चंडीगढ़ । प्रतिभा, लालित्य और महत्वाकांक्षा के शानदार प्रदर्शन में सेंट कबीर पब्लिक स्कूल सेक्टर 26 की बारहवीं कक्षा की स्टूडेंट सताक्षी खुराना ने “मिस टीनएजर इंडिया 2024” का ताज हासिल किया। यह समारोह जयपुर में आयोजित ‘स्टार मिस टीन इंडिया ब्यूटी पैजेंट’ में हुआ, जिसमें देशभर से 43 प्रतियोगियों ने अपनी सुंदरता और प्रतिभा कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में डायनामिक राउंड जिसमें इवनिंग गाउन, डांस, स्विमवीयर, नेशनल कॉस्ट्यूम, पर्सनल इंटरव्यू सहित प्रश्न उत्तर सेगमेंट शामिल थे। स्टार एंटरटेनमेंट द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम एक भव्य कार्यक्रम था। जिसमें भारत 24-विज़न ऑफ इंडिया मीडिया पार्टनर के रूप में काम कर रहा था। पेजेंट जगत में उनकी उपलब्धियों में टीजीपीसी की प्रतिभा (मई 2024) और कोकोबेरी दिवा तीसरी रनर अप (नवंबर 2023) जीतना भी शामिल है।
सताक्षी ने प्रतियोगिता के बारे में बताते हुए कहा कि मैंने इस मिस टीन इंडिया ब्यूटी पैजेंट के लिए दिसंबर 2023 में ऑडिशन दिया था। हालाँकि यह केवल 5 दिनों के लिए था, लेकिन मैंने कम से कम 6 महीने तक तैयारी की। मैंने एक व्यक्ति के रूप में खुद को निखारा। सताक्षी ने आगे कहा कि सौंदर्य प्रतियोगिता सुंदरता के बारे में नहीं है, बल्कि यह किसी के दिल की चेहरे की सुंदरता के बारे में है। सुंदरता भीतर से आती है। मैं निशा मैम और अपने माता पूजा खुराना -पिता नरिंदर खुराना की आभारी हूं, जिनकी सपोर्ट से वो इस खिताब को जीत सकी। सताक्षी ने बताया कि उनके पिता नरिंदर खुराना एक बिजनेसमैन और माता पूजा खुराना स्कूल टीचर है। सताक्षी ने कहा कि निशा लूथरा ने मुझे इसे जारी रखने का सुझाव दिया। सौंदर्य प्रतियोगिता मेरे लिए नेतृत्व की परिवर्तनकारी शक्ति की इस दुनिया को चित्रित करना है। नाश्ते से लेकर रात के खाने तक। वे हमारी जीवनशैली का निरीक्षण कर रहे थे। टैलेंट राउंड और व्यक्तिगत साक्षात्कार यह कुछ राउंड थे। मुझे प्रश्न और उत्तर राउंड बहुत पसंद आया। भविष्य के बारे में बात करते हुए सताक्षी ने कहा कि वो आने वाले समय विभिन्न ब्यूटी पैजेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी और जब वो 18 साल की हो जाऊंगी, तो वो फेमिना मिस इंडिया के लिए जाएंगी।
प्रश्न उत्तर राउंड में मुझसे मेरे रोल मॉडल के बारे में पूछा गया तो मेरा जवाब था कि आप किसी सेलेब या अपनी माँ का नाम नहीं ले सकते। मैंने खुद का नाम लिया। मैं हमेशा विकसित होने वाला व्यक्ति हूँ। वहीं द नरेटरस की संस्थापिका निशा लूथरा ने बताया कि नरेटरस परफॉर्मिंग आर्ट्स सोसाइटी इंडिया ने कविता, थिएटर, फिल्म और कला की मदद से युवा लोगों को आकार देने और निर्देशित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्टाक्षी खुराना ऐसे ही कला और रचनात्मकता के आदर्श उदाहरणों में से एक हैं। जब उनकी उम्र केवल 7 वर्ष थी, तब उनकी प्रतिभा और अंतर्निहित आत्म- विश्वास को उनके द्वारा पहचाना गया, जो नरेटरस परफॉर्मिंग आर्ट्स सोसाइटी इंडिया की संस्थापक निदेशक हैं। इसके बाद सताक्षी ने कई स्टेज शो, नाटकों और थिएटर में भाग लिया, और कविता उसके व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति और विस्तार बन गई। निष्ठा लूथरा ने आगे कहा कि पढ़ने की आदत युवा और उज्जवल दिमागों के लिए कितनी संभावनाओं को खोल सकती है। सताक्षी एक अत्यंत विकसित सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिनकी मासूमियत और आकर्षण हर किसी को प्रभावित करती है। वह विभिन्न प्लेटफार्मों जैसे सोशल मीडिया, स्टेज और प्रेस पर अपनी आवाज़ का उपयोग करती हैं। हाल ही में उन्होंने एक सहयोगात्मक प्रयास की स्थापना की, जिसमें वैवाहिक बलात्कार का मुद्दा उठाया गया, और एक छोटी कविता फिल्म में फीचर्ड हुईं, जिसमें आत्म-संतोष और खुशी को खोजने की बात की गई। सताक्षी ने मिस टीनेजर इंडिया का खिताब जीता, जिसमें उन्होंने अपनी आवाज़ को एक व्यापक मंच पर ले जाने की जिम्मेदारी संभाली, ताकि वह समाज की छिपी समस्याओं को और अधिक उजागर कर सकें।
सताक्षी खुराना के सर सजा “मिस टीनएजर इंडिया 2024” का टाइटल
मनोहर संभालेंगे अंत्योदय मिशन की कमान, देश में बनेंगे तीन करोड़ आवास
चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में ‘अंत्योदय मिशन’को आगे बढ़ाने का जिम्मा केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल को सौंपा। हरियाणा में ‘अंत्योदय मिशन’ की मिसाल कायम कर चुके मनोहर लाल ने अब देशभर में तीन करोड़ आवास बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ‘मनोहर अंत्योदय मिशन’से न केवल गरीबों के सिर पर छत का सपना पूरा होगा, बल्कि मध्यम वर्गीय परिवारों को भी आवास मुहैया करवाए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार केंद्र की ओर से राज्यों को प्रपोजल भेजने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
हरियाणा में बतौर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गरीबों के आवास के सपने को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना की शुरुआत की। योजना न केवल कारगर साबित हुई बल्कि तीन लाख से ज्यादा लोगों ने मकान के लिए पंजीकरण भी कराया। यही नहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 50 हजार से ज्यादा लोगों को अपना आवास मिला। अब केंद्रीय मंत्री के नाते मनोहर लाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम में महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। उनके पास ऊर्जा के साथ आवास एवं शहरी विकास का जिम्मा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल की पहली बैठक में गरीबों को आवास देने के एजेंडे को न केवल स्वीकृति दी गई बल्कि राज्यों से डिमांड मंगवाने का भी प्रपोजल तैयार किया गया। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंत्योदय मिशन के साथ गरीबों को आवास मुहैया करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उनका सौभाग्य है कि आवास का विभाग उनके पास है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से तीन करोड़ आवास बनाए जाएंगे, इनमें दो ग्रामीण और एक करोड़ शहरी क्षेत्र में प्रस्तावित हैं। अब राज्य सरकारों पर निर्भर करता है कि वे ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जगह चिहिन्त करें।
इनसीटू स्लम डेवलपमेंट के तहत 50 हजार करोड़ के आवास बने
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने संसद में एक सवाल के जवाब में बताया कि ‘इनसीटू स्लम डेवलपमेंट’ के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र के नेतृत्व में भाजपा सरकार द्वारा 50,000 करोड़ के आवास बनाकर दिए जा चुके हैं। राज्य सरकार झुग्गी-झोपड़ियों के लिए विस्तृत योजना बनाकर भेजे। मोदी सरकार अंत्योदय मिशन के तहत गरीबों को आवास मुहैया करवाएगी। भाजपा का लक्ष्य अंत्योदय, यानी गरीब को प्राथमिकता है।
यूपीए शासन काल में राजीव गांधी आवास योजना पर खर्च हुए 38 हजार करोड़
केंद्रीय मंत्री ने अंत्योदय मिशन के तहत विपक्ष को आइना दिखाते हुए स्पष्ट किया कि इनसीटू स्लम डेवलपमेंट योजना के अंतर्गत वर्ष 2004 से 2014 तक राजीव गांधी आवास योजना पर 38 हजार करोड़ खर्च हुई जबकि मोदी सरकार 50 हजार करोड़ के आवास बनाकर दे चुकी है। यही नहीं 80 लाख मकान वितरित भी किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य हाउसिंग फॉर आल है, इसके तहत मिशन को आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार झुग्गी-झोपड़ियों को डेवलप करने का प्रोजैक्ट बनाकर भेजें, केंद्र सरकार उसे तुरंत अमलीजामा पहनाएगी।
100 स्मार्ट सिटी प्रोजैक्ट के तहत इज आफ लीविंग बढ़ाने का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने आवास विभाग के तहत स्मार्ट सिटी प्रोजैक्ट के अंतर्गत 100 शहरों में टैक्नोलॉजी युक्त ईज ऑफ लिविंग को बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यही नहीं चंडीगढ़ में इंटीग्रेटड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। करनाल एवं फरीदबाद में भी ऐसे ही केंद्र स्थापित हुए हैं। आबादी वाले महानगरों का विशेष रणनीति तहत विकास किया जाएगा। जरूरतमंदों को आवास उपलब्ध करवाने के लिए 10 लाख करोड़ रुपये आने वाले 5 वर्षों में खर्च किए जाएंगे। 100 बड़े महानगरों में जलापूर्ति, सीवरेज ट्रीटमेंट एवं सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना तहत शहरों में विशेष हाट्स बाजार बनाए जाएंगे। 2022-23 में शहरी विकास का बजट 77 हजार 310 करोड़, 2023-24 में 69 हजार 271 करोड़ रुपए था और इस बार 82 हजार 577 करोड़ रुपए है।
सुदेश कटारिया, चीफ मीडिया को-आर्डिनेटर मुख्यमंत्री हरियाणा का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल में अंत्योदय मिशन के तहत गरीबों के उत्थान के लिए काम किया गया है। अब केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल को अंत्योदय मिशन को आगे बढ़ाने का जिम्मा सौंपा है। यह बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ-सबका विकास लक्ष्य को साधने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साढ़े 9 साल के कार्यकाल में उन्होंने हरियाणा में यह करके दिखाया है, जबकि पूर्व की सरकारों में क्षेत्रवाद, भाईभतीजावाद, पर्ची-खर्ची और भ्रष्टाचार चलता था। मगर मनोहर लाल ने इस परिपाटी को बदला।
सदाबहार फिल्मी गानों से सजी महफिल, कलाकार हुए सम्मानित
सावन के झूल पडे़, अब के बरस सावन में जैसे एक से बढ़कर एक कई सदाबहार गानों की प्रस्तुति देकर गायकों ने श्रोताओं का मन लिया मोह
चंडीगढ़ । जया गोयल सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा सावन मास के उपलक्ष्य पर सदाबहार गानों से सजी महफिल का आयोजन समाज सेवी व सोसाइटी की प्रेसिडेंट जया गोयल के नेतृत्व में मनीमाजरा के एक होटल में आयोजित किया गया। जिसमें ट्राईसिटी सहित पंजाब, हरियाणा से आए अव्यवसायिक गायकों ने हिस्सा लिया और एक से बढ़कर सदाबहार गानों को श्रोताओं को समक्ष प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। गायको ने लता मंगेशकर, किशोर कुमार, मो रफी, आशा भसोले जैसे प्रतिष्ठत गायकों द्वारा गाये गए गानों को अपनी आवाज में प्रस्तुत करने का एक बेहतर प्रयास किया। कार्यक्रम में 25 से अधिक अव्यवसायिक गायकों ने भाग लिया और इस कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर कर्नल (रिटायर्ड) सीएम शर्मा, कर्नल विक्रम सिंह तथा समाज सेवी प्रियंका राठौर ने शिरकत की। इस दौरान उनका स्वागत कार्यक्रम के आयोजक, समाज सेवी सोसायटी की प्रेसिडेंट जया गोयल, तथा सोसायटी के सदस्य उमेश कुमार गोयल व सुशील कुमार गोयल ने पुष्पगुच्छ देकर किया, जिसके उपरांत दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
समाजसेवी व सोसायटी की प्रेसिडेंट जया गोयल ने अपने प्रारम्भिक भाषण में सोसायटी द्वारा किए गए समाज कल्याण कार्यों का विवरण दिया और जया गोयल ने कार्यक्रम में आए सभी गणमान्य और श्रोतागणों का आभार जताया, उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए वे ओम सन्स और जेपी हेल्थकेयर का आभार प्रकट करती हैं। जया ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य अव्यवसायिक गायकों को मंच प्रदान करना था, ताकि वे अपने अंदर के छुपे हुनर को जगजाहिर कर सके। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में सदाबहार गानों को गाना प्रतिष्ठित गायकों को भावपूर्ण श्रद्धांजली देना भी था।
इस आयोजन में एक ओर जहां आंगनवाडी महिलाओं ने हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध लोक नृत्य नाटी दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत कर दर्शकों से खूब प्रशंसा बटोरी वहीं दूसरी ओर अव्यवसायिक गायकों द्वारा एक से बढ़कर एक सदाबहार फिल्मी गाने गाकर श्रोताओं का घंटों समां बांधा और खूब तालियां बटोरी। अव्यवसायिक गायकों में संजीत शर्मा व सुनीता धीमान ने मेघा रे मेघा रे, आर्यन कुमार ने आज मौसम बड़ा बेइमान है बड़ा, डॉ अनामिका ने अब के बरस सावन में; कर्नल विक्रम ने मेरे नैना सावन भादो,रानी सुमन ने मेरे कंठ बसो महारानी,डीपी शर्मा ने तू गंगा की मौज में,कंचन जैन ने जवां है मोहब्बत; संजय बख्शी ने तुम ने मुझे देखा, आर सी दास ने छल्लकाए जाम,करमवीर ने नखरे वाली,लिली गुप्ता ने जब छाए मेरा जादू,अशोक डोडा ने दिवाना लेके आया है, पुनीता वर्मा ने आगे भी जाने ने तू,वीना सोफ्त ने दिल में तुझे बसा के,कंचन भल्ला ने बहारों मेरा जीवन, साधना ने ओ सजना बरखा बहार,इंदू ने सावन के झूले पडे़, जैसे मधुर व सदाबहार गानों को गाकर श्रोताओं को दिल जीत लिया और उन्हें झूमने पर मजबूर कर दिया।
जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिये ’बिल्डिंग रेजिलेंस’ की दिशा में पॉलिसी और प्रेक्टिस को बनाये और प्रभावी: डा अमरपाल सिंह
चंडीगढ़ । आपदाओं और हयूमैन इमरजैंसियों जैसे स्थितियों के दौरान हम महसूस करते हैं कि जलवायु परिवर्तन क्लाईमेट चैंज के मुद्दे को संबोधित करने के लिये तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है जिससे की काम्युनिटी, कृषि, लोगों की आजीविका और देश की प्रगति पर होने वाले दुप्रभावों से भी निपटा जा सके। समय की मांग है निर्माण भवन से जुड़े संबंधित कार्यक्षेत्र के प्रोफेशनल्स सुनिश्चित करें की ‘बिल्डिंग रेजिलेंस’ की दिशा में पोलिसी और प्रेक्टिस को ओर अधिक प्रभावी बनाये । यह बात नोन रेन्यूऐबल सोर्स आफ ऐनर्जी विभाग के पूर्व एग्जीक्यूटिव निदेशक डा अमरपाल सिंह (आईएएस) ने रखी जो कि होटल माउटव्यू में ‘क्लाईमेट रेजिलेंस बिल्डिंग्स एंड काम्युनिटी’ पर अधारित सत्र और फोकस चंडीगढ़ चैप्टर के अनावरण अवसर पर कही। नवगठित मंच फोकस चंडीगढ़ के चेयरमेन आर्किटेक्ट गौरव ठुकराल ने बताया कि यह उपयोगिता सेवाओं का फोरम है जो सभी आर्किटेक्ट्स और इंजीनियरों के लिये जलवायु संवेदनशीलता की दिशा में काम करने लिये बनाया गया है। यह मंच भवन निर्माण से जुड़े प्रोफेशनल्स सस्टेनेबिलिटी, डिकार्बनाईजेशन और क्लाईमेट चेंज की दिशा मेे इस बैनर के तले अपना योगदान देंगें। इस अवसर पर फोकस ने एनपीसी, चितकारा युनिवर्सिटी, डब्ल्यूआईसीसीआई और एसआईई के साथ जलवायु परिवर्तन की दिशा में चार एमओयू पर हस्ताक्षर किये। कार्यक्रम के दौरान पंजाब की चीफ आर्किटेक्ट सपना प्रभाकर, चंडीगढ़ के चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया, लेह लद्दाख के चीफ इंजीनियर प्रदीप गुप्ता, सहित पीजीआई, गमाडा और पेडा के ऐनर्जी एक्सपर्ट्स ने संबंधित विषयों पर अपने विचार व्यक्त किये।
चैप्टर में इंजीनियर ईशांत महेन्द्रू को चेयरमेन जबकि जबकि अभिषेक सचिव के रुप में अपनी सेवायें देंगें जबकि इंजीनियर मनी खन्ना, मुकुल ग्रोवर, अमरदीप सिंह, हरमीत सिंह, विपिन चोपड़ा, प्रशांत मरवाहा, गरिमा गांधी, पवन कुमार, सुमनदीप सिंह, अरविंद महाजन, अमित शर्मा, गगन सहदेव, विजय शर्मा, डा शालोम अखाई को चैप्टर में स्थान दिया गया है।
अत्याधुनिक डेडिकेटेड फीटल मेडिसिन सेंटर का शुभारंभ हुआ
प्रीक्लेम्पसिया रोका जा सकता है:डॉ. पूनम गर्ग
चंडीगढ़ : मदरहुड हॉस्पिटल ने आज चंडीगढ़ में एक अत्याधुनिक डेडिकेटेड फीटल मेडिसिन सेंटर का शुभारंभ किया। सेंटर में फीटल मेडिसिन विशेषज्ञ योग्य प्रसव विशेषज्ञ हैं । वे न केवल किसी भी विकार का निदान करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट की तरह अल्ट्रासाउंड कर सकते हैं, बल्कि इन स्थितियों को रोक और इलाज भी कर सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप अधिक व्यापक और समन्वित देखभाल मदरहुड फीटल मेडिसिन सेंटर में एक ही छत के नीचे प्राप्त होती है । तीन दशकों के अनुभव के साथ इस क्षेत्र की प्रतिष्ठित प्रसव विशेषज्ञ डॉ. पूनम गर्ग के नेतृत्व में मदरहुड फीटल मेडिसिन सेंटर के विशेषज्ञों की टीम ने परिष्कृत तकनीक और उन्नत उपचार के माध्यम से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं में प्रीक्लेम्पसिया को सफलतापूर्वक रोका है, जिसके परिणामस्वरूप माँ और नवजात शिशु में जटिलताओं की रोकथाम हुई है। प्रीक्लेम्पसिया एक गंभीर बीमारी है जो लगभग 10 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करती है। यह मातृ रोगों जैसे दौरे, बहुअंग विफलता, लगातार उच्च रक्तचाप, इस्केमिक हृदय रोग और मस्तिष्क स्ट्रोक का कारण बनता है।
प्रीक्लेम्पसिया वाली मां से पैदा होने वाले शिशुओं में समय से पहले जन्म, जन्म के समय कम वजन, श्वास रोग का खतरा बढ़ जाता है और बाद में उनमें हृदय रोग और मधुमेह विकसित हो सकता है। डॉ. पूनम गर्ग ने बताया कि उन्होंने लगभग 500 गर्भवती महिलाओं की उनके पिछले प्रसूति इतिहास, उच्च रक्तचाप, मोटापा, मधुमेह, धूम्रपान आदि जैसे वर्तमान चिकित्सा कारकों के आधार पर जांच की और फिर परिष्कृत सॉफ्टवेयर से लैस उन्नत अल्ट्रासोनोग्राफी के माध्यम से प्रीक्लेम्पसिया विकसित होने के उनके जोखिम की गणना की। उच्च जोखिम वाली लगभग 40 महिलाओं की पहचान की गई और उन्हें उचित दवा दी गई व जीवन शैली में संशोधन की सलाह दी। इस इंटरवेंशन 40 में से 38 महिलाओं में प्रीक्लेम्पसिया विकसित नहीं हुआ, जिससे उन्हें और उनके बच्चों को कई दुष्प्रभाव के जोखिम से बचाया गया। भ्रूण चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. हरप्रीत कौर ने बताया कि केंद्र में परिष्कृत उपकरण हैं और आरएच आइसोइम्यूनाइजेशन, जुड़वां से जुड़वां आधान आदि जैसी स्थितियों के लिए उन्नत अंतर्गर्भाशयी प्रक्रियाएं प्रदान की जाती हैं। केंद्र ने विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ एक बहु-विषयक पेरिनेटल बोर्ड भी स्थापित किया है जो गर्भवती महिलाओं या नवजात शिशु से संबंधित जटिलताओं वाले किसी भी परिवार को व्यापक परामर्श प्रदान करता है।
सीपी दिल्ली के मशहूर काके दा होटल ने अमृतसर में खोला अपना नया रेस्टोरेंट
अमृतसर । अमृतसर अपने शानदार और खास स्वाद वाले खान पान के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है और अब शहर के स्वाद को दुगना करने के लिए काके दा होटल का नया आउटलेट भी अमृतसर में आ गया है। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के सामने काके दा होटल का नया रेस्टोरेंट खुला है । कनॉट प्लेस (सीपी) दिल्ली में कई दशकों से काके दा होटल लोगों को अपना अलग स्वाद दे रहा है और अब उसने उसी स्वाद को चखने के लिए अमृतसर में खाने के शौकीनों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं।
अमृतसर में नया रेस्टोरेंट खालसा कॉलेज के पास गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी स्कीम के सामने खुला है और शहर के दिल में होने के चलते लोगों के लिए यहां पर आना-जाना भी काफी आसान और सुविधाजनक है । अशोक काका चोपड़ा, तुषार चोपड़ा और अमृतसर आउटलेट के उनके फ्रैंचाइज़ी मालिक जसदीप सभरवाल ने अमृतसर में नए उद्घाटन के मौके पर मीडिया से खुलकर बातचीत की और इस नए आउटलेट की खासियतों के बारे में बताया।
अशोक काका चोपड़ा ने कहा कि “काके दा होटल सिर्फ एक रेस्तरां नहीं है, यह स्वाद और परंपरा की विरासत है जो पीढ़ियों से चली आ रही है। उन्होंने आगे कहा कि हमारा नया अमृतसर आउटलेट इस विरासत को अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे उन्हें हमारे मैन्यू का अनुभव करने का मौका मिलता है। हमारा खाना पसंद करने वाले लोगों के प्यार ने ही काके दा होटल का नाम घर-घर में मशहूर कर दिया है। तुषार चोपड़ा ने कहा कि कि अमृतसर आउटलेट का उद्घाटन पंजाब भर में हमारी मौजूदगी का विस्तार करने की हमारी योजना का हिस्सा है। अमृतसर में फिलहाल हमारे 3 आउटलेट्स हैं – जिनमें से एक रंजीत एवेन्यू में, एक जंडियाला (अमृतसर टोल हाईवे) में और एक नया खालसा कॉलेज के पास है, जहां हम आज मौजूद हैं। हम मोहाली, जालंधर, पटियाला और चंडीगढ़ में भी अपने आउटलेट खोल चुके हैं। काके दा होटल की खासियत 1930 के दशक के अपने शानदार और वही असली स्वाद को बनाए रखने की इसकी प्रतिबद्धता है। चिकन करी, दही वाला मीट, दाल मखनी, राड़ा चिकन और मीट, शाही पनीर आदि काके दा होटल के कुछ खास व्यंजन हैं। व्यंजन बनाने का तरीका ही काके दा होटल को अलग बनाता है।
रेस्टोरेंट में आज भी पारंपरिक अंदाज में खाना पकाने के तरीकों का इस्तेमाल जारी है। आज भी रेस्टोरेंट में तांबे की ‘हांडी’ और ‘पतीलों’ में व्यंजन तैयार किए जाते हैं, जिन्हें कोयले पर धीरे-धीरे पकाया जाता है। उदाहरण के लिए, दाल मखनी को इसके शानदार और खास स्वाद को तैयार करने के लिए तंदूर पर 12 घंटे से अधिक समय तक रात भर पकाया जाता है ।
अशोक काका चोपड़ा जिन्होंने अपने पिता द्वारा तय किए गए हाई स्टैंडर्ड्स को बनाए रखने के लिए अपने रेस्टोरेंट्स के व्यंजनों को और अधिक निखारने और बेहतर बनाने के लिए 42 वर्षों से अधिक का समय समर्पित किया है, ने कहा कि “कई रेस्टोरेंट आजकल लागत में कटौती पर ध्यान केंद्रित करते हैं, वहीं काके दा होटल ऐसा कुछ नहीं करता है। हम आज भी अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए काफी सारे व्यंजनों के स्वाद को पहले की तरह ही बनाए रखने और उसे बढ़ाने के लिए खास देसी घी का ही उपयोग करता है।
कवियित्री निशा लूथरा की हिंदी कविता पुस्तक ‘उन्स’ का हुआ विमोचन
चंडीगढ़ । शहर की जानी मानी कवियित्री निशा लूथरा, जो एक रंगमंच और फिल्म निर्देशक हैं और द नरेटर्स परफॉर्मिंग आर्ट्स सोसाइटी की संस्थापक-निदेशक भी हैं, द्वारा लिखित हिंदी कविता पुस्तक ‘उन्स’ का अलग अलग भाषाओं में विमोचन चंडीगढ़ में हुआ। ‘उन्स’ का विमोचन समारोह चंडीगढ़ के सेक्टर 10 स्थित गर्वनमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी के ऑडिटोरियम में कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी में किया गया। इस अनूठे विमोचन समारोह की शुरुआत निशांत द्वारा मंत्रमुग्ध कर देने वाले सितार वादन से हुई और उनके साथ तबले पर दिनेश कुमार ने संगत की। इस संगीतमयी प्रस्तुति ने इस अवसर को और अधिक आकर्षक बना दिया।
इस विमोचन का आयोजन समारोह द नरेटर्स परफॉर्मिंग आर्ट्स सोसाइटी द्वारा द ओम पुरी फाउंडेशन, मुंबई,चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी,पंजाबी लेखक सभा,हरियाणा साहित्य और संस्कृति अकादमी (उर्दू प्रकोष्ठ),द वाइज़ आउल और अभिषेक प्रकाशन द्वारा संयुक्त तौर पर किया गया था। मूल रूप से 2022 में प्रकाशित और जारी की गई, ‘उन्स’ का अनुवाद अब पंजाबी, उर्दू, असमिया, अंग्रेजी और फ्रेंच भाषाओं में किया गया है। ओम पुरी फाउंडेशन की संस्थापक नंदिता पुरी, जो एक पटकथा लेखक हैं और कई किताबें लिख चुकी हैं, ने इस मौके पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि निशा की हिंदी काव्य संग्रह ‘उन्स’ के 5 अलग-अलग भाषाओं में इन अनुवादों का विमोचन करते हुए मैंने सम्मानित महसूस किया । अलग अलग भाषाओं में प्रकाशित होने के बाद इस पुस्तक की पहुंच कई गुना बढ़ जाएगी। यह अवसर भाषाई और काव्य विविधता के समृद्ध ताने-बाने का उत्सव भी था, जिस पर भारत गर्व करता है।
निशा लूथरा ने कहा कि उन्स’ मेरी भावनाओं से युक्त मधुर लय का एक उदाहरण है। ‘उन्स’ का विमोचन 12 मार्च 2022 को हुआ था । जिसके बाद मुझे पंजाबी के महान कवि और लेखक स्वर्गीय सुरजीत पातर से मिलने का मौका मिला। उन्होंने मुझे ‘उन्स’ का पंजाबी अनुवाद शुरू करने के लिए प्रेरित किया। सौभाग्य से सभी अनुवादकों ने मेरी कविताओं को एक संवेदनशील ऊंचाई और उत्कृष्टता प्रदान की। पुस्तकों के पांच अनुवाद पूरे करने में हमें 2 साल लगे। इस मेहनत का परिणाम काफी अच्छा मिला है और यह आपके सामने है।विमोचन समारोह के दौरान पद्मश्री सुरजीत पातर को भी श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने ‘उन्स’ के पंजाबी अनुवाद के लिए प्रस्तावना लिखी थी , वह निशा लूथरा की कविता को काफी पसंद भी करते थे। लूथरा ने भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए पातर के प्रेरक शब्दों को याद किया: “एक पंजाबन को पंजाबी में भी लिखना चाहिए। निशा ने कहा कि पातर का प्रोत्साहन मेरी काव्य यात्रा में एक गाइडिंग लाइट के समान था।
इस मौके पर एक प्रमुख सेशन में ‘ट्रांसलेशन, ट्रांसफॉर्मेशन एंड ट्रांसक्रिप्शन’ पर एक प्रेरक चर्चा शामिल रही , जिसमें निशा लूथरा और उनके अनुवादकों की टीम ने अपने अपने गहन विचार व्यक्त किए। इनमें डॉ. चरणजीत सिंह जिन्होंने पंजाबी में ‘उन्स’ का अनुवाद किया, प्रो. अनवर अंजुम, जिन्होंने पुस्तक का उर्दू में अनुवाद किया,डॉ. रंजीत दत्ता जिन्होंने इसका असमिया में अनुवाद किया,सोनिया चौहान जिन्होंने अंग्रेजी अनुवाद किया, और रूपम सिंह जिन्होंने इस काव्य संग्रह का फ्रेंच में अनुवाद किया, शामिल थे। इस दौरान वहां मौजूद श्रोताओं ने ‘उन्स’ के मूल हिंदी किताब से ली गई कविताओं के पाठ के साथ-साथ सभी अनुवादों से कुछ चयनित कविताओं का आनंद भी लिया। कार्यक्रम में प्रतिष्ठित और जानी मानी हस्तियों ने भी हिस्सा लिया, जिनमें चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के चेयरमैन सुदेश शर्मा; पंजाबी लेखक सभा के प्रेसिडेंट बलकार सिद्धू, हरियाणा उर्दू साहित्य अकादमी के डायरेक्टर डॉ.चंद्र त्रिखा, द वाइज़ आउल की संस्थापक संपादक रचना सिंह और मोटिवेशनल स्पीकर विवेक अत्रे भी शामिल थे। इन सभी को द नरेटर्स परफॉर्मिंग आर्ट्स सोसाइटी, इंडिया के प्रेसिडेंट और ग्रिफ़िथ कॉलेज, आयरलैंड के डीन ऑफ़ एडमिशंस दीपक लूथरा ने सम्मानित किया।
ये शानदार साहित्यक शाम काव्यात्मक भावों की एक कल्चरल मोज़ेक थी, जिसमें गायक प्रेम मूर्ति द्वारा एक आकर्षक संगीतमय सेशन शामिल था, जिनके साथ प्रसिद्ध साउंड हीलर डॉ. अर्पित जोशी और जाने माने पियानोवादक अजय गुप्ता भी थे। समारोह के मास्टर्स ऑफ़ सेरेमनी राजेश अत्रे, भूपिंदर मलिक और निकाशा लूथरा थे जिन्होंने क्रमशः हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी में अपने दिलचस्प किस्सों और कविताओं के साथ मंच संभाला। उत्तर भारत के दस कवियों, जिनकी कविताओं को असम के लेडो पोएट्री कॉन्फ्रेंस में प्रकाशित असमीज़ कविता पत्रिका ‘कब्यध्वनि’में चुना गया था, को भी सम्मानित किया गया। पत्रिका के संपादक डॉ. रंजीत दत्ता और महासचिव जुगेश को भी सम्मानित किया गया। ‘उन्स’ का अलग अलग भाषाओं में विमोचन पूरे विश्व में सांस्कृतिक और भाषाई महामिलन का एक सौंदर्यपूर्ण उदाहरण था।
आदर्श बाल विद्यापीठ के प्रांगण से एक पेड़ भारतमाता के नाम अभियान की शुरुआत
चंडीगढ़ । जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन की ओर से अपने स्वतंत्रता दिवस को समर्पित एक पेड़ भारतमाता के नाम और ,हर घर तिरंगा,हर घर पौधा अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान के शुरुआत के अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों से फाउंडेशन के संस्थापक और भारतीय वायुसेना के पूर्व फ्लाइट इंजीनियर प्रभुनाथ शाही ने पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन को लेकर विस्तृत चर्चा की । विद्यार्थियों ने बहुत उत्तम विचार और सुझाव प्रस्तुत किये ।
विद्यालय परिसर में बच्चों ने ट्री एंबुलेंस को देखकर काफ़ी उत्साहपूर्वक गंभीर प्रश्न पूछे और पूरी जानकारी पाकर संतुष्ट हुए । इस कार्यक्रम में हरियावल पंजाब चंडीगढ़ के सह संयोजक राजीव गुप्ता मुख्य अतिथि,एडवोकेट अरुण वासुदेव और दीपक शर्मा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शुभलक्ष्मी ने सभी को पेड़ के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक बताया और जय मधुसुदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन तथा सभी अतिथियों का हृदय से धन्यवाद किया ।

एनजीओ श्री श्याम करुणा फाउंडेशन ने अपना 126वां अन्न भंडारा आयोजित किया
पंचकूला । गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) श्री श्याम करुणा फाउंडेशन के संस्थापक अमिताभ रूंगटा का कहना है कि लोगों को ‘भोजन की बर्बादी से बचने’ की आवश्यकता के बारे में जागरूक करना आवश्यक है। सामाजिक कार्यकर्ता रूंगटा ने कहा, “मुझे लगता है कि भोजन की बर्बादी एक बड़ा पाप है और लोगों को कभी भी अपनी थाली में भोजन नहीं छोड़ना चाहिए और उन्हें आखिरी निवाला भी खाना चाहिए। लोगों को उतना ही खाना चाहिए जितना जरूरी हो ।”
रूंगटा एनजीओ द्वारा पंचकूला के औद्योगिक क्षेत्र, फेज 1 में आयोजित 126वें ‘अन्न भंडारे’ के अवसर पर बोल रहे थे। रूंगटा ने कहा कि जरूरतमंदों को भोजन दान करना हिंदू धर्म के अनुसार महादान है। उन्होंने कहा कि लोगों को सामुदायिक रसोई आयोजित करने की संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना चाहिए। एनजीओ के स्वयंसेवक अनुपमा रूंगटा, चैतन्य रूंगटा, प्रगति, सुखपाल सिंह, सुरेश जांगड़ा ने भंडारे के आयोजन में सहयोग किया।
तनिष्क ने चंडीगढ़ में शुरू किया शानदार नया स्टोर
चंडीगढ़ । भारत का सबसे बड़ा ज्वेलरी रिटेल ब्रांड और टाटा समूह का एक हिस्सा, तनिष्क ने चंडीगढ़ के सेक्टर-17सी में नया शानदार स्टोर शुरू किया है। नए स्टोर का उद्घाटन टाइटन कंपनी लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सीके वेंकटरमण ने सुबह 11:30 बजे किया। नए स्टोर के खुलने की ख़ुशी अपने उपभोक्ताओं के साथ बांटते हुए तनिष्क ब्रांड की ओर से हर खरीदारी पर एक सोने का सिक्का फ्री में दिया जा रहा है। 9 से 11 अगस्त तक इस आकर्षक ऑफर का लाभ उठाया जा सकता है। चंडीगढ़ में नए तनिष्क स्टोर का पता – एससीओ 194, 195, ग़ज़ल रेस्टोरेंट के पास, ब्रिज मार्केट, 17सी, सेक्टर 17 है ।
11000 स्क्वायर फ़ीट के इस विशाल स्टोर में चार एक्सक्लूसिव ज़ोन फ्लोर बनाए गए हैं, जिनमें एक्सक्लूसिव वेडिंग ज़ोन और एक्सक्लूसिव हाई वैल्यू ज़ोन शामिल हैं। चमचमाते सोने, तेजस्वी हीरे, कुंदन और पोल्की में बने तनिष्क के एक से बढ़कर एक शानदार डिज़ाइन्स का बहुत बड़ा सिलेक्शन इस स्टोर में उपलब्ध कराया गया है। तनिष्क के नए चंडीगढ़ स्टोर में उपलब्ध हैं – सोने के आभूषणों का फेस्टिव कलेक्शन ‘धरोहर’ जिसे प्राचीन कलाओं से प्रेरित होकर बनाया गया है। आधुनिक, वज़न में हल्के आभूषणों का ‘स्ट्रिंग इट’ कलेक्शन, हर दिन पहने जा सकते हैं ऐसे बहुत ही खूबसूरत और बहुउपयोगी आभूषणों का ‘ग्लैमडेज़’ कलेक्शन भी यहां है। इस स्टोर में ‘रिवाह X तरुण तहिलयानी’ कलेक्शन उपलब्ध है जिसे रावा, फिलग्री, चांडक और इनेमल जैसे नाजुक कारीगरी टेक्निक्स और रंगीन स्टोन्स पिरोई के साथ आधुनिक दुल्हनों के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रकृति की अनोखी सुंदरता से प्रेरित होकर बनाया गया ‘एनचांटेड ट्रेल्स’ कलेक्शन भी यहां खरीद सकते हैं। इस स्टोर में ‘द स्पॉटलाइट एडिट’ कलेक्शन है, जिसमें प्राकृतिक हीरों से बने नेकलेसेस के 33 डिज़ाइन्स हैं। पुरुषों के लिए खास तौर पर बनाए गए आभूषणों का एक्सक्लूसिव कलेक्शन ‘अवीर’ भी यहां है। तनिष्क का वेडिंग ज्वेलरी सब ब्रांड ‘रिवाह’ के आभूषण भी यहां है। भारत भर के अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाओं की फैशन पसंद को मद्देनज़र रखते हुए ‘रिवाह’ के आभूषणों को बहुत ही सोच-समझकर बनाया गया है। आज ‘रिवाह’ शादी के लिए आभूषणों की खरीदारी का वन-स्टॉप डेस्टिनेशन बन चूका है।
तनिष्क के नॉर्थ के रीजनल बिज़नेस मैनेजर आशीष तिवारी ने कहा कि “चंडीगढ़ में हमारे नए स्टोर के उद्घाटन की घोषणा करते हुए हमें बहुत ख़ुशी हो रही है, ट्राई-सिटी में यह हमारा चौथा स्टोर है। भारत के सबसे पसंदीदा ज्वेलरी ब्रांड्स में से एक होने के नाते, तनिष्क अपने मूल्यवान उपभोक्ताओं को अतुलनीय सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हर प्रसंग के लिए संतुष्टि और ख़ुशी देने वाला खरीदारी का अनुभव और जो चाहिए वो सभी आभूषण एक ही जगह पर उपलब्ध होने की सुविधा प्रदान करने की तनिष्क परंपरा को जारी रखना हमारा लक्ष्य है। यह विस्तार हमारे सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव है। तनिष्क में हर उपभोक्ता की पसंद और ज़रूरत के, हर प्रसंग के लिए अनुरूप आभूषण हैं।
