Tuesday, March 10, 2026
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लाइवली ग्रुप का प्री तीज सेलिब्रेशन

चंडीगढ़ (संवाद टाइम्स) । शहर में उत्सव का माहौल बना ही रहता है, तीज आने से पहले ही जश्न शुरू है , ऐसे में महिलाओं ने तीज का त्योहार सेक्टर -43 में मनाया । इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए पूनम ने बताया कि इस उत्सव को मनाने के लिए प्राचीन संस्कृति को समर्पित पंजाबी लोक बोलियां, गीत, संगीत और गिद्दा प्रस्तुत किया गया व जिसमें लाइवली ग्रुप की युवतियां परम्परागत ड्रेस में शामिल हुईं। थीम के अनुसार हरे व पीले रंग के परिधानों में महिलाओं की बहुतायत रही। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची नैंसी घुम्मन ने विभिन्न कैटगरी की महिलाओं को सम्मानित किया । इस अवसर पर रितु गर्ग , सुषमा , बिंदु , दीपा ,राखी , सरबजीत , लखविंदर ,पूजा ,सैवी सहित 90 महिलाएं मौजूद थीं । आयोजक पूनम सेठी व रितु ने बताया कि हम मॉडर्न तो जरूर हो गए हैं लेकिन अपनी विविध संस्कृति न भूलते हुए पंजाबी बोलियों ,ढोल की थाप पर डांस करने का मज़ा तो वही जानता है जिसने यह स्वाद चखा हो ।

शहर में तीन दिवसीय विवेक हाई फिएस्टा 2024 की शुरुआत

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साइंस और हिस्ट्री पर आधारित कई आयोजनों में शामिल हो रहे हैं बच्चे

चंडीगढ़ (संवाद टाइम्स) । विवेक हाई स्कूल, चंडीगढ़ में तीन दिवसीय विवेक हाई फिएस्टा 2024 की शुरुआत हो चुकी है और इसमें कई तरह के वाइब्रेंट आयोजन किए जा रहे हैं। इसमें शामिल बच्चे भी खेल और मनोरंजन के साथ काफी कुछ नया भी सीख रहे हैं। पहले दिन की शुरुआत 31 जुलाई को प्रभावशाली साइंस फेस्ट और हिस्ट्री फेस्ट से हुई और प्रिंसिपल रेणु पुरी ने उद्घाटन समारोह के दौरान विवेक हाई फेस्ट की शुरुआत की घोषणा की।
इस शानदार आयोजन में इंटरएक्टिव साइंस क्विज, साइंस कैफे, साइंस ड्रामा और साइंस फोटोग्राफी जैसी कई रोचक साइंस गतिविधियां शामिल थीं, जबकि हिस्ट्री फेस्ट में हिस्ट्री क्विज और डाक टिकट डिजाइनिंग प्रतियोगिता शामिल थी। चंडीगढ़ कैपिटल रीजन, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के 20 प्रसिद्ध स्कूलों के कक्षा चार से प्लस टू तक के स्टूडेंट्स इस फिएस्टा में भाग ले रहे हैं। इस आयोजन में पाइनग्रोव स्कूल, सोलन और स्प्रिंगडेल, अमृतसर वसंत वैली, दिल्ली और सिंधिया स्कूल, ग्वालियर जैसे प्रतिष्ठित स्कूलों के 400 से अधिक स्टूडेंट्स शामिल हो रहे हैं। प्रत्येक कार्यक्रम में व्यक्तिगत विजेताओं को सम्मानित किया जा रहा है और फेस्ट का समापन टॉप परफॉर्म करने वाले स्कूल को एक ओवरऑल ग्रैंड ट्रॉफी प्रदान करने के साथ होगा। चंडीगढ़ के विवेक हाई स्कूल की प्रिंसिपल रेणु पुरी ने बताया कि “स्कूल स्टूडेंट्स के ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए प्रतिबद्ध है और वीएचएफ’24 का लक्ष्य इसे हासिल करना है। यह कार्यक्रम क्रिएटिविटी, नॉलेज और जोश का एक असाधारण प्रदर्शन होगा, जिसमें स्टूडेंट्स को शामिल करने और प्रेरित करने के लिए डिज़ाइन की गई विभिन्न प्रतियोगिताएं शामिल हैं।” आयोजन के दूसरे दिन, 1 अगस्त को , इंग्लिश डिबेट, प्रेरक भाषण और ड्रामेटिक इंटरप्रिटेशन प्रतियोगिताओं के साथ-साथ मूट कोर्ट प्रतियोगिता और बोलने के कौशल जैसी गतिविधियाँ आयोजित होंगी । कॉमर्स डिपार्टमेंट अगले दो दिनों में आंत्रप्रेन्योरशिप स्किल्स को प्रस्तुत करने के लिए टैगलाइन और लोगो डिजाइनिंग तथा बिजनेस वेंचर ऑफरिंग के स्टॉर्मी सेशंस से युक्त बिजनेस कॉन्क्लेव की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

आयोजन के तीसरे दिन, 2 अगस्त, 2024 को जो समापन दिवस भी है पर इंग्लिश प्रेरक स्पीकिंग, इंग्लिश डिबेट और ड्रामेटिक इंटरप्रिटेशन, बिजनेस रील टू रियल और टैगलाइन और लोगो डिजाइनिंग के फाइनल राउंड्स होंगे, उसके बाद समापन पुरस्कार समारोह आयोजित किया जाएगा। आखिरी दिन, फाइनल अवॉर्ड्स कम समापन समारोह के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल कंवलजीत सिंह ढिल्लों, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, वाईएसएम, वीएसएम, (सेवानिवृत्त) भारतीय सेना के जनरल ऑफिसर और चेयरमैन, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी), आईआईटी मंडी मुख्य अतिथि होंगे। प्रिंसिपल रेणु पुरी ने कहा कि तीन दिवसीय ‘वीएचएफ’24 छात्रों के बीच सहयोग और आपसी मेलजोल के गुणों को सामने लाने के लिए गतिविधियों की एक शानदार सीरीज की मेजबानी करेगा।

कॉलेज ऐसा माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है जो सीखने, विकास और तरक्की को बढ़ावा दे- डॉ. अजय शर्मा

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एसडी कॉलेज में दाखिला लेने वाले पहले वर्ष के स्टूडेंट्स के लिए ओरिएंटेशन सैशन आयोजित

चंडीगढ़। गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज सेक्टर -32 में मंगलवार को शैक्षणिक सत्र 2024-25 में दाखिला लेने वाले बीबीए, बीकॉम, बीकॉम (टैक्स प्लानिंग), बीसीए, बीएससी, बीएससी (ऑनर्स) बायोटेक्नोलॉजी, बीएससी (ऑनर्स) बायोइंफॉरमेटिक्स, बीवोक, डीएमएलटी कोर्सों के पहले वर्ष के छात्रों के स्वागत के लिए लिए ओरिएंटेशन सैशन आयोजित किया गया। सैशन में स्टूडेंट्स को कोड ऑफ कंडक्ट, स्टूडेंट वेलफेयर स्कीम्स, पुरस्कारों, परीक्षाओं, इंक्यूबेशन एंड एंट्रप्रन्योरशिप के अवसरों, छात्रवृत्ति और कॉलेज द्वारा छात्रों को दी जाने वाली विभिन्न अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। ओरिएंटेशन सैशन ने नए विद्यार्थियों को जीजीडीएसडी कॉलेज में अपनी शैक्षणिक यात्रा के लिए आवश्यक जानकारी और संसाधनों से सफलतापूर्वक सुसज्जित किया।
जीजीडीएसडी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने एक प्रेरक स्वागत भाषण के साथ सैशन का उद्घाटन किया, जिसमें छात्रों को उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने और कॉलेज की समग्र शैक्षिक पेशकश का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने कहा कि हम आपको कॉलेज में ऐसा माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो सीखने, विकास और तरक्की को बढ़ावा दे। डॉ. शर्मा ने छात्रों को अपने शैक्षणिक और व्यक्तिगत लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए यहाँ मौजूद अवसरों का पूरा लाभ उठाने का आहवान किया। हमारे ओरिएंटेशन सैशन का उद्देश्य स्टूडेंट्स में आत्मविश्वास पैदा करना, उत्साह बढ़ाना और हमारे छात्रों के भविष्य के प्रयासों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करना है।
कॉलेज की रजिस्ट्रार डॉ. मधु शर्मा ने छात्रों और को कॉलेज के जनरल ओरिएँटेशन, आचार संहिता, अवकाश नियम, छात्र कल्याण योजनाएं, चिकित्सा सुविधाएं, परीक्षाएं और छात्र पुरस्कारों और अन्य सुविधाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक छात्र को समर्थित महसूस हो और उन्हें उन संसाधनों और नीतियों के बारे में अच्छी जानकारी हो जो जीजीडीएसडी कॉलेज में उनकी यात्रा का मार्गदर्शन करेंगे।
कई प्रतिष्ठित शिक्षकों और प्रशासनिक प्रमुखों ने सैशन में योगदान दिया और विभिन्न सुविधाओं और नीतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सैल की डॉ. मोनिका सचदेवा ने उच्च शैक्षिक मानकों को बनाए रखने के लिए कॉलेज की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। एनईपी के समन्वयक डॉ. अमित मोहिन्द्रू ने छात्रों के लिए नई शिक्षा नीति के लाभों के बारे में बताया। कॉलेज की डीन ऑफ कॉमर्स डॉ. मेरु सहगल ने कामर्स विभाग में शैक्षणिक अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। वहीं, डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशंस के क्षेत्र में करियर के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की, जबकि डीन कल्चरल अफेयर्स डॉ. इंदु मेहता ने कॉलेज में जीवंत सांस्कृतिक परिदृश्य पर चर्चा की।
डीन साइंस डॉ. सजीव सोनी ने बीएससी के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध विभिन्न क्षेत्रों के बारे में बताया। हेड लाइब्रेरियन डॉ. गुरप्रीत सिंह ने विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध व्यापक लाइब्रेरी संसाधनों से परिचय कराया। विदेशी छात्रों के डीन डॉ.दीक्षा कक्कड़ ने विदेशी छात्रों को दी जाने वाली विभिन्न छात्रवृत्तियों और उनका लाभ उठाने की प्रक्रिया पर चर्चा की। स्कॉलरशिप सैल की प्रभारी डॉ. निधि ग्रोवर ने विद्यार्थियों को कॉलेज में उपलब्ध स्कॉलरशिप, फ्रीशिप और रियायतों के बारे में जानकारी दी।
डीन स्टूडेंट वेलफेयर (मेल) डॉ. राजिंदर मान ने एंटी रैगिंग पॉलिसी और अनुकूल शिक्षण माहौल सुनिश्चित करने में अनुशासन के महत्व पर चर्चा की। इक्वल आपरच्युनिटी सैल और छात्र शिकायत निवारण सैल की प्रभारी डॉ. गगनप्रीत वालिया ने छात्र समानता सुनिश्चित करने और शिकायतों के समाधान के लिए मौजूद तंत्र पर चर्चा की। इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के समन्वयक डॉ. विक्रम सागर ने विभिन्न इंक्यूबेशन और एंट्रप्रेन्योरशिप अवसरों पर चर्चा की। डॉ. निधि चौधरी ने पेरेंट टीचर एसोसिएशन और इसकी विभिन्न भूमिकाओं और कार्यों पर एक प्रस्तुति दी। डॉ. राकेश वर्मा द्वारा कॉलेज में खिलाड़ियों के लिए प्रतिष्ठित अवसरों और उपलब्धियों की प्रस्तुति दी गई। डॉ. प्रतिभा कुमारी ने छात्र विकास को समर्थन देने के लिए डिज़ाइन की गई मेंटर-मेंटी सुविधाओं पर चर्चा की।

चंडीगढ़ स्पाइनल रिहैब के दो पैरा-एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमके

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चंडीगढ़ । चंडीगढ़ स्पाइनल रिहैब के दो पैरा-एथलीटों ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो रिहैब सेंटर के सशक्तिकरण और पुनर्वास मिशन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।
क्वाड्रिप्लेजिक एथलीट के रूप में, अंजलि ठाकुर (25) और उनकी बहन प्रियंका ठाकुर ने वर्ल्ड बोशीया चैलेंजर, 2024 काहिरा, मिस्र में बोशीया फेडरेशन के लिए पहला पदक और भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। पैरा टेबल टेनिस में एक चमकता सितारा, विद्या कुमारी (34) ने सिंगापुर पर कड़ी जीत के बाद थाईलैंड के पटाया में इंटरनेशनल टेबल टेनिस फेडरेशन फैक्टर 40 (आईटीटीएफए) चैंपियनशिप में मिक्स्ड डबल क्लास 4 कैटेगरी में रजत पदक हासिल किया है। 2018 में, सेना में शामिल होने का सपना देखने वाली हिमाचल प्रदेश के मंडी की एक होनहार युवती को एक विनाशकारी झटके का सामना करना पड़ा। एक गंभीर दुर्घटना के बाद, उन्हें सी4-सी5 लेवल की चोट का पता चला, जिसने हमेशा के लिए उसका जीवन बदल दिया। चार साल तक, अंजलि अपने परिवार के सहारे निर्भर रही, उसके सपने टूटते हुए नज़र आए। हालाँकि, 2022 में, उनकी जीवन यात्रा में तब मोड़ आया जब वह चंडीगढ़ स्पाइनल रिहैब सेंटर में पहुंचीं। तीन महीने के गहन पुनर्वास के बाद, अंजलि को न केवल शारीरिक उपचार मिला बल्कि उन्हें नया दृष्टिकोण भी मिला।
अंजलि ने अपना लक्ष्य एक अलग राह पर रखा और वो था खेल। अपने रिहैब के दौरान, उन्होंने बोशीया खेल को चुना, एक ऐसा खेल जिसमें उन्होंने उम्मीदों से परे उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अपने क्वाड्रिप्लेजिक के बावजूद, अंजलि ने रिहैब में हमारे ट्रेनर्स द्वारा दिए गए विशेषज्ञ मार्गदर्शन में कठोर प्रशिक्षण लिया। बोशीया, प्रेसिजन बॉल स्पोर्ट्स में महारत हासिल करने के लिए उनका समर्पण उनकी अदम्य भावना और चंडीगढ़ स्पाइनल रिहैब के सशक्त वातावरण को दर्शाता है। बोशीया, बोशे के समान एक प्रेसिजन बॉल स्पोर्ट है, जिसे गंभीर शारीरिक दिव्यांग वाले एथलीटों के लिए डिज़ाइन किया गया है और जिसके लिए रणनीतिक कौशल और सटीकता की आवश्यकता होती है। अंजली जापान में 2026 में होने जा रही एशियन पैरा गेम्स और 2028 में पैरा ओपलम्पिक में भाग लेंगी। बिहार के समस्तीपुर के एक छोटे से गांव की रहने वाली विद्या कुमारी को 16 साल पहले एक विनाशकारी घटना का सामना करना पड़ा, जब वह स्कूल से घर लौटते समय साइकिल से पुल से गिर गई, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई और उसके सपने चकनाचूर हो गए। 11 साल तक अपने घर की चारदीवारी में बंद रहने के कारण वह डिप्रेशन से जूझती रही और अपने जीवन के अंत के बारे में सोचती रही।
हालांकि, जब उसे चंडीगढ़ स्पाइनल रिहैब में इलाज के लिए ले जाया गया तो उम्मीद की किरण जगी। सर्जरी और बेहतरीन, व्यापक पुनर्वास से गुज़रने के बाद, विद्या में एक उल्लेखनीय बदलाव आया। आज, वह कैंपस की दीवारों के भीतर गरिमा, उद्देश्य और संतुष्टि से भरा जीवन जी रही है। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में कई स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भारत की पहली स्विगी डिलीवरी गर्ल के रूप में बाधाओं को तोड़ दिया है, सीमाओं को चुनौती देने और आगे बढ़ने के अपने दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया है। उनका लक्ष्य ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना है, और उनकी दृढ़ता इस सपने को प्राप्त करने की उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विद्या अब इंदौर में अगस्त या सितंबर में होने जा रहे पैरा नेशनल चैंपियनशिप में भाग लेगी और अक्टूबर में सऊदी अरेबिया में होने वाले पैरा ओपन चैंपियनशिप में भी भाग लेंगी। उद्घाटन के बाद से चंडीगढ़ स्पाइनल रिहैब ने पैरा स्पोर्ट्स पर बहुत जोर दिया है और पैरा स्पोर्ट्स के क्षेत्र में रीढ़ की हड्डी की चोट वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित किया है और उन्हें इस क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण दे रहा है। चंडीगढ़ स्पाइनल रिहैब की संस्थापक और सीईओ निक्की पी कौर ने कहा कि हमारे पैरा-एथलीटों की उल्लेखनीय उपलब्धियों का जश्न मनाना मेरे और चंडीगढ़ स्पाइनल रिहैब की हमारी पूरी टीम के लिए बहुत गर्व की बात है।

सावन में ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करें और इसे एक सामूहिक प्रयास बनाएं : प्रीत कमल सिंह

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मोहाली । मोहाली को हरा भरा और स्वच्छ पर्यावरण निर्माण के उद्देश्य को प्रमुख रखते हुए ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज ने मोहाली के विभिन्न सेक्टरों में 300 पौधों का रोपण किया। यह अभियान ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज पंजाब के प्रेसिडेंट लवलीन सिंह सैनी के दिशा निर्देश पर ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज मोहाली के संयोजक प्रीत कमल सिंह सैनी के नेतृत्व में आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर मोहाली के डीएसपी सिटी 2 हरसिमरन सिंह बल व विशेष अतिथियों के तौर पर एसएचओ गगनदीप सिंह, हरजोत गब्बर, हिम्मत सैनी तथा सम्मानित अतिथि के तौर पर जत्थेदार अजमेर सिंह कोटला निहंग ने शिरकत की।
इस अवसर पर ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के संयोजक प्रीत कमल सिंह सैनी ने बताया कि पर्यावरण को हरा भरा रखने की पहल के तहत सेक्टर-78,89,80,81 के विभिन्न हिस्सों में 300 पौधों का रोपण किया गया है। इन पौधों की देखभाल का कार्य पौधों रोपित क्षेत्र के निवासियों को सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि सावन के महीने में पौधा रोपण से प्राकृतिक संसाधनों को बढ़ावा मिलता है जिससे पर्यावरण को संतुलित किया जा सकता है। यह न केवल पर्यावरण को लाभ पहुंचता है बल्कि स्थानीय इकोसिस्टम को भी सुदृढ़ बनाता है। उन्होंने मोहाली जिला निवासियों से अपील की है कि वह इस सावन में ज्यादा से ज्यादा पौध रोपण करें और इसे एक सामूहिक प्रयास बनाएं। इस अवसर पर मोहाली के डीएसपी सिटी 2 हरसिमरन बल ने अपने विचार रखते हुए एनजीओ के इस प्रयास की सराहना की और इस संबंध में जागरूकता फैलाने की बात पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पौधरोपण से हम न केवल धरती को हरा भरा बना सकते हैं बल्कि आने वाली पीढियों के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण भी सुनिश्चित कर सकते हैं।

वहीं दूसरी तरफ इस अभियान में छोटे बच्चों ने पर्यावरण से संबंधित पोस्टर बनाकर लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।
प्रीत कमल सिंह सैनी ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने में सतपाल सिंह कच्छियारा, सुरेश शर्मा, तरसेम सिंह, एसएनएस छाबड़ा, दर्शन अत्री, अस्केट भुल्लर, चरणजीत सिंह, एसपी टोंग, गुरदीप सिंह, विनोद पांडे, परमजीत सिंह, एसएस नेगी, धरमिंदर सिंह, रणधीर सिंह, केएस सोढ़ी, महेश शर्मा, संदीप पाटलन, मनीष शर्मा,मंजीत सिंह तंबर संयोजक, अखिल भारतीय सैनी सेवा समाज पंजाब, रोपड़ इकाई, सिकंदर सिंह कोटला निहंग अध्यक्ष, युवा विंग, अखिल भारतीय सैनी सेवा समाज, रोपड़ इकाई का भरपूर सहयोग रहा।

सावन का पूरा महीना पुण्य कार्यो के लिए शुभ, अन्न भंडारा लगाने का करें शुभारंभ: रूंगटा

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पंचकूला । भगवान भोलेनाथ को समर्पित सावन का प्रत्येक दिन शुभ व पुण्य प्राप्ति का माना जाता है। इसलिए यदि कोई दानी अन्न भंडारे का शुभारंभ सावन में करना चाहे, तो इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है। यह बात औद्योगिक क्षेत्र 1 में श्री श्याम करूणा फाउंडेशन द्वारा आयोजित 124वें अन्न भंडारे के दौरान फाउंडेशन के संस्थापक व समाजसेवी अमिताभ रुंगटा ने कही।
रूंगटा ने कहा कि अन्न भंडारा लगाने से न केवल जरूरतमंद राहगीरों को सकून प्रदान होता है बल्कि उनको दूसरों की सहायता करने का ज्ञान भी मिलता है। उन्होंने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है, और दान पुण्य का काम भी सबसे ज़्यादा इसी महीने में किया जाता है। किसी व्यक्ति का भंडारे या लंगर का शुभारंभ इस महीने से करना, सुख समृद्धि को बढ़ावा देता है। भंडारे के आयोजन के दौरान अनुपमा रूंगटा, चैतन्य रुंगटा, प्रगति, सुखपाल सिंह, सुरेश जांगरा भी उपस्थित थे।

मौली जागरां और विकास नगर में विकास के नाम पर हो रहा धोखा

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चंडीगढ़ । मौली जागरां और विकास नगर के लोगों की ओर से सांसद मनीष तिवारी से गुहार लगाई गई थी कि यहां की सफाई व्यवस्था राम भरोसे चल रही है । जिसके चलते मौली जागरां और विकास नगर के हालात बहुत ज्यादा खराब बने हुए हैं । यहां पर कभी भी मलेरिया और डेंगू जैसी जानलेवा बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है । साथ ही बच्चों के खेलने के लिए पार्क तक नहीं है । वहीं भाजपा पार्षद जीतने के बाद एरिया को भूल से गए हैं, इसको संज्ञान में लेते हुए कांग्रेस के महासचिव वसीम मीर,कॉलोनी सेल के अध्यक्ष मुकेश राय, इमरान मंसूरी सचिव द्वारा,जब यहां का निरीक्षण किया गया तो पाया की हालत बहुत ही दयनीय बनी हुई है । जगह-जगह रोड पर और पार्कों के अंदर गंदा बरसाती पानी कई दिनों से जमा हो रखा है, बच्चों के खेलने के लिए एक भी पार्क घरों के पास नहीं है जबकि मौजूदा पार्कों की हालत ऐसी है कि वह कूड़ेदान बन चुके हैं । स्थानीय लोगों ने बताया कि सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है, वहीं सफाई कर्मी हफ्ते में एक बार आते हैं और फोटो खींचकर चले जाते हैं । जिस कारण यहां चारों तरफ गंदगी ही गंदगी फैली हुई है । स्थानीय लोगों में भी इन समस्याओं को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन के प्रति भारी रोष नजर आया । स्थानीय लोगों का कहना है कि बिगड़ी सफाई व्यवस्था में ना जाने कब सुधार होगा, उस पर भयानक बीमारियां फैलने का भय बना हुआ है । इस मौके पर वसीम मीर ने बताया कि सोमवार को मौली जागरां और विकास नगर पहुंचे जहां इन दोनों गांव का दौरा करने के साथ ही स्थानीय लोगों ने समस्याओं से अवगत करवाया । जिसमें पीने के लिए साफ पानी का उपलब्ध न होना, पार्कों में फैली गंदगी, रास्तों में भी जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर और जगह-जगह गंदा पानी खड़ा पाया गया । जिसकी पूरी जानकारी उन्होंने नवनिर्वाचित सांसद तक पहुंचा दी है । वहीं सांसद मनीष तिवारी ने भी आश्वासन दिया है कि जल्द ही समस्याओं का समाधान करवा दिया जाएगा ।
इस मौके पर कॉलोनी सेल के अध्यक्ष मुकेश राय, कांग्रेस प्रदेश सचिव इमरान मंसूरी,वेलफेयर एसोसिएशन से रामकुमार यादव तथा अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे ।

जल जनित (वॉटर बोर्न) हेपेटाइटिस के बारे में जागरूकता फैलाना,समय की मांग है: डॉ. साहनी

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चंडीगढ़ । हेपेटाइटिस, जिसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है, से निपटने के लिए स्क्रीनिंग और शीघ्र पता लगाना ही एकमात्र तरीका है। यह बीमारी बिना किसी लक्षण के क्रोनिक लिवर डैमेज का कारण बन सकती है, जब तक कि यह लिवर कैंसर या लिवर सिरोसिस के रूप में घातक बीमारी के चरण तक नहीं पहुंच जाती। हेपेटाइटिस के विभिन्न रूप ए, बी, सी, डी और ई हैं, जबकि हेपेटाइटिस ए और बी के लिए टीकाकरण उपलब्ध है।
हेपेटाइटिस और इससे जुड़ी जटिलताओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है। विश्व हेपेटाइटिस दिवस-2024 का थीम है “इट्स टाइम फ़ॉर एक्शन”। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के उपलक्ष्य में एक जानकारीपूर्ण सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता फोर्टिस अस्पताल, मोहाली के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. अरविंद साहनी ने की। इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. साहनी ने कहा कि मानसून के मौसम में हेपेटाइटिस ए और ई के मामले काफी आम हैं और ये दूषित पानी और भोजन से फैलते हैं। दोनों वायरस मल-मौखिक मार्ग से फैलते हैं, जो तब होता है जब कोई असंक्रमित व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति के मल से दूषित पानी या भोजन का सेवन करता है। दूसरी ओर, हेपेटाइटिस बी और सी रक्त-जनित(ब्लड बोर्न) वायरस हैं जो दूषित रक्त, रक्त उत्पादों, दूषित सुइयों, सीरिंज आदि के माध्यम से फैलते हैं। डॉ. साहनी ने आगे कहा कि हेपेटाइटिस ए और ई के सटीक प्रसार का अनुमान लगाना मुश्किल है। हेपेटाइटिस ए की केस मृत्यु दर उम्र से संबंधित है, जो लगभग 0.3 प्रतिशत है, जो 50 वर्ष की आयु के बाद लगभग 5 गुना बढ़ जाती है। हेपेटाइटिस ई की गर्भावस्था में मृत्यु दर बहुत अधिक है, जो 15-25 प्रतिशत है। डॉ. साहनी ने कहा कि हेपेटाइटिस के बारे में सामान्य जागरूकता फैलाना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के बारे में सामान्य जागरूकता, पानी को उबालना, कटे हुए और खुले खाद्य पदार्थों को खाने से बचना, खुले में शौच को खत्म करना और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से नगरपालिका के ठोस कचरे का प्रबंधन करना हेपेटाइटिस ए और ई के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद करने वाले कुछ उपाय हैं। हेपेटाइटिस ए से संक्रमित 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे आमतौर पर लक्ष्यहीन होते हैं और उन्हें पीलिया बहुत कम होता है। सामान्य लक्षण बुखार, मतली, अस्वस्थता, भूख न लगना, सिरदर्द, पेट में दर्द, गहरे रंग का मूत्र और पीलिया हैं। आम तौर पर, बीमारी की गंभीरता और घातक परिणाम वृद्धावस्था में अधिक होते हैं। हेपेटाइटिस ए और ई से लगभग सभी लोग पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।

सरकार के शोषण से तंग आकर महिला दिव्यांग कंप्यूटर लैब सहायक पहुंची अनिश्चितकालीन धरना स्थल पंचकूला

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पंचकूला । कंप्यूटर लैब सहायक हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पिछले 13 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं । जिनका वेतन मात्र 12, हज़ार रुपये है जोकि एक डीसी रेट से भी कम है । कंप्यूटर लैब सहायक महिला जोकि दिव्यांग हैं और वो सरकार के शोषण से तंग आकर अनिश्चितकालीन धरना स्थल पर पहुँची क्यूँकि एक स्वस्थ आदमी 12, हज़ार रुपये में गुज़ारा नहीं कर सकता,तो दिव्यांग महिला 12,000 में गुज़ारा कैसे करेगी । कंप्यूटर लैब सहायकों का अनिश्चितकालीन धरना 15 जुलाई से पंचकूला के हैफ़ेड ग्राउंड में शिक्षा सदन के पीछे जारी है । जिसमें पूरे हरियाणा से हर रोज़ जिला वाइज़ कंप्यूटर लैब सहायक अनिश्चितकालीन धरना स्थल पर बैठते हैं,जिसे देखते हुए पानीपत यानि 150 किलोमीटर से महिला लैब सहायक जोकि दोनों टांगों से लाचार है वो भी धरना स्थल पर पहुँची और एक दिन के अनिश्चितकालीन धरना पर बैठीं । कंप्यूटर लैब सहायकों का धरना चलते हुये आज 13 दिन हो चुके हैं लेकिन सरकार की तरफ़ से कोई भी सुनवाई नहीं की जा रही है जिसे लेकर हरियाणा सरकार के प्रति कंप्यूटर लैब सहायकों में भारी रोष है । क्योंकि कंप्यूटर लैब सहायक चाहते हैं, उन्हें पक्का किया जाए और उनकी नौकरी सुरक्षित की जाए और सम्मान जनक वेतन दिया जाए ।

गली क्रिकेट टूर्नामेंट के पहले दिन खेले गये 27 मैच

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चंडीगढ़ । यूटी क्रिकेट ऐसोसियेशन और चंडीगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित किये जा रहे ऐलेंजर्स गली क्रिकेट टूर्नामेंट के पहले दिन शनिवार को प्लेयर्स में भारी उत्साह के साथ 27 मैच नाक आउट के आधार पर खेेले गये। मैच से पूर्व सभी प्लेयर्स को नशे से दूर रहने की शपथ दिलवाई गई। यह मैच पुलिस लाइंस मैदान के अलावा शहर के आठ अन्य स्कूल ग्राउंड्स में खेले जा रहे है। पहले दिन जहां एक बैटर्स की बेहतरीन बल्लेबाजी देखने को मिली वहीं दूसरी ओर गेंदबाजी ने खूब पसीना बहाया। मैचों की मुख्य विशेषता यह रही कि सभी प्लेयर्स पर यूटीसीए के चयनकर्ताओं की नजरें । यूटीसीए अध्यक्ष संजय टंडन ने गत वर्ष की तरह इस संस्करण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ट्रायल्स के बाद चंडीगढ़ टीम में स्थान देने की योजना है। मैच को चंडीगढ़ पुलिस के साथ साथ नगर निगम, खेल, शिक्षा और समाजिक कल्याण विभागों का भी समर्थन प्राप्त है। परिणाम इस प्रकार हैं ।
लड़कों के मुकाबले
टीम नं. 18 ने टीम नं. 17 को नौ विकेट से हराया ।
टीम नंबर 30 ने टीम नं.29 को 89 रनों से हराया।
टीम नं. 13 ने टीम नं.14 को 23 रनों से हराया ।
टीम नं. 6 ने टीम नं. 5 को नौ रनों से हराया ।
टीम नं. 19 ने टीम नं. 20 को आठ विकेट से हराया ।
टीम नं.44 नें टीम नं. 43 को सात विकेट से हराया ।
टीम नं. 38 ने टीम नं. 37 को 42 रनों से हराया ।
टीम नं. 32 ने टीम नं.31 को सात विकेट से हराया ।
टीम नं 49 ने टीम नं 50 को छह विकेट से हराया
टीम नं. 25 ने टीम नं. 26 को 86 रनों से हराया ।
टीम नं. 8 ने टीम नं. 7 को 31 रनों से हराया ।
टीम नं. 36 ने टीम न. 35 को दस विकेट से हराया ।.
टीम नं. 23 ने टीम नं.24 को 142 रनों से हराया ।
टीम नं. 41 ने टीम नं. 42 को आठ विकेट से हराया ।
टीम नं. 47 नें टीम नं. 48 को 69 रनों से हराया ।
टीम नं. 11 ने टीम नं. 12 को छह विकेट से हराया ।
टीम नं 4 ने टीम 3 को 154 रनों से हराया ।
टीम नं 2 ने टीम 1 को 60 रनों से हराया ।
टीम नं 46 ने टीम नं 45 को सात विकेट से हराया ।
टीम नं 39 नें टीम नं 40 को 63 रनों से हराया ।
टीम नं 15 ने टीम नं 16 को 30 रनों से हराया ।
टीम नं 34 ने टीम नं 33 को दो रनों से हराया ।
टीम नं 28 ने टीम नं 27 को 14 रनों से हराया ।
टीम नं 22 ने टीम नं 21 को बीस रनों से हराया ।
लड़कियों के मुकाबले
टीम नं 9 ने टीम नं 8 को 28 रनों से हराया ।
टीम नं 11 ने टीम नं 10 को नौ विकेट से हराया ।