Wednesday, March 11, 2026
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आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा करने हेतु स्वदेशी अपनाना ज़रूरी, समाज सेवी अमिताभ रूंगटा

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पंचकूला । स्व. पुरुषोत्तम दास रुंगटा चेरिटेबल ट्रस्ट, गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वीमेन, सेक्टर 14, मुक्तिनाथ वेद विद्याश्रम(संस्कृत गुरुकुल) ने एक भव्य ‘स्वदेशी अपनाओ जागरूकता’ अभियान आयोजित किया, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों और समाज के अन्य लोगों द्वारा एक प्रेरणादायक पैदल यात्रा निकाली गई। यात्रा को पुरुषोत्तम दास रुंगटा चेरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक एवं प्रसिद्ध समाजसेवी अमिताभ रूंगटा ,अनुपमा रूंगटा , आदरणीय बाबू महेन्द्र (धर्म जागरण प्रान्त प्रमुख), सुरेश गोयल , सुरेन्द्र सिंगला,बेनू राव, राजीव , आचार्य गुरुकुल स्वामी प्रसाद मिश्र, डॉ पूजा चौहान,प्रो. रितु यादव, डा. अलका शर्मा और शिवानी कौशिक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यात्रा के दौरान वातावरण ‘भारत माता की जय’ के नारो से गूँज उठा और इस पैदल यात्रा के ज़रिये बच्चों ने स्वदेशी अपनाने के महत्व को उजागर किया। इस अवसर पर विद्यालय प्रशासन, गुरुकुल के आचार्यगण, छात्र-छात्राएँ एवं स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही। अमिताभ रूंगटा ने इस मौके पर कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा करने के लिए स्वदेशी अपनाना ज़रूरी है।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सब भारतीयों से अपील की है कि वे स्वदेशी अपनाए ताकि देश को आयात की कम से कम ज़रुरत पड़े । हमने यह अभियान लोगों को देश के प्रति उनके कर्त्तव्यों के बारे में जागरूक करने के लिए आयोजित किया है। यात्रा के माध्यम से छात्राओं एवं विद्यार्थियों ने जन-जन तक स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाने का संदेश पहुँचाया। भव्य स्वदेशी अपनाओ जागरूकता अभियान का आयोजन लोगों में देश प्रेम की भावना से भारत के लिए काम करने की ज़रुरत को भी रेखांकित किया गया । इसमें 400 से ऊपर लोगों ने भाग लिया । रूंगटा ने आगे कहा कि यह आयोजन युवाओं में भारतीय संस्कृति, स्वदेशी विचारधारा एवं राष्ट्र सेवा की भावना को प्रबल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। यहाँ यह बताना ज़रूरी है कि इस अभियान में बालिकाओं एवं गुरुकुल के विद्यार्थियों द्वारा आत्मनिर्भर भारत की भावना को सशक्त करने के मकसद से एक पैदल यात्रा निकाली गई जो गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वीमेन, सेकटर 14 से शुरू हुई और करीब 4 किलोमीटर का सफर तय करके वापिस कॉलेज लौटी। यह कार्यक्रम स्व. पुरुषोत्तम दास रुंगटा चेरिटेबल ट्रस्ट, पंचकूला के सौजन्य से आयोजित किया गया, जो राष्ट्र सेवा, गौ सेवा, अन्न सेवा और शिक्षा सेवा जैसे महान संकल्पों के लिए समर्पित है। यह बता दें कि पुरुषोत्तम दास रुंगटा चेरिटेबल ट्रस्ट समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही है। ये संस्था , स्वास्थ्य, गौ सेवा, अन्न सेवा, एवं निर्धनों के कल्याण हेतु निरंतर कार्यरत है। ट्रस्ट द्वारा संचालित विभिन्न सेवा प्रकल्पों के माध्यम से जरूरतमंदों को भोजन वितरण(साप्ताहिक अन्न भंडारा), निःशुल्क चिकित्सा सुविधा, छात्रवृत्ति तथा महिला सशक्तिकरण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है। संस्था सामाजिक जागरूकता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय कार्य कर रही है।

सिटी ब्यूटीफुल में सड़क सुरक्षा को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

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होंडा इंडिया फाउंडेशन ने चंडीगढ़ पुलिस को सौंपी 50 क्विक रिस्पॉन्स टीम वाहन

चंडीगढ़ । सड़क सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत होंडा इंडिया फाउंडेशन ने टैगोर थिएटर, चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान चंडीगढ़ पुलिस को 50 क्विक रिस्पॉन्स टीम सीबी350 मोटरसाइकिलें सौंपीं। कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और “सड़क सहयोगी – सुरक्षित मार्ग, सुरक्षित जीवन” थीम के तहत इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़ , डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हूडा, आईजीपी पुष्पेन्द्र कुमार, एसएसपी कंवरदीप कौर तथा एसएसपी (सिक्योरिटी एवं ट्रैफिक) सुमेर प्रताप सिंह सहित चंडीगढ़ पुलिस एवं यूटी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। होंडा इंडिया फाउंडेशन की ओर से ऑपरेटिंग ऑफिसर राजीव तनेजा तथा प्लैटिनम होंडा के करण गिल्होत्रा ने समारोह में भाग लिया। होंडा के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में उपस्थित होकर चंडीगढ़ पुलिस की जनसेवा और सड़क सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को सराहा। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने अपने संबोधन में कहा कि होंडा इंडिया फाउंडेशन और चंडीगढ़ पुलिस के बीच यह सीएसआर साझेदारी जन–निजी सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो सड़क सुरक्षा, त्वरित आपात प्रतिक्रिया और जीवन रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। करण गिल्होत्रा ने कहा कि “सड़क सुरक्षा केवल सरकारी दायित्व नहीं है, बल्कि यह हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है। इन क्विक रिस्पांस वाहनों के माध्यम से दुर्घटनाओं के समय त्वरित सहायता, ट्रैफिक नियंत्रण और जीवन रक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा। इन वाहनों में सायरन, फ्लैशर, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, टॉर्च, स्टोरेज बॉक्स और सुरक्षा हेलमेट जैसे आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जो पुलिस बल को अधिक सक्षम, संवेदनशील और सुरक्षित बनाते हैं। डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हूडा ने कहा कि ये विशेष रूप से सुसज्जित क्विक रिस्पांस मोटरसाइकिलें सड़क दुर्घटनाओं, आपातकालीन स्थितियों और ट्रैफिक प्रबंधन के दौरान पुलिस बल को त्वरित कार्रवाई में सक्षम बनाएंगी। प्रत्येक वाहन में अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।

‘मेरे शहर के 100 रत्न’ स्कॉलरशिप प्रोग्राम परीक्षा का दूसरा चरण आज

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राज्य भर के सरकारी कॉलेजों में होंगे टेस्ट, योग्य छात्रों को मिलेगी मुफ्त कोचिंग

शिमला । हिमाचल प्रदेश सरकार और क्रैक एकेडमी मिलकर 9 अक्टूबर को राज्यव्यापी छात्रवृत्ति परीक्षा ‘मेरे शहर के 100 रत्न’ स्कॉलरशिप प्रोग्राम का दूसरा चरण आयोजित करने जा रहे हैं। यह परीक्षा राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों में होगी। इसमें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला और महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय, बद्दी जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थान भी शामिल रहेंगे। इस योजना का उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली और योग्य छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे यूपीएससी, एसएससी, डिफेंस, ज्यूडिशियरी, जेईई और नीट की मुफ्त या रियायती कोचिंग देना है। इसके तहत छात्रों को स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों और करियर काउंसलिंग की सुविधा भी मिलेगी ताकि वे अपने भविष्य की दिशा तय कर सकें। कार्यक्रम का पहला चरण मई 2025 में पूरा हुआ था, जिसमें राज्य के 2,500 से अधिक सरकारी और निजी स्कूलों के छात्र शामिल हुए थे। अब दूसरे चरण में यह योजना कॉलेज स्तर तक बढ़ाई जा रही है। योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र से 100 छात्रों को 100 % मुफ्त कोचिंग दी जाएगी। इनमें से 75 छात्रों का चयन पहले चरण में किया जा चुका है, जबकि बाकी 25 छात्रों का चयन 9 अक्टूबर को होने वाली परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा, अन्य योग्य छात्रों को 75 % और 50 % की छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। इस चरण में वही छात्र भाग ले सकेंगे जो किसी सरकारी या सहायता प्राप्त कॉलेज में पढ़ रहे हैं और जिनके परिवार की सालाना आय ₹12 लाख से कम है। क्रैक एकेडमी के सीईओ और संस्थापक नीरज कंसल ने कहा “मेरे शहर के 100 रत्न’ स्कॉलरशिप प्रोग्राम पहल का मकसद हिमाचल के युवाओं की प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी छात्र की सफलता उसके टैलेंट से तय हो न कि उसके भूगोल या आर्थिक स्थिति से। हमें गर्व है कि हम हिमाचल सरकार के साथ मिलकर राज्य के युवाओं का भविष्य संवारने में योगदान दे रहे हैं।“

शब्दों में भविष्य को रोशन करने की शक्ति होती है : राहुल सिंह

चण्डीगढ़ । खुशवंत सिंह लिटफेस्ट ( केएसएलएफ ) अपने 14वें संस्करण के लिए पूरी तरह तैयार है। यह फेस्टिवल 10 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक कसौली क्लब में आयोजित किया जाएगा। रोजाना सत्र सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे। केएसएलएफ के डायरेक्टर राहुल सिंह ने इस बाबत चण्डीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष का विषय वॉइसेस ऑफ़ टुमारो-नेविगेटिंग द फ्यूचर थ्रू वर्ड्स रहेगा। उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से यह लिटफेस्ट पुस्तकों और समकालीन विषयों पर चर्चाओं के साथ आयोजित किया जाता आ रहा है। इसमें बुक लॉन्च, संवाद और ऐसी कई गतिविधियाँ शामिल होती हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को साहित्य से जोड़ना और साहित्य को बढ़ावा देना है। यह फेस्टिवल राष्ट्र निर्माण में साहित्य के योगदान का संदेश भी देता है। राहुल सिंह ने कहा कि यह फेस्टिवल एक बार फिर साहित्य, विचार और संवाद के माध्यम से भविष्य की आवाज़ों को सामने लाने का मंच बनेगा। इसके साथ ही वैश्विक और क्षेत्रीय अस्थिरता, जलवायु संकट जैसी उभरती समस्याओं के बीच नई सोच, नए दृष्टिकोण और भविष्य को फिर से कल्पित करने के विचार भी सामने आएंगे। इस बार भी साहित्य, राजनीति, फिल्म जगत और अन्य क्षेत्रों की अनेक प्रसिद्ध हस्तियाँ, जिनमें नेता, अभिनेता और लेखक शामिल हैं,भाग लेंगी। उन्होंने बताया कि केएसएलएफ ऐसे लेखकों, विचारकों और परिवर्तनकर्ताओं को एक साथ लाएगा, जो आने वाली पीढ़ी के विचारों को आकार दे रहे हैं और इनमें वे आवाज़ें भी शामिल रहेंगी जो सवाल उठाती हैं, चुनौती देती हैं और प्रेरित करती हैं। फेस्टिवल डायरेक्टर राहुल सिंह ने कहा कि ये आयोजन केएसएलएफ के उस स्थायी विश्वास को दर्शाता है कि शब्दों में भविष्य को रोशन करने की शक्ति होती है। राहुल सिंह ने केएसएलएफ की एक उल्लेखनीय उपलब्धि के बारे भी पत्रकारों को अवगत कराते हुए बताया कि इस साल गर्मियों में केएसएलएफ का सातवां लंदन संस्करण आयोजित हुआ और पहली बार इस समारोह का ऑक्सफोर्ड में पदार्पण हुआ। फेस्टिवल टीम की सदस्य ऐश्वर्या कुमार ने पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि केएसएलएफ एक उद्देश्यपूर्ण लिटफेस्ट है, जो मानव संस्कृतियों की समृद्धि, विविधता और खुशवंत सिंह द्वारा अपनाई गई मानवीय उदारता का उत्सव मनाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के प्रमुख वक्ताओं और पैनलिस्टस में जनरल एम.एम. नरवणे, अमोल पालेकर, पी. चिदंबरम, शोभा डे, पूजा बेदी, ए.एस. दुलत, मणि शंकर अय्यर, पॉल वाटर्स, गिलियन राइट, हरिंदर बावेजा, संदीप भामेर, और संगीता वॉल्ड्रन आदि शामिल रहेंगे।

ऑल इंडिया कार डीलर्स एसोसिएशन की 25वीं वार्षिक आम सभा आयोजित

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चार लाख करोड़ सालाना के कार बाजार का कारोबार पूरी तरह से उपेक्षा का शिकार

चण्डीगढ़ । ऑल इंडिया कार डीलर्स एसोसिएशन (एआईसीडीए) की संपन्न हुई 25वीं वार्षिक आम सभा में एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएस नेयोल ने कहा कि कार बाजार एवं डीलर्स का कारोबार देश भर में चार लाख करोड़ सालाना का है व इस कारोबार से लाखों लोगों के परिवार अपनी रोजी-रोटी कमा खा रहे हैं परन्तु फिर भी ये कारोबार पूरी तरह से उपेक्षा का शिकार है। जेएस नेयोल, जो मजदूरों कामगारों की संस्था इंटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं, ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की तथा तत्पश्चात एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए पत्रकारों के समक्ष देश भर में कार बाज़ार के कारोबारियों के समक्ष दरपेश चुनौतियों व समस्याओं बारे में चर्चा की।
जेएस नेयोल ने कहा कि पुरानी गाड़ियों की खरीद फरोख्त पर सरकार ने 18 फीसदी जीएसटी में कोई बदलाव नहीं किया है जोकि अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि इसे 5 फ़ीसदी करना चाहिए जिससे कार बाज़ार के कारोबारियों को अपना काम करने में काफी सहूलत मिल सकेगी। जेएस नेयोल ने थर्ड पार्टी पेमेंट करने पर खाता सील कर दिए जाने के प्रावधान को भी निरस्त करने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने कार बाजार के कारोबारियों से भी जल्द जीएसटी नंबर लेने की अपील की ताकि उनका कारोबार सुगम हो सके। जेएस नेयोल ने चण्डीगढ़ के कार बाजार से जुड़े कारोबारियों के लिए सही जगह दिलाने की मांग का समर्थन करते हुए उनकी आवाज उचित मंच पर उठाने का आश्वासन दिया। एसोसिएशन के स्थानीय अध्यक्ष ज्ञानेश्वर जैन शैंकी ने इस अवसर पर यहां चण्डीगढ़ के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, हिमाचल से आए हुए कार डीलरों का स्वागत करते हुए उन्हें जीएसटी नंबर अवश्य लेने की अपील की, ताकि उन्हें कारोबार करने में सहूलत हो, तथा सरकार को भी इस कारोबार की दिक्कतें दूर करने में आसानी हो सके। इस अवसर पर चण्डीगढ़ कार डीलर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरविंद्र सिंह व करनबीर सिंह (टीका), उपाध्यक्ष तजिंदर सिंह व हरेंद्र सिंह, महासचिव गुरजीत सिंह एवं सहसचिव सन्नी सिंह, खरड से उपाध्यक्ष रवि मल्होत्रा तथा सोलन से उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह आदि भी उपस्थित रहे।

अ-रिदम ऑफ डांस अकादमी ने करवा चौथ का किया भव्य आयोजन

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रैंप वॉक और डांस प्रतियोगिता में महिलाओं ने मचाया धमाल

चंडीगढ़। हर साल की तरह इस साल भी सनी एनक्लेव में वंदना पाठक की अ-रिदम ऑफ डांस अकादमी ने करवा चौथ का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर मिसेज वर्ल्ड पंजाबन 2021 रोमी घई (चीफ गेस्ट), जो एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और महिलाओं को प्रेरित करने वाली एक प्रेरणादायक महिला हैं, साथ ही विभिन्न सौंदर्य प्रतियोगिताओं की विजेता भी हैं। सोनू सेठी (वीआईपी अतिथि (सेठी ढाबा के मालिक) और मिस्टर राजा (वीआईपी अतिथि ) (राजा 41 स्टूडियो फोटोग्राफी और न्यू यूनिक फैशन पॉइंट के मालिक ) भी उपस्थित थे। वीआईपी गेस्ट में नवीप्रीत और मेघा मरवाह भी शामिल हुए।मीडिया से बातचीत में वंदना पाठक ने कहा कि वह एक समाजसेविका और ब्यूटी पेजेंट की विजेता हैं, लेकिन उनका मानना है कि करवा चौथ का त्योहार पति-पत्नी के प्यार और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पति को भी अपनी पत्नी के साथ मिलकर करवा चौथ का व्रत रखना चाहिए, जिससे दोनों के बीच प्यार और सम्मान बढ़े।मशहूर टैरो कार्ड रीडर मेघना ने करवा चौथ की बधाई देते हुए इस शानदार सेलिब्रेशन की तारीफ की।आयोजन में दस महिलाओं को करवा क्वीन के टाइटल से सम्मानित किया गया। शो की विजेता मनींदर रहीं, जबकि हरप्रीत कौर प्रथम रनर अप और गुरप्रीत कौर द्वितीय रनर अप रहीं। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने पूरे उत्साह से भाग लिया। रैंप वॉक और डांस प्रतियोगिता भी आयोजित की गईं, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पुरस्कार जीते। सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे और सभी महिलाओं को विशेष रिटर्न गिफ्ट्स दिए गए। कार्यक्रम की सफलता पर चीफ गेस्ट रोमी घई और सभी वीआईपी गेस्ट, यहां तक कि सभी प्रतिभागियों ने वंदना पाठक को बधाई दी और उनसे जल्दी ही ऐसे ही आयोजन करने का अनुरोध किया।

चंडीगढ़ के एलांते मॉल में एशिया किचन बाय मेनलैंड चाइना की नई शुरुआत

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मेनलैंड चाइना ने एक पूरी तरह से नए अवतार में की वापसी

चंडीगढ़ । तीस से ज़्यादा वर्षों से भारत और विदेशों में 1.5 करोड़ से ज़्यादा चाइनीज कूज़ीन के शौकीनों को संतुष्ट करने के बाद, मेनलैंड चाइना अब 5 साल बाद चंडीगढ़ में एक बिल्कुल नए अवतार – एशिया किचन बाय मेनलैंड चाइना – के साथ लौट रहा है। एक वाइब्रेंट और नए डाइनिंग कॉन्सेप्ट के साथ, यह आपकी मेज़ पर एक अनोखा रोमांच लेकर आता है जो थाईलैंड, जापान, इंडोनेशिया, सिंगापुर, मलेशिया, बर्मा और अन्य जगहों की गलियों से होते हुए एक अलग और खास सफर को दर्शाता है। इसके साथ ही मेनलैंड चाइना के आपके पसंदीदा स्वादों को एक ही लोकेशन पर पेश करता है।

मैन्यू में सुशी, चेउंग फन, बाओ, डिमसम के चयन में मॉडर्न टच के साथ प्रामाणिक एशियाई स्वादों का जश्न मनाया जाता है, जिसमें ट्रफल एवोकैडो एडमैम मोनोमाकी, प्रॉन टेम्पुरा रोल, बेसिल-फ्लेवर्ड वाले चिकन डम्पलिंग जैसे कई हाइलाइट्स शामिल हैं और चंडीगढ़ शहर में पहली बार क्रिस्पी चेउंग फन ( क्रिस्पी एसप्रागुस या क्रिस्पी प्राउन और कई अन्य) की लाजवाब किस्में पेश की जा रही हैं। ऐपेटाइज़र में हमारे सिग्नेचर 5-स्पाइस ग्रिल्ड लैम्ब चॉप के साथ बोल्ड जियांग का चिली कॉटेज चीज़ या पिकल्ड पेपर चिकन शामिल है, जबकि वोक सेलेक्शन में चिली बेसिल सॉस में लोटस स्टेम, एसप्रागुस और कलनरी चॉय, जनरल त्सो का पसंदीदा चिकन और एशियाई स्टाइल स्टीम्ड जॉन डोरी जैसी क्रिएशंस उपलब्ध हैं। ब्लू पी जापानी फ्राइड राइस और जापानी याकी व्हीट नूडल्स जैसे मुख्य व्यंजन मेन कोर्स को पूरा करते हैं, जबकि ताज़ा लेमनग्रास चीज़केक और स्वादिष्ट पाम जैगरी आइसक्रीम जैसी मिठाइयां एक मीठा एवं मधुर समापन का वादा करती हैं।


यह रेस्टोरेंट एक यंग, कैजुअल और नई पहचान प्रदर्शित करता है, जिसे शहर के कास्मोपॉलिटियन लोगों के साथ तालमेल बिठाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। एक सहज और साथ ही कंटेम्प्रेररी सजावट वाली एक खुली रसोई और एक हाई-एनर्जी बार के साथ, इस डेस्टिनेशन को आपसी बातचीत, कम्युनिटी और कलनरी एवं व्यंजनों की खोज को प्रोत्साहित करने के लिए सोच-समझकर बनाया गया है।
लॉन्च के अवसर पर, अंजन चटर्जी, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, स्पेशियलिटी रेस्टोरेंट्स लिमिटेड ने कहा कि हमें चंडीगढ़ में एशिया किचन बाय मेनलैंड चाइना लाने पर बेहद खुशी है। तीन दशकों से भी ज़्यादा समय से, मेनलैंड चाइना प्रामाणिक चाइनीज फूड का दूसरा नाम रहा है और लाखों लोगों का दिल जीत रहा है। एशिया किचन के साथ, हमने चीन से आगे बढ़कर एक नए, अनौपचारिक और वाइब्रेंट माहौल में एशियाई व्यंजनों की एक विस्तृत रेंज पेश करने के कॉन्सेप्ट को नए सिरे से पेश किया है। अपने अलग और खास फूड कल्चर और प्रभावशाली लाइफस्टाइल के साथ, चंडीगढ़ इस फॉर्मेट को पेश करने के लिए हमारे लिए एक आइडियल शहर है। हम मेहमानों का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं ताकि वे यहीं पर एलांते मॉल में ही एशिया के बेस्ट व्यंजनों का अनुभव कर सकें।


डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल ने बच्चों में दृष्टिदोष की बढ़ती समस्या को देखते हुए चंडीगढ़ में विशेष मायोपिया क्लिनिक का शुभारंभ किया

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चंडीगढ़। भारत में आँखों की देखभाल केंद्रों के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक, डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल ने छोटे बच्चों और युवाओं में नजदीक की नजर कमजोर होने की बढ़ती समस्या को दूर करने के लिए चंडीगढ़ में एक विशेष मायोपिया क्लिनिक की शुरुआत की है। चंडीगढ़ ऑप्थेलमिक सोसायटी की ओर से इस उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें अस्पताल के डॉक्टरों ने भाग लिया। इसके बाद बच्चों के माता-पिता और शिक्षकों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए एक वर्कशॉप भी आयोजित किया गया, जिसमें मायोपिया के शुरुआती लक्षणों, लाइफस्टाइल से जुड़े जोखिम और इससे बचाव के तरीकों पर बात की गई। इस क्लीनिक में बचपन के मायोपिया को ठीक करने के लिए इसके हर पहलू को ध्यान में रखा जाता है, जिसमें शुरुआती पहचान, परामर्श देना, जानकारी देना और समय-समय पर फॉलोअप देखभाल शामिल है। डायग्नोस्टिक की अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी वाली इस क्लीनिक में बेहद अनुभवी पीडियाट्रिक ऑप्थेल्मोलॉजिस्ट और ऑप्टोमेट्रिस्ट की एक टीम मौजूद है, जहाँ हर बच्चे की ज़रूरत के हिसाब से इलाज की योजना तैयार की जाती है। इस क्लीनिक में ऐसी समस्या को दूर करने और आगे होने वाली परेशानियों के निदान के लिए आई ड्रॉप्स तथा विशेष चश्मों से लेकर सॉफ्ट कॉन्टैक्ट लेंस एवं ऑर्थोकेरेटोलॉजी (ऑर्थो-के) लेंस जैसे हर तरह के विकल्प उपलब्ध हैं। डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल की एक इकाई, मिर्चियाज़ लेज़र आई सेंटर के क्लिनिकल सर्विसेज़ प्रमुख, डॉ. राजीव मिर्चिया ने कहा, “चंडीगढ़ में हमारे मायोपिया क्लिनिक की शुरुआत, पंजाब और उत्तर भारत में मायोपिया के बढ़ते बोझ को कम करने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। बच्चों में मायोपिया की समस्या चिंताजनक रफ़्तार से बढ़ रही है, इसलिए हमारा उद्देश्य ऐसी पूरी देखभाल प्रदान करना है, जो आँखों की रोशनी ठीक करने के साथ-साथ इस स्थिति के बढ़ने की गति को भी धीमा करे। हम इस केंद्र के ज़रिए परिवारों को सही जानकारी, वक़्त पर उपचार और इलाज के नए विकल्पों की सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें सक्षम बनाना चाहते हैं। इस मौके पर सीनियर पीडियाट्रिक ऑप्थेल्मोलॉजिस्ट, डॉ. अनिन सेठी ने कहा, “दुनिया भर में मायोपिया, यानी नजदीक की नजर कमजोर होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, सिंगापुर और ताइवान जैसे देशों में तो यह पहले से ही महामारी के स्तर पर पहुँच चुका है, जिससे पीड़ित लोगों में से 95% किशोर और युवा हैं। साल 2050 तक, पूरी दुनिया के करीब आधे लोगों को मायोपिया की समस्या हो सकती है। भारत में, साल 1999 में 5 से 15 साल की उम्र के शहरी बच्चों में इसके मामले 4.44% थे, जो साल 2019 में बढ़कर 21.15% हो गया है और साल 2050 तक इसके 48% तक पहुँचने का अनुमान है। पंजाब में, साल 2007 में हुए एक अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि, शहरी क्षेत्रों में लगभग 10% स्कूली बच्चे मायोपिया से पीड़ित थे। पढ़ाई के बढ़ते दबाव, बाहरी गतिविधियों में कमी और स्क्रीन पर अधिक समय बिताने की वजह से उत्तर भारत में इस बीमारी के मामले अधिक देखने को मिल रहे हैं।”

चितकारा इंटरनेशनल स्कूल में सिनेमैस्ट्रो – टेक 7 का भव्य आयोजन

अभिनेत्री शेफाली शाह और सिनेमैटोग्राफर अमिताभा सिंह ने उभरते फिल्मकारों को किया प्रेरित

चंडीगढ़। प्रख्यात अभिनेत्री शेफाली शाह ने चितकारा इंटरनेशनल स्कूल चंडीगढ़ में आयोजित ‘सिने-मैस्ट्रो – शेपिंग फ्यूचर फिल्ममेकर्स: फिल्म फेस्टिवल एंड अवॉर्ड्स के 7वें संस्करण के दौरान अपनी रचनात्मकता और कहानी कहने की कला पर गहन विचार साझा करते हुए युवा फिल्मकारों को प्रेरित किया। यह वार्षिक आयोजन चितकारा यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित और सिनेविद्या के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने फिल्म निर्माण और सिनेमा की अभिव्यक्ति के उत्सव सिनेविद्या को मनाया। फेस्टिवल के दौरान स्कूल का ऑडिटोरियम एक जीवंत “रेड कार्पेट” माहौल में तब्दील हो गया, जहाँ छात्रों, शिक्षकों और अतिथियों ने चितकारा इंटरनेशनल स्कूल और अन्य विद्यालयों के छात्रों द्वारा निर्मित 20 लघु फिल्मों का प्रदर्शन देखा। इन फिल्मों में मानसिक स्वास्थ्य, मित्रता, दृढ़ता, आत्म-अभिव्यक्ति और सामाजिक न्याय जैसे विविध विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए शेफाली शाह ने संदेश दिया कि वे “अपनी रचनात्मक यात्रा में कल्पनाशीलता, धैर्य और ईमानदारी को अपनाएँ” तथा सिनेमा की उस शक्ति को समझें जो समाज में बदलाव लाने की क्षमता रखती है।


सिनेविद्या के संस्थापक एवं प्रसिद्ध सिनेमैटोग्राफर अमिताभा सिंह ने भी दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि सिनेमा एक ऐसा माध्यम है जो शिक्षार्थियों को “निडर होकर सोचने, साहसपूर्वक सृजन करने और प्रभावशाली कहानियाँ कहने” का अवसर देता है। इस साल के ‘सिने-मैस्ट्रो’ में 20 उत्कृष्ट छात्र-निर्मित फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। छात्रों द्वारा बनायीं गयी फिल्मों ने मानवीय अनुभवों के विविध रंगों को दिखाया—और यह संघर्ष, आत्म-खोज, साहस, दोस्ती, सहानुभूति और पहचान की खोज जैसे विषयों पर केंद्रित रही। वन होप, साइलेंट स्टॉर्म्स, द डिटेंशन फाइल्स और मिसफिट जैसी फिल्मों ने मानसिक स्वास्थ्य, बुलिंग और आत्म-संघर्ष जैसे मुद्दों को छुआ, जबकि परवाज़: राइजिंग फ्रॉम स्ट्रेंजर टू स्टार, जस्ट ए हैंड अवे और अनकहे धागे जैसी फिल्मों ने करुणा, आत्म-अभिव्यक्ति और मानवीय जुड़ाव को खूबसूरती से पेश किया। वहीं आज की ताज़ा खबर, रैंक वर्सेस ज़िंदगी और 23-12 जैसी सामाजिक चेतना से भरी फिल्मों ने समाजिक दबाव, उम्मीदों और संवेदनशीलता की जरूरत को उजागर किया। कार्यक्रम में चितकारा यूनिवर्सिटी के मास कम्युनिकेशन और एजुकेशन विभाग के छात्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे उन्हें फिल्म और मीडिया प्रबंधन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की सफलता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. नियति चितकारा, वाइस प्रेसिडेंट, चितकारा इंटरनेशनल स्कूल्स, ने कहा कि, “सिने-मैस्ट्रो छात्रों की कल्पनाशक्ति, नवाचार और उनकी अद्भुत क्षमता का उत्सव है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से हम उन्हें शेफाली शाह और अमिताभा सिंह जैसे प्रख्यात हस्तियों से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं, ताकि वे कल के कहानीकार और दूरदर्शी बन सकें। दिन का समापन शानदार अवार्ड सेरेमनी के साथ हुआ, जिसमें बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट फिल्म, बेस्ट सिनेमैटोग्राफी, बेस्ट एडिटिंग, बेस्ट साउंड डिजाइन, बेस्ट एक्टर और बेस्ट स्क्रीनराइटिंग सहित कई श्रेणियों में पुरस्कार वितरित किए गए। विजेताओं को ट्रॉफी, प्रमाणपत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया। ‘सिने-मैस्ट्रो – टेक 7’ सिर्फ एक फिल्म प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच साबित हुआ जहाँ छात्रों ने कहानी कहने, सहयोग और दृश्यात्मक रचनात्मकता की शक्ति को खोजा, जो चितकारा इंटरनेशनल स्कूल की उस प्रतिबद्धता को दोहराता है जिसके तहत वह भविष्य के सक्षम फिल्मकारों को तैयार करने के लिए समर्पित है।

कंटारा: चैप्टर 1 का बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन जारी

चंडीगढ़ । ऋषभ शेट्टी की फिल्म कंटारा: चैप्टर 1 बॉक्स ऑफिस पर अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखे हुए है और भारत और विदेशों में दर्शकों को आकर्षित कर रही है। 2022 की इस ब्लॉकबस्टर फिल्म का बहुप्रतीक्षित प्रीक्वल देशभर के सिनेमाघरों में धूम मचा रहा है। दशहरे पर अपनी शानदार रिलीज़ के बाद, फिल्म को शानदार प्रतिक्रिया मिली और तब से इसकी कमाई की गति बनी हुई है। चार दिनों में फिल्म का कलेक्शन 235 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है, और रात के शो के आंकड़े आने के बाद अंतिम कलेक्शन और बढ़ने की उम्मीद है। फिल्म को विभिन्न विदेशी बाज़ारों में भी शानदार प्रतिक्रिया मिली है। ऋषभ शेट्टी द्वारा लिखित, निर्देशित और मुख्य भूमिका में, “कंटारा: चैप्टर 1” उस गहरी जड़ें जमाए लोक कथाओं की पड़ताल करता है जिसने मूल “कंटारा” को एक सांस्कृतिक घटना बना दिया। 2022 में आई इस फिल्म की घटनाओं से एक हज़ार साल पहले की कहानी, जिसने 15 करोड़ रुपये के मामूली बजट पर दुनिया भर में 400 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई की, यह नया अध्याय इसके रहस्यमय और आध्यात्मिक ब्रह्मांड की उत्पत्ति की पड़ताल करता है। कंतारा: चैप्टर 1, संरक्षक देवता पंजुर्ली दैव की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें एक आदिवासी समुदाय और एक अत्याचारी राजा के बीच संघर्ष को दर्शाया गया है।

इस फिल्म को दर्शकों और आलोचकों, दोनों से शानदार समीक्षाएं मिली हैं, और कई लोगों ने इसे सिनेमाई प्रतिभा और एक उत्कृष्ट कृति बताया है। फिल्म में रुक्मिणी वसंत, जयराम और गुलशन देवैया भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं, जो महाकाव्य कथा में गहराई और आयाम जोड़ते हैं। अपनी भावपूर्ण कहानी, लुभावने दृश्यों और भावनात्मक रूप से प्रखर अभिनय के साथ, कंतारा: चैप्टर 1 ने दर्शकों के साथ गहरी छाप छोड़ी है। कंतारा: चैप्टर 1 ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी शानदार यात्रा जारी रखी है। इसने ऋषभ शेट्टी की भारतीय सिनेमा के सबसे दूरदर्शी कहानीकारों में से एक के रूप में प्रतिष्ठा को मजबूत किया है और वैश्विक मंच पर क्षेत्रीय कहानी कहने की स्थायी अपील को प्रदर्शित किया है। बॉक्स ऑफिस पर अपनी शानदार कमाई के बीच, ‘कंटारा: चैप्टर 1’ अब एक खास सम्मान के लिए तैयार है। इस बहुप्रशंसित फिल्म का रविवार को राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शन किया गया, जो पूरी टीम के लिए गर्व का क्षण था।