आईआईएसईआर मोहाली के दो दिवसीय 20वें फाउंडेशन डे समारोह का समापन, विज्ञान, इनोवेशन, पब्लिक इंगेजमेंट और सहयोग पर जोर
मोहाली। जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) से निपटने के लिए केवल वैज्ञानिक और तकनीकी समाधान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इसमें समाज की सार्थक भागीदारी, संवाद और सामूहिक प्रयास भी जरूरी हैं। यह बात इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) शेखर सी. मंडे ने आईआईएसईआर मोहाली में आयोजित 20वें फाउंडेशन डे लेक्चर के दौरान कही। उन्होंने ‘क्लाइमेट चेंज – कनेक्टिंग साइंस विद सोसाइटी’ विषय पर व्याख्यान दिया। क्लाइमेट चेंज से निपटने की बढ़ती जरूरत पर बात करते हुए प्रो. मांडे ने कहा कि विज्ञान हमें बदलती जलवायु को समझने, उससे जुड़े जोखिमों का आकलन करने और उनके संभावित प्रभावों को जानने के लिए जरूरी जानकारी देता है। हालांकि, केवल वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि समाज और समुदाय इन चुनौतियों का सामना कैसे करें। उन्होंने कहा कि चुनौती केवल वैज्ञानिक ज्ञान तैयार करने की नहीं, बल्कि उसे लोगों से सार्थक संवाद के जरिए जोड़ने की भी है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में सामने आई जलवायु संबंधी आपदाएं इस चुनौती की गंभीरता को सामने लाती हैं। नेपाल में ग्लेशियर के ढहने और ध्रुवीय क्षेत्रों में लगातार बर्फ पिघलने जैसी घटनाएं जलवायु परिवर्तन के व्यापक प्रभावों की याद दिलाती हैं। प्रो. मंडे ने कहा कि पब्लिक एंगेजमेंट केवल एकतरफा संवाद नहीं होना चाहिए, जिसमें वैज्ञानिक जानकारी लोगों तक पहुंचा दी जाए। इसमें लोगों की बात और उनके अनुभवों को सुनना, उनकी चिंताओं को समझना, विश्वास कायम करना और ऐसे फैसलों में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना शामिल होना चाहिए, जिनका असर उनके जीवन और भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में क्लाइमेट लिटरेसी को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों को क्षेत्रीय भाषाओं और रोजमर्रा के जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से समझाने की जरूरत है। इस अवसर पर आईआईएसईआर मोहाली की एनुअल रिपोर्ट 2025-26 और ‘आईआईएसईआर मोहाली: अ ट्वेंटी-ईयर जर्नी (2006-2026)’ नामक स्मारिका का विमोचन मुख्य अतिथि प्रो. शेखर मांडे ने किया। इस अवसर पर पंजाब सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी एंड एनवायरनमेंट के सेक्रेटरी एवं आईएएस अधिकारी कमल किशोर यादव और आईआईएसईआर मोहाली के डायरेक्टर अनिल के. त्रिपाठी मौजूद रहे। समारोह के दौरान केमिकल साइंस विभाग की साक्षी और मैथेमेटिक्स विभाग के अनिरुद्ध मिश्रा को पहला डॉ. मनमोहन सिंह फेलोशिप से सम्मानित किया गया। इससे पहले दिन में प्रो. शेखर मंडे ने आईआईएसईआर मोहाली कैंपस में इनोवेशन लैब और पंजाब आधारित मौसम वेबसाइट काका उद्घाटन भी किया।


