पंचकूला । पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक एवं समाजसेवी अमिताभ रूंगटा ने कहा कि ट्रस्ट की ओर से आयोजित सभी अन्न भंडारों में सात्विक भोजन परोसने का विशेष ध्यान रखा जाता है। उन्होंने कहा कि सात्विक भोजन भारतीय परंपरा में शुद्धता, सादगी और संतुलित जीवनशैली का प्रतीक माना जाता है। ताजे फल, सब्जियां, दालें और अनाज जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों से तैयार भोजन शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करने, पाचन को बेहतर बनाए रखने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में सहायक होता है। इसी भावना के साथ पुरुषोत्तम दास रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया, फेज-1 में ट्रस्ट के 236 वें अन्न भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अमिताभ रूंगटा सहित स्वयंसेवकों ने लोगों को भोजन वितरित किया और सेवा, सहयोग तथा मानवता का संदेश दिया। अमिताभ रूंगटा ने कहा, “हमारा मानना है कि भोजन केवल भूख मिटाने का माध्यम नहीं, बल्कि शरीर को पोषण देने और सेवा भाव को मजबूत करने का भी जरिया है। जरूरतमंदों को स्वच्छ, पौष्टिक और सात्विक भोजन उपलब्ध कराना हमारी सेवा भावना का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों का उद्देश्य केवल परंपराओं का निर्वहन करना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करना भी है। ऐसे आयोजन लोगों को जरूरतमंदों की सहायता करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।

