पंचकूला। बच्चों को घर से ही दिए गए संस्कार व सिखाए गए अच्छे कर्म उनके उज्जवल भविष्य का निर्माण करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो बच्चा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह आगे होकर पूरे मनोबल से करता है। अभिभावकों को चाहिए कि वो अपने बच्चों को अपने द्वारा आयोजित किए गए कार्यों में संलिप्त करें इससे उन्हें अपने सामाजिक दायित्व का ज्ञान होगा।
यह बात औद्योगिक क्षेत्र -1 में श्री श्याम करूणा फाउंडेशन द्वारा आयोजित 125वें अन्न भंडारे में फाउंडेशन के संस्थापक व समाजसेवी अमिताभ रुंगटा ने कही। रूंगटा ने कहा कि जैसा की हम सबको मालूम है अन्न दान सर्वोपरि है, ऐसे में अभिभावकों को अपने बच्चों को अन्न भंडारे के महत्व के बारे में बताना चाहिए। उन्हें अपने बच्चों को बताना चाहिए की कुछ दोस्तों के साथ मिलके अन्न भंडारा आसानी से आयोजित किया जा सकता है। अभिभावकों को बच्चों द्वारा सामूहिक रूप से लगाए गए भंडारे में उनका पूरा साथ देना चाहिए। ऐसे कार्य में अभिभावकों के साथ जनता भी अपना योगदान करने उनकी मदद को आगे आएगी। भंडारे के आयोजन के दौरान अनुपमा रूंगटा, चैतन्य रुंगटा, प्रगति, सुखपाल सिंह, सुरेश जांगरा भी उपस्थित थे।
अभिभावकों को अन्न भंडारा लगाने के लिए अपने बच्चों को प्रोत्साहित करना चाहिए :रूंगटा
मित्रता दिवस पर पौधरोपण कर दिया मित्रता का संदेश
चंडीगढ़। मित्रता दिवस के पावन अवसर पर सत्य साईं सेवा ऑर्गेनाइज़ेशन चंडीगढ़ के समिति नंबर 9 और जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस अवसर पर जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन के संस्थापक प्रभुनाथ शाही ने सभी को पौधे लगाने से लेकर पेड़ बनने तक के सफ़र को अच्छे से देखभाल का आग्रह किया और ट्री एम्बुलेंस सेवा की जानकारी दी । सत्य साईं सेवा ऑर्गेनाइज़ेशन चंडीगढ़ की शिक्षण संयोजिका सुनीता बख्शी ने सभी को मित्रता दिवस की शुभकामना देते हुए सभी से आग्रह किया कि पौधरोपण कर पौधों को अपना मित्र बनाये और धरतीमाता को हरियालीयुक्त । इस मौके पर पौधरोपण कार्यक्रम में सक्षम, सूर्यांश, वैष्णव, ह्रियांश, विवान, सानवी, वृत्ति ने भी मतत्वपूर्ण विचार रखे और पर्यावरण संरक्षण के लिए उत्तम सुझाव देते हुए सभी ने एक एक पौधे की ज़िम्मेदारी ली। कार्यक्रम में संयोजक रमेश बख्शी, शुभलक्ष्मी, दिलीप, गौरव खेरा, अमित चौधरी और कृष्णा विशेष सहयोग के साथ सहभागी रहे ।
चण्डीगढ़ में सामाजिक पेंशन बढ़ाने के लिए गृह मंत्रालय को लिखा पत्रयुवा दल के प्रतिनिधियों ने मांगा गृहमंत्री से मिलने का समय
पंजाब व हरियाणा राज्य से कम पेंशन देकर चंडीगढ़ के पेंशनधारको के साथ सामाजिक भेदभाव किया जा रहा है : विनायक बंगिया
चंडीगढ़। चंडीगढ़ का समाज कल्याण विभाग दिव्यांगों , विधवाओं और वृद्धों को पंजाब-हरियाणा की तुलना में कम पेंशन दे रहा है। इस के समाधान के लिए चंडीगढ़ युवा दल के प्रधान विनायक बंगिया व संयोजक सुनील यादव ने गृह मंत्रालय को पत्र लिख मांग करी है कि चंडीगढ़ में भी सामाजिक पेंशन बढ़ाई जानी चाहिए।
उन्होंने लिखा है कि चण्डीगढ़ के समाज कल्याण विभाग द्वारा यहां के गरीब एवं जरूरतमंद दिव्यांग, विधवा और वृद्ध पेंशनरों को पेंशन पंजाब व हरियाणा राज्य से कम देकर उनके साथ सामाजिक भेदभाव किया जा रहा है जोकि न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने गृहमंत्री से अनुरोध किया है कि इन सभी को हरियाणा व पंजाब राज्यों की तर्ज पर अधिक पैंशन देकर उनका सामाजिक सम्मान किया जाए। उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ के इन पेंशनरों को 2016 से हर महीने केवल एक हजार रुपये पेंशन दी जा रही है जबकि जिन राज्यों की चंडीगढ़ राजधानी है, वहां पर अधिक पेंशन दी जा रही है, जो यहाँ के पेंशनधारकों के साथ अन्याय है । पत्र की प्रतियां प्रशासक के सलाहकार और सचिव, समाज कल्याण विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन को भेजी गई है।
तीज उत्सव में मचा धमाल, डीजी डांस और बोलियों से गूंजा जीरकपुर
जीरकपुर । वीआईपी रोड स्थित सावित्री ग्रीन्स सोसाइटी में तीज उत्सव की धूम रही जिसमें सोसायटी की महिलाओं ने रंगारंग कार्यक्रम आयोजित कर समां बांध दिया । तीज उत्सव की संयोजिका दीपिका सेठी ने बताया कि सोसायटी की लगभग 100 महिलाओं ने अपने परिवार सहित कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत मेंहदी से हुई जिसके बाद लाइव इंवेंट स्क्रीनिंग, पारम्परिक बोलियां और तंबोला का आयोजन किया गया। महिलायें पंजाबी लोक नृत्यों पर खूब थिरकी जिससे खुशनुमा माहौल बन गया । इस अवसर पर रुपिंदर कौर, शिल्पी तलवार, दीप्ति सिंह और कविता ने अपने पेशकश से खूब वाहवाही लूटी। दीपिका ने बताया कि आधुनिक युग में हमें अपने पारंपरिक नीतियों और आयोजनों को नहीं भूलना चाहिये। यह कार्यक्रम इसी दिशा में आयोजित किया गया था। निकट भविष्य में वे ऐसे आयोजनों के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ने का प्रयास करती रहेंगीें।
दिलदार ग्रुप की लेडीज ने ट्रेडिशनल पंजाबी ड्रेस में तीज सेलिब्रेट की
मोहाली फेज – 5 में दिलदार ग्रुप की लेडीज ने ट्रेडिशनल पंजाबी ड्रेस में डांस और पंजाबी गीत गाकर तीज सेलिब्रेट की । इस दौरान महिलाएं सुंदर-सुंदर पारंपरिक परिधानों से सजी-धजी उत्साह से भरी नजर आई । महिलाओं ने लोकगीतों, लोकसजों की मधुर दोनों और बोलियों पर गिद्दा डाल समां बांध दिया ।

आर्य समाज सेक्टर -7बी में वेद प्रचार सप्ताह के अन्तर्गत श्रावणी पर्व धूमधाम सेे हुआ संपन्न
चंडीगढ़ । आर्य समाज सेक्टर 7 बी चंडीगढ़ में वेद प्रचार सप्ताह के अन्तर्गत श्रावणी पर्व धूमधाम सेे संपन्न हो गया । कार्यक्रम का शुभारंभ यज्ञ से हुआ। इस मौके पर वैदिक विद्वान आचार्य योगेन्द्र याज्ञिक ने प्रवचन के दौरान कहा कि जिसको सभा में बैठना आता है,वही सभ्य है। ईश्वर ने पूरी सृष्टि को बड़ा ही सुंदर बनाया है। ईश्वर ने सृष्टि के आरंभ में वेद का ज्ञान दिया। जिसमें ऋग्वेद का ज्ञान अग्नि ऋषि,यजुर्वेेद को वायु ऋषि,सामवेद को आदित्य ऋषि और अथर्ववेद को अंगिरा ऋषि के माध्यम से हमें दिया। ऋषियों ने यह ज्ञान ब्रह्मा को दिया। उन्होंने बताया कि ऋग्वेद में 5522 मंत्र हैं। ईश्वर ने ऋग्वेद में सारा ज्ञान भर दिया। कर्म के बिना ज्ञान अधूरा है। ज्ञान और कर्म में सामंजस्य के लिए साधना और उपासना अति आवश्यक है। विज्ञान भी इसकी विशिष्टता है। स्वाद भोजन करने तक तक ही रहता है। अच्छा भोजन करना मनुष्य का उद्देश्य है।
महर्षि दयानंद सरस्वती ने ऋषियों की परंपरा को आगे बढ़ाया। यह परंपरा परमपिता परमेश्वर से चलती आ रही है। ऋषियों ने वेद का ज्ञान ब्रह्मा को दिया और ब्रह्मा ने बृहस्पति को,बृहस्पति ने इंद्र को और इंद्र ने भारद्वाज ऋषि को। इसी कारण यह जैमिनी पर्यंत है। उन्होंने कहा कि जब धरती पर प्रलय आया तो केवल पृथु और मनु ही बचे। राजा पृथु ने इस पृथ्वी को रहने के योग्य बनाया। मनु ने चिंतन के माध्यम से वेद ज्ञान अर्थात विद्या का प्रचार-प्रसार करने का कार्य किया। उन्होंने वेद के आधार पर जीवन व्यवस्थित किया, जिससे श्रेष्ठता उत्पन्न हुई।
राम और लक्ष्मण ने रावण को उनके राज्य में घुसकर मारा।जिस देश में सही उपदेश नहीं होते हैं, वह देश धर्म की पराकाष्ठा से दूर हो जाता है। महर्षि दयानंद सरस्वती ने सच्चे की तलाश की। उन्होंने गुरु विरजानंद से शिक्षा लेकर संपूर्ण मानवता के लिए वेद अर्थात ज्ञान के दरवाजे खोले। उन्होंने कहा कि वेद सब सत्य विद्याओं का पुस्तक है। वेद का पढ़ना-पढ़ाना सुनना- सुनाना, सब आर्यों का परम धर्म है। आचार्य याज्ञिक ने कहा कि वेद के बिना न गति है और न ही मति है। पंडित भानु प्रकाश शास्त्री,भजनोपदेशक ने डूबतों को बचाने वाले, मेरी नैया है तेरे हवाले और आर्यों के तुम हो प्राण ऋषि दयानंद तुम्हारा क्या कहना आदि मधुर भजन प्रस्तुत किये। कार्यक्रम के दौरान विद्वानों को फूल- मालाओं और शॉल देकर सम्मानित किया गया । इस मौके पर भिन्न-भिन्न आर्य समाजों और डीएवी शिक्षण संस्थाओं से काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।
भारत विकास परिषद-2 की नई कार्यकारिणी घोषणा के साथ मनाई गई तीज
चंडीगढ़ । भारत विकास परिषद् शाखा 2 ने एक ओर जहां अपनी नई कार्यकारिणी की घोषणा की, वहीं दूसरी ओर तीज उत्सव को मनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन सामुदायिक केंद्र सेक्टर 19 में किया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्जवलित कर के की गई जिसके पश्चात नई कार्यकारिणी सदस्यों के नामों की घोषणा की गई जिसमें हरबिलास गुप्ता को अध्यक्ष, निधि गुप्ता को सचिव, शिवानी गौर को वित्त सचिव, मीनु कौशल को महिला प्रमुख, रीनु मेहंदीरत्ता को संस्कार प्रमुख, पुनीत अबरोल को संपर्क प्रमुख तथा परवेश गुप्ता को सेवा प्रमुख बनाया गया। भारत विकास परिषद, चंडीगढ़ प्रान्त के उच्च अधिकारी पीके शर्मा, भूपेंद्र कुमार, राकेश दत्ता, अनिल कौशल एवं निर्मल अग्रवाल की उपस्थिति में नये पदाधिकारियों ने आने वाले वर्ष के लिए शपथ ग्रहण की।

इस अवसर पर परिषद् की पूर्व-2 शाखा ने बच्चों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणामों के लिए प्रमाण पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया। वहीं दूसरी ओर भारत विकास परिषद ने तीज उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम में महिलाओं ने कविताएं, गिद्दा, बोलिया, डांस किया, जबकि बच्चों ने गिटार, बांसुरी के साथ मंच पर अपनी अपनी प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक सैक्रेटरी मनमोहन कालिया ने बताया कि भारत विकास परिषद एक सेवा-कम-संस्कार उन्मुख, गैर-राजनीतिक सामाजिक-सांस्कृतिक स्वैच्छिक संगठन है जो सांस्कृतिक, सामाजिक, शैक्षिक, नैतिक, राष्ट्रीय और आध्यात्मिक सभी क्षेत्रों में हमारे देश के विकास और प्रगति के लिए समर्पित है। इसका उद्देश्य देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना को बढ़ावा देना है।
गवर्नमेंट कॉलेज फ़ॉर बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन सेक्टर 50 के स्वच्छ भारत मिशन द्वारा एसबीआई के सहयोग से चलाया गया वृक्षारोपण अभियान
चंडीगढ़ (संवाद टाइम्स) । स्वच्छ भारत मिशन जीसीसीबीए सेक्टर 50 ने एसबीआई के साथ साझेदारी में वृक्षारोपण अभियान शुरू किया। डॉ. मंजीत कौर (प्रधानाचार्य) ने कॉलेज की व्यापक पर्यावरण रणनीति के हिस्से के रूप में चलाए जा रहे अभियान पर प्रकाश डाला। जिसमें वेस्ट मैनेजमेंट और जल संरक्षण शामिल है। कॉलेज ने पेड़ों की देखभाल और रखरखाव पर कार्यशालाएं भी आयोजित कीं और उन्होंने इस दिशा में पर्यावरण संरक्षण को लेकर उठाए जा रहे महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रशंसा की। पौधरोपण कार्यक्रम का उद्घाटन वरुण अबरोल शाखा प्रबंधक, एसबीआई सेक्टर-49 चंडीगढ़ और डॉ. मंजीत कौर (प्रधानाचार्य) ने किया। उन्होंने बेहतर वायु गुणवत्ता और बढ़ी हुई जैव विविधता सहित वृक्षारोपण के पर्यावरणीय लाभों पर जोर दिया। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. आरती कौशल नोडल अधिकारी एसबीएम जीसीसीबीए द्वारा किया गया। डॉ. अमरप्रीत एस सिजर (डीन), डॉ. वी मगेश (वीपी) और डॉ. अमरनाथ शर्मा (लाइब्रेरियन) ने एक हरियाली भरे परिसर के प्रयासों की सराहना की।
जर्मनी के साथ स्वास्थ्य सेवाओं व ऑटोमोबाइल में उद्योग बढ़ाएगा हरियाणा
मुख्यमंत्री नायब सैनी से मिले फ्रैंकफर्ट सिटी के सांसद
चंडीगढ़। हरियाणा व जर्मनी आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं व ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगे। हरियाणा व जर्मनी के उद्योगपतियों को जल्द ही एक मंच पर बिठाया जाएगा। इसी उद्देश्य के साथ जर्मनी के फ्रैंकफट सिटी के सांसद राहुल कुमार कंबोज के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ मुलाकात की। राहुल कुमार मूल रूप से हरियाणा के यमुनानगर जिले के रहने वाले हैं और जर्मनी में भारतीय मूल के लोगों की कई संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
राहुल के साथ जर्मनी से यहां आए हरियाणवी मूल के सौरभ भगत, कपिल कुमार, श्रवण कुमार ने मुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य तथा ऑटोमोबाइल क्षेत्र में व्यापारिक सांझ को बढ़ाने पर चर्चा की। राहुल कुमार कंबोज ने बताया कि हरियाणा इन दोनों क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जर्मनी के बहुत से उद्यमी इस क्षेत्र में भारत में पूंजी निवेश करके अपने उपक्रम लगाना चाहते हैं। इसी उद्देश्य के साथ अक्टूबर माह के दौरान उद्योगपतियों का एक शिष्टमंडल भारत दौरे पर चंडीगढ़ आएगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा में रेल व एयर कनेक्टिविटी वाले शहरों में औद्योगिक विकास की प्रबल संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने जर्मन प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद कहा कि राहुल कुमार कंबोज ने जर्मनी में हरियाणा का नाम रोशन किया है। हरियाणा सरकार विदेशी पूंजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की योजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्मन से आने वाले उद्योगपतियों की विभागीय अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक करवाई जाएगी। प्रदेश सरकार हरियाणा में निवेश की इच्छा रखने वाले उद्योगपतियों को हर संभव मदद करने के लिए तैयार है।
सपनों से निराशा और फिर नई ज़िंदगी तक: कलर्स का मेघा बरसेंगे
चंडीगढ़ । ऐसी दुनिया में जहां शादी की कसमें ज़िंदगी भर प्यार करने और साथ निभाने के वादों में गूंजती हैं, वहीं भारत में, कथित तौर पर 40,000 से ज़्यादा दुल्हनों के सपनों को ऐसे पतियों ने चकनाचूर किया है जिन्होंने प्यार का वादा किया था लेकिन पत्नियों को छोड़ कर उन्हें धोखा दिया। इस विश्वासघात की राख से किसी फ़ीनिक्स पक्षी की तरह उभरकर, कलर्स ने अपनी नई पेशकश ‘मेघा बरसेंगे’ के साथ ‘छोड़ी हुई औरत’ (दुल्हन परित्याग का मुद्दा) पर प्रकाश डालते हुए बदलाव की शुरुआत करने का प्रयास किया है। धोखे की पीड़ा से ग्रसित, एक नवविवाहित दुल्हन मेघा, जिसे उसके एनआरआई पति मनोज ने छोड़ दिया है, इस धोखे का बदला लेने और अपने परिवार की खोई हुई प्रतिष्ठा को फिर से हासिल करने की चुनौती का सामना करती है। अपनी मुश्किलों के बीच, मेघा को अर्जुन के रूप में एक अप्रत्याशित सहयोगी मिलता है, जो एक आईएएस अधिकारी है और मेघा के भगोड़े दूल्हे को सबक सिखाने के उसके अभियान में मदद करता है। भारी दिक्कतों के बावजूद, मेघा हर कठिनाई का दृढ़ता से सामना करती है, परित्यक्त दुल्हनों को चुप कराने वाली परंपराओं के ज्वार को चुनौती देती है, और अपने भगोड़े पति को भारत लौटने के लिए मजबूर करती है। एक नवविवाहित लड़की की हिम्मत की सराहना करते हुए? जो अपनी भाग्य निर्माता बन जाती है, यह नया शो एक दमदार संदेश देता है कि ज़िंदगी शादी के साथ शुरू या खत्म नहीं होती है। मेघा के रूप में नेहा राणा, अर्जुन के किरदार में नील भट्ट, और मनोज के रूप में किंशुक महाजन अभिनीत और परिन मल्टीमीडिया द्वारा निर्मित, ‘मेघा बरसेंगे’ का प्रीमियर 6 अगस्त को होगा, और उसके बाद हर दिन शाम 7 बजे केवल कलर्स पर प्रसारित होगा।
हलचल भरे शहर अमृतसर में, अपने मध्यम वर्गीय परिवार की खुशियों की किरण, मेघा इस बात से अनजान है कि उसके खुशहाल वैवाहिक जीवन के सपनों पर मुश्किलों के बादल छाने वाले हैं। राजकुमार के भेष में एक ठग, मनोज उसके फेयरीटेल रोमांस पर खतरा बन जाता है। प्यार में अंधी, मेघा उसके धोखे को नहीं देख पाती। उसकी शादी का खुशनुमा दिन, जल्द ही विश्वासघात के दुखद ड्रामा में बदल जाता है।
मेघा की भूमिका निभाने के लिए तैयार, नेहा राणा कहती हैं कि मेघा के सफर को निभाने का अनुभव बेहद संतोषजनक है, जो कभी काफी मासूम हुआ करती थी लेकिन अब ऐसी महिला बन गई है जो खुद को उन सभी चीज़ों पर सवाल उठाते हुए पाती है, जिन पर वह कभी विश्वास करती थी। मनोज की भूमिका निभाने को लेकर अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए किंशुक महाजन कहते हैं कि मेघा बरसेंगे में मनोज की भूमिका निभाने का अनुभव चुनौतीपूर्ण और आंखें खोलने वाला दोनों ही रहा है। एक अभिनेता के तौर पर, मैंने हमेशा अलग-अलग किरदार निभाने की कोशिश की है, लेकिन किसी मासूम दुल्हन के सपनों और भरोसे का फायदा उठाने वाले ठग की भूमिका निभाना, मेरे लिए खास तौर पर मुश्किल रहा है। मेरा किरदार दर्शकों को दुनिया की ऐसी काली सच्चाई से रूबरू कराता है जो दुर्भाग्य से हमारे समाज में मौजूद है। मनोज की हरकतें निंदनीय हैं, और मुझे उम्मीद है कि ऐसी चालें चलने के लिए जिस तरह से लोगों को भ्रमित किया जाता है, उसे देखकर दर्शक इन खतरों के प्रति सतर्क हो जाएंगे।
