Wednesday, March 11, 2026
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डॉ विवेक पुरी ने किया धन्यवाद व्यक्त

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चंडीगढ़ । डॉ. विवेक पुरी, चितकारा स्कूल ऑफ फार्मेसी, चितकारा यूनिवर्सिटी, हिमाचल प्रदेश, भारत में एसोसिएट प्रोफेसर, को एल्सेवियर द्वारा स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के सहयोग से जारी नवीनतम रैंकिंग 2025 में वैश्विक स्तर पर शीर्ष 2% अनुसंधान वैज्ञानिकों में मान्यता प्राप्त हुई है। यह मान्यता उनके निरंतर विद्वानों के प्रभाव, उच्च उद्धरण प्रदर्शन और फार्मास्युटिकल विज्ञान और फार्माकोलॉजी, मेडिसिनल केमिस्ट्री और ट्रांसलेशनल रिसर्च में अंतःविषय योगदान को दर्शाती है। यह सम्मान उनके विपुल प्रकाशन रिकॉर्ड, मजबूत सहयोग नेटवर्क और साक्ष्य-आधारित अभ्यास पर निरंतर प्रभाव को रेखांकित करता है, साथ ही चितकारा विश्वविद्यालय के अनुसंधान उत्कृष्टता और अंतर्राष्ट्रीय विद्वानों की जुड़ाव पर रणनीतिक जोर को मजबूत करता है। डॉ. पुरी ने डॉ. अशोक चितकारा, कुलाधिपति; डॉ. मधु चितकारा, प्रो कुलाधिपति; डॉ. राजनिश शर्मा, कुलपति और डॉ. नितिन वर्मा, प्रिंसिपल चितकारा विश्वविद्यालय को उनके अटूट समर्थन और प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ।

लिवासा हॉस्पिटल्स ने अनुराग यादव को मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया

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मोहाली । इंडिया रिसर्जेंस फंड (इंडियाआरएफ) द्वारा समर्थित, पंजाब में मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों की एक अग्रणी श्रृंखला, लिवासा हॉस्पिटल्स (पूर्व में आइवी हॉस्पिटल्स) ने आज अनुराग यादव को अपना मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने की घोषणा की। यादव अपने साथ तीन दशकों से अधिक का पेशेवर अनुभव लेकर आए हैं, जिसमें भारत के कुछ सबसे प्रतिष्ठित अस्पताल नेटवर्क में वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिकाओं में दो दशकों से अधिक का अनुभव शामिल है। लिवासा हॉस्पिटल्स में शामिल होने से पहले, उन्होंने ग्लेनीगल्स हेल्थकेयर इंडिया के सीईओ के रूप में कार्य किया और मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज, फोर्टिस हेल्थकेयर और सकरा वर्ल्ड हॉस्पिटल में प्रमुख कार्यकारी पदों पर कार्य किया। भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट्स संस्थान के फेलो सदस्य और आईएसबी के पूर्व छात्र, यादव ने परिचालन उत्कृष्टता को बढ़ावा देने, संचालन का विस्तार करने, खरीद और रसद को अनुकूलित करने और रोगी-केंद्रित प्रणालियों के निर्माण में एक मजबूत प्रतिष्ठा अर्जित की है। उनका नेतृत्व लिवासा हॉस्पिटल्स को विकास के अगले चरण में ले जाएगा, जो नेटवर्क विस्तार, बेहतर नैदानिक ​​परिणामों, नवाचारों और बेहतर रोगी अनुभव पर केंद्रित होगा।

अपनी नियुक्ति पर टिप्पणी करते हुए, लिवासा हॉस्पिटल्स के सीईओ, अनुराग यादव ने कहा: “मैं इस यात्रा में शामिल होने और प्रतिभाशाली टीम के साथ मिलकर रोगी परिणामों को बेहतर बनाने, हमारी पहुँच का विस्तार करने और लिवासा को स्वास्थ्य सेवा उत्कृष्टता में एक मानक के रूप में स्थापित करने के लिए उत्साहित हूँ, जिसमें सामुदायिक कल्याण और सभी हितधारकों के लिए स्थायी मूल्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इंडियाआरएफ के प्रबंध निदेशक, शांतनु नलवाडी ने कहा कि हमें सीईओ के रूप में अनुराग यादव का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। उनका सिद्ध नेतृत्व और गहन उद्योग विशेषज्ञता लिवासा हॉस्पिटल्स के विकास के अगले अध्याय को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, साथ ही ईमानदार, सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के उनके मिशन को आगे बढ़ाएगी। इस नेतृत्व परिवर्तन के साथ, लिवासा हॉस्पिटल्स अपनी सेवाओं को मज़बूत करने और पूरे क्षेत्र में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा को सुलभ बनाने के अपने दृष्टिकोण को जारी रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। उनका लक्ष्य नवाचार, करुणा और अखंडता के साथ उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है,उन्नत तकनीक और समर्पित, रोगी-प्रथम दृष्टिकोण के माध्यम से नैदानिक ​​परिणामों में सुधार पर ध्यान केंद्रित करना है।

सीपी67 मॉल में पहली बार सुपरकार शोकेस, फरारी-लैम्बॉर्गिनी ने खींची भीड़

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मोहाली । ट्राईसिटी में लग्ज़री और स्पीड का अनोखा संगम देखने को मिला। सीपी67 मॉल में पहली बार ‘ओरिजिन्स ऑफ़ स्पीड – एरेना’ सुपरकार शोकेस का आयोजन हुआ। सुपरकार्स ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के सहयोग से हुए इस इवेंट ने लोगों को ऑटोमोबाइल और लाइफ़स्टाइल का रोमांचक अनुभव दिया। मॉल के चारों ओर की सड़कें तब गूंज उठीं जब फरारी, लैम्बॉर्गिनी, पोर्शे और मॅकलेरन जैसी सुपरकार्स ने शानदार एंट्री की। शहर ही नहीं, आसपास से भी भारी संख्या में लोग इस नज़ारे को देखने पहुंचे। शो के दौरान लाइव स्टंट परफ़ॉर्मेंस और एडवेंचर डेमो ने दर्शकों का जोश और बढ़ा दिया।

होमलैंड ग्रुप के सीईओ उमंग जिंदल ने कहा कि सीपी67 में ‘ओरिजिन्स ऑफ़ स्पीड – एरेना’ जैसे आयोजन की मेज़बानी करना हमारे लिए गर्व की बात है। हमने एसईपीएच के साथ मिलकर यहां क्षेत्र की सबसे बेहतरीन और दुर्लभ कारें पेश कीं। हमारा लक्ष्य है कि हर विज़िट यहां आने वालों के लिए यादगार बने। यह आयोजन सिर्फ़ कार शो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक लाइफ़स्टाइल फेस्टिवल जैसा बन गया। कार मालिक, शौक़ीन और आम लोग—सभी इस शानदार माहौल का हिस्सा बने।

एक ही छत के नीचे देशभर की साड़ियां और डिजाइनर कलेक्शन: नेशनल सिल्क एक्सपो में करें फेस्टिवल शॉपिंग 50% तक छूट के साथ

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त्योहारी शॉपिंग का संगम: नेशनल सिल्क एक्सपो चंडीगढ़ के हिमाचल भवन में शुरू

चंडीगढ़। करवा चौथ और नवरात्रि की तैयारियों के बीच ट्राईसिटी के लोगों के लिए इस बार खुशियां दोगुनी होने वाली हैं। चंडीगढ़ के हिमाचल भवन, सेक्टर-28बी में नेशनल सिल्क एक्सपो का शुभारंभ हो चुका है। यह छह दिवसीय प्रदर्शनी 24 से 29 सितम्बर तक चलेगी और यहां भारत की विविधता, परंपरा और फैशन का अद्भुत संगम एक ही छत के नीचे देखने को मिलेगा। इस एक्सपो की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां राजस्थान का बंधेज, कोलकाता की तांत, बनारस का सिल्क, कांजीवरम की पारंपरिक बुनाई और अन्य भारतीय कला शैलियां एक साथ मौजूद हैं। प्रदर्शनी में सिल्क और कॉटन साड़ियां, कुर्तियां, फैशन ज्वेलरी, डिजाइनर ड्रेस, होम लिनन और एथनिक ड्रेसेज विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। महिलाएं यहां से करवा चौथ की पारंपरिक साड़ी, नवरात्रि की गरबा ड्रेस या त्योहारों के लिए खास डिजाइनर परिधान खरीद सकती हैं। ग्रामिण हस्तकला विकास समिति के आयोजक जयेश कुमार ने बताया कि आज जब अधिकांश बुनकर बिचौलियों और बाजार की बढ़ती हुई असमानताओं के बीच अपनी कला बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, नेशनल सिल्क एक्सपो उन्हें एक ऐसा मंच देता है जहां वे सीधे ग्राहकों तक पहुंचकर अपने श्रम का सही मूल्य पा सकें।

ग्राहकों के लिए इसका अर्थ है कि उन्हें यहां मौलिक, प्रामाणिक और उच्च गुणवत्ता के उत्पाद सही दामों पर उपलब्ध हो रहे हैं। साथ ही यह भी कि उनकी हर खरीद से किसी बुनकर परिवार की आजीविका को सीधा सहारा मिलता है। नेशनल सिल्क एक्सपो में 250 से अधिक मास्टर वीवर और नामी डिजाइनर हिस्सा ले रहे हैं। यहां आगंतुकों को सीधे बुनकरों से सामान खरीदने का अवसर मिलेगा। इसका फायदा यह है कि ग्राहकों को मौलिक डिजाइन और उच्च गुणवत्ता के साथ-साथ सही दामों पर प्रामाणिक उत्पाद मिल रहे हैं। त्योहारी खरीदारी को और आकर्षक बनाने के लिए आयोजकों ने इस बार 50% तक की विशेष छूट देने की घोषणा की है। बनारसी सिल्क से लेकर बंगाल की तांत और दक्षिण भारत की कांजीवरम साड़ियां यहां बेहद किफायती दामों पर उपलब्ध हैं। यही नहीं, फैशन ज्वेलरी और एथनिक ड्रेस मटीरियल भी ग्राहकों को बड़े डिस्काउंट पर मिल रहे हैं। नेशनल सिल्क एक्सपो सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा का उत्सव है। यह शॉपिंग को एक यादगार अनुभव में बदल देता है, जहां हर कोई अपनी पसंद और बजट के मुताबिक त्योहारों की तैयारियों को खास बना सकता है। करवा चौथ और नवरात्रि के इस शुभ अवसर पर यह एक्सपो चंडीगढ़ वासियों के लिए फैशन और परंपरा का एक अद्भुत संगम साबित हो रहा है। तो देर किस बात की, आइए और इस अनोखी प्रदर्शनी का हिस्सा बनकर त्योहारों की खरीदारी का पूरा आनंद उठाइए। प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से रात 9:00 बजे तक निःशुल्क प्रवेश के साथ खुली रहेगी।

नाइपर मोहाली करेगा शिक्षा महाकुंभ अभियान-2025 के 5वें संस्करण की मेजबानी, 31 अक्टूबर से होगा आयोजन

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चंडीगढ़ । शिक्षा महाकुंभ अभियान-2025 के अंतर्गत पाँचवाँ संस्करण 31 अक्तूबर से 2 नवम्बर 2025 तक नाइपर, मोहाली में आयोजित किया जाएगा। इस बार का विषय होगा – “क्लासरूम टू सोसाइटी: बिल्डिंग अ हेल्थियर वर्ल्ड थ्रू एजुकेशन”। इस सम्मेलन में अकादमिक जगत, शोध, उद्योग और नीति निर्माण से जुड़े अग्रणी व्यक्तित्व एक साथ आएँगे और भारत में शिक्षा के भविष्य को नए दृष्टिकोण से परिभाषित करेंगे। इससे पूर्व शिक्षा महाकुंभ के चार संस्करण क्रमशः एनआईटी जालंधर, एनआईटी कुरुक्षेत्र, एनआईटी श्रीनगर और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। प्रत्येक संस्करण के साथ इसमें अकादमिक जगत, उद्योग और शोधकर्ताओं की भागीदारी लगातार बढ़ती रही है। शोध पत्रों की संख्या और प्रोजेक्ट प्रस्तुतियाँ हर वर्ष निरंतर बढ़ रही हैं। चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, नाइपर मोहाली के डायरेक्टर प्रो. दुलाल पांडा ने कहा कि शिक्षा महाकुंभ अभियान 2025 शिक्षा की सोच को समाज की जरूरतों के साथ जोड़ने वाला एक सशक्त मंच होगा। नाइपर में हमारा दृढ़ विश्वास है कि शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि एक स्वस्थ और अधिक सशक्त दुनिया के निर्माण में योगदान करना चाहिए। हमारे कैंपस में इस संस्करण की मेजबानी करना गर्व की बात है और हम वैश्विक सहयोग और ठोस परिणामों की अपेक्षा करते हैं। चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी, भिवानी की वाइस चांसलर एवं विद्या भारती नॉर्थ ज़ोन की वाइस प्रेसिडेंट प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि शिक्षा महाकुंभ एक राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में उभरा है, जो शिक्षा को नवाचार, मूल्यों और सांस्कृतिक भावनाओं से जोड़ता है। शिक्षा महाकुंभ अभियान हर हितधारक—छात्र, शिक्षक, संस्थान, उद्योग और नीति-निर्माता—के लिए भारत की शैक्षिक पुनर्जागरण यात्रा में योगदान देने का आमंत्रण है, जो भारत@2047 की परिकल्पना के अनुरूप है। कार्यक्रम में विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री विजय नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनका मार्गदर्शन और सोच हमेशा इस अभियान की सफलता की बड़ी ताकत रही है। होलिस्टिक एजुकेशन विभाग के डायरेक्टर डॉ. ठाकुर एसकेआर ने कहा कि होलिस्टिक एजुकेशन विभाग द्वारा नाइपर मोहाली के सहयोग से और राज्य एवं केंद्र की प्रमुख संस्थाओं के समर्थन से आयोजित इस 5वें संस्करण में कई आयोजन होंगे। इनमें शामिल हैं: 12 राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव वाइस चांसलर्स, डायरेक्टर्स, टीचर्स, शोधकर्ताओं, नवाचारकों और नीति-निर्माताओं के लिए, साइंस, इंजीनियरिंग, सोशल साइंसेज, नेशनल टिनकेरिंग चैलेंज, शिक्षा प्रौद्योगिकी और सततता पर पेपर प्रस्तुतियाँ,स्टूडेंट्स सेंट्रिक प्रोग्राम जैसे नेशनल टिंकरिंग चैलेंज, विद्यार्थी संस्कार सम्मेलन, भारत यात्रा क्विज़, इंग्लिश ओलंपियाड और स्टार्टअप शोकेस, एग्जीबिशन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और अवार्ड्स। होलिस्टिक एजुकेशन विभाग के प्रेसिडेंट सौरभ चौधरी ने कहा कि पिछले वर्षों में एसएमए ने कई नई पहलें शुरू करने की प्रेरणा दी है, जैसे ट्रेडुल, सर्वत्र, स्वदेशी बाज़ार, जॉब्स 360°, टूडू, होलिस्टिक हार्बर और विभिन्न ओलंपियाड। इन सभी ने शिक्षा को समाज की असली ज़रूरतों से जोड़ने का काम किया है। शिक्षा महाकुंभ अभियान 2025 की मीडिया इंचार्ज एडवोकेट आरती शर्मा ने सभी से आग्रह किया कि वे इस आगामी आयोजन में पूरे जोश और उत्साह के साथ आगे आएँ और भाग लें।

फोर्टिस मोहाली के डॉक्टरों ने मुश्किलों को मात दी और सफल सर्जरी की: परमानेंट पेसमेकर इम्प्लांट सर्जरी से 1.6 किलोग्राम के नाज़ुक नवजात शिशु की जान बचाई

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पंचकूला। नवजात बच्चों की कार्डिक केयर (दिल की देखभाल) में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली के डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज ने परमानेंट पेसमेकर इम्प्लांट सर्जरी के माध्यम से 1.6 किलोग्राम कम वज़न वाले नवजात शिशु की जान सफलतापूर्वक बचाई है। सर्जरी के बाद फॉलोअप जांच के दौरान, 24 सप्ताह की गर्भवती महिला को सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस (एसएलई) का पता चला – एक ऑटोइम्यून रोग, जिसमें शरीर के इम्यून सिस्टम पर हमला होता है और ये हेल्दी टिश्यूज, जोड़ों, किडनियों, फेफड़ों और मस्तिष्क पर हमला करते है। मामले से जुड़े उच्च जोखिम को देखते हुए, महिला की साप्ताहिक जांच के साथ बारीकी से निगरानी की गई। 29वें सप्ताह में, अल्ट्रासाउंड से पता चला कि शिशु की हार्ट बीट यानि दिल की धड़कन बेहद कम होकर 32 धड़कन प्रति मिनट (गंभीर ब्राडकार्डिया) हो गई थी, और उसमें कंजेस्टिव हार्ट फेलियर (हृदय शरीर की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त रक्त पंप नहीं कर पाता) के लक्षण दिखाई दिए, साथ ही हाइड्रॉप्स फीटालिस (फीटस के टिश्यूज और अन्य प्रमुख अंगों में अत्यधिक तरल पदार्थ जमा होना) भी दिखाई दिया। महिला का तुरंत एक इमरजेंसी लोअर सेगमेंट सीजेरियन सेक्शन (एलएससीएस) किया गया और शिशु को नियोनटाल इंटेसिव केयर यूनिट में ट्रांसफर कर दिया गया, जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। उसके बाद डॉ. रजत गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट, डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली द्वारा एक टेम्प्ररेरी पेसमेकर लगाया गया। इस तरह के इंटरवेंशंस के दौरान, जहां नवजात शिशु का वजन कम होता है, पेसमेकर इमप्लांट के लिए अत्यधिक सटीकता की आवश्यकता होती है। नवजात शिशु के हृदय गति रुकने और समय से पहले जन्म के लिए भी एनआईसीयू में उसका प्रबंधन किया गया। स्थिर होने के बाद, शिशु की परमानेंट पेसमेकर इमप्लांट सर्जरी डॉक्टरों की एक टीम द्वारा की गई। इस टीम का नेतृत्व डॉ. टीएस महंत, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस), फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली; डॉ. आलोक सूर्यवंशी, सीनियर कंसल्टेंट, सीटीवीएस, फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली; और डॉ. रजत गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट, डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली ने किया। इससे शिशु के दिल की धड़कन को स्थिर करने और दिल के कार्य को सहारा देने में मदद मिली। सर्जरी में धीमी या क्षतिग्रस्त हार्टबीट को नियंत्रित करने के लिए शिशु के दिल में एक बैटरी-पॉवर्ड डिवाइस लगाया गया। सर्जरी के बाद शिशु की रिकवरी काफी बेहतर रही और सर्जरी के पांच दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस मामले पर चर्चा करते हुए, डॉ. टीएस महंत, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, सीटीवीएस, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली ने कहा कि “यह असाधारण मामला जल्दी डायग्नोसिस, कोऑर्डिनेटेड मल्टीडिसप्लनरी केयर और एडवांस्ड कार्डिक इंटरवेंशंस की उपलब्धता के महत्व को उजागर करता है। बच्चा अब तीन महीने का है और स्वस्थ जीवन जी रहा है। जन्मजात ही हार्ट में होने वाले विकारों का जल्द पता लगाने के बारे में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। इन जन्मजात दोषों का समय पर इलाज न करने से बच्चे के दिल को कभी बेहतर न होने वाली क्षति हो सकती है। फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली का डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज इस क्षेत्र का एकमात्र सेंटर है जहां न केवल पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश, बल्कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक, मंगोलिया और दक्षिण अफ्रीका से भी मरीज आत

पारस हेल्थ ने 81 वर्षीय कैंसर सर्वाइवर की बचाई जान, लगाया दुर्लभ माइक्रा वीआर2 पेसमेकर

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पंचकूला। पारस हेल्थ ने कई सेहत से संबंधित समस्याओं से जूझ रहे 81 वर्षीय कैंसर सर्वाइवर में दुनिया का सबसे छोटा और नया माइक्रा वीआर2 पेसमेकर सफलतापूर्वक लगाया। यह दुर्लभ और जोखिम भरा ऑपरेशन 4 सितम्बर 2025 को किया गया और मरीज को 24 घंटे के अंदर सुरक्षित डिस्चार्ज कर दिया गया। यह पंचकुला क्षेत्र में एडवांस्ड हार्ट केयर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। मरीज श्रीसी. सिंह की मेडिकल हिस्ट्री काफी जटिल थी। वे गले के कैंसर से सर्वाइव हो चुके थे और कई बार रेडिएशन थेरेपी करवाई थी। इसके कारण उनके सीने पर गहरे निशान हो गए थे, वोकल कॉर्ड पैरालाइज हो चुके थे और खाने के लिए फीडिंग ट्यूब पर निर्भर थे। उनकी कमजोर हालत बार-बार होने वाले इंफेक्शन और बेहोशी की घटनाओं से और बिगड़ गई थी। जांच में पता चला कि उन्हें कंप्लीट हार्ट ब्लॉक है। यह जानलेवा स्थिति थी और उन्हें बचाने के लिए तुरंत इलाज की जरूरत थी। ज्यादा उम्र, कमजोरी और सीने पर बने गहरे निशानों की वजह से मरीज को सामान्य पेसमेकर नहीं लगाया जा सकता था। इलाज कर रहे कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नवीन अग्रवाल, डायरेक्टर, कार्डियोलॉजी इंटरवेंशनल ने बताया, “यह केस बहुत चुनौतीपूर्ण था। मरीज की हिस्ट्री देखते हुए सामान्य पेसमेकर लगाने में कई बड़े खतरे थे। माइक्रा वीआर2 एक सुरक्षित और असरदार विकल्प था। इसमें कोई निशान नहीं पड़ता, सीने पर बने पॉकेट्स से इंफेक्शन का खतरा नहीं होता और रिकवरी भी जल्दी होती है। पेसमेकर लगाने के बाद से मरीज को बेहोशी की कोई समस्या नहीं हुई है। उपलब्धि पर जोर देते हुए पारस हेल्थ पंचकुला के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. पंकज मित्तल ने कहा, “यह सफल केस हमारी क्षमता दिखाता है कि हम बेहद जटिल और हाई-रिस्क मरीजों का इलाज कर सकते हैं। माइक्रा वीआर2 जैसी नई तकनीकों के साथ हम हार्ट केयर में नए स्टैंडर्ड स्थापित कर रहे हैं। माइक्रा वीआर2 पेसमेकर लीडलेस हार्ट पेसिंग टेक्नोलॉजी की नई पीढ़ी है। इसमें सामान्य पेसमेकर की तरह तारों और सीने पर कट की जरूरत नहीं पड़ती है। इससे इंफेक्शन का खतरा कम होता है और मरीज को ज्यादा आराम मिलता है। इसका नया डिलीवरी सिस्टम कैथेटर टिप पर 66% तक प्रेशर कम करता है और छेद (परफोरेशन) का अनुमानित खतरा 28.5% तक घटाता है, जबकि इम्प्लांट प्रक्रिया उतनी ही आसान बनी रहती है। पेसमेकर लगाने के बाद से श्री सिंह स्थिर हो गए हैं और उन्हें दोबारा बेहोशी की समस्या नहीं हुई है। यह केस साबित करता है कि पारस हेल्थ पंचकुला उत्तर भारत में एडवांस्ड हार्ट ट्रीटमेंट्स का एक प्रमुख सेंटर बन गया है। यह नई तकनीक का उपयोग करते हुए पेशेंट फर्स्ट देखभाल पर जोर देता है।

चंडीगढ़ के टेनिस ईकोसिस्टम के सभी हितधारकों ने सेक्टर 10 टेनिस स्टेडियम को सीएलटीए से वापस लेने के यूटी प्रशासन के कदम का स्वागत किया

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चंडीगढ़ । स्पोर्ट्स एडवोकेट और सीनियर टेनिस खिलाड़ी प्रसंग रहेजा,चंडीगढ़ के नंबर 1 मेल टेनिस खिलाड़ी नीरज यशपॉल, नीरज के पिता अजय यशपॉल, भारत के नंबर 1 अंडर 16 खिलाड़ी रिभव सरोहा के पिता नगेंद्र सरोहा और पूर्व सीएलटीए कोच रोशन लाल सक्सेना ने , चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा चंडीगढ़ लॉन टेनिस एसोसिएशन (सीएलटीए) की लीज रद्द किए जाने के बाद एक मीडिया मीट को संबोधित किया। यह सब लोग चंडीगढ़ के टेनिस ईकोसिस्टम के हितधारकों के रूप में मीडिया को सम्भोदित कर रहे थे । इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य राज्यपाल पंजाब एवं प्रशासक, यूटी चंडीगढ़ के नेतृत्व में चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़ खेल विभाग के सेक्टर-10 टेनिस स्टेडियम को सीएलटीए से चंडीगढ़ खेल विभाग के नियंत्रण में वापस लेने के साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद देना और सराहना करना था।

उल्लेखनीय है कि प्रसंग रहेजा, सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के माध्यम से जानकारी प्राप्त करके सीएलटीए द्वारा पारदर्शिता की कमी, लीज की शर्तों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। रहेजा का अब मानना है कि अगला कदम सीएलटीए में की गई सभी गड़बड़ियों की जांच होना चाहिए। रहेजा ने कहा कि चंडीगढ़ ग्रामीण टेनिस अकादमी (चार्ट) योजना के तहत फंड्स की हेराफेरी का आरोप है, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग का गंभीर संदेह पैदा होता है। इसके अलावा, कर चोरी और जीएसटी उल्लंघन के भी सबूत हैं क्योंकि सीएलटीए ने करों से बचने के लिए जीएसटी नंबर के बिना व्यावसायिक गतिविधियां चलाते हुए 12एए के तहत धर्मार्थ छूट का दावा किया हुआ था । रहेजा ने आगे कहा कि सबसे बड़ी अवैधताओं में से एक प्रशासन की मंजूरी के बिना स्टेडियम परिसर के अंदर एक हॉस्टल का निर्माण और संचालन है, जो लीज की शर्तों का गंभीर उल्लंघन है। प्रसंग रहेजा ने आगे कहा कि “सीएलटीए की लीज रद्द करना और चंडीगढ़ खेल विभाग द्वारा सेक्टर 10 टेनिस स्टेडियम का प्रबंधन अपने हाथ में लेना केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं हैं। वास्तव में, इन्हें मनी लॉन्ड्रिंग का पर्दाफाश करने, कर चोरी और जीएसटी उल्लंघनों को दंडित करने, बच्चों की सुरक्षा और चंडीगढ़ में टेनिस खिलाड़ियों के विकास को बहाल करने के उद्देश्य से लिए गए निर्णयों के रूप में भी देखा जाना चाहिए। मैं प्रशासक (यूटी) से अनुरोध करता हूं कि सीएलटीए की मान्यता रद्द करें और मामले की सीबीआई और ईडी से अच्छी तरह से जांच करवाएं।

नवदीप मदान ने जीता ज्योतिष का मैदान

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जीरकपुर । 14 सितंबर 2025 का दिन यादगार दिन था ज्योतिष के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए।ओक्यूल्ट साइंस फाउंडेशन द्वारा मेट्रो ट्रेड सेंटर में ज्योतिषविदों के सहयोग से दीपक आहूजा ने वी.आई.पी. रोड जीरकपुर में शानदार ज्योतिष सम्मेलन आयोजित किया। गौरतलब है कि इसमें देश के भिन्न भिन्न स्थान से 50 से भी अधिक ज्योतिषाचार्य शामिल हुए जिन्होंने लोगों की गृह नक्षत्र के संबंध में होने वाली समस्या का समाधान बिल्कुल मुफ्त किया। सम्मेलन में शिरकत करने वाले नाम में से प्रमुख है नरेंद्र वासुदेवा, उषा वसुंधरा,जैस्मीन,नवदीप मदान, सुनीता साहनी,दीपक शर्मा,डॉ वोहरा,इंदरप्रीत सिंह, लुधियाना से ,संजीव बक्शी, विनोद कुमार, राजीव बंसल,डॉ रेणुका टंडन, बीना शर्मा इत्यादि। सम्मेलन के सफल आयोजन पर दीपक आहूजा कहा ने कि यह सब लोगों के सहयोग से ही संभव हो पाया है और उनका यह कहना है कि इस तरह की ज्योतिष सम्मेलन लोगों में ज्योतिष के प्रति आस्था और विश्वास बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं। इस कार्यक्रम की आयोजक उषा वसुंधरा पिछले 15 वर्षों से ज्योतिष पढ़ा रही और हैं और मशहूर ज्योतिषाचार्य नवदीप मदान ने कहा कि जब लोग उनके पास अपनी समस्या लेकर आते हैं और समाधान लेकर जाते हैं, तो उन्हें ज्योतिष विद्या की सार्थकता पर गर्व होता है। काबिले जिक्र है की नवदीप मदान खुद आचार्य है और लोगों को ज्योतिष के बारे में शिक्षित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी लोगों की सेवा से जुड़े इस तरह के कार्यक्रम में वह हिस्सा लेते रहेंगे।

“श्री रामलीला मंचन” 23 सितंबर से, अभ्यास में जुटे कलाकार

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चंडीगढ़ । उत्तराखंड जनसेवा एवं सांस्कृतिक मंच चंडीगढ़ द्वारा,  इस वर्ष नवरात्रों के शुभ अवसर पर सैक्टर 28बी में “श्री रामलीला मंचन” 23 सितंबर से 03 अक्टूबर तक बड़ी धूमधाम से किया जा रहा है और इस बार श्री रामलीला का मंचन और ज्यादा भव्य तरीके से किया जाएगा। शहर में पहली बार पारम्‍परिक एवं आधुनिक नाट्य प्रस्‍तुति के संगम से आयोजित यह रामलीला शहरवासियों के बीच चर्चा का विषय बनी ​हुई है। रामलीला के निर्देशक हीरा सिंह (लाडी) जी अभिनय और निर्देशन के क्षेत्र की बड़ी शख्सियत है।  टेलीविज़न व फिल्मों में अभिनय व सहनिर्देशन कर चुके हैं। हीरा जी ने बताया की वे बचपन से ही रामलीला से जुड़े हुए हैं तथा उन्होंने राम, लक्ष्मण, भरत, अहिरावण, रावण, अंगद की भूमिकाएं निभाई हैं। रामलीला में भाग लेने वाले अधिकतर कलाकार थिएटर से जुड़े हैं जिनमें युवतियां भी सम्मिलित हैं।

सभी कलाकार पिछले एक महीने से टैगोर थिएटर में रामलीला की रिहर्सल कर रहे है।मंच के प्रधान स्वरूप सिंह नेगी ने बताया कि इस बार की रामलीला थियेटरिकल तौर पर आयोजित की जाएगी तथा साथ ही इस वर्ष इसमें लाईट एंड साउंड प्रस्‍तुति का भी अद्वितीय संयोजन करने की योजना है । सभी कलाकार दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। रामलीला में 70 कलाकारों की टीम होगी । नेगी ने कहाकि कार्यक्रम का उद्देश्य मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के प्रति गहरी धार्मिक आस्था व उनकी व्यवहारिक लीलाओं का अनुसरण करने की प्रेरणा देना है। ताकि भारत राम राज्य की परिकल्पना को साकार कर सके। 11 दिन चलने वाले मंचन में सबसे पहले दिन नारद मोह, दूसरे दिन राम जन्म, तीसरे दिन आहिल्या उद्धार, चौथे दिन सीता स्वयंवर, पांचवें दिन राम वनवास, छठे दिन केवट लीला , सातवें दिन भरत मिलाप, आठवें दिन सीता हरण, नौवे दिन लंका दहन, दसवें दिन लक्ष्मण मूर्छित रावण वध और ग्यारहवें दिन राम जी की अयोध्या वापसी, कैकेई पश्चाताप, राजतिलक का मंचन करेंगे। रामलीला रोजाना रात आठ बजे शुरू होगी।