2027 विधानसभा के लिए मिला हजारों महिलाओं ओर परिवारों का साथ
अमृतसर । रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर हलका उत्तरी में आयोजित अक्षय शर्मा का राखी महासम्मेलन महज भाई-बहन के स्नेह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सियासत के रंग भी साफ नजर आए। गोल्डन व्यू रिजॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम में हलका उत्तरी की हजारों महिलाएं और उनके परिवार पहुंचे। बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी ने इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में चर्चा में ला दिया। अक्षय शर्मा ने कार्यक्रम में पहुंची हजारों महिलाओं से राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। पूरे आयोजन के दौरान महिलाओं में उनके प्रति ऐसा अपनापन दिखाया कि हर कोई हैरान रह गया। कार्यक्रम में हलका उत्तरी के लिए बनाई गई 204 बूथ कमेटियों की महिला अध्यक्षों ने भी हिस्सा लिया। सभी बूथ कमेटियों की कमान महिलाओं को सौंपे जाने को भी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। महासम्मेलन का सबसे भावुक पहलू उन करीब 356 महिलाओं की मौजूदगी रही, जिन्होंने नशे के कारण अपने पिता, पुत्र या भाई को खोया है। इन महिलाओं ने अक्षय शर्मा को अपना भाई मानते हुए उन्हें राखी बांधी। बताया गया कि अक्षय शर्मा लंबे समय से इन परिवारों के संपर्क में हैं और उनकी मदद करते आ रहे हैं। अक्षय शर्मा ने कहा कि उन्हें आज दो तरह की भावनाएं महसूस हो रही हैं।

खुशी इस बात की है कि हजारों बहनों ने उन पर विश्वास जताते हुए उन्हें रक्षा सूत्र बांधा, लेकिन दूसरी ओर उन्हें इस बात का दुख है कि आज भी हलका उत्तरी में कई परिवार रोटी और बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि लोगों की परिस्थितियों को बदलना है। उनका सपना है कि 2027 के बाद हलका उत्तरी की तस्वीर ऐसी बदले, जहां लोग मजबूर नहीं बल्कि मजबूत हों। अक्षय शर्मा ने कहा कि हलका उत्तरी के कई हिस्सों में लोग गरीबी और बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीबी कोई स्थायी मजबूरी नहीं, बल्कि परिस्थितियों का परिणाम है और इन परिस्थितियों को बदला जा सकता है। इसके लिए युवा नेतृत्व को आगे आकर जिम्मेदारी संभालनी होगी। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों के आशीर्वाद से ही युवा नेतृत्व मजबूत होता है। यदि जनता ने उन्हें अवसर दिया तो वे विधानसभा की सीढ़ियां चढ़कर हलका उत्तरी के लोगों के लिए उन परिस्थितियों को बदलने का प्रयास करेंगे, जिनके कारण आज भी कई परिवार मजबूरी में जीवन जी रहे हैं। राखी महासम्मेलन में उमड़ी भीड़ को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक महिलाओं के पहुंचने का दावा किया गया। ऐसे में राखी के धागों के बीच अक्षय शर्मा ने जहां अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक ताकत का संदेश दिया, वहीं महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने हलका उत्तरी की आगामी चुनावी तस्वीर को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। अक्षय शर्मा ने कहा कि वे केवल चुनाव के समय लोगों के बीच दिखाई देने वाले नेता नहीं बनना चाहते। उनका प्रयास है कि लोगों के साथ उनका रिश्ता चुनाव से आगे भी कायम रहे। उन्होंने कहा कि आज वे बहनों से राखी का धागा ही नहीं, बल्कि उनका विश्वास और आशीर्वाद लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

