Sunday, April 19, 2026
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जीसीसी स्कूल और पीयूसीए ने आयोजित की चण्डीगढ़ लीडरशिप मीट,कॉमर्स की शिक्षा को नया आयाम देने की तैयारी

चंडीगढ़ । केसी ग्लोबऐड की एक पहल जीसीसी स्कूल ने पंजाब अनएडेड कॉलेजेज़ एसोसिएशन (पीयूसीए) के सहयोग से पीएचडी चैम्बर, चण्डीगढ़ में एक प्रेस सम्मेलन का आयोजन किया, जिसका विषय था ‘फ्रॉम कैंपस टू कॉर्पोरेटः क्रिएटिंग ग्लोबल फाइनैंशियल लीडर्स’। यह सम्मेलन अकादमिक, सरकार एवं उद्योग जगत के मुख्य प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाया।प्रेस सम्मेलन के बाद शाम को एक लीडरशिप मीट आयोजित की गई, जहां पंजाब सरकार के माननीय वित्त मंत्री श्री एस. हरपाल सिंह चीमा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अकादमिक एवं उद्योग जगत के बीच आपसी सहयोग के द्वारा कॉमर्स ग्रेजुएट्स के लिए करियर के विश्वस्तरीय मार्ग प्रशस्त करने पर अर्थपूर्ण चर्चा को बढ़ावा देना था। कॉमर्स के 15 से अधिक अध्यापकों को क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए माननीय मंत्री एस.हरपाल सिंह चीमा द्वारा सम्मानित किया गया, इस अवसर पर पंजाब से 100 से अधिक अकादमिक लीडरों ने भी हिस्सा लिया। जीसीसी स्कूल डॉ. कमल छाबड़ा के दिमाग की उपज है, जो इंटरनेशनल फाइनैंस शिक्षा के जाने-माने नाम तथा केसी ग्लोबऐड के संस्थापक एवं सीईओ हैं। जीसीसी स्कूल के साथ डॉ छाबड़ा ने इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए ऐसा मार्ग प्रशस्त किया है जो शिक्षा को सीधे ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटरों एवं मल्टीनेशनल संगठनों में रोज़गार के अवसरों के साथ जोड़ता है। इस अवसर पर डॉ कमल छाबड़ा, संस्थापक एवं सीईओ, जीसीसी स्कूल और केसी ग्लोबऐड ने कहा, ‘‘वर्तमान में पंजाब का जीडीपी तकरीबन 110 बिलियन डॉलर हे, जो 6-7 फीसदी सालाना दर से बढ़ रहा है और प्रति व्यक्ति आय तकरीबन रु 2.3 लाख सालाना है। भारत जैसे देश ने अपने जीसीसी सेंटरों का पैमाना काफी बढ़ाया है- देश में 1850 सेंटर हैं, जो 2.6 मिलियन लोगों को रोज़गार देते हैं तथा तकरीबन 65 बिलियन डॉलर का योगदान देते हैं। वहीं पंजाब में केवल 5-7 जीसीसी, 1000 से कम कर्मचारी हैं और राज्य के जीडीपी में योगदान 200 मिलियन से भी कम है। ऐसे में पंजाब में 10,000 से अधिक नौकरियां उत्पन्न कर इस अंतर को दूर करना तथा राज्य की जीडीपी को मजबूत बनाने के लिए तकरीबन 2 बिलियन डॉलर का सालाना योगदान ज़रूरी है, जो खासतौर पर फाइनैंस, अकाउन्ट्स, ऑडिट एवं टैक्स जैसे सेक्टरों के विकास से संभव है। ‘‘केसी ग्लोबऐड में हमने छात्रों को सर्टिफिकेट्स जैसे यूएस सीपीए, यूएस सीएमए, यूएस ईए और यूके एसीसीए के माध्यम से ग्लोबल फाइनैंस रोल्स के लिए प्रशिक्षण देना शुरू किया। हालांकि जल्द ही हमें यह बात समझ आ गई कि सिर्फ प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है- प्रतिभाशाली युवाओं को कॉर्पोरेट जगत के अवसरों के साथ जोड़ना बेहद ज़रूरी है। इसी सोच के साथ जीसीसी स्कूल का गठन हुआ और हमारी सोच ‘पहले नौकरी पाएं और फिर प्रशिक्षण’ – ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर मॉडल को शिक्षा में शामिल करती है। यहां छात्रों का चुनाव कर उन्हें नौकरी पर रखा जाता है और इसके बाद उद्योग जगत की ज़रूरतों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है- उन्हें भारत में काम करते हुए ग्लोबल रोल्स की नौकरियों के लिए तैयार किया जाता है। यह वास्तव में अपनी तरह का अनूठा मॉडल है।’’ डॉ छाबड़ा ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा।प्रोफेसर (डॉ) मनप्रीत एस. मन्ना, एक्ज़क्टिव डायरेक्टर, जीसीसी स्कूल एवं पूर्व निदेशक एआईसीटीई ने मॉडल के उद्योग-उन्मुख दृष्टिकोण पर बात करते हुए कहा, ‘‘जीसीसी स्कूल का निर्माण उद्योग जगत की वास्तविक उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए किया गया है- जो नेशनल फाइनैंस एंट्रैंस टेस्ट से लेकर असेसमेन्ट एवं इंडस्ट्री इंटरैक्शन तक-एप्टीट्यूड और रैडीनैस दोनों को सुनिश्चित करता है। विश्वस्तरीय लर्निंग जैसे यूके एसीसीए पाठ्यक्रम और ब्रिटिश काउन्सिल के साथ कम्युनिकेशन ट्रेनिंग के द्वारा परिणामों पर ध्यान केन्द्रित किया जाता है, जिससे छात्रों को रु 10 लाख सालाना तक की नौकरियां मिल रही हैं।’’ उन्होंने यह भी बताया कि यही समेकित दृष्टिकोण उद्योग जगत के अनुरूप पाठ्यक्रम के ज़रिए ग्रेजुएट्स को बड़ी फर्मों और एमएनसी में काम करने के लिए तैयार करता है।अकादमिक प्रणाली का प्रतिनिधित्व करते हुए श्री अंशु कटारिया, प्रेज़ीडेन्ट, पीयूसीए एवं चेयरमैन, आर्या ग्रुप ऑफ कॉलेजेज़ ने कहा, ‘‘आज के कॉलेज छात्रों में करियर के परिणामों को बेहतर बनाने पर ध्यान देते हैं और इस तरह की साझेदारियां विश्वस्तरीय अवसरों के मार्ग खोलती हैं। पीयूसीए के लिए खुशी की बात है कि इसे जीसीसी स्कूल के साथ साझेदारी का अवसर मिला है। इस तरह के प्रयास दर्शाते हैं कि कैसे अकादमिक एवं उद्योग जगत एक साथ मिलकर छात्रों पर अनुकूल प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं।’’सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों में केसी ग्लोबऐड के संस्थापक एवं सीईओ डॉ कमल छाबड़ा, जीसीसी स्कूल के एक्ज़क्टिव डायरेक्टर और एआईसीटीई के पूर्व निदेशक प्रो. (डॉ.) मनप्रीत एस. मन्ना, पीयूसीए के अध्यक्ष और आर्य ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेज़ के चेयरमैन श्री अंशु कटारिया, त्रिपुरा भवन, नई दिल्ली की रेजिडेंट कमिश्नर श्रीमती सोनल गोयल (आईएएस), और चंडीगढ़ व पंजाब के वरिष्ठ शिक्षाविद, संस्थागत प्रमुख और युवा फाइनेंस के इच्छुक उम्मीदवार भी शामिल रहे। चर्चा का समापन इस दृष्टिकोण के साथ हुआ कि भारत में कॉमर्स की शिक्षा अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। ग्लोबल फाइनैंस रोल्स में विस्तार के साथ उम्मीदारों की तैयारी पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है, ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ तालमेल बनाए रखते हुए पेशेवर माहौल का शुरुआती अनुभव प्रदान किया जाए।

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