चंडीगढ़ । देश के सर्वोच्च सीए संघ – दी इंस्टीच्यूट आफ चार्टेड अकाउंटेंड्स आफ इंडिया द्वारा हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किये गये यूनियन बजट की कड़ी में ‘सेमिनार ऑन बजट’ का आयोजन किया गया जिसमें ट्राईसिटी के लगभग 250 सीए शामिल हुये। सेमिनार आयोजित करने का उद्देश्य सीए समुदाय को बजट संबधी आगामी वित्त से लागू होने वाले प्रावधानों को सीए प्रोफेशनलों से अवगत करवाना था जिसके बाद वे अपने उपभोक्ताओ को इन जटिलाओं की जानकारी दे सके। इस अवसर पर जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर जय शंकर उपाध्याय मुख्यातिथि के रुप में शामिल हुये जबकि नई दिल्ली स्थित आईसीएआई के नैश्नल वाइस प्रेजीडेंट सीए चरनजोत सिंह नंदा मुख्य वक्ता के रुप में शामिल हुये। आईसीआईए चंडीगढ़ ब्रांच के चेयरमैन सीए अभिषेक सिंह चौहान ने अपने स्वागत संबोधन पर बल दिया कि आईसीएआई जहां सरकार द्वारा पेश बजट का स्वागत करता है वहीं दूसरी ओर अपनी जिम्मेवारी भी समझता है कि बजट व इससे जुड़े टेक्सेशन की पेचिदगियों को सहजपूर्ण तरीके से आम जनता को समझाने में मदद करे। डोमेस्टिक, इंस्टीच्यूशन, बड़े कारपोरेट घरानों व किसी भी वित्तीय मामलों में सीए की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और बजट में प्रस्तावित संशोधित टेक्सेशन की समझ रखने वाले सीए अन्य लोगों में इन जटिलाओं को सरलता से प्रसारित करने की समझ रखते हैं। सैमिनार में सीए नंदा ने बजट द्वारा स्टाक मार्केट, सीए एसके अग्रवाल ने सर्च एंड सीजर क्लोजर मामलों, सीए हंस राज चुघ ने आयात व निर्यात, सीए राज चावला ने लघु उद्योगों और सीए गिरिश आहुजा ने इंकम टेक्स पर पड़ने वाले प्रभावों पर अपने विचार व्यक्त किये। इस दौरान सीए अतुल कुमार गुप्ता, सीए अविनाश गुप्ता, सीए प्रतीक बिंदल, सीए मस्तान सिंह चंबियाल और सीए प्रमोद वत्स ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
चंडीगढ़ । प्रतिष्ठित लाॅ फर्म – एसएंडए लाॅ ने देशभर के प्रतिष्ठित एज्यूकेशनल संस्थानों से 13 प्रतिभाशाली लाॅ स्टूडेंट्स को नियुक्त करते हुये अपने वर्ष 2024 कैंपस हायरिंग अभियान का सफलतापूर्वक समापन किया है। ये नये एसोसिएट्स विभिन्न प्रेक्टिस एरिया जैसे डिस्पयूट रेज्यूलूशन, कारपोरेट लाॅ एंड लिटिगेशन आदि में अपनी सेवाएं प्रदान करेंगें। यह युवा प्रतिभाशाली ओडिशा के नैश्नल लाॅ यूनिवर्सिटी, गुजरात नैश्नल लाॅ यूनिवर्सिटी, भोपाल स्थित नेश्नल लाॅ इंस्टीच्यूट यूनिवर्सिटी, पुणे स्थित सिंबोयसिस लाॅ स्कूल, रायपुर स्थित हिदायतुल्लाह नैश्नल लाॅ यूनिवर्सिटी, पटियाला स्थित राजीव गांधी नैश्नल यूनिवर्सिटी आफ लाॅ और दिल्ली स्थित गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से चयनित की गई हैं। एसएंडए लाॅ ऑफिस के मैनेजिंग पार्टनर गुनिता पाहवा ने कहा कि इस वर्ष का कैंपस हायरिंग अभियान कानूनी पेशे के भविष्य में निवेश करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नये सहयोग नये दृष्टिकोण लाएंगे और इस कार्यक्षेत्र में नये आयाम स्थापित करेंगें।
पंचकूला। खेल की भावना को आगे बढ़ाते हुए खिलाड़ी अपने खेलों के प्रति समर्पण भाव रखें। नशा मुक्त समाज के निर्माण में खिलाड़ियों की भूमिका सबसे अहम है। उक्त विचार जिला परिषद सदस्य एडवोकेट बलविंदर चौधरी ने जिले के गांव मानकटबरा में सामाजिक संस्था प्रयोग फाउंडेशन द्वारा गोगा मेड़ी समिति के सहयोग से गांव की क्रिकेट टीम तथा उभरते खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में गांव के सरपंच देवेंद्र वालिया के साथ खिलाड़ियों को सम्मानित करने के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी रूचि दिखानी चाहिए। ताकि वह एक स्वास्थ्य समाज का निर्माण कर सकें। गांव के सरपंच देवेंद्र वालिया ने प्रयोग फांउडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जल्द ही गांव में खेल के मैदान की कमी को पूरा किया जाएगा। इस अवसर पर बोलते हुए प्रयोग फांउडेशन के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने संस्था द्वारा आयोजित किए जा रहे डेंटल जांच कैंप, मुफ्त कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम आदि की जानकारी देते हुए कहा कि गोगा मेड़ी समिति के सहयोग से गांव में जल्द ही प्राचीन एवं पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर गांव की सीनियर व जूनियर क्रिकेट टीम के अलावा एथलीट वंदिता चौधरी व अन्य खेलों में उभरते खिलाड़ियों का विशेष रूप से सम्मान किया गया। इस अवसर पर गोगा मेड़ी समिति की तरफ से पंकज वालिया, बंटी वालिया, कृष्णपाल नम्बरदार, नरेश वालिया, अमर सिंह भगत, सतीश कुमार, रणबीर वालिया, अश्वनी वालिया, मोहित भगत, समाज सेवी अरूण शर्मा, मोहन लाल, संदीप कुमार, मुकेश कुमार, प्रदीप कुमार, कुलदीप,चरण सिंह, देवांश,अंश, यश वालिया,आशीष वालिया, शंटी गुज्जर, अमृत लाल गुज्जर समेत कई गणमान्य मौजूद थे।
चंडीगढ़। जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन की ओर से विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर सेक्टर- 63 चंडीगढ़ के आवासीय परिसर में समाज सेविका रिंकू सिन्हा के सहयोग से फूलदार और फलदार पौधे लगाये गये। वहीं रविवार के इस पौधरोपण कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों से लेकर बच्चे तक सभी बड़े उत्साह से शामिल हुए। सभी ने पौधे लगाने के साथ – साथ इसको बचाकर वृक्ष बनाने का संकल्प लिया। फाउंडेशन के संस्थापक प्रभुनाथ शाही ने बताया कि पुराने रोपित पौधे बहुत अच्छे चल रहे है और रिंकू सिन्हा की टीम की देखरेख में इन पौधों की भी देखभाल अच्छी होगी उन्हें पूरा विश्वास है । शाही ने चंडीगढ़ में अभी तक एक अच्छी बारिश नहीं होने पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि यह हमारे जलवायु परिवर्तन का सूचक है,इससे बचने के लिए हमें अपने पेड़ो की संख्या में वृद्धि करना बहुत ज़रूरी है। समाज सेविका रिंकू सिन्हा ने चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम के संबंधित विभागों के अधिकारियों से आग्रह किया कि चंडीगढ़ के विभिन्न नये आवासीय क्षेत्रों में नागरिकों को पौधरोपण के लिए एक पौधा उपलब्ध कराकर प्रोत्साहित किया जाए। इस दौरान पौधरोपण कार्यक्रम में संजय कुमार,जोगिंदर सिंह पाल,शिवदास,राजेश कुमारी,जयबीर जौली,उजागर सिंह,रीशिता,सविता,अन्नु,प्रेरणा सिन्हा और रजनीश राणा का विशेष सहयोग रहा।
चंडीगढ़ । निसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने सरकार द्वारा मांगे गए सुझावों का स्वागत करते हुए ट्रांसपोर्ट विभाग के कदम को सराहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वाहन उपलब्ध करवाना सरकार, अभिभावक, और स्कूल प्रशासन का सामूहिक कार्य है। विद्यार्थियों को सुरक्षित और किफायती परिवहन सेवा प्रदान करने के लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करने की आवश्यकता है। कुलभूषण शर्मा ने सरकार से मांग की कि जिस प्रकार एम्बुलेंस सेवा को सब्सिडी प्रदान की जाती है, उसी प्रकार स्कूल वाहनों पर भी सब्सिडी प्रदान की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले जीएसटी और राज्य सरकार द्वारा वसूले जाने वाले टैक्स को भी माफ करने की अपील की। उनका मानना है कि इस कदम से बच्चों को सस्ते दाम पर सुरक्षित परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी, जिससे उनकी सुरक्षा के अधिकतम उपाय अपनाए जा सकेंगे। शर्मा ने यह भी कहा कि स्कूल बसें कमाई का साधन नहीं हैं, बल्कि यह एक सुविधा है जो विद्यार्थियों को स्कूल तक लाने और उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए प्रदान की जाती है। इसलिए, सरकार को कम ब्याज दर पर स्कूल बसों के लिए लोन की सुविधा भी उपलब्ध करानी चाहिए। इस प्रकार की सहायता से स्कूल बसों का संचालन और अधिक सुरक्षित और सुचारू हो सकेगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा के सभी स्कूल सरकार की सुरक्षित वाहन नीति का पालन करने के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही, उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वे स्कूल प्रिंसिपल्स को सुरक्षित वातावरण प्रदान करें और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें, बशर्ते कि स्कूल सभी नियमों का पालन कर रहे हों। कुलभूषण शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की संयुक्त पहल से विद्यार्थियों को सुरक्षित और किफायती परिवहन सेवा मिल सकेगी, जिससे उनका शैक्षिक अनुभव और भी बेहतर हो सकेगा।
लोग अब किसानों से उनके प्राकृतिक और जैविक उत्पाद खुद खरीद सकते हैं। उनसे आगे के लिए सीधा संपर्क स्थापित कर सकते हैं। जिससे वह न केवल किसानों का समर्थन करेंगे बल्कि उन्हें भी किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्राप्त हो सकेंगे। इसी पहल के तहत ही हरियाणा में अपनी तरह का सबसे बड़ा एफपीओ मेला आज अंबाला सिटी की नई अनाज मंडी में शुरू हुआ है। यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 26 से 28 जुलाई तक चलेगा और इसमें भारत भर के 40 से अधिक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) शामिल हो रहे हैं, जो 1,000 से अधिक प्राकृतिक और जैविक किसान उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मेले में केंद्रीय सरकार की आरकेवीवाई रफ्तार योजना द्वारा वित्त पोषित 8 स्टार्टअप्स भी भाग ले रहे हैं, जो अपनी नवीन कृषि तकनीकों का प्रदर्शन कर रहे हैं। बाबा बिधि चंद एग्रो इंडस्ट्रीज प्रा. लि. के श्री जपिंदर सिंह ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “यह मेला हमारे लिए उपभोक्ताओं तक सीधे पहुंचने और उन्हें हमारे जैविक उत्पादों के फायदों के बारे में शिक्षित करने के लिए एक शानदार मंच है। दर्शकों से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया से हम बहुत खुश हैं।”
मास्टर ब्रेन एग्रो इंडस्ट्रीज प्रा. लि. के श्री गुरसेवक सिंह ने ऐसे कार्यक्रमों के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ना हमारे लिए विश्वास बनाने और उच्च गुणवत्ता वाले प्राकृतिक उत्पादों को दिखाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।” ग्रीनअफेयर सस्टेनेबल की कोमल जयसवाल ने कहा, “यह प्रेरणादायक है कि इतने सारे लोग टिकाऊ और जैविक उत्पादों में रुचि ले रहे हैं। यह मेला स्वस्थ जीवन शैली के विकल्पों की बढ़ती जागरूकता और मांग का प्रमाण है।” मेले में आए एक दर्शक, श्री मनोज शर्मा ने अपनी संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा, “यह मेला किसानों से बातचीत करने और उन उत्पादों की उत्पत्ति को समझने का एक शानदार अवसर है, जिनका हम उपभोग करते हैं। उपलब्ध वस्तुओं की गुणवत्ता और विविधता प्रभावशाली है और किसानों को सीधे समर्थन देना बहुत अच्छा है।”
एफपीओ मेले के आयोजक राहुल ने कहा, “हमारा उद्देश्य किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है। इस मेले के माध्यम से, हम किसानों को उनके उत्पादों के साथ उपभोक्ताओं तक सीधे पहुंच प्रदान कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि यह मेला किसानों के लिए महत्वपूर्ण लाभ लाएगा और उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्रदान करेगा।” मेला अगले दो दिनों तक सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक जारी रहेगा। दर्शक अधिक इंटरेक्शन, अद्वितीय उत्पाद खोज और मनोरंजन की उम्मीद कर सकते हैं। जो लोग घर से उत्पाद ऑर्डर करना चाहते हैं, उनके लिए एफ2डीएफ (किसान की ऑनलाइन दुकान) एप्लिकेशन उपलब्ध है, जो सभी को सुविधा और पहुंच प्रदान करती है।
ये भी हैं आकर्षण
उपभोक्ताओं के लिए इस मेले में केवल खरीददारी करने का ही मौका नहीं है। बल्कि उनके लिए पारिवारिक गतिविधियां भी इस मेले में रखी गई हैं। मेले में बच्चों के लिए खेल गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिससे बच्चे भी अपने माता-पिता के साथ आकर यहां आनंद उठा रहे हैं। मेले में मनोरंजन के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें समूह नृत्य और अन्य मनोरंजक गतिविधियां शामिल हैं। हरियाणवी कल्चर से लोगों को परिचित कराया जा रहा है। इसके अलावा यहां आने वाले आंगतुकों के लिए लकी ड्रॉ का आयोजन भी किया जा रहा है। जिसमें जीतने वाले को बेहतरीन पुरस्कार दिए जा रहे हैं।
चंडीगढ़ । अपनी प्रमुख छात्रवृत्ति परीक्षा एंथे के गौरवशाली 15 वर्ष पूरे करते हुए, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड ने परीक्षण तैयारी सेवाओं में राष्ट्रीय अग्रणी, गर्व से बहुप्रतीक्षित आकाश नेशनल टैलेंट हंट एग्जाम के नवीनतम संस्करण के लांच की घोषणा की। एंथे 2024 के लांच के साथ, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अगले दूरदर्शी लोगों की तलाश शुरू हो गई है। आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) के सीईओ और एमडी दीपक मेहरोत्रा ने कहा कि एंथे ने अनगिनत छात्रों की आकांक्षाओं और क्षमताओं के बीच अंतर को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है,एंथे 2024 के साथ, हम भविष्य के डॉक्टरों और इंजीनियरों को विकसित करने, अगले एपीजे अब्दुल कलाम, एचजी खुराना, एमएस स्वामीनाथन और जेसी बोस की तलाश के लिए एक राष्ट्रीय प्रतिभा खोज शुरू कर रहे हैं जो अग्रणी काम करेंगे और विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग,गणित के क्षेत्र में भारत को गौरवान्वित करेंगे। महान वैज्ञानिक जैसे सर जगदीश चंद्र बसु, जिन्होंने वनस्पति विज्ञान में महत्वपूर्ण योगदान दिया और डॉ. एमएस स्वामीनाथन, जिन्हें भारत की हरित क्रांति का जनक माना जाता है। डॉ. हर गोबिंद खुराना, जिनकी जैव रसायन में की गई खोजों ने आनुवंशिकी को नया आकार दिया और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, जिनके दूरदर्शी एयरोस्पेस और मिसाइल प्रौद्योगिकी में काम ने एक राष्ट्र को प्रेरित किया। आकाश इसका मार्गदर्शन करने का प्रयास करता है छात्र समर्पण और नवाचार के साथ समान उत्कृष्टता प्राप्त करें। लोकप्रिय और अत्यधिक मांग वाली इस परीक्षा के माध्यम से कक्षा सातवीं से बाहरवीं तक के छात्रों को 100 प्रतिशत तक की स्कॉलरशिप और महत्वपूर्ण नकद पुरस्कार प्राप्त करने का अवसर मिलता है, जिससे वे चिकित्सा या इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सफल करियर के अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। इस वर्ष, इसे विशेष और रोमांचक बनाने के लिए इसमें पांच उत्कृष्ट छात्रों के लिए फ्लोरिडा, यूएसए में कैनेडी स्पेस सेंटर की पांच दिवसीय पूर्ण-खर्च-भुगतान यात्रा शामिल की गई है। फ्लोरिडा में स्थित जॉन एफ कैनेडी स्पेस सेंटर, संयुक्त राज्य अमेरिका में नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के दस फील्ड सेंटरों में से एक है। एंथे छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ताओं को आकाश के व्यापक कोचिंग कार्यक्रमों से लाभ होगा, जो छात्र नीट, जेईई, राज्य सीईटी और एनटीएसई और ओलंपियाड जैसी छात्रवृत्ति परीक्षाओं के लिए तैयारी करते हैं।
एंथे 2024 का आयोजन 19 से 27 अक्टूबर 2024 के बीच ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में, भारत के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा, 100 प्रतिशत तक की छात्रवृत्तियों के अलावा, शीर्ष स्कोरर्स को नकद पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। एंथे ऑफलाइन परीक्षा 20 और 27 अक्टूबर 2024 को आकाश इंस्टीट्यूट के सभी 315+ केंद्रों पर सुबह 10:30 से 11:30 बजे तक आयोजित की जाएगी, जबकि ऑनलाइन परीक्षा 19 से 27 अक्टूबर 2024 के बीच किसी भी समय दी जा सकती है। छात्र अपने अनुकूल समय में एक घंटे का स्लॉट चुन सकते हैं। एंथे एक घंटे की परीक्षा होगी, जिसमें कुल 90 अंक होंगे और 40 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जो छात्रों की उनकी कक्षा और विषय विचारों के आधार पर होंगे। कक्षा 7 से 9 के छात्रों के लिए, प्रश्न भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, गणित और मेंटल एबिलिटी से संबंधित होंगे। कक्षा 10 के छात्रों के लिए चिकित्सा शिक्षा के लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान और मेंटल एबिलिटी से संबंधित होंगे, जबकि इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और मेंटल एबिलिटी से संबंधित होंगे। ठीक उसी तरह, नीट के लिए लक्ष्य रखने वाले कक्षा 11-12 के छात्रों के लिए प्रश्न भौतिकी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और जूलॉजी से संबंधित होंगे, जबकि इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित से संबंधित होंगे। एंथे 2024 के लिए रजिस्ट्रेशन फार्म जमा करने की अंतिम तिथि ऑनलाइन परीक्षा के प्रारंभ से तीन दिन पहले और ऑफलाइन परीक्षा के प्रारंभ से सात दिन पहले है। परीक्षा शुल्क दोनों ऑफलाइन और ऑनलाइन मोड के लिए 200 रूपये फीस निर्धारित की गई है। छात्र 15 अगस्त 2024 से पहले पंजीकरण शुल्क पर फ्लैट 50 प्रतिशत की छूट भी प्राप्त कर सकते हैं । एंथे 2024 के परिणाम 8 नवंबर 2024 को कक्षा 10 के छात्रों के लिए, 13 नवंबर 2024 को कक्षा 7 से 9 के लिए, और 16 नवंबर 2024 को कक्षा 11 और 12 के छात्रों के लिए घोषित किए जाएंगे। इन परिणामों को हमारी एंथे की वेबसाइट anthe.aakash.ac.in पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस बार एंथे अपने 15वें सफल वर्ष का जश्न मना रहा है, और इसके पास श्रेष्ठ उपलब्धियों का एक शानदार रिकॉर्ड है। इन वर्षों में, एंथे के कई छात्रों ने नीट यूजी और जेईई एडवांस्ड जैसी प्रतिष्ठात्मक परीक्षाओं में शीर्ष स्थान हासिल किए हैं। एंथे के माध्यम से आकाश में दाखिल होने वाले कुछ प्रमुख उपलब्धियां शामिल हैं: ऋषि शेखर शुक्ला (जेईई एडवांस्ड 2024 एआईआर 25), कृष्णा साई शिशिर (जेईई एडवांस्ड 2024 एआईआर 67), अभिषेक जैन (जेईई एडवांस्ड 2024 एआईआर 78) ।
चंडीगढ़ । चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के केंद्रीय प्रभारी रणधीर सिंह बेनीवाल एवं केंद्रीय प्रभारी चंडीगढ, पंजाब विपुल कुमार के द्वारा चंडीगढ़ प्रदेश की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। नई गठित की गई कमेटी में अध्यक्ष,बृजपाल, उपाध्यक्ष- सुनील कुमार,विश्वास कुमार, महासचिव- विक्रांत गौतम, शंकर राव, त्रिलोक चंद, गिरवर सिंह, सचिव- इंद्रवीर, राजकुमार, शिमला देवी, मनोज पारखी, दिनेश जाटव, वित्त सचिव- हरभजन दास, मीडिया प्रभारी-दिनेश दहिया, सह प्रभारी- राजा राजिंदर सिंह ननहेरिया, सुखदेव सिंह, लखविंदर केके और ग्रामीण अध्यक्ष- सुरिंदर सिंह खुडा को नियुक्त किया गया है।
चंडीगढ़ । शिक्षाप्रद कहानियां, कविताएं छोटे बच्चों की मानसिकता का विकास करती है। ऐसी रोचक बाल कथाएं बच्चों का मनोरंजन करने के साथ उन्हें भविष्य में बेहतर बनाने में और शिक्षित करने में अपनी अहम भूमिका निभाती हैं। यह कहना है वरिष्ठ साहित्यकार व कवि प्रेम विज का। प्रेम विज जिनकी 20 पुस्तकें हास्य व्यंग्य लेख, काव्य, कहानी आलोचनात्मक लेखन पर आधारित है, उनकी 21वीं अनुवादित किताब ’कर भला हो भला’ बाल कथा संग्रह है। प्रेम विज इस अनुवादित बाल कथा संग्रह ’कर भला हो भला’ ,जिसे प्रिंसिपल बहादुर सिंह गोसल ने पंजाबी में लिखा है जो कि प्रसिद्ध बाल साहित्यकार, शिक्षा शास्त्री, अध्यापक भी हैं,का विमोचन चंडीगढ़ प्रेस क्लब में हाल ही में प्रेस क्लब चंडीगढ़ में दिल्ली से आए साहित्यकार रणविजय राव ने किया था। इस दौरान कवि डाॅ.विनोद कुमार शर्मा, लेखिका डाॅ. सरिता मेहता और किताब के लेखक प्रिंसिपल बहादुर सिंह गोसल उपस्थित थे। प्रेम विज ने बताया कि इस किताब में 10 कहानियां प्रेरणादायक हैं और बच्चों को इन्हें पढ़कर समाज में एक अच्छा व बेहतर मददगार इंसान बनने की प्ररेणा मिलेगी। उनके व्यवहार में सुधारात्मक वृद्धि होगी।
बच्चों का मानसिक स्तर बढ़ाने के लिए बाल कहानियां सुनाना और पढना दोनों लाभप्रदः प्रेम विज
साहित्यिक कार्य के लिए सूक्ष्मता और अर्थ अनुवाद के लिए बहुत मायने रखता हैः प्रेम विज
उन्होंने बताया कि पंजाबी व हिन्दी के बाल विद्यार्थियों को यह किताब एमाजॉन में आसानी से उपलब्ध हो जाएगी, या वह पुस्तक प्रकाशक या अनुवादकर्ता से प्राप्त कर सकते हैं। प्रेम विज बताते हैं कि अच्छा अनुवाद करना एक कठिन कार्य है लेकिन यदि भाषा का पूर्ण ज्ञान हो तो कठिनाई नही आती। साहित्यिक कार्य के लिए सूक्ष्मता और अर्थ अनुवाद के लिए बहुत मायने रखता है। मेरी इग्लिश, हिन्दी और पंजाबी भाषा में बहुत ही खासी पकड़ है। कहानीकार लेखन प्रिंसिपल बहादुर सिंह गोसल ने बच्चों को कहानियों में चुनिंदा व सरल पंजाबी भाषा का उपयोग किया है जिसे मैंने हिन्दी के चुनिंदा शब्दों में सरल बना कर हिन्दी पाठक बच्चों के लिए सुविधाजनक बना दिया है। उन्होंने बताया कि किताब को अनुवाद करते हुए उन्होंने किसी प्रकार की ट्रांसलेशन एप का सहारा नहीं लिया है बल्कि अपनी बौद्धिक क्षमता का उपयोग किया है। प्रेम विज ने कहा कि साहित्य का अनुवाद यदि हम ज्यों का त्यों कर दे तो पाठक को कुछ ज्यादा समझ नहीं आता और शब्दों के जाल में ही उलझा हुआ रहता है। शब्दों का सही से नही किया गया अनुवाद हास्यप्रद भी बन जाता है। उन्होंने कहा कि शाब्दिक अर्थ का ज्ञान अनुवादक को होना जरूरी है। किताब के बारे में बात करते हुए अनुवादक प्रेम विज ने बताया कि कर भला हो भला बाल कथा संग्रह में कुल 10 कहानियां हैं। यह सभी कहानियां रोचक और प्रेरणादायक है। बच्चों का मनोरंजन करते हुए शिक्षा भी देती है। नशे से बर्बादी कहानी में नशे के बुरे प्रभावों को बताया गया है। रब की ऐनक कथा में शेर के अहंकार को दर्शाया गया है। एकता में बल कथा में बताया गया कि मिलकर हर संकट पर विजय पाई जा सकती है। सोने की चेन में पक्षियों के प्रति प्यार पैदा किया गया है। बच्चोंबाल कथा संग्रह ’कर भला हो भला’ का हुआ विमोचन
जीरकपुर । कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य पर व गर्मियों की वजह से अस्पतालों में आई रक्त की कमी को पूरा करने के लिए विश्वास फाउंडेशन पंचकूला ने गुरुदेव स्वामी विश्वास के आशीर्वाद से जीरकपुर में रक्तदान शिविर आयोजित किया। यह रक्तदान शिविर जीरकपुर में मेट्रो स्टोर के पास लगाया गया। रक्तदान शिविर में इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी जिला शाखा मोहाली का अहम योगदान रहा। शिविर में 35 डोनर्स ने ब्लड डोनेट करने के लिए रजिस्टर करवाया 2 को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की वजह से रक्तदान करने के लिए मना कर दिया गया। ब्लड बैंक एम केयर ब्लड सेंटर जीरकपुर की टीम ने डॉक्टर कार्तिक अग्रवाल की देखरेख में 33 यूनिट्स रक्त एकत्रित किया। विश्वास फाउंडेशन की अध्यक्ष साध्वी नीलिमा विश्वास ने बताया कि लोगों में यह भ्रम है कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आती है। रक्तदान के कारण कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि सभी को 90 दिन में एक बार अवश्य ही रक्तदान करना चाहिए। इससे जरूरतमंदों को मदद मिलती है साथ ही शरीर स्वस्थ रहता है। रक्तदान जैसा पुनीत काम सबसे बड़ी सेवा में आता है। इस रक्तदान शिविर में आये सभी रक्तदानियों को प्रशंसा पत्र व गिफ्ट देकर प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर विश्वास फाउंडेशन से डॉक्टर प्रेम नाथ बंसल, टी सी घई, सत्य भूषण खुराना, पवन कुमार गर्ग, संदीप परमार व अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।