस, चंडीगढ़ ने केवी हाई ग्राउंड स्कूल को 51-43 से हराया। विजेता टीम के लिए सुखमन ने 26 अंक और उपविजेता टीम के लिए सीरत ने 21 अंक बनाए।
इस बीच, अंडर-14 लड़कों के फाइनल में सेंट कबीर स्कूल, चंडीगढ़ ने स्ट्रॉबेरी फील्ड्स स्कूल, चंडीगढ़ को 45-38 से हराया। विजेता टीम के लिए मुख्य स्कोरर वरदान (27) और उपविजेता टीम के लिए मुख्य स्कोरर रियांश (15) रहे।
अंडर-14 लड़कियों के फाइनल में सेक्रेड हार्ट स्कूल, चंडीगढ़ ने लर्निंग पाथ्स स्कूल (एलपीएस), मोहाली को 32-19 से हराया। विजेता टीम के लिए कैलिस्टा ने 09 अंक बनाए, जबकि उपविजेता टीम के लिए खुशनूर ने 16 अंक बनाए।
लड़कों के अंडर-12 वर्ग का परिणाम वाईपीएस, मोहाली के पक्ष में रहा, जिसके खिलाड़ियों ने विवेक हाई स्कूल, मोहाली को 22-8 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। विजेताओं के लिए समर्थ ने 20 अंक बनाए और वेदांत ने 6 अंक बनाए और प्रथम उपविजेता के लिए सर्वश्रेष्ठ स्कोरर रहे।
लड़कियों के अंडर-12 वर्ग में लर्निंग पाथ्स स्कूल, मोहाली ने वाईपीएस, मोहाली को 20-6 के स्कोर से हराया। विजेता टीम के लिए वनिशा ने 10 अंक और प्रथम उपविजेता टीम के लिए लियाना ने 3 अंक बनाए।
लड़कों के अंडर-10 वर्ग में सौपिन्स स्कूल, चंडीगढ़ विजेता बना और लड़कियों के अंडर-10 वर्ग में एल पी एस, मोहाली विजेता रहा। अंडर-10 टूर्नामेंट लीग प्रारूप में और अंडर-12, 14 और 17 के मैच नॉक-आउट प्रारूप में खेले गए।
फाइनल के बाद, विजेता टीमों को सम्मानित करने के लिए एक पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया। मेजबान स्कूल, विवेक हाई स्कूल, मोहाली की प्रधानाचार्य जसविंदर गंधोक और विवेक हाई स्कूल के प्रशासक विक्रमजीत सिंह मामिक ने विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को ट्रॉफी, नकद पुरस्कार, पदक और प्रमाण पत्र प्रदान किए। कुल मिलाकर, सभी आयु वर्ग के लड़के और लड़कियों के बीच ₹2,70,000 के नकद पुरस्कार वितरित किए गए।
विक्रमजीत सिंह मामिक ने कहा कि यह टूर्नामेंट उन महत्वाकांक्षी बास्केटबॉल खिलाड़ियों के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करता है जो इस खेल को अपना करियर बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि इस अंतर-विद्यालय बास्केटबॉल टूर्नामेंट में क्षेत्र के प्रमुख स्कूलों की 73 से अधिक टीमों ने भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि विभिन्न आयु वर्गों के फाइनल में लड़के और लड़कियों दोनों के लिए मैन ऑफ द मैच पुरस्कार भी दिए गए। इसके अलावा, सभी आयु वर्गों के लड़कों और लड़कियों के लिए ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का पुरस्कार भी दिया गया।

धान घोटाले की ‘काली जांच’ पर भडक़े किसान, काले कपड़े पहन फूटा ग़ुस्सा

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किसानों ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एसीएस आईएएस डी. सुरेश पर भी लगाए गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर दी स्पष्ट चेतावनी

पारदर्शी जांच नहीं हुई तो होगा राज्यव्यापी आंदोलन

चंडीगढ़। प्रदेश में धान खरीद प्रक्रिया में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग अब आंदोलन का रूप ले चुकी है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान के नेतृत्व में किसानों ने करनाल में काले कपड़े पहनकर जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन और सरकार पर काली जांच के नाम पर सच्चाई दबाने का आरोप लगाया। किसानों ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एसीएस आईएएस डी. सुरेश पर भी गंभीर आरोप लगाए। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त अधिकारियों को बचा रही है और उन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंप रही है। किसानों का कहना था कि जब तक धान घोटाले में शामिल सभी जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। गुरुवार को करनाल स्थित जाट धर्मशाला से काले कपड़े और काले बिल्ले लगाकर हजारों किसान पैदल मार्च करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे। वहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर धान घोटाले की पारदर्शी जांच नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि किसानों के खून-पसीने की कमाई पर कुछ अफसर, बिचौलिए और राजनीतिक लोग डाका डाल रहे हैं। सरकार ने घोटाले की जांच को काली जांच में बदलकर दोषियों को बचाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि मंडियों और खरीद केंद्रों पर लंबे समय से गड़बडिय़ों की शिकायतें दी जा रही थीं, लेकिन सरकार ने उन्हें नजऱअंदाज़ कर दिया। अब जब घोटाला उजागर हुआ है, तो उसे दबाने का खेल शुरू हो गया है।
किसानों का कहना है कि आईएएस डी. सुरेश पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं, जिनकी जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है। इसके बावजूद उन्हें खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का मुखिया लगाकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने से किसानों और आम जनता में गहरा रोष है। भाकियू अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि यह संघर्ष सिर्फ एक जांच तक सीमित नहीं रहेगा यह किसानों की इज्जत, मेहनत और अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस आंदोलन में एकजुट होकर हिस्सा लें और सरकार को दिखा दें कि किसान अब चुप नहीं बैठेगा।

छोटे कारोबारियों के लिए साइबर सुरक्षा जरूरी : तरूण मल्होत्रा

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चंडीगढ़। उद्योग विभाग चंडीगढ़ के सहयोग से आयोजित की जा रही रैंप श्रृंखला के अंतर्गत पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा ‘अगली पीढ़ी के लिए एमएसएमई:वित्तीय मजबूती, तकनीकी बढ़त और सतत विकास’ विषय पर सत्र आयोजित किया गया। पीएचडीसीसीआई चंडीगढ़ चैप्टर के सह-अध्यक्ष,सुव्रत खन्ना ने स्वागत भाषण में कहा कि भारत के आर्थिक विकास को गति देने में एमएसएमई की महत्वपूर्ण भूमिका है। सत्र के दौरान पीएचडीसीसीआई की क्षेत्रीय साइबर सुरक्षा एवं एआई समिति के संयोजक तरुण मल्होत्रा ने छोटे व्यवसायों के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता के बढ़ते महत्व पर विस्तार से बताया। जेएम प्रशिक्षक दीपक शर्मा ने व्यवसाय विस्तार के लिए जेएम का लाभ उठाने के बारे में बताया। एचडीएफसी बैंक की उप-उपाध्यक्ष दृभजोत कौर ने बताया कि कैसे यह पहल उद्यमियों को बिना किसी जमानत के ऋण प्राप्त करने में सहायता करती है। सिडबी, चंडीगढ़ की एजीएम पदमप्रीत कौर ने ऋण तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए सिडबी द्वारा प्रस्तुत विभिन्न वित्तीय उत्पादों और सहायता योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। पीएचडीसीसीआई की क्षेत्रीय एमएसएमई समिति के संयोजक लोकेश जैन ने रैंप श्रृंखला के अंतर्गत निरंतर जुड़ाव, जागरूकता कार्यक्रमों और क्षमता निर्माण पहलों के माध्यम से एमएसएमई को समर्थन देने के लिए पीएचडीसीसीआई की प्रतिबद्धता दोहराई।

राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मिले वार्ड नंबर-8 के पार्षद हरजीत सिंह

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गांवों की विकास संबंधी समस्याएं रखीं

चंडीगढ़ । नगर निगम वार्ड नंबर 8 के पार्षद एवं पूर्व डिप्टी मेयर हरजीत सिंह ने वीरवार को पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात की और अपने वार्ड के गांवों में लोगों को दरपेश समस्याओं तथा पेंडिंग विकास कार्यों के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया। पार्षद हरजीत सिंह ने राज्यपाल को बताया कि रायपुर कला गांव के पार्क को विकसित किया जाए, ताकि गांववासियों को सैर, योगा और बच्चों की खेल गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने मक्खनमाजरा, रायपुर कला और रायपुर खुर्द—तीनों गांवों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की आवश्यकता भी रखी। उन्होंने कहा कि कैमरे लगने से ग्रामवासियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था काफी मजबूत हो जाएगी। पार्षद ने रायपुर खुर्द में पीने के पानी की समस्या को देखते हुए ट्यूबवेल/लगाने की मांग उठाई, ताकि गांव में स्वच्छ पेयजल की दिक्कत दूर की जा सके। गांव के युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए पार्षद ने पुलिस प्रशासन से गस्त बढ़ाने और नशा बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग रखी। पार्षद हरजीत सिंह ने बताया कि राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने उनकी सभी बातों को गंभीरता से सुना और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

पंजाब में बाढ़ की तबाही के दो माह बाद तक यूनाइटेड सिख्स ने जीवन और समुदाय के पुनर्निर्माण के लिए संभाली हुई है कमान

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पंजाब । पंजाब में दो माह पहले आई भीषण बाढ़ के बाद अब पुनर्निर्माण और राहत कार्यों का दौर जारी है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन यूनाइटेड सिख्स द्वारा किए गए हालिया सर्वेक्षण में 11 बाढ़ प्रभावित गांवों के 779 परिवारों (लगभग 3,895 लोगों) की तात्कालिक जरूरतें उजागर हुई हैं। संगठन ने इन गांवों को दीर्घकालिक पुनर्वास के लिए गोद लिया है। सर्वेक्षण के अनुसार, 368 परिवारों को कृषि हानि हुई है, जबकि 31,000 से अधिक बीज इकाइयों और 345 परिवारों को खेती के औजारों की जरूरत है। बाढ़ में 145 पशुओं की मौत से ग्रामीण आजीविका पर गहरा असर पड़ा है। संगठन ने कहा कि खेती को दोबारा शुरू करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए तुरंत सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि 476 घर क्षतिग्रस्त पाए गए है, जिनमें से 321 परिवारों को तत्काल मरम्मत की जरूरत है। कई लोग अब भी असुरक्षित हालात में रह रहे हैं। यूनाइटेड सिख्स ने कहा कि टिकाऊ और जलवायु-प्रतिरोधी आवास निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। बाढ़ से बच्चों की शिक्षा पर भी गंभीर असर पड़ा है।

सर्वेक्षण में 61 बच्चे इस समय स्कूल नहीं जा रहे है, 45 बच्चे मज़दूरी करने को मजबूर और 960 बच्चों के स्कूल छोड़ने का खतरा बताया गया है। बुज़ुर्गों और बच्चों पर मानसिक तनाव की स्थिति भी सामने आई है, जिनके लिए सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत है। राहत और पुनर्वास कार्यों में 219 स्थानीय स्वयंसेवक सक्रिय है। यूनाइटेड सिख्स ने अब तक भोजन, स्वच्छ पानी, दवाइयां, कपड़े और पशुओं के लिए चारा वितरित किया है। साथ ही मोबाइल क्लिनिकों के जरिए चिकित्सा सेवाएं भी दी जा रही है। संगठन ने दाताओं और आम जनता से अपील की है कि वे इस मानवीय मिशन में सहयोग करें ताकि प्रभावित परिवार अपने जीवन का पुनर्निर्माण कर सकें।


अधिक जानकारी या सहयोग के लिए उनकी वेबसाइट www.unitedsikhs.org
या donors@unitedsikhs.org पर देखा जा सकता है।