चंडीगढ़ (हरजिंदर सिंह, सोनू)। किडनी कैंसर, जिसे रीनल कैंसर भी कहा जाता है, एक पुरानी बीमारी है जो किडनी में शुरू होती है और आमतौर पर तब होती है जब कोशिकाएं नियंत्रण से बाहर हो जाती हैं। बीमारी और इससे संबंधित जटिलताओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए, विश्व किडनी कैंसर दिवस हर साल जून के तीसरे गुरुवार को दुनिया भर में मनाया जाता है, इस वर्ष का विषय ‘सुनना’ है – जो जनता को जागरूक करने के लिए साझा निर्णय की आवश्यकता को दर्शाता है।
डॉ. धर्मेंदर अग्रवाल, कंसल्टेंट, यूरो-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली, ने स्वास्थ्य सलाह के माध्यम से किडनी कैंसर, इसके कारणों, चेतावनी के संकेतों और रोकथाम पर प्रकाश डाला।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि किडनी का मुख्य कार्य रक्त से अपशिष्ट को छानना है, किडनी सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम आदि के इलेक्ट्रोलाइट स्तर को बनाए रखने में भी मदद करती है। वे हमारे रक्तचाप को स्थिर रखने और लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करने में भी सहायता करते हैं। हालांकि, कभी-कभी किडनी में असामान्य वृद्धि या ट्यूमर हो जाता है। जबकि कुछ किडनी द्रव्यमान सौम्य (कैंसर नहीं) होते हैं, कुछ घातक (कैंसर) होते हैं।
चेतावनी संकेतों के बारे में बताते हुए डॉ. अग्रवाल ने कहा कि पेशाब में खून आना (हेमट्यूरिया), पेट में दर्द और सूजन, पेट में गांठ, लगातार थकान, बिना किसी कारण के वजन कम होना, सर्दी या फ्लू के कारण न होने वाला बुखार, के लक्षण हो सकते हैं।
किडनी कैंसर के इलाज की प्रक्रियाओं पर चर्चा करते हुए डॉ. अग्रवाल ने कहा कि किडनी कैंसर का मुख्य उपचार सर्जरी है। लेकिन कुछ मामलों में कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी की आवश्यकता हो सकती है। कैंसर के फैलाव का पता लगाने के लिए आमतौर पर सीटी स्कैन और छाती का एक्स-रे कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि सर्जन किडनी के ट्यूमर से प्रभावित हिस्से को हटा देता है और स्वस्थ हिस्से को बरकरार रखता है। पार्शियल नेफरेक्टोमी आमतौर पर तब की जाती है जब किडनी का ट्यूमर फैला नहीं हो, जबकि रेडिकल नेफरेक्टोमी में सर्जन पूरी किडनी को हटा देता है और इसके आस-पास के लिम्फ नोड्स को भी हटा सकता है। अगर किडनी का ट्यूमर बड़ा है तो इस प्रक्रिया की सलाह दी जाती है।
बीमारी से खुद को कैसे सुरक्षित रखें, इस बारे में डॉ. अग्रवाल ने कहा, “हालांकि किडनी कैंसर को रोका नहीं जा सकता, लेकिन कुछ उपायों का पालन करके बीमारी के जोखिम को कम किया जा सकता है। इनमें धूम्रपान से परहेज करना, उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करना, साल में एक बार नियमित अल्ट्रासाउंड करवाना और स्वस्थ वजन बनाए रखना शामिल है।
पेट में दर्द, लगातार वजन कम होना और यूरिन में खून आन किडनी कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं: डॉ. धर्मेंदर अग्रवाल
युवा अपनी ऊर्जा और विचारों के दम पर अपने आप में टेक्नो एंटरप्रेन्योर बनने की क्षमता रखें: प्रोफेसर आशुतोष शर्मा
चंडीगढ़ (हरजिंदर सिंह, सोनू) । देश में शोध और इंटरप्रीन्योरशिप का चलन लगातार बढ़ रहा है। आईसर जैसे संस्थान के मजबूत शिक्षण और शोध छात्रों में इनोवेशन और इंटोप्रीन्योरशिप को आगे बढ़ाने में बल दे रहे हैं। इस दिशा डीएसटी के निधि प्रोग्राम और नीति आयोग के एआईएम प्री इन्क्यूबेशन से लेकर मार्केट स्टेज की पूरी श्रृंख्ला को मजबूती दे रहे हैं। युवा वैज्ञानिक बाद में नही, बल्कि अभी ही अपने आप में टेक्नो इंटरप्रीन्योर बनने की क्षमता रखे जब आपके पास व्यापक उर्जा, विचारों का भंडारण और कम पारिवारिक जिम्मेवारियां हैं। यह आह्वान मोहाली स्थित नेशनल इंस्टीच्यूट आफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च आईआईएसईआर की 13वीं कोनवोकेशन में वर्चुअल माध्यम से उपस्थिति इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के अध्यक्ष और भारत सरकार के साइंस और तकनीकी विभाग के पूर्व सचिव आशुतोष शर्मा ने किया। कॉनवोकेशन की अध्यक्षता संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन डॉ जेएस यादव ने की। दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 291 युवा वैज्ञानिकों को डिग्रियां प्राप्त हुई। समारोह के दौरान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर अनिल कुमार त्रिपाठी ने रजिस्ट्रार प्रोफेसर जगदीप सिंह की मौजूदगी में संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट पेश की जिसमें फैकल्टी, स्टूडेंट्स और संस्थान की उपलब्धियों को उजागर किया गया। दीक्षांत समारोह के दौरान 168 बीएस-एमएस, चार एमएस, नौ बीएस और 110 पीएचडी डिग्री धारकों को फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, मैथमेटिक्स, अर्थ, एनवायरमेंट साइंसिस, ह्यूमैनिटी और सोशल साइंस विषयों में सम्मानित किया गया। बीएस-एमएस स्टूडेंट्स में से जेम्स वाट्स को बेस्ट ऐकेडमिक परफोरमेंस के लिए प्रेजिडेंट गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया जबकि प्राज्कता तानाजी माने को आटो फिजिक्स के लिये प्रोफेसर एसएन कौल मेडल से पुरस्कृत किया गया। आकांक्षा सिंह को बायोलॉजी, रिशब पांडा को कैमेस्टी, रुपकथा चंद को मैथ्स और जेम्स वाट्स को फिजिक्स में एकेडमिक एक्सीलेंस पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इस दौरान लगभग 400 कमरों का एक हॉस्टल का भी उद्घाटन किया।
आईआईएसईआर मोहाली एनआईआरएफ रैंकिंग में देश भर में 51वां स्थान रखता है। गत 17 वर्षो में इस संस्थान ने विज्ञान के कार्यक्षेत्र में नये आयाम स्थापित किये है जबकि यहां से दीक्षा प्राप्त स्टूडेंट्स ऑक्सफोर्ड, एमआईटी, कोर्नेल, स्टेनफोर्ड, कालटेक, टीआईएफआर, एनसीबीएस, आदि विश्व के प्रतिष्ठित संस्थान में ख्याति अर्जित की है।



बारिश के पानी की संभाल बहुत जरूरी : डॉ.केपी सिंह
चंडीगढ़ (हरजिंदर सिंह, सोनू)। जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन के संस्थापक प्रभुनाथ शाही ने पंजाब के प्रसिद्ध जल विशेषज्ञ,पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के भूगर्भ विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. केपी सिंह से जल की समस्या और समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की ।
प्रोफ़ेसर केपी सिंह ने जल के महत्वता को बताते हुए अधिक से अधिक जल बचाने पर ज़ोर देते हुए बारिश के पानी की सम्भाल के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिये। उन्होंने फ्री पानी की व्यवस्था की आलोचना करते हुए बताया कि इससे पानी की बर्बादी होती है। डॉ. सिंह ने आग्रह किया कि हम सभी को रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम को अपने घरों में और सामाजिक,धार्मिक स्थलों तथा सरकारी इमारतों पर अवश्य लगाना चाहिए।
श्री त्रिशक्ति मंदिर सेक्टर -49डी के सामने लगाई छबीला
चंडीगढ़ । मां त्रिशक्ति की कृपा से मंगलवार को श्री त्रिशक्ति मंदिर सेक्टर -49डी चंडीगढ़ के सामने ठंडे शरबत की छबील साथ में खरबूजा
वा मंदिर में माता की चौंकी और भंडारे का आयोजन किया गया।
परम पूज्य श्री श्री शशि माता और भक्त अशोक शर्मा के पावन सनिध्य में इस शुभ कार्य का आयोजन किया गया।
इस पुण्य कार्य को सफल बनाने में पंडित गौरव शर्मा,ओमांश शर्मा, रिचा शर्मा, वैष्णवी शर्मा, रमेश कुमार, मनीष कुमार, गौरव गोयल, अश्विनी शर्मा, शारदा शर्मा, श्वेता शर्मा, भावना, रजनी, मंजीत कौर, सरोज और सरिता इत्यादि का सेवा में विशेष योगदान रहा।
छबील का शुभारंभ सुबह 9:30 बजे से होकर देर शाम 5 बजे तक चलता रहा।
मुख्य पुजारी पंडित गौरव शर्मा ने बताया कि मंदिर में माता का विशेष आशीर्वाद प्राप्त करने और अपनी इच्छा पूर्ति के लिए माता की भेंट चढ़ाई जाती है ।
वहीं मंदिर में प्रत्येक मंगलवार को सुबह 11 से 1 बजे तक माता की चौंकी और भंडारे का आयोजन भी किया जाता है ।

आशीष सर्विस स्टेशन इंडियन ऑयल पेट्रोल पम्प पर छबील का हुआ आयोजन
चंडीगढ़। आशीष सर्विस स्टेशन सेक्टर 42 इंडियन ऑयल पेट्रोल पम्प के प्रांगण में निर्जला एकादशी के शुभ अवसर पर ठंडे मीठे पानी की दो दिवसीय छबील का आयोजन हुआ। सर्विस स्टेशन के संचालक नरेश पूरी ने बताया कि सुबह 11 बजे से शाम तक लोगों के लिये छबील की सेवा की गई और बुधवार को भी जारी रहेगी ।
इस पावन अवसर पर स्थानीय पार्षद जसबीर सिंह बंटी और जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन के संस्थापक प्रभुनाथ शाही भी शामिल हुए और नरेश पुरी के सामाजिक कार्यों की सराहना की ।

शिव शक्ति भोला मंदिर गांव रायपुर खुर्द ने 25 वां वार्षिक मूर्ति स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया
चंडीगढ़(हरजिंदर सिंह, सोनू)। शिव शक्ति भोला मंदिर गांव रायपुर खुर्द चंडीगढ़ की ओर से 25 वां वार्षिक मूर्ति स्थापना दिवस श्रद्धापूर्वक, हर्षोल्लास से मनाया गया । इस दौरान मंदिर के संचालक रामलाल भोला ने बताया कि सुबह देव प्रतिमाओं का अभिषेक पूजन व श्रृंगार किया गया । जिसके साथ ही मंदिर परिसर में महिला संकीर्तन मंडली की प्रधान दर्शन रानी और अन्य सदस्य जिनमें आशा रानी, राधा रानी, श्रीमती जैन, नरेंद्र कौर, किरना रानी, अमन, सरोज, नीलम, सविता ने सभी देवी देवताओं की महिमा का मधुर भजनों से गुणगान करते हुए दोपहर तक माहौल को भक्तिमय रंग में रंग दिया ।
इस शुभ अवसर पर विशेष अतिथियों के तौर पर श्री राम मंदिर प्रधान सेक्टर 47 श्री सूद जी, केनरा बैंक से रेनू मेहता, आशा किरण सेक्टर 46 चंडीगढ़ से नितेश कुमार ने शिरकत की । मंदिर के संचालक ने बताया कि आशा किरण एक ऐसी संस्था है जहां जरूरतमंद दिव्यांगों को चेयर, कानों की मशीन, वॉकर आदि सामान मुफ्त में दिया जाता है । इस मौके पर कई गणमान्य लोगों को सिरोपा पहनाकर , माता की चुनरियां भेंट कर और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया । वहीं दोपहर को मंदिर परिसर में भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने विशाल भंडारे में 24 प्रकार के व्यंजन प्रसाद के रूप में ग्रहण किये ।



जि़ंदगी के यूट्यूब चैनल और ज़ी5 पर फवाद खान-सनम सईद अभिनीत ‘बरज़ख’ देखिए 19 जुलाई से
चंडीगढ़ । छह खूबसूरत पोस्टर्स के साथ बरज़ख की दुनिया की झलक पेश करते हुए ज़ी जि़ंदगी लेकर आया है बहुप्रतीक्षित सीरीज ‘बरज़ख’। ऐसा करते हुए ज़ी जि़ंदगी ने अपने दायरे का थोड़ा और विस्तार किया है। इस जबर्दस्त शो का निर्देशन, चुड़ैल्स और केक वेब सीरीज के निर्माता आसिम अब्बासी ने किया है। ये सीरीज पाकिस्तान की ओर से ऑस्कर में आधिकारिक एंट्री के रूप में भेजी गई थी। जि़ंदगी के साथ उनकी ये दूसरी साझेदारी है। फ्रांस में प्रतिष्ठित सीरीज मेनिया फेस्टिवल में बहुप्रशंसित प्रीमियर के बाद ‘बरज़ख’, दुनियाभर के दर्शकों के लिए जि़ंदगी के यूट्यूब तथा ज़ी5 पर शुक्रवार, 19 जुलाई से उपलब्ध होगी। इसमें पूरी दुनिया के पसंदीदा आईकन फवाद खान और टैलेंटेड सनम सईद ने अभिनय किया है।
‘बरज़ख’ में 76 साल के एक तन्हा व्यक्ति की जि़ंदगी दिखाई गई है। वे एक वीरान रिज़ॉर्ट में अपने बिछड़े हुए बच्चों और पोते-पोतियों को बेहद ही अलग तरह के जश्न व कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए बुलाते हैं। यह उनके पहले प्यार के साथ शादी का मौका है, जोकि एक भूतनी है। भावनाओं से भरपूर ये कहानी दर्शकों को जि़ंदगी की पहेलियों के बारे में सोचने पर मजबूर करती है, आखिर मरने के बाद क्या होता है। साथ ही प्यार के उस अटूट रिश्ते की ओर ध्यान दिलाती है जो हमें आपस में जोड़ता है।
इस सीरीज में दर्शकों को हुन्जा घाटी के खूबसूरत नजारों से रूबरू कराया गया है और यहां की खूबसूरती को दर्शाते हुए जि़ंदगी की कहानी को परदे पर उकेरा गया है।
6 एपिसोड की इस सीरीज में फवाद खान और सनम सईद के अलावा, सलमान शाहिद, एम. फवाद खान, इमान सुलेमान, खुशहाल खान, फैजा गिलानी, अनिका जुल्फिकार, फ्रेंको गस्टी जैसे बेहतरीन कलाकारों ने काम किया है। ख्यात चैनल जि़ंदगी, फवाद और सनम को 12 साल पहले आए उनके पिछले सुपरहिट शो जि़ंदगी गुलजार के बाद एक बार फिर साथ लेकर आया है।
शैलजा केजरीवाल और वकास हसन के निर्माण के साथ मोहम्मद आज़मी की सिनेमेटोग्राफी वाली सीरीज, बरज़ख इस इंडस्ट्री के दूरदर्शी प्रतिभाओं का एक साझा प्रयास है। इसके साथ ही, बरज़ख दिलचस्प कहानी के जरिए बड़ी ही बेबाकी से मेंटल हेल्थ, पोस्टपार्टम डिप्रेशन, अलग-अलग पीढ़ी के आपसी मतभेद और लैंगिक समानता जैसे मुद्दों पर बात करती है। ये सीरीज सामाजिक मान्यताओं को चुनौती देती हुई नजर आती है। ये इंसानी अस्तित्व के जटिल ताने-बाने में लोककथाओं की महत्वपूर्ण भूमिका की तरफ भी ध्यान दिलाती है और दर्शकों को जि़ंदगी की बारीकियों के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करती है।
निर्देशक आसिम अब्बासी कहते हैं, “हर कहानीकार अपने कॅरियर में ऐसा सपना देखता है कि उसे खुलकर अपनी बात कहने की आजादी मिले। बरज़ख वही है- इस जंगल में मैं अपनी धुन में कुछ जादू रचने की उम्मीद में इधर-उधर दौड़ रहा हूं – कुछ ऐसा बनाने की सोच रहा हूं जिसमें थोड़ा अध्यात्म और काफी सारी अनोखी चीजें हों। ये कहानी है प्यार और विश्वास की। किसी से जुड़ने और अपने होने का अर्थ जानने की इंसानी बेताबी की। एक टूटा, हारा हुआ व्यक्ति कोशिश करता है उन सारी चीजों को थाम लेने की जिन्हें वो थाम सकता है, ताकि इस विशाल, बुरी, खूबसूरत चीज को समझा सके-जिसे जि़ंदगी कहते हैं। इसके लिए मैं शैलजा और जि़ंदगी का शुक्रगुजार हूं, ‘बरज़ख’ मेरे लिए सही मायने में एक अनोखा मौका है। उम्मीद करता हूं कि छह घंटों की यह सीरीज दर्शकों का मन मोह लेगी और उनका मनोरंजन करेगी। इससे भी ज्यादा मैं चाहता हूं कि यह वीरान-सी जगह कुछ अलग अंदाज में उनके दिलों में ठीक उसी तरह थोड़ा बदलाव लेकर आए जैसाकि इसके निर्माण से जुड़े हममें से काफी लोगों को इसने बदला है।’
पुरुष आयोग बनाने की मांग को लेकर 15 हजार किमी की यात्रा पर निकले बाइकर्स
शौक नहीं मजबूरी है, पुरुष आयोग जरूरी है
चंडीगढ़ ( हरजिंदर सिंह )। विश्व प्रसिद्ध बाइकर डॉक्टर अमजद ख़ान नदीम और संदीप पंवरिया 26 मई को दिल्ली से भारत के 11 हज़ार किलोमीटर की दूरी तय करते हुए सोमवार को चंडीगढ़ पहुंचे। अगले 4000 किलोमीटर तय करते हुए वापस वह 26 जून को दिल्ली जंतर मंतर पहुंचेंगे। इन्होंने अपनी बाइक यात्रा दिल्ली, लखनऊ, पटना, सिलीगुड़ी, कोलकाता, भुवनेश्वर, विशाखापट्टनम, गुंटूर, चेन्नई, रामेश्वरम, कन्याकुमारी, त्रिशूर गोवा, कोल्हापुर, पुणे, मुंबई, अहमदाबाद, जैसलमेर, बीकानेर सहित चंडीगढ़ पहुंची और अब चंडीगढ़ से यह राइडर्स जम्मू कारगिल, लेह, सरचू, मनाली, शिमला, देहरादून और हरिद्वार से होकर गुजरेंगे। चंडीगढ़ पहुंचने पर बाइक राइडर्स को एस्कॉर्ट करते हुए इंडियन फैमिली चंडीगढ़ के रोहित डोगरा सहित सभी मेंबरों ने पुरुष आयोग की स्थापना पर जोर दिया।
शौक नहीं मजबूरी है, पुरुष आयोग जरूरी है नारा लगाते हुए सभी ने कहा कि भारत में महिला आयोग है पर्यावरण आयोग है हर तरह के आयोग हैं लेकिन पुरुषों के लिए कोई भी ना तो कानून है और ना आयोग है, आखिर पुरुष अपनी समस्याओं को लेकर जाएं तो जाएं कहां। उन्होंने कहा कि पुरुषों के मामलों को निपटाने के लिए भी एक आयोग होना जरूरी है। बाइकर्स ने कहा कि भारत में अगर हम आंकड़े उठा कर देखें तो आधे से ज्यादा पुरुषों पर केस फर्जी या झूठे पाए जाते है। ऐसे में पुरूषों की आवाज उठाने के लिए भी कोई न कोई आयोग होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की तरह ही पुरुष भी शेषण का शिकार होते है, चाहे घर हो या फिर ऑफिस।
भारत में हर 4.4 मिनट पर एक पुरुष सुसाइड करता है और यह औसत महिलाओं के बनिस्बत ढाई गुना ज़्यादा है। यह डेटा एनसीआरबी 2022 के मुताबिक़ है। अब यह संख्या बढ़ गई होगी। अभी तक इस ओर किसी का भी ध्यान नहीं गया है कि पुरुषों के लिए आयोग होना चाहिए क्योंकि उन्हें भी इंसाफ पाने का हक है। ज्यादातर पुरुष शोषण के शिकार होते है लेकिन पुरुष होने के चलते मामले को दबा दिया जता है। अगर आयोग होगा तो वह पीड़ित पुरुष वहां पर इंसाफ की गुहार लगा सकता है और आयोग उसके केस को टेकल कर सकता है।
जानकारी के अनुसार विश्व प्रसिद्ध बाइक राइडर अमजद खान ने अब तक 1000 से अधिक रोड सेफ्टी अवेयरनेस बाइक राइड कर चुके हैं वह लिम्का बुक रिकॉर्ड सहित विश्व के लगभग सभी रिकॉर्ड बुक में अपना स्थान बना चुके हैं ।

नीरज रायका, अनीश दुबे, गोबिंद ढांडा और दीपक सिंगला बने साइकिलिंग चैम्पियनट्राइसिटी के 75 साइकिलिस्टों ने लिया भाग
चंडीगढ़ (हरजिंदर सिंह)। नीरज रायका ने मैन्स एलीट (18-40 आयु) वर्ग में रोड कैटगिरी जबकि अनीश दुबे ने एमटीबी कैटेगिरी में प्रथम स्थान हासिल कर रोएट 4.0 साइकलिंग चैम्पियनशिप अपने नाम कर ली है। चंडीगढ़ ट्राईसिटी में साइकलिंग के प्रसार में प्रयासरत काम्युनिटी ग्रुप साइकिलगढ़ द्वारा न्यू चंडीगढ़ से कुराली जंक्शन के बीच चालीस किलोमीटर स्ट्रेच में आयोजित इस चैम्पियनशिप में लगभग 75 साइकिलिस्टों ने अपना दमखम दिखाया।
रोड कैटेगिरी में जय डोगरा को दूसरा स्थान जबकि वरुण जैन को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। एमटीबी कैटेगिरी में आशीष शर्मा और संजय सिंह, दूसरे व तीसरे स्थान पर काबिज रहे।
रोड कैटेगिरी के जूनियर (15-18 वर्ष) वर्ग में कनव सैनी ने बाजी मारी जबकि गुरअसीस को दूसरा और ऐजेंलो एनरिक फ्रेंसिस तीेसरे स्थान पर रहे । इसी कैटेगिरी के मास्टर्स (40-60 वर्ष) वर्ग में गोविंद डांढ़ा को पहला पुरस्कार मिला जिसके बाद सनी जुनेजा दूसरे जबकि गौरवजीत तीसरे स्थान पर रहे। वहीं दूसरी और एमटीबी कैटेगिरी के जूनियर वर्ग (15-18 वर्ष) में प्रिंस कुमार चैंम्पियन बने। उन्होंनें दूसरे स्थान पर मंयक सिंह और तीसरे स्थान पर रहे आरव गुप्ता को पछाड़ा। इसी कैटेगिरी के मास्टर्स (40-60 वर्ष) वर्ग में दीपक सिंगला ने बाजी मारी। नरेश कुमार दूसरे जबकि छवि कुमार को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।
महिलाओं 18 वर्ष से अधिक कैटेगिरी में हिमांशी सिंह ने खिताब अपने नाम किया जबकि स्वाति सबलोक दूसरे और अनामिका तीसरे स्थान पर रहे। जूनियर कैटेगिरी में लकीशा ने बाजी मारी जिन्होंनें हरसिमरत कौर को पछाड़ा। आयोजक मीशा बराड़ के अनुसार चैम्पियनशिप आयोजित करने का उद्देश्य कंपीटेटिव साइकिलिंग को बढावा देना था जिससे की चंडीगढ़ के साइकिलिस्ट नैश्नल स्तर में खिताब अपने नाम करें।


सांसद मनीष तिवारी ने सामुदायिक केंद्र सेक्टर 42 में की ट्री एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत
चंडीगढ़(हरजिंदर सिंह, सोनू)। सामुदायिक केंद्र सेक्टर 42 में रविवार शाम को नव निर्वाचित सांसद मनीष तिवारी का स्थानीय निवासियों ने पार्षद जसबीर सिंह बंटी के नेतृत्व में स्वागत किया। सांसद मनीष तिवारी ने भी कार्यक्रम में मौजूद सभी निवासियों का हृदय से धन्यवाद किया । इस स्वागत समारोह में चंडीगढ़ के मेयर कुलदीप कुमार और कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की भी मौजूद रहे ।
वहीं सांसद मनीष तिवारी के स्वागत अवसर पर जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन के संस्थापक प्रभुनाथ शाही ने पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन को लेकर उत्तम विचार रखे तथा सांसद के समक्ष चंडीगढ़ के स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा की । इस मौके पर फाउंडेशन द्वारा संचालित ट्री एंबुलेंस सेवा की सामुदायिक केंद्र में सांसद मनीष तिवारी ने शुरुआत की ।
कार्यक्रम के अंत में सांसद मनीष तिवारी ने एक बार फिर मौजूद सभी गणमान्य लोगों का धन्यवाद किया और सभी कार्यों को पूरा कराने का आश्वासन भी दिया ।

